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दिल्ली बजट सत्र 24 से 26 मार्च तक, सीएम रेखा गुप्ता ने जनता से मांगे सुझाव

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बजट सत्र को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र24 मार्च से 26 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। सीएम गुप्ता ने इसे “विकसित दिल्ली का बजट” बताया और कहा कि बजट तैयार करने में जनताकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सरकार ने सुझाव देने के लिए एक व्हाट्सऐप नंबर और एक वेबसाइट जारी की है, जहां दिल्ली केनागरिक अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। जनता से सीधे सुझाव लेगी सरकारसीएम गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार जनता से सीधे सुझाव लेकर बजट तैयार करेगी। इसके तहत 5 मार्च को विधानसभा में महिलाओं से सुझावलिए जाएंगे, जबकि 6 मार्च को व्यापारियों से उनकी राय मांगी जाएगी। इसके अलावा, सरकार के मंत्री भी विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों से बजट कोलेकर सुझाव लेंगे, ताकि दिल्ली को तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके। हर वादा होगा पूराप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा करेगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार सातों दिनकाम कर रही है, जबकि पिछली सरकारों के समय केवल बहाने बनाए जाते थे और विकास कार्य ठप पड़े रहते थे। उन्होंने कहा, “अब दिल्ली का नयाइतिहास लिखा जाना है और हम इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ करेंगे।” भ्रष्टाचार के मामलों पर चर्चामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की पिछली कार्यकाल की केवल दो कैग (CAG) रिपोर्ट अब तक सामने आई हैं, जिनमें कई भ्रष्टाचारके मामले उजागर हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सीएजी हेल्थ रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक दो रिपोर्टसार्वजनिक हुई हैं, लेकिन आने वाले समय में 12 और रिपोर्ट पेश की जाएंगी, जिनमें कई और अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। विपक्ष से सार्थक चर्चा की अपीलमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे बजट सत्र में सार्थक चर्चा में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार की भ्रष्टाचार सेजुड़ी सच्चाई अब जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने विपक्ष से अनुरोध किया कि वे राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर दिल्ली के विकास कोप्राथमिकता दें।

हिमानी नरवाल हत्याकांड, घर में हुई हत्या या बाहर? पुलिस दो संभावित थ्योरी पर कर रही जांच

कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। हिमानी की मां सविता और भाई जतिन ने दावा किया है कि जिससूटकेस में हिमानी का शव मिला था, वह उन्हीं का था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सूटकेस देखा, तो पाया कि वह उनके घर से गायब था। सूटकेसको ध्यान से जांचने पर उसमें एक दरार दिखी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह हिमानी का ही था। आमतौर पर वह ज्यादा कपड़े लेकर जाने के लिएइसी सूटकेस का इस्तेमाल करती थी। अब पुलिस इस हत्याकांड की जांच दो संभावित थ्योरी पर कर रही है। पहली थ्योरी यह है कि हिमानी की हत्या उसके घर पर ही की गई, क्योंकि शव को बाहर ले जाने के लिए सूटकेस एक सुविधाजनक माध्यम हो सकताथा। कुछ सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों को देखा गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सूटकेस हिमानी खुद ले जा रही थी या कोई और व्यक्तिथा। दूसरी संभावना यह है कि हिमानी शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकली थी और रास्ते में या वापसी के दौरान किसी विवाद में उसकीगला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद हत्यारों ने शव को उसी के सूटकेस में डालकर सांपला में फेंक दिया। इस हत्याकांड को लेकर एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि हिमानी की हत्या 28 फरवरी की रात को हो चुकी थी, लेकिन उसके मोबाइलका स्टेटस 29 फरवरी की सुबह 9:30 बजे तक देखा गया। इससे पहले तक यह अफवाह फैली थी कि हिमानी की हत्या की खबर गलत हो सकतीहै। बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि हत्यारों ने हिमानी का फोन अपने कब्जे में ले रखा था। हालांकि, अब पुलिस ने उसका मोबाइल बरामदकर लिया है। हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या कोई अकेला व्यक्ति शव को सूटकेस में डाल सकता है? अगर पहचान छिपानी थी, तो बस स्टैंड केपास शव क्यों फेंका गया? अगर हत्या घर में हुई थी, तो शव को इतनी दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की जरूरत क्यों पड़ी? यदि हत्या बाहर की गई, तोहत्यारे कहां से आ या जा रहे थे? हिमानी ने अपनी मां को यह क्यों नहीं बताया कि वह किस शादी में जा रही थी और किसके साथ थी? हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआईटी, सीआईए और अन्य जांच एजेंसियों ने विजयनगर से सांपला तक 128 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजखंगाली है। इनमें से एक फुटेज में एक युवक सूटकेस ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन कैमरा दूर होने के कारण वह धुंधला है और उसकीपहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है। पुलिस को शक है कि हत्या हिमानी के घर पर ही की गई और फिर शव को ठिकाने लगाया गया। इसके अलावा, पुलिस ने जांच में पाया कि हिमानी के घर का ताला और कमरों की लॉकिंग प्रणाली पहले की तुलना में अलग तरीके से पाई गई।हिमानी को पता था कि घर को कैसे बंद करना है और चाबी कहां रखनी है, लेकिन हत्या के बाद यह सब बदला हुआ मिला। इससे पुलिस को शक हैकि हत्यारे हिमानी के परिचित थे और वारदात को घर में ही अंजाम दिया गया। हर दिन सामने आ रहे नए तथ्यों से इस हत्याकांड की गुत्थी और उलझती जा रही है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगानेकी कोशिश कर रही है कि हत्या की असली वजह क्या थी और अपराधी कौन हैं।

