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कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने पार्टी के सांसद शशि थरूर पर तीखा हमला बोला, शशि थरूर है केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न देशों के दौरों पर भेजे गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा

कांग्रेस पार्टी में सबकुछ सही नहीं चल रहा है इसका संकेत बुधवार को मिला, जब कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने अपनी ही पार्टीके सांसद शशि थरूर पर तीखा हमला बोला और उन्हें भाजपा का सुपर प्रवक्ता बता दिया. शशि थरूर केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न देशों के दौरों पर भेजेगए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं और एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. शशि थरूर के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल फिलहाल पनामामें मौजूद है पनामा में ही शशि थरूर के एक बयान से नाराज होकर उदित राज ने टिप्पणी की. शशि थरूर ने पनामा में दिए अपने एक भाषण में कहाकि ‘भारत सरकार ने हाल के वर्षों में अपनी सोच में बदलाव किया है. जिसके बाद आतंकियों को भी ये अहसास हो गया है कि उन्हें भारत में हमले कीकीमत चुकानी पड़ेगी. थरुर ने की टिप्पणीथरूर की इस टिप्पणी ने उनकी ही पार्टी के नेताओं को नाराज कर दिया. उदित राज ने कहा कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर भाजपा के सुपर प्रवक्ता बनगए हैं. जो भाजपा नेता नहीं कह रहे हैं, वो शशि थरूर, पीएम मोदी और सरकार के बारे में कह रहे हैं. क्या उन्हें (थरूर) पता भी है कि पिछली सरकारोंने क्या किया? वे (केंद्र सरकार) भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे हैं। शशि थरूर भाजपा के प्रचार विभाग के प्रवक्ता बने हुए हैं. पनामा में दिएअपने भाषण में शशि थरूर ने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट स्ट्राइक का जिक्र किया और कहा कि ‘हाल के वर्षों में भारत की सोच में बदलाव आयाहै. अब आतंकियों को पता है कि उन्हें कीमत चुकानी होगी इस पर कोई शक नहीं है पहली बार भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक के समय एलओसी पार करआतंकी ठिकानों पर हमले किए. यहां तक की कारगिल की लड़ाई में भी हमने सीमापार नहीं की थी इस बार न सिर्फ हमने सीमा पार की है बल्किअंतरराष्ट्रीय सीमा भी पार की है. हमने पाकिस्तान के मध्य में स्थित पंजाब में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.

फ्रांस के निचले सदन नेशनल असेंबली ने ऐतिहासिक विधेयक को दी मंजूरी, फ्रांस में लाइलाज बीमारियों से ग्रस्त व्यस्क लोगों को मौत चुनने का मिलेगा अधिकार

