कन्नन गोपीनाथन ने कांग्रेस पार्टी से जुड़कर न्याय और आजादी की आवाज को मजबूत किया

कन्नन गोपीनाथन, 2012 बैच के आईएएस अधिकारी, देश के उन बहादुर नौकरशाहों में से हैं, जिन्होंने हमेशा देश के कमजोर और हाशिए पर रहनेवाले लोगों के लिए आवाज उठाई। वे न्याय और एकता के लिए हमेशा संघर्षरत रहे हैं।कर्नाटक में जन्मे और देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों सहित कई हिस्सों में सेवा देने वाले कन्नन गोपीनाथन जी ने 2019 में अपने पद से इस्तीफा दिया था।उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें यह महसूस हुआ कि सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है। तब से उनका इस्तीफा अब तकस्वीकार नहीं किया गया। यह स्थिति इस बात का उदाहरण है कि जो अधिकारी न्याय और कमजोर लोगों के लिए लड़ते हैं, उन्हें सरकार की ओर सेदंडित किया जा रहा है। देश की गलत दिशा के खिलाफ आवाजकन्नन गोपीनाथन ने अपने फैसले के बाद देश के 80 से 90 जिलों में जाकर लोगों से बातचीत की और विभिन्न नेताओं से मुलाकात की। इस अनुभवने उन्हें यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस पार्टी ही देश को सही दिशा में ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि बहुत समय तक जनता को केवल नागरिक होनेका अधिकार मिला था, क्योंकि सवाल पूछने का हक ही छीना जा रहा था। इस सरकार में जो भी सवाल उठाता है, उसे देशद्रोही कह दिया जाता है।इसलिए उन्होंने फैसला किया कि अब न्याय और आजादी की आवाज को मजबूती देने के लिए कांग्रेस पार्टी से जुड़ना ही सही कदम है। न्याय और आजादी के लिए हमेशा संघर्षरतकन्नन गोपीनाथन ने जम्मू-कश्मीर को राज्य से संघ शासित क्षेत्र बनाए जाने के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून केमुद्दे पर भी खुलकर अपनी राय दी। वे हमेशा यह संदेश देते रहे कि जनता से बोलने का अधिकार छीना नहीं जा सकता। वोट मशीनों में वीवीपैट के मुद्देपर भी उन्होंने स्पष्ट और साहसिक रूप से बात की। कई एफआईआर और अन्य कार्रवाई का सामना करने के बावजूद वे कभी नहीं डरे और न ही झुके।आखिरकार उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी, जिसे अधिकांश लोग पाना चाहते हैं, क्योंकि उनके लिए न्याय और देशहित सबसे महत्वपूर्ण था। कांग्रेस पार्टी में स्वागत और जिम्मेदारीकांग्रेस के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कन्नन गोपीनाथन का कांग्रेस पार्टी से जुड़ना यह संदेश देता है कि कांग्रेस ही न्याय केलिए लड़ने वाली एकमात्र पार्टी है। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि कन्नन गोपीनाथन ने कांग्रेस पार्टी कोइसलिए चुना क्योंकि पार्टी हर उस आवाज के लिए हमेशा खुले दरवाजे रखती है, जो आजादी और न्याय की बात करती है। कन्नन गोपीनाथन ने खुदकहा कि उन्हें खुशी है कि आज वे कांग्रेस पार्टी का हिस्सा हैं और उन्हें पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, वे उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।
गुजरात में किसानों पर भाजपा का दमन, आम आदमी पार्टी ने महापंचायत का ऐलान किया – गोपाल राय

गुजरात में किसानों की फसल का सही दाम और उनका सम्मान मांगने पर भाजपा सरकार ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं। आम आदमी पार्टी केराष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 31 अक्टूबर को पूरे गुजरात में महापंचायत करने वाले हैं। यह जानकारी पार्टी के गुजरात प्रभारी गोपाल राय नेदी। गोपाल राय ने कहा कि किसान अपनी फसल का उचित मूल्य मांग रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार और उसके समर्थित लोग किसानों की आवाजदबा रहे हैं। किसान शांतिपूर्वक अपनी पंचायत कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान लगभग250 किसानों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घरों में घुसकर मां-बेटियों के साथ भी बुरा व्यवहार किया। बोटाद मंडी में किसानों की पंचायत को रोका गयारविवार को बोटाद मंडी में किसान अपने फसल के सही दाम मांगने गए थे। वहां पंचायत करने की कोशिश की गई, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानोंको अनुमति नहीं दी। इसके बाद किसान हड़दड़ गांव में शांतिपूर्वक पंचायत करने पहुंचे, लेकिन वहां भी