CM एम.के. स्टालिन की अपील, तमिलनाडु में जन्म दर बढ़ाएं, परिसीमन से हो सकता है नुकसान

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य के नागरिकों से जल्दी बच्चे पैदा करने की अपील की है। उनका मानना है कि परिसीमन प्रक्रिया सेराज्य का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। स्टालिन का कहना है कि तमिलनाडु में सफल परिवार नियोजन नीति अब नुकसानदेह साबितहो रही है, क्योंकि इससे राज्य की जनसंख्या कम हो रही है, जो भविष्य में लोकसभा सीटों की संख्या घटने का कारण बन सकती है। पहले सोच-समझकर, अब तुरंत बच्चा पैदा करेंजनसंख्या से जुड़े आंकड़ों का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा,“पहले हम कहते थे कि सोच-समझकर, सही समय पर बच्चे पैदा करें। लेकिन अब परिस्थिति बदल गई है। हमें अब तुरंत इस पर विचार करना होगाऔर जनसंख्या बढ़ाने की जरूरत है।”स्टालिन ने चेताया कि अगर 2026 में परिसीमन लागू हुआ, तो तमिलनाडु की लोकसभा सीटें 39 से घटकर 31 हो सकती हैं। 5 मार्च को सर्वदलीय बैठक का आह्वानइस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्टालिन ने 5 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस गंभीर विषय परएकजुट हों और तमिलनाडु के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस पर चर्चा करें। उन्होंने चुनाव आयोग में पंजीकृत40 दलों को इस बैठक में आमंत्रित किया है। स्टालिन ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कृपया व्यक्तिगत मतभेद और अहंकार छोड़कर इस बैठक में शामिल हों। यह सिर्फ मेरी बात नहीं, बल्कितमिलनाडु के अधिकारों की लड़ाई है। तमिलनाडु पर लटक रही है परिसीमन की तलवार25 फरवरी को कैबिनेट बैठक के बाद स्टालिन ने कहा कि परिसीमन नीति तमिलनाडु के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि जनसंख्याआधारित परिसीमन लागू होने से तमिलनाडु के सांसदों की संख्या घटेगी, जिससे संसद में राज्य की राजनीतिक ताकत कम हो जाएगी। स्टालिन ने इसे “तमिलनाडु पर लटकती तलवार” करार देते हुए कहा कि परिवार नियोजन नीतियों के सफल क्रियान्वयन के कारण अब राज्य कोनुकसान झेलना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने किया स्टालिन के दावे को खारिजहालांकि, केंद्र सरकार और बीजेपी ने स्टालिन के दावे को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी दक्षिण भारतीयराज्य की लोकसभा सीटें कम नहीं होंगी और स्टालिन गलत जानकारी फैला रहे हैं।

मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद को बसपा से बाहर, अनुशासनहीनता बनी वजह

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पिछले 15 दिनों में यह उनकादूसरा बड़ा कदम है। इससे पहले, उन्होंने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से हटाया था। सोशल मीडिया पोस्ट बनी विवाद की वजहरविवार को लखनऊ में हुई बैठक में मायावती ने आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया था। इसके बाद सोमवार सुबह आकाशआनंद ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने खुद को मायावती और बहुजन समाज का निष्ठावान कार्यकर्ता बताया।मायावती की नाराजगी और फैसलामायावती ने आकाश आनंद की इस पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बसपा की जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने के बाद आकाश कोसंयम और परिपक्वता दिखानी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत उन्होंने लंबा सोशल मीडिया पोस्ट लिख दिया। उन्होंने इस रवैये को राजनीतिकअपरिपक्वता करार दिया और इसे अशोक सिद्धार्थ के स्वार्थी और अहंकारी स्वभाव से जोड़ा। अनुशासनहीनता को लेकर बसपा का सख्त रुखमायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा में अनुशासन का पालन सर्वोपरि है और पहले भी इस तरह की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की गई है। बाबासाहेबभीमराव अंबेडकर और कांशीराम की विचारधारा के अनुरूप, उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया। पहले भी मिल चुका झटकायह पहला मौका नहीं है जब आकाश आनंद को पार्टी में झटका लगा हो। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके प्रचार पर रोक लगा दी गई थी, जबकिकुछ समय पहले तक उन्हें मायावती का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। आकाश आनंद का रुखपार्टी से निष्कासन से पहले, आकाश आनंद ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि वह मायावती के प्रति समर्पित हैं और बहुजन समाज के आंदोलन से जुड़ेरहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह वंचितों, पीड़ितों और शोषितों के हक में काम करते रहेंगे। मायावती के इस कड़े निर्णय से स्पष्ट है कि बसपा में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी नीति के खिलाफ जाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।

रोहित शर्मा पर कांग्रेस नेता के बयान से बवाल, BJP ने दी तीखी प्रतिक्रिया

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा इन दिनों सुर्खियों में हैं। रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी के अंतिम लीग मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को करारीशिकस्त दी। इस शानदार जीत के बाद टीम का सेमीफाइनल में मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा। हालांकि, इस जीत के अगले ही दिन कांग्रेस प्रवक्ताशमा मोहम्मद के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया।शमा मोहम्मद के बयान पर विवादकांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को मोटा कह दिया, जिससे हंगामा मच गया। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरलहोने के बाद उन्हें चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी। बीसीसीआई ने भी इस बयान की निंदा की, और खुद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें फटकार लगाई। BJP का पलटवारकांग्रेस नेता की इस टिप्पणी पर BJP विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,“जिस पार्टी की प्रवक्ता शमा मोहम्मद हैं, उस पार्टी के नेता राहुल गांधी खुद अनफिट हैं। उन्होंने कई चुनाव हारे हैं, उन्हें खुद को फिट रखने की जरूरतहै। लेकिन हमें अपने कप्तान रोहित शर्मा पर गर्व है।” ट्वीट डिलीट करने पड़ेशमा मोहम्मद के ट्वीट को लेकर न केवल विपक्ष बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी भी उनके बचाव में नहीं आई। जब विवाद बढ़ा, तो उन्हें अपने आपत्तिजनकट्वीट डिलीट करने पड़े। शमा मोहम्मद ने दी सफाईविवाद बढ़ने पर शमा मोहम्मद ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा,“यह सिर्फ एक खिलाड़ी की फिटनेस पर सामान्य टिप्पणी थी। इसे बॉडी शेमिंग नहीं कहा जा सकता। मैंने सिर्फ यह कहा था कि उनका वजन थोड़ाज्यादा है। जब मैंने उनकी तुलना पिछले कप्तानों से की, तो यह मेरी निजी राय थी। मुझे अपनी बात कहने का अधिकार है, यह लोकतंत्र है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुंभ 2025 की ऐतिहासिक सफलता: एक गौरवमयी यात्रा

