GOAT लियोनेल मेसी आज दिल्ली में, प्रदर्शनी मैच के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम

अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी आज दिल्ली में होंगे। वह अरुण जेटली इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होने वाले प्रदर्शनी मैच मेंशामिल होंगे। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए हैं। कोलकाता में आयोजित समारोह के दौरान हंगामे को देखते हुएदिल्ली पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। स्टेडियम और उसके आसपास थ्री लेयर सिक्योरिटी व्यवस्था रहेगी और करीब तीन हजार सुरक्षाकर्मी स्टेडियमके आसपास मौजूद रहेंगे। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को समारोह के दौरान स्टेडियम के आसपास के मार्गों से बचने की सलाह दी है। सुरक्षा सेजुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समारोह के दौरान सुरक्षा के लिए तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। स्टेडियम के अंदर ही नहीं बल्किबाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन कैमरों से पूरे कार्यक्रम की निगरानी रखी जाएगी। पुलिस को कार्यक्रम के दौरान मेसी के काफी फैन्स केस्टेडियम पहुंचने की संभावना है। लियोनेल मेसी इन दिनों अपने जीओएटी इंडिया टूर-2025 पर भारत में हैं। इसके तहत सोमवार को वह दिल्ली मेंप्रदर्शनी मैच में हिस्सा लेंगे। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य दूसरी सुरक्षा एजेंसियां भीमौजूद रहेंगी। सुरक्षा को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर समीक्षा की है। क्षेत्र की व्यवस्था की गईफुटबॉलर लियोनेल मेसी के अरुण जेटली इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले प्रदर्शनी मैच के दौरान यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को कुछ मार्गोंसे बचने की सलाह दी है। यातायात पुलिस ने चालकों को सुबह 10 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक बहादुर शाह जफर मार्ग, आईटीओ, दिल्लीगेट, नेताजी सुभाष मार्ग और बृजमोहन चौक के बदले वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कार्यक्रम के दौरान इन मार्गों पर यातायातप्रभावित हो सकता है। मध्य जिला यातायात पुलिस उपायुक्त निशांत गुप्ता ने बताया कि यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकता पड़नेपर दिल्ली गेट चौक और आईटीओ से यातायात का मार्ग बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि वीआईपी आवागमन के दौरान खिलाड़ियों की बसोंको स्टेडियम तक सुचारू रूप से पहुंचने और प्रवेश करने के दौरान यातायात कुछ समय के लिए धीमा हो सकता है। उन्होंने बताया कि चिह्नित वाहनोंके लिए तीन मुख्य पार्किंग क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। दर्शकों को मेट्रो या बसों का इस्तेमाल करने की सलाह दीचिन्हित वाहन विक्रम नगर के पास स्थित पी वन पार्किंग में अपने वाहन पार्क कर सकेंगे जबकि बिना चिह्नित वाहनों को राजघाट पावरहाउस पार्किंगस्थल और माता सुंदरी लेन में पार्क किया जाएगा। वहां से लोग स्टेडियम तक पैदल जा सकेंगे। पुलिस उपायुक्त ने एप आधारित टैक्सीउपयोगकर्ताओं को भी राजघाट चौक पर उतरने और शेष दूरी पैदल तय करने की सलाह दी है। अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास किसी भी वाहनको पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकेगा। यातायात पुलिस ने कार्यक्रम में आने वाले दर्शकों कोमेट्रो या बसों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा, तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने की तैयारी

प्रदेश के वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पहली बार नेचुरोपैथी अस्पताल (प्राकृतिक चिकित्सा) खोलने की तैयारी है। ये अस्पताल रिजॉर्ट कीतर्ज पर बनाए जाएंगे। जहां पर बिना दवाइयों के प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज किया जाएगा। आयुष विभाग ने चंपावत व पिथौरागढ़ जिले मेंजमीन चयनित कर ली है। जबकि बागेश्वर में जमीन तलाशी जा रही है।उत्तराखंड में आयुष व वेलनेस से पर्यटन को जोड़ने के लिए पहले चरण में प्रदेश के तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने की तैयारी की रही है।