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आप की तरफ से संजय सिंह की पीएम मोदी को चिट्ठी, ऑपरेशन सिंदूर सीजफायर के फैसले पर बुलाएं संसद का विशेष सत्र

Dellhi News: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर केअचानक लिए गए फैसले को लेकर गहरी चिंता जताई है. संजय सिंह ने मांग की है कि इन मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए ताकि देश कोपारदर्शिता के साथ जानकारी दी जा सके.संजय सिंह ने पत्र में पीएम मोदी से कहा है कि मैं एक चिंतित सांसद और भारत की जनता की आवाज केरूप में आपको यह पत्र लिख रहा हूं. जो राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर स्पष्टता नेतृत्व और पारदर्शिता चाहती है. पहलगाम की दुखद घटना के बाद भारतीयसेना ने त्वरित और सराहनीय कदम उठाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया .जिसके तहत सीमा पार आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनायागया. यह राष्ट्रीय एकता और सैन्य दृढ़ता का क्षण था. ऑपरेशन के बारे में राजनीतिक दलों को जानकारीसर्वदलीय बैठक में बार-बार अनुपस्थितिः सरकार ने ऑपरेशन के बारे में राजनीतिक दलों को जानकारी देने के लिए दो सर्वदलीय बैठक कीं. अफसोसकी बात है कि दोनों में प्रधानमंत्री मोदी मौजूद नहीं थे. उनकी अनुपस्थिति को सभी दलों और इससे भी ज्यादा देश की जनता इस महत्वपूर्ण समय मेंअपने नेता से मजबूत और एकजुट उपस्थिति की उम्मीद करती थी. बैठक में पीएम के उपस्थित नहीं रहने की वजह से सभी को निराशा हुई.दबाव मेंअचानक सीजफायर का एलान: जब ऑपरेशन सिंदूर तेजी से आगे बढ़ रहा था और भारतीय सेना को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) वापसलेने की मजबूत स्थिति में देखा जा रहा था. डोनाल्ड ट्रम्प के एक ट्वीट से सीजफायर की आई खबरतब अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक ट्वीट से सीजफायर की खबर आई. ट्रंप ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान दोनों को व्यापारनहीं करने की धमकी दी. जिसके बाद सीजफायर हुआ.प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई जवाब नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति के सीजफायर को लेकर आए कईसार्वजनिक बयानों और ट्वीट्स के बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई खंडन या स्पष्टीकरण नहीं आया। इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं औरभारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जनता का भरोसा खत्म हुआ है.सरकार ने पहलगाम घटना के दोषियों का अब तक पताक्यों नहीं लगाया और इसमें देरी की वजह क्या है.

मद्रासी कैम्प पर राजनीति तेज़, बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आप नेताओं पर झुग्गीवासियों को वोट बैंक बनाने का लगाया आरोप “जानें क्या पूरा मामला”

Dellhi News: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की पटपड़गंज छोड़कर जंगपुरा से हार कर दिल्ली से भाग कर पंजाब में जा बसे पूर्वमंत्री मनीष सिसोदिया का आज दिल्ली के विषय में ब्यान देखकर दिल्ली वाले स्तब्ध हैं.आप” नेता बतायें की यदि लोगों ने नाले किनारे या नाले कोढक कर असुरक्षित झुग्गी घर बना लिए थे तो क्या किसी संवेदनशील सरकार को झुग्गी वालों को सुरक्षित एवं बेहतर घर देने चाहिए या पुनः नाले परघर बना कर देने चाहिए. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की बारापूला नाले पर बसे मद्रासी कैम्प के कारण नाले की सफाई का काम गत लगभगएक दशक से रूका हुआ था और इससे आसपास के क्षेत्र ही नही मीलों तक जलजमाव होता था. मद्रासी कैम्प शिफ्ट होने का था मसलागत लगभग एक वर्ष से तत्कालीन अरविंद केजरीवाल एवं सुश्री आतिशी मार्लेना सरकारों के संज्ञान में मद्रासी कैम्प शिफ्ट होने का मसला था पर तब”आप” नेता एक शब्द नही बोले ना ही डयूसिब के माध्यम से इनके पुनर्वास की कोई योजना बनाई और आज मगरमच्छी आंसू बहा रहे हैं.सचदेवा नेकहा है की भाजपा जहां झुग्गी वहीं मकान की घोषित योजना के प्रति कटिबद्ध है पर “आप” नेता बतायें की कुछ वर्ष पूर्व मजबूरी वश यदि लोगों नेनाले किनारे या नाले को ढक कर असुरक्षित झुग्गी घर बना लिए थे तो क्या किसी संवेदनशील सरकार को झुग्गी वालों को सुरक्षित एवं बेहतर घर देनेचाहिए या पुनः नाले पर घर बना कर देने चाहिए. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की खेदपूर्ण है की “आप” नेता हो कांग्रेस नेता इन्होने झुग्गी वालोंको कभी बेहतर जीवन देने के लिए काम नही किया हमेशा इनको वोट बैंक बना कर रखा और अमानवीय परिस्थितियों में जीने को मजबूर किया.