महाकुंभ का आयोजन एक ऐतिहासिक और धार्मिक महापर्व है जो भारतीय संस्कृति की महानता का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजितमहाकुंभ 2025 का आयोजन न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना। इस महाकुंभ का आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केनेतृत्व में हुआ, जो इस महान आयोजन को ऐतिहासिक सफलता की ओर लेकर गए। महाकुंभ में न केवल करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, बल्कि इसकी भव्यताऔर सुरक्षा व्यवस्था ने भी इसे एक मील का पत्थर बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व और महाकुंभ की सफलताउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का योगदान महाकुंभ के आयोजन में अतुलनीय है। उन्होंने इस आयोजन को न केवल एक धार्मिक सभाबल्कि एक समृद्ध और सुरक्षित वातावरण में बदल दिया। उनके नेतृत्व में, प्रशासन ने महाकुंभ के आयोजन के लिए सभी तैयारियों को पूरी तरह सेसुसंगत और कार्यक्षम बनाया, ताकि इस धार्मिक पर्व में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण और उनकी तत्परता ने महाकुंभ को व्यवस्थित और सफल बनाया। इस आयोजन के दौरान, उनकेनेतृत्व में सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन, स्वच्छता, और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे न केवल आयोजन का स्तरऊंचा हुआ बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी सम्मान मिला। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या: एक ऐतिहासिक रिकॉर्डमहाकुंभ 2025 में कुल 66.30 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए, जो कि एक अभूतपूर्व संख्या है। यह आंकड़ा अमेरिका की पूरी आबादी से भी दोगुना था, और 193 देशों की कुल आबादी से अधिक था। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक उत्सव था, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक शक्तिका प्रतीक बन गया। महाकुंभ के आयोजन में 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें 37,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 14,000 से ज्यादाहोमगार्ड्स और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे। इस सुरक्षा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित महसूस कराया और इस आयोजन को एक सफलऔर व्यवस्थित रूप दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक कुशलतामहाकुंभ के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक क्षमता को सराहा गया। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन के लिए उत्तर प्रदेशसरकार के सभी विभागों को एकजुट किया और उनका उद्देश्य था कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी। यह आयोजनप्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी चुनौती थी, और मुख्यमंत्री ने इस चुनौती का पूरी तरह से सामना किया। महाकुंभ के आयोजन के दौरान उन्होंने खुद कई बार स्थल का दौरा किया और सुनिश्चित किया कि सारी व्यवस्थाएँ सही ढंग से काम कर रही हों। उनकेप्रयासों से महाकुंभ एक बड़े पैमाने पर सफल रहा, और उनकी यह कुशलता भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक आदर्श बन गई। महाकुंभ और विदेशी प्रतिनिधिमंडलमहाकुंभ के आयोजन में 73 देशों के 116 राजनयिकों ने भाग लिया, जो इस आयोजन की वैश्विक महत्ता को प्रमाणित करता है। इनमें से कुछ देशों केराजनयिकों ने संगम में डुबकी लगाई और भारत की संस्कृति, परंपरा और धर्म का सम्मान किया। यह आयोजन न केवल भारत के लिए गर्व का कारणथा, बल्कि दुनिया भर के देशों को भी भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। महाकुंभ के दौरान, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने महाकुंभ की भव्यता, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की संख्याओं पर आश्चर्य व्यक्त किया। इससे यहसाबित हुआ कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक और प्रबंधित आयोजन को आयोजित किया है। सुरक्षा व्यवस्था: महाकुंभ की सफलता की कुंजीमहाकुंभ के दौरान सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय था, लेकिन DGP प्रशांत कुमार ने इसे बहुत ही सख्ती से लागू किया गया। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ की पहल पर, महाकुंभ क्षेत्र में 70,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इसमें 37,000 से अधिक पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड्स और अन्य सुरक्षा बल शामिल थे। प्रत्येक श्रद्धालु के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और अन्यआधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया था, जिससे हर एक घटना पर नजर रखी जा सके। यह सुनिश्चित किया गया कि श्रद्धालुओं कीसुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए और कोई अप्रिय घटना न हो। महाकुंभ में स्वच्छता का नया रिकॉर्डमहाकुंभ 2025 ने न केवल श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया।महाकुंभ के विभिन्न क्षेत्रों में 19,000 सफाईकर्मियों ने मिलकर एक साथ सफाई की और झाड़ू लगाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। इसपहल ने यह साबित कर दिया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार न केवल धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देती है, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण को भीप्राथमिकता देती है। स्वच्छता के मामले में यह रिकॉर्ड यह दिखाता है कि प्रशासन ने इस धार्मिक आयोजन को आयोजित करने के दौरान सभी बुनियादी सुविधाओं काध्यान रखा। इस पहल ने महाकुंभ को एक संपूर्ण और सकारात्मक रूप दिया, जिससे हर कोई इस आयोजन को एक प्रेरणा के रूप में देखता है। विपक्षी नेताओं द्वारा की गई आलोचनाएँमहाकुंभ के आयोजन के दौरान कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा आलोचना की गई, जिसमें प्रमुख नाम समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, ममताबनर्जी और कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का है। इन नेताओं ने महाकुंभ में मची भगदड़, मृतकों की संख्या और प्रशासन की विफलताओं परसवाल उठाए। अखिलेश यादव ने महाकुंभ के दौरान लोगों के रिश्तेदारों को खोजने के लिए सरकार की आलोचना की, जबकि ममता बनर्जी ने इसे “मृत्युकुंभ” करारदिया और मृतकों की संख्या को लेकर सवाल उठाए। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ में भाजपा नेताओं के डुबकी लगाने पर टिप्पणी की कि गंगामें डुबकी लगाने से गरीबी दूर नहीं होगी। इन आलोचनाओं के बावजूद, महाकुंभ का आयोजन एक बड़ी सफलता रहा, और इसमें जो रिकॉर्ड बने, उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ के नेतृत्व में इस आयोजन को पूरी तरह से प्रबंधित किया गया था। महाकुंभ और भारतीय धर्म व संस्कृतिमहाकुंभ का आयोजन भारतीय धर्म और संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि भारत की पुरानी संस्कृति, परंपरा और आस्था का भी प्रतिबिंब था। महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई और अपने पापों से मुक्ति प्राप्त करने की आकांक्षा की। इस आयोजन ने न केवल भारत के अंदर, बल्कि दुनिया भर में भारतीय संस्कृति की शक्ति और महानता को प्रदर्शित किया। योगी आदित्यनाथ ने इसेएक वैश्विक घटना बनाने के लिए अपनी पूरी प्रशासनिक क्षमता और समझ का उपयोग किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सभी पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों और भी विभागो के कर्मचारियों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया और महाकुंभ के आयोजन कोसफलता पूर्वक पूर्ण किया.