फ्रांस के निचले सदन नेशनल असेंबली ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दे दी. इस विधेयक के तहत फ्रांस में लाइलाज बीमारियोंसे ग्रस्त व्यस्क लोगों को मौत चुनने का अधिकार मिलेगा. यूरोप में लंबे समय से मौत चुनने के अधिकार को कानूनी करने की मांग उठ रही हैं. फ्रांस मेंभी लंबे समय से ऐसी मांग की जा रही है और महीनों से इस पर संसद में चर्चा में चल रही है. लंबी चर्चा के बाद मंगलवार को नेशनल असेंबली नेइसकी मंजूरी दे दी. अब इस विधेयक को उच्च सदन सीनेट में पेश किया जाएगा. प्रस्तावित विधेयक में जहां गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को मौतका विकल्प चुनने की मंजूरी दी गई है, वहीं इसके साथ कड़ी शर्तें भी लगाई गई हैं. शर्तों के तहत लाइलाज बीमारी होने पर मरीज को खुद ही जहरलेना होगा, लेकिन अगर वह खुद इस स्थिति में नहीं है कि खुद अपनी जान ले सके तो उस स्थिति में डॉक्टर या नर्स की मदद से व्यक्ति को जहर दियाजा सकेगा. 18 साल का होना जरुरीविधेयक के तहत मौत का विकल्प चुनने के लिए मरीज का कम से कम 18 साल का होना जरूरी है. साथ ही उसका फ्रांस का नागरिक होना भी जरूरीहै. मौत का विकल्प चुनने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम यह सत्यापित करेगी कि व्यक्ति लाइलाज बीमारी से ग्रस्त है और उसका कोई इलाजनहीं है. साथ ही मरीज असहनीय पीड़ा से गुजर रहा है इस सत्यापन के बाद ही मौत चुनने का विकल्प मिलेगा. मानसिक रोगियों को मौत चुनने केविकल्प से बाहर रखा गया है. विधेयक के तहत बीमार व्यक्ति को अगर जान देने की अनुमति मिल जाती है तो वह अपने घर, नर्सिंग होम या स्वास्थ्यकेंद्र में जानलेवा दवाई या जहर ले सकेगा. मौत का विकल्प चुनने का अधिकार देने की जा रही मांगफ्रांस में बीते 20 वर्षों से मौत का विकल्प चुनने का अधिकार देने की मांग की जा रही है. बीते महीने राष्ट्रपति मैक्रों ने सुझाव दिया था कि अगर यहविधेयक संसद में फंसा रहता है और इसे मंजूरी नहीं मिल पाती है तो वे फ्रांस के मतदाताओं से पूछकर एक जनमत के जरिए भी इस विधेयक को मंजूरकर सकते हैं. हालांकि विधेयक का विरोध भी हो रहा है फ्रांस के धार्मिक नेताओं के संगठन द कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलीजियस लीडर्स इन फ्रांस ने इसविधेयक का विरोध किया है. इस संगठन में कैथोलिक, ऑर्थोडॉक्स, प्रोटेस्टेंट, यहूदी, मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हैं. संगठन कादावा है कि इस विधेयक के बाद बुजुर्गों, बीमार और अक्षम लोगों पर भी दबाव बढ़ेगा. उल्लेखनीय है कि फ्रांस की तरह ही ब्रिटेन में भी ऐसे हीविधेयक पर चर्चा चल रही है. अभी स्विट्जरलैंड, कई अमेरिकी राज्यों, नीदरलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, कोलंबिया, बेल्जियम, लक्जमबर्ग में भी कुछ शर्तों के साथ मौत चुनने का विकल्प मौजूद है.

पवन खेड़ा का तीखा हमला: “देश अब नारे नहीं, जवाब चाहता है”

कांग्रेस नेता और पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने हाल ही में एक ज़ोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों औरकार्यशैली पर खुलकर सवाल उठाए। उनका यह संबोधन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि एक ज़िम्मेदार नागरिक की चिंता भी उसमेंझलक रही थी। खेड़ा ने कहा कि देश में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं, जिनमें हमारे जवान और आम नागरिक मारे जा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से न तोकोई ठोस कार्रवाई दिख रही है और न ही कोई भरोसेमंद जवाब। उन्होंने पूछा — “आख़िर कब तक सरकार चुप रहेगी?” यह सिर्फ राजनीति का विषयनहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मामला है। विदेश नीति को लेकर खेड़ा ने सरकार की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि भारत की विदेश नीति कभी दुनिया में सम्मान की दृष्टि से देखीजाती थी, लेकिन अब यह सोशल मीडिया के ट्रेंड्स और ट्रोल्स पर आधारित हो गई है। उन्होंने सरकार पर यह आरोप लगाया कि वह गंभीर कूटनीतिनहीं, बल्कि “लाइक्स और वायरल पोस्ट्स” के हिसाब से फैसले ले रही है। खेड़ा ने साफ़ कहा कि विपक्ष सवाल पूछता है, ताकि सरकार जवाबदेह रहे। लेकिन संसद में जब विपक्ष सवाल उठाता है, तो उसे “देशद्रोही” कहाजाता है। उन्होंने याद दिलाया कि पुलवामा हमले के समय भी कांग्रेस ने सरकार की आलोचना नहीं की थी, बल्कि सेना के साथ खड़ी रही थी। लेकिनअब सवाल पूछना भी सरकार को पसंद नहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मौजूदा राजनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आज की सरकार प्रचार, चुनाव और ट्रोलिंग में व्यस्त है। जबकि असलीमुद्दे — आतंकवाद, बेरोजगारी और महंगाई पीछे छूटते जा रहे हैं। खेड़ा ने अंत में ज़ोर देकर कहायह समय प्रचार का नहीं, जवाबदेही का है। यह समय नारे देने का नहीं, काम करने का है।”उन्होंने सरकार को सीधी चुनौती दी कि अब देश केवल भावनात्मक भाषण नहीं, ठोस जवाब और परिणाम चाहता है।

