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महाकुंभ 2025 का भव्य समापन, प्रधानमंत्री मोदी ने की योगी सरकार की सराहना

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने आस्था और अध्यात्म के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया। यह 45 दिनों तक चला विश्व का सबसे बड़ाधार्मिक आयोजन रहा, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आंकड़ों के अनुसार, इस आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं कीसंख्या 66 करोड़ से अधिक थी, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल करता है। विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजनमहाकुंभ 2025 में उमड़ी भीड़ ने इसे अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों की तुलना में कहीं आगे खड़ा कर दिया। जहां अर्बईन तीर्थ यात्रा में लगभग 2 करोड़, हज यात्रा में 25 लाख, रियो कार्निवल में 20 लाख और पुष्कर मेले में करीब 10 लाख लोग शामिल होते हैं, वहीं महाकुंभ में यह संख्या 66 करोड़ से अधिक पहुंच गई। यह आयोजन न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए सनातन संस्कृति की भव्यता और इसकी व्यापक स्वीकृति काप्रतीक बन गया। बेहतर प्रबंधन और प्रशासन की सतर्कतामहाकुंभ की सफलता का श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया जा रहा है, जिनके नेतृत्व में इस आयोजन के लिए दो साल पहलेसे ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर योजनाएं बनाई थीं। मुख्यमंत्री स्वयंहर प्रमुख स्नान पर्व से पहले व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहे और आवश्यक निर्देश जारी करते रहे। आंकड़ों में महाकुंभ 2025महाकुंभ 2025 के आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं की गईं। प्रयागराज में लगभग 4,000 हेक्टेयर क्षेत्रमें इसे आयोजित किया गया। 9 लाख से अधिक साधु-संत, 10 लाख कल्पवासी, और 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस महापर्व का हिस्सा बने।यातायात प्रबंधन के लिए 13,830 विशेष ट्रेनें चलाई गईं, और 50 शहरों से सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा, 2,800 सेअधिक फ्लाइट सेवाएं चलाई गईं और सुरक्षा के लिए 50,000 से अधिक जवानों की तैनाती की गई। कुल आर्थिक गतिविधियों का आंकड़ा लगभग3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मौनी अमावस्या पर भगदड़ और त्वरित कार्रवाईमौनी अमावस्या के दिन अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेप्रयागराज पहुंचकर अधिकारियों की बैठक बुलाई और तत्काल जांच के आदेश दिए। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए नई रणनीतियां लागू कीं, जिससे आगे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सका। प्रधानमंत्री मोदी की सराहनाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन की भव्यता और सफलता की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की। उन्होंने इसे भारतकी सनातन संस्कृति की एकता और शक्ति का परिचायक बताया। प्रधानमंत्री ने मां गंगा, यमुना और सरस्वती से प्रार्थना करते हुए श्रद्धालुओं की सेवामें किसी भी कमी के लिए क्षमा भी मांगी। सफाईकर्मियों का सम्मान और स्वच्छता अभियानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ की सफलता में योगदान देने वाले सफाईकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों, नाविकों, बस चालकों और पुलिसकर्मियोंका विशेष रूप से सम्मान किया। उन्होंने अरैल घाट पर खुद झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया और गंगा पूजन किया। इसके साथ ही, सफाईकर्मियों के लिए 10,000 रुपये के बोनस की घोषणा भी की गई। सनातन संस्कृति की भव्यता से विश्व अचंभितमहाकुंभ 2025 ने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में सनातन संस्कृति की दिव्यता और एकता को दर्शाया। जाति, धर्म और भाषा के भेदभाव से ऊपरउठकर 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई, जो वैश्विक स्तर पर एक अद्वितीय दृश्य था। इस आयोजन ने भारतीय परंपराओं कीव्यापक स्वीकृति को और मजबूत किया। विपक्ष के आरोप और सरकार का जवाबमहाकुंभ के दौरान विपक्षी दलों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा), ने भगदड़ और अन्य घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष नेदावा किया कि भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की जान गई, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह संख्या 30 थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इनआरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दुष्प्रचार बताया। उन्होंने 2013 और 2025 के महाकुंभ आयोजनों की तुलना करते हुए कहा कि यहआयोजन भव्यता और सुचारू प्रबंधन का उदाहरण था। महाकुंभ 2025 की ऐतिहासिक उपलब्धिमहाकुंभ 2025 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत की संस्कृति, श्रद्धा और एकता का अद्भुत संगम बना। इसकी सफलता ने विश्वपटल पर सनातन परंपराओं की महिमा को पुनः स्थापित किया। यह आयोजन प्रशासनिक दक्षता, धार्मिक भव्यता और भारतीय संस्कृति की शक्ति काप्रतीक बन गया।