पुलिस ने हमला किया। गोपाल राय ने कहाकि यह जुल्म अंग्रेजों के समय के जुल्मों से भी बुरा था। भाजपा ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी गिरफ्तार कियागोपाल राय ने बताया कि भाजपा सरकार ने पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं राजूभाई करपड़ा और प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को गिरफ्तारकिया। इसके बाद और भी कई किसान और पार्टी नेता गिरफ्तार किए गए। बावजूद इसके किसानों ने आंदोलन जारी रखा। आम आदमी पार्टी ने पूरेगुजरात में काला दिवस मनाया। करदा प्रथा के तहत किसानों का शोषणगुजरात में कपास और मूंगफली की फसल तैयार हो चुकी है। लेकिन भाजपा सरकार ने करदा प्रथा नामक शोषणकारी व्यवस्था लागू कर रखी है।इसके तहत किसानों को फसल का एक हिस्सा तय दाम पर बेचने दिया जाता है। बाकी फसल को कम दाम पर बेचने या वापस ले जाने के लिएमजबूर किया जाता है। गोपाल राय ने कहा कि यह पूरी व्यवस्था किसानों के लिए बहुत कठिनाइयों भरी है और इस वजह से उनका जीवन कठिन होगया है। मंडी समिति ने किसानों की फरियाद नहीं सुनीआम आदमी पार्टी के किसान नेता राजूभाई करपड़ा और अन्य नेताओं ने मंडी समिति के सामने किसानों की समस्याएं रखीं। लेकिन मंडी समिति ने सुननेसे इनकार कर दिया। इसके बाद मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। किसानों ने हड़दड़ गांव में पंचायत की, लेकिन पुलिस ने वहां भीहमला किया। हड़दड़ गांव में पुलिस का दमनहड़दड़ गांव में पंचायत चल रही थी, तभी पुलिस ने वहां पथराव और लाठीचार्ज किया। पुलिस ने घरों में घुसकर मां-बेटियों को अपमानित किया।गोपाल राय ने कहा कि यह स्थिति बहुत ही दर्दनाक थी। इस दमन के बावजूद किसानों ने शांतिपूर्वक अपने आंदोलन को जारी रखा। आम आदमी पार्टी का आंदोलन और महापंचायतगोपाल राय ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरे गुजरात में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। अगर भाजपा सरकार किसानों को न्याय, सम्मान और उचितदाम नहीं देती है, तो आंदोलन और भी तेज होगा। 31 अक्टूबर को अरविंद केजरीवाल महापंचायत में शामिल होंगे। किसानों और नेताओं से अपीलगोपाल राय ने देश के सभी किसान नेताओं और राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे गुजरात के किसानों के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि किसानोंकी मांगें पूरी न होने पर जनता और किसान एकजुट होकर इसका जवाब देंगे। भाजपा सरकार से चेतावनीगोपाल राय ने भाजपा सरकार से आग्रह किया कि वह अहंकार छोड़कर किसानों की मांगों को गंभीरता से सुने। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरहशांतिपूर्ण और सत्याग्रह के तरीके से होगा। सरकार को चाहिए कि वह किसानों का सम्मान करे और उनकी फसल का सही दाम दे।
दुर्गापुर गैंगरेप पर ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया ‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा “जानें क्या कुछ कहा”

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात पर सीएम ममता बनर्जी ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा येवारदात चौंकाने वाला है; हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती। सीएम ममता बनर्जी ने आगे कहा कि, वारदात में शामिल तीनआरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं, पुलिस अन्य की तलाश कर रही है; किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान सीएम ममता ने ये भी कहा कि, निजी कॉलेजों को परिसर के भीतर और आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, ‘वह लड़की निजी मेडिकल कॉलेज मेंपढ़ रही थी, इसलिए निजी मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी है कि वे रात के 12.30 बजे कैसे बाहर आ गईं। जहां तक मुझे पता है कि यह वन क्षेत्र मेंहुआ था, इसलिए 12.30 बजे मुझे नहीं पता कि क्या हुआ, जांच जारी है… पुलिस जांच कर रही है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, दोषियों कोकड़ी सजा दी जाएगी। 3 लोग पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।’ आरोपियों ने भी घिनौने कृत्य को अंजाम दियावहीं इस मामले में विपक्ष की तरफ से सरकार पर निशाना साधे जाने पर सीएम ममता ने पलटवार भी किया है। उन्होंने कहा, ‘आप मुझे बताइए किओडिशा में तीन सप्ताह पहले समुद्र तट पर तीन लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ, ओडिशा सरकार ने क्या कार्रवाई की और बंगाल में अगर महिलाओंके साथ कुछ भी होता है तो हम इसे सामान्य मामला नहीं मानते, यह एक गंभीर मामला है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘अगर ऐसा दूसरे राज्यों में भी होता हैतो भी यह निंदनीय है। हमने उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में भी ऐसे कई मामले देखे हैं, इसलिए सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’ बता देंकि, ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली छात्रा के साथ दुर्गापुर में कुछ लोगों ने पर दुष्कर्म किया। छात्रा की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, उसकाअस्पताल में ही इलाज चल रहा है और उसने पुलिस को अपना बयान दे दिया है। यह घटना शोभापुर के पास स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में हुई।छात्रा रात में अपने एक पुरुष मित्र के साथ कॉलेज कैंपस के बाहर खाना खाने गई थी। इस दौरान कैंपस गेट के पास ही एक आरोपी ने उसे जबरनपीछे के सुनसान इलाके में खींच लिया और दुष्कर्म की वारदात को किया। इसके बाद बाकी आरोपियों ने भी घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। ड़की आधी रात को कॉलेज से बाहर कैसे आई?वहीं पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी के स्वास्थ्य की जानकारी साझा करते हुए बताया कि, ‘वह चलने में असमर्थ है और बिस्तर पर पड़ी है। मुख्यमंत्री, डीजी, एसपी और कलेक्टर सभी हमारी बहुत मदद कर रहे हैं और नियमित रूप से उसके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ कर रहे हैं… मैंने मुख्यमंत्री सेअनुरोध किया है कि वे हमें मेरी बेटी को यहां से ओडिशा ले जाने दें, किसी सुरक्षित स्थान पर, क्योंकि यहां उसकी सुरक्षा खतरे में है… हमने उनसेअनुरोध किया है कि वे हमें उसे ले जाने दें।’ सीएम ममता बनर्जी ने दुर्गापुर में छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म की वारदात पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने निजीमेडिकल कॉलेज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि लड़की आधी रात को कॉलेज से बाहर कैसे आई? सीएम ने आगे यह भी कहा कि पुलिस मामले कीजांच कर रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली में लालू-तेजस्वी की सियासी दस्तक INDIA गठबंधन की सीटों पर सहमति की कोशिश, 14 नवंबर से बेरोजगारी खत्म करने का दावा

बिहार में इंडिया गठबंधन की सीट शेयरिंग फंसे पेंच को सुलझाने के राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके पुत्र तथा उत्तराधिकारीतेजस्वी यादव रविवार को दिल्ली पहुंच गए। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। संभावना है कि तेजस्वीयादव आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। संभावना है कि इस बातचीत के दौरानइंडिया गठबंधन में शेयरिंग पर सारी उलझन सुलझ जाए। वहीं लालू और तेजस्वी यादव को कल यानी 13 अक्तूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाईलिए उपस्थित भी होना है। दोनों लैंड फॉर जॉब केस में कोर्ट में पेश होंगे। बिहार की जनता बेरोजगारी से मुक्तिइधर, पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवाल पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कोई भी जवाब नहीं दिया। हालांकि, दिल्ली में जब पत्रकारों ने उनसेसीट बंटवारे को लेकर सवाल पूछा तो कहा कि बातचीत चल रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोगों ने कोर्ट ने बुलाया है, इसलिए आए हैं। वहींसीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में सब कुछ ठीक है। कहीं कोई नाराज नहीं है। जल्द ही सीट बंटवारे की घोषणा कर दीजाएगी। मेरे द्वारा नौकरी देने की घोषणा पर सत्ता पक्ष के लोग परेशान हो रहे हैं। मगर मैंने जो कहा है वह करूंगा। जिस परिवार में सरकारी नौकरी नहींहै, उस परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी मिलेगी। 