लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी ने बीजेपी पर लगाया आरोप, कहा न तो यूपी में हिंदू है सुरक्षित “न ही मुस्लिम”

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मेंन तो हिंदू सुरक्षित हैं और न ही मुसलमान दरअसल उनका कहना था कि जो बयान मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर दिए जा रहे हैं वे पूरी तरह सेसत्यता से परे हैं. सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जितने हिंदू सुरक्षित हैं उतने ही मुसलमान भी सुरक्षित नहीं हैं.इसको लेकर उनका कहना थाकि बीजेपी की सरकार आने के बाद से प्रदेश में दोनों समुदायों के लोग असुरक्षित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों को अपने त्योहार मनाने मेंदिक्कतें हो रही हैं. और सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. लोकदल अध्यक्ष ने सरकार को घेरते हुए कई अन्य मुद्दों पर भी पलटवारकिया. उन्होंने कहा, “8 वर्षों में सरकार ने किसानों की स्थिति पर कोई काम नहीं किया. गन्ना किसानों के गन्ने के मूल्य में कोई स्पष्टता नहीं है. बेरोजगारों को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं और महंगाई आसमान छू रही है.सुनील सिंह ने भाजपा पर लगाए आरोपसुनील सिंह ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह हिंदू-मुसलमान के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और समाज के असल मुद्दों से ध्यानहटा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में रामपुर, संभल जैसे इलाकों में दंगे हो चुके हैं और मुसलमानों की बस्तियों में जाकर देखा जाए तो वहां कीस्थिति बहुत खराब है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मुसलमानों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है और उन्हें एकतरफा कार्रवाई काशिकार बनाया जा रहा है.इसको लेकर उनका कहना था कि मौजूदा भाजपा सरकार अल्पसंख्यक विरोधी है और मुसलमानों के मानवाधिकारों काउल्लंघन किया जा रहा है. सुनील सिंह ने अंत में यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां और मानवाधिकार आयोग ने यह रिपोर्ट किया है कि 2017 केबाद से उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है. उन्होंने प्रदेश में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर गंभीरसवाल उठाए हैं.
यूपी में शराब नीति पर आम आदमी पार्टी का हमला, भाजपा से मांगा स्पष्ट रुख

आम आदमी पार्टी (AAP) ने उत्तर प्रदेश में शराब की एक बोतल पर एक फ्री देने की नीति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधाहै। पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भाजपा से स्पष्ट रुख की मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलग-अलग राज्यों में शराब कोलेकर अलग-अलग बयान देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली में शराब नीति का विरोध किया था, लेकिन यूपी में यही नीति सही लगरही है। शराब नीति पर भाजपा का रुख स्पष्ट करेप्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह शराब नीति को लेकर क्या सोचती है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्रप्रदेश में सस्ती शराब देने की बात करते हैं, उत्तराखंड में घर में बार खोलने का सुझाव देते हैं, लेकिन गुजरात और बिहार में शराब को बैन करने की बातकरते हैं। यूपी में 13 नए शराब ठेके खुल रहे हैं और एक बोतल पर एक फ्री दिया जा रहा है।” दिल्ली में विरोध, यूपी में समर्थनआम आदमी पार्टी ने भाजपा के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दिल्ली में शराब नीति के तहत कुछ दुकानों ने खुद से ‘वन प्लस वन’ ऑफर दिया था, तब भाजपा ने इसे घोटाला करार दिया था। वहीं, यूपी में यही नीति अपनाए जाने पर भाजपा चुप है। शराब माफियाओं से चंदा लेने का आरोपप्रियंका कक्कड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने शराब माफियाओं से मोटा चंदा लिया है, इसलिए वह इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने सवाल किया किभाजपा नेता, जो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार पर हमले कर रहे थे, अब यूपी में ‘वन प्लस वन’ शराब नीति पर क्यों चुप हैं? नवरात्रि के दौरान शराब का प्रमोशन, योगी सरकार की चुप्पीप्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा खुद को सनातन धर्म का रक्षक बताती है, लेकिन नवरात्रि के समय यूपी में शराब पर प्रमोशनल ऑफर दिया जारहा है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वे शराब माफियाओं के साथ साठगांठ के कारण चुप हैं? भाजपा को देना होगा जवाबAAP प्रवक्ता ने मांग की कि भाजपा इस नीति पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि यूपी में इसे क्यों लागू किया गया। उन्होंने कहा कि यदिभाजपा इसे सही मानती है, तो फिर दिल्ली में इसे घोटाला क्यों बताया गया था?
