Skip to main content

NEWS अब तक

फुटबॅाल के कप्तान सुनील छेत्री ने रिटायरमेंट के बाद लिया यू टर्न, अब बजेगा फिर से फुटबॅाल में डंका

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान सुनील छेत्री ने रिटायरमेंट से यू टर्न ले लिया है भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान सुनील छेत्री रिटायरमेंट कोठेका दिखाते हुए अभी यू टर्न ले लिया है. भारत का यह दिग्गज एक बार फिर ब्लू जर्सी में खेलते नजर आएगा. टूर्नामेंट एएफसी एशिया कप 2027 क्वालीफायर्स टूर्नामेंट होगा. छेत्री ने पिछले वर्ष फीफा वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफायर्स में कुवैत के खिलाफ O-O से ड्रा करने के बाद रिटायरमेंट काऐलान कर दिया था. भारतीय फुटबॉल टीम के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से यह जानकारी साझा की गई है. एक पोस्ट केमाध्यम से बताया गया कि छेत्री मार्च महीने में ही अपना अगला मैच खेलते दिखेंगे. एफसी एशियन कप 2027 क्वालीफायर्स टूर्नामेंट में भारत काअगला मैच 25 मार्च को बांग्लादेश के साथ होगा. यह एशिया कप क्वालीफायर्स में तीसरे राउंड का मैच होगा. तीसरे राउंड भारत, बांग्लादेश हॅान्ग-कॅान्ग और सिंगापुर को ग्रुप सी में रखा गया है. 25 मार्च को होगा भारत और बांग्लादेश के साथ मैच25 मार्च को भारत का मैच बांग्लादेश देश से होगा. जिसमें सुनील छेत्री वापसी करेंगे. सुनील छेत्री अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में भारत के लिए सबसे ज्यादागोल करने वाले खिलाड़ी हैं. उनके नाम अभी 94 गोल है. और विश्व में सबसे ज्यादा गोल करने की मामले में चौथे स्थान पर है. इस सूची में उनसे आगेक्रिस्टियानो, रोनाल्डो लियोनेल मेसी और अली देई है. पिछले वर्ष अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद छेत्री इंडियन सुपर लीग में बेंगलुरूएफसी के लिए शानदार प्रदर्शन करते देखे गए थे. इस सीजन में उन्होंने 12 गोल दाग दिए हैं. और अभी इस सीजन में सबसे ज्यादा गोल दागने वालेभारतीय खिलाड़ी हैं. पिछली वर्ष रिटायरमेंट लेते हुए सुनील छेत्री ने कहा कि मैं रिटायरमेंट का फैसला शारीरिक फिटनेश की वजह से नहीं लिया था. मैं अब दौड़ सकता हूं. डिफेंड भी कर सकता हूं. मैं मानसिक आधार पर संन्यास का निर्णय लिया था.

UAE में क्यों हुई है सबसे ज्यादा भारतीयों को फांसी की सजा, जानें क्या है इसके पीछे की बजह