14 नवंबर के बाद से बिहार की जनता बेरोजगारी से मुक्ति पा लेगी। सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी समेत कुछ अन्य शामिलवहीं पटना एयरपोर्ट पहुंचने से पहले जब लालू परिवार राबड़ी आवास से निकला तो राजद कार्यकर्ताओं ने राजद सुप्रीमो के समर्थन में जमकर नारेबाजीकी। हालांकि कुछ ऐसे भी लोग थे जो कि कुछ सीटों पर वर्तमान विधायकों को टिकट नहीं देने की मांग कर रहे थे। राजद सूत्रों की मानें तो करीब 80 से अधिक सीटें ऐसी हैं, जहां उम्मीदवारों का नाम राजद के शीर्ष नेतृत्व ने कर लिया है। तेजस्वी यादव इस बार खुद ही हर एक सीट पर उतारे गएउम्मीदवार की समीक्षा कर रहे हैं। टिकट उन्हीं को दिया जा रहा है जो मजबूती से राजद का झंडा उस विधानसभा में बुलंद कर हर हाल में जीत दिलासके। वहीं कुछ सीटों पर कांग्रेस अपने खाते में चाह रही है। इसलिए पेंच फंसा हुआ है। जिन विधायकों ने 2020 के विधानसभा चुनाव में काफ़ीअंतर से जीत हासिल की थी, उन्हें हरी झंडी मिल चुकी है। वहीं, कुछ नए चेहरों को भी उनके रिपोर्ट कार्ड देखकर टिकट दिया गया है। इनमें जदयूछोड़कर आए पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, पूर्व विधायक राहुल शर्मा, पूर्व सांसद और बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी समेत कुछ अन्यशामिल हैं।
आईपीएस पूरण कुमार की आत्महत्या बना सियासी संकट, डीजीपी पर कार्रवाई से कतरा रही सैनी सरकार

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या का मामला मुख्यमंत्री नायब सैनी व उनकी सरकार के गले की फांस बन गया है। दिवंगतअफसर के परिवार को पोस्टमार्टम के लिए मनाने के मुख्यमंत्री, उनके कैबिनेट के मंत्रियों व सीनियर अफसरों के प्रयास सिरे नहीं चढ़ रहे क्योंकि परिवारडीजीपी शत्रुजीत कपूर व रोहतक के एसपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग कर रहा है। हालांकि पांच दिन के बाद जाकर रोहतक के एसपी को हटातो दिया गया लेकिन डीजीपी पर कार्रवाई से सैनी सरकार कतरा रही है। यही वजह है कि परिवार, दलित संगठनों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। सूत्रोंके मुताबिक शनिवार को तीन घंटे से ज्यादा दिवंगत आईपीएस की पत्नी व परिवार को मनाने की कोशिश करते रहे दो मंत्रियों ने उन्हें यह संकेत दियाकि डीजीपी को छुट्टी पर भेजा जा सकता है लेकिन परिवार ठोस कार्रवाई चाहता है। सांत्वना और आश्वासन देने उनके सरकारी आवास पहुंचेसरकार को उम्मीद थी कि एसपी को हटाने से परिवार पोस्टमार्टम के लिए मान जाएगा लेकिन ऐसा न होने से सरकार की मुश्किल बढ़ती जा रही है।इस सबने सरकार की व्यवस्था भी गड़बड़ा दी है। सरकार चाह कुछ रही थी लेकिन हो कुछ और गया। बताते हैं कि नायब सैनी अपनी व अफसरों कीजापान यात्रा को सफल बताते हुए इसका प्रचार करना चाहते थे। इसके लिए यात्रा से लौटते ही प्रेस ब्रीफिंग रखी गई थी लेकिन इधर यह आत्महत्याप्रकरण हो गया और प्रेस ब्रीफिंग रद्द करनी पड़ी। सीएम सैनी ने 9 अक्तूबर की सुबह एयरपोर्ट पहुंचने पर सीआईडी प्रमुख एडीजीपी सौरभ सिंह सेमामले की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद सीएम एडीजीपी पूरन की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार को सांत्वना और आश्वासन देने उनकेसरकारी आवास पहुंचे, लेकिन उसके बाद भी पांच दिन से मुद्दा बरकरार है। आईपीएस के परिवार के समर्थन में बयानसरकार की सालगिरह के जश्न पर सोनीपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली रखी गई है। इसी को लेकर शनिवार को कैबिनेट बैठक भी रखी गई थीलेकिन पूरन कुमार आत्महत्या प्रकरण तूल पकड़ते जाने से बढ़ती परेशानी को देखते हुए यह बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। इस कैबिनेट बैठक कीजगह कुछ मंत्रियों व अफसरों के साथ नायब सैनी को बैठक यह करनी पड़ी कि कैसे आत्महत्या करने वाले अफसर के परिवार को मनाया जाए औरमामले को शांत किया जाए। पूरन कुमार की मौत के मामले ने अब सियासी रंगत ले ली है। पता चला है कि इस सारे मामले को लेकर दिल्ली में बैठेभाजपा के सीनियर नेता भी पूरी जानकारी ले रहे हैं। इसलिए सीएम भी कोई कदम उनकी सलाह के बिना नहीं लेंगे। इस वजह से भी मामले कोसुलझाने में देर हो रही है। इसी के चलते कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस मामले में खुलकर दिवंगत आईपीएस के परिवार के समर्थन में बयान दे चुका है।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवालों में घिरे अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी, बोले महिला पत्रकारों को न बुलाना ‘तकनीकी चूक’

