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दिल्ली में दिन दहाडें दिल दहला देने वाली वारदात आई सामने,युवक को गोली मारकर आरोपी हुआ फरार”परिवार के लोगों ने किया हाइवेजाम

Delhi Gazipur Border: दिल्ली गाजियाबाद बॉर्डर के पास गाजीपुर इलाके में एक शख्स को गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटनास्थल परपुलिस के आलाअधिकारी पहुंचे.उससे पहले ही युवक की मौत हो चुकी थी. वहीं इसके बाद गाजीपुर में नेशनल हाईवे पर जाम लग गया. दिल्ली केगाजीपुर इलाके में एक व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी गई. जिसके बाद हाईवे पर काफी ज्यादा में जाम लग गया. दिल्ली यूपी बॉर्डर परलोगों को जाम को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं मौके पर पुलिस वल सुरक्षा को लेकर तैनात है. दरअसल घटना के बाद लोगों केमन में गुस्सा है. लोगों ने हाइवे को जामकर कर दिया. मृतक के परिजनों ने एनएच 24 पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. गाजीपुर में हुई हत्याके मामले में पूर्वी जिले के एडिशनल डीसीपी विनीत कुमार ने कहा कि हमें सूचना मिली कि एक व्यक्ति घायल है. जब हम मौके पर पहुंचे तो पताचला कि युवक को वहां पर मौजूद लोग अस्पताल गए.उसी दौरान पता चला कि उसे गोली लगी है. और उसकी वहां पर मौत हो गई शुरू जांच में दोलोगों को हिरासत में ले लिया गया है. फिलहाल कई टीम में इस पर जुटी हुई है. कई किलोमीटर तक लगा लम्बा जामयूपी बॉर्डर गाजीपुर राष्ट्रीय मार्ग 9 पर सोमवार सुबह कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग रहा है. स्थिति यह रही कि करीब 10 मिनट तक वाहनों कोएक ही जगह पर रुकना पड़ा. गाड़ियों की लंबी कतार लग गई. वही एंबुलेंस तक को फसना पड़ रहा है. हालांकि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी अतिआवश्यक वाहनों को किसी तरह निकल रहे हैं. वहां पर मौजूद लोगों की जानकारी के मुताबिक पुलिस को पता चला कि गाज़ीपुर मंडी में युवक कीहत्या कर दी गई. हत्या का मामला सामने आने के बाद दिल्ली के सीमा क्षेत्र में हाईवे जाम किया गया है. यूपी गेट से लेकर पूरे एनएच नौ पर पुलिसऔर यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है. जो जाम खुलवाने में जुटे हुए हैं. पूर्वी दिल्ली पुलिस के मुताबिक फूल मंडी के पास एनएच 24 परगोली से घायल होने के बारे में एलबीएस अस्पताल में एमएलसी मिली हुई. और फिर युवक को मृतक घोषित कर दिया गया. मृतक का नाम रोहित हैइनके पिता पहले लेफ्टिनेंट रहे चुके हैं जो गाजीपुर गांव में रहते हैं. आगे की तथ्यों की पुष्टि की जा रही है जल्दी कई टीम इस मामले को लेकरजानकारी में जुटी हुई है.

बिहार में शिक्षक नियुक्ति पर सीएम नीतीश का बड़ा ऐलान, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर कसा तंज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेरविवार को शिक्षक नियुक्ति को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित टीआरई-3 भर्ती परीक्षा मेंचयनित 51,389 शिक्षकों को औपबंधिक नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि अगले महीने 42,918 हेड मास्टरों को भीनियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को पिछड़ेपन सेनिकालकर समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में काम किया है। सम्राट चौधरी का तेजस्वी यादव पर पलटवारतेजस्वी यादव ने हाल ही में बिहार की स्थिति को लेकर “खटारा बिहार” शब्द का इस्तेमाल किया था, जिस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कराराजवाब दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को खटारा राज्य से समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। इसके तहत उन्होंने 50 लाख सरकारीनौकरियों और रोजगार देने की घोषणा भी की है। नीतीश कुमार ने शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपेरविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टीआरई-3 भर्ती परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को औपबंधिक नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने कहाकि बिहार सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि अगले महीने 42,918 हेड मास्टरों को नियुक्ति पत्रदिए जाएंगे, जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। मंत्री विजय चौधरी का विपक्ष पर हमलाबिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने भी तेजस्वी यादव पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जब वे शिक्षा मंत्री थे, तभी मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने बीपीएससी के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि अब जब शिक्षक भर्ती होरही है, तो कुछ लोग इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब तेजस्वी की पार्टी सरकार में थी, तब उनके शिक्षामंत्री ने कार्यालय जाना तक छोड़ दिया था। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शिक्षा पर दिया जोरउपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस अवसर पर शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक ही छात्रों को भविष्य और दुनिया सेपरिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के हर जिले में उच्च शिक्षा के लिए इंजीनियरिंग, मेडिकल औरपॉलिटेक्निक संस्थान स्थापित किए गए हैं।

