गैंगस्टर अमन साहू को पुलिस एनकाउंटर ने किया ढेर, लॅारिंस विश्नोई के साथ भी थे रिस्ते” कई मामलों जा भी चुका था जेल

Aman Shahu Case: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को स्पेशल टास्क फोर्स ने आज एनकाउंटर में ढेर कर दिया है.अमन साहू नेएसटीएफ जवान से इंसास राइफल छीनकर भागने की कोशिश की इस दौरान उसने जवान पर गोली भी चलाई हमले में जवान को घायल हो गया. जिसका इलाज चल रहा है. फायरिंग के तुरंत बाद पुलिस ने जवाबी कार्यवाही करते हुए कुख्यात गैंगस्टर साहू को ढेर कर दिया.जख्मी हवलदार कानाम राकेश कुमार है. उन्हें मोदीनगर के MMCM में भर्ती कराया गया है. अमन साहू का नाम एनटीपीसी डीएम मर्डर केस में भी सामने आया था. हालही में 8 मार्च को झारखंड के हजारीबाग जिले में एनटीपीसी के डीजीएम रैंक के अधिकारी कुमार गौरव की अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कीकर दी थी. हमलावरों ने घात लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया था. और मौके से फरार हो गए थे. वारदात को अंजाम उस वक्त दिया जबडीजीएम कुमार गौरव सुबह एनटीपीसी के केरेडारी स्थित दफ्तर जा रहे थे. कुमार गौरव की पीठ में गोली लगी थी. उन्होंने अस्पताल ले जाया गया जहांडॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस हत्याकांड से अमन साहू का नाम जोड़ा जा रहा था. अमन साहू रांची के छोटे से गांव मतबे का रहने वाला था. अमन साहू पर हत्या जैसे तमाम मुकदमें थे दर्जअमन साहू उस झारखंड में रंगदारी, हत्या एक्स्ट्राटॉर्जन सहित 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे. वह एक मर्डर में हार्डकोर नक्सली भी रह चुका था. औरकरीब 2013 में उसने अपना गैंग बनाया था. कोरबा में हुए गोलीकांड के बाद रायपुर पुलिस ने उसकी चार गैंग सदस्य को गिरफ्तार कर लिया. हालही में रायपुर की शंकरनगर इलाके में व्यापारी के साझेदारी के घर में बाहर फायरिंग की घटना के बाद रायपुर पुलिस उसे पकड़कर पूछताछ कर रहीथी. पिछले साल 13 जुलाई को रायपुर शहर के तेलीबांधा इलाके में एक बिल्डर के दफ्तर पर फायरिंग की गई थी. इस हमले का आरोपी भी अमनसाहू गैंग पर ही है. बताया जाता है कि गैंगस्टर अमन साहू का फेसबुक अकाउंट अमन सिंह नाम का शख्स कनाडा से ऑपरेट करता था. वही एकअकाउंट मलेशिया से सुनील राणा नाम का शख्स देखा करता था. अमन साहू खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी बताता था. कहा जाता है किअमन लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे की सप्लाई किया करता था. तो वहीं उसे बदले में हाईटेक हथियार मिलते थे. अमन साहू के महंगे कपड़ों का भी शौक थाअमन शाहू और लॅारेंस बिश्नोई के बीच मयंक सिंह उर्फ सुशील राणा कड़ी का काम करता था. राजस्थान का रहने वाला सुनील लॉरेंस का दोस्त है. फिलहाल सुनील मीणा अज़रबैजान पुलिस की हिरासत में है उसके प्रत्यार्पण को लेकर प्रक्रिया हो चुकी है. जल्द सुनील मीणा के ऊपर भी कार्यवाहीहो सकती है.
