गृह मंत्री अमित शाह ने महाकुंभ में संगम में डुबकी लगाई, सीएम योगी और स्वामी रामदेव भी मौजूद

महाकुंभ के मौके पर देशभर के श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े हुए हैं, और इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस धार्मिक आयोजन मेंभाग लिया। 27 जनवरी को अमित शाह ने संगम में डुबकी लगाई, इस मौके पर उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, योग गुरुस्वामी रामदेव और कई अन्य साधु-संत भी उपस्थित थे। अमित शाह, सीएम योगी और स्वामी रामदेव के संग संगम में स्नान करते हुए वीडियो सोशलमीडिया पर तेजी से वायरल हुए। महाकुंभ में स्नान करने वालों का आंकड़ामहाकुंभ में संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 27 जनवरी तक महाकुंभ में कुल 60.19 लाख से अधिक लोग संगममें डुबकी लगा चुके थे। वहीं, महाकुंभ की शुरुआत से लेकर 26 जनवरी तक यह आंकड़ा 13.21 करोड़ के पार जा चुका था। इस बड़ी संख्या मेंश्रद्धालुओं का शामिल होना महाकुंभ के महत्व और इसकी धार्मिक महत्ता को दर्शाता है। सीएम योगी का महाकुंभ दौरा और कैबिनेट बैठकगृह मंत्री अमित शाह के संगम स्नान से पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने मंत्रिमंडल के साथ महाकुंभ का दौरा किया। इस दौरान सीएमयोगी ने संगम में स्नान किया और अपने मंत्रियों के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। स्नान से पहले, सीएम योगी ने अपनी कैबिनेट बैठक भी आयोजित की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका प्रभाव राज्य के विकास औरजनकल्याण पर पड़ेगा। बैठक में बागपत, कासगंज और हाथरस में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई, इसके साथ ही प्रयागराज, वाराणसी और आगरा नगर निगम के लिए बॉन्ड जारी करने का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा, सरकार ने युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट देनेकी योजना भी घोषित की। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बात की और चित्रकूट को भी इसी एक्सप्रेसवे से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। इसकेसाथ ही एक नई एयरोस्पेस डिफेंस पॉलिसी बनाने की बात भी की गई, ताकि राज्य में रोजगार और उद्योगों का विकास हो सके। महाकुंभ के संदर्भ मेंप्रयागराज के विकास को लेकर भी योजनाओं की घोषणा की गई। यमुना नदी पर एक और सिग्नेचर ब्रिज बनाने की बात भी इस बैठक में उठी। अखिलेश यादव का महाकुंभ में स्नान और सियासी बयानमहाकुंभ में स्नान करने का एक और महत्वपूर्ण दृश्य 26 जनवरी को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का था। अखिलेश यादव ने भी संगममें डुबकी लगाई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस स्नान के बाद सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई, खासकरउस वक्त जब अखिलेश यादव ने महाकुंभ के आंकड़ों पर सवाल खड़े किए थे। अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाकुंभ के आंकड़ों को लेकर सरकार पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार के सभी आंकड़े फर्जी हैं।अखिलेश ने यह भी दावा किया कि कुछ ट्रेनें खाली जा रही हैं, और गोरखपुर वाली ट्रेन के बारे में भी ऐसी खबरें हैं। उनका कहना था कि भाजपासरकार के आंकड़े जनता को धोखा देने के लिए हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। यह बयान महाकुंभ की सफलता और सरकारीआंकड़ों पर उठाए गए सवालों को लेकर सियासी विवाद का कारण बना। महाकुंभ का महत्व और सरकार की योजनाएंमहाकुंभ भारतीय संस्कृति और धर्म का एक अहम हिस्सा है, जो प्रत्येक बार खास उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह आयोजन न केवलधार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमे शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक आत्मिक और मानसिक शुद्धि का अवसर भी है। महाकुंभ के आयोजन में प्रदेश सरकार की सक्रियता और योजनाओं का बड़ा हाथ है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास केलिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। इन योजनाओं से न केवल राज्य की आधारभूत संरचना में सुधार होगा, बल्कि रोजगार और विकास केनए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, महाकुंभ के आयोजन से राज्य के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होने की संभावना है। संगम स्नान: एक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरासंगम में स्नान का हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व है। मान्यता है कि संगम में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और हर साल लाखों श्रद्धालु इस परंपरा को निभाने के लिए संगम पहुंचते हैं। महाकुंभ में स्नान करने के साथ-साथ श्रद्धालु कई धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लेते हैं, जो उन्हें आध्यात्मिक शांति और तृप्ति का अहसास कराते हैं। इसअवसर पर साधु-संत भी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, जो समूचे आयोजन को और भी विशेष बना देती है।