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने खारिज की ट्रंप की मध्यस्थता की बात, कहा- भारत-पाक के बीच सीधी बातचीत से हुआ संघर्षविराम

ऑपरेशन सिंदूर पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में तीसरे पक्ष की संलिप्ततासे इनकार किया है और कहा है कि संघर्षविराम के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत हुई. थरूर के नेतृत्व वाला सर्वदलीयप्रतिनिधिमंडल फिलहाल ब्राजील में है और ब्राजील से अमेरिका के लिए रवाना होगा. गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावाकर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम के लिए उन्होंने मध्यस्थता की.ब्राजील में शशि थरूर ने कहा कि ‘हम अमेरिकी राष्ट्रपति पद काबहुत सम्मान करते हैं और हम उसी सम्मान को ध्यान में रखते हुए बात करेंगे. लेकिन मोटे तौर पर कहें तो हमारी समझ थोड़ी अलग है। हमें रोकने केलिए किसी को मनाने की जरूरत नहीं थी. हमने पहले ही रुकने के लिए कह दिया था अगर अमेरिकी राष्ट्रपति या उनके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसीको मनाने की जरूरत थी. तो वह पाकिस्तानियों को मनाने की थी उन्हें मनाना पड़ता हमें मनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम युद्ध नहीं चाहते। हमविकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. हम संघर्ष को लंबा खींचने के इच्छुकयही मूल संदेश है थरूर ने कहा कि ‘हमने 7 मई को शुरू से ही लगातार कहा था कि हम संघर्ष को लंबा खींचने के इच्छुक नहीं हैं. यह किसी तरह केयुद्ध की शुरूआत नहीं है। यह सिर्फ आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिशोध है बस अगर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया नहीं की होती तो हम भी प्रतिक्रिया नहींकरते.डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच उन्होंने ही मध्यस्थता कराई. ट्रंप ने ही सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में सबसे पहलेभारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की जानकारी दी थी. हालांकि भारत ने ट्रंप ने दावे को खारिज कर दिया. भारत ने बताया कि पाकिस्तान केडीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष को फोन करके संघर्षविराम की अपील की थी। जिसके बाद संघर्षविराम हुआ.थरूर ने कहा कि ‘हमने 7 मई को शुरूसे ही लगातार कहा था कि हम संघर्ष को लंबा खींचने के इच्छुक नहीं हैं. यह किसी तरह के युद्ध की शुरूआत नहीं है। यह सिर्फ आतंकवादियों केखिलाफ प्रतिशोध है बसअगर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया नहीं की होती. तो हम भी प्रतिक्रिया नहीं करते.

