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हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में मेस के खाने में रेजर ब्लेड मिलने से हंगामा, छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन

हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी के हॉस्टल मेस में परोसे गए भोजन में रेजर ब्लेड मिलने से छात्रों में आक्रोश फैल गया। यह घटना मंगलवार रातकी है, जब छात्रों के एक समूह ने सब्जी में रेजर ब्लेड मिलने के बाद विश्वविद्यालय के मेन गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए छात्रों ने सब्जी केबर्तन और प्लेट लेकर न्याय की मांग की। पहले भी सब्जी में मिले थे कीड़ेमेस में घटिया भोजन पर विरोध जताते हुए छात्रों ने बताया कि दो दिन पहले गोभी की सब्जी में कीड़े पाए गए थे। शिकायत करने के बावजूदविश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। घटिया भोजन और कर्मचारी लापरवाही का आरोपछात्रों का कहना है कि मेस कर्मचारी तय समय पर काम नहीं कर रहे हैं, जिससे रात के समय उन्हें खुद ही खाना परोसना पड़ता है। हॉस्टल मेस मेंघटिया गुणवत्ता वाले खाने के लिए छात्रों को हर महीने 2,500 से 3,000 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। टूटी चूड़ियों और धागों के टुकड़े भी मिलेअखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक नेता ने भी आरोप लगाया कि छात्रों को परोसे गए भोजन में पहले भी कीड़े, टूटी चूड़ियों के टुकड़ेऔर धागे मिल चुके हैं। छात्रों ने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।प्रशासन ने गठित की जांच समितिमेस में खराब भोजन और लापरवाही को लेकर छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समितिका गठन किया है। समिति को जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