दिल्ली दौरे पर सीएम योगी, पीएम मोदी से की अहम मुलाकात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दिल्ली दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इसबैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और राज्य मंत्रिमंडल विस्तार प्रमुख थे। इसकेअलावा, प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ आयोजन को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई। जेपी नड्डा से भी की लंबी बातचीतइससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। इस बैठक मेंभी यूपी बीजेपी संगठन के आगामी बदलावों और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े भी लखनऊ पहुंचे थे, जहां उन्होंने संभावित नामों को लेकर विचार-विमर्श किया था। इससे साफ हैकि पार्टी नेतृत्व संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के लिए बड़े बदलावों की तैयारी कर रहा है। महाकुंभ की कॉफी टेबल बुक की भेंटमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा को महाकुंभ आयोजन से जुड़ी एक कॉफी टेबल बुक भेंट की। इसके बाद उन्होंनेसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा,“बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने के लिएआपका हार्दिक आभार।” यूपी बीजेपी में बदलाव की कवायद तेजसीएम योगी की ये मुलाकातें इसलिए भी अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि यूपी में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रदेश में बीजेपी कानया प्रदेश अध्यक्ष जल्द ही नियुक्त किया जाएगा। मंडल स्तर पर चुनाव पूरे हो चुके हैं, अब जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का इंतजार है। मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेजयूपी में हाल ही में हुए उपचुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद से ही योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्रीआगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी टीम को पुनर्गठित कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन से सरकार संतुष्ट नहीं है, इसलिए उन्हें बदला जा सकता है। इसके अलावा, कुछ मंत्रियों के विभागों मेंफेरबदल की भी संभावना है। नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जासकती है।

सुहागरात पर संदिग्ध मौत, अयोध्या में दूल्हा फांसी पर लटका, दुल्हन बिस्तर पर मृत मिली

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक दर्दनाक घटना ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। शादी के अगले ही दिन, सुहागरात पर दूल्हा-दुल्हन कीसंदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार जहां शादी के बाद प्रीतिभोज की तैयारियों में व्यस्त था, वहीं इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहरदौड़ गई। सुबह तक न खुला दरवाजा, हुआ अनहोनी का शकयह घटना अयोध्या के थाना कैंट क्षेत्र के सहादतगंज मुरावन टोला की है। सात मार्च को प्रदीप की शादी हुई थी और आठ मार्च को उसकी नई नवेलीदुल्हन घर आई थी। शादी के बाद पूरा परिवार उत्साह में था और रिसेप्शन की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन सुबह जब काफी देर तक दूल्हा-दुल्हनका दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को शक हुआ। परिजनों ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद, घबराए परिवार वालों ने दरवाजा तोड़ दिया और जोदेखा, उससे उनके होश उड़ गए। कमरे का दृश्य देख सन्न रह गए परिजनदरवाजा खुलते ही परिजनों को जो मंजर दिखा, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। कमरे में दुल्हन बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी थी, जबकि दूल्हा छतके हुक से लटका हुआ था। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर परिवार में कोहराम मच गया। तुरंत ही पुलिस और लड़की के परिजनों को सूचना दीगई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुके थे दोनोंपरिवार के सदस्य आनन-फानन में दूल्हा और दुल्हन को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना ने पूरे परिवारऔर इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। दूल्हे के भाई का बयान, नहीं थी कोई पारिवारिक अनबनदूल्हे के भाई दीपक ने बताया कि घटना के समय वे सब्जी लेने मंडी गए थे। तभी घर से फोन आया कि तुरंत घर आओ। जब वे घर पहुंचे तो देखा किप्रदीप फांसी पर झूल रहा था। उन्होंने कहा कि परिवार में किसी भी तरह की कोई नाराजगी नहीं थी, न ही किसी विवाद की जानकारी थी। बेटी की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हालदुल्हन की मां को जब बेटी की मौत की खबर मिली, तो वह बदहवास हो गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। शादी के बाद जो बेटी खुशी-खुशीससुराल गई थी, उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजारघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों केमुताबिक, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सांसद ने जताया दुख, घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्णसमाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंचे और इसे बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं, एसएसपी राज करण ने कहाकि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। यह आत्महत्या है या कोई अन्य कारण, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