UP News: उत्तर प्रदेश की शहजादी खान पर दुबई में एक बच्चे की हत्या का आरोप था. जिसके बाद संयुक्त अरब अमीरात की कोर्ट ने उन्हें मौतकी सजा सुनाई और 15 फरवरी को फांसी दे दी गई. हाल ही में केरल के दो युवकों को भी इसी देश में मृत्यु कांड मिला. जिससे गल्फ में फांसी पानेवाले भारतीयों पर बहस छिढ़ गई. दुबई में नौकरी करने पहुंची शहजादी को मौत की सजा मिली उस पर एक मासूम की हत्या का आरोप था. जिसकीवह देखभाल करती थी. यूएई में हाल ही में दो और भारतीय नागरिकों को मौत की सजा दे दी गई. दोनों ही केरल के रहने वाले हैं. ये मामले रेयर नहींहै. बहुत से भारतीय विदेशी जिलों में मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं. खुद सरकार ने माना कि यूएई और सऊदी अरब कुवैत कतर और यमन मेंकुल मिलाकर 54 भारतीय नागरिकों को सजा एवं मौत सुनाई जा चुकी. लेकिन क्या यह हाल केवल भारतीयों का है या खाड़ी मुल्क सबसे एक साथव्यवहार करते रहे. डेटा के मुताबिक 10,000 से ज्यादा भारतीय कैदसरकारी डेटा के मुताबिक फिलहाल दुनिया भर के जेलों में 10,000 से ज्यादा भारतीय कैद है. इसमें अपराधी साबित हो चुकी लोगों के साथ वह भीहैं जिनका ट्रायल चल रहा है. वैसे ही संख्या ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि कई देश ऐसी भी है जो प्राइवेसी का हवाला देते हुए यह डाटा शेयर नहींकरते हैं. सऊदी में सबसे ज्यादा 2,633 कैदी है. इसके बाद 2,518 कैदियों के साथ यूएई आता है. इसके बाद सबसे ज्यादा भारतीय पड़ोसी देशों कीजेल में है. वेस्टर्न देशों में भारतीय कैदी है लेकिन संख्या काफी कम है. फिलहाल यूएई में 29 और सऊदी में 12 भारतीय डेथ रो में है. वही तीन कुवैतऔर एक-एक कतार और यमन में है. गल्फ में संयुक्त अरब अमीरात की ज्यादा इंडियन है. उनमें से ज्यादातर के साथ अपराध एक ऐसे है. लगभग सभीड्रग्स, अल्कोहल जैसी क्राइम से जुड़े पाए गए. बता दें कि मुस्लिम बहुल इन देशों में शराब और किसी भी तरह के नशे पर बना रहता है. इसके अलावाखाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कई बार आर्थिक धोखाधड़ी में भी फस जाते हैं. गलती से कर जाते है सीमा पारदरअसल अधिकतम कम पढ़े-लिखे लोग होते हैं. जो अपने पक्ष में मजबूत सबूत नहीं रख पाते ऐसे में भी लंबे समय के लिए जेल में पड़े रहते हैं. पड़ोसी देश की बात करें तो अक्सर लोग गलती से सीमा पार कर जाते हैं. मसलन भारत या नेपाल यह भारत-पाकिस्तान के बीच का बॉर्डर तो लंबा है. लेकिन हर जगह पक्की फेसिंग नहीं है कई बार चरवाहे अपने पशुओं की खोज में यहां से वहां पहुंच जाते हैं. और सबूत की कमी के चलती गिरफ्तारहो जाते हैं. यही बात समुद्री सीमा के मामले में भी लागू होती है अक्सर खबर आती है कि दूसरे देश की सीमा पर पहुंचने की वजह से भारतीय मछुआरोंको बंदी बना लिया गया है. दूसरे देश इसकी जांच पड़ताल करते हैं कि वह कहीं जासूस तो नहीं. तसल्ली के बाद भी रिहाई होती है इसमें ही सालोंलग जाते हैं