बीजेपी नेता रूबी फोगाट यादव ने कैलाश गहलोत के समर्थन में रंगपुरी महापंचायत आयोजित की

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस बीच, बीजेपी नेता और सांसद कैलाश गहलोत केसमर्थन में आज दक्षिण दिल्ली के बिजवासन विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल रंगपुरी महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत मेंबीजेपी की ताकतवर नेता रूबी फोगाट यादव ने विशेष रूप से भाग लिया, और पार्टी प्रत्याशी कैलाश गहलोत के पक्ष में प्रचार किया। रंगपुरी महापंचायत में जुटी भारी भीड़रंगपुरी महापंचायत में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और बीजेपी समर्थक शामिल हुए। महापंचायत का उद्देश्य न केवल चुनावी समर्थन जुटाना था, बल्कि जनता को पार्टी के विकास-oriented एजेंडा के बारे में भी जानकारी देना था। इस अवसर पर बीजेपी नेता रूबी फोगाट यादव ने अपनेसंबोधन में कहा कि कैलाश गहलोत का कार्यकाल क्षेत्र में विकास की एक नई दिशा लेकर आया है, और वह पुनः इस क्षेत्र से विधायक बनेंगे। बीजेपी का जोर इस चुनाव में विकास, सुरक्षा, और जनता की भलाई पर रहेगा। महापंचायत में शामिल स्थानीय लोगों ने पार्टी के कार्यों की सराहनाकी और चुनाव में बीजेपी को विजयी बनाने का संकल्प लिया।
CM योगी ने गणतंत्र दिवस पर लहराया तिरंगा, कहा- “संविधान का पालन ही विकसित भारत का रास्ता”

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर तिरंगा फहराया औरप्रदेशवासियों को इस राष्ट्रीय पर्व की बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने संविधान के महत्व और इसके मार्गदर्शन से भारत के विकास की दिशा को लेकरअपने विचार साझा किए। संविधान की अहमियत और भारत की एकतासीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, “आज के दिन भारत ने अपने संविधान को लागू कर एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनने की दिशा में एकमहत्वपूर्ण कदम उठाया था। 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली, और इसके बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में संविधान सभा का गठनहुआ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने हमारे संविधान के मसौदे को तैयार किया और 26 जनवरी 1950 को यह संविधान लागू हुआ।” उन्होंने कहा कि भारत का संविधान न केवल न्याय, समता और बंधुत्व का सिद्धांत प्रस्तुत करता है, बल्कि यह देश को एकता के सूत्र में बांधने में भीसफल रहा है। योगी ने संविधान के 75 साल पूरे होने पर भारत के महान सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा, “संविधान की यह यात्रा हमें ‘अमृतकाल’ से जोड़ती है, जो भारत के समृद्धि और विकास का प्रतीक है।” विकसित भारत की दिशासीएम योगी ने कहा, “हम सबके सामने विकसित भारत का लक्ष्य है, और इसे संविधान का पालन करके ही प्राप्त किया जा सकता है। आज जब हमसंविधान की मूल प्रति को देखते हैं, तो हम भारतीय संस्कृति की गहराई और ऊंचाई का आभास कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां सभी नागरिकों को समान अधिकार मिले हैं। “हमारे यहां मताधिकार का अधिकारसभी को मिला, चाहे वह पुरुष हो या महिला, और कोई भी भेदभाव नहीं किया गया। यह उपलब्धि दुनिया के कई देशों में नहीं है, जहां रंगभेद औरमहिला अधिकारों में अभी भी समस्याएं हैं।” PM मोदी का 25 साल का संकल्पयोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 25 वर्षों के संकल्प का भी उल्लेख किया और कहा, “हमारे सामने जो लक्ष्य है, वह केवल विकास का नहीं, बल्कि एक समृद्ध और सशक्त भारत बनाने का है। अगर हम अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए संविधान के मार्ग पर चलते हैं, तो अगले 25 वर्षों मेंभारत निश्चित रूप से एक विकसित राष्ट्र बनेगा।”
PM मोदी ने गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं, जानें उनके संदेश का क्या था मतलब