बीजेपी ने पूर्वांचल के लोगों को नजरअंदाज किया: ऋतुराज

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ऋतुराज ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी दिल्ली में पूर्वांचल केलोगों को नजरअंदाज कर रही है और उन्हें कोई सम्मान नहीं दे रही। ऋतुराज ने बताया कि बीजेपी ने दिल्ली के 14 जिलों में नए जिला अध्यक्ष बनाए हैं। कुल 14 लोगों की लिस्ट जारी की गई है, लेकिन उसमें एक भीव्यक्ति पूर्वांचल से नहीं है।उन्होंने कहा, “दिल्ली में 50 लाख से ज़्यादा पूर्वांचल के लोग रहते हैं। उनका वोट तो चाहिए, लेकिन उन्हें कोई पद नहीं दिया जाता। ऋतुराज ने कहा कि बीजेपी सिर्फ दिखावा करती है, जबकि आम आदमी पार्टी ने हमेशा पूर्वांचल के लोगों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि आमआदमी पार्टी ने छठ पूजा के लिए छुट्टी दी, स्कूल, अस्पताल बनाए और कॉलोनियों में सीवर और पाइपलाइन डलवाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ बुलडोजर चलाना जानती है और गरीबों को डराती है।“हम पूर्वांचल के लोगों के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे,” ऋतुराज ने कहा।

दिल्ली भाजपा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहली बैठक: विकास और संगठन को मजबूत करने पर ज़ोर- दिल्ली के सभी जिला अध्यक्ष बैठक में मौजूद

दिल्ली भाजपा के नवनिर्वाचित 14 जिलाध्यक्षों की पहली बैठक आज प्रदेश कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा नेकी। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर, संगठन महामंत्री पवन राणा और विष्णु मित्तल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के 100 दिन के कामकाज का ब्योरा दिया और पार्टी नेताओं से दिल्ली के विकास के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने कहाकि सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है और संगठन की भूमिका इसमें बेहद अहम है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, “हमारा लक्ष्य है — विकसित भारत की विकसित दिल्ली। पार्टी के सभी नए पदाधिकारी इस मिशन में सक्रिययोगदान देंगे।” बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर भाजपा “संकल्प से सिद्धि” अभियान चलाएगी, जिसे मंडल स्तर तकपहुँचाया जाएगा।बैठक में सभी 14 नए जिलाध्यक्षों की मौजूदगी रही और आने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई। भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का केजरीवाल पर निशाना, रेखा गुप्ता सरकार की तारीफदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि राजधानी की जनता अब प्रशासनिक बदलाव को साफ महसूस कर रही है। उनका कहना है किजहां पहले अरविंद केजरीवाल की सरकार सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दूसरों पर आरोप लगाती थी, वहीं अब रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार जमीनी स्तरपर विकास और सुधार के काम कर रही है। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल के हालिया बयान ने दिल्ली वालों को हैरान कर दिया है, क्योंकि लोग खुद देख रहे हैं कि अब दिल्ली में चीजेंबेहतर हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी अब राजनीति में अप्रासंगिक होती जा रही है और केवल झूठे बयान देकर चर्चा में बने रहनेकी कोशिश कर रही है, लेकिन दिल्ली की जनता अब इन बातों पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने बताया कि दिल्ली में बिजली सब्सिडी पहले की तरह जारी है और मध्यम वर्ग बिजली-पानी की पर्याप्त सप्लाई और सड़कों की अच्छी हालतसे संतुष्ट है। झुग्गी बस्तियों में रहने वालों को भी अब बेहतर पानी मिल रहा है – चाहे वो पब्लिक पाइप लाइन से हो या जीपीएस ट्रैकिंग वाले पानी केटैंकरों से। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि रेखा गुप्ता की सरकार लोगों के बीच जाकर काम कर रही है, और दिल्ली की जनता इसका समर्थन कर रही है।

ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में जीत के साथ फिर की शुरुआत, दूसरे दौर में किया प्रवेश