प्रयागराज महाकुंभ 2025 का भव्य समापन: करोड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

महाशिवरात्रि के अवसर पर बुधवार को प्रयागराज में आयोजित भव्य महाकुंभ का समापन हो गया। यह आयोजन 13 जनवरी से शुरू हुआ था औरइसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। इस ऐतिहासिक मेले के दौरान लगभग 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था कीडुबकी लगाई। अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर हुआ, जिसमें अकेले इस दिन 1.53 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया।स्वच्छता के लिए 15,000 सफाईकर्मियों ने निभाई अहम भूमिकामहाकुंभ के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया, जिसके लिए 15,000 सफाईकर्मियों की तैनाती की गई थी। इन कर्मियों ने चौबीसों घंटे कामकर मेले को स्वच्छ बनाए रखने में योगदान दिया। हालांकि, मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें 30 लोगों की जान चलीगई। इस घटना के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और उनकी भारी भीड़ लगातार उमड़ती रही।प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थितिइस महाकुंभ में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल रहे।इसके अलावा, फिल्म, खेल और उद्योग जगत से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों ने भी संगम में स्नान किया। सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमालमेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। एआई आधारित कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अन्यडिजिटल उपकरणों के माध्यम से सुरक्षा पर विशेष नजर रखी गई। कुंभ के दौरान विवाद भी उठेमहाकुंभ के आयोजन के दौरान कुछ विवाद भी सामने आए। इनमें फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने और गंगा जल की शुद्धता कोलेकर उठे सवाल प्रमुख रहे। सरकार ने गंगा जल की गुणवत्ता को लेकर सफाई दी और श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया। वहीं, मौनी अमावस्या कीभगदड़ को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने एआई कैमरों के आंकड़ों के जरिए श्रद्धालुओं की संख्या को प्रमाणिकबताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय भूमिकामहाकुंभ के सफल आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 45 दिनों के दौरान 10 बार मेले का दौराकिया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके अलावा, उन्होंने लखनऊ और गोरखपुर से नियंत्रण कक्ष के जरिए भी निगरानी रखी, जिससे आयोजनसुचारू रूप से संपन्न हुआ।ऐतिहासिक आयोजन की सफलताअत्याधुनिक व्यवस्थाओं, प्रशासनिक सतर्कता और श्रद्धालुओं की अपार आस्था ने इस महाकुंभ को ऐतिहासिक बना दिया। कुछ विवादों औरचुनौतियों के बावजूद, यह आयोजन सफलता की मिसाल साबित हुआ और दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभवबन गया।

मोहन सिंह बिष्ट बने दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, बीजेपी की सत्ता में वापसी के बाद बड़ी जिम्मेदारी

दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से विधायक मोहन सिंह बिष्ट को दिल्ली विधानसभा का डिप्टी स्पीकर चुना गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नेउनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने समर्थन दिया। वर्तमान में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता हैं। अनुभवी नेता मोहन सिंह बिष्टमोहन सिंह बिष्ट दिल्ली की राजनीति में एक अनुभवी नेता माने जाते हैं। वे करावल नगर विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने मुस्तफाबाद सीट से चुनाव लड़ा और आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार आदिल अहमद खान को 17,000 से अधिक वोटों केअंतर से हराया। करावल नगर से चुनावी सफरमोहन सिंह बिष्ट ने 1998 में करावल नगर विधानसभा सीट से पहला चुनाव जीता था और 2015 तक लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।2015 के चुनाव में उन्हें आम आदमी पार्टी के कपिल मिश्रा से हार का सामना करना पड़ा। बाद में कपिल मिश्रा बीजेपी में शामिल हो गए। 2020 में मोहन सिंह बिष्ट ने करावल नगर से फिर से जीत दर्ज की, लेकिन 2025 में पार्टी ने उन्हें मुस्तफाबाद से टिकट दिया, जहां उन्होंने सफलताहासिल की। इस बार करावल नगर से कपिल मिश्रा को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की और रेखा गुप्ता की सरकार मेंमंत्री बने। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की शानदार वापसी2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता में वापसी की। आम आदमी पार्टी(AAP) को 22 सीटें मिलीं। इस जीत के साथ बीजेपी ने 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता पर कब्जा जमाया।

ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का लगाया आरोप, जिला स्तरीय कमेटी गठित

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित पार्टी बैठक मेंवोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़े जाने को लेकर सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की मतदाता सूची में बाहरी लोगों कोशामिल किया गया है और इसे लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।फर्जी मतदाताओं को लेकर सतर्कताममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे वोटर लिस्ट में किसी भी गड़बड़ी पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर ध्यान देने केलिए टीएमसी नेता सुब्रत बक्सी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में जिलेवार कोर कमेटियां बनाई जाएंगी। ये कमेटियां हर तीन दिन में अपनी रिपोर्टकेंद्रीकृत समिति को सौंपेंगी। बीजेपी पर मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोपसीएम ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हरियाणा औरगुजरात के फर्जी मतदाताओं को दिल्ली और महाराष्ट्र में चुनाव जिताने के लिए शामिल किया था। ममता बनर्जी का दावा है कि इसी तरह का षड्यंत्रपश्चिम बंगाल में भी रचा जा रहा है, जिससे 2026 के विधानसभा चुनावों को प्रभावित किया जा सके। डेटा एंट्री एजेंसियों पर संदेहममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने दो ऑनलाइन एजेंसियों”एसोसिएशन ऑफ ब्रिलियंट माइंड्स” और “कंपनी इंडिया 360″को इस कामके लिए नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों ने डेटा एंट्री ऑपरेटरों और कुछ ब्लॉक स्तर के रिटर्निंग अधिकारियों के साथ मिलकर मतदातासूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़े। उनका दावा है कि ये एजेंसियां अन्य राज्यों के मतदाताओं को बंगाल के ईपीआईसी नंबर (EPIC Number) सेजोड़ रही हैं। जिला स्तरीय कोर कमेटी का गठनमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की साजिश को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक जिले में कोर कमेटीगठित की जाएगी, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची में की जा रही हेराफेरी की पहचान करना होगा। उन्होंने कहा, “फर्जी मतदाताओं की पहचान अगले 10 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। अगर समिति इस काम में विफल रहती है, तो मैं खुद इसकीजांच करूंगी।” ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि बंगाल की मतदाता सूची में गड़बड़ी की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस पर कड़ी कार्रवाईकी जाएगी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन का केंद्र पर निशाना, हिंदी और संस्कृत थोपने के प्रयास का विरोध