कैरेबियाई देश से गायब हुई भारतीय मूल की छात्रा कोनांकी, नाइट क्लब के बाद गई थी बीच पर नहाने”जानें क्या है मामला

कोनांकी और उनकी पांच महिला मित्र रिउ रिपपब्लिका रिसोर्ट में तहरी हुई थी. 5 मार्च की रात को भी एक नाइट क्लब गई थी. और उसके बाद सुबह4:00 बजे करीब वह बीच पर पहुंची. कैरेबियाई देश रिपब्लिक के पुंटाकाना में एक भारतीय मूल की छात्रा सुदीक्षा कोनांकी के लापता होने कामामला अब सुर्खियों में बना हुआ है. 20 वर्षीय सुदीक्षा अमेरिका ने पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही थी. वह अपनी छुट्टियों के दौरान दोस्तोंके साथ डोमिनिकन रिपब्लिक के इस लोकप्रिय पर स्थल आई थी. जांचकर्ताओं के अनुसार सुदिक्षा के डूबने की आशंका जताई जा रही है. हालांकिउनकी खोज अभी भी जारी है. सुदीक्षा कोनांकी और उनकी पांच महिला मित्र रिउ रिपब्लिका एक रिसोर्ट में ठहरी हुई थी. 5 मार्च की रात में एक नाइटक्लब गई थी. और उसके बाद सुबह 4:00 के करीब बीच पर पहुंची. सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि उनका ज्यादातर सहेलियां सुबह 5:55 बजेहोटल लौट आई. लेकिन सुदीक्षा एक अज्ञात व्यक्ति के साथ बीच पर ही रुक गई. उस व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि फिर दोनों समुद्र में तैरने गएथे. लेकिन अचानक एक लहर आ गई वह किसी तरह बाहर निकल आया. उल्टी की और फिर पास ही एक लाउंज चेयर पर सो गया. जब वह सुबह9:55 बजे उठा तो वहां सुदीक्षा नहीं थी. जब तक नहीं मिलते आपराधिक सबूत नहीं होगा स्पष्टजब तक किसी भी तरह की आपराधिक साजिश सबूत स्पष्ट नहीं मिले हैं. लेकिन घटनास्थल के पास सुदीक्षा का एक सॅारान्ग स्टाइल कवर- अपबरामद किया गया है. उनका फोन और पर्स उनके दोस्तों के पास ही रह गया था. जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई है. परिवार काकहना है कि अगर सुदीक्षा सचमुच डूब गई होती. तो अब तक उनका शव मिल जाना चाहिए था. उनके पिता सु होना कि सुब्बारायडु कोनांकी नेडोमिनिकन गणराज्य के अधिकारियों से अपहरण की संभावना की जांच करने की अपील की है. लाउडन काउंटी शेरिफ ऑफिस ने इंटरपोल कीसुदीक्षा के लिए येलो नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है. विशेष कर्मियों को किया गया तैनातडोमिनिकल सिविल डिफेंस, नेशनल पुलिस, नौसेना और अग्निशमन विभाग ने उनकी खोज के लिए K- 9 टीमों, ड्रोन और विशेष बचाव कर्मियों कोतैनात किया गया है. यह एफबीआई,डीईए और होमलैंड सिक्योरिटी जैसी अमेरिकी एजेंसियों की भी जांच में सहयोग कर रही है. यूनिवर्सिटी ऑफ़पिट्सवर्ग की छात्रा हैली काट्ज ने कहा कि उसका प्रियजन छुट्टियों पर जाए और फिर कभी वापस न लौटे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोनांकी परिवारको पूरा समर्थन देने की बात कही है. अमेरिका विदेश मंत्रालय ने इस घटना को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा संबंधी निर्देशजारी किए हैं. हालांकिडोमिनिकन गणराज्य एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. लेकिन वहां अपराध को सुरक्षा को लेकर चिंताएं हमेशा बनी रहती है.
दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क आगे न बढ़ने का क्या है कारण, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बतायी इसके पीछे की बजह

Delhi News: दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क तेजी से नहीं बढ़ने को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी जानकारी दी उन्होनें राज्यसभा में दिल्लीकी पूर्ववर्ती सरकार पर मेट्रो संपर्क बढ़ाने के लिए अपेक्षित सहयोग न करने का आरोप लगाया. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली की पूर्ववर्तीसरकार पर मेट्रो संपर्क बढ़ाने में सहयोग न करने का आरोप लगाया उन्होंने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद भी स्थितिनहीं बदली. हरदीप पुरी ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए परिवहन नेटवर्क का विस्तार बहुत जरूरी है. लेकिन पिछली सरकार ने सहयोगनहीं किया इससे मेट्रो संपर्क सीमित रहा और लोगों को परेशानी हुई अब नई सरकार से उम्मीद है कि हालात सुधरेंगे. हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा मेंप्रश्नकाल के दौरान यह बात कही. आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने मेट्रो संपर्क के बारे में सवाल पूछा था उसमें स्वाती मालीवाल नेकहा कि मेट्रो संपर्क कम होने से लोगों को बहुत दिक्कत होती है. ट्रेनों में भीड़ बहुत ज्यादा रहती है लेकिन उन्होंने पूछा कि क्या दिल्ली सरकार ने मेट्रोसंपर्क बढ़ाने का कोई प्रस्ताव दिया है. पुरी ने जवाब दिया कि पिछली सरकार ने उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं मिला. हरदीप ने किया आवासन मंत्री के रुप में 7 साल तक कामकेंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह बताया कि उन्होंने 7 साल तक शहरी मामलों और आवासन मंत्री के रूप में काम किया. इस दौरान वे दिल्ली मेट्रो का विस्तारकरना चाहते थे. लेकिन पिछली सरकार ने सहयोग नहीं किया. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में परिवहन नेटवर्क के विस्तार के लिए वहां की सरकारसे सहयोग जरूरी है. लेकिन दिल्ली की तत्कालिक सरकार से बार-बार अनुरोध करने पर भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. हरदीप सिंह पुरी ने सुप्रीमकोर्ट के दखल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सरकार को RRTPS के लिए फंड देने का निर्देश दिया था. लेकिन सरकारने इस पर ध्यान नहीं दिया प्रदीप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार को निर्देश दिया. कि वह रीजनल रैपिड ट्रांजिटसिस्टम के कोष पर ध्यान दें. फंड उपलब्ध कारए न कि विज्ञापनों पर ध्यान दें. लेकिन तब की दिल्ली सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाए. उन्होंने हरियाणा सरकार का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के सहयोग से गुरुग्राम में 28.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन को मंजूरीमिली. लेकिन दिल्ली की पिछली सरकार ने NCRCT कॉरिडोर प्रोजेक्ट को 3 साल तक होकर रखा है. कॉरिडोर गुरुग्राम को दिल्ली से जोड़ता है पूरीने उम्मीद जाताई है कि दिल्ली की नई सरकार मेट्रो संपर्क बढ़ाने में सहयोग करेगी.
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य से जारी है ED की पूछतांछ, ED ने शराब घोटाले में की थी छापेमारी’205.49 करोड़ को किया गयाथा जब्त

ईडी ने कल भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य के ठिकाने के साथ-साथ 14 लोकेशन पर छापामारी कार्रवाई की थी. छापे के बाद यह बात सामने आई थी किभूपेश बघेल की आवाज पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने के बाद ईडी ने नोटों की गिनती के लिए ईडी दो कैश देने वाली मशीनें भी बुलाई थी. छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय का एक एक्शन जारी है. ईडी आज राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेताभूपेश बघेल के बेटे चैतन्य से पूछताछ कर सकती है. जांच एजेंसी ने चैतन्य को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है. बता दें कि ईडी ने कलभूपेश बघेल के बेटे चैतन्य के ठिकानों के साथ-साथ 14 लोकेशन पर छापेमारी कार्यवाही की थी. छापे के बाद यह बात सामने आई की भूपेश बघेलकी आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने के बाद ईडी ने नोटों की गिनती के लिए ईडी दो कैश गिनने वाली मशीनें भी बुलाई थी. ईडी ने भूपेशबघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर में कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए थे. 