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विपक्ष ने किया भारत-पाक सीमा पर सौर ऊर्जा प्लांट की मंजूरी पर जमकर विरोध, सदन से किया वॅाकआउट

भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट एक निजी कंपनी की सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी देने के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपने कुछ सहयोगी दलों के साथमिलकर लोकसभा में विरोध जताया और वॅाकआउट कर दिया. कांग्रेस सदस्यों ने सदन के वेल में आकर आरोप लगाया कि सेना की आपत्ति केबावजूद नीचे कंपनी को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट ऊर्जा परियोजना लगाने की अनुमति दी गई है. कांग्रेस सदस्यों ने सदन के वेल में आकर आरोपलगाया कि सैना की आपत्ति के बावजूद निजी कंपनी को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट ऊर्जा परियोजना लगाने की अनुमति दी गई है. यह राष्ट्रीय सुरक्षाके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्र राज्य की तमामएजेंसियों से हरी झंडी मिलने के बाद भी किसी परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जाती है. कांग्रेस और द्रमुक सहित अन्य विपक्षी सांसदो ने ऊर्जामंत्री के स्पष्टीकरण को अपर्याप्त मानते हुए सदन में हंगामा किया. लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अनुपूरक प्रश्नपूछते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को साथ-साथ चलना चाहिए. नहीं हुआ सुरक्षा नियमों का पालनलेकिन अदाणी समूह की मिश्रित और ऊर्जा परियोजना की मंजूरी में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हुआ है. उन्होंने दावा किया है कि यह परियोजनाअंतर्राष्ट्रीय सीमा के 1 किलोमीटर तक चलेगी जबकि सुरक्षा प्रोटोकाल के अनुसार बड़ी बुनियादी ढांचागत परियोजनाएं कम से कम 10 किलोमीटर दूरहोनी चाहिए. इसमें प्रहलाद जोशी ने कहा कि लाइसेंस जारी करने और मंजूरी देने से पहले केंद्र सरकार और राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियो सेमंजूरी मांगी जाती है. मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस द्रमुख के सांसद वेल में आकर नालेबाजी करते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग करनेलगे. मगर मंत्री ने उनकी मांगों को देखा किया तो सदन से वॅाकआउट कर गए. लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने बाहर आकर कहा किऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में संतुलन होना चाहिए. मगर गुजरात के खावड़ा में जो बड़ी और सौर ऊर्जा परियोजना आ रही है वह राष्ट्रीय सुरक्षा केदिशा- निर्देशों के अनुरूप आईबी से कम से कम 10 किलोमीटर दूरी पर नहीं है. सरकार ने हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया इसलिए हमने वर्कआउटकिया गोगोई ने कहा कि कांग्रेस से जानना चाहती थी कि क्या आदाणी समूह राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर है कि सेना की आशंकाओं को नजरअंदाज कियाजा रहा है.

ट्रंप के वादे पर नहीं हुआ काम, अंतरिक्ष में अटक गई सुनीता विलियम्स “नहीं लॅान्च हुआ क्रू-10”