दो बार की ओलंपिक पदक विजता पीवी सिंधू ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत की है. सिंधू ने कनाडा की वेनयु झांग को हराकर मंगलवार को दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया. सिंधू ने सिर्फ 31 मिनट तक चले मुकाबले में झांग को 21-14, 21-9 से हरायाहालांकि, सिंधू के लिए आगे की राह कठिन है क्योंकि उनका सामना अब टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता और फिलहाल विश्व रैंकिंग मेंपांचवें नंबर पर मौजूद चीन की यू फेई से होगा. सिंधू ने जहां विजयी आगाज किया, वहीं अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. मालविका बंसोड़, अनमोल खरब, प्रियांशु रजावत और किरण जॉर्ड को अपने-अपने मुकाबलों में हार सामना करना पड़ा और ये खिलाड़ी पहले ही दौरसे बाहर हो गए मालविका और प्रियांशु एक गेम की बढ़त लेने के बावजूद लय बरकरार नहीं कर सके. थाईलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त सुपानिदा कातेथोंग के खिलाफमालविका को थाईलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त सुपानिदा कातेथोंग के खिलाफ 21-14, 18-21, 11-21 से, जबकि प्रियांशु को पुरुष एकल वर्गके मुकाबले में सातवीं वरीयता प्राप्त जापान के कोदाई नारोका के खिलाफ 21-14, 10-21, 14-21 से हार का सामना करना पड़ा. वहीं, चेन नेअनमोल को मात दी अनमोल ने पहले गेम में पिछड़ने के बाद दूसरे गेम में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन अंत में उन्हें 11-21, 22-24 से शिकस्तमिली. इस साल इंडिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जॉर्ज को चीन के वेंग हॉन्ग यांग के खिलाफ 19-21, 17-21 से, जबकि आरसंतोष रामराज को पुरुष एकल वर्ग के शुरुआती मुकाबले में दक्षिण कोरिया के किम गा यून के खिलाफ 14-21, 8-21 से हार मिली। मिश्रित युगलवर्ग में ध्रुव कपिल और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी को चीन के चेंग जिंग और झांग ची की जोड़ी के खिलाफ 18-21, 13-21 से हार का सामना करनापड़ा। असिथ सूर्या और अमरुता पारमुतेश की जोड़ी भी जापान की युइची शिमोगामी और सायका होबारा की जोड़ी के खिलाफ 11-21, 17-21 सेहारकर बाहर हो गई.

मशहूर निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘स्पिरिट’को लेकर चर्चाओं में, दीपिका पादुकोण के बाहर होने के बाद अब तृप्ति डिमरी को बतौर लीड एक्ट्रेस किया गया शामिल

मशहूर निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘स्पिरिट’ को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं. फिल्म से दीपिका पादुकोण के बाहर होनेके बाद अब तृप्ति डिमरी को बतौर लीड एक्ट्रेस शामिल किया गया है लेकिन दीपिका पादुकोण के फीस और काम के घंटों को लेकर फिल्म छोड़ने काविवाद अब गहराता जा रहा है. क्योंकि अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर संदीप रेड्डी वांगा दीपिका पादुकोण के इस फैसले से नाखुश हैं. निर्देशक नेसोशल मीडिया पर क्रिप्टिक पोस्ट किया है, जिसे दीपिका पादुकोण से जोड़कर देखा जा रहा है. कबीर सिंह’ और ‘एनीमल’ फिल्मों का निर्देशन करनेवाले संदीप रेड्डी वांगा ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट किया है. जो अब सुर्खियां बटोर रहा है इस पोस्ट में संदीप ने लिखा है, “जब मैं किसीएक्टर को कहानी सुनाता हूं, तो मैं उस पर 100% भरोसा करता हूं. हमारे बीच एक अनकहा एनडीए (नॉन डिस्क्लोज एग्रीमेंट) होता है. लेकिन ऐसाकरके, आपने उस व्यक्ति को डिस्क्लोज कर दिया है, सामने ला दिया है, जो आप वास्तव में हैं एक युवा एक्टर को नीचा दिखाना और मेरी कहानी कोबाहर करना? क्या यही आपका फेमिनिस्म है? अपने क्राफ्ट के पीछे सालों की कड़ी मेहनतउन्होनें कहा कि एक फिल्म निर्माता के रूप में मैंने अपने क्राफ्ट के पीछे सालों की कड़ी मेहनत की है मेरे लिए फिल्म मेकिंग ही सब कुछ है आपको यहसमझ में नहीं आया आपको यह समझ में नहीं आएगा आपको यह कभी नहीं समझ में आएगा. आगे उन्होंने लिखा, ऐसा करो अगली बार पूरी कहानीबोलना, क्योंकि मुझे जरा भी फर्क नहीं पड़ता. मुझे ये कहावत बहुत पसंद है- ‘खुंदक में बिल्ली खंभा नोचे साथ ही संदीप रेड्डी वांगा ने हैशटैग में डर्टीपीआर गेम्स भी लिखा है. हालांकि, संदीप रेड्डी वांगा ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया और न ही अपनी फिल्म ‘स्पिरिट’ का कोई जिक्रकिया है. लेकिन उनके इस पोस्ट को देखकर ऐसा लगता है कि ये उन्होंने दीपिका पादुकोण पर एक तंज कसा है. क्योंकि हाल ही में एक रिपोर्ट में‘स्पिरिट’ की कहानी के बारे में जानकारी लीक गई थी. जिसको लेकर फैंस का मानना है कि ये दीपिका पादुकोण की पीआर टीम ने फिल्म से उनकेबाहर होने और तृप्ति डिमरी के फिल्म में शामिल होने पर किया गया था. हालांकि, ये सब फैंस के कयास हैं और संदीप रेड्डी वांगा की पोस्ट के बादफैंस इसे दीपिका से जोड़कर देख रहे हैं. हां, इतना तो साफ है कि अब ये मामला आगे बढ़ सकता है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, दीपिकापादुकोण ने भुगतान और काम के घंटों को लेकर हुए मतभेदों के बाद ‘स्पिरिट’ छोड़ दी थी. कई रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया था कि उन्होंने 40 करोड़ रुपये की फीस और आठ घंटे की शिफ्ट की मांग की थी. इसको लेकर उठे मतभेदों के बाद दीपिका फिल्म से बाहर हो गईं। इसके बाद तृप्तिडिमरी को फिल्म में शामिल कर लिया गया.

विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे जर्मनी के दौरे पर, पहलगाम आतंकी हमले व भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर की पत्रकारों से बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने का दावा किया था ट्रंप के इस दावे को भारत सरकार कई बारखारिज कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद बार-बार वहीं सवाल पूछा जा रहा है. भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर इन दिनों जर्मनी के दौरे पर हैंजर्मनी में भी उनसे यही सवाल किया गया, जिस पर विदेश मंत्री जयशंकर के जवाब ने पत्रकार की बोलती बंद कर दी. दरअसल जर्मनी के एकअखबार के पत्रकार ने डॉ. जयशंकर से सवाल किया कि ‘क्या दुनिया को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए अमेरिका को धन्यवाददेना चाहिए?’ इस पर विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि ‘संघर्ष विराम के लिए भारत और पाकिस्तान के सैन्य कमांडर्स के बीच सीधा संपर्क हुआथा और उसी में संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी. उससे पहले हमने प्रभावी तरीके से पाकिस्तान के मुख्य एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम कोनिशाना बनाया था. इसलिए संघर्ष विराम के लिए मुझे किसे धन्यवाद देना चाहिए? मुझे लगता है कि भारतीय सेना को, क्योंकि ये भारतीय सेना द्वाराकी गई कार्रवाई ही थी, 26 निर्दोष पर्यटकों की गई थी निर्मम हत्याजिसके चलते पाकिस्तान ये कहने को मजबूर हुआ कि हम लड़ाई रोकने के लिए तैयार हैं. बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानसमर्थित आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी. इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई की मध्य रात्रि पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकीठिकानों पर हमला किया. इसके बाद पाकिस्तान ने आतंकियों के समर्थन में भारत के कई शहरों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिशकी, लेकिन भारत ने उन हमलों को नाकाम कर दिया. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान कई एयरबेस को निशाना बनाकर और उसके एयर डिफेंस कोतबाह कर उसे घुटनों पर ला दिया. जिसके बाद पाकिस्तान की सेना के कमांडर्स ने भारतीय समकक्षों से बात की, जिसमें दोनों पक्षों में संघर्ष विराम परसहमति बन गई. हालांकि ट्रंप प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान के संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की. पाकिस्तान ने भी अमेरिका को इसके लिएधन्यवाद कहा, लेकिन भारत ने अमेरिका की संघर्ष विराम में कोई भी भूमिका होने से साफ इनकार किया. विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले एक इंटरव्यूमें बता चुके हैं कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत से बात की थी, लेकिन उनकी भूमिका महज संघर्ष पर चिंताजताने तक थी. जयशंकर ने कहा कि ‘हमने सभी से स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि पाकिस्तान अगर लड़ाई रोकना चाहता है तो उसे खुद हमें बतानाहोगा हम उनसे सुनना चाहते हैं इसके बाद उनके जनरलों ने हमारे जनरल को फोन किया, जिसके बाद संघर्ष विराम हुआ.जर्मन अखबार के पत्रकारों ने भारतीय विदेश मंत्री से किए सवालजर्मन अखबार के पत्रकार ने भारतीय विदेश मंत्री से परमाणु युद्ध को लेकर भी सवाल किया, जिस पर विदेश मंत्री ने भी हैरानी जताई. दरअसल पत्रकारने पूछा कि ‘भारत और पाकिस्तान संघर्ष के दौरान दुनिया परमाणु युद्ध से कितनी दूर थी?’ इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि ‘बहुत, बहुत दूर थी मैं सचबताऊं तो मैं इस सवाल से ही हैरान हूं. हमने आतंकी ठिकानों को सटीकता से तबाह किया और किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया. इसदौरान ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया कि संघर्ष बढ़े इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने हम पर हमला किया, लेकिन हमने उन्हें दिखाया कि हम क्या करसकते हैं और हमने उनका एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया. उनकी मांग पर गोलीबारी रोकी गई, लेकिन इस दौरान कभी भी परमाणु हमले की कोईबात नहीं थी. ऐसा नैरेटिव है कि अगर हमारे इलाके में कुछ भी होगा तो उसे सीधे परमाणु युद्ध से जोड़ दिया जाता है, ये बात मुझे बेहद परेशान करतीहै क्योंकि इससे आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है. इसके बाद विदेश मंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पश्चिम को आईना दिखाते हुए कहाकि ‘अगर परमाणु युद्ध का कहीं खतरा है तो वो आपके हिस्से में है, क्योंकि यहां बहुत कुछ घटित हो रहा है.