नई दिल्ली: देशभर में आज 76वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को गणतंत्रदिवस की शुभकामनाएं दीं और इसके साथ ही एक मजबूत और समृद्ध भारत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही। पीएम मोदी का संदेश: संविधान और लोकतंत्र का सम्मानप्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए देशवासियों को बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “गणतंत्र दिवस कीढेरों शुभकामनाएं! आज हम अपने गौरवशाली गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर हम उन सभी महान विभूतियों को नमन करते हैं, जिन्होंने हमारा संविधान बनाकर यह सुनिश्चित किया कि हमारी विकास यात्रा लोकतंत्र, गरिमा और एकता पर आधारित हो।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “यह राष्ट्रीय उत्सव हमारे संविधान के मूल्यों को संरक्षित करने के साथ ही एक सशक्त और समृद्ध भारत बनाने की दिशा मेंहमारे प्रयासों को और मजबूत करे, यही कामना है।” इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने किया गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्साइस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हो रहे हैं। उनके साथ भारतीयगणराज्य की सैन्य क्षमता और सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमिभारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश साम्राज्य से आजादी मिली थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत ने एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य केरूप में अपना संविधान अपनाया। इस दिन को याद करते हुए देश भर में आज गणतंत्र दिवस की 76वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। संविधान की अहमियत और लोकतंत्र की ताकतप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में संविधान की अहमियत को रेखांकित किया और यह बताया कि संविधान ही वह आधार है, जिस पर भारत कालोकतंत्र, गरिमा और एकता खड़ा है। गणतंत्र दिवस, मोदी के अनुसार, केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं बल्कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधानके मूल्यों को बनाए रखने का एक अवसर है।
केजरीवाल का बयान: दिल्ली के चुनाव में जनता को चुनना है दो अलग-अलग मॉडल में से एक

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली में आगामी चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहाकि दिल्ली की जनता के पास दो स्पष्ट विकल्प हैं – एक केजरीवाल मॉडल, जो जनता के पैसे को जनता की भलाई में खर्च करता है, और दूसराभा.ज.पा. मॉडल, जो उनका कहना है कि अमीर दोस्तों की जेब में जनता का पैसा चला जाता है। केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि दिल्ली केचुनाव का परिणाम यह तय करेगा कि सरकार के खजाने का पैसा किस दिशा में जाएगा: जनता की भलाई में या कुछ चंद अमीरों के फायदे में।केजरीवाल मॉडल vs भाजपा मॉडल: क्या है अंतर?केजरीवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल मॉडल की तुलना भाजपा मॉडल से की। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी का मॉडल जनता केफायदे में है, जैसे मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, बुजुर्गों के लिए इलाज, और महिलाओं को 2100 रुपये देना। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के तहत, सरकारी खजाने का पैसा समाज के कल्याण के लिए खर्च किया जाता है। वहीं, भाजपा का मॉडल उनके अनुसार पूरी तरह से अमीरों के लाभ के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले पांच सालों में अपनेअरबपति दोस्तों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए, जबकि आम जनता को इससे कोई लाभ नहीं हुआ।जनता का टैक्स और उसका खर्चा: कौन तय करेगा?केजरीवाल ने कहा कि इस चुनाव का फैसला यह करेगा कि जनता द्वारा दिए गए टैक्स का खर्च कैसे किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गरीब से लेकरमिडिल क्लास तक, सभी लोग टैक्स देते हैं, और यह सवाल उठाया कि क्या उन पैसों को जनता की भलाई में खर्च किया जाएगा, या फिर उन्हें कुछविशेष दोस्तों के कर्ज माफ करने में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भाजपा की सरकार ने कई अरबपति दोस्तों का कर्ज माफ किया, जिसमें कुछ मामलों में कर्ज को बहुत ही कमराशि में निपटाया गया। इसके मुकाबले, आम आदमी पार्टी का मॉडल हर नागरिक के जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित है। केजरीवाल ने भाजपा के दावों का किया विरोधकेजरीवाल ने कहा कि भाजपा बार-बार यह कहती है कि फ्री सुविधाएं (जिन्हें वे “फ्री-बी” कहते हैं) देश के लिए घातक हैं, लेकिन वे अरबपतियों कोमुफ्त में भारी कर्ज माफ कर देती हैं। केजरीवाल ने यह आरोप लगाया कि भाजपा मीडिया को प्रभावित कर रही है ताकि जनता में यह भावना पैदा कीजा सके कि मुफ्त सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए, जबकि सच यह है कि वे अरबपतियों को फायदा पहुंचा रहे हैं। दिल्ली की सुविधाओं पर भाजपा का हमला?अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा अगर दिल्ली में सत्ता में आई, तो वह दिल्ली की जनता को मिल रही मुफ्त सुविधाओं को बंद कर देगी। उन्होंनेराजस्थान में भाजपा सरकार द्वारा 850 सरकारी स्कूल बंद करने का उदाहरण दिया और कहा कि यही भाजपा की नीति है – चुनाव जीतने के बादजनता से मिलने वाली सारी सुविधाएं हटा दी जाती हैं। दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ा सवालकेजरीवाल ने दिल्ली की जनता से सवाल किया कि वे क्या 25-30 हजार रुपये की मासिक सुविधाओं की भरपाई कर सकते हैं, जो वे वर्तमान मेंदिल्ली सरकार से प्राप्त कर रहे हैं। अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो ये सारी सुविधाएं बंद हो जाएंगी। क्या दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार जरूरी है?केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में गरीबों और मिडिल क्लास के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निहायत जरूरी है, ताकि वे अपनी सुविधाओं कालाभ उठा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली का चुनाव सिर्फ दिल्ली के भविष्य का सवाल नहीं है, बल्कि पूरे देश की दिशा का निर्धारण करेगा। सरकारी धन का असल हकदार कौन?केजरीवाल ने अंत में कहा कि दिल्ली का चुनाव यह तय करेगा कि सरकारी खजाने का पैसा जनता की भलाई में खर्च होना चाहिए या फिर चंदअरबपति दोस्तों के फायदें में। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली में मिल रही मुफ्त सुविधाएं पूरे देश में लागू होनी चाहिए, ताकि हर नागरिक को इसकालाभ मिल सके।
उत्तराखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा, जानें कहां-कहां मिली जीत

उत्तराखंड में शनिवार को हुए शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने अपनी सफलता का सिलसिला जारी रखा। सत्तारूढ़पार्टी ने 22 नगर निकायों में जीत हासिल की और नौ में बढ़त बनाई हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, कांग्रेस ने 15 नगरनिकायों में जीत दर्ज की, जबकि 13 निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए। वहीं, कांग्रेस छह नगर निकायों, निर्दलीय 10 और बहुजन समाज पार्टी दोनगर निकाय क्षेत्रों में आगे चल रही है। बृहस्पतिवार को 100 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान हुआ था, जिनमें से 50 के परिणाम घोषित हो चुके हैं और 27 के रुझान प्राप्त हुए हैं।मतगणना अभी जारी है। देहरादून में भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार सौरभ थपलियाल कांग्रेस के वीरेंद्र सिंह पोखरियाल से आगे चल रहे हैं।ऋषिकेश नगर निगम में भाजपा के शंभू पासवान, निर्दलीय उम्मीदवार दिनेश चंद्र से बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, श्रीनगर नगर निगम में भाजपा कीआशा उपाध्याय निर्दलीय उम्मीदवार आरती भंडारी से पीछे चल रही हैं। अल्मोड़ा नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी अजय वर्मा कांग्रेस के भैरव गोस्वामी से आगे हैं। वहीं, हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम में कांग्रेस के ललितजोशी भाजपा के गजराज सिंह बिष्ट से आगे हैं। हरिद्वार नगर निगम में भाजपा की किरण जैसल कांग्रेस की अमरेश देवी बालियान से आगे चल रही हैं। उत्तराखंड में 11 नगर निगमों, 43 नगर परिषदों और 46 नगर पंचायतों के लिए बृहस्पतिवार को मतदान हुआ था, जिसमें कुल 65.4 प्रतिशत मतदानहुआ। इस चुनाव में कुल 5,405 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 72 मेयर पद, 445 नगर परिषद अध्यक्ष और 4,888 नगर पार्षद पदों के लिएउम्मीदवार थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा उम्मीदवारों की जीत पर उन्हें बधाई दी और कहा कि पार्टी शहरी स्थानीय निकायों के जरिए एक मजबूत कचरानिपटान प्रणाली स्थापित कर स्वच्छ और हरित शहरों की दिशा में काम करेगी।
गणतंत्र दिवस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और धर्मपाल सिंह ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

लखनऊ,भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर परप्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती औरविकास के लिए संकल्प का दिन बताया। भूपेंद्र सिंह चौधरी का संदेशभूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि गणतंत्र दिवस एक ऐसा अवसर है, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि यह दिनबाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान के निर्माण और उसे लागू करने के महत्व को याद करने का दिन है। चौधरी ने कहा, “गणतंत्र दिवसपर हम सभी संविधान का सम्मान करते हुए और गणतंत्र की मजबूती के लिए संकल्प लेते हुए समाज में आपसी सौहार्द और एकता को बढ़ावा दें।” देश के विकास के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़े देशवासीभूपेंद्र सिंह चौधरी ने यह भी कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संविधान ने भारत को एक मजबूत औरलोकतांत्रिक गणराज्य बनाने की दिशा दिखाई। उन्होंने कहा कि इस दिन हम सभी को संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और विश्वास को दोहराते हुए देशके विकास और समाज में समानता के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए। धर्मपाल सिंह ने भी दी शुभकामनाएंप्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इस दिन को भारतीय लोकतंत्र केविकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें अपने संविधान और गणतंत्र के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता की याददिलाता है। संविधान और देश की मजबूती के लिए किया आह्वानभूपेंद्र सिंह चौधरी और धर्मपाल सिंह ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे संविधान के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखते हुए देश के विकास और एकताके लिए योगदान दें। गणतंत्र दिवस का यह अवसर हम सभी को एकजुट होकर देश की शक्ति और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में 76वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण, अजय राय ने दिए संदेश

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परंपरागत तरीके से ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांग्रेसअध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी, जबकि सेवादल के मुख्य संगठक डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने ध्वज रक्षक की भूमिकानिभाई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान ‘‘वंदे मातरम’’ से की गई। कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेशकार्यक्रम में सैंकड़ों कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए अजय राय ने कहा कि आज का दिन हमारे देश के लिए गर्व का दिन है, जब हम 76वें गणतंत्रदिवस का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने सभी कांग्रेसजनों और प्रदेशवासियों को बधाई दी और कामना की कि हमारा गणतंत्र मजबूत और निरंतर प्रगति कीदिशा में अग्रसरित हो। राय ने कहा, “कांग्रेस एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए संकल्पित है, जो भेदभाव, जाति, धर्म, लिंग आदि संकीर्ण मानसिकताओं से रहित हो और सभीनागरिकों को समान अवसर मिल सके।” उन्होंने यह भी कहा कि जननायक राहुल गांधी आज तानाशाही सरकार के खिलाफ एक मजबूत दीवार कीतरह खड़े हैं, जो देश के संविधान को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संविधान चौपाल का आयोजनकार्यक्रम के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने प्रदेशभर में 101 संविधान चौपालों के आयोजन का एलान किया। यह पहल संविधान के प्रतिजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से की जा रही है। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर झंडारोहण के बाद की गई। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने संविधान चौपाल की महत्ता को बताया और कहा कि इन चौपालों के माध्यम से लोगों को संविधान में निहित शक्तियों औरअधिकारों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही विभिन्न नेता भी हुए शामिलइस मौके पर पूर्व विधायक सतीश अजमानी, मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिंदवी, डॉ. अमित कुमार राय, आलोक सिंह रैकवार और अन्यकांग्रेसजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ। कांग्रेस सेवादल की संविधान चौपाल मुहिमअखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के निर्देश पर पूरे प्रदेश में होने वाले 101 संविधान चौपालों के आयोजन की शुरुआत इस गणतंत्र दिवस पर हुई। इनचौपालों के माध्यम से जनता को संविधान की शक्तियों और उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित थे:पूर्व विधायक सतीश अजमानी, श्याम किशोर शुक्ला, इन्दल रावत, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष शिव पाण्डेय, निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश कुमारसिंह, निवर्तमान प्रदेश महासचिव कौशलेन्द्र यादव, हनीफ खान, मेहताब जायसी सहित सैंकड़ों कांग्रेसजन।
AAP ने BJP के संकल्प पत्र पर किया जोरदार हमला, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने उठाए सवाल