अमेरिका के राष्ट्रपति ने किया बड़ा ऐलान भारत लेता है सबसे ज्यादा शुल्क,दुनिया के प्रत्येक देश ने लूटा अमेरिका “अब है अमेरिका की बारी”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहां कि भारत बहुत अधिक शुल्क वसूलने वाला देश है. ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क लगानेवाले देशों पर जवाबी शुल्क दो अप्रैल से लागू होंगे. उन्होंने कहा सबसे बड़ी बात तो 2 अप्रैल की होगी. जब जवाबी शुल्क लागू होंगे फिर चाहे वहभारत हो या चीन कोई भी देश भारत बहुत अधिक शुल्क लगाने वाला देश है. ट्रंप ने गुरुवार को ओवल ऑफिस में कुछ शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षरकरते हुए कहा मैं आपको बताता हूं कि उच्च शुल्क वाला देश कौन है. वह कनाडा है कनाडा हमसे हमारे दूध उत्पादन और अन्य उत्पादों पर 250 प्रतिशत शुल्क लेता है. और लकड़ी एवं ऐसी ही चीजों पर बहुत ज्यादा शुल्क लगता है. हमें उनकी लकड़ी की जरूरत नहीं है. हमारे पास उनकी तुलनामें बहुत ज्यादा लकड़ी हैं. हमें कनाडा की लकड़ी की जरूरत नहीं है. दुनिया के प्रत्येक देश ने मुझे लूटा- ट्र्ंपट्रंप ने यह भी कहा कि अभी शुल्क अस्थाई और कम है लेकिन जवाबी शुल्क 2 अप्रैल से शुरू होंगे और भी हमारे देश के लिए बड़े परिवर्तन लाने वालेहोंगे दुनिया के हर देश ने हमें लूटा है. वह हमसे 150- 200 प्रतिशत शुल्क वसूलते हैं. और उनसे कुछ भी नहीं लेते इसलिए भी हमसे जो शुल्कवसूलेंगे हम उनसे उतना ही शुल्क लेंगे और उससे कोई बच नहीं पाएगा. इसलिए हम 2 अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं मैं लंबे समय से उस तारीख काइंतजार कर रहा हूं. और यह बहुत बड़ी बात होगी यह दूसरी बार है. जब ट्रंप ने भारत के शुल्क के बारे में टिप्पणी की अमेरिकी राष्ट्रपति ने आधिकारिकआवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यालय के दौरान के पहले संयुक्त सत्र को मंगलवार को संबोधित करते हुए ट्रंप ने भारत और अन्यदेशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की आलोचना की और उन्होंने बेहद अनुचित करार दिया.

पादरी बजिंदर सिंह केस में महिला आयोग ने दी चेतावनी, पीड़िता को सुरक्षा देने का किया ऐलान

पादरी बजिंदर सिंह मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत संज्ञान लिया है. आयोग ने तुरंत पीड़ित को सुरक्षा देने और पादरी की गिरफ्तारी की मांगकी है. एक महिला की शिकायत पर बजिंदर सिंह ने खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दरअसल 2018 में भी जीकरपुर की एक महिला ने बजिंदरसिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था. पंजाब के प्रसिद्ध पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज होने के बादघटना का राष्ट्रीय आय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है. आयोग ने इस मामले में तुरंत एक्शन लेने का आग्रह किया है जानकारी के मुताबिक पंजाबकी कपूरथला के रहने वाली 22 वर्षीय एक युवती ने बजिंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. युवती ने पादरी पर गलत तरीके से छने और यौनउत्पीड़न का आरोप लगाया है. महिला आयोग ने पीड़िता को सुरक्षा देने और पादरी बजिंदर सिंह को तुरंत गिरफ्तार करने का मांग की है. महिलाआयोग ने एक्स पर लिखा. यौन उत्पीड़न के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायतअध्यक्ष विजया राहतकर के निर्देश पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने पंजाब की जालंधर में यौन उत्पीड़न के आरोप में पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ दर्जशिकायत से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का स्वत संज्ञान लिया है. आयोग ने भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है. जिसमें उनकी गिरफ्तारी और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करना शामिल है. एटीआर और एफआईआर की प्रति तीन दिनों के भीतर प्रस्तुति की जानी है. कपूरथला पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन कर दिया है. जालंधर के गांव ताजपुर में बजिंदर सिंह थे चर्च ऑफ़ ग्लोरी एंडविजडम के नाम से ही मसीहा सत्संग का आयोजन करते हैं. उनके वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल रहते हैं. महिला का आरोप है कि चैटिंगके दौरान पादरी बजिंदर ने अनुचित मैसेज भेजें और कई बार फोन किया साल 2022 में पादरी ने गंदे तरीके से छुआ और गले लगाने का प्रयास भीकिया कॉलेज जाते वक्त पीछा भी किया. शिकायत में महिला ने अभी कहा कि पादरी बजिंदर ने इस मामले में किसी को कुछ बताने पर पूरे परिवारको जान से मारने की धमकी दी.