संसदीय समिति की रिपोर्ट, स्कूल शिक्षा में सुधार के लिए RTE विस्तार, शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति और नाश्ता योजना की सिफारिश

नई दिल्ली: संसद की स्थायी समिति, जिसकी अध्यक्षता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं, ने स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से संबंधित अनुदान मांगरिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नीति में आवश्यक बदलाव लाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी गई हैं। विद्यालयों को बंद होने से बचाने के लिए नीति निर्माणसमिति ने सिफारिश की है कि विद्यालयों के बंद होने को रोकने के लिए एक स्पष्ट नीतिगत ढांचा तैयार किया जाए। RTE की उम्र सीमा बढ़ाने का सुझावशिक्षा का अधिकार (RTE) वर्तमान में 6 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों तक सीमित है। समिति ने इसे 3 वर्ष से 18 वर्ष तक विस्तारित करने कीसिफारिश की है। राज्यों को लंबित राशि जारी करने की सिफारिशसमग्र शिक्षा अभियान के तहत तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारों को लंबित भुगतान तुरंत जारी करने की मांग की गई है। भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष कार्यक्रमसमिति ने सिफारिश की है कि राज्यों में भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष कार्यक्रम लागू किए जाएं, जिससे सभी बच्चों को उनकी मातृभाषा मेंशिक्षा का अवसर मिल सके। आंगनवाड़ी और बाल वाटिकाओं के लिए राष्ट्रीय मिशनराष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रधानमंत्री की देखरेख में एक राष्ट्रीय स्तर का मिशन बनाया जाए, जिससे आंगनवाड़ी और बाल वाटिकाओं केएकीकरण को गति मिले। संविदात्मक शिक्षकों की नियुक्ति समाप्त करने की योजनासमिति ने अगले पांच वर्षों में शिक्षकों की संविदात्मक नियुक्तियों को समाप्त करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की सिफारिश की है। PM POSHAN योजना के तहत नाश्ता शामिल करने की मांगप्रधानमंत्री पोषण योजना (PM POSHAN) के अंतर्गत मिड-डे मील के साथ नाश्ता भी उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई है। PM SHRI योजना से JNV और KV को अलग करने की सिफारिश समिति ने जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) और केंद्रीय विद्यालय (KV) को प्रधानमंत्री श्री योजना (PM SHRI) के दायरे से बाहर करने कीसिफारिश की है।NIPUN Bharat योजना के विस्तार की मांगसमिति ने निपुण भारत योजना (NIPUN Bharat) की अवधि 2032 तक बढ़ाने और मौखिक पठन प्रवाह (Oral Reading Fluency) परविशेष ध्यान देने का सुझाव दिया है। इन सिफारिशों के आधार पर सरकार द्वारा आवश्यक निर्णय लिए जाने की संभावना है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जा सके।
सीएम योगी के बयान पर विपक्ष हमलावर, सपा-कांग्रेस ने लगाए समाज में तनाव बढ़ाने के आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में संभल, मथुरा और बुलडोजर एक्शन को लेकर खुलकर बात की। उनके इसबयान के बाद विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उन पर समाज में तनाव फैलाने का आरोप लगाया। विपक्ष का हमला: “योगी तनाव बढ़ा रहे हैं”सपा सांसद रामजी लाल सुमन का बयान समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मथुरा और काशी जैसे मुद्दों पर कानून कोअपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जो समाज में तनाव पैदा करें।” सपा सांसद राजीव राय की प्रतिक्रियासपा के सांसद राजीव राय ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “योगी को कोर्टके आदेश का इंतजार करना चाहिए और धमकी देना बंद करना चाहिए।” कांग्रेस सांसद राजीव रंजन का तंजकांग्रेस सांसद राजीव रंजन ने यूपी में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “सीएम जो बोलते रहते हैं, उससे रोजगार नहीं मिलता। संभल कीघटना में लॉ एंड ऑर्डर की धज्जियां उड़ गईं।” उन्होंने योगी को “बेचारा” बताते हुए कहा कि उन्हें अपने किए गए कामों पर ध्यान देना चाहिए। सपा प्रवक्ता अमीक जमई का बयानसमाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जमई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “मुसलमान सुरक्षित