बिहार फर्स्ट या पावर फर्स्ट, चिराग के फैसले में छिपा है बड़ा सियासी दांव “जानें क्या है पूरा मामला

Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के ठीक पहले लगभग इसी समय चिराग पासवान खूब चर्चा में थे वैसे, ठीक इसी समय पिछलेसाल जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का शपथ होने वाला था तो भी चिराग पासवान चर्चा में थे. अब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले, चिराग पासवान चर्चा में हैं 2020 में उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हराने की तैयारी के कारण चर्चा में थे। पिछलेसाल पहली बार केंद्रीय मंत्री बनने की संभावना के कारण सुर्खियों में थे. अब ठीक एक साल बाद वह बिहार विधानसभा चुनाव में खुद उतरने की बातकहकर चर्चा में हैं. तो क्या 9 जून 2024 को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में पहली बार मंत्री बनने के एक साल के अंदर उनका मोहभंग हो गया है? क्यावह बिहार के लिए केंद्र की कुर्सी छोड़ेंगे? क्या है नफा-नुकसान का गणित यह भी समझना चाहिए.चिराग पासवान सांसद थे, जब अक्टूबर 2020 मेंउनके पिता रामविलास पासवान का निधन हुआ. रामविलास उस समय केंद्र में मंत्री थे. एनडीए से अलग पकड़ी राहचिराग पिता की कुर्सी पर बैठ जाते उनके आवास में ही रह जाते लेकिन ऐसा नहीं हो सका. क्योंकि, बिहार चुनाव में चिराग पासवान ने एनडीए सेअलग राह पकड़ बिहार चुनाव 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड के प्रत्याशियों के खिलाफ लोक जनशक्ति पार्टी केउम्मीदवार उतार दिए थे. चुनाव में एनडीए की सरकार भी बनी और चिराग के कारण नीतीश कुमार की पार्टी संख्या बल में कमजोर भी हुई लोहा गरमथा.मौका देख चाचा पशुपति कुमार पारस ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रवेश पा लिया और चिराग देखते रह गए. उन्हें दिल्ली में दशकों से दिवंगत पिता कीपहचान रहे सरकारी आवास को छोड़ना पड़ा. वक्त गुजरा नीतीश के घाव पर भाजपा और चिराग के साथ वक्त ने भी मरहम लगाया. 2024 मेंलोकसभा चुनाव हुआ तो चिराग पासवान शत प्रतिशत सीटों पर जीत के साथ केंद्र में मंत्री बने. अब वह बिहार चुनाव लड़ने की बात कह रहे तो उतरनेऔर जीतने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा जो कई नजरिए से नुकसान वाला फैसला होगा. मतलब समझना होगा पहलेमतलब उन्हें बहुत कुछ समझ लेना होगा पहले. चलिए कुछ देर के लिए मान लेते हैं कि बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के तहत चिराग पासवान गृह राज्यकी राजनीति में उतरने के लिए बिहार चुनाव में भाग्य आजमाते हैं। जीतकर विधायक भी बन जाते हैं. उनकी ही बात मानकर यह भी मान लेते हैं किनीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहेंगे तो उस हिसाब से चिराग पासवान को मंत्री का पद भी दे देते हैं. अब देखते हैं कि वह कितना नफा-नुकसान में हैं. पहलेतो यह ध्यान देने वाली बात होगी कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दूर हो जाएंगे. पीएम मोदी के करीब होना और दूर रहना कितना नफा-नुकसान वालाहै यह तो सभी समझते हैं. दूसरी बात पावर की तो केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के रूप में फिलहाल उनका कार्यक्षेत्र पूरा देश है और बिहारचुनाव जीतकर, मंत्री बनकर दायरा राज्य में रह जाएगा वह केंद्र में कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं. जो बिहार के मंत्री से कई मायने में ऊपर का दर्जा है.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स की टीमें आईपीएल 2025 के खिताबी मुकाबले के लिए तैयार,लंब समय बाद पहुंची फाइनल में

