हिंदी विरोध को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने स्टालिन को दिखाया आयना, भाषा का मुद्दा बनाना तमिलनाडू सीएम का बताया राजनीतिक हथकंडा

अमित शाह की स्टालिन के हिंदी विरोध को सिर्फ राजनीतिक हथकंडा होने का संकेत देते हुए मातृभाषा में मेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हरीझंडी देने के बावजूद स्टालिन ने तमिलनाडु के इसके लिए प्रयास नहीं किया है. उन्होंने स्टालिन को जल्द से जल्द मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाईतमिल शामिल भाषा में शामिल शुरू करने की चुनौती देती है. 5 दशक से अधिक पुराने हिंदी विरोध को तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव मेंमुद्दा बनाने की कोशिश में जुटे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को केंद्रिय ग्रह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आईना दिखाया है. अमित शाह ने स्टालिनके हिंदी विरोध को सिर्फ राजनीतिक हथकंडा होने का संकेत देते हुए कहा की मातृभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हरी झंडी देने केबादजूद स्टालिन ने तमिलनाडु में इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया है. उन्होंने स्टालिन को जल्द से जल्द मेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई तमिल भाषामें शुरू करने की चुनौती थी. चेन्नई में सीआईएसएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अमित शाह ने स्टालिन की दक्षिण भारत और उत्तर भारत के बीचमें विभेद करने की कोशिशें का पर्दाफाश करते हुए साफ किया कि तमिल भाषा, संस्कृति और परंपराओं भारतीय संस्कृति का अनमोल गहना है. औरपूरा देश इसे स्वीकार करता है. भारतीय संस्कृति को हर क्षेत्र में मजबूतअमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु ने भारतीय संस्कृति को हर क्षेत्र में मजबूत किया है. फिर चाहे प्रशासनिक सुधार हो या आध्यात्मिक ऊंचाई हासिलकरना शिक्षा हो या देश की एकता अखंडता हो उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तमिल सहित सभी भाषाओं को सुरक्षित और विकसित करने के साथ उन्हेंरोजगार का जरिया भी बनाने के लिए कोशिश कर रही है. तमिल में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने से मातृभाषा के रूप में तमिल सिर्फमजबूती होगी. बल्कि तमिल माध्यम से शिक्षित होने वाले छात्रों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा. तमिल सहित सभी भारतीय भाषाओंको सुरक्षित करने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक की भर्ती परीक्षाओं को संविधान केआठवीं अनुसूची में शामिल सभी भारतीय भाषाओं में शामिल करने का भी फैसला किया गया है. अब सिर्फ तमिल जानने वाले युवा भी केंद्रीयअर्धसैनिक बलों की भर्तीपरीक्षाओं में भाग लिख सकते हैं. और अब वह नौकरी पा सकते हैं. जबकि पहले यह भर्ती परीक्षा सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी मेंहोती थी. और तमिल जाने वाले युवा इसमें हिस्सा नहीं ले पाते थे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाल से भारत को हो सकता है भारी नुकसान, लेकिन एप्पल जैसे समान भी हो सकते है सस्ते

भारत में अमेरिकी सामानों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी कई बार विवाद की वजह बनी है. अमेरिका लंबे समय से भारत से कहता आ रहा है कि वोअपने आयात शुल्क को कम करे जिससे अमेरिकी कंपनियों को फायदा हो सके. भारत में अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर एक बड़ा बदलाव होनेकी संभावना बढ़ती जा रही है. दोनों देशों के बीच टैरिफ यानी आयात शुल्क में कटौती को लेकर बातचीत जारी है. नए व्यापार समझौते के बाद अगरअमेरिका से आने वाले कुछ खास सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी कम होती है. तो भारतीय बाजार में यह प्रोडक्ट पहले से सस्ते हो सकते हैं. इससे भारत केलोगों को भी सस्ते अमेरिकी सामान मिल सकते हैं. लेकिन कई सेक्टर्स पर भी इसका गहरा आसान नजर आ सकता है. दरअसल भारत में अमेरिकासामानों पर लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी कई बार विवाद की वजह भी बन चुकी है. अमेरिका लंबे समय से भारत से कहता रहा है कि वह अपने आयातशुल्क को कम करे जिससे अमेरिकी की कंपनियों को फायदा हो सके दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर जारी बातचीत की बात कुछ प्रोडक्ट