205.49 करोड़ की संपत्ति को किया गया जब्तकथित घोटाले के मामले में एक्शन लेते हुए एजेंसी या व्यापारियों और पूर्व ब्यूरोक्रेट्स सहित अलग-अलग आरोपियों से जुड़ी करीब 205.49 करोड़रुपए की संपत्ति जब्त कर चुकी है. इन संपत्तियों में चल और अचल दोनों शामिल है. चैतन्य बघेल के खिलाफ कोई इस छापेमारी से प्रमुखराजनीतिक हस्तियों की संलिप्तता के मामले में एक बार फिर चर्चा में ला दिया गया है. हालांकि पूर्व सीएम भूपेश बघेल पहले ही घोटाले से जुड़ेआरोपों से इनकार कर चुके हैं. वह ईडी की कार्यवाही को राजनीतिक से प्रेरित बता रहे हैं. इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवाशी लखमा कीगिरफ्तारी भी हो चुकी है. लखमा पर घोटाले से 72 करोड रुपए हासिल करने का आरोप है. ईडी के मुताबिक 2017 में शराब की खरीद और बिक्री केलिए CSMCL बनाई गई थी. लेकिन सरकार बदलने के साथ ही ये सिंडिकेट के हाथ का एक टूल बन गई. आरोप है कि CSMCL से जुड़े कामों केलिए सारे कॉन्ट्रैक्ट इस सिंडिकेट से जुड़े लोगों की ही दिए जा रहे थे. ED का दावा है कि सिंडिकेट ने अवैध शराब की बिक्री से बड़ा कमीशन कमाया. यह रकम अनवर ढेबर को दी गई. और फिर इसे राजनीतिक पार्टी का साझा किया.
X बार- बार ठप होने की क्या है ठोस बजह, जानिए इस दौरान सोशल मीडिया को क्या क्या होते है नुकसान

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स बीते 24 घंटे के दौरान कई बार ऑफलाइन हुआ. एलन मस्क ने इस आउटेज पर चुप्पी तोड़ते हुएबताया कि इसके पीछे यूक्रेन रीजन से जनरेट आईपी एड्रेस का हाथ है.यहां आज आपको बताते हैं कि सोशल मीडिया अकाटेज की वजह से क्या-क्यानुकसान हो सकते हैं. एलन मस्क का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक बीते 24 घंटे के दौरान कई बार ठप हो चुका है. इस प्लेटफार्म की सर्विस कई बारऑफलाइन हुई और हजारों लोगों ने इस आउटेज की रिपोर्ट भी की है. एलन मस्क ने इस आउटेज पर छुट्टी तोड़ते हुए बताया कि इसके पीछे यूक्रेन परसवाल उठाए और कहा कि इसमें यूक्रेन रीजन से जनरेट आईपी एड्रेस का हाथ है. उन्होंने बताया कि उनके एक्स प्लेटफार्म पर कई बार साइबर अटैकभी होते हैं.अब लोगों के मन में इसको लेकर सवाल आता है कि वेबसाइट के डाउन होने या कुछ मिनट के ऑफलाइन होने पर आखिर क्या-क्यानुकसान हो सकते हैं. और इसका फायदा किसको मिलता है इसके बारे में हम जानने से पहले जांच पड़ताल की तो हमें कुछ जरूरी पॉइंट्स के बारे मेंपता चला. सबसे पहले तो वह सीधा असर यूजरबेस और रेवेन्यू पर होता है. अलग-अलग फायदों के लिए होता है सोशल मीडिया का इस्तेमालसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोग अलग-अलग फायदों के लिए करते हैं. कुछ यूजर्स मैसेजिंग और दोस्तों के बारे में जानकारी रखने के लिएसोशल मीडिया का पर निर्भर करते हैं. तो कई लोग समाचार और अपडेट के लिए सोशल मीडिया पर निर्भर रहते है. ऐसे में आउटेज वजह से उन लोगोंको परेशानी हो सकती है. बहुत से यूजर सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत कनेक्शन के लिए निर्भर रहते हैं. और कई लोगों को मार्केटिंग का पूरा कामसोशल मीडिया पर होता है. ऐसे में अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सर्विस में रुकावट आती है. तो उसे फर्म, कंपनी या शख्स का बिजनेस प्रभावितहो सकता है. ऐसे में वह विशेष प्लेटफार्म को ऐड्स की कमी हो सकती है. किसी भी सोशल मीडिया की सर्विसेज अगर लंबे समय तक बंद रहती है तोयूजर दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्विच कर सकते हैं. ऐसे में दूसरे प्लेटफार्म पर गलत जानकारी अफवाहें यूजर्स को भ्रमित कर सकती हैं. इसमेंडाटा लीक समेत कई अफवाहें शामिल होती है. जिसकी वजह से यूजर्स में पैनिक हो सकता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को विज्ञापन और प्रोडक्टसेल करने से रेवेन्यू जेनरेट होता है. ऐसे मगर कोई वेबसाइट डाउन हो जाएगी. तो वहां का यूजर्स ट्राफिक कम हो जाएगा और विज्ञापनदाताओं कोनुकसान होगा और वैकेंसी हो या कंपनियां आगे से उसे प्लेटफार्म को विज्ञापन नहीं देंगे. जो दो बार बार डाउन होती है ऐसे में कंपनी का रेवेन्यू डाउनहोगा.और कंपनी को फाइनेंशली नुकसान होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ कटौती दावे पर भारत का खंडन, कोई समझौता नहीं, वार्ता जारी