ओडिशा में नेपाली छात्रा की आत्महत्या, नेपाल सरकार ने भारत से की बातचीत

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित कलिंग औद्योगिक प्रौद्योगिकी संस्थान (KIIT) में एक नेपाली छात्रा की आत्महत्या के बाद बड़ा विवाद खड़ा होगया। इस घटना पर नेपाल सरकार ने भारत से जवाब मांगा, और ओडिशा पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। घटना का पूरा विवरण14 फरवरी 2025 को, KIIT विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस की तीसरे वर्ष की छात्रा प्रकृति (बदला हुआ नाम) अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाईगई। शुरुआती जांच में पता चला कि यह आत्महत्या का मामला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना उसके प्रेमी और सहपाठी अदविक श्रीवास्तव केसाथ हुए विवाद के बाद हुई। अदविक, जो मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र है, को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। छात्रों का विरोध प्रदर्शनघटना के बाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासनने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में रैलियां निकालीं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। नेपाल सरकार की प्रतिक्रियाइस मामले पर नेपाल सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास को निर्देश दिया कि वेओडिशा में नेपाली छात्रों की मदद के लिए अधिकारियों को भेजें। नेपाल सरकार ने यह भी कहा कि वह इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी। भारतीय दूतावास का बयानकाठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि वह ओडिशा सरकार औरविश्वविद्यालय प्रशासन के संपर्क में है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों कीसुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। ओडिशा सरकार का हस्तक्षेपविवाद बढ़ने पर, ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से बात की और छात्रों को सुरक्षा काभरोसा दिलाया। इसके अलावा, उन्होंने नेपाली छात्रों से अपनी पढ़ाई जारी रखने की अपील की। विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रियाKIIT विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि वे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी छात्रको हिरासत में लिया जा चुका है और मामले की जांच चल रही है।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, कुकी समूहों ने किया बंद का ऐलान

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में शनिवार को कुकी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गईऔर 40 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद कुकी समुदाय ने अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया है। कैसे हुई हिंसा?हिंसा की शुरुआत उस समय हुई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारी केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह के राज्य में मुक्त आवाजाही की अनुमति देने के निर्देश का विरोध कर रहे थे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने निजी वाहनोंको आग के हवाले कर दिया और इंफाल से सेनापति जिले की ओर जा रही राज्य परिवहन बस को रोकने का प्रयास किया। कितने लोग हुए घायल?गमगीफई, मोटबंग और कीथेलमानबी में हुई झड़पों में कम से कम 16 प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिन्हें पास के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।हालांकि, अनाधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, घायलों की संख्या 23 से अधिक हो सकती है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 27 सुरक्षाकर्मी भीघायल हुए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोधप्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (इंफाल-दीमापुर हाईवे) को अवरुद्ध कर दिया और सरकारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए टायर जलाए।इस विरोध प्रदर्शन का एक कारण फेडरेशन ऑफ सिविल सोसाइटी (एफओसीएस) द्वारा आयोजित शांति मार्च भी था, जिसे प्रशासन ने कांगपोकपीजिले में पहुंचने से पहले ही रोक दिया था। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकरावपुलिस का कहना है कि एफओसीएस के मार्च को रोकने का आदेश दिया गया था क्योंकि इसकी अनुमति नहीं थी। हालांकि, एफओसीएस के सदस्योंने दावा किया कि वे गृह मंत्री के निर्देश का पालन कर रहे थे, जिसमें पूरे राज्य में लोगों को स्वतंत्र रूप से यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। कुकी समुदाय की प्रतिक्रियाकुकी-जो गांव के स्वयंसेवकों के एक कथित वीडियो में कहा गया कि वे इस निर्णय के खिलाफ हैं और अलग प्रशासन की मांग कर रहे हैं। उन्होंनेचेतावनी दी कि उनके क्षेत्रों में बाहरी लोगों की आवाजाही का कड़ा विरोध किया जाएगा। कुकी-जो परिषद ने आधी रात से अपने इलाकों में अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की है। परिषद ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह अशांति कोरोकने के लिए इस मुद्दे का समाधान निकाले। बयान में कहा गया, “हम बफर ज़ोन में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी नहीं लेंगे।”

