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ओडिशा में कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन हादसा, 11 डिब्बे पटरी से उतरे, एक की मौत, कई घायल

ओडिशा के कटक जिले में नेरगुंडी रेलवे स्टेशन के पास कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत होगई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।जिलाधिकारी का बयानकटक के जिलाधिकारी दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने जानकारी दी कि घायलों में से कुछ को रेफर कर बेहतर इलाज के लिए भेजा गया है। उन्होंनेबताया कि हादसे की जांच की जा रही है और राहत कार्य जारी है। ट्रेन की जानकारीहादसे का शिकार हुई ट्रेन 12251 एसएमवीटी बंगलूरू-कामाख्या एसी एक्सप्रेस थी, जो बंगलूरू से असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या स्टेशन जारही थी। दुर्घटना के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रियारेलवे प्रशासन ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था की है। ईस्ट कोस्ट रेलवे के सीपीआरओ अशोक कुमारमिश्रा ने बताया कि राहत कार्य तेजी से किया जा रहा है और प्रभावित यात्रियों की सहायता की जा रही है। राहत एवं बचाव कार्यओडिशा अग्निशमन सेवा और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मी बचाव अभियान में लगे हुए हैं। अग्निशमन सेवा के महानिदेशकसुधांशु सारंगी ने बताया कि घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हेल्पलाइन नंबर जारीरेलवे प्रशासन ने फंसे यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 8455885999 और 8991124238 जारी किए हैं। ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तनरेल प्रशासन ने हादसे के कारण तीन ट्रेनों – धौली एक्सप्रेस, नीलाचल एक्सप्रेस और पुरुलिया एक्सप्रेस – के मार्ग में परिवर्तन किया है। असम सरकार की प्रतिक्रियाअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने हादसे को लेकर ट्वीट किया और कहा कि असम सरकार रेलवे और ओडिशा प्रशासन के संपर्क में है। सरकारप्रभावित यात्रियों की हरसंभव सहायता कर रही है। जांच जारीरेलवे अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना राहत ट्रेन और आपातकालीन चिकित्सा उपकरण भेजे जा चुके हैं। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं, और हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। मैंने ओडिशा में हुए कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की खबर को संगठित और स्पष्ट रूप से हिंदी में पुनः लिख दिया है। यदि आपको इसमें कोईबदलाव या अतिरिक्त जानकारी चाहिए, तो बताएं।

ऑनलाइन ठगों के जाल में फंसे बुजुर्ग दंपति ने की आत्महत्या, तीन महीने तक ब्लैकमेल और धमकियों से टूटकर चुनी मौत, सुसाइड नोट में दोआरोपियों के नाम उजागर

