भारत का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी दोनों सदनों को संबोधित

भारत का संसद बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को होगी, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनोंसदनों – लोकसभा और राज्यसभा – को संबोधित करेंगी। इसके बाद, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को देश का केंद्रीय बजटपेश करेंगी। बजट सत्र के दो भागलोकसभा सचिवालय की ओर से एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें बजट सत्र की विस्तृत जानकारी दी गई है। इस अधिसूचना मेंबताया गया है कि बजट सत्र का पहला भाग 31 जनवरी 2025 से 13 फरवरी 2025 तक चलेगा। इसके बाद, सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च 2025 से 4 अप्रैल 2025 तक होगा। इस पूरे सत्र में कुल 27 बैठकें आयोजित की जाएंगी। *सत्र में विशेष आयोजन*31 जनवरी से 13 फरवरी तक के पहले भाग में कुल 9 बैठकें होंगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव काजवाब देंगे। इसके बाद, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर चर्चा का जवाब देंगी। सत्र के इस हिस्से के बाद संसद कुछ समय के लिएअवकाश पर जाएगी। सत्र के दूसरे भाग में, 10 मार्च से विभिन्न मंत्रालयों द्वारा अनुदान की मांग पर चर्चा की जाएगी और बजट प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। दूसरा भाग 4 अप्रैल को समाप्त होगा, और इस प्रकार पूरे बजट सत्र में कुल 27 बैठकें होंगी। 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठकबजट सत्र के पहले 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस बैठक की जानकारी दी है औरविपक्षी दलों से सदन में सुचारू चर्चा के लिए सहयोग की अपील की है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक संतुलितऔर कारगर बजट पेश करेंगी, जो देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में सहायक होगा।
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, मिडिल क्लास और किसानों के लिए टैक्स में राहत की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर मिडिल क्लास और किसानों कोटैक्स के बोझ से राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में अमीरों के कर्ज माफ करने के बजाय, सरकार को किसानों और मिडिल क्लास कीसहायता करनी चाहिए। उनका कहना था कि मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है, और अगर सरकार कर्ज माफ करना ही चाहती है, तोअरबपतियों के बजाय, मिडिल क्लास और किसानों के कर्ज माफ किए जाएं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार सरकारी खजाने का अधिकांश हिस्सा अमीरों के कर्ज माफ करने में खर्च कर रही है, जबकिगरीब और मिडिल क्लास लगातार महंगाई और बेरोजगारी के बोझ तले दबे हुए हैं। अरबपतियों के कर्ज माफी पर सवालिया निशानकेजरीवाल ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में सरकार ने लगभग 400 से 500 अरबपतियों के 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए हैं। इसके साथ हीउन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में एक अरबपति का 46 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया, जबकि सरकार ने केवल 400 करोड़ रुपये कीलागत से दिल्ली में महिलाओं की बस यात्रा मुफ्त की। अरविंद केजरीवाल ने यह सवाल उठाया कि जब दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए बस यात्रा को मुफ्त करने पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए, तोकेंद्र सरकार एक ही अरबपति के कर्ज को माफ करने में इतनी बड़ी रकम खर्च कर रही है। उन्होंने इसे एक “घोटाला” करार दिया और प्रधानमंत्री सेअपील की कि ऐसे कर्ज माफ करने की प्रक्रिया को बंद किया जाए। मिडिल क्लास पर टैक्स का भारी बोझअरविंद केजरीवाल ने मिडिल क्लास के