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2025: आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र पर तीखा हमला बोला।पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे “जुमला पत्र” करार देते हुए कहा कि बीजेपी के पास दिल्ली के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं है, केवल गालियों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में विकास की कोई दिशा नहीं है और भाजपा बार-बार झूठे वादों को दोहरा रही है। केजरीवाल ने कहा- “गालियों से दिल्ली का विकास नहीं होगा”अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आज अमित शाह जी दिल्ली आए और मुझे गालियां देकरचले गए। क्या गालियों से दिल्ली का विकास होगा? इनके पास दिल्ली के लिए ना कोई प्लान है, ना कोई विजन। भाजपा दिल्ली में सरेंडर कर चुकीहै और चुनाव खत्म हो चुका है।” केजरीवाल ने अमित शाह के अनधिकृत कालोनियों को मालिकाना हक देने के वादे पर भी सवाल उठाया और कहा, “ये वही वादा है जो प्रधानमंत्री जी ने 2015 और 2020 में भी किया था।” मनीष सिसोदिया ने कहा- “बीजेपी हार मान चुकी है”आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “आज भाजपा ने अपना एक और जुमला पत्र जारी किया है।बीजेपी दिल्ली में हार मान चुकी है और उन्हें जनता से कोई जुड़ा हुआ वादा नहीं है। अगर बीजेपी दिल्ली में जीतने का दावा कर रही है तो वह अपनेविजन को पेश करें, न कि केवल झूठे वादों को दोहराएं।” 50 हजार नौकरियों का वादा, सिसोदिया ने उठाए सवालसिसोदिया ने अमित शाह के 50 हजार नौकरियों के वादे पर कहा, “दिल्ली में ढाई करोड़ लोग रहते हैं, और आप मात्र 50 हजार नौकरियां देने की बातकर रहे हैं? बाकी लोग कहां जाएंगे?” उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पहले ही कोविड के दौरान दिल्ली में 12 लाख नौकरियों का सृजन कियाथा, और अब बीजेपी की तरफ से यह वादा केवल मजाक बनकर रह गया है। सीलिंग और व्यापारी सुरक्षा पर तंजमनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि बीजेपी ने पिछले 20 वर्षों में दुकानों की सीलिंग की थी, और अब वही पार्टी उन सीलिंग को हटाने की बात कर रहीहै। “जब हमारी पार्टी ने सीलिंग खुलवाने की कोशिश की, तो बीजेपी ने उसका विरोध किया था,” उन्होंने कहा। सिसोदिया ने यह भी आरोप लगायाकि दिल्ली के व्यापारी आज भी गैंगस्टर्स की धमकियों और खुलेआम अपराधों का शिकार हो रहे हैं, जबकि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अमित शाहपर है। ई-बसों और वकीलों के बीमे पर भी सवालसिसोदिया ने बीजेपी के ई-बसों और वकीलों के बीमे के वादों को भी नकारा। “आपके पास जो कुछ भी है, वह सब अरविंद केजरीवाल ने पहले ही करदिया है। दिल्ली में दुनिया की सबसे बड़ी ई-बस फ्लीट है, और वकीलों का बीमा पहले ही हमारे द्वारा कराया जा चुका है,” सिसोदिया ने कहा। आखिरकार, सिसोदिया ने भाजपा को चेतावनी दी कि 5 फरवरी को जनता अपना फैसला दे देगी और भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।
एमपी के इन 17 शहरों में नहीं मिलेगी शराब, सीएम मोहनयादव ने बताया पूरे राज्य में शराबबंदी का प्लान

मध्य प्रदेश में शराबबंदी की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में शराबबंदी के पहले चरण का खुलासाकिया। उन्होंने बताया कि 17 धार्मिक शहरों में हमेशा के लिए शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी। ये फैसला राज्य में शराबबंदी की ओर बढ़तेकदमों का पहला हिस्सा है, और मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में मध्य प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की जा सकती है। धार्मिक नगरी में लागू होगी शराबबंदीमुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 जनवरी को नरसिंहपुर में हुए एक कार्यक्रम में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा, “हमने संकल्प लिया है कि हमारेराज्य के 17 धार्मिक शहरों और कस्बों में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी। शराब का सेवन परिवारों को बर्बाद कर देता है, और हमसमाज में इस नशे की आदत को समाप्त करना चाहते हैं।” 17 शहरों और कस्बों में शराब बंदीमध्य प्रदेश के इन 17 धार्मिक स्थानों में शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी जाएगी, जिसमें शराब की सभी दुकानें बंद हो जाएंगी। इनस्थानों में शामिल हैं: नगर निगम:उज्जैननगर पालिका:दतिया, पन्ना, मंडला, मूलताई, मंदसौर, मैहरनगर परिषद:ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, चित्रकूट, अमरकंटकग्राम पंचायत:सलकानपुर, बरमान कलां, लिंगा, कुंडलपुर, बांदकपुरइसके अलावा, नर्मदा नदी के तट के दोनों किनारों पर पांच किलोमीटर के दायरे में पहले से लागू शराबबंदी नीति भी जारी रहेगी। राज्य में शराबबंदी की ओर बढ़ते कदममुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार और गुजरात की तरह मध्य प्रदेश में शराबबंदी लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंनेइसके अगले चरणों के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि आने वाले कुछ सालों में मध्य प्रदेश भी शराबबंदी की दिशामें और कदम उठा सकता है।