कर्नाटक के बेलगावी जिले के खानापुर तालुक में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ऑनलाइन ठगों के शिकार एक बुजुर्ग दंपति नेआत्महत्या कर ली। 83 वर्षीय डिएगो संतान नाजरेथ और उनकी 80 वर्षीय पत्नी फ्लावियाना ने लगातार तीन महीने तक ब्लैकमेल और धमकियों कोसहने के बाद अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना का दिल दहला देने वाला दृश्यफ्लावियाना का शव उनके घर के अंदर मिला, जबकि डिएगो का शव पानी के टैंक में तैरता हुआ पाया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने नींद कीगोलियां खाकर आत्महत्या की। डिएगो ने पहले अपनी गर्दन दरांती (हंसिया) से काटने की कोशिश की और फिर पानी के टैंक में कूदकर अपनी जान देदी। डिजिटल ठगों के जाल में फंसे बुजुर्गमहाराष्ट्र सरकार में अधिकारी पद से रिटायर हुए डिएगो ने आत्महत्या से पहले एक नोट छोड़ा, जिसमें उनके दर्द और ठगी की पूरी कहानी थी। इस नोटके अनुसार, जनवरी से कुछ ठगों ने खुद को दिल्ली के टेलीकॉम अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया और उनकी मोबाइल सिम के गलत इस्तेमाल काझूठा आरोप लगाया। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी, जिससे वे लगातार डर के साए में जी रहे थे। सुसाइड नोट में ठगों के नाम उजागरआत्महत्या नोट में दो व्यक्तियों का नाम सामने आया—सुमित बिर्रा और अनिल यादव। इन दोनों ने बुजुर्ग दंपति से 5 लाख रुपये ठग लिए और फिरऔर पैसों की मांग शुरू कर दी। ठगों के दबाव में आकर डिएगो ने गोवा और मुंबई में अपने परिचितों से कर्ज लिया और अपनी संपत्तियां बेचने कीकोशिश की। जब वे पूरी तरह आर्थिक रूप से टूट गए, तब उन्होंने यह दर्दनाक कदम उठाया। पुलिस की अपील और जांचबेलगावी के पुलिस अधीक्षक भीमाशंकर गुलेद ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉलया ठगी के मामले को तुरंत पुलिस को सूचित करें। हालांकि, यह बुजुर्ग दंपति किसी से मदद मांगने के बजाय अकेले ही इस परेशानी से जूझता रहा। पुलिस ने आत्महत्या नोट, एक मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई दरांती जब्त कर ली है। मामले की गहन जांच जारी है। अंतिम इच्छा का सम्मान डिएगो और फ्लावियाना की आखिरी इच्छा के अनुसार, उनके शवों को बीआईएमएस मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया गया है। यह घटना न केवलऑनलाइन ठगी के बढ़ते खतरों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे साइबर अपराध निर्दोष लोगों की जिंदगियां बर्बाद कर सकताहै।

बेंगलुरु में दिल दहला देने वाली घटना,पति ने पत्नी की हत्या कर सूटकेस में छिपाया शव

बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 36 वर्षीय राकेश राजेंद्र खेडेकर ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी गौरी अनिल सांबरेकर कीबेरहमी से हत्या कर दी। उसने पहले गौरी को थप्पड़ मारा, फिर चाकू से वार किए और अंत में उसे जिंदा ही सूटकेस में भर दिया। इसके बाद वह पूरीरात सूटकेस के पास बैठकर उससे बातें करता रहा। सुबह होते ही वह सूटकेस को लेकर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। सूटकेस में बंद कर हत्या का प्रयासजांच में सामने आया कि आरोपी ने गौरी को सूटकेस में जिंदा ही भरने की कोशिश की थी। जब सूटकेस का हैंडल टूट गया, तो उसने इसे बाथरूम केपास रख दिया ताकि खून बह सके। फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, क्राइम सीन से मिले सबूत बताते हैं कि गौरी की मौत सूटकेस के अंदर ही हुई थी। पूर्व नियोजित हत्या की आशंकापुलिस अधिकारियों को संदेह है कि यह हत्या अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी। आरोपी खुद को मानसिक रूप से परेशानदिखाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस का मानना है कि वह नाटक कर रहा है। मुंबई से बेंगलुरु का सफर और वैवाहिक तनावराकेश और गौरी एक महीने पहले ही मुंबई से बेंगलुरु आए थे। दोनों निजी कंपनियों में काम करते थे, लेकिन उन्होंने अपनी नौकरियां छोड़ दी थीं।