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि के मौके पर पीएम मोदी ने की श्रद्धांजलि अर्पित, कांग्रेस ने साधा जमकर निशाना

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आज पुण्यतिथि है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि ‘हमारे पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि’. पंडितनेहरू भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता थे और उन्होंने अगस्त 1947 से लेकर मई 1964 तक भारत का नेतृत्व किया. पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. कांग्रेस ने इस मौके पर भी केंद्र पर निशाना साधने का मौका नहीं चूका और कहा किसाल 2014 से पंडित नेहरू की विरासत को बदनाम करने, विकृत करने, नकारने, अपमानित करने और विरासत के ध्वस्त करने के 6डी प्रयास किए जारहे हैं. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें राहुल गांधी नेलिखा कि पंडित नेहरू ने ही अपनी दूरदर्शिता से आजाद भारत की मजबूत नींव रखी थी. उन्होंने लिखा कि सामाजिक न्याय, आधुनिकता, शिक्षा, संविधान और लोकतंत्र में पंडित नेहरू का अतुलनीय योगदान है. कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने नई दिल्ली में शांति वन स्थित पंडितनेहरू की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को दी श्रद्धांजलिकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू कीपुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, जिन्होंने भारत को शून्य से शीर्ष पर पहुंचाया. वह आधुनिक भारत के निर्माता, लोकतंत्र के संरक्षक, उन्होंने भारत कोवैज्ञानिक, आर्थिक और औद्योगिक समेत विभिन्न क्षेत्रों में विकसित किया. उन्होंने लगातार अनेकता में एकता का संदेश दिया। वह हमारी प्रेरणा केस्त्रोत हैं. कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने एक पोस्ट में पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि ‘आज पंडित नेहरू की 61वींपुण्यतिथि है. आधुनिक भारत बनाने में उनका सबसे अहम योगदान है. वे उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं जो एक ऐसे भारत के लिएप्रतिबद्ध हैं जो अपनी समग्र विरासत के साथ एक खुला, उदार और धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र है. नेहरू के लिए, लोकतंत्र ही ऑक्सीजन था जो हमारे जीवनको अर्थ देता था, न कि जन-उत्तेजना। वे न केवल एक उत्कृष्ट सार्वजनिक व्यक्ति थे जिन्होंने इतिहास को पढ़ा, लिखा और निर्णायक रूप से आकारदिया, शायद इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वे एक अच्छे, सभ्य, बड़े दिल वाले, चिंतनशील और महान इंसान थे जिनमें किसी भी तरह कीअसुरक्षा नहीं थी. वे झांसे देने, शेखी बघारने और आडंबरों से दूर रहने वाले थे, जैसा कि हम 26 मई, 2014 से रोजाना देख रहे हैं. प्रियंका गांधी ने भीपंडित नेहरू को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रियंका गांधी ने लिखा कि ‘पंडित नेहरू ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था, जो विज्ञानऔर तकनीक के दम पर आगे बढ़े और आधुनिक दुनिया से प्रतिस्पर्धा करे. इसके लिए उन्होंने दर्जनों शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों, तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक संस्थानों की नींव रखी, जो आज भारत की ताकत की रीढ़ और विकास के स्तंभ हैं.