लोगों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सामान्य मिडिल क्लास व्यक्ति, जो साल में 12 लाख रुपये कमाता है, उस पर कई तरह के टैक्स लगाए जाते हैं। इसमें जीएसटी, इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स, एजुकेशन सेस, कैपिटलगेन टैक्स और रोड टैक्स शामिल हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मिडिल क्लास के लोग अपनी आधी आमदनी टैक्स के रूप में देते हैं, लेकिनबदले में उन्हें कोई भी सुविधा नहीं मिलती। उनका कहना था कि मिडिल क्लास का व्यक्ति यह देखता है कि उसके द्वारा दिए गए टैक्स का पैसा अरबपतियों के कर्ज माफ करने में खर्च किया जारहा है, जो उसे बहुत दुख पहुंचाता है। सरकारी खजाना क्यों अमीरों को दिया जा रहा है?अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से अपील की कि सरकार को किसी भी अरबपति के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद करना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा धोखा है, और इससे देश की जनता बहुत नाराज है। उनका यह भी कहना था कि यदि कर्ज माफ करने की प्रक्रिया कोजारी रखना ही है, तो यह मिडिल क्लास और किसानों के कर्जों को माफ करने के रूप में किया जाना चाहिए। केजरीवाल ने यह भी कहा कि एक मिडिल क्लास व्यक्ति, जो महीने में 1 लाख रुपये कमाता है, उसकी 60-70 हजार रुपये की ईएमआई जाती है, लेकिन सरकार उनकी सहायता करने के बजाय, अमीरों के कर्ज माफ करती है। मिडिल क्लास को राहत देने का तरीकाअरविंद केजरीवाल ने सुझाव दिया कि यदि सरकार अरबपतियों को कर्ज देने और उन्हें माफ करने की प्रक्रिया बंद कर दे, तो मिडिल क्लास को बड़ीराहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इससे आयकर की दरें आधी की जा सकती हैं, टैक्स योग्य आय की सीमा दोगुनी की जा सकती है और जीएसटीदरें भी कम की जा सकती हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सभी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी को पूरी तरह से माफ किया जा सकता है। उनकी ये मांगें हैं:अरबपतियों के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए।मिडिल क्लास के कर्ज माफ किए जाएं, जिनमें होम लोन और व्हीकल लोन शामिल हों।किसानों के कर्ज माफ किए जाएं।अगर अरबपतियों के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया बंद की जाती है, तो आयकर की दरें आधी की जा सकती हैं।टैक्स योग्य आय की सीमा दोगुनी की जा सकती है।सभी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी को माफ किया जा सकता है। सरकार से बदलाव की उम्मीदकेजरीवाल ने प्रधानमंत्री से उम्मीद जताई कि वह इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। उनका कहना था कि यदि इन सुधारों को लागू किया जाए, तोदेश की जनता को काफी राहत मिलेगी। मिडिल क्लास और किसानों को इस तरह की राहत से न केवल उनके कर्ज का बोझ कम होगा, बल्कि देशकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समय है जब केंद्र सरकार को मिडिल क्लास और किसानों के हित में कदम उठाने चाहिए, न कि केवल अरबपतियों के हितमें। उनके मुताबिक, इस कदम से सरकार का खजाना भी सही दिशा में इस्तेमाल होगा और देश की आम जनता को भी राहत मिलेगी।
केजरीवाल ने बीजेपी पर हरियाणा से दिल्ली आ रहे पानी में जहर मिलाने का आरोप, हरियाणा सरकार ने खंडन किया