भारत ने अमेरिका के साथ आयात शुल्क (टैरिफ) में कटौती को लेकर अब तक कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल नेसोमवार को एक संसदीय समिति के सामने यह जानकारी दी। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गयाथा कि भारत टैरिफ में काफी हद तक कमी करने पर सहमत हो गया है। संवाद जारी, कोई समझौता नहींवाणिज्य सचिव बर्थवाल ने विदेश मामलों पर संसदीय समिति को बताया कि दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है और अब तक कोईऔपचारिक समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों और मीडिया रिपोर्टों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर अभी भी चर्चा चल रही है। भारत के हित सर्वोपरिबर्थवाल ने कहा कि व्यापार वार्ता के दौरान भारत के राष्ट्रीय हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत व्यापार उदारीकरण का समर्थकहै और मुक्त व्यापार को बढ़ावा देना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ युद्ध किसी के हित में नहीं है और इससे वैश्विक आर्थिक मंदीका खतरा उत्पन्न हो सकता है। “अंधाधुंध टैरिफ कटौती नहीं”बर्थवाल ने जोर देकर कहा कि भारत घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अंधाधुंध तरीके से टैरिफ में कमी नहीं करेगा। उन्होंने बताया किभारत बहुपक्षीय दृष्टिकोण के बजाय द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से टैरिफ कटौती पर सहमति बनाना पसंद करता है। सुरक्षा और आर्थिक हितों का संतुलनकनाडा और मैक्सिको के उदाहरणों का जिक्र करते हुए बर्थवाल ने कहा कि उनकी परिस्थितियां अलग हैं, क्योंकि वे अमेरिका के साथ सुरक्षा औरसीमा आव्रजन से संबंधित मुद्दों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत केवल वही व्यापार समझौते करेगा जो पारस्परिक रूप से लाभकारीहों। भारत अपने टैरिफ कम करने पर सहमतअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि भारत अपने “भारी टैरिफ” को कम करने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने भारतीय व्यापार नीतियोंकी आलोचना करते हुए कहा कि भारत में अमेरिकी उत्पादों की बिक्री लगभग असंभव है और भारत की नीतियां व्यापार में बाधा उत्पन्न करती हैं। भारत का जवाब: समय मांगा गयासूत्रों के अनुसार, भारत ने अमेरिका से टैरिफ मुद्दे को सुलझाने के लिए सितंबर 2025 तक का समय मांगा है। इस दौरान व्यापार संबंधी मुद्दों पर गहनचर्चा होगी ताकि दोनों देशों के बीच संतुलित समाधान निकाला जा सके। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का सवालसंसद में टैरिफ के मुद्दे पर जमकर बहस हुई। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सवाल उठाया कि भारत किन उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा और क्या भारत भीअमेरिका पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा। उन्होंने मांग की कि देश को स्पष्ट नीति के बारे में जानकारी दी जाए।
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे पर राजनीतिक दलों से 30 अप्रैल तक सुझाव मांगे

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करतेहुए लोकसभा में इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से मांगे सुझावचुनाव आयोग (ECI) ने मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं और अन्य चुनावी मुद्दों के समाधान के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों सेसुझाव मांगे हैं। आयोग ने इन सुझावों को देने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय की है। इसके अलावा, चुनाव आयोग पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ सदस्योंके साथ भी संवाद करेगा। चुनाव प्रक्रिया को मजबूत करने का प्रयासमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पिछले हफ्ते एक सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिलानिर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बातचीत करने का