कश्मीर को वंदे भारत की सौगात, श्रीनगर-कटरा मार्ग पर पहली ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल कटरा-श्रीनगर मार्ग के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन श्रीनगर से कटरा के लिएरवाना हुई. आज आम लोगों ने इस ट्रेन में सफर किया ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. उनका कहना है कि ये एकबढ़िया सुविधा है. लोग इस ट्रेन सेवा के शुरू होने पर खुशी जता रहे हैं.वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से कटरा से श्रीनगर आने वाले यात्री महेश कुमार ने कहा, “यह सभी यात्रियों, पर्यटकों, यहां तक कि काम के लिए आने वाले लोगों के लिए एक बढ़िया सुविधा है. यह हवाई जहाज का एक अच्छा विकल्प हैक्योंकि हवाई जहाज से भी उतना ही समय लगता है. यह श्रीनगर और कश्मीर को शेष भारत से जोड़ने की एक बेहतरीन पहल है सरकार ने बहुतबढ़िया काम किया है इससे पर्यटन में काफी इजाफा होगा.यात्रा करना होगा और भी सुविधाजनकइससे बच्चों और महिलाओं के लिए यात्रा करना और भी ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा.वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से कटरा जा रही यात्री नीतू कपूर नेकहा “हमें उम्मीद थी कि एक दिन कश्मीर में भी वंदे भारत ट्रेन चलेगी. यह हमारा कई वर्षों का सपना था और पीएम मोदी ने आखिरकार इसे पूरा करदिया है. वंदे भारत से कश्मीर में बहुत लाभ होगा पहले हमें कटरा जाने में छह घंटे लगते थे. अब केवल तीन घंटे लगेंगे.सभी शुल्कों सहित श्रीनगर सेकटड़ा के बीच चेयर कार का किराया 715 रुपये होगा. जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया 1320 रुपये निर्धारित किया गया है. दोनों नई वंदेभारत एक्सप्रेस के संचालन के बाद जम्मू-कश्मीर में कुल चार वंदे भारत ट्रेनें चलने लगेंगी. इससे पहले जम्मू-कश्मीर में दो वंदे भारत ट्रेनें नई दिल्ली सेकटड़ा के बीच चल रही हैं.
वॉशिंगटन में पाकिस्तान की फजीहत, सांसद शेरमैन ने बिलावल को सुनाई खरी-खोटी

अमेरिका में पाकिस्तान और उसके पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो की जमकर किरकिरी हुई. एक वरिष्ठ अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने बिलावल कोखूब खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने बिलावल से जैश-ए-मोहम्मद को खत्म करने के लिए काम करने को कहा. अमेरिकी सांसद ने पूर्व विदेश मंत्री बिलावलभुट्टो जरदारी के नेतृत्व में आए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से कहा कि वह आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और देशमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.यह वाकया तब हुआ जब कांग्रेस सदस्य ब्रैड शेरमैन ने वॉशिंगटन में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकातकर रहा था. उनकी यात्रा कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में एक भारतीय बहुदलीय संसदीय दल की यात्रा के वक्त हुई. भारतीय प्रतिनिधिमंडलऑपरेशन सिंदूर और 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई के बारे में अमेरिकी अधिकारियों को जानकारीदेने के लिए अमेरिका में है.बिलावल भुट्टो से मुलाकात के बाद शेरमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा. पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को आतंकवाद से लड़ने की समझाई अहमियतमैंने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को आतंकवाद से लड़ने की अहमियत समझाई. खासकर उनसे जैश-ए-मोहम्मद को खत्म करने को कहा जिसने 2002 में अमेरिकी नागरिक डेनियल पर्ल की हत्या की थी. वह वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार पर्ल का जिक्र कर रहे थे, जिनकी पाकिस्तान में आतंकवादियों नेअगवा कर हत्या कर दी थी. मामले में उमर सईद शेख को अपराध की योजना बनाने के लिए दोषी ठहराया गया था.अमेरिकी सांसद ने पाकिस्तानीप्रतिनिधिमंडल पर डॉ. शकील अफरीदी की रिहाई के लिए काम करने का दबाव डाला. डॉ. शकील ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ओसामा बिनलादेन का पता लगाने में मदद की थी. शेरमन ने कहा, ‘डॉ. अफरीदी को रिहा करना 9/11 के पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.अफरीदी को2011 में बिन लादेन के छापे के बाद गिरफ्तार किया गया था और बाद में एक पाकिस्तानी अदालत ने उसे 33 साल की जेल की सजा सुनाईथी.अमेरिकी सांसद ने पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता के बारे में चिंता जताते हुए कहा’पाकिस्तान में रहने वाले ईसाई, हिंदू और अहमदिया मुसलमानोंको हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव या असमान न्याय प्रणाली के डर के बिना अपने धर्म का पालन करने और लोकतांत्रिक प्रणाली में भाग लेने की अनुमति दीजानी चाहिए.