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणासरकार यमुना के पानी में जहर मिला रही है, जो दिल्ली की जल आपूर्ति में आ रहा है। केजरीवाल का आरोप है कि बीजेपी देश की राजनीति को गंदाकर रही है और अगर दिल्ली के लोग बीजेपी को वोट नहीं दे रहे हैं तो क्या उन्हें जहर मिलाकर मारा जाएगा? केजरीवाल का आरोप और पानी की गुणवत्ता पर चिंताअरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यह आरोप लगाया कि यमुना के पानी में अमोनिया की अधिकता है, जिसे दिल्ली के जल उपचार संयंत्र भीसाफ नहीं कर सकते हैं। उन्होंने इसे जहर बताते हुए कहा कि अगर यह पानी दिल्ली के जल आपूर्ति में मिल जाता, तो यह सामूहिक नरसंहार जैसा होसकता था। केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने तुरंत पानी की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कदमउठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि चुनाव आयोग दिल्ली के लोगों को इस त्रासदी से बचाए। हरियाणा सरकार का खंडनहरियाणा के उपमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया। सैनी ने कहा कि आरोप लगाना और फिर भाग जाना केजरीवालकी आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने खुद अपने मुख्य सचिव को पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए भेजा था और वह हरियाणा केअधिकारियों से सोनीपत में पानी की गुणवत्ता की जांच करवाएंगे। सैनी ने केजरीवाल को काम करने की सलाह दी और कहा कि दिल्ली में पानी कीआपूर्ति में कोई समस्या नहीं है, बल्कि वितरण प्रणाली में समस्या हो सकती है। निर्वाचन आयोग ने मांगी रिपोर्टदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को निर्वाचन आयोग से हरियाणा से आपूर्ति किए जाने वालेपानी में अमोनिया के उच्च स्तर को लेकर शिकायत की। उन्होंने कहा कि अमोनिया के कारण पानी की आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और यहचुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। निर्वाचन आयोग ने हरियाणा के अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगते हुए कहा कि वे अगले दिन दोपहर12 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
रामदास आठवले का तगड़ा हमला, बोले- दिल्ली चुनाव में कांग्रेस को नहीं मिलेगी एक भी सीट

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव मेंकांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलेगी और अगले 25 वर्षों तक पार्टी का सत्ता में आना नामुमकिन होगा। आठवले ने इस दौरान राहुल गांधी और कांग्रेसके नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस के सत्ता में आने की उम्मीदों पर तंजरामदास आठवले ने कहा, “राहुल गांधी कहते हैं कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वे कई बदलाव करेंगे, लेकिन यह संभव नहीं है। अगले 25 सालों तक कांग्रेस को सत्ता में आना बहुत मुश्किल है। जब तक मोदी जी और मैं साथ हैं, यह असंभव है।” दिल्ली चुनाव पर बात करते हुए आठवले नेकहा कि कांग्रेस दिल्ली में चुनावी प्रयास कर रही है, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिलेगी। संविधान को लेकर राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रियाकेंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के संविधान खतरे में होने वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कहते हैं कि संविधान खतरे में है, लेकिन संविधान को कोई खतरा नहीं है। संविधान को बदलने का अधिकार किसी को नहीं है। संसद को पुराने कानूनों में संशोधन करने का अधिकारहै, और सरकार को भी यह अधिकार है।” उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर का नाम लेने से काम नहीं चलता, और राहुल गांधी ऐसे बयानदेकर अपनी पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पीएम मोदी पर विश्वास जताते हुए की तारीफरामदास आठवले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह संविधान को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य नेतासंविधान के खिलाफ राजनीतिक दुष्प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा, आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने और जाति आधारित जनगणना के मुद्देपर पूछे गए सवाल पर आठवले ने राहुल गांधी से सवाल किया, “जब आपकी सरकार 2014 तक सत्ता में थी, तो आपने इसे क्यों नहीं बढ़ाया?”