IPL2025: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और पंजाब किंग्स की टीमें आईपीएल 2025 के खिताबी मुकाबले के लिए तैयार हैं. दोनों टीमें लंबेसमय बाद फाइनल में पहुंची हैं और अब तक कभी खिताब नहीं जीत सकी हैं. आरसीबी और पंजाब के बीच फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्रमोदी स्टेडियम में खेला जाएगा और इन दोनों टीमों की कोशिश खिताब का सूखा समाप्त करने की होगी. मैच शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा. जबकिटॉस उससे आधे घंटे पहले यानी शाम सात बजे होगा.फाइनल मुकाबले में एक बार फिर सभी की नजरें विराट कोहली पर टिकी होंगी जिन्होंने हाल हीमें टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है। कोहली इस सीजन शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और उनके फाइनल में बड़ी पारी खेलने की उम्मीद होगी. कोहलीआईपीएल की शुरुआत से ही आरसीबी से जुड़े हुए हैं और यह उनका चौथा फाइनल मुकाबला होगा. नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले फाइनलमुकाबले में कोहली का समर्थन करने के लिए 18 नंबर की जर्सी पहने हजारों प्रशंसक नजर आ सकते हैं. कोहली (614 रन) ने हर साल की तरह इसबार भी अच्छा प्रदर्शन किया है. वह इस साल भी आरसीबी की बल्लेबाजी के मुख्य स्तंभ रहे. सबका ध्यान रहा केंद्रितइस वर्ष कोहली अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं रहे हैं जिन पर सबका ध्यान केंद्रित रहा है बल्कि उन्होंने चुपचाप आरसीबी को मजबूत करने का काम कियाहै. फिल साल्ट ने भारतीय सुपरस्टार का अच्छा साथ देकर आरसीबी को अच्छी शुरुआत दिलाई जबकि मयंक अग्रवाल, कप्तान रजत पाटीदार औरजितेश शर्मा बल्लेबाजी क्रम के भरोसेमंद खिलाड़ी हैं. टिम डेविड चोटिल होने के कारण आरसीबी के पिछले दो मैचों में नहीं खेल पाए इसलिए यहदेखना बाकी है कि वह इस मुकाबले के लिए फिट हैं या नहीं. उन्होंने रोमारियो शेफर्ड के साथ मिलकर डेथ ओवरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाईहै.आरसीबी के लिए जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार का फॉर्म में होना राहत की खबर रही है. जोश हेजलवुड (21 विकेट) ने आरसीबी के लिएमहत्वपूर्ण योगदान दिया है. वह आईपीएल के वर्तमान सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अभी चौथे स्थान पर है. आरसीबी नेअपनी पिछली समस्याओं को पीछे छोड़कर इस बार शुरू से लेकर अंत तक अच्छा प्रदर्शन किया है.क्वालिफायर में पंजाब को आठ विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेशउसने पहले क्वालिफायर में पंजाब को आठ विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया और उनकी टीम अपने इसी प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्धहोगी.दूसरी ओर पंजाब किंग्स के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर ने दमदार प्रदर्शन किया था और उनसे फाइनल में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी. अंक तालिका के दूसरे हाफ में लगातार शीर्ष पर रहने वाली पंजाब किंग्स ने कप्तान अय्यर और कोच रिकी पोंटिंग की देखरेख में महत्वपूर्ण प्रगति कीहै. अय्यर (603 रन) के नेतृत्व में पिछले साल कोलकाता नाइट राइडर्स चैंपियन बना था. इस तरह से लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल मेंपहुंचना एक ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में उनकी क्षमताओं के बारे में बहुत कुछ कहता है जो इस प्रारूप में किसी भी अन्य की तरह ही अपने खिलाड़ियोंको अच्छी तरह से संगठित करता है. इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि अय्यर टूर्नामेंट के 18 साल के इतिहास में एकमात्र क्रिकेटर हैं. जिन्होंनेआईपीएल फाइनल में तीन अलग-अलग टीमों का नेतृत्व किया है जिसमें दिल्ली कैपिटल्स तीसरी टीम है.