CM रेखा गुप्ता का माया महल, जनता बेहाल!- AAP विधायक अनिल झा का करारा प्रहार

दिल्ली की सियासत में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के गरीब नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब मुख्यमंत्री खुद के लिए शाही बंगले बनवा रही हैं।दो बंगले, 30 कमरे और शाही रेनोवेशन:- विधायक अनिल झा ने खुलासा किया कि रेखा गुप्ता को दो बड़े बंगले अलॉट किए गए हैं, जिनमें कुल 30 कमरे हैं। इन बंगलों में महंगे जनरेटर, एसी, खूबसूरत पेंटिंग और लग्ज़री सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है। जनता बिजली कटौती झेल रही है,और मुख्यमंत्री के बंगलों में पावर बैकअप की तैयारी हो रही हैIसुरक्षा और काफिले पर भारी खर्च- अनिल झा ने कहा कि अब मुख्यमंत्री के काफिले में 13 गाड़ियां चल रही हैं और 45 सिक्योरिटी गार्ड्स तैनात हैं।उन्होंने सवाल किया कि पहले सादगी की बात करने वाली मुख्यमंत्री को अब इतनी सुरक्षा और शानो-शौकत की ज़रूरत क्यों पड़ गई? गरीबों की अनदेखी, सुविधाओं की राजनीति:- विधायक ने लाजपत नगर और सरोजिनी नगर का हवाला देते हुए कहा कि जहां गरीब व्यापारी अपनेबच्चों का पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सरकार मुख्यमंत्री के बंगले पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।जो पार्टी कल तक सादगी और सेवा की बात करती थी, आज वही सत्ता में आकर शाही ठाठ दिखा रही है-अनिल झा महिला नेतृत्व के नाम पर ढोंग? अनिल झा ने कहा कि महिला मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने जनता को दिखावा बेचने का काम किया है। “सत्ता मिलने के बाद जनता की समस्याएं भूलजाना, यही है बीजेपी का असली चेहरा,” उन्होंने कहा।“AAP रखेगी पैनी नजर”-अनिल झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस तरह के फिजूलखर्ची पर पूरी निगरानी रखेगी। “जनता का पैसा नेताओं केऐशो-आराम पर नहीं, जनता की भलाई पर खर्च होना चाहिए,” उन्होंने दो टूक कहा। रेखा गुप्ता के महंगे बंगलों को लेकर दिल्ली की जनता में नाराजगी है। अनिल झा ने जो सवाल उठाए हैं, वो सीधे तौर पर जनता से जुड़े है- बिजली, पानी, रहन-सहन और जवाबदेही। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि बीजेपी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इन आरोपों का जवाब कैसे देती हैं।
विजय माल्या बोले: भगोड़ा कहो लेकिन चोर नहीं, किंगफिशर संकट का कारण था वैश्विक मंदी

राज शमानी के पॉडकास्ट में विजय माल्या ने स्पष्ट किया कि वे खुद को ‘चोर’ कहे जाने को स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि मार्च 2016 के बाद वेभारत नहीं लौटे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे देश से भाग गए। माल्या के अनुसार, वे एक पूर्व निर्धारित यात्रा पर भारत से बाहर गए थे औरपरिस्थितियों के कारण वापस नहीं लौटे। उन्होंने कहा, “अगर आप मुझे भगोड़ा कहना चाहते हैं, तो कहिए, लेकिन मैं चोर नहीं हूं। मैंने कोई चोरी नहींकी।” भारत में निष्पक्षता की गारंटी मिले तो लौटने पर विचारयूके में रह रहे विजय माल्या ने कहा कि अगर उन्हें भारत में निष्पक्ष सुनवाई और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिलता है, तो वे वापसी पर गंभीरता सेविचार कर सकते हैं। उन्होंने एक ब्रिटिश कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि भारत में जेल की स्थितियां यूरोपीय मानवाधिकारसंधि के अनुच्छेद 3 का उल्लंघन करती हैं। इसलिए उन्हें प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता। वैश्विक वित्तीय संकट ने किंगफिशर को डुबोयाकिंगफिशर एयरलाइंस के संकट पर बोलते हुए माल्या ने 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि उस समय पूरीदुनिया प्रभावित थी और भारत भी इससे अछूता नहीं था। “क्या आपने लेहमैन ब्रदर्स के बारे में सुना है?” माल्या ने पूछा और कहा कि मंदी के चलतेबाजार में तरलता समाप्त हो गई, और