राकेश को बेंगलुरु में वर्क-फ्रॉम-होम की नौकरी मिल गई थी, जबकि गौरी नई नौकरी की तलाश में थी। हत्या की रात की कहानीबुधवार की रात, गौरी ने चावल और ग्रेवी बनाई थी। रात करीब 9 बजे किसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। राकेश ने गुस्से में गौरी को थप्पड़मारा, जिसके जवाब में गौरी ने किचन से चाकू उठाकर उस पर फेंका। इससे राकेश को मामूली चोट आई। फिर, क्रोधित होकर राकेश ने वही चाकूउठाया और गौरी के गले और पेट पर वार कर दिए। सबूतों ने खोला राजगौरी के शरीर पर नाखूनों के निशान मिले, जो दर्शाते हैं कि उसने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की थी। पुलिस को घटनास्थल पर खून और बलगमके निशान मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि गौरी की मौत सूटकेस में दम घुटने से हुई। लाश ठिकाने लगाने की कोशिश हत्या के बाद राकेश ने खून के निशान साफ किए और शव को ट्रॉली सूटकेस में भरकर ले जाने की कोशिश की। जब सूटकेस का हैंडल टूट गया, तोउसने इसे बाथरूम में रख दिया और पूरी रात उसी के पास बैठा रहा। तड़के उसने अपने घर को बाहर से बंद किया और होंडा सिटी कार में फरार होगया।गौरी के भाई को खुद दी हत्या की जानकारीराकेश ने भागते समय पुणे के पास फोन चालू किया और गौरी के भाई गणेश को फोन कर बताया कि उसने गौरी की हत्या कर दी है। इसके बाद उसनेफिर से अपना फोन बंद कर लिया। गणेश ने तुरंत महाराष्ट्र पुलिस को सूचना दी, जिन्होंने बेंगलुरु पुलिस को अलर्ट किया। पड़ोसी को आत्महत्या की झूठी कहानीभागने से पहले राकेश ने अपने पड़ोसी प्रभु सिंह को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली है और पुलिस को सूचित करने के लिएकहा। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो घर अंदर से बंद था। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो गौरी का शव सूटकेस में मिला। मोबाइल लोकेशन से गिरफ्तारीमोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस ने राकेश को महाराष्ट्र के शिरवल से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह पूरी रातअपनी पत्नी की लाश से बातें कर रहा था। लेकिन सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ कि वह रात के बीच में ही घर से निकल गया था। परिवार से अलगाव बना हत्या की वजह?राकेश ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी उस पर हावी थी और उसने उसे बेंगलुरु लाने के लिए दोषी ठहराना शुरू कर दिया था। इससे वह तनावमें था। आत्महत्या की कोशिशगिरफ्तारी से पहले राकेश ने कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि, उसे समय पर अस्पताल पहुंचाया गया और उसकीजान बच गई। अब पुलिस उसे बेंगलुरु लाकर आगे की पूछताछ करेगी। लिव–इन से शादी तक का सफरराकेश और गौरी चार साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे थे और दो साल पहले उन्होंने शादी कर ली थी। हालांकि, पारिवारिक तनाव के कारणउनके रिश्ते में दरार आ गई थी, जो अंततः इस खौफनाक हत्याकांड में बदल गया। ये घटना बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली है।