भारतीय मूल की अंतरिक्षयात्री सुनीता की वापसी के लिए क्रू-10 महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य क्रू-9 की जगह लेगा है. क्रू-9 से ही अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर स्पेस गए है.नासा ने पहले भी कहा था कि क्रू-9 अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से तभी वापस आ सकता है जबक्रू-10 अंतरिक्ष में लॅान्च हो जाए.अंतरिक्ष की यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी एक बार फिर से अटक गई है अंतरिक्षकी स्पेस एजेंसी नासा सुनीता की वापसी सुनिश्चित करने के लिए क्रू-10 नाम का एक स्पेसशिप लॅान्च करने वाली थी.लेकिन मूल की अंतरिक्ष यात्रीसुनीता की वापसी के लिए क्रू-10 महत्पपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य क्रू-9 की जगह लेना है.क्रू-0 से ही अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुचविल्मोर स्पेस गए है. नासा के पहले कहा था कि क्रू-9 अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से तभी वापस आ सकता है.जब क्रू-10 अंतरिक्ष में लॅान्च हो जाए. एलन मस्क को दी थी जिम्मेदारीगौरतलब है कि सुनीता विलियम्स और विल्मोर की वापसी में स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रुचि ले रहे हैं. उन्होंने स्पेस एक्स के मालिक एलॉनमुस्क को भी इसकी जिम्मेदारी दी है. ट्रंप ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि बाइडेन ने सुनीता और बुच विल्मोर को अंतरिक्ष में ही छोड़ दिया है. उन्होंनेकहा कि इस बार में एलन मस्क से उनकी बात हुई है. और वे मस्क ने इसके लिए हमी भर दी है. इसके बाद मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने इस दिशा मेंकाम करना शुरू किया था. और क्रू-10 को लॉन्च करने वाली थी. लेकिन इसकी लांचिंग एक बार फिर से टल गई है. लॉन्चिंग गुरुवार 17 मार्च को होसकती है. हालांकि ये तारीख भी अभी फिक्स नहीं हुई है. और मौसम समय दूसरे फैक्टर पर ध्यान देना जरूरी होगा. क्रू- 10 स्पेस एक्स के मानवअंतरिक्ष परिवहन प्रणाली का 10 वां क्रू रोटेशन मिशन है. बता दें कि सुनीता विलियम्स और बुचयम्स और पिछले साल 5 जून को इंटरनेशनल स्पेसस्टेशन गई थी. उन्हें एक हफ्ते बाद वापस लौटता था. लेकिन बोइंग स्टाइरलाइनर में गड़बड़ी की वजह से वो वहां फंस गई. दोनों एस्ट्रोनॉट्स बोइंगऔर नासा के जॉइंट क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन पर स्पेस गए थे. इसके बाद उन्हें वापस लेने की कोशिश हो रही है.

सीएम योगी ने त्योहारों पर लाउडस्पीकर को लेकर किया “स्थायी समाधान”, डीजे की तेज धुन पर होगी सख्त नजर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में होली पर डीजे से तेज आवाज में गाने बजानें वालों परध्यान देने के निर्देश दिए है. उन्होनें अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरुप रखा जाए.साथही उन्होनें धार्मिक स्थलो पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को लेकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है.सीएम योगी आदित्यनाथ नेवाराणसी में बैठक के दौरान होली जैसे त्योहारों को लेकर सख्ती के साथ डीजे के तेज शोर पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए है. उन्होनें इस दौरानअधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरुप रखा जाए. ताकि किसी को असुविधा न हो औरकानून व्यवस्था बनी रहे.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा की बैठक के दौरान होली और होलिका दहन को लेकरविशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.उन्होनें अधिकारियों से कहा कि शोभायात्राओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षाको लेकर पूरा सतर्कता का ध्यान रखा जाए. ट्राफिक और क्राउड को लेकर दिए निर्देशइस दौरान सीएम योगी ने बेहतर ट्राफिक को लेकर भी बात कहीं जिसमें सीएम ने कहा कि ट्राफिक और क्राउड मैनेजमेंट के भी निर्देश दिए है ताकिहोलिकोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हों.उन्होनें पुलिस प्रशासन से आम जनता, श्रद्धालुओं और दर्शनाथियों के साथ शालीन व्यवहारकरने को कहा है.सीएम ने गौ तस्करों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है. इसकी जवाबदेही तय करने पर भी मुख्यमंत्री का जोर रहा. उन्होनें कहा किप्रदेश में गौ तस्करी पर पूर्णतया प्रतिबंध है. इसमें जो भी संलिप्त पाया जाए.वह तस्कर हो, वाहन स्वामी या फिर पुलिस प्रसासन का ही व्यक्ति उसपर कठोर कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया को गौ-तस्करी पर प्रभावी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जनपदवार समीक्षा करते हुएजिम्मेदारी तय करने को निर्दशित किया. लंबे समय से जमे कर्मियों को हटाया जाए-योगीसीएम योगी ने राजस्व से संबंधित वादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि लंबे समय से एक ही पटल पर जमे एवं शिथिलता बरतनेवाले कर्मियों को हटाया जाए.सीएम हेल्प लाइन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का मेरिट के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चितकरने के आदेश दिए है. मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए थाना- स्तर पर टॅाप-10 अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ीकार्यवाही करने के निर्देश दिए है.उन्होनें नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और फुट पट्रोलिंग को अनिवार्य करने पर भी जोर दिया.मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कीपुलिस बूथों और पिंक बूथों पर हम पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्वचित की जाए.