हर उद्योग पर असर पड़ा। प्रणब मुखर्जी से की थी मुलाकातमाल्या ने बताया कि उन्होंने उस समय के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर किंगफिशर की स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने कहा किएयरलाइन को छोटा करने, विमानों की संख्या घटाने और कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई गई थी, लेकिन उन्हें ऐसा न करने की सलाह दीगई। उन्हें आश्वासन दिया गया कि बैंक उनकी मदद करेंगे। बैंकों के भरोसे शुरू हुआ पतनमाल्या ने दावा किया कि सरकार और बैंकों के समर्थन के वादों के आधार पर उन्होंने किंगफिशर को उसी रूप में चलाना जारी रखा। लेकिन समय केसाथ स्थिति बिगड़ती गई और अंत में एयरलाइन को सभी उड़ानें बंद करनी पड़ीं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब ऋण लिया गया था, उस समयकंपनी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था।
राहुल गांधी का नालंदा से प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला, “उन्हें सरेंडर करने की आदत है”

संविधान सुरक्षा सम्मेलन में OBC अधिकारों की जोरदार वकालत2025 में पांचवीं बार बिहार पहुंचे कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नालंदा में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन(ओबीसी सम्मेलन) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को“सरेंडर करने की आदत है” और वह “दबाव पड़ते ही दो मिनट में चिट्ठी लिखने लगते हैं”। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप के सामने भी आत्मसमर्पण कर दिया था। लोकसभा में जाति जनगणना पर हुई थी सीधी बातराहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में मोदी की आंखों में आंख डालकर कहा था कि जातिगत जनगणना कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि थोड़ी सी राजनीतिक दबाव में मोदी जी सरेंडर कर देंगे।” लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र सरकार सही तरीके से जातिगतजनगणना नहीं कराएगी, क्योंकि ऐसा होने पर उनकी राजनीति खतरे में पड़ जाएगी। 90 प्रतिशत आबादी के साथ हो रहा अन्यायराहुल गांधी ने देश की सामाजिक संरचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की 90 प्रतिशत आबादी को अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य औरनौकरशाही जैसे क्षेत्रों में हिस्सेदारी नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग के लोगों का नप्रतिनिधित्व है, न वे मैनेजमेंट में हैं। इन वर्गों के लोग डॉक्टर नहीं बन पा रहे, न ही स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रमुख पदों पर पहुंच रहे हैं।” असमानता की संरचना को बदलने की अपीलराहुल गांधी ने यह भी कहा कि गरीबों का कर्ज माफ नहीं किया जाता, जबकि बड़े उद्योगपतियों को सरकारी बजट में कानून बनाकर राहत दी जाती है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की 90 प्रतिशत आबादी रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य से वंचित है, तो असल नियंत्रण कुछ प्रतिशत लोगों के पासक्यों है? जाति आधारित जनगणना को बताया आंदोलन का लक्ष्यराहुल गांधी ने कहा कि “जातिगत जनगणना” देश में सामाजिक न्याय की दिशा में पहला बड़ा कदम है। उन्होंने सम्मेलन के जरिए जनता से अपील कीकि वे यह जानने के लिए संगठित हों कि “देश में किसकी कितनी भागीदारी है”, ताकि 90 प्रतिशत आबादी को उनका हक मिल सके।
क्या पाकिस्तान के आगे झुकी मोदी सरकार? – सुप्रिया श्रीनेत का बड़ा हमला