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के जज विक्रम नाथ की चिंता, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में निवेश पर दिया जोर

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने प्रदूषण की बढ़ती समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चों का ऐसे माहौल में बड़ा होनाअस्वीकार्य है, जहां उन्हें बाहर खेलने के लिए मास्क पहनने की जरूरत पड़े। उन्होंने उत्सर्जन को नियंत्रित करने और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में निवेश करनेकी आवश्यकता पर बल दिया स्वच्छ पर्यावरण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन जरूरीन्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने विज्ञान भवन में आयोजित पर्यावरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन – 2025 के उद्घाटन सत्र में यह विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रदूषणकी समस्या को हल करने के लिए ऐसे समाधान खोजने की जरूरत है, जो आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखें। सरकारकी नीतियों को हरित प्रौद्योगिकियों की ओर केंद्रित किया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। प्रदूषण से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरतन्यायमूर्ति नाथ ने दिल्ली में लगातार उच्च स्तर के प्रदूषण पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, “हमारे बच्चों का ऐसे वातावरण में बड़ा होना उचित नहीं है, जहां उन्हें बाहर खेलने के लिए मास्क की आवश्यकता हो या कम उम्र में श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा हो।” उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें उत्सर्जनको नियंत्रित करने, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में निवेश करने और टिकाऊ परिवहन विकल्पों पर विचार करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए ताकिआर्थिक विकास के साथ पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सके। प्रदूषित नदियों पर जताई चिंताजल प्रदूषण को एक बड़ी समस्या बताते हुए न्यायमूर्ति नाथ ने कहा कि देश की कई पवित्र और ऐतिहासिक नदियां अनुपचारित अपशिष्ट से दूषित होचुकी हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं इन नदियों के किनारों को देखता हूं, तो मुझे पुरानी यादों के साथ-साथ चिंता भी होती है। ये जल कभी कितना स्वच्छऔर जीवंत हुआ करता था, लेकिन अब हम इसे इसके प्राकृतिक रूप में बनाए रखने में असमर्थ दिख रहे हैं।” उन्होंने औद्योगिक अपशिष्ट के उचितनिपटान, सीवेज प्रबंधन को मजबूत करने और स्थानीय समुदायों को नदियों के किनारे स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने को आवश्यककदम बताया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की भूमिका को सराहान्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सराहना करते हुए कहा कि 2010 में अपनी स्थापना के बाद से यह संस्था पर्यावरणसंरक्षण में एक अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि “NGT ने ‘प्रदूषक भुगतान करें’ और ‘एहतियाती सिद्धांत’ को बढ़ावा देकर उद्योगों, सरकारीनिकायों और नागरिकों को प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित किया है।” न्यायमूर्ति नाथ के ये विचार एक स्पष्ट संकेत हैं कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त नीतियों और सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने पर्यावरणीयसंकट को हल करने के लिए सरकार, उद्योगों और नागरिकों को एक साथ आने की अपील की।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 16 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार सुबह से चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। केरलापाल थाना क्षेत्रके जंगलों में जारी इस मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सली मारे गए हैं, जबकि दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। इस साल अब तक 116 से अधिक नक्सलीमारे जा चुके हैं। नक्सलियों की मौजूदगी की मिली थी सूचनापुलिस अधिकारियों के अनुसार, केरलापाल क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिलने के बाद शुक्रवार रात से ऑपरेशन शुरू किया गयाथा। इसमें जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। मुठभेड़ के दौरान अब तक16 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, और तलाशी अभियान अभी भी जारी है। सुरक्षा बलों पर हल्का हमला, दो जवान घायलइस कार्रवाई में दो सुरक्षाकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। बस्तर रेंज केपुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने जानकारी दी कि मौके से हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई है, और मारे गए नक्सलियों की पहचान कीजा रही है। गृह मंत्री अमित शाह का बयानगृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “नक्सलवाद पर एक और प्रहार! हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में 16 नक्सलियों को मार गिराया और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के लिए संकल्पित हैं।” छत्तीसगढ़ में लगातार जारी हैं नक्सल विरोधी अभियानबीते गुरुवार को भी बीजापुर और कांकेर जिलों में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से अधिक नक्सलियों को मार गिराया था। वहीं, वर्ष2024 में अब तक 219 नक्सली मारे जा चुके हैं। केंद्र सरकार के 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य के तहत राज्य में लगातार अभियानचलाए जा रहे हैं। ‘रेड कॉरिडोर’ में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ीबस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव और सुकमा जैसे क्षेत्रों को नक्सल प्रभावित माना जाता है। यहां हजारों की संख्या मेंसुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। यह क्षेत्र ‘रेड कॉरिडोर’ के रूप में जाना जाता है, जहां सरकार माओवादियों के गढ़ को कमजोर करने के लिए लगातारअभियान चला रही है। सरकार की रणनीति और विकास कार्यों पर जोरसरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे औरकई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। माओवादी गढ़ में लगातार दबाव बना रही पुलिससुरक्षा बलों ने नक्सलियों के मुख्य इलाकों में 17 नए शिविर स्थापित किए हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के 4,000 वर्ग किलोमीटर केअबूझमाड़ जंगल भी शामिल हैं। यह इलाका लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ बना हुआ है और इसे माओवादियों का अंतिम ठिकाना कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से संकेत मिलता है कि सुरक्षा बल नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