तमिलनाडु में ट्राई लैंग्वेज विवाद,मद्रास हाईकोर्ट का अहम फैसला

तमिलनाडु में ट्राई लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि तमिलनाडु में सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए तमिल भाषा का ज्ञान अनिवार्य है। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कहाकि सरकारी पदों पर काम करने वालों को तमिल पढ़ना और लिखना आना चाहिए। तमिल भाषा न आने पर नौकरी से निकाला गयामद्रास हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें तमिलनाडु बिजली बोर्ड के एक जूनियर सहायक एम. जयकुमार को नौकरी से निकाल दियागया था। जयकुमार तमिल भाषा की परीक्षा दो साल में भी पास नहीं कर पाए थे, जिसके कारण उन्हें पद से हटा दिया गया। उन्होंने इस फैसले कोअदालत में चुनौती दी थी। अदालत की सख्त टिप्पणीसुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और न्यायमूर्ति आर. पूर्णिमा की पीठ ने कहा कि “बिना तमिल भाषा का ज्ञान हासिल किए कोई सरकारीकर्मचारी के रूप में कैसे काम कर सकता है?” अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी को भाषा नहीं आती तो वह सरकारी नौकरी क्योंचाहता है। याचिकाकर्ता का पक्षयाचिकाकर्ता एम. जयकुमार ने दलील दी कि उनके पिता भारतीय नौसेना में थे, जिसके कारण उनकी पढ़ाई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से हुई और उन्हें तमिल सीखने का अवसर नहीं मिला। अदालत का सख्त रुखअदालत ने कहा कि सरकारी नौकरी के लिए निर्धारित समय सीमा में भाषा परीक्षा पास करना अनिवार्य है। बिना भाषा का ज्ञान होने पर सरकारीकार्यालय में काम करना मुश्किल होगा। अदालत ने दोनों पक्षों को अंतिम बहस के लिए तैयार रहने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई छह सप्ताहके लिए स्थगित कर दी। ट्राई लैंग्वेज विवाद: राज्य और केंद्र के बीच टकरावतमिलनाडु में ट्राई लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र की नई शिक्षा नीति का विरोध कियाहै, जिसमें गैर-हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी को दूसरी भाषा के रूप में पढ़ाने का प्रावधान है। इस विवाद के चलते संसद के बजट सत्र में भी काफी हंगामाहुआ। नई शिक्षा नीति और भाषा का मुद्दानई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा पांचवी और आठवीं तक की पढ़ाई मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में कराई जानी चाहिए। हिंदी भाषी राज्यों में दूसरीभाषा के रूप में अन्य भारतीय भाषाओं को पढ़ाया जा सकता है, जबकि गैर-हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी को दूसरी भाषा के रूप में शामिल किया गया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी में तीखी बहस, भाजपा पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच जमकर बहस हुई। ममता बनर्जी ने सुवेंदुअधिकारी के बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर रमजान के पवित्र महीने के दौरान मुसलमानों कोनिशाना बनाने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा, “मैं हिंदू हूं और मुझे भाजपा से प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। भाजपा आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों से ध्यान भटकाने केलिए सांप्रदायिक बयानबाजी कर रही है।” लोकतंत्र स्थायी है, कुर्सी नहींमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा, “लोकतंत्र स्थायी है, लेकिन कुर्सी स्थायी नहीं है। कुर्सी का सम्मान करना चाहिए।” उन्होंने भाजपा परनिशाना साधते हुए कहा कि वे मुस्लिम विधायकों को बाहर निकालने की बात करके सांप्रदायिकता फैला रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी का पलटवारविपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर समाज को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं बिमान बंधोपाध्याय(विधानसभा अध्यक्ष) को हराऊंगा और उसके बाद ममता बनर्जी को। भाजपा की सरकार आने के बाद टीएमसी के मुस्लिम विधायकों को सड़क परफेंक दिया जाएगा।” विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घमासानपश्चिम बंगाल में अगले साल यानी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी तनाव बढ़ता जारहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि हिंदुओं की सुरक्षा केवल भाजपा की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सरकार की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया किकुर्सी का सम्मान और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखना सभी का कर्तव्य है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश, संभल की जामा मस्जिद में सफेदी और लाइटिंग का निर्देश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को संभल स्थित जामा मस्जिद में बाहरी सफेदी कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहाहै कि यह कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। इसके अलावा मस्जिद में समुचित लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाए, लेकिन इस प्रक्रिया मेंढांचे को कोई क्षति न पहुंचे।न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।एएसआई ने मरम्मत से किया था इनकारइससे पहले एएसआई ने मस्जिद में सफेदी और मरम्मत की आवश्यकता से इनकार करते हुए केवल साफ-सफाई की अनुमति देने की बात कही थी।कोर्ट ने इस पर सफाई कार्य को एएसआई द्वारा कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने उठाए कड़े सवालकोर्ट ने एएसआई से पूछा कि यदि मस्जिद कमेटी ने 1927 के करार का उल्लंघन किया है, तो इस करार को निरस्त करने का नोटिस क्यों नहीं जारीकिया गया?करार के तहत एएसआई को राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है, फिर भी अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई? मस्जिदकमेटी ने सफेदी का कार्य कैसे कराया?इस मामले में अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। मस्जिद कमेटी की याचिका और एएसआई की रिपोर्टमस्जिद इंतेजामिया कमेटी ने रमजान के अवसर पर सफेदी, मरम्मत और लाइटिंग के लिए एएसआई से अनुमति मांगी थी, लेकिन एएसआई ने इसकीअनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।कोर्ट ने एएसआई की तीन सदस्यीय समिति से रिपोर्ट मांगी, जिसमें सफाई की आवश्यकता को स्वीकार किया गया लेकिन सफेदी और मरम्मत कोअनावश्यक बताया गया। कोर्ट ने तब सफाई कार्य की अनुमति दी थी और कहा था कि इसे एएसआई ही कराएगी। पिछली सुनवाई में उठे थे सवाल10 मार्च को हुई पिछली सुनवाई में मस्जिद कमेटी ने हलफनामे में एएसआई के रुख पर सवाल उठाए थे। कमेटी ने कहा था कि बाहरी सफेदी, मरम्मत और लाइटिंग को लेकर एएसआई ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। इस पर कोर्ट ने एएसआई से स्पष्टीकरण मांगा था।

