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दिल्ली नगर निगम की आप सरकार ने होली से पहले लिया बड़ा फैसला, हाउस टैक्सों को किया जाएगा माफ

Delhi News: दिल्ली नगर निगम की ‘‘आप’’ सरकार ने होली से पहले हाउस टैक्स को लेकर दिल्ली वालों को बहुत बडा तोहफा देने का एलानकिया है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने फैसला लिया है. कि जो लोग तय समय सीमा के अंदर वित्तीय वर्ष 2024-25 का पूरा हाउस टैक्स जमाकर देंगे. उनका पिछला बकाया सारा हाउस टैक्स माफ कर दिया जाएगा. साथ ही, अगले वित्तीय वर्ष (2025-26) में 100 गज के मकानों औररिहायशी क्षेत्र में चल रही दुकानों का 100 फीसद और 100 से 500 गज के मकानों का 50 फीसद हाउस टैक्स माफ किया जाएगा. इसके अलावाअभी तक दिल्ली के 1300 हाउसिंग अपार्टमेंट को हाउस टैक्स में कोई रियायत नहीं मिलती थी. लेकिन अब इनका भी अगले वित्तीय वर्ष में 25 फीसद हाउस टैक्स माफ कर दिया जाएगा.25 फरवरी को होने वाले एमसीडी सदन में आम आदमी पार्टी की सरकार इस प्रस्ताव को पास करदेगी.आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद संजय सिंह, नेता दुर्गेश पाठक, मेयर महेश खींची और नेता सदन मुकेश गोयल सोमवार को पार्टीमुख्यालय में संयुक्त प्रेसवार्ता कर इस बड़े फैसले की जानकारी दी. संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा से आम लोगों के फायदे औरउनकी जिंदगी में सहूलियत देने के लिए काम किया है. 100 गज से कम बने भवनों का पूरी तरह टेक्स माफसमय से हाउस टैक्स का भुगतान करने पर अगले वित्तीय वर्ष में 100 गज से 500 गज तक के भवन का हाउस टैक्स आधा किया जाएगा. 100 गजसे कम बने भवनों का हाउस टैक्स पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा. रिहायशी मकानों में जिनमें दुकानें चल रही हैं और उनके व्यावसायिक हाउस हैं. उनका हाउस टैक्स माफ किया जाएगा. दिल्ली के अंदर 1300 से ज्यादा मकान ऐसे हैं. जिनको हाउस टैक्स का फायदा नहीं मिलता है. उन्हें इसमेंकिसी तरह की भी छूट का फायदा नहीं मिलता है. इसलिए उनके बारे में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा रहा है कि दिल्ली के अंदर जो 1300 हाउसिंगअपार्टमेंट हैं. उनका 25 फीसद तक हाउस टैक्स माफ किया जाएगा.‘‘आप’’ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि डेढ़ साल पहले दिल्ली की एमसीडी में जबसे आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है.उससे बहुत अच्छे-अच्छे काम हो रहे हैं. और कई सारी चीजें जमीन पर उतर रही हैं. एक सबसे बड़ी समस्या थीकि पहले एमसीडी कर्मचारियों को कभी समय पर वेतन नहीं मिलता था. आखिरी बार उन्हें 2008-2009 में समय पर वेतन मिला था. आम आदमी पार्टी ने लिया फैसलाजिनको किसी भी हाउसिंग स्कीम का फायदा नहीं मिलता. इसलिए आम आदमी पार्टी की सरकार ने फैसला लिया है कि 1300 अपार्टमेंट में समय सेहाउस टैक्स जमा करने वाले लोगों को हाउस टैक्स में 25 प्रतिशत का रिबेट मिलेगा. यह एक बहुत बड़ा निर्णय है. यह एमसीडी के अंदर एक बहुतबड़ा टैक्स सुधार है. जो भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का काम करेगा. इसके जरिए हम लोगों को टैक्स देने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. क्योंकि इसकीआड़ में बड़ा भ्रष्टाचार चल रहा था. हम लोगों को प्रोत्साहित करेंगे कि वे इस स्कीम का फायदा लें.5 फरवरी को एमसीडी सदन में हम इस प्रस्ताव कोपास करके इसे जल्द दिल्ली में लागू करेंगे. दिल्ली के लोग 2025-26 वित्तीय वर्ष में इन सभी चीजों का फायदा उठा सकेंगे.