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने केंद्र सरकार पर हिंदी और संस्कृत को थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी भाषा औरसंस्कृति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हिंदी को जबरन लागू करने की अनुमति नहीं देगा। हिंदी थोपने का विरोधस्टालिन ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि हिंदी थोपने के प्रयासों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदीकेवल एक मुखौटा है, जबकि संस्कृत इसके पीछे छिपी हुई असली रणनीति है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आपत्तिडीएमके सरकार ने केंद्र की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में तीन-भाषा फॉर्मूले को हिंदी थोपने का जरिया बताया है। हालांकि, केंद्र सरकार इस आरोपको खारिज कर चुकी है। यह विवाद 1965 के हिंदी विरोधी आंदोलन की याद दिलाता है, जब डीएमके ने हिंदी के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था। उत्तर भारतीय भाषाओं पर हिंदी के प्रभाव का आरोपस्टालिन ने दावा किया कि बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बोली जाने वाली कई भाषाएं, जैसे मैथिली, ब्रजभाषा, बुंदेलखंडी और अवधी, हिंदीके आधिपत्य के कारण कमजोर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि द्रविड़ आंदोलन के प्रयासों से तमिल भाषा और संस्कृति की रक्षा संभव हो सकी है। शिक्षा नीति के माध्यम से हिंदी और संस्कृत थोपने का आरोपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध करते हुए कहा कि इसके जरिए हिंदी और संस्कृत को प्रमुखता देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंनेआरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में संस्कृत को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि अन्य भाषाओं की उपेक्षा की जा रही है। त्रिभाषा नीति को लेकर चिंतास्टालिन ने कहा कि यदि तमिलनाडु त्रिभाषा नीति को स्वीकार करता है, तो इससे मातृभाषा को नजरअंदाज कर दिया जाएगा और भविष्य में संस्कृतको बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एनईपी के प्रावधानों में अन्य भारतीय भाषाओं की तुलना में संस्कृत को प्राथमिकता दी गई है, जिससे क्षेत्रीयभाषाओं को नुकसान हो सकता है। तमिल संस्कृति की रक्षा का संकल्पमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में केवल दो-भाषा नीति ही लागू रहेगी, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई ने लागू किया था। उन्होंने आरोपलगाया कि केंद्र सरकार तमिल भाषा को खत्म कर संस्कृत थोपने की योजना बना रही है, लेकिन उनकी सरकार ऐसा नहीं होने देगी।

CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, दिल्ली में कथित शराब घोटाले की जांच करेगी PAC

दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं को उजागर करने वाली नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की। अब यह रिपोर्ट आगे की जांच के लिए पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) को भेजी जाएगी, जो इसपर विचार-विमर्श कर अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपेगी। PAC करेगी रिपोर्ट की समीक्षाविधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि इस रिपोर्ट की जांच के लिए 12 सदस्यों वाली पीएसी का गठन किया जाएगा। इस समिति मेंसत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों दलों के सदस्य शामिल होंगे। सीएजी रिपोर्ट में हुए खुलासों के आधार पर पीएसी कथित शराब घोटाले की विस्तृत जांच करेगी। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करविधानसभा अध्यक्ष को सौंपेगी, जिसमें दोषियों के खिलाफ संभावित कार्रवाई की सिफारिशें शामिल होंगी। क्या होगी संभावित कार्रवाई?रिपोर्ट के आधार पर सदन यह निर्णय लेगा कि कथित अनियमितताओं के कारण हुए राजस्व नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदमउठाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आबकारी नीति के निर्माण और उसके कार्यान्वयन में शामिल अधिकारियों, पूर्व मंत्रियों, और निजी व्यक्तियों कोसमन भेजा जा सकता है। संभावित रूप से इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आबकारी नीति तैयार करने वाले मंत्रियों के समूह (GoM) केपूर्व सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। PAC क्या है?पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) एक संसदीय समिति होती है, जिसका गठन सरकार के राजस्व और व्यय की जांच के लिए किया जाता है। यहसमिति केंद्र और राज्य सरकारों के खर्चों का ऑडिट करती है ताकि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। राज्यों की विधानसभाओं में भी इसीप्रक्रिया के तहत पीएसी गठित की जाती है, जिसमें सत्तारूढ़ दल और विपक्षी पार्टियों के विधायक सदस्य होते हैCAG रिपोर्ट के मुख्य बिंदुसीएजी की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में दी गई विभिन्न छूटों के चलते नियमों का उल्लंघन हुआ, जिससेसरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पीएसी इस रिपोर्ट की जांच कर यह तय करेगी कि इस कथित घोटाले में किन-किन व्यक्तियों कीभूमिका रही और क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुणे में जमानत पर रिहा हिस्ट्रीशीटर ने बस में युवती के साथ किया दुष्कर्म,जानें कौन है आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाड़े?