इंपोर्टड्यूटी कम करने की संभावना है. अमेरिका और भारत की बहस पहुंची नए मोड़अमेरिका और भारत के बीच चल रही टैरिफ की जंग अब तक नए मोड़ पर पहुंच गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रिसिप्रोकल टैरिफलगाने की बात कही है. यानी अगर भारत अमेरिका सामानों पर ज्यादा टैक्स लगाएगा. तो अमेरिका भी भारतीय सामानों पर उतना ही टैक्स लगाएगा. फिलहाल भारत में अमेरिकी सामानों पर 110 तक प्रतिशत तक का इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है. ट्रंप चाहते हैं कि भारत इस टैक्स को कम करे जिसके बादकुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी घटाने पर विचार किया जा रहा है. अगर ऐसा होता है तो कई देश में अमीर की सामान सस्ते हो सकते हैं भारत जिनउत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी कम कर सकता है. उनमें इलेक्ट्रॉनिक, गैजेट्स, स्टील इंजन, टायर, स्पेयर भारत मेडिकल इक्विपमेंट, बादाम, अखरोट वाइनजैसे कुछ खाद्य पदार्थ शामिल है. अगर ऐसा होता है तो भारत में आईफोन लेपटॉप स्मार्ट वॉच गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स और हेल्थ केयर से जुड़े प्रोडक्टपहले से सस्ते हो सकते हैं. इसके अलावा हार्ले डेविनसन जैसी महंगी मोटर साइकिलें भी भारत में कम कीमत पर मिलेगी. इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर मेंएप्पल, डेल और ह्रालेट -पैकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों के बाद उत्पाद सस्ते हो सकते हैं.
महिला दिवस पर नहीं आएंगे महिलाओं की खाते में पैसे, किन महिलाओं को मिलेंगें पैसे और कैसे” पढ़ें जानकारी

Women’s Day schmeme: महिला योजना का लाभ जिन महिलाओं को मिलेगा, उनकी उम्र 21 साल से 60 साल के बीच में होनी चाहिए. इसके लिए रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा. बता दें की आज किसी भी महिला के अकाउंट में पैसे नहीं आएंगे दिल्ली में सम्मान योजना का कैबिनेट नोटतैयार तो हो चुका है. लेकिन आज सुबह 11:00 कैबिनेट कि बैठक होनी है. महिला सम्मान योजना का लाभ शुरुआत में बीपीएल कार्ड धारकों को हीमिलेगा. सबसे पहली शर्त यह है दरअसल इसका लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जो वह दूसरी कोई और सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रही होंगी. जिन महिलाओं को यह लाभ मिलेगा उनकी उम्र 21 साल से 60 साल के बीच में होनी चाहिए. इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा बता देंकि आज किसी भी महिला के अकाउंट में पैसे नहीं आएंगे. दिल्ली सचिवालय में दिल्ली कैबिनेट की बैठक की जाएगी. मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्लीसचिवालय पहुंचे दिल्ली के मुख्य सचिव और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी भी दिल्ली में सचिवालय बैठक की जाएगी. जिस दौरानमहिला सहायता योजना के लिए पंजीकरण शुरू करने की घोषणा जेएलएन स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में की जाएगी. 21 से 60 वर्षों की महिलाओं को मिलेगा पैसादरअसल जिन महिलाओं को प्रत्येक महिने पैसे दिए जाएगी उनमें संभावित पात्रता मानदंडों में 21 से 60 वर्ष की आयु की महिलाएं होंगी. और उनकेवार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होगी. कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को ₹2500 देने की योजनाओं ऑनलाइनपंजीकरण कराया जाएगा. उसके बाद उन महिलाओं की खातों में पैसे को भेजा जाएगा. पिछले सप्ताह बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कीयोजना की पंजीकरण 8 मार्च से शुरू होगा और पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी. इसके बाद आर्थिक रूप से गरीब हर महिला को ₹2500 देने की प्रक्रिया डेढ़ महीने में पूरी हो जाएगी. दिल्ली में जिस दिन से बीजेपी सरकार आई है उसी दिन से विपक्ष में बैठी आम आदमी पार्टी चुनावी वादेपूरे किए जाने पर घेर रही है. आम आदमी पार्टी ने किया बीजेपी पर वारआम आदमी पार्टी की तरफ से बीजेपी पर लगातार वादों को लेकर लगातार प्रहार कर रही है. जिसमें खास तौर पर महिलाओं को हर महीने ₹2500 देने के बाद वादे पर सवाल किया जा रहे हैं. वहीं भाजपा भी आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचार की परतें खोले जाने के दावे कर रही हैं. 4 मार्च कोविधानसभा में सीएम रेखा ने जब नेता प्रतिपक्ष आतिशी को यह कहकर घेरा कि हमें आपकी सुरक्षा की चिंता है. इसको लेकर जवाब में किसी ने कहाकि मैं अपनी सुरक्षा का खुद ध्यान रख सकती हूं. वह दिल्ली की महिलाओं का ध्यान रखें तो उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था. किमहिलाओं को 8 मार्च को पहली किस्त देंगे. वह अपना वादा पूरा करें सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं से हमने जो वादे किए थे उसे 100% लागू किया जाएगा. 8 मार्च का दिन जो महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है उनके खाते में आर्थिक मजबूत जरूर पहुंचेगी.