पिथौरागढ़ के बलवा कोट व चंपावत के कोली ढेक में जमीन का चयन किया गया। इसके अलावा बागेश्वर जिले में जमीन चयनित करने की प्रक्रियाचल रही है। आयुष विभाग की ओर से नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बना रहा है। जल्द ही केंद्र सरकार को वित्तीय सहायता के लिए प्रस्तावभेजा जाएगा। आयुष मिशन के तहत केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए वित्तीय सहायता देगी। इससे प्रदेश में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा मिलेगानेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में जड़ी-बूटियों, आहार, व्यायाम, मालिश, जल चिकित्सा, योग और एक्यूपंक्चर का उपयोग किया जाता है। इस पद्धतिसे बीमारी के मूल कारण को ठीक करना व समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है न कि सिर्फ लक्षणों का इलाज करना है। नेचुरोपैथी में आहार और पोषण, जल चिकित्सा, मृदा चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, योग और व्यायाम चिकित्सा, जड़ी-बूटी, एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर, मालिश चिकित्सा, उपवास, मनशरीर चिकित्सा की सुविधा रहेगी। केंद्र सरकार ने बीते वर्ष आयुष मिशन के तहत आयुष ग्राम योजना को शुरू किया था। इस योजना के तहतउत्तराखंड के प्रत्येक जिले में एक-एक आयुष ग्राम बनाए जाने थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने आयुष ग्राम योजना बंद कर दी है। विभागीय अधिकारियोंका कहना कि आयुष ग्राम की जगह केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने के लिए वित्तीय सहायता देगी। इसके लिए विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहाहै। पहले चरण में तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ये अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर स्थापित होंगे। जहां परप्राकृतिक चिकित्सा के साथ ठहरने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे प्रदेश में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
ईवीएम पर कांग्रेस के सवाल और जनता की जिज्ञासा — वीरेन्द्र सचदेवा

सरिता साहनी14 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली ईवीएम को लेकर कांग्रेस की बातों पर सवालदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि देशवासी कांग्रेस नेताओं से एक साफ जवाब चाहते हैं। कांग्रेस नेता अक्सर कहते रहे हैं कि ईवीएमसे कहीं भी वोट डाला जाए, वह भाजपा को ही जाता है। लेकिन अब जब केरल के नगर निकाय चुनाव इन्हीं ईवीएम से हुए और कांग्रेस के नेतृत्व वालेयूडीएफ गठबंधन ने जीत हासिल की, तो जनता यह जानना चाहती है कि ऐसा कैसे हुआ। श्री सचदेवा ने कहा कि कांग्रेस को अपनी ही बातों पर अबदेश के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। प्रधानमंत्री के खिलाफ नारों की कड़ी निंदावीरेन्द्र सचदेवा ने एस.आई.आर. को लेकर कांग्रेस द्वारा आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक नारों की कड़ीनिंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के नारे न सिर्फ प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ हैं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं का भी अपमान हैं।उन्होंने मांग की कि कांग्रेस नेतृत्व को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान जरूरीदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एस.आई.आर. के नाम पर कांग्रेस जिस तरह आपत्ति जता रही है, वह जनता के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमानहै। चाहे चुनाव हरियाणा में हों, महाराष्ट्र में हों या फिर दिल्ली और बिहार में, कांग्रेस को हर हार के बाद चुनाव प्रक्रिया और संस्थाओं पर सवाल उठानेकी आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और सभी दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। ईवीएम पर आरोप और केरल की जीतसचदेवा ने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर ईवीएम के दुरुपयोग के आरोप लगाते रहे हैं और बैलेट पेपर से चुनावकराने की मांग करते रहे हैं। लेकिन अब केरल में इन्हीं ईवीएम से हुए स्थानीय निकाय चुनाव कांग्रेस के यूडीएफ गठबंधन ने जीते हैं। ऐसे में देश कीजनता कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया सुनना चाहती है और यह जानना चाहती है कि कांग्रेस अपनी ही बातों का जवाब कैसे देगी। जनता के सवाल, कांग्रेस से जवाब की उम्मीददिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने दोहराया कि देशवासी यह समझना चाहते हैं कि जब कांग्रेस के अनुसार ईवीएम से डाला गया हर वोट भाजपा को जाता है, तो फिर केरल के नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत कैसे संभव हुई। उन्होंने कहा कि यह विरोधाभास कांग्रेस की राजनीति को उजागर करता है। तिरुवनंतपुरम में भाजपा की जीत का संदेशवीरेन्द्र सचदेवा ने केरल नगर निगम चुनाव में राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा की जीत को राष्ट्रवाद और सनातन धर्म की जीत बताया। उन्होंने कहाकि यह जीत एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने याद दिलाया कि 2025 की शुरुआत में दिल्ली में छद्म कम्युनिस्ट अरविंद केजरीवालकी हार हुई थी और अब 2025 के अंत में केरल की जनता ने भी कम्युनिस्टों को अलविदा कहने का मन बना लिया है। जनता समझ रही है सच्चाईअपने बयान के अंत में वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि देश की जनता अब सब कुछ साफ देख और समझ रही है। जनता चाहती है कि राजनीतिक दलजिम्मेदारी से बात करें, लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करें और चुनावी नतीजों को स्वीकार करें।
दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस की विशाल महारैली

सरिता साहनी14 दिसंबर 2025 ,नई दिल्लीरामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाबदिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली हुई। ठंड और घने कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचे। जनताके भारी समर्थन से मैदान पूरी तरह भर गया। इस महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेसमहासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिस्सा लिया और वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। खरगे बोले वोट चोरी देश से गद्दारी हैकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज देश में जनता के वोट के अधिकार पर हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों का वोट छीनागया तो सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और कमजोर वर्ग को होगा। खरगे ने साफ कहा कि भाजपा वोट चोरी करके देश से गद्दारी कर रही है और ऐसेलोगों को सत्ता से हटाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा, कांग्रेस की विचारधारा से चलेगा। भाजपा-आरएसएस की विचारधारा सेदेश कमजोर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और हिंदुत्व के नाम पर गरीबोंको दबाया जा रहा है। राहुल गांधी का तीखा हमलालोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में सत्य और असत्य के बीच सीधी लड़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिएसिर्फ सत्ता मायने रखती है। राहुल गांधी ने आरएसएस प्रमुख के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा शक्ति को सत्य से ऊपर मानती है, जबकिभारतीय संस्कृति सत्य और अहिंसा की बात करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्य के रास्ते पर चलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी। राहुल गांधीने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग की मदद से वोट चोरी कर रही है ताकि चुनाव जीते जा सकें। चुनाव आयोग पर गंभीर आरोपराहुल गांधी ने चुनाव आयुक्तों के नाम लेते हुए कहा कि वोट चोरी की जा रही है और चुनाव आयोग इस पर चुप है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसाकानून बना दिया है कि चुनाव आयुक्तों पर कोई कार्रवाई न हो सके। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस की सरकार बनने पर यह कानून बदलाजाएगा। उन्होंने हरियाणा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में एक ही फोटो कई बार मिली, एक ही व्यक्ति कई जगह वोटर बना औरबाहर के राज्यों के लोग वोट डालते पाए गए, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। वोट चोरी का असर आम जनता परराहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी का सीधा असर देश की जनता पर पड़ रहा है। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, नोटबंदी, गलत जीएसटी और छोटेव्यापारियों की हालत खराब होना इसी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी संविधान पर हमला है, क्योंकि संविधान हर नागरिक को एक वोट काबराबर अधिकार देता है। प्रियंका गांधी की खुली चुनौतीकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए बनी संस्थाएं आज कमजोर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, मीडिया, संसद और जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। विपक्ष को डराने के लिए नेताओं को जेल में डाला गया और कांग्रेस के बैंकखाते तक फ्रीज कर दिए गए। प्रियंका गांधी ने कहा कि साजिश के तहत लाखों लोगों के वोट काटे गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि देश इन नामों कोयाद रखेगा। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा बैलेट पेपर से निष्पक्ष चुनाव लड़े, तो वह कभी जीत नहीं पाएगी। मोदी सरकार पर विफलता का आरोपप्रियंका गांधी ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। महंगाई बढ़ रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है, रुपया कमजोर हो रहा है और देश कीसंपत्तियां कुछ चुनिंदा लोगों को दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नौजवान बेरोजगारी और पेपर लीक से परेशान हैं, लेकिन संसद में इन मुद्दों पर बात नहींहोती। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगीइस महारैली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के वरिष्ठ नेता, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायकऔर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी मौजूद रहे। जनता का साफ संदेशमहारैली के जरिए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश की जनता अब वोट चोरी के खिलाफ खड़ी हो रही है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठा रहीहै।
वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार – देवेन्द्र यादव