केंद्रीय बजट 2025-26: कृषि, उद्योग और निर्यात के विकास पर जोर, उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक योजनाओं का प्रस्ताव

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय बजट 2025-26 के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की। यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के लक्ष्य को समर्पित है और इसमें कृषि, एमएसएमई, निवेश तथा निर्यात कोप्राथमिकता दी गई है। कृषि क्षेत्र में सुधारदेश के अन्नदाता किसानों की समृद्धि के बिना भारत का विकास अधूरा है। इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत की गई है, जिससे 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गईहै। किसान और उद्योगों के लिए नई योजनाएंउच्च उपज बीज मिशन, कपास उत्पादकता मिशन और मखाना बोर्ड जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा। सूक्ष्म उद्यमक्रेडिट कार्ड योजना के तहत 10 लाख एमएसएमई को 5 लाख रुपये तक की ऋण सुविधा मिलेगी। चमड़ा और फुटवियर उद्योग में 22 लाख नएरोजगार उत्पन्न होंगे और 1.1 लाख करोड़ रुपये का निर्यात होगा। निर्यात और वैश्विक पहचान‘मेड इन इंडिया’ के ब्रांड को वैश्विक पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें खिलौना उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। देश को एक निर्यात हबबनाने के लिए निर्यात संवर्धन मिशन की शुरुआत की गई है और एयर कार्गो भंडारण सुविधा से कृषि और खाद्य उत्पादों का तेज निर्यात संभव होगा। करदाताओं के लिए राहतबजट में देश के करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण राहत दी गई है। 12 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई आयकर नहीं लगेगा, वहीं टीडीएस कीसीमा को 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधारबजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 200 डे-केयर कैंसर सेंटर और 10,000 नई रिसर्च फेलोशिप का प्रस्ताव किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में 500 करोड़रुपये की लागत से एआई केंद्रों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स और 10,000 नई मेडिकल सीटों का प्रावधानकिया गया है। उत्तर प्रदेश का विकास रोडमैपमाननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी 25 वर्षों के विकास रोडमैप में 28,478 करोड़ रुपये की नई योजनाओं का प्रावधान किया गया है। महत्वपूर्ण योजनाएं और विकास कार्यमुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये औरगन्ना किसानों के लिए 475 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, प्रदेश भर में 200 करोड़ रुपये की लागत से नॉर्थ साउथ कॉरिडोर काविकास, 2900 करोड़ रुपये से राजमार्गों का चौड़ीकरण और 3150 करोड़ रुपये से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का विस्तार किया जाएगा। नए रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाएंराज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगार सृजित करने के लिए बड़ी योजनाओं का प्रस्ताव है। विशेष रूप से, महिलाओं, छात्रों और युवाओं के लिए कईकल्याणकारी योजनाएं लाई गई हैं।