कांग्रेस पार्टी की तेजतर्रार प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आज एक जोरदार प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोपलगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चुप्पी अब सिर्फ चौंकाने वाली नहीं, बल्कि देश की विदेश नीति के लिएखतरनाक साबित हो रही है। सुप्रिया ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत औरपाकिस्तान के बीच सीजफायर उन्होंने करवाया था — और भारत ने इसके लिए सहमति दी थी। क्या ट्रंप सच बोल रहे हैं, या देश से कुछ छिपाया जा रहा है? :- सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अगर ट्रंप का दावा झूठा है तो भारत सरकार उसका खंडनक्यों नहीं करती? और अगर वह सच बोल रहे हैं, तो यह देश के साथ धोखा नहीं तो और क्या है? उन्होंने कहा, “11 बार ट्रंप ने दुनिया के सामने कहाकि उन्होंने भारत से बात करके पाकिस्तान के साथ सीजफायर कराया। क्या यह सच है? अगर नहीं, तो प्रधानमंत्री मोदी क्यों चुप हैं?” कश्मीर दौरे पर मोदी की ‘चुप्पी’ पर सवाल:- प्रधानमंत्री के हालिया कश्मीर दौरे को लेकर भी सुप्रिया ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री वहांजाकर सिर्फ इवेंट कर आए। न आतंकवाद पर कोई बयान, न पाकिस्तान पर कोई सख्त संदेश। क्या सिंधु जल समझौते पर बातचीत ट्रंप औरपाकिस्तान के साथ चुपचाप चल रही है? क्या देश को अंधेरे में रखा जा रहा है?” पाकिस्तान को मिल रही अंतरराष्ट्रीय बढ़त- प्रवक्ता ने चिंता जताई कि पाकिस्तान को जहां अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन और आर्थिक मदद मिल रहीहै, वहीं भारत बार-बार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा, “आज पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की समितियों में चेयर बन रहा है, चीन के साथ मिलकर हमारेखिलाफ साजिश रच रहा है और अमेरिका उसकी पीठ थपथपा रहा है। क्या यह मोदी सरकार की सफल विदेश नीति है? मोदी सरकार की विदेश नीति पर कटाक्ष:- सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार की विदेश नीति को ‘फोटो खिंचवाओ और चुप रहो नीति’ बताया। उन्होंनेकहा कि प्रधानमंत्री को मंच पर भाषण देना आता है, लेकिन जब देश संकट में होता है, तो वह जवाब देने के लिए सामने नहीं आते। उन्होंने तीखासवाल दागा- “क्या हमारी माताओं, बहनों और वीर जवानों की शहादत की कीमत पर सिंधु का सौदा हो गया?”संसद में जवाब मांगा गया:- प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस की ओर से मांग की गई कि मोदी सरकार को संसद में आकर स्पष्ट करना चाहिए कि-1. क्या भारत ने पाकिस्तान से सीजफायर के लिए सहमति दी?2. क्या ट्रंप का बयान झूठा है? यदि हां, तो आधिकारिक खंडन क्यों नहीं किया गया?3. क्या सिंधु जल संधि में कोई बदलाव हुआ है या उस पर गुप्त बातचीत चल रही है? देश को जानने का हक है:- सुप्रिया श्रीनेत का यह कहना बिलकुल स्पष्ट था — देश की जनता जानना चाहती है कि उसके नाम पर क्या-क्या सौदेकिए जा रहे हैं। क्या मोदी सरकार की चुप्पी पाकिस्तान और अमेरिका के साथ किसी गुप्त समझौते की ओर इशारा करती है?भारत की जनता को जवाब चाहिए और यह जवाब सिर्फ भाषणों से नहीं, संसद में खुलकर देना होगा।
बेंगलुरु भगदड़ पर भावुक हुए डीके शिवकुमार, बोले ‘मासूम बच्चों की मौत का ग़म शब्दों में बयां नहीं कर सकता

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बंगलूरू भगदड़ के बाद मीडिया को संबोधित करने के लिए बाहर आए तो भावुक हो गए. शिवकुमार घटनाको याद कर अपने आंसू नहीं रोक पाए और बिलख पड़े। उन्होंने कहा कि हादसे में बच्चों की भी जान गई है. इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकतीबीते दिन भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.शिवकुमार ने नम आंखों और रुंधे हुए गले के साथसंवाददाताओं से कहा कि एक मां ने मुझसे अनुरोध किया कि मैं अपने बेटे का शव पोस्टमॉर्टम कराए बिना दे दूं, लेकिन यह एक कानूनी प्रक्रिया थी. जीत का जश्न मनाने की किसने दी अनुमतिउन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जीत का जश्न मनाने की अनुमति किसने दी. क्योंकिजवाबदेही तय की जाएगी और पूरी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. हम इस अनहोनी पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के खिलाफ हैं हम राजनीतिनहीं करना चाहते.