मोहाली में पार्किंग विवाद बना मौत की वजह, IISER के साइंटिस्ट की दर्दनाक मौत

पंजाब के मोहाली में पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया, जब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) के साइंटिस्ट अभिषेक स्वर्णकार की मौत हो गई। यह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। मृतक अभिषेक स्वर्णकार मूल रूप सेपश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। पार्किंग विवाद से कैसे हुई मौत?जानकारी के अनुसार, यह विवाद पार्किंग को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते गंभीर रूप ले गया। अभिषेक स्वर्णकार पहले से ही बीमार थे औरउनकी किडनी ट्रांसप्लांट हो चुकी थी। वे डायलिसिस पर थे और शारीरिक रूप से कमजोर थे। विवाद के दौरान हुई धक्का-मुक्की में वे बुरी तरह गिरपड़े। गिरने के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटनायह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में धक्का-मुक्की के दौरान अभिषेक के गिरने का दृश्य देखा जा सकताहै। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को मिले कड़ी सजाअभिषेक स्वर्णकार के परिवार और पड़ोसियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ीसजा दी जाए। उनका कहना है कि पहले से बीमार अभिषेक पर धक्का-मुक्की करना उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ था। पुलिस कर रही है गहन जांचफिलहाल पुलिस घटना की गहनता से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है किदोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। बढ़ती हिंसा पर सवालयह घटना पार्किंग जैसे छोटे मुद्दों पर बढ़ती हिंसा को उजागर करती है। अभिषेक स्वर्णकार की असामयिक मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डालदिया है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय दिलाती है।

एनएच-353 पर भीषण सड़क हादसा, कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत में 6 की मौत

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एनएच-353 पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। बागबाहरा के पास तेज रफ्तार ट्रक और कार की जोरदारटक्कर में कार सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ट्रक चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर से उड़े कार के परखच्चेयह भयानक हादसा दोपहर 3:48 बजे ओंकारबंद के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईऔर उसके परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए इकट्ठा हो गए। राजस्व विभाग के अधिकारी और परिवार की मौतहादसे में जान गंवाने वालों में राजस्व विभाग में पदस्थ आरआई ताहर सिंह ठाकुर और उनके पूरे परिवार के सदस्य शामिल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलतेही खल्लारी पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से शवों और घायल ट्रक चालक को बाहर निकाला। जांच में जुटी पुलिसपुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रक की तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना जा रहा है।फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। शोक में डूबा क्षेत्रइस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और मामले की विस्तृत जांचजारी है।

कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार, दुबई से 12.56 करोड़ का सोना लाने का खुलासा

कन्नड़ फिल्म एक्ट्रेस रान्या राव को सोना तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने उन्हें बेंगलुरुएयरपोर्ट से हिरासत में लिया। एक्ट्रेस के पास से 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये है। पहली बार दुबई से सोना तस्करी करने का दावापूछताछ के दौरान रान्या राव ने कबूल किया कि यह पहली बार था जब उन्होंने दुबई से सोना तस्करी की थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अज्ञात नंबरोंसे कॉल आए थे, जिनमें सोना छिपाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। रान्या ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर सोना छिपाने कीतकनीक सीखी थी।एयरपोर्ट पर सोना छिपाने की तरकीबएक्ट्रेस ने बताया कि दुबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 के गेट ए पर उन्हें एक अजनबी से सोने के दो पैकेट मिले। ये पैकेट प्लास्टिक से ढके हुए थे। रान्या नेएयरपोर्ट के वॉशरूम में जाकर क्रेप पट्टियों और कैंची से सोने के बार को अपनी जींस और जूतों में छिपा लिया। अनजान व्यक्ति ने दिया सोनारान्या राव ने बताया कि उन्हें दुबई में एक अनजान शख्स ने संपर्क किया था। वह शख्स लगभग 6 फीट लंबा और गोरा था तथा उसकी बोलचाल मेंअफ्रीकी-अमेरिकी लहजा था। उसने एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के बाद गोल्ड बार उन्हें सौंपे और तुरंत वहां से चला गया। बेंगलुरु में डिलीवरी का निर्देशरान्या ने आगे बताया कि बेंगलुरु पहुंचने पर उन्हें गोल्ड बार एक अज्ञात व्यक्ति को देना था। निर्देश के अनुसार, सोना एयरपोर्ट के टोल गेट के पाससर्विस रोड पर एक ऑटोरिक्शा में रखना था। हालांकि, ऑटोरिक्शा का नंबर या ड्राइवर की पहचान उन्हें नहीं दी गई थी। टिकट बुकिंग में इस्तेमाल हुआ क्रेडिट कार्डरान्या राव ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने अपनी यात्रा का टिकट जतिन विजय कुमार के क्रेडिट कार्ड से बुक किया था। इसके अलावा, उन्होंनेअपनी विदेश यात्राओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे फोटोग्राफी और रियल एस्टेट बिजनेस के सिलसिले में यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट का दौरा कर चुकी हैं। डीआरआई कर रही मामले की गहन जांचडीआरआई ने रान्या राव के फोन और लैपटॉप के डेटा को खंगाल कर तस्करी सिंडिकेट से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश की है। हालांकि, रान्या ने इस सिंडिकेट के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी है। जांच अभी भी जारी है और डीआरआई इस मामले में और सबूत जुटाने का प्रयास कररही है।