Pune Rape Case: पुणे से एक दिल को दहला देने वाली खबर सामने आई है दरअसल पूणे के सबसे व्यस्त स्वारगेट बस स्टैंड पर मंगलवार कीसुबह करीब 26 वर्ष की युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है.जिसमें चौकानें बाली सबसे बड़ी बात ये है कि इस बस स्टैंड के सामनेपुलिस चौकी भी है जो करीब सौ मीटर की दूर पर ही है. ऐसे में भी आरोपियों को किसी बात का डर नहीं है. दरअसल यह घटना मंगलवार की सुबहकरीब साढ़े पांच बजे से छह बजे के बीच की है जब पुणे में काम करने वाली एक युवती अपने गांव फलटण जाने के लिए स्वारगेट बस स्टैंड पर पहुंचीहुई थी.स्वारगेट पुणे के सबसे व्यस्त बस अड्डों में से एक है यहां से लगभग पूरे राज्यों में बसों का आना जाना होता है.युवती फलयण जाने वाली बसस्टैंड पर खड़ी थी. तभी एक युवक ने आकर उससे अपनी पहचान बनाई आरोपी ने महिला को दीदी कहकर पुकारा.फिर उससे पूछा कहां जाना है. युवती ने अपनी उसे जाने की जानकारी दी. तो युवक ने उसे गुमराह किया उसने बताया कि बस तो दूसरी जगह खड़ी है वह उसे बस अड्डे के दूसरी तरफसूनसान जगह ले गया जहां पर शिव शाही एसी बस खड़ी थी. बस के अंदर लाइटें नहीं जल रही थी.युवती को बस के अंदर जाने से झिझक तो हुईलेकिन आरोपी ने उसे समझाता कि यह बस है.दुष्कर्म के बाद आरोपी हुआ फरारयुवती के बस में चढ़ने के बाद वह भी पीछे से बस में चढ़ गया और उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद वह बस से फरार हो गया.युवती ने इस घटनाकी जानकारी अपनी एक सहेली को दी उसने पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी. युवती ने पुलिस थाने पहुंचकर अपने साथ हुई घटना को पुलिसको जानकारी दी और रिपोर्ट दर्ज करवाई.स्वारगेट पुलिस अधिकारी ने आरोपी की पहचान दत्तात्रेय रामदास के नाम से की है. दरअसल दत्तात्रेय रामदासगाडे के खिलाफ पुणे और आस पास के इलाकों में चोरी , डकैती और चेन स्नैचिंग के आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज है.दत्तात्रेय को 2019 से एकअपराध में जमानत पर बाहर निकाल दिया था. राष्ट्रीय महिला आयोग ने बस के अंदर युवती से हुए दुष्कर्म मामले को स्नत:संज्ञान लिया है. उन्होनेंडीजीपी से एफआईआर की कापी के साथ तीन दिनों के भीतर कार्यवाही रिपोर्ट भेजने को कहा है.