आज से रमजान का महीना शुरू, PM मोदी बोले- आत्म-चिंतन, आभार और भक्ति का प्रतीक का महीना

आज से पवित्र रमजान का महीना शुरू हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रमजान की शुभकामनाएं दी हैं और इस माहके महत्व पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने कहा, “जैसे ही रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है, यह हमारे समाज में शांति, सौहार्द और एकता काप्रतीक बने। यह महीना आत्म-चिंतन, आभार और भक्ति का प्रतीक है, जो हमें करुणा, दया और सेवा के महत्वपूर्ण मूल्यों की याद दिलाता है।” रमजान का महत्वरमजान का महीना इस्लाम धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। इसेइस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है और यह साल का 9वां महीना होता है। रमजान के दौरान मुस्लिम समाज आत्मिक शांति की प्राप्ति केलिए संयम, प्रार्थना और भक्ति में लीन रहता है। क्यों है रमजान खास?रमजान के महीने का खास महत्व इस्लामी मान्यता के अनुसार, पवित्र कुरान के उतरने की शुरुआत से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि इसी महीने कीएक रात ‘लयलतुल कद्र’ (शब-ए-कद्र) को कुरान का अवतरण शुरू हुआ था। इस रात से ही सिलसिलेवार तरीके से पैगंबर मोहम्मद (सल्ल.अ.) परकुरान की आयतें नाजिल होती रहीं। इसे इस्लामी कैलेंडर में एक अत्यधिक पवित्र और महत्वपूर्ण रात माना जाता है। मगफिरत का महीनारमजान का महीना केवल उपवास और इबादत का महीना नहीं है, बल्कि इसे मगफिरत यानी माफी का महीना भी कहा जाता है। इस महीने में मुस्लिमसमुदाय अपने पापों की माफी मांगते हैं और खुदा से अपने कर्मों के लिए क्षमा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। रमजान की शुरुआत चांद देखने के साथहोती है, और चांद के साथ ही यह महीना समाप्त भी होता है। रमजान खत्म होने के बाद मुस्लिम समुदाय ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाता है, जोखुशी, एकता और समृद्धि का प्रतीक है। रमजान की तैयारियांरमजान के महीना शुरू होने से पहले मुस्लिम समुदाय इस महीने की तैयारियों में जुट जाता है। यह महीना केवल धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व काही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक सामूहिकता का भी महीना होता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखते हुए उपवास करते हैं, सूर्योदय से पहलेसहरी खाते हैं और सूर्यास्त के बाद इफ्तार करते हैं।प्रधानमंत्री मोदी का संदेशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रमजान के इस पाक महीने की शुरुआत पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा, “रमजान का महीना आत्म-चिंतन, आत्म-निर्भरता और समाज सेवा का संदेश देता है। यह समय है जब हम अपने आप को बेहतर बनाने के साथ-साथ दूसरों की मदद और सेवा में भीजुटे।” इस दौरान, पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह महीना देशवासियों के लिए शांति और सद्भावना का संदेश लाएगा और हम सभी को अपने आसपासके लोगों की मदद करने और समाज में एकता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा।

डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने विकास दिव्यकीर्ति की आलोचना पर दिया करारा जवाब, कहा- ‘फिल्म बनाना कलेक्टर बनने से कहीं ज्यादामुश्किल’