अमरनाथ यात्रा से पहले देश और जम्मू-कश्मीर को मिलेगी बड़ी सौगात, कश्मीर देश के अन्य हिस्सों के साथ जोड़ने जा रही रेल नेटवर्क

अमरनाथ यात्रा से पहले देश और जम्मू-कश्मीर को बड़ी सौगात मिलने जा रही है कश्मीर देश के अन्य हिस्सों के साथ रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून के पहले सप्ताह संभावित (छह जून) को कटड़ से बारामुला तक वंदे भारत ट्रेन के परिचालन को हरी झंडी दिखा सकते है. इसके साथ 2009 में शुरू हुआ उधपमुर- श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) 274 किलोमीटर परिचालन के लिए शुरू होजाएग.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर रेलवे की तैयारियां पूरी हो चुकी है. सुरक्षा ट्रेन परिचालन को लेकर सभी तैयारियों को पुख्ता किया गयाहै. रेलवे अधिकारी कटड़ा से बनिहाल तक ट्रैक का निरीक्षण किया जा रहा है. कटड़ा से बारामुला तक तैनात रेल कर्मचारियों की जानकारी सुरक्षाएजेंसियों को दे दी गई है.कटड़ा से बनिहाल तक ट्रक का सुरक्षा एडिट जीआरपी ने पहले ही किया है. इसमें संवेदनशील इलाकों में जीआरपी कीतैनाती को बढ़ाया गया है रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि हमें अपनी तैयारियों को पुख्ता करने को है हमारी तैयारी पुरी है अप्रैल में पीएम केप्रस्तावित दौरे के चलते हमने अपनी तैयारियों को पहले की पुख्ता किया था. ऐसे में ज्यादा अभ्यास की अब जरूरत नहीं है सुरक्षा एजेंसियों ने अपनीतैयारी करनी है.19 अप्रैल को पीएम का दौरा प्रस्तावित था सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थी. खराब मौसम के चलते टला था कार्यक्रमलेकिन खराब मौसम के चलते पीएम कार्यक्रम टल गया था 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के चललेपरिचालन का उद्घाटन टल गया था.अमरनाथ यात्रा से पहले ट्रेन परिचालन शुरू होने से देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी. इससेयात्रा में भी बाधा नहीं आएगी. बारिश होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो जाता. जिससे कई-कई दिनों तक यात्रा रुक जाती है अगर ट्रेन सेवा शुरूहोती है तो यात्रा के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी मिलेगा.यात्रा के दौरान चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल और देश के पहले रेलवेकेबल स्टे पुल पर भी जाएंगे प्रधानमंत्री. दोनों पुलों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद कटड़ा रेलवे स्टेशन से विशेष रूप से तैयार वंदेभारत ट्रेन को रवानाकरेंगे. इसके बाद कटड़ा स्टेडियम में पीएम द्वारा एक जनसभा को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है.कटड़ा से बारामुला तक ट्रेन सेवा शुरू होने से लोगोंको काफी सुविधा मिलेगी. श्रीनगर से जम्मू तक सड़क मार्ग से पांच से सात घंटे का सफर तीन घंटे में पूरा होगा वंदेभारत तीन घंटे में बारामुला से कटड़ापहुंचेगी. ट्रेन परिचालन शुरू होने से रेल यात्रियों की सुरक्षा बड़ी चुनौती होगी अमरनाथ यात्रा के समय सुरक्षा चुनौती और ज्यादा बढे़गी.

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बोले अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक, “कहा भारत में है जोश और महत्वाकांक्षा” इसी कारण हमेशा फलती- फूलता रहेगी अर्थव्यवस्था