हिमंत बिस्वा सरमा ने मल्लिकार्जुन खरगे पर किया पलटवार, महाकुंभ पर बयान को बताया सनातन धर्म के खिलाफ

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में महाकुंभ पर बयान देते हुए कहा था कि गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर नहीं होतीऔर यह किसी के पेट को भी नहीं भरता। इस बयान के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खरगे पर तीखा हमला किया है और इसे सनातनधर्म के खिलाफ एक चिंताजनक मानसिकता करार दिया। हिमंत बिस्वा सरमा का पलटवारहिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का महाकुंभ पर दिया गया बयान अभूतपूर्व है और यह सनातन धर्म केखिलाफ गहरी चिंताजनक मानसिकता को दर्शाता है। यह राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख लगता है।” उन्होंने आगे कहाकि सोनिया गांधी ने 2001 में खुद कुंभ के दौरान पवित्र स्नान किया था, तो क्या अब खरगे यह कहने की हिम्मत करेंगे कि हज पर जाने से भूख औरगरीबी जैसे मुद्दे हल नहीं होंगे? हिंदू नेताओं से विचार करने की अपीलहिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी के हिंदू नेताओं से अपील करते हुए कहा, “यह समय है कि कांग्रेस से जुड़े सभी हिंदू नेता इस पर विचार करें औरअपना रुख तय करें। अपनी आस्था, धर्म या देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से केवल सत्ता और पद के लिए समझौता न करें।” उन्होंने यह भी कहाकि सनातन धर्म सदियों से समय की कसौटी पर खरा उतरा है, और राजनीतिक स्वार्थ के लिए इसके सार को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। खरगे का विवादित बयानमल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में कहा था, “गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होती है क्या? क्या इससे किसी के पेट में खाना भरता है?” उन्होंनेयह भी कहा कि जब बच्चे भूख से मर रहे हैं, मजदूरों को काम नहीं मिल रहा और लोग हजारों रुपये खर्च कर प्रतियोगिता में डुबकी मारने जाते हैं, तोयह सवाल उठता है कि क्या इस तरह की गतिविधियाँ सही हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह किसी की आस्था पर कोई दोष नहीं लगाना चाहते औरअगर किसी को दुख पहुंचा हो तो वे माफी चाहते हैं।
मोदी सरकार ने SEBI चेयरपर्सन के पद के लिए आवेदन मांगे, कांग्रेस ने उठाए सवाल

मोदी सरकार ने हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरपर्सन के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इसकदम को अपने लगातार चलाए जा रहे तथ्य-आधारित अभियान का समर्थन बताया, जिसमें उसने मौजूदा SEBI अध्यक्ष पर गंभीर समझौतों केआरोप लगाए थे। पार्टी का कहना है कि यह अवसर नए चेयरपर्सन को चुनने का है, जो देश के निवेशकों के हितों की रक्षा कर सके। कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि नया चेयरपर्सन न केवल पूंजी बाजार में मध्यम वर्ग के करोड़ों निवेशकों की सुरक्षा करेगा, बल्कि वह अडानी ग्रुप जैसे बड़ेकॉर्पोरेट के खिलाफ साहसिक कदम उठाएगा। पार्टी का मानना है कि नए चेयरपर्सन को बिना किसी डर या पक्षपात के अडानी ग्रुप के लेनदेन सेसंबंधित सभी मामलों में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से निपटना होगा।
वक्फ समिति ने NDA के सभी संशोधन किए स्वीकार, विपक्ष की एक नहीं चली

संसद की संयुक्त समिति (JPC) ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 में सत्तारूढ़ भाजपा के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) केसदस्य द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को मंजूरी दे दी और विपक्षी सांसदों के संशोधन प्रस्तावों को खारिज कर दिया। समिति के अध्यक्ष जगदम्बिकापाल ने बैठक के बाद कहा कि इन संशोधनों से कानून और भी बेहतर और प्रभावी बनेगा। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इस प्रक्रिया की आलोचना की और पाल पर लोकतांत्रिक तरीके से फैसले न करने का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस(TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने इसे ‘हास्यास्पद’ बताते हुए कहा, “हमारी बात नहीं सुनी गई और पाल ने तानाशाही तरीके से काम किया।” समिति की कार्यवाही और संशोधन प्रस्तावसंशोधन विधेयक के कुछ महत्वपूर्ण बदलावों में एक प्रमुख परिवर्तन यह था कि मौजूदा वक्फ संपत्तियों पर ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ के सवाल कोअब नहीं उठाया जा सकेगा। वर्तमान कानून में यह प्रावधान मौजूद था, लेकिन नए संशोधन में इसे हटा दिया गया है, जिसके बाद वक्फ संपत्ति केवलधार्मिक उद्देश्यों के लिए दी गई संपत्ति मानी जाएगी। विपक्ष के द्वारा किए गए 44 संशोधन प्रस्तावों में से सैकड़ों को मतदान के द्वारा खारिज कर दिया गया। पाल ने बताया कि एनडीए के सदस्यों नेविधेयक के 14 प्रावधानों में संशोधन पेश किए थे, जिन्हें मंजूरी दे दी गई। विपक्ष की प्रतिक्रियाविपक्षी सांसदों ने पूरी बैठक की कार्यवाही की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताया। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगायाकि यह एक ‘हास्यास्पद’ प्रक्रिया थी, जहां उनकी आवाज को नजरअंदाज कर दिया गया। वहीं, जगदम्बिका पाल ने इन आरोपों को नकारते हुए कहाकि पूरा निर्णय लोकतांत्रिक था और बहुमत की राय के अनुसार लिया गया। विधेयक का इतिहास और वर्तमान स्थितिवक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में पेश किया था। उसके बाद इसेसंयुक्त समिति को भेजा गया था, जहां अब इसे संशोधित और अपडेट किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने केजरीवाल पर जमकर हमला बोला

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनावी माहौल गर्मा चुका है और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता अपना प्रचार तेज कर चुके हैं। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को दिल्ली केमुंडका विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी रैली में उन्होंने केजरीवाल को ‘शिकारी’ और ‘नटवरलाल’ जैसे शब्दों से संबोधित किया और दिल्लीके मतदाताओं से उनके जाल में न फंसने की अपील की। ‘शिकारी’ और ‘नटवरलाल’ का आरोपशिवराज चौहान ने अरविंद केजरीवाल की तुलना एक शिकारी से की, जो अपने शिकार को फंसाने के लिए जाल बिछाता है। उन्होंने कहा किकेजरीवाल ने दिल्ली में अपने चुनावी प्रचार के दौरान किसानों को केंद्रीय योजनाओं से वंचित किया, जबकि खुद महल बनाने में सफल रहे। उनकाआरोप था कि केजरीवाल ने सरकारी लाभ लेने से इंकार किया था, लेकिन दिल्ली में अपनी निजी संपत्ति का निर्माण किया। केजरीवाल के ‘झूठे वादों’ से बचने की चेतावनीचौहान ने दिल्लीवासियों को केजरीवाल के ‘झूठे वादों’ से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “यह बड़ा कलाकार है, नटवरलाल है। इनकीराजनीति केवल मुफ्त में सामान बांटने की है, जो अंततः लोगों को धोखा देती है।” उनके अनुसार, दिल्ली के लोग केजरीवाल के भ्रमित करने वालेवादों से बचकर सही चुनाव करें। चुनावी हलचल और मतदान की तारीखदिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को होने वाले हैं, जिसमें 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा। इसके बाद, 8 फरवरी को चुनाव परिणामघोषित होंगे। इस चुनावी दौड़ में सभी प्रमुख दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बीजेपी ने जहां आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उसेभ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों से घेर लिया है, वहीं आम आदमी पार्टी भी अपनी योजनाओं और घोषणाओं के साथ जनता के बीच जा रही है। राजनीतिक संघर्ष तेजचुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रमुख पार्टियां, बीजेपी और AAP, अपनी-अपनी तरफ से चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक रही हैं। जहां बीजेपी के नेताकेजरीवाल के खिलाफ आक्रामक होते जा रहे हैं, वहीं केजरीवाल भी अपनी सरकार की योजनाओं और कामों को जनता के बीच प्रस्तुत कर रहे हैं।अब देखना यह है कि 5 फरवरी को मतदान के बाद दिल्ली के चुनावी समर में किसकी जीत होती है।
उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू, देश का पहला राज्य बना