प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर भारत पहुंचेगी यूरोप की कमीशन अध्यक्ष, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट समेत कई खास मुद्दों पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर यूरोपीय कमीशन के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लियेन 27 फरवरी यानी आज 2 दिन की भारत यात्रा पर आएगीं. वहपीएम मोदी से मुलाकात करेंगीं और भारत यूरोपीय यूनियन व्यापार परिषद में भाग लेंगे इस दौरान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी चर्चा की जाएगी. दरअसलउर्सुला वॅान डेर के साथ यूरोपीय संघ का एक आयुक्त कॉलेज होगा. इस डेलिगेशन में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के 27 अधिकारी शामिल होंगे. यूरोपीय संघ के अधिकारियों के मुताबिक इस यात्रा के प्लान कई महीनों पहले बनाया जा रहा था. इसकी घोषणा 21 जनवरी को दवोस में की गईथी. पीएम मोदी और उर्सुला वॅान डेर शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगें. दरअसल ये उर्सुला की तीसरी भारत यात्रा है. इस यात्रा के दौरानभारत और यूरोपीय संघ में ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी परिषद की दूसरी मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी. इसके साथ यूरोपीय आयुक्त और उनकेभारतीय समकक्षों के बीच द्विपक्षीय मंत्री स्तरीय बैठकें होंगी. उर्सूला लियेन की तीसरी भारत यात्राइससे पहले वह अप्रैल 2022 में द्विपक्षीय यात्रा के लिए और सितंबर 2023 में G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आ चुकीहै. उर्सुला यूरोपीय कमीशन की पहली महिला प्रमुख है.यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों पक्षों के बीच 2023 में कुल129 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था. यह केवल भारतीय व्यापार का 12.2 प्रतिशत है. वहीं भारत यूरोपीय संघ का 9वां सबसे बड़ा व्यापारिकसाझेदार भी है. पिछले दशक में यूरोपीय संघ और भारत के बीच वस्तुओं के व्यापार में लगभग 90% की वृद्धि हुई है. भारत में लगभग 6,000 यूरोपीय कंपनियां भी मौजूद हैं. यूरोपीय संघ और भारत के बीच सेवाओं का व्यापार 2023 में 62 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था जो 2020 में31 मिलियन डॉलर था. भारत के साथ मजबूती के संबंधयूरोपीय यूनियन के भारत आ रहे प्रतिनिधिमंडल के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा कि ईयू अध्यक्ष ऊर्सुला वॅान डेर लेयन की आगामी यात्रा यूरोप औरभारत के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित करती है. दरअसल इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह रेखांकित करना है कि ईयू भारत के साथ अपने संबंधों कोकितना महत्व देता है यूरोपीय संघ और भारत के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण सप्ताह होगा.ईयू की अध्यक्ष और उनकी टीम जो कि यूरीपीय आयोग कीपूर्ण सरकार के बराबर है. दो दिनों की बातचीत के लिए हम दिल्ली आ रहे है.उन्होनें कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि हम दोनों एक दूसरे को नसिर्फ पसंदीदा साझेदार के रुप में देखते है बल्कि अच्छाई की ताकत के रुप में भी देखते है.