बिहार में किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी, पीएम मोदी ने लालू यादव पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर में किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसादयादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग पशुओं का चारा खाने के आरोपी हैं, वे किसानों का भला नहीं कर सकते। इससे पहले, लालूयादव ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की सभा को लेकर टिप्पणी करते हुए लिखा था कि “बिहार में फिर झूठ और जुमलों की बरसात होगी।” इसपर पीएम मोदी ने अपने भाषण में करारा जवाब दिया। विकसित भारत के चार स्तंभभागलपुर हवाई अड्डा मैदान में आयोजित किसान महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लाल किले से स्पष्ट किया था किविकसित भारत के चार मजबूत स्तंभ हैं—गरीब, अन्नदाता किसान, नौजवान और नारी शक्ति। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार, चाहे केंद्र में हो याराज्य में, हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देती है। किसानों के लिए केंद्र सरकार की पहलपीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने किसानों की हर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि किसान को बेहतर बीज, सस्ती खाद, सिंचाई की सुविधा, पशुओं की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदा से राहत की जरूरत होती है। लेकिन, जिन लोगों ने चारा घोटाले में संलिप्तहोकर पशुओं का चारा तक खा लिया, वे किसानों की इन परेशानियों को कभी नहीं समझ सकते। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार ने इनसमस्याओं को गंभीरता से लिया और समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। खाद की सुलभता पर जोरप्रधानमंत्री ने कहा कि पहले खाद की चोरी होती थी और किसानों को लाठियां खानी पड़ती थीं, लेकिन अब उनकी सरकार ने यह स्थिति बदल दी है।उन्होंने दावा किया कि अगर एनडीए सरकार न होती, तो आज भी बिहार का बरौनी खाद कारखाना बंद पड़ा रहता। उन्होंने कहा कि कई देशों में खादकी एक बोरी की कीमत 3,000 रुपये तक पहुंच गई है, लेकिन भारत में किसानों को 300 रुपये से भी कम में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार की आर्थिक सहायतापीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार किसानों के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी की कीमतों का बोझकिसानों पर न पड़े, इसलिए केंद्र सरकार ने खुद इन पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने खाद पर लगभग 12 लाखकरोड़ रुपये की राशि खर्च की है, जिससे किसानों की जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च होने से बचाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार आगे भी कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों के कल्याण के लिएसमर्पित रहेगी।

दिल्ली विधानसभा सत्र की शुरुआत, विपक्ष और सरकार आमने-सामने

दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार को विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई। पहले ही दिन सदन में विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच तीखीनोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष की नेता आतिशी को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने चेतावनी दी, जिससे सत्र की शुरुआत ही गरमागरम बहसके साथ हुई। अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर हटाने का आरोपनेता प्रतिपक्ष आतिशी ने विधानसभा में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बधाई देने के साथ ही यह सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से डॉ. भीमरावअंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हटा दी गई हैं। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की “दलित और सिख विरोधी मानसिकता” करारदिया। उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया।विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर की सख्त प्रतिक्रियासदन में हंगामे के बीच स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को बोलने का मौका दिया, लेकिन आप विधायकों ने लगातार विरोध जारीरखा। विधानसभा के बाहर भी आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। बीजेपी पर अहंकार का आरोपमीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने केलिए अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटा दीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी को लगता है कि पीएम मोदी, अंबेडकर और भगत सिंह से बड़ेहैं? उन्होंने इसे बीजेपी का “दलित और सिख विरोधी रवैया” बताया। बीजेपी का पलटवारइस आरोप पर बीजेपी के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पिछले दस वर्षों में दिल्ली केविकास के लिए कुछ नहीं किया और अब सदन की पवित्रता भंग कर रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे दिल्ली के विकास में सहयोग करें औररचनात्मक सुझाव दें। बीजेपी विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी तस्वीर नहीं हटाई गई है। उन्होंने AAP नेताओं को “झूठाप्रचार करने” का दोषी ठहराया। विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। उनके नाम के लिए दो प्रस्ताव पेश किए गए—एक मुख्यमंत्री रेखागुप्ता और दूसरा कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्राज की ओर से। इन प्रस्तावों का समर्थन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और प्रवेश वर्मा ने किया और ध्वनिमत सेपारित कर दिया गया। चुनाव ‘प्रोटेम स्पीकर’ अरविंदर सिंह लवली ने संपन्न कराया। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी विजेंद्र गुप्ता को उनके आसन तक लेकर गए, जिससे यह संदेश देने की कोशिश कीगई कि भले ही मतभेद हों, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाएगा।

इंडिगो और एयर इंडिया की फ्लाइट में टूटी सीटों पर विवाद, पंजाब के नेता ने भी उठाए सवाल