दमोह में गौहत्या का मामला: हिंदू संगठनों का विरोध, प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के सीता बावड़ी इलाके में गौहत्या की एक गंभीर घटना सामने आई है। शुक्रवार सुबह कुछ लोगों ने मिलकर एक गाय कीहत्या कर दी। जैसे ही इस घटना की जानकारी हिंदू संगठनों को मिली, उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। फायरिंग से बढ़ा तनावरिपोर्ट्स के मुताबिक, जब हिंदू संगठन के कार्यकर्ता इस घटना को रोकने पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी। इससे इलाके में तनाव बढ़गया और गुस्साए कार्यकर्ताओं ने दमोह बंद का आह्वान कर दिया।पुलिस और प्रशासन की कार्रवाईघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चार से पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। हालांकि, आधिकारिक रूप से गिरफ्तारी की पुष्टिनहीं की गई है। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 307, गोवंश अधिनियम और धार्मिक भावना आहतकरने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासावेटरनरी डॉक्टर आर.के. असाटी की रिपोर्ट के अनुसार, गौवंश के शरीर के सभी अंग अलग-अलग कर दिए गए थे। इससे साफ होता है कि हत्या केबाद अवैध रूप से मांस काटा गया। हिंदू संगठनों ने किया दमोह बंद का ऐलानगौहत्या की घटना से आक्रोशित हिंदू संगठनों ने शहरभर में अनाउंसमेंट कर दमोह बंद का ऐलान किया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस तरहकी अवैध गतिविधियों की शिकायत कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। आरोपियों के घर पर चला बुलडोजरघटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुएपुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिला प्रशासन सतर्कइस घटना के बाद दमोह में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे। प्रशासन नेलोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
पीएम मोदी ने सूरत में खाद्य सुरक्षा संतृप्ति अभियान किया लॉन्च, कहा – हर जरूरतमंद तक पहुंचेगा पोषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सूरत में खाद्य सुरक्षा संतृप्ति अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह अभियान भेदभाव रहितसमाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि हर जरूरतमंद को भोजन और पोषण सुरक्षा मिले। उन्होंने इसे देश के अन्यजिलों और राज्यों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताया। सूरत ने दी देश को नई दिशापीएम मोदी ने सूरत की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर व्यापार और विकास में तो अग्रणी है ही, अब यह गरीबों और वंचितों को भोजन सुरक्षाप्रदान करने में भी एक मिसाल बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान इस बात की गारंटी देगा कि कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे और सभी को समानअवसर मिले। सरकार की प्रतिबद्धता – कोई छूटेगा नहीं, कोई रूठेगा नहींप्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की नीति यही है कि हर जरूरतमंद को उसका अधिकार मिले। उन्होंने कहा, “जब सरकार ही लाभार्थी केदरवाजे पर जा रही है, तो कोई छूटेगा कैसे? और जब कोई छूटेगा नहीं, तो कोई रूठेगा कैसे?” कोविड काल में दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनापीएम मोदी ने गरीब कल्याण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के समय जब देश को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब सरकार ने यहसुनिश्चित किया कि गरीबों के घर का चूल्हा जलता रहे। केंद्र सरकार अब तक इस योजना के तहत दो लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है। पौष्टिक भोजन से स्वस्थ भारत की ओरप्रधानमंत्री ने कहा कि पौष्टिक आहार और स्वच्छता विकसित