हैं” वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, “2017 के बाद मुस्लिम समुदाय पर सबसे अधिक हमले हुए हैं। फेक एनकाउंटर किए गए, कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है।” उन्होंने मथुरा मस्जिद विवाद परसीएम योगी की टिप्पणी को लेकर कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन हो रहा है, ऐसे में मुख्यमंत्री को इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। डिंपल यादव का हमला: “जनता के मुद्दों से ध्यान भटका रही भाजपा”समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने योगी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, “यूपी में बेटियों पर अत्याचार बढ़ रहा है, हालात बिगड़ते जा रहेहैं। लेकिन भाजपा पुरानी बातें करने और गड़े मुर्दे उखाड़ने में लगी रहती है।” उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के असली मुद्दों पर बात करने से बच रहीहै। आरजेडी सांसद मनोज झा की प्रतिक्रियाआरजेडी सांसद मनोज झा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को “नमूना” कहने पर सीएम योगी की आलोचना की। उन्होंने कहा, “योगीआदित्यनाथ का दृष्टिकोण बहुत संकीर्ण है। उन्हें संविधान और लोकतंत्र की परवाह नहीं है। यह चिंताजनक है कि ऐसे लोग सत्ता में बैठे हैं।” मथुरा मस्जिद विवाद परमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मथुरा श्री कृष्ण की जन्मभूमि है। हम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं, वरना वहां बहुत कुछ हो गया होता।सनातन हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण स्थान हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।” संभल में खुदाई परसंभल में जारी खुदाई के संदर्भ में उन्होंने कहा, “हमने 54 तीर्थ स्थलों की पहचान कर ली है। जो भी ऐतिहासिक स्थलों को ढूंढना होगा, हम निकालेंगेऔर पूरी दुनिया को दिखाएंगे कि संभल में क्या हुआ था।” बुलडोजर कार्रवाई परयोगी आदित्यनाथ ने कहा, “जो कानून को अपने हाथ में लेते हैं, उन्हें कानून के दायरे में रहकर सबक सिखाया जाएगा। जो जैसा समझेगा, उसे उसीभाषा में समझाया जाएगा।”
मुरादाबाद में सांप्रदायिक तनाव: कुत्ते को पत्थर मारने के विवाद में झड़प, चार गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी थाना क्षेत्र के बहादरपुर गांव में एक पालतू कुत्ते को पत्थर मारने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद होगया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और लाठी-डंडे चले। इस दौरान पथराव भी हुआ, जिसमें कई लोग घायल होगए। पुलिस की त्वरित कार्रवाईसूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और कई लोगों को हिरासत मेंलिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) राजेश तिवारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। विवाद की शुरुआतइस मामले में विनोद कुमार कश्यप ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम 7:00 बजे उनका पालतू कुत्ता मस्जिद की ओरचला गया, जिस पर ईशान नाम के व्यक्ति ने उसे पत्थर मार दिया। जब विनोद और उनके परिवार ने इसका विरोध किया, तो विवाद शुरू हो गया।हालांकि, उस समय कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। रात 9:20 बजे तरावीह की नमाज के बाद कुछ लोग लाठी-डंडों के साथ कीर्तन स्थल पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब विनोद और उनकेभतीजे विकास ने विरोध किया, तो आरोपियों ने हमला कर दिया। विनोद का आरोप है कि ईशान और रफीक ने उनका गला दबाने की कोशिश की, जबकि अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया और पथराव किया। पुलिस ने दर्ज किया केस, चार आरोपी गिरफ्तारपुलिस ने विनोद कुमार की तहरीर पर 16 नामजद और 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की। नामजद आरोपियों मेंअसलम, शरीफ, रफीक, ईशान, मिसबाबुल, अकरम, शकील, तौफीक, सफीक, अल्ली, फिरासत, इरफान, शफीक, रिजवान, सलीम के बेटे सहितअन्य शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—असलम, ईशान, शफीक और रफीक—को गिरफ्तार कर लिया और उनका मेडिकलपरीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया। गांव में पुलिस बल तैनातघटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहींबरतना चाहता और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है। थाना प्रभारी अमरनाथ वर्मा ने गांव का निरीक्षण किया और लोगों से शांति बनाएरखने की अपील की। सीओ का बयानपुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश तिवारी ने बताया कि कुत्ते को पत्थर मारने के विवाद के बाद झड़प हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरूकर दी है और एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