यमुना नदी की हालत नाजुक: दिल्ली में पानी जीवन के लिए असुरक्षित, सफाई परियोजनाओं के बावजूद प्रदूषण बरकरार – संसदीय समितिकी रिपोर्ट

संसद की एक स्थायी समिति ने यमुना नदी की स्थिति को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली में यमुना कापानी इतना प्रदूषित हो चुका है कि जीवन के लिए अनुकूल नहीं है। जांच में 33 में से 23 स्थानों पर पानी की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है।दिल्ली में छह स्थानों पर पानी बिल्कुल भी पीने योग्य नहीं है। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी यमुना की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के बावजूद नहीं घटा प्रदूषणरिपोर्ट में बताया गया है कि यमुना नदी की सफाई के लिए कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए गए, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर कमनहीं हुआ है। समिति ने नदी की सफाई और अतिक्रमण को हटाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करने का सुझाव दिया है।यमुना सफाई परियोजना पर संसदीय समिति की रिपोर्टजल संसाधन पर गठित पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमिटी ने यमुना नदी की सफाई परियोजना और दिल्ली में नदी किनारे प्रबंधन पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कीहै। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में यमुना नदी का 40 किलोमीटर का हिस्सा गंभीर रूप से प्रदूषित है। यमुना नदी हरियाणा के पल्ला से दिल्ली में प्रवेशकरती है और उत्तर प्रदेश के असगरपुर से आगे बढ़ती है। पानी में घुली ऑक्सीजन का स्तर लगभग शून्यरिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली में यमुना नदी के पानी में घुली ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) का स्तर लगभग शून्य है, जो जीवितप्राणियों के लिए अनुकूल नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यमुना का दिल्ली वाला हिस्सा जीवन के लिए उपयुक्त नहीं है। 33 में से 23 जगहों पर गुणवत्ता मानकों पर फेलकेंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों ने जनवरी 2021 से मई 2023 के बीच 33 स्थानों पर जल गुणवत्ता कीजांच की। इसमें पानी में घुली ऑक्सीजन (DO), pH, बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) और फेकल कोलीफॉर्म (FC) जैसे महत्वपूर्णमानकों का आकलन किया गया। उत्तराखंड और हिमाचल में बेहतर, दिल्ली-हरियाणा-यूपी में खराबजांच में पाया गया कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के सभी चार स्थानों पर पानी की गुणवत्ता संतोषजनक थी। वहीं, हरियाणा के सभी छह स्थानोंपर पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा। दिल्ली में 2021 में सात में से एक भी स्थान पर पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। हालांकि, पल्ला में2022 और 2023 में कुछ सुधार देखा गया। अतिक्रमण और बाढ़ नियंत्रण में लापरवाहीरिपोर्ट में अतिक्रमण को भी एक बड़ी समस्या बताया गया है। दिल्ली और हरियाणा ने अतिक्रमण की जानकारी दी है, लेकिन उत्तर प्रदेश औरउत्तराखंड से पूरी जानकारी अब तक नहीं मिल पाई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बाढ़ क्षेत्रों से लगभग 477.79 हेक्टेयर जमीन कोअतिक्रमण से मुक्त किया है, लेकिन कुछ स्थानों पर कानूनी विवाद के कारण अतिक्रमण जारी है। समिति की सिफारिशेंसमिति ने जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प विभाग को सुझाव दिया है कि वे दिल्ली विकास प्राधिकरण और संबंधित राज्य सरकारों केसाथ मिलकर अतिक्रमण हटाने और बाढ़ क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