निर्देशदिया। उनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को और मजबूत बनाना है। कानूनी प्रावधानों के तहत समाधानमुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी सुझावों और शिकायतों का समाधान कानूनी दायरे में ही किया जाएगा। इसके लिए आयोग ने राजनीतिकदलों को पत्र भेजकर उनके विचार मांगे हैं। सुझाव मुख्य रूप से ERO, DEO या CEO स्तर पर लंबित मुद्दों पर केंद्रित होंगे। कानूनी दस्तावेजों का संदर्भECI ने पत्र में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960 और चुनाव आचार संहिता 1961 का भी उल्लेखकिया है। इसके साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का भी हवाला दिया गया है। ये सभी दस्तावेज ECI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्धहैं। सुझावों के समाधान की समय सीमामुख्य चुनाव आयुक्त ने निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों पर 31 मार्च 2025 तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस रिपोर्ट में समाधानसे संबंधित सभी जानकारी और की गई कार्रवाई का ब्यौरा शामिल होगा। राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे इस व्यवस्था का अधिकतम उपयोग करें और चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी औरविश्वसनीय बनाने में अपना सहयोग दें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरीशस यात्रा, द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने का अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंच गए हैं। पोर्ट लुइस एयरपोर्ट पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचन्द्र रामगुलाम ने उनकाजोरदार स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, वेमॉरीशस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को भी संबोधित करेंगे। द्विपक्षीय वार्ता और राजकीय भोज का आयोजनप्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान मॉरीशस के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को और मजबूतीमिलेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भोजपुरी में यात्रा के कार्यक्रम का विवरण देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का भव्यस्वागत मॉरीशस और भारत के अटूट रिश्ते को दर्शाता है। श्रद्धांजलि और सम्मान समारोहयात्रा के आधिकारिक कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस के विशिष्ट नेता गणपालन सर शिव सागर, रामगुलाम सर और अनिरुद्ध जगन्नाथ कोश्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद मॉरीशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ राजकीय भोज का आयोजन होगा। भारतीय मूल के लोगों से संवादशाम को प्रधानमंत्री मोदी भारतीय मूल के लोगों से संवाद करेंगे और उनके साथ चर्चा करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री नवीनचन्द्र रामगुलाम के साथ रात्रिभोज का भी आयोजन किया गया है। अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। 10 साल बाद हुआ दौराप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मॉरीशस का यह दौरा 10 वर्षों के बाद हो रहा है। इससे पहले मार्च 2015 में वे राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि केरूप में शामिल हुए थे। भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, क्योंकि मॉरीशस की कुल आबादी का लगभग 70 प्रतिशतहिस्सा भारतीय मूल का है।
जादवपुर यूनिवर्सिटी में देश विरोधी नारे लिखे जाने पर बवाल, लेफ्ट संगठन पर आरोप

कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में दीवारों पर लिखे गए देश विरोधी नारों का मामला तूल पकड़ रहा है। लेफ्ट संगठन प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्सफेडरेशन (PDSF) के समर्थकों पर यूनिवर्सिटी की दीवारों पर “आजाद कश्मीर” और “फ्री फिलिस्तीन” जैसे नारे लिखने का आरोप है। कोलकातापुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली है। देश विरोधी नारों के मामले में FIR दर्जयूनिवर्सिटी के गेट नंबर 3 के पास एक दीवार पर पेंटिंग में कांटेदार तार से बंधे फूलों से एक हाथ दिखाया गया है, जिसके साथ ही विवादित नारे लिखेगए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 61(ii) (आपराधिक साज़िश) और 152 (भारत