चीफ वर्क इंजीनियर एस.एन. मिश्रा की हत्या, पुलिस जांच में जुटी

मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस के चीफ वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नाथ मिश्रा की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना प्रयागराज केपुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के बम्हरौली इलाके में स्थित वायुसेना कॉलोनी की है, जहां अज्ञात हमलावर ने उन्हें खिड़की से गोली मार दी। इस वारदात केबाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। घटना की प्रारंभिक जांच और पुलिस की कार्रवाईपुलिस आयुक्त अजय पाल शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह स्वयं और डीसीपी सिटी मौके पर पहुंचे और सबूत एकत्र किए।प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि इस हत्या में एक ही हमलावर शामिल था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। एक फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को दीवार फांदते और सुरक्षा तार काटते हुए देखा गया है। पुलिस उसव्यक्ति की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की दिशा में काम कर रही है। सुरक्षा पर उठे सवालयह घटना वायुसेना परिसर के भीतर हुई है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले कोप्राथमिकता से देख रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की योजना बनाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और वायुसेना अधिकारी भी सतर्कहो गए हैं और निगरानी बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। कैसे हुई वारदात?शनिवार तड़के करीब 3:00 बजे किसी ने सत्येंद्र नाथ मिश्रा के घर का दरवाजा खटखटाया। जब उन्होंने खिड़की खोलकर बाहर झांका, तभी हमलावरने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल मिश्रा को तुरंत मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हमलावर की पहचान और जांचजांच में यह सामने आया है कि वारदात से पहले हमलावर ने सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए थे और अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था। प्रारंभिकजांच के अनुसार, एक ही व्यक्ति इस अपराध में शामिल था। डीसीपी अभिषेक भारती ने बताया कि संदिग्ध की पहचान के प्रयास जारी हैं और जल्दही आरोपी को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस हत्या ने पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है, और पुलिस इस मामले को जल्द सुलझाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।

एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी के बाद कुणाल कामरा पर तीन मामले दर्ज, पुलिस की जांच जारी

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर विवादित टिप्पणी करने के कारण स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उनकेखिलाफ खार पुलिस स्टेशन में तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन मामलों में उन पर आपत्तिजनक बयान देने के आरोप लगाए गए हैं। तीन अलग-अलग शिकायतें दर्जखार पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों में एक शिकायत जलगांव शहर के मेयर की ओर से दी गई है। इसके अलावा, नासिक के एक होटल व्यवसायी औरएक व्यापारी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई कर सकती है। पुलिस के समन को कर रहे हैं नजरअंदाज?पुलिस ने कुणाल कामरा को दो बार पूछताछ के लिए समन भेजा है। पहले समन पर उन्होंने पुलिस से एक सप्ताह का समय मांगा था, जिसे अस्वीकारकर दिया गया। इसके बाद उन्हें दूसरा समन भेजा गया और 31 मार्च को सुबह 11 बजे तक खार पुलिस स्टेशन में हाजिर होने का निर्देश दिया गया।हालांकि, कामरा ने 2 अप्रैल तक का समय मांगा, जिसे पुलिस ने ठुकरा दिया। क्या है पूरा विवाद?स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया और ‘गद्दार’ शब्दका इस्तेमाल किया। इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए हंगामा किया। इतना ही नहीं, जिस स्टूडियो में यह वीडियो शूटकिया गया था, वहां भी तोड़फोड़ की गई। कामरा पर बढ़ते कानूनी दबाव के बीच यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस लगातार उनसे पूछताछ के लिए बुला रही है, लेकिन अब तकवह हाजिर नहीं हुए हैं।