भारत की नींव हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल योजना नेगांवों में बीमारियों को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है। वन नेशन, वन राशन कार्ड – अब हर जगह मिलेगा लाभपीएम मोदी ने बताया कि पहले एक जगह का राशन कार्ड दूसरी जगह मान्य नहीं होता था, जिससे गरीबों को परेशानी होती थी। इसे दूर करने के लिएवन नेशन, वन राशन कार्ड योजना लागू की गई, जिससे देशभर में कहीं भी राशन प्राप्त करना आसान हो गया। उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तकपांच करोड़ से अधिक फर्जी राशन कार्ड सिस्टम से हटा दिए हैं और राशन वितरण प्रणाली को आधार से जोड़ा है। गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मिशन मोड पर कामप्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने मिशन मोड में काम किया है। गरीबों के लिए पक्का घर, शौचालय, गैस कनेक्शन और नल कनेक्शन जैसी योजनाएं चलाई गई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि 60 करोड़ से ज्यादालोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने की सुविधा दी गई
हरियाणा के पंचकूला में भारतीय वायुसेना का जगुआर विमान क्रैश, पायलट सुरक्षित

भारतीय वायुसेना का एक जगुआर लड़ाकू विमान हरियाणा के पंचकूला जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान अंबाला एयरबेस से एक प्रशिक्षणउड़ान पर था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पायलट समय रहते विमान से बाहर निकलने में सफल रहा। इस हादसे के कारणों की जांच केलिए वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया है। मोरनी के पहाड़ी इलाके में गिरा विमानजानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना पंचकूला के मोरनी क्षेत्र के बालदवाला गांव के पास हुई। विमान पहाड़ी और जंगलों से घिरे इलाके में गिरा, जिससेआसपास कोई जनहानि नहीं हुई। चश्मदीदों के अनुसार, विमान हवा में लहराते हुए पेड़ों से टकराया और फिर खाई में गिर गया। पायलट ने पैराशूट से बचाई जानविमान में तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए पैराशूट के जरिए छलांग लगा दी, जिससे वह सुरक्षित बच गया। स्थानीयलोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पायलट की सहायता की। हादसे के बाद घटनास्थल पर मलबा फैलाविमान टकराने के बाद उसमें आग लग गई और वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। इस घटना का वीडियो भीसामने आया है, जिसमें दुर्घटना के बाद धुआं उठता दिख रहा है।जांच के आदेश जारी, प्रशासन मौके पर मौजूदघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वायुसेना के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और राहतकार्य जारी है। वायुसेना ने प्राथमिक जांच में इसे तकनीकी खराबी का मामला माना है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद होगी।
दिल्ली की महिलाओं को ₹2500 देने की योजना पर बड़ा फैसला, 8 मार्च को हो सकता है ऐलान

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 देने का वादा किया था। अब इस योजना को लागू करने की दिशा मेंबड़ा कदम उठाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेटबैठक होगी, जिसमें इस योजना को मंजूरी मिलने की संभावना है। महिला दिवस पर हो सकती है आधिकारिक घोषणान्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार इस योजना को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, जहां आधिकारिक रूप से इसकाऐलान किया जाएगा। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली कैबिनेट के मंत्री मौजूद रह सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सरकार से पूछा सवालदिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस योजना को लेकर सरकार से सवाल उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर पूछा किमहिलाओं के खातों में पैसे कब तक आएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी वादे का हवाला देते हुए कहा कि 8 मार्च को महिलाओं के खातेमें ₹2500 आने चाहिए। सीएम रेखा गुप्ता का जवाबमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिलाओंको ₹2500 देने की योजना पर जल्द अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “दिल्ली की महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है। जो वादा हमनेकिया है, वह पूरा किया जाएगा। हमारी सरकार जनता को भूलने वाली नहीं, बल्कि वादों को निभाने वाली सरकार है।” कैसे मिलेगा लाभ?