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने MCD में दिया तख्तापलट का इशारा, दिल्ली को सिर्फ विकसित कर सकती है डबल इंजन सरकार

Delhi News: दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की वजह से जीत मिली है. इसमें किसी अकेले नेता काहाथ नहीं है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर हम दिल्ली का विकास करेंगे. उन्होंने अपनी सरकार की नीतियों और योजनाओं को बारे मेंखुलकर कहा.इसके साथ ही दिल्ली को लेकर अपने विजन के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ रेखा गुप्ता को कम नहीं बनाया बल्कियह देश की बेटियों का सम्मान है. रेखा गुप्ता ने कहा कि हमें ऐसे नेता मिले हैं जो छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं का की भी सराहना करते हैं. दिल्ली केविकास को लेकर रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली निगम में आम आदमी पार्टी के पार्षद खुद हमारे साथ आना चाहते हैं. और हमें किसी को तोड़ने कीजरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकसित वनाने का काम अब डबल इंजन की सरकार का है. उन्होंने कहा कि बीच का जो समय गया हैउसमें दिल्ली वासियों को यह भी समझ आया है. दिल्ली को विकसित करेगी डबल इंजन सरकारदिल्ली को विकसित बनाने के लिए डबल इंजन सरकार ही एकमात्र रास्ता है. रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं अकेले सीएम नहीं बनी बल्कि पूरे लीडरशिपकी जिम्मेदारी मिली है. और सभी को मिलकर यह रास्ता तय करना है. पहले की सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर नहीं चलना चाहती थी. लेकिन अबहम मिलकर काम करेंगे शीशमहल में रहकर काम नहीं कर सकती और जनता के बीच रहकर काम करेंगे. क्योंकि जनता ने हमें इसी भरोसे के साथ सत्तामें बैठाया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोज हजारों लोग अलग-अलग राज्यों से नए सपने लेकर आते हैं. और सभी चाहते हैं कि हमें दिल्ली में अच्छामाहौल मेरे इसी वजह से हमारी कोशिश से कि हम उनके आशाओं को पूरा करें और दिल्ली की जनता को काम सरकार से चाहिए. उसे करना हमारीप्राथमिकता है. दिल्ली में हेल्थ सेक्टर से लेकर सड़के अस्पताल हर स्तर का काम होना है. दिल्ली में हमने समर एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दियाहै. ताकि पानी की समस्या और जल भराव जैसी दिक्कतों से निपटा जा सके. बुनियादी सुविधाओं को पूरा करना हमारा मकसदरेखा गुप्ता ने कहा कि सभी बुनियादी सुविधाओं को पूरा करना हमारा मकसद है इस साल दिल्ली में गर्मी के मौसम में जल संकट नहीं होगा. औरबारिश में जल भराव से भी निजात मिलेगी. दिल्ली में कुछ भी करने से पहले बहुत कुछ सोचा जाता है. अगर पीएम मोदी ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी है तोवक्त बताएगा कि यह फैसला कैसे ऐतिहासिक रचने जाएगा. पहले की सरकार में दिल्ली के सिस्टम को बिगाड़ दिया है. हमने काम शुरू करने से पहलेचुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं. दिल्ली में पॉल्यूशन को लेकर रेखा गुप्ता ने कहा किसी निजात देने के लिएहम समय बाद तरीके से कम कर रहे हैं. और इसके लिए एक्सपर्ट की राय ली जा रही है.प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए हर दिशा में काम करने की जरूरतहै एयर पॉल्यूशन से लेकर वॉटर पॉल्यूशन काम करने पर हमारा फोकस है. सबसे पहले हमने यमुना की सफाई का काम शुरू कर दिया था. और नदी मेंगिरने वाले नालों के भी सफाई जारी है. वहीं दूसरी ओर ए व्हीकल और पराली को खत्म करने के लिए रास्ते पर हम चल पड़े हैं इसके लिए हमें पड़ोसीराज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