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी, एक जवान घायल

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी की घटना में भारतीय सेना का एक जवान घायल हो गया। अधिकारियों केअनुसार, जवान नौशेरा सेक्टर के कलसियां इलाके में एक अग्रिम चौकी पर तैनात था। घायल जवान को प्राथमिक उपचार देने के बाद विशेष उपचारके लिए उधमपुर के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। गोलीबारी और विस्फोट की जांच जारीगोलीबारी की इस घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे जीरो लाइन पर एक विस्फोटहुआ, जिसके बाद तीन राउंड गोलीबारी हुई। हालांकि, विस्फोट में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और इसके कारणों का अभी तक पता नहींचल पाया है। सांबा में घुसपैठ की कोशिश नाकाम,बीएसएफ ने घुसपैठ को किया विफलसांबा जिले में सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर घुसपैठ के एक प्रयास कोविफल कर दिया। जानकारी के अनुसार, सांबा सेक्टर की खोरा पोस्ट पर रात करीब एक बजे कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी गई। जवानों ने तुरंतसतर्कता दिखाते हुए कुछ राउंड फायर किए। हाई अलर्ट पर जवान, तलाशी अभियान जारीरात का समय होने के कारण सभी जवानों और इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया। सुबह होते ही पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया।बीएसएफ के डीआईजी और एसएसपी सांबा वरिंदर सिंह मन्हास समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद थे। राजौरी में सेना के वाहन पर हमला,आतंकियों ने किया था हमलाइससे पहले 26 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी क्षेत्र में आतंकवादियों ने सेना के एक वाहन पर गोलीबारी की थी। यह हमलानियंत्रण रेखा के पास फाल गांव में हुआ था। हालांकि, इस गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ था। सर्च अभियान जारीहमले के तुरंत बाद सेना ने इलाके में सर्च अभियान शुरू कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया औरसंभावित आतंकियों की तलाश जारी है।

खावड़ा अक्षय ऊर्जा संयंत्र पर विपक्ष का विरोध, लोकसभा से वॉकआउट

गुजरात के खावड़ा में स्थापित किए जा रहे अक्षय ऊर्जा संयंत्र को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। कांग्रेस सांसदमनीष तिवारी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि क्या इस परियोजना के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई छूट दी गई है। उन्होंने बतायाकि यह संयंत्र भारत-पाकिस्तान सीमा से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि सुरक्षा निर्देशों के अनुसार दस किलोमीटर के भीतर कोईपरियोजना नहीं लगाई जा सकती। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षकेंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना को मंजूरी देने से पहले केंद्र, राज्य और अन्य संबंधितनिकायों से सभी आवश्यक लाइसेंस प्राप्त किए जाते हैं। लेकिन विपक्षी सांसदों ने मंत्री के जवाब को असंतोषजनक मानते हुए विरोध किया। कुछ देरनारेबाजी के बाद कांग्रेस, द्रमुक और राकांपा (एसपी) समेत कई विपक्षी दलों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया।ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन की मांगसंसद परिसर में मीडिया से बातचीत में मनीष तिवारी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगायाकि सरकार ने स्पष्ट नहीं किया कि परियोजना को मंजूरी देने में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं। अडानी ग्रीन एनर्जी का परियोजना में योगदानउल्लेखनीय है कि अडानी ग्रीन एनर्जी गुजरात के खावड़ा में मिश्रित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना विकसित कर रही है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जादोनों का उत्पादन होगा। विपक्ष का आरोप है कि इस परियोजना के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल में छूट दी गई है, जिसे लेकर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है।

दिल्ली सरकार ने लिया यमुना को लेकर बड़ा फैसला, जल्द ही शुरु होगी सोनिया विहार से जगतपुर तक फैरी सेवा

Delhi News: दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच यमुना में फेरी सेवा शुरू करने के लिए समझौता हुआ. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे पर्यटन औरविकास के लिए एक बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा कि पिछले सरकार ने इस योजना को ठुकरा दिया था. जिससे 1 साल की देरी हुई. दो साल पहलेयमुना की गहराई नापने के लिए नौसेना से नाव ली गई थी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली के विकास के लिए एक बड़ा कदम बताया है. उन्होंनेकहा कि यह दिल्ली में पर्यटन का एक नया क्षेत्र बनेगा. और जल्दी लोग इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे. इसके अलावा मुख्यमंत्री का गुप्ता ने कहा किहै योजना 1 साल पहले ही साकार हो सकती थी. लेकिन तब के मुख्यमंत्री ने इसे पूरी तरह से नकार दिया था. यह नकारात्मक राजनीति दिल्ली केलिए अफसोसजनक रही. नौसेना से ली गई गई थी उन्न्त नावकरीब 2 साल पहले यमुना को नौवहन योग्य बनाने के लिए भारतीय नौसेना से एक उन्नत नाम ली गई थी. इस नाव ने यमुना की गहराई नापने काकाम भी शुरू कर दिया था. लेकिन यह प्रयास भी पिछली सरकार की नकारात्मक सोच की भेंट चढ़ गया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि तब केमुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इन प्रयासों पर रोक लगवा दी थी. अब दिल्ली में सरकार बदल चुकी है और जनता ने यमुना को लेकरअपनी भावनाओं को स्पष्ट कर दिया है. दिल्ली में सोनिया विहार से जगतपुर (शनि मंदिर)और जनता ने यमुना नदी पर बोट टूरिज्म और फेरी सेवा शुरूहोगी. नई दिल्ली सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर फेरी सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है. जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि परिवहनका एक नया विकल्प मिलेगा. यह ऐतिहासिक समझौता 11 मार्च 2022 को नई दिल्ली के असीता पार्क में किया गया. इस परियोजना सिंह सिर्फदिल्ली में बल्कि इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा. बल्कि पर्यटन और यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा.