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा है कि भारत में जोश और महत्वाकांक्षा है यही कारण है कि भारत की अर्थव्यवस्था हमेशा फलती-फूलतीरहेगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत की गहरी प्रशंसा और सम्मान करते हैं. दोनों देशों के बीच एक दूसरे के साथबेहतरीन संबंध बनने जा रहे हैं। लुटनिक ने सोमवार को यहां अमेरिका-भारत रणनीतिक भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) नेतृत्व शिखर सम्मेलन केआठवें संस्करण में अपने मुख्य भाषण में कहा कि भारत सबसे असाधारण अर्थव्यवस्थाओं में से एक है.उन्होंने कहा’एक असाधारण अर्थव्यवस्था बनानेकी कुंजी लोगों का दृढ़ संकल्प है. आपके लोग व्यवसाय में होने के बारे में कितना चिंतित हैं? वे कितने उद्यमी हैं? वे अपने परिवारों के लिए बेहतरबनने के लिए कितना प्रयास करते हैं? मैं भारत के बारे में जो जानता हूं, उसके हिसाब से भारत की मुख्य आबादी में वह प्रेरणा और महत्वाकांक्षा है. भारतीय अर्थव्यवस्था हमेशा रहेगी बढ़तीयही कारण है कि भारतीय अर्थव्यवस्था हमेशा बढ़ती रहेगी और फलती-फूलती रहेगी क्योंकि इसमें वह आधार है इसलिए आप भारत में ऐसे काम करसकते हैं जो कई अन्य देश नहीं कर सकते.उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ‘अमेरिका पहले’ के बारे में सोचते हैं. लेकिन वे ‘केवल अमेरिका’ या ‘सिर्फ औरसिर्फ अमेरिका’ के बारे में नहीं सोचते. ल्यूटनिक ने कहा सबसे पहले उन्हें अपने देश का ख्याल रखना है. ताकि हम बड़े और मजबूत हों. लेकिन फिर वेअपने सहयोगियों का ख्याल रखेंगे. वे यह सुनिश्चित करेंगे कि वे भारत का ख्याल रखें जिसकी वे गहराई से प्रशंसा करते हैं और सम्मान करते हैं. हमएक साथ बहुत अच्छे संबंध बनाने जा रहे हैं.अमेरिका में चल रही वीजा और आव्रजन चर्चाओं को लेकर भारतीय प्रतिभाओं पर एक सवाल का जवाबदेते हुए ल्यूटनिक ने कहा कि अमेरिका में भारतीय उद्यमियों की सफलता, भारतीय राष्ट्रीयता के व्यक्ति अमेरिका की कई महान कंपनियों का नेतृत्वऔर संचालन कर रहे हैं क्योंकि वे शानदार उद्यमी शानदार व्यवसायी, स्मार्ट, विचारशील, हर तरह से शिक्षित हैं. मुझे लगता है कि अमेरिका के लिएआव्रजन का सामान्य मार्ग बदल रहा है। ट्रंप कार्ड सामने आ रहा है. मुझे उम्मीद है कि ट्रंप कार्ड लोगों के लिए अमेरिका आने की क्षमता रखने के लिएवास्तव में एक बड़ा अवसर पैदा करेगा.

दिल्ली सरकार भूली झुग्गियों में रह रहे लोगों को दिए वादे, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर बोला तीखा हमला