सरिता साहनी13 दिसंबर 2025 ,नई दिल्लीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्र देवेन्द्र यादव ने कहा है कि कल दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली कोऐतिहासिक बनाने के लिए कांग्रेस ने हर स्तर पर पुख्ता तैयारियां कर ली हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के प्रत्येक बूथ से कांग्रेस कार्यकर्ता इस महारैलीमें भाग लेंगे और भाजपा द्वारा की गई वोट चोरी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। हर बूथ से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चितदेवेन्द्र यादव ने कहा कि यह महारैली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। इसी को ध्यान में रखते हुएदिल्ली के सभी 14 जिलों, 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों और बूथ स्तर तक बैठकों का आयोजन किया गया है। इन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओंको रैली के महत्व से अवगत कराया गया और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। देशभर से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए बेहतर व्यवस्थादिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि इस महारैली में देश के अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनके लिए सुबह के नाश्ते, पानी और चाय की व्यवस्था की गई है। जो कार्यकर्ता आज रात दिल्ली पहुंच रहे हैं, उनके लिए रात्रि भोजन का भी विशेष इंतजाम किया गया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रयास है कि किसी भी कार्यकर्ता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सेवादल और वालिंटियर्स की अहम भूमिकादेवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस सेवादल के साथ-साथ विशेष रूप से वालिंटियर्स की भी नियुक्ति की गई है, जो रैली के दौरान लोगों की सहायताकरेंगे। ये वालिंटियर्स मार्गदर्शन, व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे ताकि महारैली शांतिपूर्ण और सफल तरीके सेसंपन्न हो। महारैली के प्रचार में व्यापक अभियानदिल्ली कांग्रेस ने महारैली को सफल बनाने के लिए पूरे शहर में व्यापक प्रचार अभियान चलाया है। देवेन्द्र यादव ने बताया कि सोशल मीडिया, होर्डिंग, बैनर और पोस्टर के माध्यम से भाजपा की वोट चोरी को जनता के सामने उजागर किया गया है। हर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी क्षेत्र में यह प्रचारकार्य किया गया, जिससे रैली का संदेश घर-घर तक पहुंच सके। वॉयस मैसेज से जनता तक पहुंचा संदेशउन्होंने बताया कि दिल्ली के लोगों के मोबाइल फोन पर वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली को लेकर वॉयस मैसेज भी भेजे गए हैं। इन संदेशों का कांग्रेसकार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और लोग बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं। कंट्रोल रूम से लगातार निगरानीदेवेन्द्र यादव ने जानकारी दी कि दिल्ली कांग्रेस की ओर से एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां कांग्रेस वालिंटियर्स ने दिन-रात मेहनत करमहारैली के संदेश को बूथ स्तर तक पहुंचाया। कंट्रोल रूम के माध्यम से तैयारियों की लगातार निगरानी की गई और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वयबनाए रखा गया। राहुल गांधी की आवाज को बुलंद करने की अपीलदिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में रामलीला मैदान पहुंचकर वोट चोरी के खिलाफजननायक और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने कहा कि यह महारैली लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक मजबूत संदेश देगी। सभी तैयारियां पूरी, स्वागत को तैयार दिल्ली कांग्रेसदेवेन्द्र यादव ने कहा कि रामलीला मैदान में होने वाली महारैली के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। देशभर से आने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओंके स्वागत के लिए दिल्ली कांग्रेस पूरी तरह तैयार है और यह महारैली दिल्ली की राजनीति में एक नया संदेश देगी।
केरल निकाय चुनाव: तिरुवनंतपुरम में भाजपा की बड़ी बढ़त, शशि थरूर के गढ़ में सेंध

केरल में दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना आज जारी है। हालांकि जारी मतगणना के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के संसदीयक्षेत्र तिरुवनंतपुरम काफी चर्चा में चल रही है। कारण है कि इस सीट पर अभी तक के आए रुझान में भाजपा ने जबरदस्त बढ़त हासिल की है।तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों के रुझानें में भाजपा ने 50 सीटों पर अपनी बढ़त बरकरार रखा है। वहीं दूसरी ओर बात अगर लेफ्ट डेमोक्रेटिकफ्रंट (एलडीएफ) 20 सीटों पर तो कांग्रेस नेतृत्व वाली (यूडीएफ) 29 सीटों पर अपनी बढ़त बनाए हुए है। चुनाव के इस परिणाम को देखते हुए येकहना गलत नहीं होगा कि इस बार के निकाय चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के गढ़ में सेंध मार दी है। चरणों में निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआबता दें कि केरल के 14 जिलों में दो चरणों में निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ था। पहले चरण में तिरुवनंतपुरम समेत छह जिलों में मतदान हुआथा। अन्य जिलों में कोल्लम, पथानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम शामिल थे। इसमें कुल मतदान प्रतिशत 70.90 रहा। सबसेअधिक मतदान एर्नाकुलम जिले में 73.96 फीसदी हुआ। वहीं सबस कम मतदान पथानमथिट्टा जिले में 66.35 फीसदी हुआ। दिसंबर को मतदान हुआवहीं, दूसरे और अंतिम चरण में सात अन्य जिलों त्रिशूर, पलक्कड़, कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, वायनाड और कासरगोड में 11 दिसंबर को मतदानहुआ था। दूसरे चरण में 1.53 करोड़ से अधिक मतदाताओं 604 स्थानीय निकायों के 12,931 प्रतिनिधियों के लिए मतदान किया। इनमें ग्रामपंचायत, जिला पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम शामिल हैं। इस चरण में कुल 38,994 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। दूसरे चरण के मतदानके लिए 18,274 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 2,055 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था।
उत्तर प्रदेश भाजपा को मिला नया नेतृत्व का संकेत, पंकज चौधरी का प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार केसांसद पंकज चौधरी ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ उनके प्रस्तावक बने, जबकि दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री पंकज चौधरी को लेकर सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। पार्टी इनको प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दे रही है। पार्टी को पिछडे़ समाजमें इनकी मजबूत पकड़ होने का फायदा मिल सकता है। परंपरागत मत सहेजने के साथ पीडीए कमजोर करने का दांव पार्टी ने खेला है। अब तक गुणगणित के मुताबिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय है। 20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरीगोरखपुर के घंटाघर हरबंश गली स्थित घर में 20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरी ने एमपी इंटर कॉलेज और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातकतक की शिक्षा ग्रहण किया। औद्योगिक घराने में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति में कदम रखा और नगर निगम गोरखपुर में पार्षद बने और डिप्टी मेयरबने। राजनीति के इस सफर में महराजगंज के जिला पंचायत में वह अजेय खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं। बताते चले किमहाराजगंज जिला पंचायत के अस्तित्व में आते ही पंकज चौधरी के बड़े भाई उद्योगपति स्वर्गीय प्रदीप चौधरी प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष बने उसकेबाद दो बार लगातार पंकज चौधरी की माता उज्ज्वल चौधरी जिला पंचायत की अध्यक्ष बनी। पंकज चौधरी ने हाथ रखाइसके बाद जिस व्यक्ति के सिर पर पंकज चौधरी ने हाथ रखा वह जिला पंचायत का अध्यक्ष बना। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावो में पंकज चौधरीके समक्ष तमाम बाधाएं आईं, विपक्ष में रहते हुए पंकज चौधरी ने जिला पंचायत पर अपना कब्जा बरकरार रखा। पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिकजीवन की शुरुआत 1989 में गोरखपुर नगर निगम में पार्षद का चुनाव लड़ने के साथ की थी। वो पार्षद के चुनाव में जीते थे। 1989 में ही गोरखपुर सेकटकर महाराजगंज अलग जिला बना, जिसके बाद से पंकज चौधरी ने महराजगंज को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया।
असम की राजनीति में बड़ा बदलाव,कांग्रेस के साथ बढ़ती नई ताकत – जितेंद्र सिंह अलवर और गौरव गोगोई

सरिता साहनी12 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली असम में कांग्रेस को मिली बड़ी राजनीतिक बढ़तअसम में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार तेज़ी से बदल रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा संकेत है कि राज्य के चारप्रभावशाली और वरिष्ठ नेता बुबुल दास, अशोक कुमार, गौतम धनोवर और लोंगकी तोकबी अब कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़ गए हैं। यह कदम न सिर्फकांग्रेस की ताकत बढ़ाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राज्य में लोगों का भरोसा किस दिशा में जा रहा है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस संगठनमहासचिव के.