कनाडा के सुरक्षा खुफिया सेवा के निदेशक आएंगे तनाव के बाद भारत, क्या फिर से बिगड़ सकते है हालात

रायसीना डायलॉग 2025 में कनाडाई सुरक्षा प्रमुख डैनियल रोजर्स की भागीदारी भारत कनाडा के तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने में मदद कर सकती है. कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा के निदेशक डैनियल रॉजर्स के अगले सप्ताह भारत में आयोजित होने वाले सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने की संभावनाहै.यह रायसीना सम्मेलन के दौरान आयोजित की जाएगी. जो भारत का प्रमुख भू राजनीति और सुरक्षा सम्मेलन है सुरक्षा सम्मेलन में वैश्विक चिटा जैसेआतंकवाद साइबर सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय अपराध और उभरती प्रौद्योगिकी पर चर्चा की जाएगी. एनएसए अजीत डोभाल के नेतृत्व में यह सम्मेलन दुनियाभर की खुशी और सुरक्षा अधिकारियों को चर्चा और सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करेगा. रोजर्स की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है. क्योंकियह दोनों देशों के बीच 2023 से उत्पन्न तनाव को कम करने का एक मंच हो सकता है. पिछले साल खालिस्तान, अलगाववाद, हरदीप सिंह गुर्जर कीहत्या को लेकर कनाडा ने भारत पर आरोप लगाए थे. जिससे संबंधों में कड़वाहट आ गई थी. कनाडा संबंधों को मजबूत करने का अवसरयह सम्मेलन भारत का कनाडा सुरक्षा संबंधों को फिर से मजबूत करने का अवसर हो सकता है. सम्मेलन में अमेरिका राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसीगबार्ड ब्रिटेन, के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पावेल, और ऑस्ट्रेलिया, न्यू जीलैंड और यूएई के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी शामिल होंगे. यहसम्मेलन वैश्विक सुरक्षा मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा. रायसीना डायलॉग का दसवां संस्करण 17 से 19 मार्च 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. इस बार न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगे. प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी और लक्ष्मी सदस्य का उद्घाटन करेंगे. रायसीना डायलॉग हर साल आयोजित होने वाले एक प्रमुख राजनीतिक और भू- अर्थशास्त्र सम्मेलन है. इसका आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और प्रदेश मंत्रालय की ओर से किया जाता है. यह सम्मेलन दुनिया भर के राजनीतिक, औद्योगिक मीडियाऔर नागरिक समाज के नेताओं को एक मंच पर लाता है. यहां पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों, रक्षा, जलवायु परिवर्तन साइबर सुरक्षा और व्यापार जैसी प्रमुखमुद्दों पर चर्चा करते हैं.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ABVP के युवा संसद को किया संबोधन, मणिपुर जैसे मुद्दों को लेकर की चर्चा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित पूर्वोत्तर छात्र युवा संसद को संबोधित किया. उन्होंने संबोधन के केदौरान तमाम मुद्दों पर चर्चा की. कहा कि सिर्फ 10 वर्षों में पूर्वोत्तर आज पूर्ण शांति का अनुभव कर रहा है. सिवाय मणिपुर में हुई हिंसा के. उन्होंने कहाकि 2024 से 2014 तक हिंसा की कुल 11,000 घटनाएं हुई. और 2014 से 2024 तक 3,428 घटनाएं हुई है. यानी 70% कमी आई है सुरक्षाबलों की मौतों की संख्या में 70% की कमी आई है. पिछले 10 वर्षों में नागरिकों की मौतो की संख्या में 89% की कमी आई है. उन्होंने कहा हमारापूर्वोत्तर आज शांति का अनुभव कर रहा है. चाहे वह मेघालय हो, अरुणाचल , असम हो, या नागालैंड हो या मिजोरम हमने सभी सशस्त्र समूहों के साथसमझौते किए हैं. और 10,500 से अधिक उग्रवादी हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं. हमारी सरकार ने 10 वर्षों में 12 महत्वपूर्ण समझौतेकिए है. भाजपा सरकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि-अमित शाहअमित शाह ने कहा भाजपा सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उसने पूर्वोत्तर और शेष भारत के बीच की दूरी को कम कर दिया है. 2027 तकपूर्वोत्तर की हर राजधानी ट्रेन विमान और सड़क मार्ग से जुड़ जाएंगी. उन्होंने कहा कि जिस राज्य में शांति नहीं है वहां विकास नहीं हो सकता और नरेंद्रमोदी की सरकार ने नॉर्थ ईस्ट में शांति लाने का काम किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए बहुत बड़ा बजट दिया है. इससाल में प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट को अपना मानते हुए इसके विकास का इतना ध्यान रखा है. कि उन्होनें तय किया है कि हर महीने कोई न कोई मंत्रीनॉर्थ ईस्ट के किसी ने किसी राज्य में रात्रि विश्राम करेगें. मैं आपको बताना चाहता हूं कि आजादी के बाद से अब तक सभी प्रधानमंत्री की नॉर्थ ईस्ट कीयात्राओं की कुल संख्या असम को छोड़कर 21 है. और अकेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्थ ईस्ट की यात्राओं की संख्या 78 है. जो दर्शाता है किनॉर्थ ईस्ट को कितना महत्व दिया गया है.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बयन पर राज्यसभा में हुआ हंगामा, सरकार को ठोकने को लेकर कह दी बड़ी बात