सूत्रों के मुताबिक, 8 मार्च से इस योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित एककार्यक्रम के दौरान इस योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।दिल्ली सरकार की मंत्रिमंडल बैठक में हुई चर्चाइससे पहले आज सुबह दिल्ली के मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें कई अहम मसलों पर विचार-विमर्श किया गया। बताया जा रहा है कि महिला सम्मानयोजना पर अंतिम मुहर लगने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दिल्ली की महिलाओं के लिए क्या होगा अगला कदम? अब सभी की नजरें 8 मार्च की कैबिनेट बैठक और कार्यक्रम पर टिकी हैं। अगर इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो यह दिल्ली की महिलाओं के लिएएक बड़ी राहत साबित होगी।
मोहम्मद शमी के रोजा न रखने पर विवाद, कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने किया समर्थन

कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी का समर्थन किया है, जिन्हें रमजान में रोजा न रखने को लेकर आलोचना का सामना करनापड़ा। उन्होंने कहा कि इस्लाम में यात्रा के दौरान रोजा रखने की अनिवार्यता नहीं होती, और चूंकि शमी मैच खेलने के लिए यात्रा कर रहे हैं, इसलिएउन पर इस तरह का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। शमा मोहम्मद ने क्या कहा?शमा मोहम्मद ने कहा, “इस्लाम एक वैज्ञानिक धर्म है, जो किसी पर कोई चीज थोपता नहीं। जब कोई यात्रा कर रहा होता है, तो उस पर रोजा रखनेकी अनिवार्यता नहीं होती। शमी दुबई में मैच खेल रहे थे, जहां खेल के दौरान बहुत प्यास लगती है। ऐसे में उन पर रोजा रखने का दबाव नहीं डालाजा सकता।” कैसे शुरू हुआ विवाद?दरअसल, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान दुबई में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए सेमीफाइनल मैच में मोहम्मद शमी की एक तस्वीर सामने आई, जिसमेंवह एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए। इसके बाद एक मौलाना ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने रमजान के दौरान रोजा न रखकर गलती कीहै। मौलाना ने शमी पर क्या टिप्पणी की?ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शमी के खिलाफ बयान देते हुए कहा, “रोजा इस्लाम में फर्ज है। अगरकोई स्वस्थ व्यक्ति इसे नहीं रखता, तो वह शरीयत के अनुसार अपराधी है। लोग उन्हें देख रहे थे, फिर भी उन्होंने पानी पी लिया, जो गलत संदेश देताहै। उन्हें खुदा को इसका जवाब देना होगा।” शमी को समर्थन और विरोधइस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। जहां कुछ लोग शमी की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कई लोग—including शमा मोहम्मद—उनका समर्थन कर रहे हैं। इस पूरे मामले ने धार्मिक परंपराओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर चर्चा को जन्म दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर रोक लगाने से किया इनकार, निर्माण कार्य जारी रहेगा

सुप्रीम कोर्ट ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) के निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को भी बरकरार रखा, जिसमें सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉरपोरेशन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया गयाथा। CJI बेंच ने यथास्थिति बनाए रखने की मांग ठुकराईइस याचिका में महाराष्ट्र सरकार द्वारा धारावी पुनर्विकास परियोजना को अदाणी प्रॉपर्टीज लिमिटेड को सौंपे जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी।मामले की अगली सुनवाई मई 2025 में होगी। हालांकि, याचिकाकर्ता ने इस दौरान यथास्थिति बनाए रखने की मांग की, जिसे सुप्रीम कोर्ट के मुख्यन्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि परियोजना का काम पहले ही शुरू हो चुका है, और कुछ रेलवे क्वार्टर भी तोड़े जा चुके हैं। अदाणी ग्रुप का पक्षसुनवाई के दौरान, अदाणी ग्रुप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि परियोजना का कार्य काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंनेबताया कि करोड़ों की मशीनें और निर्माण सामग्री पहले ही लगाई जा चुकी हैं, और करीब 2000 लोग इसमें कार्यरत हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट पर रोकलगाना अपूरणीय क्षति का कारण बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को इस याचिका पर नोटिस जारी किया है। 