फिल्म निर्माता संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म एनिमल 2023 में रिलीज होने के बाद बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी। फिल्म ने दुनियाभर में 660 करोड़रुपये से ज्यादा की कमाई की थी, लेकिन इसके बावजूद फिल्म को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। हाल ही में UPSC कोचिंग केप्रसिद्ध शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक UPSC उम्मीदवार से फिल्म एनिमल के बारे में सवाल कर रहेथे, जिसमें फिल्म की आलोचना की गई थी। अब इस पर संदीप रेड्डी वांगा ने करारा जवाब दिया है और अपनी बात रखी है।आलोचना से हुआ था अपराध जैसा महसूस संदीप रेड्डी वांगा ने एनिमल पर की जा रही आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह महसूस हुआ जैसे उन्होंने कोई बड़ा अपराध किया हो।उन्होंने विकास दिव्यकीर्ति के द्वारा की गई आलोचना का जिक्र करते हुए कहा, “जब वह फिल्म के बारे में बोल रहे थे, तो मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसेमैंने कुछ गलत किया है। उनका तरीका और भाषा ऐसी थी, जैसे उन्होंने किसी अपराध को उजागर किया हो।” विकास दिव्यकीर्ति ने अपनी आलोचना में फिल्म एनिमल को समाज को पीछे खींचने वाली फिल्म बताया था। उन्होंने इसे “12वीं फेल जैसी फिल्म” करार दिया था, जो समाज में सकारात्मक बदलाव नहीं ला सकती। इस पर संदीप ने कहा कि लोग घंटों-घंटों तक फिल्म के बारे में बातें कर सकते हैं, लेकिन शायद ही कभी समाज के असल मुद्दों पर इतनी लंबी चर्चा होती हो।आईएएस से कठिन है फिल्म बनाना संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म निर्माण की कठिनाई और आईएएस बनने के बीच के अंतर को लेकर अपनी राय दी। उन्होंने कहा, “मैं पूरी ईमानदारी से यहकहता हूं कि अगर कोई अनावश्यक रूप से हमला करता है, तो मुझे गुस्सा आना स्वाभाविक है। एक आईएएस अधिकारी बनने के लिए आपको कुछकिताबें पढ़नी होती हैं, कुछ वर्ष अध्ययन करना होता है, और फिर आप इसे पास कर सकते हैं। लेकिन फिल्म बनाने के लिए ऐसा कोई निश्चितपाठ्यक्रम या कोई शिक्षक नहीं होता, जो आपको फिल्म निर्माता बना सके। फिल्म निर्माण के लिए न केवल अध्ययन की जरूरत होती है, बल्किआपको एक अद्वितीय स्तर की रचनात्मकता और जुनून की आवश्यकता होती है, जो आईएएस बनने में नहीं होती।” संदीप ने यह भी कहा कि आईएएस परीक्षा को पास करने के लिए कुछ सीमित किताबें होती हैं, जिन्हें पढ़कर आप इस परीक्षा में सफल हो सकते हैं।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म निर्माण के लिए कोई एकल मार्गदर्शन नहीं है, और यह एक ऐसे पेशे के रूप में उभरता है, जहां हर कदम परनवीनता और क्रिएटिविटी की आवश्यकता होती है।संदीप रेड्डी वांगा का संदेशगेम चेंजर्स पॉडकास्ट के एक हालिया एपिसोड में संदीप ने अपने विचार साझा करते हुए यह भी कहा कि आलोचनाओं से निराश होने के बजाय, उन्हेंप्रेरणा के रूप में लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह जो प्रतिक्रियाएं हैं, वे मुझे यह याद दिलाती हैं कि कला और फिल्म निर्माण का रास्ता हमेशा आसाननहीं होता। हमें जो आलोचनाएं मिलती हैं, वे हमें और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं।”