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट में टूटी हुई सीटों की तस्वीरें साझा करते हुए एयरलाइन की व्यवस्थाओं परसवाल खड़े किए हैं। इसके जवाब में इंडिगो ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी सीटें हटाने योग्य कुशनों के साथ डिजाइन की गई हैं, जिससे सफाई औररखरखाव में आसानी होती है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। फ्लाइट क्रू ने शिकायत पर दी असमर्थतासुनील जाखड़ ने 27 जनवरी की उड़ान में टूटी हुई सीटों की ओर केबिन क्रू का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन उन्हें वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करानेकी सलाह दी गई। उन्होंने एयरलाइंस के “चलता है” रवैये की आलोचना करते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अपील की कि सुरक्षामानकों से कोई समझौता न हो। इंडिगो का जवाबइंडिगो ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सीटें वेल्क्रो की मदद से सुरक्षित की जाती हैं, जिससे वे सफाई और रखरखाव के लिएहटाई जा सकती हैं। हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में ये कुशन ढीले हो सकते हैं और इन्हें पुनः व्यवस्थित करने की आवश्यकता होती है। एयरलाइन नेयह भी कहा कि उनकी सीटों का डिजाइन सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही है। शिवराज सिंह चौहान ने भी जताई थी नाराजगीइससे पहले, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयर इंडिया की फ्लाइट में टूटी हुई सीट को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने बताया किउन्होंने 8C सीट बुक की थी, लेकिन जब फ्लाइट में पहुंचे तो वह टूटी हुई थी। इस मामले पर एयर इंडिया ने तुरंत माफी मांगते हुए जांच का आश्वासनदिया था। विमानन क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा पर बहसलगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के चलते विमानन क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा अनुभव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। यात्रियों कीसुविधाओं और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए DGCA की ओर से सख्त कदम उठाने की मांग बढ़ रही है।

कोलकाता में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध मौत, हत्या या आत्महत्या?

कोलकाता में एक ही परिवार की तीन महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों में 14 वर्षीय किशोरी और दो महिलाएं शामिल हैं।पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला हत्या की साजिश से जुड़ा लग रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं की नसें कटी हुई थींऔर उनकी गर्दन पर गहरे घाव थे, जबकि किशोरी की मौत जहर से हुई थी। हत्या या आत्महत्या? पुलिस के सामने बड़ा सवालयह मामला पुलिस के लिए एक रहस्य बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में हत्या की संभावना पर जोर दिया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिसदिन इन तीनों की लाशें मिलीं, उसी दिन मृत महिलाओं के पतियों—प्रणय डे और प्रसून डे—का कार एक्सीडेंट हुआ। हादसे में तीन लोग घायल हुए, जिनमें दोनों भाई भी शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि इन्हीं भाइयों ने अपनी पत्नियों की हत्या की हो सकती है। संदिग्ध बयान और पुलिस की जांचपुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों ने बयान दिया है कि परिवार ने आत्महत्या की योजना बनाई थी और सभी ने नींद की गोलियां खाकर दलिया खायाथा। हालांकि, पुलिस को इस दावे पर संदेह है, क्योंकि अब तक की जांच में आत्महत्या से ज्यादा हत्या की आशंका नजर आ रही है। आर्थिक तंगी के बावजूद ऐशो-आराम की जिंदगीपुलिस की जांच में सामने आया है कि डे परिवार चमड़े के व्यवसाय में भारी कर्ज से जूझ रहा था, लेकिन इसके बावजूद उनका रहन-सहन काफीविलासितापूर्ण था। इससे यह सवाल उठता है कि यदि आर्थिक तनाव था, तो महिलाओं की हत्या का कारण क्या हो सकता है? क्या परिवार केकिसी सदस्य ने ही अपराध किया या इसमें कोई बाहरी व्यक्ति शामिल है?दोनों भाइयों से होगी गहन पूछताछफिलहाल, एक्सीडेंट में घायल दोनों भाइयों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि उनकी स्थिति में सुधार होने के बाद उनसेगहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस सभी संभावनाओं की जांच कर रही है ताकि इस रहस्यमय मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025, मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई उड़ान