Delhi News: संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक ऐसा बयान दिया. जिस पर सदन में हंगामा मचगया. नई शिक्षा नीति पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर मल्लिकार्जुन खरगे ने आपत्ति जाहिर की है. उस दौरान उपसभापति ने जब खरगे कोबोलने से रोका तो वो गुस्सा गए. उन्होंने कहा कि क्या-क्या ठोकना है हम ठीक से ठोकेंगे. सरकार को ठोकेंगे. दरअसल खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्रप्रधान के बयान की निंदा की. जब सभापति की ओर से खरगे को बोलने से रोका गया तो उन्होनें कहा कि गुस्सा यहां तानाशाही चल रही है. इस परजब उपसभापति की ओर से उन्हें फिर बोलने से रोका गया तो उन्होंने कहा कि क्या-क्या ठोकना है. हम ठीक से ठोकेंगे सरकार को भी ठोकेंगे. खरगे केइस बयान से सत्ता पक्ष की और एतराज जाहिर किया जा रहा है. राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा के बयान की निंदा की गई. खरगे को मांगनी चाहिए मांफी- जेपी नड्डाजेपी नड्डा ने कहा कि नेता विपक्ष की तरफ से ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार नहीं है. उन्हें इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए. इसके बादखरगे ने कहा कि अगर मेरी बात से किसी को ठेस पहुंची है. तो मैं माफी मांगना चाहता हूं. खरगे ने सभापति से कहा मैं आपसे माफी मांग लूंगा लेकिनसरकार से माफी नहीं मांगूंगा. सदन में बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि डीएमके एक अलोकतांत्रिक और असभ्य पार्टी है. इसके जवाब मेंडीएमके सांसद कनिमोझी ने असभ्य कहने पर धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना की और कहा कि कभी भी केंद्र की शर्तों के साथ नई शिक्षा नीति और तीनभाषा नीति स्वीकार नहीं है. मेरा यह कहना है कि इस देश के भाग को एक भाग की जनता को अगर आप उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने की बातकरेंगे. अगर आप यह कहेंगे कि “Uncultured” और “Unicivilized” है. तो आप मंत्री से इस्तीफा दे दें. मोदी सरकार देश को विभाजित करने कीबात कर रही है. यह देश को सिर्फ और सिर्फ तोड़ने की बात करते हैं.