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को बनाया गंभीर मुद्गा

Delhi News:महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की संबंध में कहा कि कोई सरकारी पैसा गायबनहीं हुआ है.दरअसल मंत्रालय का बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उसे दावे के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार की बेटीबचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से 445 करोड रुपए गायब हो चुके हैं. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना के संबंध में कहा गया है कि कोई सरकारी पैसा गायब नहीं हुआ है. मंत्रालय का बयान कांग्रेस अध्यक्ष मालकर अर्जुन के उस दावे के बादआया जिसमें उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से कुल 455 करोड रुपए गायब हो गए हैं. आरटीआई से मिलीजानकारी ने केंद्र सरकार के झूठ को उजागर कर दिया.इसको लेकर मंत्रालय ने बताया. कि इस साल 31 जनवरी तक इस योजना के तहत कुल952.04 करोड रुपए खर्च किए गए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित 526.55 करोड रुपए और राष्ट्रीयस्तर पर विभिन्न गतिविधियों पर खर्च किए गए 425.49 करोड रुपए शामिल है. खरगे के इस दावे का खंडन करते हुए मंत्रालय ने एक्स पोस्ट पर कहाकि झूठा नैरिटिन बनाने के लिए तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है. कोई सार्वजनिक धन गायब नहीं हुआ है सरकार बेटी बचाओ बेटीपढ़ाओ के माध्यम से प्रत्येक बालिका को बचाने और शिक्षित करने के लिए मिशन पर अडिग है. इससे पहले भी खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था. कि बहुत हुआ “नारी पर वार” इसको लेकर भाजपाई विज्ञापन की गूंज पिछले 10 वर्षों से उन सभी महिलाओं की चीखों का उपहास उड़ा रही है. जोभाजपा राज्य में और कभी-कभी बीजेपी के गुंडो द्वारा प्रताड़ित हुई है. हाल ही में पुणे में सरकारी बस में एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामनेआया है. मणिपुर और हाथरस की हमारी बेटियां हो या फिर महिला ओलंपिक चैंपियन वह भाजपा राज में महिला सुरक्षा का नामो निशान नहीं बचा है. जब आरटीआई से मिली ताजा जानकारी से मोदी सरकार के झूठ के कलाई पर बार फिर खुल गया है.