एटीएम से नकद निकासी महंगी, कांग्रेस ने सरकार पर लगाया ‘लूट’ का आरोप

बैंकों द्वारा एटीएम से नकद निकासी पर शुल्क एक मई से बढ़ाया जा रहा है, जिसमें प्रति लेनदेन दो रुपये की वृद्धि की गई है। इस फैसले को लेकरकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने बैंकों को “लूट का कलेक्शन एजेंट” बना दिया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही हैं और बेतहाशा महंगाई तथा बैंक शुल्कों की मनमानी वसूलीभाजपा का मूल मंत्र बन चुका है। खरगे ने कहा कि अब एटीएम से नकद निकासी महंगी हो जाएगी, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि2018 से 2024 के बीच बचत और जन धन खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने के कारण सरकार ने करीब 43,500 करोड़ रुपये की वसूली की है।इसके अलावा, उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा विभिन्न शुल्क भी लगाए जा रहे हैं, जैसे निष्क्रिय खाते पर सालाना 100 से 200 रुपये, बैंक स्टेटमेंट केलिए 50 से 100 रुपये, एसएमएस अलर्ट सेवा के लिए प्रति तिमाही 20 से 25 रुपये, ऋण प्रसंस्करण शुल्क 1 से 3 प्रतिशत, समय से लोन चुकानेपर भी प्री-क्लोजर चार्ज, एनईएफटी और डिमांड ड्राफ्ट पर अतिरिक्त शुल्क और केवाईसी अपडेट में हस्ताक्षर बदलने पर भी शुल्क वसूला जाता है। उन्होंने सरकार की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले इन शुल्कों से प्राप्त राजस्व का डेटा संसद में पेश किया जाता था, लेकिन अबइसे यह कहकर रोक दिया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ऐसे आंकड़े नहीं रखता। वहीं, आरबीआई ने बैंकों को एटीएम से नकदी निकासीशुल्क बढ़ाने की अनुमति दी है, जिससे अब ग्राहकों को प्रत्येक अतिरिक्त लेनदेन पर 19 रुपये चुकाने होंगे। हालांकि, बैंक अपने ग्राहकों को हर महीनेकुछ निःशुल्क लेनदेन की सुविधा देते हैं, जिसमें मेट्रो शहरों में तीन और गैर-मेट्रो शहरों में पांच मुफ्त ट्रांजेक्शन शामिल हैं। कांग्रेस ने इस वृद्धि को आमजनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की है।

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स पीस कमीशन ने भाजपा नेत्री रुबी फोगाट को किया सम्मानित,भारत के लिए गर्व और सम्मान का क्षण

भारत में यह गर्व और सम्मान का क्षण है कि भाजपा नेत्री रूबी फोगाट यादव को इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स पीस कमीशन (IHRPC), फ्लोरिडा, यूएसए के ब्रांड एंबेसडर के रूप में सम्मानित किया गया. यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें माननीय डॉ. मार्क बर्न्स, जो अमेरिकी राष्ट्रपति महामहिम डोनाल्डजे. ट्रंप के सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं उनके द्वारा प्रदान किया गया. इस खास अवसर पर ग्लोबल पीस एंबेसडर डॉ. एल्विन रोलैंड टिमोथी, IHRPC के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जाविद हुसैन, समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहें. IHRPC के अन्य सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों की भी उपस्थिति रही. दरअसल यह भव्य समारोह नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित किया गया. यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक गहरी जिम्मेदारी है किहम एक ऐसे विश्व के निर्माण में योगदान दें जहाँ शांति, न्याय, समानता और मानव गरिमा सर्वोपरि हों. इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए मार्क को धन्यवादमैं इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए माननीय डॉ. मार्क बर्न्स और IHRPC का हृदय से धन्यवाद करती हूँ.इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धिकेवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है बल्कि यह नए भारत की वैश्विक नेतृत्व में बढ़ती भूमिका का प्रमाण है जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी केदूरदर्शी नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है.भारत हमेशा से “वसुधैव कुटुंबकम” – “संपूर्ण विश्व एक परिवार है” और यह हमेशा महान विचारधारा को आत्मसातकरता रहा है. रूबी फोगाट यादव ने मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस महान उद्देश्य के लिएनिरंतर कार्य करने का संकल्प लिया. यह सम्मान उन सभी व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो वैश्विक स्तर पर शांति और न्याय को बढ़ावा देने केलिए समर्पित हैं.

महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को 2500 रुपए देने का दिल्ली सरकार ने किया था वादा, आप नेता आतिशी ने पीएम मोदी पर साधानिशाना

भाजपा को चुनाव के दौरान दिल्लीवालों से किए गए उसके वादे को याद दिलाना पसंद नहीं है शुक्रवार को सदन में आम आदमी पार्टी के विधायकों नेजब महिलाओं को 2500 रुपए देने के वादे की याद दिलाई तो भाजपा भड़क गई और स्पीकर ने ‘‘आप’’ विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया. सदन से बाहर निकाले जाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने ‘2500 रुपए कब आएंगे. प्ले कार्ड के साथ विधानसभापरिसर में जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की. आतिशी ने कहा कि मोदी जी ने महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च तक उनके खाते में 2500 रुपएआ जाएंगे.लेकिन भाजपा सरकार ने यह वादा पूरा नहीं किया. अब साबित हो गया कि भाजपा का 2500 रुपए देने का कोई इरादा नहीं है और मोदीजी ने झूठ बोलकर महिलाओं को धोखा दिया. आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता व देशके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि आठ मार्च तक उनके खातों में 2,500 रुपये जमा कर दिए जाएंगे। मोदी जी नेकहा था कि आठ मार्च को दिल्ली की महिलाओं के फोन पर 2,500 रुपए क्रेडिट होने का मैसेज आएगा. आठ मार्च आई और चली गई लेकिनमहिलाओं के खाते में एक रुपए नहीं आया. दिल्ली की भाजपा सरकार ने मोदी जी का वादा पूरा नहीं किया और पूरे देश के सामने यह बात साबित होगई कि मोदी जी ने झूठ बोला था. मोदी जी का झूठ देख रहा पूरा देशआतिशी ने कहा कि मोदी जी का झूठ अब दिल्ली की महिलाओं के साथ-साथ पूरा देश देख रहा है. जब हमने दिल्ली विधानसभा के सदन में सवालपूछा कि महिलाओं के खातों में 2,500 रुपए कब आएंगे. तो भारतीय जनता पार्टी ने कोई जवाब नहीं दिया. भाजपा ने इसकी समय समय सीमाबताने से भी इन्कार कर दिया. जब हमारे विधायकों ने सदन में महिलाओं के खाते में 2,500 रुपए आने की तारीख पूछी तो एक-एक करके सभीविधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया. इसका मतलब साफ है कि आठ मार्च को भाजपा की सरकार ने दिल्ली की महिलाओं को न पैसे दिएऔर ना ही आगे भी पैसे देने का इनका इरादा है. आज दिल्ली व देश के सामने यह साफ हो गया कि मोदी जी ने दिल्ली की महिलाओं को झूठ बोलाऔर मोदी की गारंटी के नाम पर जुमला दिया और दिल्ली के लोगों को धोखा दिया. आतिशी ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपए देने से भागनेऔर इस मुद्दे से दिल्ली की जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा जगहों के नाम बदलने की बात कर रही है। भाजपा महिलाओं को 2500 रुपएनहीं दे पा रही है तो मुस्तफाबाद का नाम बदलने की बात कहती है. काम के वक्त पर सड़को का बदलते है नामजब वह मुफ्त सिलेंडर नहीं दे पाएगी तो फिर अकबर रोड का नाम बदलेगी. जब 50 हजार नौकरियां नहीं दे पाएगी तो कहेगी कि हिमायू रोड का नामबदलेंगे. जिस दिन पुजारियों-ग्रंथियों को पैसा नहीं दे पाएंगे उस दिन नजफगढ़ का नाम बदलने की बात कहेंगे. भाजपा चाहती है कि 2500 रुपए यामुफ्त सिलेंडर पर चर्चा न हो. बल्कि मुस्तफाबाद पर चर्चा हो. आतिशी ने कहा कि लोगों को ध्यान भटकाने के लिए जगहों के नाम बदलने का भाजपाका यह एक तरीका है. अपने वादों से भागने का तरीका है. भाजपा ने झूठे वादे किए उससे ध्यान भटकाने का यह तरीका है. लेकिन हम जिम्मेदार विपक्षहोने के नाते भाजपा की दिल्ली सरकार की जवाबदेही तय करके रहेंगे और जब तक दिल्ली की महिलाओं के पास 2500 रुपए नहीं आते हैं. फ्रीसिलेंडर नहीं मिल जाते, 50 हजार नौकरियां और पुजारियों को 20 हजार रुपए का मानदेय नहीं मिलता है. तब तक हम भाजपा को उसके वादे याददिलाते रहेंगे.