लीलावती अस्पताल में काले जादू का सनसनीखेज खुलासा, गबन और वित्तीय अनियमितताओं के बीच ट्रस्टियों में टकराव

मुंबई के चर्चित लीलावती अस्पताल में काले जादू की रस्मों से जुड़ी सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने दावा कियाहै कि अस्पताल कैंपस में काले जादू के सबूत मिले हैं। ट्रस्टियों के अनुसार, उनके कार्यालय के फर्श के नीचे से आठ कलश बरामद हुए हैं, जिनमेंइंसानी हड्डियां, खोपड़ी, बाल, चावल और तांत्रिक प्रथाओं से जुड़ी वस्तुएं मिली हैं। धन के दुरुपयोग के आरोपों के बीच हुआ खुलासालीलावती अस्पताल का ट्रस्ट पहले से ही धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर चर्चा में है। ट्रस्ट ने पूर्व ट्रस्टियों के खिलाफ 1,250 करोड़ रुपये सेअधिक के गबन का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि फर्जी आदेशों और रिकॉर्ड के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। पूर्व ट्रस्टियों ने आरोपों को किया खारिजपूर्व ट्रस्टी विजय मेहता और उनके परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विजय मेहता के बेटे चेतन मेहता ने काले जादू के आरोपों को”सनसनी फैलाने वाला और बेबुनियाद” करार दिया। गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामलालीलावती अस्पताल के संस्थापक किशोर मेहता के भाई विजय मेहता और उनके परिवार पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में तीन प्राथमिकी दर्जकी गई हैं। इनमें टैक्स चोरी और धन हेराफेरी से जुड़े गंभीर आरोप शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय से शिकायतमौजूदा ट्रस्टियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से शिकायत की है, ताकि गबन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच हो सके। वहीं, पूर्व ट्रस्टियों पर टैक्सचोरी और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं। फोरेंसिक ऑडिट में सामने आई अनियमितताएं2024 में किशोर मेहता की मृत्यु के बाद उनके बेटे प्रशांत मेहता ने स्थायी ट्रस्टी का पदभार संभाला। प्रशांत मेहता ने अस्पताल के वित्तीय रिकॉर्ड काफोरेंसिक ऑडिट कराया, जिसमें फर्जी आदेशों और रिकॉर्ड के जरिए किए गए बड़े पैमाने पर गबन का खुलासा हुआ। महाराष्ट्र काला जादू विरोधी अधिनियम के तहत शिकायतकाले जादू के आरोपों के बाद महाराष्ट्र काला जादू विरोधी अधिनियम के तहत एक और शिकायत दर्ज की गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोपलगाया कि पूर्व ट्रस्टियों ने प्रशांत मेहता और उनकी मां चारु मेहता को नुकसान पहुंचाने के लिए काला जादू का सहारा लिया था। काला जादू के आरोपों पर विवादहालांकि, विजय मेहता के बेटे चेतन मेहता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि काला जादू जैसी बातें बेबुनियाद और सिर्फ सनसनी फैलाने केलिए गढ़ी गई हैं। मामले को लेकर पुलिस और जांच एजेंसियां फिलहाल तफ्तीश में जुटी हैं।