सी. वेणुगोपाल, असम प्रभारी जितेंद्र सिंह अलवर और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई मौजूद थे, जिनकी उपस्थिति ने इस सदस्यताकार्यक्रम को और अधिक महत्त्वपूर्ण बना दिया। वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने से कांग्रेस में नई ऊर्जाकांग्रेस में शामिल होने वाले ये नेता अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। बुबुल दास तीन बार विधायक और पूर्व मंत्री रहे हैं, जोउन्हें असम की राजनीति का बड़ा चेहरा बनाते हैं। अशोक कुमार असम गण परिषद के पुराने और अनुभवी नेता हैं। गौतम धनोवर चाय बागान इलाकोंमें काफी प्रभाव रखते हैं, जबकि लोंगकी तोकबी आदिवासी क्षेत्रों की मजबूत आवाज़ माने जाते हैं। इन नेताओं के आने से कांग्रेस को सामाजिक, राजनीतिक और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत आधार मिला है, जो चुनावी दौर में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। असम में कांग्रेस के पक्ष में तेज़ हवा चल रही है-जितेंद्र सिंह अलवरपत्रकारों से बातचीत के दौरान असम प्रभारी जितेंद्र सिंह अलवर ने स्पष्ट कहा कि राज्य में जनता अब भाजपा सरकार से परेशान हो चुकी है। उन्होंनेबताया कि हर जिले में हजारों की संख्या में लोग कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। अलवर ने असम की मौजूदा भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहाकि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी टीम राज्य में माफियाराज चला रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जमीनों पर अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं।खासकर छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों में जमीनें हड़पना एक बड़ी समस्या बन चुकी है, जिससे असम की संस्कृति, परंपरा और पहचान को नुकसान हो रहाहै। अलवर के अनुसार, यही वजह है कि कई बड़े नेता भाजपा छोड़कर कांग्रेस की ओर आ रहे हैं। गौरव गोगोई ने दिखाया असम में कांग्रेस का बढ़ता जनाधारअसम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि असम में कांग्रेस का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर से लेकर अब तक हर महीने की 10 तारीख को दूसरी पार्टियों के दिग्गज नेता कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 10 नवंबरको 11,000 लोग कांग्रेस से जुड़े, जो इस बात का प्रमाण है कि असम के लोग बदलाव चाहते हैं। गोगोई ने इसे कांग्रेस के लिए एक नई ऊर्जा औरनई उम्मीद बताया। बेरोजगारी और आर्थिक संकट को लेकर कांग्रेस का आरोपगौरव गोगोई ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि असम में बेरोजगारी आज सबसे गंभीर समस्या बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्यकी अर्थव्यवस्था केवल मुख्यमंत्री के करीबियों पर निर्भर हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि चाय उद्योग जैसी असम की पहचान बनी परंपराएंलगातार कमजोर हो रही हैं। उनका कहना था कि भाजपा के नेता ही चाय बागानों के मालिक बनते जा रहे हैं, जबकि मेहनतकश मजदूर बदहाली में जीरहे हैं। गोगोई के मुताबिक, कांग्रेस इस स्थिति को बदलने के लिए उद्योगों को बढ़ावा देगी, युवाओं को रोजगार देगी और नफरत की राजनीति कोसमाप्त करेगी। आदिवासी जमीनों पर कब्ज़े का बढ़ता खतरागोगोई ने एक और गंभीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि असम में आदिवासियों की 13,000 एकड़ जमीन बड़े उद्योगपतियों को दी गई है। इससे स्थानीयआदिवासी परिवारों के सामने घर-बार खोने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ जमीन का सवाल नहीं, बल्कि असम की आदिवासीपहचान और सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा है। कांग्रेस ने इसे असम के इतिहास में सबसे बड़ा अन्याय बताते हुए इस लड़ाई को आगे ले जाने का संकल्पजताया। कार्यक्रम में कई बड़े नेताओं की मौजूदगीइस अवसर पर सांसद प्रद्युत बोरदोलोई, सांसद रकीबुल हुसैन, राष्ट्रीय सचिव पृथ्वीराज साठे, मनोज चौहान और यूपीपीएल दल के नेता बीरखंग बोरोसमेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गणेश कुटुम के पुत्र शंकर ज्योति कुटुम, गुवाहाटी हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता शाह नवाजऔर कुलदीप राजबोंगशी की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और ज्यादा महत्व दिया। असम में बदलाव की हवा तेज़इन चार बड़े नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से यह साफ संकेत मिलता है कि असम में राजनीतिक माहौल बदल रहा है। लोग भाजपा सरकार कीनीतियों से निराश हैं और कांग्रेस को नया विकल्प मान रहे हैं।कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह असम में रोजगार, उद्योग, शांति और सम्मान की राजनीति को प्राथमिकता देगी। आने वाले चुनावों में यह माहौलकिस दिशा में जाएगा, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन इतना निश्चित है कि बदलाव की हवा अब पहले से कहीं तेज चल रही है।
दिल्ली में शिक्षा सुधार की नई शुरुआत शिक्षा मंत्री आशीष सूद की ऐतिहासिक घोषणा