मणिशंकर अय्यर के बयान पर सियासत गरमाई, अशोक गहलोत ने की कड़ी आलोचना

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। राजस्थान के पूर्वमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने अय्यर की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। गहलोत ने अय्यर को बताया ‘सिरफिरा’जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि मणिशंकर अय्यर से इस तरह के बयान की उम्मीद कोई भी नहीं कर सकता था।उन्होंने कहा, “राजीव गांधी के बारे में ऐसी टिप्पणी वही व्यक्ति कर सकता है, जो सिरफिरा हो।” गहलोत ने अय्यर के बयान को ‘निराधार’ और ‘हैरानकरने वाला’ बताया। मणिशंकर अय्यर के पुराने बयानों पर भी उठाए सवालअशोक गहलोत ने अय्यर के पूर्व में दिए गए बयानों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर पिछले कुछ वर्षों से विवादास्पदबयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अय्यर पर आरोप लगाते हुए कहा, “उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी कई बार विवादास्पद टिप्पणियां की हैं।इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान की नीति का समर्थन किया और पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के बारे में भी आपत्तिजनक बयान दिए।” अय्यर के बयान को बताया ‘हताशा की पराकाष्ठा’गहलोत ने अय्यर के बयान को उनकी हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “राजीव गांधी ने देश-विदेश में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया था।वे युवाओं को मताधिकार देने, महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने और संवैधानिक सुधार लाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में मणिशंकरअय्यर का यह बयान उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है।” कांग्रेस में अय्यर के भविष्य पर सवालगहलोत ने कहा कि अय्यर लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के समर्पित नेता रहे हैं, लेकिन अब उनके विचार और बयान समझ से परे हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्वसे अपील की कि ऐसे बयानों पर उचित कार्रवाई की जाए।

होली के दिन लखनऊ में जुमे की नमाज के समय में बदलाव, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

लखनऊ में इस बार होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं ने एहतियात के तौर पर एक बड़ा फैसलालिया है। जामा मस्जिद की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, 14 मार्च को होने वाली जुमे की नमाज के समय में बदलाव किया गया है। आमतौरपर जुमे की नमाज दोपहर 12:30 बजे अदा की जाती है, लेकिन इस बार इसे आगे बढ़ाकर दोपहर 2 बजे कर दिया गया है। समय बदलाव का कारणइस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह है कि होली का त्योहार और नमाज के समय का आपसी टकराव न हो। चूंकि होली के दौरान सड़कों पर काफी चहल-पहल होती है, रंगों की होली खेली जाती है और जुलूस भी निकलते हैं, इसलिए मस्जिद प्रशासन ने यह निर्णय लिया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रियस्थिति से बचा जा सके और दोनों समुदाय शांति व भाईचारे के साथ अपने-अपने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को मना सकें। धार्मिक नेताओं ने की सौहार्द बनाए रखने की अपीलऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने सभी से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की है।उन्होंने कहा कि भारत की खूबसूरती इसकी गंगा-जमुनी तहजीब में है, जहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहारों को मनाते हैं। उन्होंनेयह भी कहा कि इस तरह के फैसले समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करते हैं। प्रशासन भी अलर्टलखनऊ प्रशासन भी होली और जुमे की नमाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकेंहो चुकी हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय घटना को रोका जा सके।साथ ही, ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। पहले भी हो चुके हैं ऐसे फैसलेयह पहली बार नहीं है जब होली या किसी अन्य त्योहार के मद्देनजर नमाज के समय में बदलाव किया गया हो। इससे पहले भी कई बार प्रशासन औरधार्मिक संगठनों की सहमति से ऐसे फैसले लिए गए हैं ताकि दोनों समुदाय अपने-अपने रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों को शांति औरसौहार्दपूर्वक मना सकें। सामाजिक सौहार्द के लिए सराहनीय कदमइस फैसले को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इसे सौहार्द को बनाए रखने के लिए एक अच्छा कदम बताया है।वहीं, हिंदू संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह हमारी साझा संस्कृति को मजबूत करता है।