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025 की शुरुआत आज हो गई, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक विकास की गतिकी सराहना की और राज्य सरकार को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, उद्योगपतियों और निवेशकों का आभारव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति से भोपाल वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश को बढ़ावामुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की विकास गाथा को देश ही नहीं, बल्कि यूके, जर्मनी और जापान जैसे देशों में भी प्रस्तुत किया गया है। सरकार नेउद्योगपतियों से संवाद कर निवेश प्रोत्साहन के लिए एक सुव्यवस्थित रोडमैप तैयार किया है। निवेश के लिए नई नीतियांराज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए 18 नई नीतियां बनाई हैं, जिनका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। सिंगल विंडो सिस्टम कोअधिक प्रभावी बनाने और प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ‘जनविश्वास अधिनियम’ पारित किया गया है। साथ ही, सरकार ने 2025 को “उद्योगएवं रोजगार वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। औद्योगिक विकास के लिए मजबूत इकोसिस्टममुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक चार मूलभूत आवश्यकताओं – भूमि, जल, बिजली और कुशल श्रमबल – पर जोर दिया। उन्होंनेबताया कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त भूमि बैंक, जल संसाधन, सरप्लस बिजली और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश औद्योगिक निवेश केलिए अनुकूल बन रहा है। प्रमुख औद्योगिक परियोजनाएंराज्य में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं को गति दी जा रही है, जिनमें मेगा फुटवियर क्लस्टर (मुरैना), नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण (मोहासाबाबई), पीएम मित्र पार्क (धार) जैसी पहल शामिल हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क की सफलता के कारण इसके विस्तार की योजना भी बनाईजा रही है। औद्योगिक पार्क और पर्यटन क्षेत्र में विकासमध्य प्रदेश में 13 नए औद्योगिक पार्क बनकर तैयार हो रहे हैं और 20 नए औद्योगिक पार्कों की आधारशिला रखी जाएगी। इसके अलावा, 6 औद्योगिक विकास क्षेत्रों को विकसित करने की भी योजना है। पर्यटन क्षेत्र में भी राज्य सरकार संभावनाओं का विस्तार कर रही है, जिसमें महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, ओरछा, दतिया, भोजपुर, भीमबेटका और वन्य जीव अभयारण्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।समग्र विकास के लिए चार प्रमुख मिशनमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चार प्रमुख मिशन शुरू किए हैं। विभिन्न विभागोंके बीच समन्वय स्थापित कर नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे प्रदेश सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।

पंजाब में अवैध अप्रवासन पर सख्ती, ट्रैवल एजेंट्स के लाइसेंस रद्द, निर्वासन प्रक्रिया तेज