की संप्रभुता, एकताऔर अखंडता को खतरे में डालने वाले काम) के तहत मामला दर्ज किया है। JUTMCP ने की सख्त कार्रवाई की मांगजादवपुर यूनिवर्सिटी तृणमूल छात्र परिषद (JUTMCP) ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस को देश विरोधीगतिविधियों का केंद्र बनने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। परिषद के प्रमुख किशाले रॉय ने पुलिस जांच का समर्थन किया है। CCTV फुटेज की जांच में जुटी पुलिसपुलिस आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। इस घटना के बाद से यूनिवर्सिटी में माहौल गर्म है। छात्र संघ चुनाव को लेकर विवादयह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब छात्र लंबे समय से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। 1 मार्च को शिक्षा मंत्री ब्रत्या बसु के कैंपस दौरे केदौरान छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप है कि मंत्री के काफिले ने दो छात्रों को टक्कर मार दी थी, जिससे वे घायल हो गए। हालांकि, मंत्री नेसफाई देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार की विंडशील्ड तोड़ने का प्रयास किया था। लेफ्ट छात्र संगठन ने उठाए सवाललेफ्ट छात्र संगठन का कहना है कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में चुने गए छात्र संघ न होने के कारण छात्रों की आवाज अधिकारियों तक नहीं पहुंचपाती। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और छात्रों के मुद्दे अनसुने रह जाते हैं।
देश को ‘इंडिया’ नहीं, ‘भारत’ कहने पर जोर, आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने नोएडा में ‘विमर्श भारत का’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में भारत के नाम को लेकरअपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश को ‘इंडिया’ नहीं बल्कि ‘भारत’ कहना चाहिए। दत्तात्रेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे देश के दो नाम क्योंहोने चाहिए? उन्होंने इसे ठीक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत बनाम इंडिया पर सवालदत्तात्रेय होसबाले ने जी20 सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति भवन से जारी निमंत्रण में “रिपब्लिक ऑफ भारत” लिखे जाने का उल्लेख करते हुए कहा किदेश के नाम को लेकर भ्रम क्यों है। उन्होंने कहा कि संविधान में ‘कॉन्स्टीट्यूशन ऑफ इंडिया’ और ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया’ जैसे नाम क्यों हैं, जबकियह भारत है। उन्होंने इस स्थिति को सुधारने की आवश्यकता बताई और कहा कि भारत के नागरिकों के लिए देश का नाम केवल ‘भारत’ ही होनाचाहिए। भारत की राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक पहचानउन्होंने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र या संविधान से संचालित राष्ट्र नहीं है, बल्कि यह एक जीवन दर्शन और आध्यात्मिक पहचान है।भारत विश्वगुरु के रूप में विश्व को संदेश देने वाला देश है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की पहचान को लेकर कई भ्रांतियां फैलाई गईहैं, जो वास्तविकता से परे हैं। प्राचीन भारत का योगदानदत्तात्रेय ने कहा कि 1600 ईस्वी में भारत का वैश्विक व्यापार में 23 प्रतिशत का योगदान था, जो केवल कृषि तक सीमित नहीं था। उन्होंने कहा किभारत का औद्योगिक और सांस्कृतिक योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण रहा है। विदेशी आक्रमणों के कारण हमारी शिक्षा पद्धति और सांस्कृतिक पहचानको नष्ट करने का प्रयास हुआ, लेकिन भारत की सांस्कृतिक धरोहर कभी समाप्त नहीं हुई। भारत की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक गौरवउन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत का मस्तिष्क स्वतंत्र हुआ है। पहले के दशकों में यह पढ़ाया गया था कि भारत का गणित और विज्ञान के क्षेत्र मेंकोई योगदान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत है और भारत का इतिहास समृद्धि और ज्ञान से भरा पड़ा है। संस्कृति की अमरतादत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हर परिस्थिति में अपनी संस्कृति की रक्षा की है। समय के प्रवाह में भी भारत की सांस्कृतिक विरासत कभीनष्ट नहीं हुई। देश के मनीषियों ने इसे अलग-अलग रूपों में संरक्षित और प्रस्तुत किया है।