कांग्रेस नेता शशी थरुर की एक पोस्ट से कांग्रेस हुई बैचेन,क्या केरल में हो सकती है बदलाव की तैयारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर एक बार फिर चर्चा में है. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री जोनाथन रेनॅाल्ड्स और केंद्रीय मंत्री पीयूषगोयल के साथ अपनी एक सेल्फी को सोशल मीडिया पर साझा किया. इसके बाद केरल कांग्रेस में अटकलों का दौर तेज हो गया. उन्होंने अपनी पोस्टमें लिखा कि जोनाथन के साथ उनके भारतीय समकक्ष पीयूष गोयल की मौजूदगी में उनको बातचीत करके काफी अच्छा लगा. शशि थरूर ने भारतऔर ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता फिर से शुरू होने का स्वागत किया. साथ उन्होंने प्रियंका गांधी की हाल ही में की गई उस अपीलका भी समर्थन किया जिसमें ऋण के रूप में वितरित किए गए धन को अनुदान में बदलने और आपदा पीड़ितों के लिए खर्च की गई सीमा को बढ़ाने कीबात कही है. शशि थरुर ने अपनी एक्स पर पोस्ट पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री जोनाथन रेनॅाल्ड्स और केंद्रीय वाणिज्य एवं युवा उद्योग मंत्री पीयूष गोयलके साथ अपनी एक सेल्फी शेयर करते हुए लिखा कि जोनाथन के साथ उनके भारतीय समकक्ष एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में बातचीतकरके उनको अच्छा लगा. शशि थरुर ने सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरेंउन्होनें कहा कि ये लंबे समय से रुकी हुई एफटीए वार्ता फिर से शुरू हो गई है. यह बहुत स्वागत योग्य है. दरअसल सोमवार को भारत और ब्रिटेन नेएक ऐसे मुक्त व्यापार समझौते पर बात फिर से शुरू की. जो संतुलित पारस्परिक रूप से लाभकारी और दूरदर्शी है भारत ब्रिटेन एफडीए वार्ता 13 जनवरी 2022 को शुरू की गई थी. दिसंबर 2023 तक वार्ता को शुरु की गई थी.इसके बाद 10 जनवरी 2024 को 14वें दौर की वार्ता शुरू की गईथी. लेकिन ब्रिटेन में चुनावों के कारण मई 2024 से है वार्ता रोक दी गई थी. बायनाड की सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्रलेकर अनुरोध किया था. इस पत्र में 30 जुलाई 2024 को केरल जिले में चूरलमाला और मुंडक्कई में आए विनाशकारी भूस्खलन के पीड़ितों के लिएतत्काल और बिना शर्त वित्तीय सहायता का अनुरोध किया गया था. अपने पत्र में उन्होंने राहत को अपर्याप्त बताया था और फंड से जुड़ी शर्तों परनिराशा व्यक्त की थी.

फिटनेश को लेकर उत्तराखंड सरकार कर रही फोकस, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया ऐलान” 1 मार्च से शुरु होगा योगा महोत्सव

Uttrakhand Yog Festival: उत्तराखंड के ऋषिकेश में 1 से लेकर 7 मार्च तक अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. इसआयोजन का शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे. इस दौरान महोत्सव को भव्य बनाने के लिए जोरों शोरों से तैयारी चल रही है. आयोजन में देश-विदेश के योगाचार्य सड़क एवं प्रतिभागी योगासन और ध्यान विधियों का अभ्यास कराएंगे. इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम औरआध्यात्मिक संत के प्रवचन का भी यहां पर आयोजन कराया जाएगा.पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार उत्तराखंड को योग कि वैश्विक राजधानीके रूप में स्थापित करने के उद्देश्य है. जीएमवीएन पर्यटन विभाग द्वारा 1 मार्च से 7 मार्च तक गंगा रिजॉर्ट ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव काआयोजन किया जाएगा. दरअसल इसका उद्घाटन एक मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे. योगाचार्य देंगें प्रशिक्षणउत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि आयोजन में देश-विदेश की ख्याति प्राप्त योगाचार्य और प्रतिभागी प्रतिदिन विभिन्न सत्र में योगप्रशिक्षण देंगे. इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम और आध्यात्मिक संत के प्रवचन भी कराए जाएंगे. महोत्सव में आध्यात्मिक जगत की प्रतिष्ठितहस्तियों भी अपने विचार साझा करेंगे. उत्तराखंड को पूरी दुनिया में योग और आध्यात्मिक की भूमि के रूप में पहचाना जाए. ऋषिकेश न केवल योग कीअंतरराष्ट्रीय राजधानी है बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक भी है. अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव से पूरी दुनिया को भारतकी प्राचीन विधा का लाभ मिल सकेगा.इस खास मौके पर महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न सत्रों में योग प्रशिक्षण दिया जाएगा.इसके अलावासांस्क्रतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों भी करवाई जाएगी.इसके साथ ही अध्यात्मिक संतो के प्रवचन भी होगें. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लोगों सेअपील की. कि मैं सभी योग प्रेमियों और साधकों से महोत्सव मैं भाग लेने का आहान करता हूं.