नई शिक्षा नीति पर किरेन रिजिजू का बयान, त्रिभाषा नीति पूरे देश के लिए फायदेमंद

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नई शिक्षा नीति (NEP) में शामिल त्रिभाषा नीति का समर्थन किया और इसे पूरे देश के लिए लाभकारी बताया। उन्होंनेकहा कि इस नीति को लेकर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं और गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। त्रिभाषा नीति पर उठ रहे विवाद पर प्रतिक्रियाकेंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू की गई त्रिभाषा नीति का उद्देश्य पूरेदेश में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने इस पर हो रही बहस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे का राजनीतिकरण करनेकी कोशिश कर रहे हैं। भाषा और धर्म के आधार पर विभाजन का विरोधरिजिजू ने तिरुवनंतपुरम में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान यह बयानदिया। उन्होंने कहा कि भारत विविध भाषाओं और संस्कृतियों का देश है, और इसे भाषा या धर्म के आधार पर बांटना सही नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी मातृभाषाएं अलग-अलग हैं, फिरभी वे एक साथ मिलकर देश के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार, हर भारतीय को एकता बनाए रखनी चाहिए और शिक्षा को राजनीति सेदूर रखना चाहिए।तमिलनाडु का विरोध और आंध्र प्रदेश का समर्थनतमिलनाडु सरकार ने नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर कड़ा विरोध जताया है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु में इसेलागू नहीं किया जाएगा, भले ही केंद्र सरकार इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये की पेशकश करे। इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने त्रिभाषा नीति का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों को केवल तीन ही नहीं बल्कि अधिकभाषाएं सीखने के अवसर मिलने चाहिए। राष्ट्रीय एकता की जरूरतरिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा भारत की एकता और समानता की बात करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राज्य, समुदाय याभाषा के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और देश के हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे शिक्षा नीति को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं और इसे देश की उन्नति और युवाओं के भविष्य के दृष्टिकोण सेअपनाएं।

सुप्रीम कोर्ट से उदयनिधि स्टालिन को राहत, सनातन धर्म विवाद पर नई FIR दर्ज करने पर रोक

उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को राहत देते हुए उनके खिलाफ सनातन धर्म पर की गई विवादितटिप्पणी को लेकर नई प्राथमिकी दर्ज करने पर रोक लगा दी। प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने यह आदेश देतेहुए कहा कि स्टालिन के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में उन्हें जबरन कार्रवाई से बचाव देने वाला अंतरिम आदेश जारी रहेगा। सितंबर 2023 में एक सम्मेलन के दौरान द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी। उन्होंनेसनातन धर्म की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू से करते हुए इसे समाप्त करने की आवश्यकता जताई थी। इस बयान के बाद, महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू और कर्नाटक सहित देश के कई राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। स्टालिन ने इन मामलों को एक साथ जोड़ने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एम. सिंघवी और पी. विल्सन ने अदालत में दलील दी कि बिहार में उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है, इसलिए उन्होंने शिकायतकर्ताओं को वर्तमानयाचिका में पक्षकार बनाने के लिए संशोधन आवेदन दायर किया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्टालिन के खिलाफ दर्ज पहले से मामलों में दी गई अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी और उनके खिलाफकोई नई एफआईआर दर्ज नहीं होगी। इसके अलावा, अदालत ने संकेत दिया कि आगे की सुनवाई में सभी एफआईआर को एक ही स्थान पर जोड़नेपर विचार किया जाएगा। सिंघवी ने नूपुर शर्मा, मोहम्मद जुबैर और अर्नब गोस्वामी के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में दर्जएफआईआर को एक स्थान पर स्थानांतरित करने का फैसला किया था। उन्होंने तर्क दिया कि नूपुर शर्मा मामले में अदालत ने उनके बयान कोअत्यधिक आक्रामक माना था, फिर भी उनकी एफआईआर को एक जगह जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि उसी तरह उदयनिधि स्टालिन के मामलों काभी निपटारा किया जाना चाहिए। इस फैसले से स्टालिन को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि उनके खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकेगी। हालांकि, पहले से दर्ज मामलों मेंकानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और सुप्रीम कोर्ट आने वाली सुनवाई में यह तय करेगा कि सभी मामलों को एक साथ जोड़ा जाए या नहीं।

कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में गिरफ्तार, फ्लैट से 2 करोड़ का सोना और 2.7 करोड़ कैश बरामद