राणा सांगा पर विवाद: अखिलेश यादव ने दी सफाई, भाजपा पर इतिहास के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान के बाद उठे विवाद पर अब पार्टी प्रमुख अखिलेशयादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरताऔर राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठा रही है। ऐतिहासिक पुरुषों के सम्मान पर समाजवादी पार्टी की नीतिअखिलेश यादव ने कहा कि सपा हमेशा सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना में विश्वास करती है। पार्टी का उद्देश्य कमजोर सेकमजोर व्यक्ति को भी सम्मान दिलाना है, न कि किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व या समाज का अपमान करना। उन्होंने दोहराया कि पार्टी मेवाड़ के राजाराणा सांगा की वीरता का सम्मान करती है और उनके प्रति पूरी आस्था रखती है। भाजपा पर इतिहास को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोपअखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ऐतिहासिक घटनाओं की एकतरफा व्याख्या करके उन्हें राजनीतिक लाभ के लिएइस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि हमारे सांसद ने केवल इतिहास की एकतरफा लिखी गई व्याख्या का उदाहरण दिया था। लेकिन भाजपा इस मुद्देको जातिगत और धार्मिक आधार पर तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास कर रही है। इतिहास की व्याख्या और लोकतांत्रिक व्यवस्थाअखिलेश यादव ने आगे कहा कि ऐतिहासिक घटनाओं को आज की परिस्थितियों के आधार पर नहीं समझा जा सकता। उन्होंने कहा कि राज-काज केफैसले उस समय की परिस्थितियों के अनुसार लिए जाते थे, और इतिहास के आधार पर वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं चलाया जा सकता।भाजपा सरकार को जनता के रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वह समाज में विभाजन पैदाकरे। रामजी लाल सुमन के घर पर हमला, बेटे ने करणी सेना पर लगाया आरोपइस बीच, सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर तोड़फोड़ और पथराव की घटना हुई। इस पर उनके बेटे रंजीत सुमन ने कहा कि करणी सेना केलोग इस हमले में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही थीं, और अब यह हमला कर दियागया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। रंजीत सुमन ने कहा कि घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हो रहा था, फिर भी इस तरह की घटना हुई। उन्होंने इस हमले के पीछेकिन तत्वों का हाथ हो सकता है, इस पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार सांसद इंजीनियर राशिद, दिल्ली हाई कोर्ट से संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति

दिल्ली हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद (अब्दुल राशिद शेख) को टेरर फंडिंग मामले में हिरासत में रहते हुए संसद सत्र में भाग लेनेकी अनुमति दे दी है। जस्टिस चंद्रधारी सिंह और जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने आदेश दिया कि पुलिस 26 मार्च से 4 अप्रैल के बीच हरदिन राशिद को संसद ले जाएगी और कार्यवाही समाप्त होने के बाद वापस जेल ले आएगी। कड़ी पाबंदियां लागूकोर्ट के फैसले के अनुसार, सांसद राशिद पर कई पाबंदियां लागू रहेंगी,उन्हें मोबाइल फोन या इंटरनेट का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। वहमीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं कर सकेंगे। संसद की कार्यवाही समाप्त होते ही उन्हें तुरंत जेल लौटना होगा। 2017 से टेरर फंडिंग मामले में जेल मेंइंजीनियर राशिद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी वित्त-पोषण के आरोप हैं। उन्हें 2017 में गिरफ्तारकिया गया था और फिलहाल इस मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इससे पहले, 10 मार्च को निचली अदालत ने उन्हें संसद की कार्यवाही मेंशामिल होने के लिए अभिरक्षा पैरोल या अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। AIP नेता ने फैसले का स्वागत कियाआवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) के प्रवक्ता इनाम उन नबी ने हाई कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है।उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “तमाम बाधाओं के बावजूद, उत्तरी कश्मीर के लोगों की आवाज़ संसद में गूंजेगी।” NIA ने किया था याचिका का विरोधराष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में राशिद की याचिका का विरोध किया था। उन्होंने तर्क दिया कि किसी सांसद का संसद सत्रमें भाग लेना संवैधानिक अधिकार नहीं है, विशेष रूप से तब जब उस पर गंभीर आरोप हों। उन्होंने आशंका जताई कि अगर राशिद संसद में कोईराजनीतिक बयान देते हैं, तो इससे समस्या उत्पन्न हो सकती है।
लोकसभा में बोलने से रोका गया: राहुल गांधी का आरोप, स्पीकर ने आचरण सुधारने की दी नसीहत

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन के बाहर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी वह लोकसभा में बोलने केलिए खड़े होते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब सदन की कार्यवाही उनके बोलने से पहले ही स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ने दी थी नियमों के पालन की नसीहतलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन के नियमों और आचरण का पालन करने की सलाह दी थी। राहुल गांधी इस पर अपनीप्रतिक्रिया देना चाहते थे, लेकिन इससे पहले ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें अवसर नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने संसद से बाहर आकर मीडिया सेबातचीत में कहा कि उन्हें सदन में बोलने से रोका जा रहा है। सदन की गरिमा बनाए रखने की अपीललोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के सदस्यों से उच्च मानदंड बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ घटनाएं हुई हैं, जोसदन की मर्यादा और परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा, “सदन में पिता-पुत्री, मां-बेटी और पति-पत्नी सदस्य रहे हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष से यह अपेक्षा की जाती है कि वे लोकसभा के नियमों केतहत आचरण करें और सदन की प्रतिष्ठा बनाए रखें।” राहुल गांधी पर विशेष टिप्पणीलोकसभा अध्यक्ष ने विशेष रूप से राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष से मर्यादा और अनुशासन की उच्च अपेक्षा कीजाती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता को ऐसा आचरण करना चाहिए जो सदन की परंपरा के अनुरूप हो। ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी सदस्यों को संसदीय नियमों का पालन करना चाहिए औरशालीनता बनाए रखनी चाहिए।
कुणाल कामरा पर विवाद गहराया, पुलिस ने भेजा दूसरा समन

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर विवादित कविता सुनाने के बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मुंबईकी खार पुलिस ने कामरा को दूसरा समन जारी कर पूछताछ के लिए हाजिर होने का आदेश दिया है। इससे पहले पुलिस ने उन्हें मंगलवार सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन कामरा हाजिर नहीं हुए। उन्होंने एक हफ्ते की मोहलत मांगी, जिसे पुलिस ने ठुकरा दिया। स्टूडियो से जुड़े लोगों से भी पूछताछपुलिस फिलहाल The Habitat स्टूडियो के स्टाफ और वहां मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर रही है। इसी स्टूडियो में कुणाल कामरा ने एकनाथ शिंदेपर विवादित कविता सुनाई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस वीडियो के बाद शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं नेस्टूडियो में तोड़फोड़ की, जिसके चलते कई लोगों पर मामला दर्ज किया गया। क्या है पूरा मामला?अपने स्टैंडअप कॉमेडी शो में कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहा था। उनके इस बयान पर शिवसेना कार्यकर्ताओंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा’ – कुणाल कामराविवाद बढ़ने के बाद कुणाल कामरा ने एक बयान जारी कर कहा कि वे माफी नहीं मांगेंगे। इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा—“मैं इस भीड़ से नहीं डरता और न ही अपने बेड के नीचे छिपकर शांत होने का इंतजार करूंगा। मैंने वही कहा, जो अजीत पवार (फर्स्ट डिप्टी सीएम) नेएकनाथ शिंदे (दूसरे डिप्टी सीएम) के बारे में कहा था।” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी साधा निशानाकामरा ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर व्यंग्य किया। उन्होंने एक गाने की पैरोडी बनाकरउनकी नीतियों पर सवाल उठाए। क्या कहा कामरा ने?आपका टैक्स का पैसा हो रहा है हवा हवाई,इन सड़कों की बर्बादी करने सरकार है आई।मेट्रो है इनके मन में खोद कर लें अंगड़ाई,ट्रैफिक बढ़ाने ये है आई, ब्रिजेस गिराने ये है आई।कहते हैं इसको तानाशाही। उन्होंने आगे गाया—“देश में इतनी महंगाई, सरकार के साथ है आई।लोगों की लूटने कमाई, साड़ी वाली दीदी आई।सैलरी चुराने ये है आई, मिडिल क्लास दबाने ये है आई।पॉपकॉर्न खिलाने ये है आई, कहते हैं इसको निर्मला ताई।” शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने किया हंगामाकामरा का वीडियो वायरल होने के बाद शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने The Habitat स्टूडियो में जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस घटनापर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या होगा आगे?कुणाल कामरा को अब पुलिस पूछताछ के लिए जल्द हाजिर होना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन के बयान पर बवाल, करणी सेना का हंगामा

सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा पर दिए गए बयान को लेकर करणी सेना ने उनके घर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरानप्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो वे उग्र हो गए और तोड़फोड़ करने लगे।भगदड़ के बीच पथराव भी हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सांसद के घर के बाहर हिंसा, पुलिस पर हमलाकरणी सेना के कार्यकर्ता सांसद रामजीलाल सुमन के आवास का घेराव करने पहुंचे थे। पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिनप्रदर्शनकारी आवास के मुख्य द्वार तक पहुंच गए। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और पुलिस पर कुर्सियां और डंडे फेंके गए। हमले में एक इंस्पेक्टरसहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सुबह से चल रही थी तैयारी, बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताकरणी सेना के कार्यकर्ता सुबह से ही विरोध प्रदर्शन की तैयारी में थे। एत्मादपुर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने कीकोशिश की। इसके बावजूद, दोपहर में करणी सेना के सदस्य सपा सांसद के हरीपर्वत स्थित आवास तक पहुंच गए, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। दिल्ली हाईवे पर भी जाम, पुलिस ने किया बल प्रयोगघटना के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली हाईवे को भी जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति पर काबू पाया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। क्या कहा था रामजीलाल सुमन ने?राज्यसभा में अपने बयान में रामजीलाल सुमन ने कहा था, “अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदू गद्दार राणा सांगा के वंशजहोने चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि बाबर को भारत लाने में राणा सांगा की भूमिका थी, इसलिए अगर मुसलमानों को बाबर की संतान कहा जाताहै, तो हिंदुओं को भी यह स्वीकार करना चाहिए कि वे राणा सांगा के वंशज हैं। बयान पर तीखी प्रतिक्रिया, करणी सेना ने जताई आपत्तिरामजीलाल सुमन के इस बयान पर करणी सेना और कई अन्य हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। करणी सेना ने इसे राजपूतों के इतिहास काअपमान बताया और सांसद से माफी की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद सांसद ने सफाई देते हुए कहा कि वे सिर्फ ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र कर रहेथे और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। स्थिति पर पुलिस की नजर, अतिरिक्त बल तैनात बवाल के बाद पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। हिंसा फैलाने वाले कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, और हालातपर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।