म्यूचुअल फंड से LPG को लेकर आज से बदल गए ये 6 बड़े नियम, क्या पड़ेगा जेब पर असर जानिए

1 मार्च 2025 यानी आज से यूपीआई से लेकर एलजी के दाम और म्युचुअल फंड से जुड़े 6 बड़े नियमों में बदलाव हो रहा है. जो भारत के प्रत्येकनागरिकों पर असर डाल सकता है. आखिरकार क्या-क्या बदलाव होंगे आईए जानते हैं. हर महीने की तरह 1 मार्च 2025 से नए नियमों में बदलाव होरहा है. 1 मार्च यानी आज से 6 बड़े नियम बदल रहे हैं. इसमें यूपीआई म्युचुअल फंड से लेकर एलपीजी सिलेंडर के दाम शामिल है. यह बदलाव सीधेआपके बैंक अकाउंट पर भी असर डाल सकते हैं. आखिरकार वह कौन-कौन से नियम है जिनको लेकर बदलाव किया जा रहा है. तेल कंपनियों में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं. इस एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹6 का इजाफा किया गया है. जबकि 1 फरवरी कोइसके दाम में ₹7 की कमी की गई थी. 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1803 रुपए हो गई है. वही मुंबई में कमर्शियलसिलेंडर का प्राइस 1755.50 रुपए हो गया है. कोलकाता में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 1913 हो चुकी है. औरचेन्नई में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर का दाम 1965.50 रुपए हो चुका है. रसोई गैस को लेकर नहीं किया गया कोई बदलावदरअसल इसमें खास बात ये है कि रसोई गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. जेट ईंधन या एविएशन डिवाइन ईंधन की कीमत में मामूली0.23% की कमी आई है. राष्ट्रीय राजधानी में मार्च 2025 के लिए एटीएम प्राइम 222 रुपए प्रति किलो लीटर से घटकर 95,311.72 रुपएप्रतिशत किलोमीटर हो गया है. जबकि यह पहले 95,533.72 रुपए था. इससे पहले 1 फरवरी को कीमतों में 5.6% की बढ़ोतरी हुई थी. अगलाबदलाव इंश्योरेंस प्रीमियम पेमेंट सिस्टम से जुड़ा हुआ है. 1 मार्च 2025 की यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस में चेंज होने जा रहा है. जिसमें बीमा प्रीमियमका भुगतान और अधिक आसान होगा. यूपीआई सिस्टम में बीमा (ASB) नामक एक नई सुविधा जोड़ी जा रही है. इसके जरिए लाइफ और हेल्थइंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर अपने प्रीमियम पेमेंट के लिए पहले से ही पैसे को ब्लॉक रख सकेंगे. पॉलिसी होल्डर के अप्रूवल के बाद खाते से आपकापैसा कट जाएगा. मार्च की पहली तारीख से म्युचुअल फंड और डीमैट खातों में नॉमिनी जुड़ने से जुड़े नियमों में बदलाव हो रहा है. इसके तहत कोईइन्वेस्टर डीमैट या म्यूचुअल फंड फोलियो में अधिकतम 10 नॉमिनी ऐड कर सकता है. मार्केट रेग्यूलेटर की गई गाइडलाइन जारीइस संबंध में मार्केट रेग्युलेटर से भी गाइडलाइन जारी की गई है. जो 1 मार्च 2025 से प्रभावित है. इस चेंज का उद्देश्य क्लेम न की जाने वालीसंपत्तियों की कमी लाना और बेहतर इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट सुनिश्चित करना है. पंजाब नेशनल बैंक में अगर 2 साल से ज्यादा समय तक कोई लेनदेन नहींहोता है. तो बैंक अकाउंट बंद कर दिया जाएगा. बैंक ने इसके बारे में अपने ग्राहकों को अलर्ट कर दिया है. बैंक कैसे अकाउंट को डीएक्टिवेट करसकता है यानी बंद कर सकता है अगर आप चाहते हैं. कि आपका बैंक खाता एक्टिव रहे तो इसके लिए आपको केवाईसी करवा लेना चाहिए. आरबीआई की तरफ से बैंक हॉलिडे की लिस्ट भी जारी कर दी गई है. होली और ईद उल फितर समेत अन्य त्योहारों वाले इस दिन में 14 दिन तकबैंक बंद रहेगा. इनमें दूसरे और चौथे शनिवार समेत रविवार का साप्ताहिक विकास शामिल है. हालांकि बैंक में छुट्टी के बावजूद आप ऑनलाइनबैंकिंग और एटीएम के जरिए पैसे का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. या अन्य बैंकिंग काम निपटा सकते हैं यह सर्विस 24 घंटे चालू रहेगी.