तमिलनाडु सरकार ने बदला रुपये का सिंबल, विवाद के बीच उठाया बड़ा कदम

भाषा विवाद के बीच तमिलनाडु सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार ने राज्य के बजट 2025-26 में रुपये केप्रतीक ‘₹’ को हटाकर तमिल लिपि का प्रतीक ‘ரூ’ अपना लिया है। यह प्रतीक तमिल अक्षर ‘रु’ का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसा पहली बार हुआ हैजब किसी राज्य सरकार ने रुपये के राष्ट्रीय प्रतीक को बदलकर क्षेत्रीय प्रतीक को अपनाया है। भाजपा का विरोध, राष्ट्रीय प्रतीक के अपमान का आरोपतमिलनाडु सरकार के इस फैसले पर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है। राज्य भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री स्टालिन पर निशाना साधतेहुए कहा कि डीएमके सरकार ने राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि रुपये का प्रतीक, जिसे पूरे भारत ने अपनाया था, एक तमिलव्यक्ति द्वारा डिजाइन किया गया था। डिजाइनर उदय कुमार, जो डीएमके के पूर्व विधायक के बेटे हैं, ने इस प्रतीक को बनाया था। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी स्टालिन सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रतीक को बदलना तमिल गौरव काअपमान है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तमिल पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया।स्टालिन सरकार पर नाम बदलने का तंजभाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने स्टालिन पर तंज कसते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री को तमिल पहचान पर इतना जोर है तो उन्हें अपना नाम भीतमिल में बदल लेना चाहिए। उन्होंने इसे सरकार की विफलताओं को छिपाने का एक प्रयास बताया। नई शिक्षा नीति पर भी मतभेदइस पूरे विवाद के बीच, राज्य और केंद्र सरकार के बीच नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर भी मतभेद जारी हैं। मुख्यमंत्री स्टालिन का आरोप है किनई नीति तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली को नष्ट कर देगी, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि एनईपीराज्यों को अपनी भाषा चुनने का अधिकार देती है। भाजपा नेता अन्नामलाई ने भी शिक्षा मंत्री त्यागराजन की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि यदि उनके बेटों ने अंग्रेजी और विदेशी भाषाओं मेंपढ़ाई की है, तो वे तमिल शिक्षा नीति को क्यों रोकना चाह रहे हैं? बहुभाषावाद बनाम क्षेत्रीय पहचान केंद्र सरकार का कहना है कि एनईपी का उद्देश्य बहुभाषावाद को प्रोत्साहित करना और भाषा शिक्षा में लचीलापन प्रदान करना है। वहीं, स्टालिनसरकार इसे तमिल पहचान पर हमला मान रही है। इस मुद्दे ने भाषा और पहचान की राजनीति को एक बार फिर से गरमा दिया है।

संभल में होली और जुमे की नमाज को लेकर अलर्ट, मस्जिदों को तिरपाल से ढकने की तैयारी

संभल में होली और जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं।प्रशासन ने निर्णय लिया है कि होली के जुलूस के मार्ग में आने वाली सभी 10 मस्जिदों को तिरपाल से ढका जाएगा। इस कार्य को प्राथमिकता केआधार पर शुरू भी कर दिया गया है। होली के जुलूस के मार्ग पर विशेष निगरानीसंभल के एएसपी श्रीश चंद्र ने बताया कि होली का जुलूस परंपरागत मार्ग से निकलेगा। इस मार्ग पर कुछ धार्मिक स्थल स्थित हैं, जिन्हें दोनों पक्षों सेबातचीत के बाद तिरपाल से ढकने का निर्णय लिया गया है। इससे किसी भी पक्ष की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचेगी और शांति व्यवस्था बनी रहेगी। 10 मस्जिदों को तिरपाल से ढकने का काम जारीएएसपी संभल के अनुसार, जुलूस मार्ग पर लगभग 10 धार्मिक स्थल ऐसे हैं जिन्हें ढका जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शाही जामा मस्जिद भी शामिलहै। मुस्लिम समुदाय के लोग स्वयं मस्जिदों को तिरपाल से ढकने का कार्य कर रहे हैं ताकि होली का रंग मस्जिदों पर न गिरे। विवादित स्थलों पर कड़ी निगरानीएसडीएम संभल डॉ. वंदना मिश्रा ने बताया कि होली के मद्देनजर थाना स्तर पर विवाद की संभावनाओं की जांच की गई है। अब तक लगभग 1015 लोगों को पाबंद किया जा चुका है। इसके अलावा, सभी मस्जिदों पर लेखपालों की तैनाती की गई है, जो वहां निगरानी रखेंगे और किसी भी समस्याकी जानकारी तत्काल देंगे। जोन और सेक्टर में बंटी व्यवस्थाशांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर को जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। जिला स्तर से पूरी तैयारी कर ली गई है औरप्रशासनिक अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उपस्थित रहेंगे। यदि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है, तो उसका मौके पर ही समाधान किया जाएगा।