सरिता साहनी12 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली दिल्ली सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आज एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारणएवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम–2025 और इसके नियम अब पूरी तरह लागू हो चुके हैं। यह कानून दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ाबदलाव लाने वाला है। इसे लागू होते ही फीस से जुड़ी कई पुरानी समस्याओं का हल शुरू हो गया है। लंबे समय से रुका हुआ सुधार अब पूरा हुआसूद ने कहा कि यह मुद्दा पिछले 27 वर्षों से लगातार उठता रहा, लेकिन किसी सरकार ने इसे गंभीरता से हल नहीं किया। निजी स्कूलों द्वारा लगातारमनमानी फीस बढ़ोतरी अभिभावकों की बड़ी चिंता रही, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने बहुत कम समयमें एक मजबूत और स्पष्ट कानून बनाकर यह ऐतिहासिक सुधार पूरा किया है। यह कानून अब दिल्ली के शिक्षा क्षेत्र में सुशासन, पारदर्शिता और दक्षप्रशासन का नया मानक स्थापित करेगा। शिक्षा मंत्री का संदेश शिक्षा अधिकार है, व्यवसाय नहींसूद ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की शिक्षा किसी भी रूप में व्यापार नहीं बननी चाहिए। शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और हर बच्चे का मौलिकअधिकार। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर छात्र को ईमानदारी, पारदर्शिता और समानता के आधार पर उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्धकराने के लिए पूरी तरह समर्पित है। नया कानून इस दिशा में एक बड़ा कदम है जो यह सुनिश्चित करेगा कि फीस तय करने की पूरी प्रक्रिया खुली औरनिष्पक्ष रहे। अभिभावकों के सहयोग से कानून और भी मजबूत होगासूद ने अभिभावकों से विशेष अपील की कि वे इस कानून का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की जागरूकता और भागीदारी से ही इस सुधारको मजबूती मिलेगी। सरकार ने आवश्यक ढांचा तैयार कर दिया है, लेकिन पारदर्शिता तभी स्थापित होगी जब अभिभावक भी शिक्षा विभाग के साथमिलकर काम करेंगे और किसी भी अनियमितता की सूचना समय पर देंगे। यह कानून अभिभावकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है, इसलिए उनका सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।कानून से फीस प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी होगीशिक्षा मंत्री ने बताया कि नए अधिनियम और नियमों का उद्देश्य फीस से जुड़ी हर प्रक्रिया को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाना है। अब स्कूलों कोअपनी फीस बढ़ोतरी या नए शुल्क प्रस्तावों को पूरी प्रक्रिया के साथ प्रस्तुत करना पड़ेगा। स्कूलों को यह भी बताना होगा कि फीस क्यों बढ़ानी है, कितना खर्च होता है, फंड कहाँ उपयोग होता है और किस आवश्यकता के कारण बदलाव जरूरी है। इससे अभिभावकों को सही जानकारी मिलेगी औरस्कूलों को मनमानी करने का अवसर नहीं मिलेगा। फीस बढ़ोतरी से पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया अनिवार्यइस अधिनियम के तहत कोई भी निजी स्कूल अचानक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। अगर स्कूल फीस बढ़ाना चाहता है तो उसे लंबी प्रक्रिया से गुजरनाहोगा, विभाग को दस्तावेज देने होंगे और सरकार से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि हर फीस संशोधनसोच–समझकर, नियमों के अनुसार और पूरी पारदर्शिता के साथ हो। अभिभावकों के हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्थानए कानून में कई ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं जो अभिभावकों को सुरक्षित और विश्वसनीय व्यवस्था प्रदान करते हैं। अब अभिभावकों को फीस से जुड़ीसभी गतिविधियों की जानकारी मिलेगी। अगर किसी अभिभावक को किसी स्कूल की फीस में गड़बड़ी लगे तो वे सीधे शिक्षा विभाग से शिकायत करसकते हैं और विभाग को कार्रवाई करना ही होगा। इस व्यवस्था से अभिभावकों का आत्मविश्वास और बढ़ेगा और स्कूलों को भी हर कदम सोचकरउठाना होगा। शिक्षा व्यवस्था को जवाबदेह और अभिभावक–हितैषी बनाने का संकल्पसूद ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के अपने वादे पर कायम है। वर्षों से अभिभावक निजीस्कूलों की फीस को लेकर परेशान थे और उन्हें किसी ठोस समाधान की उम्मीद नहीं मिल रही थी। अब इस अधिनियम के लागू होने से फीस नियंत्रणसंभव होगा और स्कूलों को अपनी प्रक्रियाएँ खुले तरीके से रखनी होंगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी अनियमितता या मनमानी परतत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता का नया अध्याययह अधिनियम सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि दिल्ली के लाखों अभिभावकों और बच्चों के अधिकारों की रक्षा का मजबूत साधन है। इससे शिक्षाव्यवस्था में लंबी अवधि तक पारदर्शिता और विश्वास कायम रहेगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली के सभी निजी स्कूल नियमों का कड़ाई सेपालन करें ताकि शिक्षा क्षेत्र में न्याय और समानता बनी रहे। परिवर्तन का यह कदम आने वाले वर्षों में शिक्षा को नई दिशा देगाअंत में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह अधिनियम दिल्ली की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने वाला सुधार है। यह कानून अभिभावकों औरछात्रों के हितों की सुरक्षा करेगा और स्कूलों को जिम्मेदारी से काम करने के लिए मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग पूरी तत्परता के साथइस कानून को जमीन पर लागू करेगा ताकि हर परिवार को इसका लाभ मिले और दिल्ली में शिक्षा का स्तर और भी मजबूत व पारदर्शी बने।