पंजाब सरकार ने अवैध अप्रवासन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अमृतसर प्रशासन ने 40 ट्रैवल एजेंट्स के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जो अवैधप्रवास में संलिप्त पाए गए थे। अमेरिका से निर्वासित भारतीय नागरिकहाल ही में, पनामा से 12 भारतीय नागरिकों को विशेष विमान के जरिए नई दिल्ली लाया गया। यह पहला जत्था था, जो अमेरिका में अवैध रूप सेप्रवेश करने की कोशिश में पकड़ा गया था। इससे पहले, अमेरिका ने 332 भारतीयों को निर्वासित किया था। अमेरिका-पनामा समझौताअमेरिका और पनामा के बीच हुए एक समझौते के तहत, पनामा अब निर्वासितों के लिए एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में कार्य करेगा। अमेरिका इनकीवापसी का पूरा खर्च वहन करेगा। इस समझौते के तहत, बीते सप्ताह 299 भारतीयों को पनामा भेजा गया था। अवैध अप्रवासन में वृद्धिपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासन नीति में सख्ती के बाद अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों की वापसी बढ़ गई है। विशेषज्ञों केअनुसार, लाखों भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं और भविष्य में यह निर्वासन अभियान जारी रह सकता है। अमेरिकी जेलों में कैद भारतीय नागरिक‘सिख सेंटर ऑफ सिएटल’ के पूर्व चेयरमैन हरजिंदर सिंह संधा के अनुसार, टैकोमा जेल में कई भारतीय नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के कैद हैं। इनमेंसे कई आईटी कंपनियों में काम करने या व्यापार के उद्देश्य से अमेरिका गए थे, लेकिन वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद अवैध अप्रवासी बन गए। अवैध अप्रवासियों का भविष्य‘सेवन आइ’ नामक एक एजेंसी ने अमेरिका सरकार को एक सूची सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि अगले चार वर्षों में कई भारतीयों को निर्वासितकिया जाएगा। कुछ प्रवासी स्वेच्छा से भी अमेरिका छोड़ रहे हैं। विदेश शिक्षा और आर्थिक प्रभावपंजाब यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डॉ. रौणकी राम के अनुसार, 1950 से 1980 के बीच गिने-चुने लोग ही विदेश शिक्षा के लिए जाते थे, लेकिन अबप्रवासन का बढ़ता चलन आर्थिक संकट को जन्म दे रहा है। वर्ष 2017-18 में करीब 27 हजार करोड़ रुपये कनाडा भेजे गए और सवा लाख भारतीयछात्र वहां पढ़ने गए। हालांकि, कई छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे यह प्रवासन जोखिमभरा साबित हो रहा है। ट्रैवल एजेंट्स और आइलेट्स सेंटरों पर नियंत्रण जरूरीकेरल के इंटरनेशनल माइग्रेशन सेंटर के चेयरमैन प्रो. एसआई राजन ने बताया कि ट्रैवल एजेंट्स और आइलेट्स सेंटर विदेश जाने के इच्छुक युवाओं कोगुमराह कर रहे हैं। पंजाब में बिना कड़ी निगरानी के एजेंट्स को लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जबकि केरल में हर साल ट्रैवल एजेंट्स का ऑडिट किया जाताहै और विदेश गए लोगों की सूची बनाई जाती है।नीति में सुधार की आवश्यकताप्रो. राजन के अनुसार, पंजाब सरकार को केरल की तर्ज पर माइग्रेशन पॉलिसी तैयार करनी चाहिए। इसमें ट्रैवल एजेंट्स की सख्त निगरानी, कौशलप्रशिक्षण और रोजगार के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेज स्तर पर ही आइलेट्स की शिक्षा कीव्यवस्था होनी चाहिए, ताकि छात्र वैध रूप से विदेश जा सकें। यह कदम न केवल अवैध प्रवासन को रोकने में सहायक होगा, बल्कि युवाओं को सही दिशा देने में भी मदद करेगा।

दिल्ली विधानसभा के पहले विशेष सत्र की तैयारियां हुई शुरु,प्रोटेम स्पीकर होगें अरविंदर सिंह लवली

Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली को दिल्ली विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करदिया गया है. सोमवार को LG पहले अरविंदर सिंह लवली को शपथ दिलाएंगे. और इसके बाद विधानसभा में लवली नई निर्वाचित विधायकों कोशपथ भी दिलवाएंगे. दिल्ली की नई विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा. 26 फरवरी को सत्र नहीं होगा. विधानसभा सत्र के दौरान विधायक कार्यों के लिए बैठक24 25 और 27 फरवरी को कराई जाएगी. 24 फरवरी को सत्र के पहले दिन 11 निर्वाचितसदस्यों को शपथ दिलवाई जाएगी. दोपहर 2:00 बजे स्पीकर का चुनाव किया जाएगा. आठवीं विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी को 11:00 सेशुरू किया जाएगा. नई निर्वाचित सदस्य सुबह शपथ लेंगे. इसके बाद 2:00 बजे अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. 25 फरवरी को सुबह 11:00 बजेLG का भी भाषण होगा. इसके बाद CAG रिपोर्ट पेश की जाएगी. दरअसल आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कामकाज कोलेकर भारत की नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की 14 पेंडिंग रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. इसके बाद लोग की अभिभाषण पर धन्यवादप्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. 17 फरवरी को होगी धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा17 फरवरी की भी सुबह 11:00 बजे LG के आभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी. और इसी दिन उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. जब तक की अध्यक्ष निर्देश न दे. विधानसभा की बैठकें इन्हीं तारीखों पर होगी. बैठक तब तक चलेंगे. जब तक उस दिन के लिए काम पूरा नहीं होजाते. बीजेपी ने (CAG) की पेंडिंग रिपोर्ट को विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाया था. बीजेपी ने चुनाव प्रचारप्रसार के दौरान कहा था. कि दिल्ली सरकार बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र में ही (CAG) की सभी पेंडिंग रिपोर्ट पेश की जाएगी.संसदीयपरंपराओं के तहत नए स्पीकर चुने से पहले दरअसल ही जरूरी होता है. प्रोटेम स्पीकर बनेंगें अरविंदर सिंह लवलीस्पीकर चुनने वाले विधायक सदन के सदस्य बन जाएंगे. ऐसे में स्पीकर चुनने वाले विधायकों को शपथ दिलाने के लिए प्रोटेम स्पीकर की व्यवस्था कीहै. प्रोटेम स्पीकर विधायक मे से अमूमन अनुभवी विधायकों को चुना जाता है. कई बार तो विपक्षी सदस्यों से ही किसी सदस्य को प्रोटेम स्पीकर कीजिम्मेदारी दे दी जाती है. दरअसल प्रोटेम स्पीकर तब तक काम करते हैं. जब तक सदन स्पीकर को प्रोटेम स्पीकर के ऊपर राज्यपाल शपथ दिलाते हैं. और फिर प्रोटेम स्पीकर सदन में मुख्यमंत्री और सभी विधायकों को शपथ दिलाते हैं. इसके बाद प्रोटेम स्पीकर ही सदन में स्पीकर के लिए चुनाव करतेहैं. जब स्पीकर को चुन लिया जाता है तो प्रोटेम स्पीकर का कार्यकाल समाप्त हो जाता है.

इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने वामपंथियों पर बोला हमला, ‘डबल स्टैंडर्ड’की खोली पोल

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने वामपंथियों पर हमला बोला उन्होंने पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं के लिए दोहरा मानदंड रखने कोलेकर लेफ्ट लिबरल की आलोचना की.दरअसल वाशिंगटन में कंजवेटिव पॉलीटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (CPAC)में वीडियो लिंक के माध्यम से बोलतेहुए मेलोनी ने एलीट और वामपंथी राजनेताओं पर आरोप लगाया. कि वह प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हैं. इस दौरानमिलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की. प्रधानमंत्री ने वामपंथियों को हताश बताया. उन्होंने कहा कि ट्रंप के उदय के बाद उनकीहताशा उन्माद में बदल गई है. मेलोनी ने कहा कि वामपंथी घबराए हुए हैं. और ट्रंप की जीत के साथ उनकी चिडचिडाहट पागलपन में बदल गई है. नकेवल इसलिए क्योंकि रूढ़िवादी जीत रहे हैं .बल्कि इसलिए क्योंकि रूढ़िवादी अब वैश्विक स्तर पर सहयोग भी कर रहे हैं .जब बिल क्लिंटन और टोनीब्लेयर ने 90 के दशक में वैश्विक वामपंथी उदारवादी के नेटवर्क को बनाया था तो उन्हें राजनेता कहा गया था. लोग झूठ पर भरोसा करते है सच पर नहीं- मेलोनीट्रंप मेलोनी, मिल्ले शायद मोदी बोलते हैं. तो उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा कहा जाता है. यह आखिरी दोहरा मापदंड है लेकिन हम इसके आदी होचुके. और सबसे बड़ी बात यह है. कि लोग अब उनके झूठ पर भरोसा नहीं करते. चाहे वे हम पर कितना भी कीचड़ उछाले. देश के नागरिक हमारे लिएवोट करते र हैं मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप को मजबूत नेता कहकर उनका समर्थन किया.और ऐसी आशंकाओं को खारिज कर दिया कि उनके राष्ट्रपति बननेसे रूढ़िवादी आंदोलन में दरार पैदा होगी. हमारे विरोधियों की उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप हमसे दूर चले जाएंगे लेकिन उन्हें एक मजबूत और प्रभावी नेताके रूप में जानते हुए मैं इस बात की शर्त लगती हूं. कि जो लोग ऐसे विभाजन की उम्मीद करते हैं वे सब गलत है. मेरा और हमारे देश की जनता काट्रंप पर जो भरोसा है उसे वह कायम रखेंगे.