उत्तराखंड ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करके इतिहास रच दिया है, और वह देश का पहला राज्य बन गया है जहां यह कानून लागूकिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण कदम की घोषणा करते हुए कहा कि यह निर्णय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर कोश्रद्धांजलि है। UCC के लागू होने के साथ, राज्य में विभिन्न सामाजिक और कानूनी बदलाव होंगे, खासकर महिलाओं के अधिकारों को लेकर। शादी, तलाक और न्यूनतम उम्रUCC के तहत उत्तराखंड में शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य शादी को कानूनी रूप से मान्यता देना है, ताकि किसी भीविवाद की स्थिति में सही दस्तावेज उपलब्ध हो सकें। तलाक के मामले में अब सभी धर्मों और समुदायों के लिए समान कानून होंगे, जिससे न्यायव्यवस्था में समानता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, शादी की न्यूनतम उम्र को 18 साल तय किया गया है, जो सभी धर्मों की लड़कियों के लिएसमान होगा, इस तरह से महिलाओं के अधिकारों को सशक्त किया जाएगा। गोद लेने और संपत्ति के अधिकारUCC के लागू होने से अब सभी धर्मों को बच्चा गोद लेने का समान अधिकार मिलेगा। हालांकि, एक धर्म के लोग दूसरे धर्म के बच्चे को गोद नहीं लेसकते। इसके अतिरिक्त, जायदाद में लड़कों और लड़कियों के लिए बराबरी की हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे महिलाओं को संपत्ति केअधिकारों में भी समानता मिलेगी। यह कदम महिलाओं को आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने की दिशा में अहम होगा। सामाजिक प्रथाओं पर कड़ी पाबंदीयूसीसी लागू होने के साथ उत्तराखंड में हलाला और इद्दत जैसी प्रथाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, एक पति और पत्नी केजीवित रहने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। यह कानून समाज में समानता और महिला अधिकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेलाया गया है। लिव-इन रिलेशनशिप और अन्य प्रावधानयूसीसी के तहत लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। अगर लिव-इन में रहने वाले जोड़े की उम्र 18 से 21 सालके बीच है, तो उन्हें माता-पिता की सहमति प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा, लिव-इन से पैदा हुए बच्चों को शादीशुदा जोड़ों के बच्चों की तरह सभीकानूनी अधिकार मिलेंगे। इससे बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकार सुनिश्चित होंगे। UCC के तहत शेड्यूल ट्राइब्स को बाहर रखा गया है, उनकेलिए अलग नियम लागू किए गए हैं।
गोपाल राय ने बाबरपुर में की जनसभाएं, महिला सम्मान और संजीवनी योजना की घोषणा

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश संयोजक और बाबरपुर विधानसभा से प्रत्याशी गोपाल राय ने रविवार को बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में चारप्रमुख जनसभाओं का आयोजन किया। ये सभाएं वेस्ट गोरख पार्क, वेस्ट ज्योति नगर, कबीर नगर और मोहनपुरी में हुईं, जिनमें स्थानीय जनता का भारीसमर्थन मिला। गोपाल राय ने इन सभाओं में आम आदमी पार्टी की सरकार की योजनाओं को जनता के सामने रखा और आगामी विधानसभा चुनावोंको लेकर अपने इरादे जाहिर किए। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए नई योजनाओं का एलानगोपाल राय ने अपनी जनसभाओं में कहा कि यदि दिल्ली में एक बार फिर आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है, तो महिलाओं के लिए ‘‘महिलासम्मान योजना’’ और बुजुर्गों के लिए ‘‘संजीवनी योजना’’ लागू की जाएगी। इसके तहत दिल्ली में हर परिवार को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहाकि आम आदमी पार्टी ही इकलौती पार्टी है जो लोगों को मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, इलाज, और महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएंप्रदान करती है। गोपाल राय ने दावा किया कि दिल्ली में जब से अरविंद केजरीवाल की सरकार बनी है, तब से दिल्लीवासियों के लिए 24 घंटे बिजली, मुफ्त पानी, मुफ्त इलाज और शिक्षा जैसी सुविधाएं शुरू हो गई हैं। इन योजनाओं ने दिल्लीवासियों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है और यदि पार्टी फिर सेसत्ता में आई तो यह योजनाएं और भी मजबूत होंगी। दिल्ली के इतिहास में कामों का जिक्रगोपाल राय ने दिल्ली में किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकारने दिल्ली में कई बड़े बदलाव किए हैं, जो अब तक देश के किसी भी राज्य में नहीं हुए थे। उनका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पहले दिल्ली मेंकेवल प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के घरों में 24 घंटे बिजली आती थी, जबकि आम नागरिकों के घरों में अक्सर पावर कट होते थे। अब आमआदमी के घरों में भी 24 घंटे बिजली आ रही है, जो कि एक ऐतिहासिक बदलाव है।उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने हर परिवार के लिए 24 घंटे बिजली, मुफ्त पानी, शिक्षा और चिकित्सा के लिए शानदारयोजनाएं लागू की हैं। यह काम सिर्फ आम आदमी पार्टी ही कर सकती है, और इस काम को पार्टी आने वाले समय में भी जारी रखेगी। कांग्रेस और भाजपा पर हमलागोपाल राय ने कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस की कोई भी सक्रियता नहीं है और भाजपा भी सिर्फ प्रचारकर रही है, लेकिन उनके पास कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने पिछले कुछ महीनों में दिल्ली केलोगों के लिए कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया है, और इस बार भी दोनों पार्टियों को बाबरपुर से उम्मीदवार खोजने में परेशानी हुई। गोपाल राय ने कहा कि बाबरपुर में भाजपा के सभी कैबिनेट मंत्री प्रचार कर रहे थे, लेकिन पार्टी को यहां से कोई उम्मीदवार नहीं मिल पाया। कांग्रेस भीबाबरपुर में अपने उम्मीदवार की बजाय सीलमपुर से उम्मीदवार लेकर आई है। उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वे पार्टी की योजनाओं कोध्यान में रखते हुए ‘‘झाड़ू’’ का बटन दबाकर आम आदमी पार्टी को समर्थन दें। दिल्ली के भविष्य को लेकर बड़ी घोषणागोपाल राय ने दिल्ली के लोगों से आगामी 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों के महत्व को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यहचुनाव दिल्लीवासियों की आने वाली पांच सालों की जिंदगी का फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी को चुनतीहै तो वह मुफ्त सुविधाओं को जारी रखेगी, जबकि भाजपा के सत्ता में आने पर यह सारी योजनाएं बंद हो जाएंगी। गोपाल राय ने महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दिल्ली में 18 वर्ष से अधिकउम्र की सभी महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये दिए जाएंगे, ताकि वे अपने परिवार की मजबूती में योगदान कर सकें। इसके अलावा, संजीवनीयोजना के तहत 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों के इलाज का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी, चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट अस्पताल हो। आप के कार्यों का जिक्रगोपाल राय ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के द्वारा किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के राज में दिल्लीवासियों की काफी बचत होरही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में फ्री शिक्षा, फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री इलाज, और महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा जैसी सुविधाओं से दिल्लीके हर परिवार में 4 से 5 हजार रुपये की बचत हो रही है। कई परिवारों के लिए यह बचत 7-8 हजार रुपये तक हो रही है, जो उन्हें अन्य खर्चों में मददकरती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों के पास ऐसी कोई योजना नहीं है, जो लोगों की जिंदगी में सुधार लाए। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दिल्ली में न केबराबर काम कर रही हैं। इसलिए दिल्ली के लोग अब आम आदमी पार्टी को ही अपनी सरकार बनाने का सही विकल्प मानते हैं। वोट खरीदने की कोशिशोंगोपाल राय ने चुनावी धांधली और वोट खरीदने की कोशिशों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि वे वोट खरीदलेंगे, लेकिन उनकी ये कोशिशें नाकाम रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की लोकप्रियता और कार्यों के आधार पर दिल्लीवाले आम आदमी पार्टीको ही जीत दिलाएंगे और भाजपा और कांग्रेस का तो कोई भी वोट नहीं मिलेगा।