अमेरिका में फिर से किया गया हिंदू मंदिरों पर हमला, अमेरिकी हिंदू समुदाय की बड़ी चिंता “हिंदुओं के खिलाफ जमकर की गई नारेबाजी”

अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमला अभी तक थमा नहीं है. एक बार फिर मंदिर में तोड़फोड़ की बात सामने आ गई हैं. कैलिफोर्निया के चिनो हिल्स स्थितएक BAPS हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है. मंदिर में तोड़फोड़ तो हुई बल्कि हिंदूओं के लिए संदेश भी लिखे गए है. मंदिर की दीवारों पर हिंदूवापस जाओ जैसे नारे लिखे गए है. मंदिर में तोड़फोड़ हुई लेकिन हिंदू विरोध और भारत विरोधी संदेश भी लिखे गए. मंदिर की दीवारों पर हिंदू वापसजाओ और पीएम मोदी को लेकर नारे लिखे गए थे. जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय चिंतित हो गया. अमेरिका में बीते कई सालों से हिंदू मंदिरों कोनिशाना बनाया जा रहा है. हिंदू मंदिरों में पिछले कुछ वर्षों में तोड़-फोड़ और चोरी भी की गई.दरअसल इससे पहले भी हिंदू मंदिरों को निशाना बनायागया है.3 अगस्त और 16 अगस्त 2022 को क्वींस न्यूयॉर्क में श्री तुलसी मंदिर पर भी हमला किया गया था. इसके बाद 30 अक्टूबर 2023 कोसंक्रामेंटो हरि ओम राधा कृष्ण मंदिर पर भी हमला किया गया था. BAPS ने भी इसका विरोध जताया है अपने आधिकारिक एक्स हैडल पर घटनाका जिक्र करते हुए संगठन ने कहा कि वो नफरत को भी कभी यहां जड़ नहीं जमाने देंगे. और शांति और करुणा कायम रखने के लिए काम करते रहेंगे. पिछले साल भी मंदिर परिसर में की गई थी तोड़फोड़दरअसल इससे पहले भी मंदिर परिसर में पिछले साल भी मंदिर में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थी. जब कैलिफोर्निया की सैक्रोमेंट में BAPS श्रीस्वामीनारायण मंदिर में 25 सितंबर की रात में तोड़फोड़ की गई थी. यह घटना न्यूयॉर्क में BAPS मंदिर में इसी तरह की घटना के 10 दिन से भी कमसमय बाद हुई थी.कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि यह तब हुआ जब लॉस एंजिलिस में तथाकथि खालीस्तान जनमत संग्रह का दिन नजदीक आ रहाहै. संगठन के 10 मंदिरों के नाम सार्वजनिक किए जिनमें पिछले कुछ वर्ष में तोड़फोड़ की गई है. उन्हें अपवित्र करने की घटनाएं हुई है. सितंबर मेंकैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में BAPS हिंदू मंदिरों को अपवित्र कर दिया गया था. तथा दीवार पर नारे लिखकर कहा गया था. कि हिंदू वापस जाओसैक्रामेंटो की घटना 10 दिन पहले न्यूयॉर्क के मेलविले में एक और बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर को अपवित्र किया गया था.और इसको लेकरघ्रणा फैलाने वाले संदेश भी लिखे गए थे. न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना के कड़ी नंद की थी.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास ने लगाए गंभीर आरोप, अब करेगा बैठकर सामने से बातचीत