इससे पहले बुधवार को घटना के तुरंत बाद शिवकुमार ने माफी मांगी और कहा कि 35,000 लोगों की क्षमता वाला स्टेडियम इतनीबड़ी भीड़ को संभाल नहीं सका. हालांकि कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के अनुसार भीड़ का आकार कल के अनुमान से कहीं अधिक था. राज्य केगृह मंत्री ने आज दोपहर कहा कि करीब आठ लाख लोग आए थे.कर्नाटक सरकार ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये कामुआवजा देने की घोषणा की है. मजिस्ट्रेट जांच की भी की घोषणामुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की मजिस्ट्रेट जांच की भी घोषणा की थी. मुख्यमंत्री ने कहा ‘मैं इस घटना काबचाव नहीं करना चाहता. हमारी सरकार इस पर राजनीति नहीं करेगी. मैंने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और 15 दिन का समय दिया है लोगों नेस्टेडियम के गेट भी तोड़ दिए भगदड़ मच गई किसी को भी इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी.भाजपा ने कर्नाटक सरकार की आलोचना की कि उसनेइतनी भीड़ का अनुमान नहीं लगाया. कांग्रेस के कई नेता इस बार आरसीबी की संभावित जीत के बारे में बात कर रहे थे. कार्यक्रम से पहले ही जश्नका माहौल था इससे यह संकेत मिल रहा था कि भारी भीड़ उमड़ेगी केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने शिवकुमार के इस्तीफे की मांग की और भगदड़ कीजांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित करने का आह्वान किया.
बेंगलुरु भगदड़ पर सियासत गरम, गृह मंत्री बोले सरकार ने नहीं किया इवेंट का आयोजन “पूरी होगी जांच”

बंगलूरू भगदड़ पर कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने बड़ा बयान दिया है. सरकार पर लगते लापरवाही के आरोपों के बीच उन्होंने इवेंट केआयोजन से पल्ला झाड़ लिया है उन्होंने कहा कि हमें किसी इवेंट का आयोजन नहीं किया न ही हमने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को बंगलूरूबुलाया. वे खुद ही यहां आए.दरअसल भाजपा समेत तमाम राजनीतिक दलों ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनकाकहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जारी अनबन की वजह से जरूरी व्यवस्थाओं में चूक हुई और इतना बड़ाहादसा हो गया.इन सबके बीच उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा ‘मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. जांच की रिपोर्टसरकार को आने दीजिए और अगर कोई चूक हुई है तो जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हमने आरसीबी या केसीएसे अनुरोध नहीं किया उन्होंने इसका आयोजन (विजय उत्सव) किया। वे ही टीम को बंगलूरू लेकर आए थे. सरकार को लगा देनी चाहिए सुविधासरकार को भी लगा कि उन्हें सुविधा देनी चाहिए, क्योंकि यह बगलुरू की टीम थी. मुझे बहुत दुख है कि यह घटना हुई.इससे पहले कर्नाटक के मंत्रीप्रियांक खरगे ने कहा’हां, गलती हुई है. बेहतर योजना और समन्वय से इसे टाला जा सकता था। एक स्टेडियम (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम) जिसकीक्षमता 35,000 लोगों की है. लेकिन 2-3 लाख लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. हालांकि, हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की. लेकिन हम भीड़ कोनियंत्रित नहीं कर पाए सीएम ने जिम्मेदारी ली है और हम सुधारात्मक कदम उठाएंगे. भाजपा को हर चीज का राजनीतिकरण करना पसंद है. हर चीजका राजनीतिकरण करने की भाजपा की मंशा ठीक नहीं है.इससे पहले बंगलूरू में बीते दिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की 18 साल में पहली बारआईपीएल चैंपियनशिप जीत के जश्न का मौका था. खिताब जीतने के बाद टीम बुधवार को सम्मान समारोह के लिए बंगलूरू पहुंची. उनके लिए रेडकार्पेट बिछाया गया था क्रिकेट प्रेमी अपने नायकों की एक झलक पाने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम में लाखों की संख्या में पहुंचे थे. हालांकिआखिरी समय में किए गए बदलावों और क्रिकेट प्रशंसकों के कम आंकलन के कारण जश्न भयावह हो गया. जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत होगई. इसमें 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 15 नए पदों को मंजूरी