14 दिसम्बर की महारैली को लेकर तैयारियों में जोर – देवेन्द्र यादव का बयान

सरिता साहनी12 दिसंबर 2025 ,नई दिल्लीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने आज प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें लोकसभा, जिला और विधानसभास्तर के ऑब्जर्वर शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य 14 दिसम्बर को रामलीला मैदान में होने वाली वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली की तैयारियों कोअंतिम रूप देना था। बैठक के दौरान देवेन्द्र यादव ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता तो हर बूथ से रैली में शामिल होंगे ही, इसके अलावा दिल्ली कीजागरूक आम जनता भी ब्लॉक और जिला कांग्रेस कमेटियों से संपर्क कर भारी संख्या में रैली में पहुँचने की इच्छा जता रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दिल्ली की जनता में दिख रहा अभूतपूर्व उत्साहदेवेन्द्र यादव ने कहा कि इस बार रैली को लेकर केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में ही नहीं, बल्कि दिल्ली की आम जनता में भी असाधारण उत्साह दिखाईदे रहा है। लोग स्वयं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों और जिला कांग्रेस कमेटियों से संपर्क कर रहे हैं और यह विश्वास दिला रहे हैं कि वे रैली का हिस्सा बनेंगे।उन्होंने बताया कि हर बूथ से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और यह रैली एक जन आंदोलन का रूपलेती जा रही है। रैली राजनीतिक नहीं, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का बड़े स्तर का अभियानदेवेन्द्र यादव ने जोर देते हुए कहा कि 14 दिसम्बर की रामलीला मैदान की महारैली किसी राजनीतिक सत्ता या पार्टी की प्रतिस्पर्धा का कार्यक्रम नहींहै। यह रैली देश के नागरिकों के मतदान के संवैधानिक अधिकार की रक्षा के लिए होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग के साथमिलकर वोट चोरी कर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ लड़ रही है और राहुल गांधी ने इस पूरे मामलेको देश के सामने लाकर बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। उनके अनुसार, लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब हर नागरिक निडर होकर अपने मताधिकार काउपयोग कर सके, और यही उद्देश्य लेकर यह रैली आयोजित की जा रही है। रामलीला मैदान की महारैली को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारीबैठक में बताया गया कि रैली को लेकर कांग्रेस ने लगभग एक महीना पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया थाजहाँ से हर वार्ड की टीमों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम से कार्यकर्ता हर क्षेत्र में 70-70 नामों की सूची पर कॉलिंग कर रहे हैं, लोगों से बातचीत कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि रैली मेंअधिक से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। देवेन्द्र यादव ने कहा कि इस बार दिल्ली कांग्रेस की उपस्थिति रामलीला मैदान में इतिहास रचेगी, क्योंकि हर क्षेत्र से भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होने जा रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी से रैली का महत्व और बढ़ेगाइस महारैली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इसे और भी महत्वपूर्ण बना देगी। रैली को संबोधित करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुनखड़गे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, और कई वरिष्ठ नेता रामलीला मैदान में मंच साझा करेंगे। उनकीमौजूदगी से न सिर्फ कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा, बल्कि जनता को भी पूरी ताकत से संदेश जाएगा कि वोट चोरी के खिलाफ यह लड़ाई पूरे देश कीलड़ाई है। भाजपा के खिलाफ मजबूत शंखनाद के रूप में देखी जा रही है यह रैलीदेवेन्द्र यादव ने कहा कि रामलीला मैदान की यह महारैली भाजपा सरकार के खिलाफ एक सीधा शंखनाद साबित होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरेदेश में चुनाव आयोग की सांठगांठ से वोट चोरी कर सत्ता पर काबिज होने की कोशिश कर रही है और इससे संविधान की आत्मा को चोट पहुँच रही है।यह रैली भाजपा सरकार को यह संदेश देगी कि जनता अपने मताधिकार के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। दिल्ली कांग्रेस के लिए जनता का भरोसा बड़ी ताकतरैली को लेकर जनता की भागीदारी ने कांग्रेस को नया उत्साह दिया है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली के लोग कांग्रेस की इस लड़ाई को अपना मानरहे हैं और बड़ी संख्या में 14 दिसम्बर की रैली में शामिल होने वाले हैं। उनके अनुसार, यह रैली न केवल राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़उठाएगी बल्कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बनेगी।