हमास के वरिष्ठ अधिकारी मुशीर अल-मसरी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है. हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप न हमास को चेतावनी भीदी थी. हमास की वरिष्ठ अधिकारी मुशीर अलमारी ने डोनाल्ड गाजा में बंधकों की रिहाई के मामले में दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है. अल- मसूरी की है. टिप्पणी व्हाइट हाउस द्वारा बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हमास के साथ सीधी बातचीत की पुष्टि की बात आई है. अल-मसरी सीएनएन को बताया कि हमास अमेरिका के बीच वार्ता का उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता हासिल करना. हालांकि गाजा संघर्ष विराम अभीअनिश्चित बना हुआ है. क्योंकि इजरायल ने हमास पर युद्ध विराम को बढ़ाने के लिए दबाव बनाने के लिए महत्वपूर्ण सहायता को रोक दिया था. 7 अक्टूबर को आतंकी हमले के बाद से इजरायल ने हमास के साथ सीधी बातचीत करने से इनकार कर दिया था. अल- मसरी ने इस बात पर जोर दियाकि हमास युद्ध विराम के दूसरे चरण पर बातचीत के बदले बंधक मुद्दे को हल करना चाहते हैं. इसमें लड़ाई स्थायी अंत के बदले में शेष जीवित बंधकोंकी रिहाई शामिल होगी.माना जा रहा है कि जीवित अमिरका बंधकों की रिहाई शामिल होगी. फिलिस्तानी बंदियों को किया नजरअंदाजकेवल एक जीवित अमेरिकी बंधन एडन अलेक्जेंडर गाजा में बचा हुआ है. साथ ही 4 मिनट मरे हुए लोग और कम से कम 12 अमेरिकी इसरायली बंदीभी है. अल-मसरी ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने इजरायली कैदियों पर ध्यान केंद्रित किया. जबकि जेलों में बंद लगभग 10,000 फिलिस्तानी बंदियों को नजरअंदाज तक किया है. उन्होंने अमेरिका प्रशासन पर इजरायल के पक्षपात करने का भी आरोप लगाया. जिसने खुद कोमध्यस्थ के बजाय संघर्ष में पक्ष के रूप में पेश किया. बातचीत के बावजूद ट्रंप ने हमास को चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा है कि उन्हें सभी बंधकों कोतुरंत रिहा कर लेना चाहिए. या परिणाम भुगतने होंगे. मिडल ईस्ट के लिए अमेरिका दूत स्टीव वीकऑफ ने संकेत दिया. कि अगर हमास अमेरिकी मांगोका पालन करने में विफल रहता है. तो गाजा में अमेरिकी सैनी करवाई संभव है. अल -मसरी ने ट्रंप प्रशासन से तटस्थ रहने और इजरायल की समर्थन मेंबाइडेन प्रशासन की गलतियों को न दोहराने का आग्रह किया है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है. कि धमकियां और धमकी प्रभावित नहीं होगी. और गाजा के लोगों को जब स्थापित करने के प्रयास सफल नहीं होंगे.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गुजरात दौरे के भाषण पर बीजेपी ने साधा निशाना, कहा असफल नेता सिखाते है सफलता के मंत्र

बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जब से राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी पार्टी कीकमल संभाले हुए हैं. तब से कांग्रेस की स्थिति पूरी तरह से खराब हो गई है. कांग्रेस की 140 साल के इतिहास में असफल नेता गुजरात गए और पार्टीकार्यकर्ताओं की बैठक कर उन्हें सफलता के मूल मंत्र सिखा रहे है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने तंज कसा है. और गुजरात में पार्टीके हार के लिए राहुल गांधी को ही जिम्मेदार बताया है. बीजेपी का कहना है कि राहुल को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस की चुनावी हार के लिए भीजिम्मेदार है.बीजेपी का राहुल गांधी को लेकर कहना था कि राहुल ने पहले संवैधानिक, संस्थाओं फिर सरकार और मीडिया पर लगातार आरोपलगाएं.और अब उन्होंने अपने ही लोगों पर आरोप लगाना शुरू कर दिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर कुछ रात पहुंचे थे. दूसरे दिन उन्होंने अहमदाबाद में पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान राहुल बेहद सख्त नजर आए और नेताओं और कार्यकर्ताओंको हटाने की अपील की. जो गुप्त रूप से बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं. राहुल नहीं है कहा यदि 30-40 लोगों को भी हटाना पड़े. तो हटा देनाचाहिए. और जो लोग बीजेपी के लिए गुप्त रूप से कम कर रहे हैं उन्हें बाहर कर देना चाहिए. राहुल की टिप्पणी पर बीजेपी ने की आलोचनाराहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने आलोचना की. और कांग्रेस पर अपनी विफलताओं का दोष दूसरों पर डालने का आरोप लगाया. बीजेपीने राहुल से जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं, सरकार और मीडिया पर लगातार आरोप लगाने के बाद अपने ही लोगों पर आरोप लगाना शुरू कर दिया. आपको ऐसा कोई उदाहरण कभी नहींमिलेगा. जब कोई नेता अपनी ही पार्टी के लोग को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करें. द्विवेदी ने कहा कि अगर राहुल गांधी आत्मचिंतन करेंगेतो उन्हें एहसास होगा. कि वह पार्टी में सबसे खराब नेता है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनेवाला ने कहा राहुल गांधी गुजरात में खुद को औरअपनी पार्टी को ट्रोल किया है. और खुद को आईना दिखाया है. वह अपनी विफलताओं के लिए खडंगे जी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को दोषीठहरा रहे हैं. पुनावाला ने तंज कर कहा उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के आधे से ज्यादा नेता भाजपा के साथ मिले हुए हैं. क्योंकि उन्होंने पार्टी को 90 सेज्यादा चुनावों को हराया है इसलिए आज से भी बीजेपी की सबसे बड़ी संपत्ति है.