प्रदेश में समूह-ग भर्तियों को नई रफ्तार मिलेगी. कैबिनेट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 15 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है. आयोग में सचिवके अलावा उपसचिव भी होगा प्रदेश में विभिन्न विभागों के अन्तर्गत राज्य लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर के समूह-ग के पदों पर चयन के लिएवर्ष 2014 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अधिनियम 2014 की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग का गठन कियागया था. इसके साथ ही इसका ढांचा स्वीकृत किया गया था जिसमें 64 अस्थायी पद सृजित थे इसमें दो पद डाइंग कैडर होने के चलते वर्तमान में 62 पद ही सृजित हैं. संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठनवर्तमान में विभिन्न विभागों में कार्मिकों के भर्तियों के अधियाचनों की अधिकता को देखते हुए आयोग के कार्यों के सुचारू संचालन के लिएसंरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया गया है. अतिरिक्त पदों के सृजन की आवश्यकता के मद्देनजर सरकार ने पूर्व सृजित 62 पदों के अलावा उपसचिव का एक नियमित पद और विधि अधिकारी एक पद, संविदा, आउटसोर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर के दो पद आउटसोर्स, कंप्यूटर प्रोग्रामर का एक पदआउटसोर्स, स्वागती का एक पद आउटसोर्स, वाहन चालक के तीन पद आउटसोर्स व सुरक्षा कार्य के लिए छह सुरक्षाकर्मियों को आउटसोर्स के माध्यमसे मिलाकर कुल 15 (एक नियमित व 14 आउटसोर्स) नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है.वर्तमान में विभिन्न विभागों में कार्मिकों के भर्तियोंके अधियाचनों की अधिकता को देखते हुए आयोग के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया गया है.
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने किया वृक्षारोपण, यूपी में दिखा खास उत्साह

कमलेश पासवान जो वर्तमान में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री हैं उन्होने विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया. इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में पीपल का पौधा लगाकर कीथी. प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाएं और उसकी तस्वीर #एक_पेड़_माँ_के_नाम या#Plant4Mother के साथ साझा करें.उत्तर प्रदेश में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या केरामकथा पार्क स्थित पुष्प वाटिका में हरिशंकरि का पौधा लगाया. इस अवसर पर पर्यावरण विभाग ने प्लास्टिक मुक्त भारत की शपथ दिलाने के लिएस्कूली बच्चों और युवाओं को प्रेरित किया. इस अभियान के तहत लगाए गए 26.5 करोड़ पौधेइस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश ने अब तक 26.5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं जो देशभर में लगाए गए कुल 80.84 करोड़ पौधों का महत्वपूर्णहिस्सा है. उत्तर प्रदेश में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के रामकथा पार्क स्थित पुष्पवाटिका में हरिशंकरि (पीपल, बेल और बरगद का संगम) का पौधा लगाया. मुख्यमंत्री ने इसे न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि संस्कृति और आस्था सेजुड़ा प्रयास बताया. पर्यावरण विभाग ने इस मौके पर स्कूली बच्चों और युवाओं को प्लास्टिक मुक्त भारत की शपथ दिलाई और उन्हें स्वच्छता औरहरियाली के लिए प्रेरित किया. ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल एक वृक्षारोपण पहल नहीं, बल्कि यह संवेदनाओं, संस्कृति और पर्यावरण चेतनाका संगम है. इससे समाज में प्रकृति के प्रति जुड़ाव और जिम्मेदारी की भावना और गहराई से विकसित हो रही है.