Dellhi News: दिल्ली में सत्ता पाते ही भाजपा ने झुग्गियों में रह रहे गरीब लोगों को ‘जहां झुग्गी-वहां मकान’ देने का वादा भूल गई. आम आदमीपार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में भाजपा द्वारा जहाँझुग्गी, वहाँ मकान” देने की दी गई चुनावी गारंटी भी एक जुमला साबित हुई. दिल्ली का मज़दूर घरेलू कामगार, रिक्शाचालक और दिहाड़ी मज़दूरजिनकी मेहनत से देश की राजधानी चलती है आज उन्हीं की झुग्गियाँ बेदर्दी से बुलडोज़र के नीचे कुचली जा रही हैं मनीष सिसोदिया ने कहा किभाजपा के जिन विधायकों को जनता ने चुना था वो आज कहाँ हैं? ना जवाब मिल रहा है, ना ज़मीन पर कोई दिख रहा है. झुग्गियों में दी जाने वालीबिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ तो छोड़िए, अब तो मेहनत से बनाई गई छत भी इनसे छीन ली गई है. क्या यही है “सबका साथ, सबकाविकास”. मद्रासी कैंप के लोग हुए बेघरभाजपा सरकार द्वारा जंगपुरा विधानसभा स्थित मद्रासी कैंप को बुलडोजर से गिराए जाने के बाद वहां रहने वाले लोग बेघर हो गए हैं. वहां रहने वालोंको भाजपा द्वारा वादे के मुताबिक जहां झुग्गी वहां मकान नहीं दिया गया। जिनको मकान मिले भी हैं तो वो काफी दूर है। इससे लोग बहुत आहट हैं।झुग्गीवासियों का कहना है कि यहां पर रहते हुए उन्हें 50 से 55 साल हो गए हैं। वे अब कहां जाएं? उन्होंने लोगों के घरों में काम करके बड़ी मेहनत सेयहां अपना मकान बनाया था। 2010 में भी घर तोड़े गए थे। उसी समय हमें निकाल देना चाहिए था। भाजपा विधायक तरविंदर मारवाह ने झुग्गियोंको तोड़ने के लिए बुलडोजर लगा रखे हैं। घर बनाने के लिए लाखों लाख रुपये खर्च किए थे। सरकार समझती थी पीड़ाझुग्गीवालों ने कहा कि केजरीवाल की सरकार बढ़िया थी वह हमारी पीड़ा समझती थी इसलिए हमारा समर्थन करती थी. अगर पानी रुक जाए तोपानी आ जाता था. पानी की भी कोई दिक्कत नहीं थी बिजली एक बार भी बंद नहीं होती थी. 24 घंटे बिजली थी 24 घंटे पानी था। कोई परेशानीहोने पर तत्कालीन “आप” विधायक प्रवीण कुमार को फोन मिला लेते थे. वह पांच से 15 मिनट में यहां पहुंच जाते थे. आज ये झुग्गियों को ध्वस्तकिया गया है और विधायक तरविंदर मारवाह ने एक बार भी आकर नहीं देखा. बस ये कार्ड देकर कहा था कि “जहां झुग्गी, वहां मकान”, चिंता मतकरो, आपकी झुग्गी मैं रुकवा दूंगा. मगर वह दो महीने से यहां आए ही नहीं हैं. झुग्गीवालों ने कहा कि चूंकि अब सब कुछ उजड़ चुका है अरविंदकेजरीवाल की बातें याद आ रही हैं. उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा की सरकार गलती से भी आ गई तो सारी झुग्गियां तोड़ देगी. हम यही चाहते हैंकि वह पांच साल के बाद दिल्ली में दोबारा आ जाएं. अरविंद केजरीवाल सत्ता से चले गए इसलिए झुग्गीवाले बहुत दुखी हो रहे हैं. उम्मीदों के साथ भाजपा को दिया था वोटझुग्गीवासियों ने कहा कि हमने इतनी उम्मीदों के साथ भाजपा को वोट दिया था. जिन लोगों ने भाजपा को वोट दिया उन्हें यह देखना चाहिए किभाजपा ने जहां झुग्गी वहां मकान का वायदा किया था. आज ये जो आंसू हैं. उसे भाजपा को भी देखना चाहिए। सारी पार्टियों को यह सोचना चाहिएकि किसी का घर उजाड़ने से पहले उसकी मनोदशा क्या होगी. यह घर उन्होंने मेहनत करके बनाया है. एक-एक ईंट जोड़ी है और इसमें रखी हर चीजयहां तक कि एक सुई भी उन्होंने कोठी में काम करके जोड़ी है. झुग्गी वासियों ने कहा कि घर में बुजुर्ग और बच्चे भी हैं. उनकी मां घर में हैं और वह खुदही कमाने वाली हैं. यहां की कई महिलाएं कोठियों में झाड़ू-पोछा करके गुजारा करती हैं. अभी हमारे पास किराए पर रहने की भी स्थिति नहीं है और नही कहीं जाने की कोई स्थिति है। भाजपा को वोट देना हमारी गलती थी. हमने बहुत बड़ी गलती कर दी अगर केजरीवाल सरकार होती तो शायद उनकीझुग्गियां बच जातीं.

राजीव शुक्ला बन सकते हैं जुलाई में बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष, रोजर बिन्नी 70 की उम्र सीमा पर पहुंचेंगे