ऑपरेशन सिंदूर पर बीएसएफ ने की प्रेस कॅान्फ्रेंस,आईजी जम्मू शशांक आनंद बोले बीएसएफ की महिला कर्मियों ने अग्रिम ड्यूटी चौकियों परलड़ाई लड़ी

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर पर बीएसएफ के आईजी जम्मू शशांक आनंद ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ की महिलाकर्मियों ने अग्रिम ड्यूटी चौकियों पर लड़ाई लड़ी. हमारी बहादुर महिला कर्मियों, सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने एक अग्रिम चौकी की कमान संभाली, कांस्टेबल मंजीत कौर, कांस्टेबल मलकीत कौर, कांस्टेबल ज्योति, कांस्टेबल सम्पा और कांस्टेबल स्वप्ना और अन्य ने इस ऑपरेशन के दौरानपाकिस्तान के खिलाफ अग्रिम चौकियों पर लड़ाई लड़ी. पाकिस्तान की ओर से बीएसएफ चौकियों पर ड्रोन हमले और गोलाबारी में हमने बीएसएफके सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार को खो दिया. हम अपनी दो पोस्ट का नामअपने खोए हुए कर्मियों के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेज रहे हैं और एक पोस्ट का नाम ‘सिंदूर’ रखने का प्रस्ताव भेज रहे हैं. बीएसएफ के आईजी जम्मूशशांक आनंद ने कहा कि आतंकियों को आगे करके पाकिस्तानी सेना घुसपैठ कराना चाहती थी. 40 से 50 आतंकी घुसपैठ की कोशिश में थे.फॉरवर्ड पोस्ट को नुकसान पहुंचाने की थी साजिशउन्होंने बताया कि फॉरवर्ड पोस्ट को नुकसान पहुंचाने की साजिश थी बीएसएफ की फॉरवर्ड पोस्ट पर फायरिंग का माकूल जवाब दिया गया ऑपरेशनसिंदूर का प्रहार पाकिस्तान भूल नहीं पाएगा. बीएसएफ के आईजी ने कहा कि आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया गया बीएसएफ ने ऑपरेशनसिंदूर की कार्रवाई का नया वीडियो जारी किया है. बीएसएफ आईजी जम्मू शशांक आनंद ने कहा, “हमें आतंकवादियों के अपने लॉन्चपैड्स औरशिविरों में लौटने और एलओसी और आईबी पर संभावित घुसपैठ के बारे में कई इनपुट मिल रहे हैं सुरक्षा बलों को सतर्क रहना होगा. सीमावर्ती गांवोंमें विश्वास बहाली के उपायों पर बीएसएफ आईजी जम्मू शशांक आनंद कहते हैं, “हम सीमा पर लगातार निगरानी कर रहे हैं. हम सीमावर्ती गांवों मेंरहने वाले किसानों को अपनी फसल काटने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. हमारे किसान कड़ी सुरक्षा के बीच अपनी कृषि गतिविधि करते हैं हम यह भीदेख सकते हैं कि पाकिस्तानी किसान भी अब कृषि गतिविधि कर रहे हैं. हम देख रहे हैं कि सामान्य स्थिति वापस आ रही है सीमा सुरक्षा बल के जवानसीमावर्ती गांवों का दौरा कर रहे हैं और बैठकें, चिकित्सा शिविर और नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं.