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बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, अति पिछड़े वर्गों से 70 उम्मीदवार उतारेगी जनसुराज पार्टी

पटना, 25 जनवरी 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को बड़ाऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में अति पिछड़े वर्गों (ईबीसी) से 70 उम्मीदवार उतारेगी।यह घोषणा कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर आयोजित एक समारोह में की गई। किशोर ने अपने संबोधन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में आबादीके अनुपात में समानता की आवश्यकता पर जोर दिया। ईबीसी को मिलेगा 70 टिकट, महिलाओं को भी मिलेगी प्राथमिकताप्रशांत किशोर ने कहा, “जन सुराज पार्टी का मानना है कि आबादी के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसलिए, हमअति पिछड़े वर्गों के 70 उम्मीदवारों को टिकट देंगे।” इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि पार्टी 40 महिलाओं को भी विधानसभा चुनाव में टिकटदेगी। किशोर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ टिकट नहीं देगी, बल्कि उन ईबीसी उम्मीदवारों का खर्च भी उठाएगी, जो चुनाव लड़ने के लिएसंसाधनों की कमी महसूस करते हैं। शिक्षा सुधार और सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर ध्यानकिशोर ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण बनाए रखने की वकालत की, लेकिन यह भी कहा कि जब तक वंचित जातियों के बच्चों को उचित शिक्षा नहींदी जाती, तब तक वे आरक्षण का सही तरीके से लाभ नहीं उठा सकते। उन्होंने कहा, “बिहार में शिक्षा की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, और इसकेसुधार में समय लगेगा।” किशोर ने यह भी बताया कि जन सुराज पार्टी उन गरीब छात्रों का खर्च उठाएगी, जो अपनी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकते। बीपीएससी परीक्षा विवाद पर भी की टिप्पणीप्रशांत किशोर ने हाल ही में बीपीएससी परीक्षा के विवाद का जिक्र किया और इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम सेसरकारी पदों की बिक्री का आरोप लगाया और कहा कि शिक्षा में सुधार के बिना राज्य में कोई असल विकास नहीं हो सकता।

मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा ने झोंकी पूरी ताकत, अवधेश प्रसाद-पवन पांडे ने किया बड़ा दावा

अयोध्या, 25 जनवरी 2025: अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सपा और भाजपा के बीच सियासी घमासान जारी है। इस सीटको जीतने के लिए दोनों पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी है। समाजवादी पार्टी के स्टार प्रचारकों ने मिल्कीपुर क्षेत्र में अपना प्रभाव जमाने के लिएजमकर जन संवाद किया। इस मौके पर सपा के सांसद अवधेश प्रसाद, सांसद आरके चौधरी और पूर्व मंत्री पवन पांडे ने अपनी रणनीतियों को साझाकिया। अवधेश प्रसाद ने जीत का किया दावासपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मिल्कीपुर में सपा के पक्ष में बने माहौल पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मिल्कीपुर में हर गांव, हर चौराहे पर सपा का हीमाहौल है। भाजपा को इस बार भारी हार का सामना करना पड़ेगा और उनकी जमानत भी जब्त हो सकती है।” उन्होंने यह भी कहा कि 2027 मेंअखिलेश यादव का मुख्यमंत्री बनना तय है और मिल्कीपुर से ही उनकी सरकार के लिए रास्ता बनेगा। पवन पांडे ने बीजेपी पर किए तगड़े हमलेपवन पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया रैली पर सवाल उठाते हुए भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं पर दुराचार केकई मामले हैं, और सपा सरकार में महिलाओं को सम्मान मिला है। पांडे ने सपा की योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सपा सरकार ने महिलाओंऔर बेटियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जैसे डायल 1090 और कन्या विद्या धन।आरके चौधरी ने सपा की मजबूत स्थिति को बतायासपा सांसद आरके चौधरी ने मिल्कीपुर में सपा के समर्थन में हर वर्ग के लोगों के आने की बात कही। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी में अगड़े, पिछड़े, हिंदू, मुसलमान, दलित और अन्य वर्गों का समर्थन मिल रहा है।” उन्होंने दावा किया कि सपा उम्मीदवार अजीत प्रसाद बंपर वोट से चुनाव जीतेंगे। राजू दास पर आरके चौधरी का बयानहनुमानगढ़ी के संत राजू दास द्वारा स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर आरके चौधरी ने कहा, “राजू दास जो भाषा बोलरहे हैं, वह किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति की नहीं हो सकती। साधु संत होना एक बात है, लेकिन इंसान होना अलग बात है।” इस प्रकार, सपा ने मिल्कीपुर उपचुनाव को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है और आगामी चुनावों को लेकर अपनी स्थिति मजबूत करने का दावाकिया है।

स्ट्रीट वेंडर को कांग्रेस ने दिया हक, केजरीवाल ने छीना – मोना मिश्रा

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2025: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार मेंविपक्ष की नेता श्रीमती मोना मिश्रा ने दिल्ली में बीजेपी और आम आदमी पार्टी की खींचतान से दिल्ली की स्थिति को बदहाल करार दिया। उन्होंनेकहा कि दिल्ली में प्रदूषण, कूड़े के पहाड़, सड़कों पर गड्ढे, जाम, और खराब स्वास्थ्य सेवाएं साफ दिखती हैं, लेकिन कोई सकारात्मक बदलाव नजरनहीं आता। कांग्रेस की पहल और केजरीवाल सरकार की नाकामीश्रीमती मिश्रा ने दिल्ली के रेहड़ी पटरी वालों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार ने 5 मार्च 2014 को देशभर के रेहड़ी पटरीवालों के अधिकार को कानूनी रूप से मान्यता दी थी। यह कानून ‘रेहड़ी पटरी आजीविका संरक्षण कानून 2014’ के तहत लागू हुआ। लेकिन अफसोसकि केजरीवाल सरकार ने इसे 6 साल तक लागू नहीं किया।” क्या है कानून का प्रावधान?उन्होंने कहा कि इस कानून में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्ट्रीट वेंडर्स को कोई भी जबरन नहीं हटा सकता, जब तक उनका सर्वे पूरा न हो और विक्रयप्रमाण पत्र जारी न हो। लेकिन दिल्ली में आज तक कोई वेंडिंग ज़ोन नहीं निर्धारित किया गया है। दिल्ली के स्ट्रीट वेंडर्स की बदहाल स्थितिमिश्रा ने यह भी बताया कि दिल्ली में लगभग 7.5 लाख स्ट्रीट वेंडर्स होने चाहिए, लेकिन केवल 72,467 वेंडर्स की पहचान की गई है, और उनमें सेअधिकांश को अभी तक उनका पहचान पत्र तक नहीं मिला है। “दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने 35 लाख लोगों को बेरोजगार कर दिया है, ये लोगआज भी संघर्ष कर रहे हैं।”

दिल्ली सरकार ने गणतंत्रदिवस के मौके पर किया अभूतपूर्व विकास का जश्न

मुख्य अतिथि सीएम आतिशी ने दिल्ली के विकास को लेकर किए कई अहम ऐलान, स्वतंत्रता सेनानियों और बाबा साहब अंबेडकर के सपनों कोसाकार करने का लिया संकल्प नई दिल्ली, 25 जनवरी 2025 – दिल्ली सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर छत्रसाल स्टेडियम में भव्य तरीके से गणतंत्र दिवस मनाया। इसकार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी थीं, जिन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर दिल्ली सहित पूरे देश को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएंदीं। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली सरकार की विभिन्न योजनाओं और उनके परिणामों पर बात की और स्वतंत्रता सेनानियों एवं बाबा साहब अंबेडकर केसंघर्ष और योगदान को याद किया। दिल्ली के विकास में अहम कदममुख्य अतिथि सीएम आतिशी ने इस मौके पर कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्लीवासियों को बेहतर जीवन देने के लिए कई महत्वपूर्णकदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य आवश्यक सेवाएं मुफ्त देकर दिल्ली की जनता को एकबड़ी राहत दी है। आज दिल्ली में सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में सुविधाओं का सुधार हुआ है और यह काम लगातार जारी है।” उन्होंने दिल्ली सरकार के बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने की बात की, ताकि देश के भविष्य को सशक्त बनाया जा सके।आतिशी ने बताया कि आज दिल्ली में रोजाना 11 लाख महिलाएं मुफ्त यात्रा का लाभ उठा रही हैं, जिससे उनके आर्थिक स्थिति में सकारात्मकबदलाव आया है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 38 फ्लाइओवर और मेट्रो के विस्तार के साथ-साथ सड़क और सार्वजनिकपरिवहन की सुविधाओं में भी सुधार किया है। गणतंत्र दिवस की परिभाषा पर प्रकाशगणतंत्र दिवस के अवसर पर सीएम आतिशी ने स्वतंत्रता संग्राम के नायक और भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मानकरते हुए कहा, “आज का दिन हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है, जिन्होंने अपनी जान की आहुति देकर हमें आज़ादी दिलाई। डॉ. अंबेडकर और अन्य महान स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारे देश को संविधान दिया, जो आज भी हमें अधिकार और स्वतंत्रता प्रदान करता है।” संघर्ष और कुर्बानियों का सम्मानसीएम आतिशी ने कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने न केवल देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया, बल्कि उन्होंने भारत के नागरिकों को समानअधिकार दिलाने के लिए भी कुर्बानियां दीं। उन्होंने विशेष रूप से भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और महात्मा गांधी जैसे नायक का उल्लेख किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी। उन्होंने कहा, “हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का यह सपना था कि भारत में हर नागरिक कोसमान अधिकार मिलें, और इस सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी आज हमारी है।” बाबा साहब का सपना: शिक्षा और समानतासीएम आतिशी ने दिल्ली सरकार के शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों को बताते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने अपने जीवन में यह सपनादेखा था कि हर बच्चे को समान शिक्षा का अधिकार मिले। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने इस सपने को साकार करने के लिए पिछले 10 वर्षों मेंदिल्ली के सरकारी स्कूलों की हालत को बेहतर किया है। आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिल रही है, और वे आजडॉक्टर, इंजीनियर बन रहे हैं।” सीएम आतिशी ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने शिक्षा पर अपने बजट का 25 प्रतिशत खर्च किया है और आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों केबच्चे आईआईटी, मेडिकल कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश पा रहे हैं। यह बदलाव दिल्ली के गरीब परिवारों के बच्चों के लिए एकनई उम्मीद लेकर आया है। स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं का सुधारसीएम आतिशी ने दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में सरकारी अस्पतालों में सभीप्रकार के इलाज मुफ्त में दिए जाते हैं, चाहे वह मामूली बीमारी हो या गंभीर। “दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक की व्यवस्था ने भी गरीबों को राहत दी है।अब किसी भी दिल्लीवासी को इलाज के लिए पैसे नहीं खर्च करने पड़ते।” उन्होंने दिल्ली सरकार के मुफ्त इलाज और चिकित्सा सेवाओं कीउपलब्धता को लेकर संतोष जताया। दिल्ली में महिलाओं का सशक्तिकरणसीएम आतिशी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों में दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बसयात्रा की व्यवस्था शुरू की, जिससे लाखों महिलाएं हर दिन नौकरी, स्कूल, कॉलेज और अन्य कार्यों के लिए यात्रा कर रही हैं। उन्होंने कहा, “यह कदमन केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि महिलाएं बिना किसी चिंता के स्वतंत्र रूप से यात्रा करसकें।” दिल्ली की विकास गाथासीएम आतिशी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में दिल्ली ने अभूतपूर्व विकास देखा है। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर में कई बदलाव आए हैं, जिनमेंफ्लाइओवर, मेट्रो नेटवर्क, सड़कों और सार्वजनिक परिवहन का विस्तार शामिल है। उन्होंने बताया, “दिल्ली देश का पहला राज्य है, जहां 24 घंटेबिजली मिलती है। पिछले साल, जब देश भर में भीषण गर्मी पड़ी थी, दिल्ली का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत रहा और कोई पावर कट नहीं हुआ।” नई दिशा में दिल्ली का विकासमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली की जीडीपी पिछले 5 वर्षों में दोगुनी होकर 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, और प्रति व्यक्ति आय 4 लाख रुपये से अधिक हो गई है। यह आंकड़े दिल्ली के विकास की ओर इशारा करते हैं और यह दिखाते हैं कि दिल्ली ने अपने नागरिकों के लिएअच्छे अवसर और बेहतर जीवन का निर्माण किया है। समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान करनासीएम आतिशी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और बाबा साहब के सपनों को साकार करने के लिए दिल्ली सरकार कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंनेदिल्लीवासी से यह अपील की कि वे समाज के हर वर्ग को समान अवसर देने के लिए और अधिक मेहनत करें। उन्होंने कहा, “आज जब हम गणतंत्रदिवस मना रहे हैं, तो हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम सभी एकजुट होकर दिल्ली और देश को और ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सूचना का अधिकार विभाग की बैठक सम्पन्न

आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सूचना का अधिकार विभाग (आरटीआई) की एक अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षताविभाग के चेयरमैन पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव ने की, जिसमें प्रदेश पदाधिकारी, जिला और शहर अध्यक्षों ने भाग लिया।बैठक में पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव ने पिछलेएक महीने में मांगी गई सूचनाओं की समीक्षा की और पदाधिकारियों से संगठन को सशक्त और सक्रिय बनाने के लिए उनके सुझाव मांगे।पदाधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट्स और सुझाव पेश किए, जिससे संगठन के कार्यों को और बेहतर दिशा दी जा सके। बैठक के दौरान, श्रीवास्तव ने उन पदाधिकारियों की सराहना की जिन्होंने सूचना का अधिकार विभाग में समर्पण और निष्ठा से काम किया। उन्होंनेप्रदेश महासचिव सीमा देबनाथ और अनुज पटेल को पत्र जारी कर उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में प्रोन्नत किया, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह औरमनोबल बढ़ा।इसके अलावा, संगठन के प्रति निष्ठा और कार्यकुशलता को देखते हुए रंजीत यादव को फर्रूखाबाद जिले का जिला चेयरमैन नियुक्तकिया गया।बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस सूचना का अधिकार विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव, एडवोकेट अमित उठवाल, महेन्द्र श्रीवास्तव, रामानंद राजपूत, किशन कुमार गुप्ता, अयूब अंसारी, राजेन्द्र मौर्या, राजेश कुमार, मंसूर अली सलमानी, मुकेश पाण्डेय, और वीरेन्द्र मौर्या सहित कईअन्य प्रमुख नेता उपस्थित रहे। यह बैठक विभाग को और मजबूत करने के साथ-साथ आगामी योजनाओं के लिए एक सकारात्मक दिशा का संकेतदेती है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी, केजरीवाल ने उठाया कानून व्यवस्था का मुद्दा

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। मतदान 5 फरवरी को होगा और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, तीन प्रमुख राजनीतिक दल – आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस – एक-दूसरे पर चुनावी हमले कर रहे हैं। इसकेसाथ ही, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी दिल्ली के चुनावी मैदान में कदम रखा है। केजरीवाल ने कानून व्यवस्था पर जताई चिंतादिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की कानून व्यवस्था पर चिंताजताई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया, जिसका पूरी दिल्ली के लोग समर्थन करते हैं। योगीआदित्यनाथ ने कहा था कि दिल्ली में कानून व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है, और दिल्लीवासियों ने इस बात से पूरी तरह सहमति जताई है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में 11 गैंगस्टर समूह हैं, जिन्होंने राजधानी के विभिन्न हिस्सों को आपस में बांट लिया है। ये अपराधी खुलेआमव्यापारियों से फिरौती मांग रहे हैं और धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली की सड़कों पर रोज़ाना गैंगवार हो रहे हैं, महिलाओं का बाहर निकलनामुश्किल हो गया है, और बच्चों और महिलाओं का अपहरण भी बढ़ गया है।” केजरीवाल ने आगे कहा कि दिल्ली में खुलेआम हत्याएं, चाकूबाजी, चोरियां और डकैतियां हो रही हैं। केजरीवाल का आरोपयोगी आदित्यनाथ के बयान को समर्थन देने के बावजूद, केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की कानून व्यवस्था उनके नियंत्रण में नहीं है। उन्होंने आरोपलगाया कि दिल्ली की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोग इसे संभालने में असमर्थ हैं। जाट और पूर्वांचली वोटरों को साधने की कोशिशइससे पहले, अरविंद केजरीवाल ने पूर्वांचल के लोगों और जाट वोटरों को लेकर भी अपनी चिंताएं जताई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपादिल्ली में पूर्वांचल के वोटरों के नाम पर कटवा रही है, लेकिन उनकी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी। इसके अलावा, जाट वोटरों को ओबीसी आरक्षण की बात करते हुए, केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने जाट समुदाय से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहींकिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर जाटों के लिए उनकी पार्टी संघर्ष करती रहेगी। आने वाले चुनावों में दिल्ली की राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्देदिल्ली विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, और यह देखना होगा कि केजरीवाल, भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का क्याअसर होता है। साथ ही, अन्य दलों की रणनीतियों और मुद्दों के बारे में जनता क्या प्रतिक्रिया देती है, यह भी चुनावी परिणामों को प्रभावित करेगा।

मोकामा में पूर्व विधायक अनंत सिंह ने किया सरेंडर, फायरिंग मामले में गिरफ्तारी

बिहार के मोकामा में हाल ही में गैंगवार के दौरान हुई फायरिंग की घटना में मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह का नाम सामने आया था। इसघटनाक्रम में अनंत सिंह पर कई राउंड फायरिंग की गई थी, हालांकि वह बाल-बाल बच गए थे। शुक्रवार को इस मामले में एक और बड़ी खबर सामनेआई, जब पूर्व विधायक अनंत सिंह ने बाढ़ सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पूर्व विधायक अनंत सिंह का कोर्ट में सरेंडरपूर्व विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को दोपहर के समय बाढ़ सिविल कोर्ट में सरेंडर किया। उनके खिलाफ मोकामा में हुई गोलीबारी की घटना के बादपुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस ने इस मामले में गैंगवार के आरोपी सोनू को गिरफ्तार किया है। साथ ही इस मामले में अनंत सिंह का भी नामसामने आने के बाद उनके खिलाफ जांच जारी थी। अब सरेंडर करने के बाद अनंत सिंह को पटना की बेउर जेल भेजा जाएगा। गैंगवार और गोलीबारी की घटनामोकामा में यह विवाद तब शुरू हुआ था जब बुधवार को नौरंग स्थित मुकेश सिंह के घर के ताले को खोलने को लेकर अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग केबीच विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जिसमें लगभग 60-70 राउंड फायरिंग की गई। हालांकि, इसगोलीबारी में अनंत सिंह बाल-बाल बच गए थे। इस घटना के बाद पंचमहला थाने में दोनों गुटों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई। सोनू और रौशन की गिरफ्तारीइस घटनाक्रम में शुक्रवार को भी मुकेश सिंह के घर के पास फायरिंग हुई, जिसकी पुष्टि ग्रामीणों ने की। जानकारी के अनुसार, यह विवाद उसी तालेको लेकर हुआ था, जिसके कारण पहले गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर लिया है, और उसके अलावा रौशन नाम के एक व्यक्तिको भी गिरफ्तार किया है। रौशन को अनंत सिंह का समर्थक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सोनू ने ही मुकेश सिंह के घर में ताला लगाया थाऔर मारपीट भी की थी।

सीएम योगी ने मिल्कीपुर में सपा पर साधा निशाना, महाकुंभ और परिवारवाद का मुद्दा उठाया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मिल्कीपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) परजमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने सभा के दौरान महाकुंभ, परिवारवाद और सपा के विरोधी रवैये पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकीसरकार के तहत उत्तर प्रदेश में विकास हो रहा है, जबकि सपा केवल परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति कर रही है। महाकुंभ का जिक्र, एकता का संदेशमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभा में महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता का उत्साह देखकर उन्हें महाकुंभ की याद आ रही है।उन्होंने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश की पूरी कैबिनेट ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई थी और इस अवसर का लाभ पूरी दुनिया से श्रद्धालुओं नेउठाया। उन्होंने कहा, “बीते 10 दिनों में 10 करोड़ लोग महाकुंभ में डुबकी लगाने आए हैं और 45 करोड़ की आबादी इस आयोजन का हिस्सा बनेगी।ये अवसर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया में सिर्फ भारत और चीन के पास ऐसी आबादी है।” सीएम योगी ने आगे कहा, “संगम का संदेश साफ है—एकता से ही यह देश अखंड रहेगा।” उन्होंने जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति को इसएकता के रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती बताया और कहा कि आज की राजनीति में यही दोनों अवरोधक बने हुए हैं। परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति पर तंज मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, “जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति आपके विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। यह वही लोगहैं जिन्होंने सिर्फ अपने परिवार की चिंता की और जनता के साथ खिलवाड़ किया।” उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का असली चेहरा अब सामने आचुका है, जो सिर्फ अपने हितों को साधने में लगा हुआ है। सपा के विरोधी रुख पर हमलायोगी आदित्यनाथ ने सपा के रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सपा के अध्यक्ष रोज महाकुंभ और भारत की आस्था के खिलाफ दुष्प्रचार करते हैं।उन्होंने कहा, “यह वही पार्टी है जो अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करती है और महाकुंभ के महत्व को नकारती है। जब हमने अयोध्या के एयरपोर्ट कानाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा, तो सपा ने उसका भी विरोध किया।” सीएम योगी ने सपा के नेताओं के दोगलेपन का जिक्र करते हुए कहा कि वे माफिया के मौत पर आंसू बहाते हैं, जबकि मुईन खान जैसे लोगों को हीरोबना लेते हैं, जो दलित बेटियों की इज्जत से खेलते हैं। उन्होंने कहा, “यह सपा का असली चरित्र है, और हम इसे जनता के सामने उजागर कर रहे हैं।” सपा के शासन में कानून व्यवस्था का हालसीएम योगी ने सपा शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “सपा के समय में हर पर्व पर दंगे होते थे।लोग अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे और गाय-भैंस तक चोरी हो जाते थे। जो माफिया जितना बड़ा होता था, उसे सपा में उतनाबड़ा ओहदा मिलता था।” उन्होंने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना है। मिल्कीपुर को विकास की दिशा में बढ़ाने का संकल्पमुख्यमंत्री ने इस मौके पर मिल्कीपुर के विकास के लिए भी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर को एक नई दिशा देने के लिए इस इलाके केसपूतों को इस बदलाव का हिस्सा बनाया जाएगा।

कोई मोदी जी को बताए रुपए से सेंचुरी नहीं लगवानी… कीमत में गिरावट पर कांग्रेस का तंज

कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट को लेकर तीखीप्रतिक्रिया दी। पार्टी की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के तहत रुपया 50 प्रतिशत तक गिर चुका है, औरइसके बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अरबों डॉलर खर्च किए हैं, फिर भी रुपया संभल नहीं पा रहा है। रुपया गिरने का तंज: मोदी की प्रतिष्ठा पर सवालसुप्रिया श्रीनेत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह मैग्नीफाइंग ग्लास (दृष्टि के लिए लेंस) का इस्तेमाल करके यह ढूंढ रही हैं कि रुपये कीगिरावट कहां तक जाती है, और साथ ही यह भी कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिष्ठा कहां तक गिर चुकी है। उन्होंने कहा, “आज रुपया ढूंढने पर भी नहींमिल रहा है, गिरता ही जा रहा है और अब 87 रुपये के स्तर को पार करने की ओर अग्रसर है।” श्रीनेत ने मजाक करते हुए कहा कि मोदी सरकार कोरुपये को संभालने के बजाय शतक (100 रुपये) बनाने की कोई चेष्टा करने की बजाय उसे स्थिर करना चाहिए था। रुपये की गिरावट में मोदी की नीतियों का दोष: कांग्रेस का आरोपकांग्रेस नेता ने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नरेंद्र मोदी मई 2014 में प्रधानमंत्री बने थे, तब एक अमेरिकी डॉलर कीकीमत 58 रुपये थी। लेकिन जनवरी 2025 तक यह 87 रुपये के स्तर को पार करने वाला है। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि इस अवधि में मोदीसरकार ने रुपये की कीमत को 50 प्रतिशत तक गिरा दिया। रिजर्व बैंक की कोशिशें नाकामसुप्रिया श्रीनेत ने आगे कहा कि रिजर्व बैंक ने रुपये को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। सितंबर 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार 704 अरब डॉलरथा, लेकिन इसके बाद से रुपया संभालने के लिए 80 अरब डॉलर यानी 6,83,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद, रुपये की गिरावट परकाबू नहीं पाया जा सका है। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति यह दर्शाती है कि रुपये की स्थिरता के लिए सरकार के पास कोई प्रभावी योजना नहींहै। प्रधानमंत्री मोदी का ‘रुपया शतक’ की ओर बढ़ना?सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तंज करते हुए कहा, “लगता है जैसे मोदी जी ने ठान लिया है कि रुपये का शतक (100 रुपये) बनवाकर रहेंगे।” उन्होंने कहा, “रुपया लगातार गिरता जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।” श्रीनेत ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार रुपये की गिरावट से जूझने के लिए क्या कदम उठा रही है और क्यों इसे स्थिर करने के प्रयास नहीं किए जारहे हैं।

आज से 75 साल पहले: भारतीय संविधान सभा का ऐतिहासिक दिन- जयराम रमेश

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने हाल ही में X (पूर्व में ट्विटर) पर एक ट्वीट के जरिए भारतीय संविधान सभा के एक ऐतिहासिक दिन की याद दिलाई।उन्होंने इस दिन के महत्व को साझा करते हुए बताया   कि आज से 75 साल पहले भारतीय संविधान सभा का आखिरी कार्य दिवस था, जब भारत केसंविधान की पहली प्रति पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह दस्तावेज़ दो दिन बाद 26 जनवरी 1950 को लागू होने वाला था, जिससे भारत को एकसंप्रभु गणराज्य के रूप में पहचान मिली। संविधान सभा के ऐतिहासिक निर्णयजयराम रमेश ने अपने ट्वीट में इस बात का भी उल्लेख किया कि 75 साल पहले इसी दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा द्वारा भारतीय गणराज्यके पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। यह चुनाव भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था, जो भारतीय राजनीति केलिए एक नए युग की शुरुआत को चिह्नित करता है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के चुनाव ने भारत के नए राष्ट्र की नींव मजबूत की और लोकतंत्र के स्थायित्व कोसुनिश्चित किया।राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत की घोषणाइस ऐतिहासिक दिन में एक और महत्वपूर्ण घटना हुई थी, जब डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान सभा में घोषणा की कि “जन गण मन” को भारत काराष्ट्रगान और “वंदे मातरम” को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया जाएगा। यह घोषणा भारतीय सांस्कृतिक एकता और विविधता की पहचान के रूप मेंआज भी हमारे दिलों में जीवित है। यह दिन भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीयता के प्रतीकों की आधिकारिक स्वीकृति का प्रतीक बन गया। संविधान सभा के कार्य का महत्वसंविधान सभा का कार्य केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और भारत के भविष्य की दिशा तय करने केलिए एक ऐतिहासिक मंच था। इस दिन की घटनाओं ने भारत को एक ऐसी राजनीतिक और कानूनी संरचना दी, जो आज भी भारतीय समाज केप्रत्येक पहलू में प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। नवीन भारत की ओर कदमआज 75 साल बाद, हम उस महान दिन को याद करते हैं जब भारत ने अपने संविधान के तहत स्वतंत्र और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में कदमरखा। जयराम रमेश के ट्वीट ने यह याद दिलाया कि यह दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक प्रेरणा है, जिसने न केवल भारत को एक नया दिशा दी, बल्कि सम्पूर्ण दुनिया में लोकतंत्र की ताकत को प्रदर्शित किया। संविधान सभा की यह ऐतिहासिक बैठक और इसके द्वारा किए गए निर्णय न केवल भारतीय संविधान की नींव रख रहे थे, बल्कि उन सिद्धांतों औरमूल्यों को भी स्थापित कर रहे थे जो आज हमारे लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करते हैं।