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला जुलाई में बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष बन सकते हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई नेसूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है. दरअसल बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष रोजर बिन्नी 19 जुलाई को 70 वर्ष के हो जाएंगे।नियमानुसारबीसीसीआई अध्यक्ष की उम्र 70 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. 65 वर्षीय शुक्ला को तीन महीनों के लिए कार्यवाहक अध्यक्ष की भूमिका मिलसकती है सूत्रों ने बताया कि सितंबर में वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान राजीव शुक्ला बोर्ड के पूर्णकालिक अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में खड़ेहो सकते हैं.रोजर बिन्नी को अक्तूबर 2022 में बीसीसीआई के 36वें अध्यक्ष के रूप में चुना गया था. उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली कीजगह ली थी. गांगुली ने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था. एकमात्र थे उम्मीदवारदरअसल तब बिन्नी शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे.बिन्नी के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद भारत ने दोसीमित ओवर प्रारूप के आईसीसी टूर्नामेंट जीते. भारत ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2024 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अपने नाम कियाथा. बिन्नी के अध्यक्ष रहते ऐतिहासिक महिला प्रीमियर लीग (WPL) की भी शुरुआत हुई। उनके अध्यक्ष रहते ही घरेलू क्रिकेट को बेहतर प्रोत्साहनमिला. खिलाड़ियों के वेतन में वृद्धि हुई और टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ियों को घरेलू टूर्नामेंटों में खिलवाने के लिए उचित और सख्त कदम उठाएगए।1983 विश्व कप विजेता टीम के मुख्य खिलाड़ी रहे ऑलराउंडर बिन्नी ने 27 टेस्ट मैचों और 72 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंनेटेस्ट मैचों में 47 विकेट लिए और पांच अर्धशतकों की मदद से 830 रन बनाए। 72 वनडे मैचों में उन्होंने 77 विकेट लिए और एक अर्धशतक की मददसे 629 रन बनाए. भारत को पहला वनडे विश्व कप (1983) जिताने में उनका अहम योगदान था। 1983 विश्व कप में 18 विकेट लेकर वह भारत केलिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे. बिन्नी इससे पहले बीसीसीआई चयन समिति के सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं.

तेज प्रताप यादव के समर्थन में उतरे RJD सांसद सुधाकर सिंह, कहा’दो शादियां अनैतिक नहीं’लालू से फैसले पर पुनर्विचार की अपील

पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के पक्ष में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद और प्रदेश अध्यक्ष के बेटे उतर गए हैं. सांसदसुधाकर सिंह ने तेज प्रताप का समर्थन किया है कहा कि तेज प्रताप यादव ने जो किया है उसे मैं गुनाह की श्रेणी में नहीं मानता है. उन्होंने पूर्व केंद्रीयमंत्री और राम विलास पासवान का भी उदाहरण दिया. साथ ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से अपने फैसले पर विचार करने की अपील की. सुधाकरसिंह के इस बयान ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है. बक्सर से सांसद और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह ने कहाकि तेज प्रताप यादव ने कोई गुनाह नहीं किया है. अगर उन्होंने कुछ किया है तो इसकी घोषणा वह स्वयं करेंगे दो शादियां हिन्दू रीति रिवाजों में रही है. कई जगह हमने तीन चार शादियों के बारे में हमने सुना है दो शादी कई लोग कर चुके हैं मैं व्यक्तिगत तौर पर इसे अनैतिक काम नहीं मानता हूं आज भीकई लोग दो शादियां करके रह रहते हैं उन्होंने रामविलास पासवान का भी उदाहरण दिया. चिराग पासवान है दूसरी पत्नी के बेटेउन्होंने भी दो शादी की थी चिराग पासवान उनकी दूसरी पत्नी के बेटे हैं उन्होंने लालू प्रसाद से अपील करते हुए कहा कि एक पिता के तौर उन्हें तेजप्रताप यादव को माफ कर देना चाहिए.एक महिला के साथ तेज प्रताप यादव की तस्वीर और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण राजद सुप्रीमो लालूप्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. उन्होंने लिखा था कि निजी जीवन में नैतिक मूल्यों कीअवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमजोर करता है. ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदारानाव्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है. अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब सेपार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी उसे पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है.पूर्व मंत्री तेज प्रतापयादव के पक्ष में उनके पिता लालू प्रसाद की पार्टी के एक सांसद उतर गए हैं उन्होंने स्पष्ट कहा कि दो शादी करना अनैतिक नहीं है कई लोग दो शादीकर चुके हैं इस बयान ने राजनीति गलियारे में हड़कंप मच दिया है.