पूर्व मंत्री कुंडा विधायक राजा भैया के खिलाफ पत्नी के दर्ज कराया मुकदमा “लगाए गंभार आरोप”, जानिए क्या है इसके पीछे की खास बजह

दिल्ली के सफदरगंज एनक्लेव थाने में उत्तर प्रदेश के नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. राजा भैया परयह FIR पत्नी की शिकायत पर दर्ज की गई है. दरअसल उनके खिलाफ उनकी पत्नी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था. और उनकीशिकायत पर यह एफआईआर दर्ज हुई है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि सफरगंज एंक्लेव थाने मेंउत्तर प्रदेश के नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह मामला पहले से क्राईम अगेंस्ट वूमेन सेल में चलरहा था. मामला मीडिएशन सेंटर में भी गया था.लेकिन इसके बाद मामला जब थाने आया तो किस दर्ज किया गया. राजा भैया और उनकी पत्नीभानवी सिंह का तलाक का केस अभी कोर्ट में चल रहा है. साकेट कोर्ट में दााखिल किया था हलफनामाबीते दिनों भानवी ने तलाक मामले में दिल्ली साकेत कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था. जिसमें उन्होंने पति राजा भैया पर शारीरिक और मानसिकशोषण करने के साथ एक ही महिला पत्रकार से अफेयर का भी आरोप लगाया था. भानवी सिंह ने कहा कि पति ने एक महिला पत्रकार से अफेयर कीवजह से उन्हें घर से निकाल दिया इतना ही नहीं वापस ससुराल भी नहीं लौटने दिया. हालांकि बाद में भानवी ने यह भी कहा कि वह मेरे पति और मेरेबच्चों के पिता है. मैं तलाक नहीं देना चाहती मैं कभी तलाक नहीं दूंगी. अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही हूं. मानवी सिंह ने कहाकि तलाक का मामला दायर किया गया है. मैं क्यों अपना घर छोड़ दूं वह कोई और आकर रहने लगे. इसके लिए मैं तलाक क्यों दूं. तलाक नहीं दूंगी. मामले की सुनवाई होगी 17 अक्तूबर तकदरअसल राजा भैया से तलाक के मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी. फिलहाल भावनी द्वारा तलाक न देने को लेकर कई तरह की कयासलगाए जा रहे हैं. कोई ऐसे रिश्ता बचाने की आखिरी कवायद बता रहा है. तो कोई विवाद सुलझाने की कोशिश. लेकिन सच तो भावनी सिंह ही बतासकती है. राजा भैया की पत्नी भावनी भी निराशा भैया पर कई गंभीर आरोप लगाए है. भावनी ने दावा किया है कि उन्हें टॉर्चर किया जाता है. वहविरोध करती है तो राजा भैया हिंसा पर उतर जाते हैं. 23 अप्रैल 2015 को इस कदर मारपीट की कि अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था. भानवी का यहभी दावा है कि राजा भैया ने कई और महिलाओं से अवैध संबंध है. विरोध करने पर एक बार उन्होंने फायरिंग कर मारने की कोशिश भी की थी. वहराजा भैया बच्चों की भी अपनी अपेक्षा कर रहे हैं. नतीजा बच्चों का खर्च पूरा वह उठा रही है. राजा भैया का दावा है. कि भानवी उनकी संपत्ति औरहड़पना चाहती है. उनकी अर्जी पर कोर्ट ने नोटिस भेजकर भावनी से जवाब मांगा है. बस्ती राजघरान से ताल्लुक रखने वाली भावनी सिंह की शादीराजा भैया से 1995 में हुई थी. राजा भैया और भानवी सिंह के दो बेटे और दो बेटियां साल 2022 के विधानसभा चुनाव के वक्त राजा भैया ने जोएफिडेविट दाखिल किया था. उसमें उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 23.24 करोड़ ऊपर से ज्यादा की बताई थी. और हलफनामे के मुताबिक उनके पास13. 64 करोड़ और भावनी सिंह की सिंह के पास 6.08 करोड़ से ज्यादा संपत्ति है. बाकी संपत्ति उनके चारों बच्चों के नाम पर है.