फ्लैट से 2 करोड़ की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ कैश बरामद, पिता DGP रामचंद्र राव ने किया संबंधों से इनकार बेंगलुरु: कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री रान्या राव को डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने गोल्ड स्मगलिंग के आरोप में गिरफ्तारकिया है। बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रान्या को 14.2 किलो सोने के साथ पकड़ा गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है। इसमामले में पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके आलीशान फ्लैट पर छापा मारकर 2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपये नकद बरामदकिए हैं। कैसे हुआ खुलासा?DRI को गुप्त सूचना मिली थी कि दुबई से बेंगलुरु लौटने वाली एक महिला तस्करी में शामिल हो सकती है। सूचना के आधार पर अधिकारियों नेबेंगलुरु एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी। जैसे ही रान्या एयरपोर्ट पहुंचीं, जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ। महिला अधिकारी ने जब तलाशी ली, तो पाया कि रान्या ने 14.2 किलो सोना बेल्ट में छिपाकर लपेट रखा था। इसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार करलिया गया। बार-बार दुबई जाने से हुआ शकजांच में पता चला कि रान्या राव ने पिछले 15 दिनों में चार बार दुबई की यात्रा की थी। अधिकारियों को संदेह है कि वह एक बड़े गोल्ड स्मगलिंगनेटवर्क का हिस्सा हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रान्या को हर किलो सोने की तस्करी के लिए 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था, जिससेवह एक ट्रिप में करीब 12-13 लाख रुपये कमा रही थीं। फ्लैट से करोड़ों की संपत्ति बरामदगिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बेंगलुरु के लावेल रोड स्थित रान्या के आलीशान अपार्टमेंट पर छापा मारा। इस दौरान फ्लैट से 2 करोड़ रुपये मूल्य कीज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। जांच एजेंसियों को शक है कि यह संपत्ति भी तस्करी से अर्जित की गई हो सकती है। DGP रामचंद्र राव से जुड़ा नामइस केस में एक और चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब यह पता चला कि रान्या राव कर्नाटक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के DGP रामचंद्र राव कीसौतेली बेटी हैं। हालांकि, DGP रामचंद्र राव ने सफाई देते हुए कहा,“रान्या मेरी सौतेली बेटी हैं, लेकिन मैं उनके संपर्क में नहीं हूं। वह अब मेरे साथ नहीं रहतीं और अपने पति के साथ अलग रहती हैं। मुझे इस मामले कीजानकारी मीडिया के जरिए मिली है। कानून सबके लिए समान है।” बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का शकDRI को संदेह है कि रान्या केवल एक मोहरा हैं और उनके पीछे एक बड़ा तस्करी गिरोह सक्रिय है। अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहेहैं कि वह दुबई में किससे संपर्क कर रही थीं और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। राजनीतिक बयानबाजी शुरूइस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीजेपी विधायक डॉ. भरत शेट्टी वाई ने कहा:“अगर लोकल पुलिस इस मामले में शामिल है तो यह सत्ता के दुरुपयोग का मामला है। सरकार को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।” वहीं, कांग्रेस विधायक एएस पोन्ना ने कहा:“चाहे आरोपी किसी प्रभावशाली व्यक्ति की बेटी हो या आम नागरिक, कानून सबके लिए समान है। जांच एजेंसियों को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।” 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रान्यागिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने रान्या राव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल, पुलिस और DRI उनकी दुबई यात्राओं, बैंक खातोंऔर संपर्कों की जांच कर रहे हैं। फिल्मी करियर पर भी सवालरान्या राव ने कन्नड़ फिल्मों में कुछ चर्चित भूमिकाएं निभाई हैं। उनकी गिरफ्तारी से फिल्म इंडस्ट्री में भी हलचल मच गई है। अब इस मामले के सामनेआने के बाद उनके करियर पर भी सवालिया निशान लग गया है।क्या है आगे की जांच?DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि रान्या के पीछे कौन लोग हैं और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय है। इस केस में और भी गिरफ्तारियां होसकती हैं।