53,000 घरों का सर्वेक्षण पूराएशिया के सबसे बड़े स्लम के रूप में पहचाने जाने वाले धारावी में पुनर्विकास कार्य तेजी से हो रहा है। अदाणी ग्रुप की इस परियोजना से धारावी केपूरे परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत 53,000 से अधिक घरों का डोर-टू-डोर सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जोमुंबई स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सर्वेक्षण माना जा रहा है। परियोजना का असरधारावी पुनर्विकास परियोजना का मकसद इस क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना और वहां के निवासियों को बेहतर जीवन सुविधाएंप्रदान करना है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद, अब परियोजना के कार्य में तेजी आने की संभावना है, जिससे धारावी का कायाकल्प होने कीउम्मीद जताई जा रही है।
परिसीमन के खिलाफ एकजुटता की पहल, सीएम स्टालिन ने मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, 22 मार्च को बैठक प्रस्तावित

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंनेएक “संयुक्त कार्रवाई समिति” (JAC) के गठन की अपील की है, ताकि इस मुद्दे पर समन्वित रणनीति बनाई जा सके। यह पत्र केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब सहित कई राज्यों को भेजा गया है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों केमुख्यमंत्रियों को भी इस चर्चा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। राज्यों की सहमति और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की नियुक्ति का अनुरोधअपने पत्र में स्टालिन ने दो प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया है—पहला, इन राज्यों से औपचारिक सहमति प्राप्त करना, और दूसरा, संबंधितराजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं को संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) में नियुक्त करने का अनुरोध। उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम सेतमिलनाडु की रणनीति को अन्य राज्यों के साथ समन्वय में आगे बढ़ाया जा सकता है। 22 मार्च को बैठक प्रस्तावितस्टालिन ने 22 मार्च को चेन्नई में एक बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें परिसीमन के मुद्दे पर गहन चर्चा की जाएगी। पत्र में उन्होंनेकहा, “यह समय नेतृत्व और सहयोग की मांग करता है। हमें राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक हितों की रक्षा के लिए एक साथ खड़ा होनाहोगा।” गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर आपत्तिस्टालिन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उपयोग किए गए “प्रो-राटा” शब्द पर भी सवाल उठाया है। शाह ने दावा किया था कि परिसीमन के बादतमिलनाडु की आठ लोकसभा सीटें कम हो सकती हैं। स्टालिन ने इस बयान को “खोखली बयानबाजी” बताते हुए इसे खारिज कर दिया। परिसीमन से विकासशील राज्यों को नुकसान का आरोपतमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने परिसीमन प्रक्रिया की आलोचना करते हुए इसे उन राज्यों के लिए अनुचित करार दिया, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण औरसुशासन को प्रभावी रूप से लागू किया है। उन्होंने इसे न केवल राज्यों के अधिकारों पर हमला बताया, बल्कि संसाधनों के उचित वितरण की क्षमताको भी प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा बताया। राजनीतिक दलों और राज्यों से एकजुट होने की अपीलस्टालिन ने विभिन्न राजनीतिक दलों और राज्यों के नेताओं से अपील की है कि वे इस प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। उन्होंनेCPI(M), कांग्रेस, AAP, TDP, YSRCP, BJD और अकाली दल सहित कई पार्टियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को भी इस अभियान में शामिल होनेके लिए आमंत्रित किया है। बीजेपी शासित राज्यों को भी न्योतादिलचस्प बात यह है कि स्टालिन ने बीजेपी शासित ओडिशा के मुख्यमंत्री को भी इस चर्चा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इसके अलावा, आंध्रप्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सहयोगी पार्टी टीडीपी को भी इस संवाद में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।