संवाददाता सम्मेलन में महिला पत्रकारों को आमंत्रित नहीं किए जाने के मुद्दे पर अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने यू-टर्न लिया है।रविवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुत्ताकी ने सफाई देते हुए कहा कि यह एक तकनीकी मुद्दा था… हमारे सहयोगियों ने पत्रकारों कीएक विशिष्ट सूची को निमंत्रण भेजने का फैसला किया था और इसके अलावा कोई अन्य इरादा नहीं था। प्रेस कॉन्फ्रेंस महिला पत्रकारों को न बुलाएजाने पर घिरे अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने रविवार को कहा, प्रेस कॉन्फ्रेंस बहुत कम समय के नोटिस पर आयोजित की गई थीऔर पत्रकारों की एक छोटी सूची तय की गई थी। जिन लोगों का नाम शामिल किया गया था, वह बहुत विशेष थी। यह केवल एक तकनीकी मामलाथा… हमारे सहयोगियों ने एक विशेष सूची के पत्रकारों को निमंत्रण भेजने का निर्णय लिया था और इसके अलावा कोई अन्य मंशा नहीं थी। केवल अगले आदेश तक स्थगित किया गयाअफगानिस्तान में महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध को लेकर मुत्ताकी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि वर्तमान में हमारे यहां एक करोड़ छात्र स्कूलोंऔर अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे हैं, जिनमें से 28 लाख महिलाएं और लड़कियां हैं। धार्मिक मदरसों में भी यह शैक्षणिक अवसर स्नातक स्तरतक उपलब्ध है। कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमाएं हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हम शिक्षा के विरोधी हैं। हमने इसे धार्मिक रूप से ‘हराम’ घोषित नहींकिया है, बल्कि इसे केवल अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। अपग्रेड करने की घोषणाअफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने कहा, बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री ने काबुल और दिल्ली के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ानेकी घोषणा की। व्यापार और अर्थव्यवस्था पर भी एक समझौता हुआ। हमने भारतीय पक्ष को निवेश के लिए आमंत्रित किया, विशेष रूप से खनिज, कृषि और खेल के क्षेत्र में। हमने चाबहार बंदरगाह पर भी चर्चा की… साथ ही हमने वाघा बॉर्डर खोलने का अनुरोध किया, क्योंकि यह भारत औरअफगानिस्तान के बीच सबसे तेज और आसान व्यापार मार्ग है। अमीर खान मुत्ताकी ने कहा, मैंने भारत के विदेश मंत्री से मुलाकात की औरअर्थव्यवस्था, व्यापार तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री ने काबुल में अपने मिशन को दूतावास स्तर पर अपग्रेड करनेकी घोषणा की और बताया कि काबुल के राजनयिक नई दिल्ली पहुंचेंगे।
तेज प्रताप ने फिर दिखाया ‘तेवर’ तेजस्वी को किया अनफॉलो, JJD से लड़ेंगे महुआ से चुनाव

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे व पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव फिर से चर्चा में हैं। इस बार कारण हैं तेजस्वी यादव। उन्होंनेनेता प्रतिपक्ष तेजस्वी को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हेंडल एक्स से अनफॉलो कर दिया है। अब उनकी फॉलोइंग लिस्ट में अब केवल पांचलोगों के नाम हैं। इनमें तीन परिवार से हैं। तेज प्रताप यादव फिलहाल पिता लालू यादव, मां राबड़ी देवी और एक बहन राज लक्ष्मी यादव को फॉलोकर हैं। इससे पहले पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव अपनी बड़ी बहन मीसा यादव और हेमा यादव को भी अन फॉलो कर चुके हैं। राजनीतिक पंडितों काकहना है कि जब से लालू प्रसाद यादव ने उन्हें परिवार और पार्टी से निष्कासित किया है, तब से वह लगातार अपने परिवार से दूरी बनाते जा रहे हैं।हाल के दिनों में कई ऐसे बयान सामने आए, जिससे साफ लगता है कि वह अपने छोटे भाई को निशाना बना रहे हैं। गुरुवार को तेजस्वी यादव ने जबहर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया तो तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कह था कि पहले राजद की सरकार बने तो। बतादें कि जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) 13 अक्तूबर (सोमवार) को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। पार्टी केसंस्थापक और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व नेता तेज प्रताप यादव ने शनिवार को यह जानकारी दी। तेज प्रताप यादव चुनाव मैदान में उतरने वालेइस मौके पर तेज प्रताप ने कहा कि मैं 13 अक्तूबर को अपने उम्मीदवारों की घोषणा करूंगा। परसों जोरदार एलान होग। मैं महुआ से चुनाव लड़ूंगा।जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अन्य पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि सब लोग मुझसे मिलने आ रहे हैं। बता दें कि राजद सेनिष्कासन के बाद तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की स्थापना की। वर्तमान में महुआ विधानसभा सीट राजद के नेता मुकेश कुमाररौशन के पास है, और इसी सीट से तेज प्रताप यादव चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं। मंच से ही प्रत्याशी को हाथ जोड़ने को कहाइससे पहले शनिवार को तेज प्रताप यादव ने गयाजी के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वजीरगंज से प्रेम कुमार को पार्टी प्रत्याशी के रूप में उतारने की घोषणा की। तेजप्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के अंदाज में मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि युवा हो, नौजवान हो ज्यादा चिल्लाओगे तोनस फट जाएगा। उन्होंने मंच से ही प्रत्याशी को हाथ जोड़ने को कहा। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव तेज प्रताप यादव खुद महुआ विधानसभा क्षेत्र सेचुनाव लड़ेंगे। यह वही सीट जिससे उन्होंने 2015 के चुनाव में राजद के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी ने मनाया 6वां स्थापना दिवस – शिक्षा मंत्री आशीष सूद

युवाओं को कौशल, उद्यमिता और रोजगार के महत्व पर दिया संदेशदिल्ली के शिक्षा, गृह, उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आज दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (DSEU) के 6वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव, विश्वविद्यालय के चांसलर, शिक्षक और छात्र भी उपस्थित थे। DSEU शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता का जीवंत मॉडलशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि वे यहां मंत्री के रूप में नहीं बल्कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से परिवर्तन का साझेदार बनकर खड़े हैं। उन्होंनेबताया कि शासन का असली अर्थ है अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना। उनका मानना है कि DSEU युवाओं को न केवल शिक्षा बल्कि कौशल औररोजगार के अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि DSEU वास्तव में स्किल इंडिया के विजन का जीवंत मॉडल है, जहां शिक्षा, रोजगार औरउद्यमिता एक साथ आगे बढ़ते हैं। आशीष सूद ने यह भी कहा कि स्किल इंडिया’ केवल एक मिशन नहीं बल्कि एक आंदोलन है जो युवाओं कोरोजगार और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने दिल्ली को स्किल कैपिटल ऑफ इंडिया बनाने के लिए ठोस कदम उठानेका संकल्प व्यक्त किया। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्पशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री देना नहीं है, बल्कि उन्हें कौशल और आत्मनिर्भरता से सशक्तबनाना और रोजगार के अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि DSEU इसी दृष्टि का परिणाम है, जो युवाओं को उद्योग कआवश्यकताओं के अनुरूपप्रशिक्षण और उद्यमिता की दिशा में सक्षम बना रही है। आशीष सूद ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि DSEU ने अल्प समय में अपने पाठ्यक्रमों, उद्योग-साझेदारी और रोजगार उन्मुख शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। शिक्षा क्षेत्र में ठोस सुधार और नवाचारशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में ठोस सुधार औरनवाचार को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े लंबित विषयों के समाधान के लिए कोर कमेटीगठित करेगी, जो समयबद्ध तरीके से समस्याओं का निस्तारण करेगी। राष्ट्रीय युवा दिवस का विशेष आयोजनशिक्ष मंत्री आशीष सूद ने यह भी घोषणा की कि अब से राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) को दिल्ली में हर वर्ष विशेष रूप से मनाया जाएगा। वर्ष2026 से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर होगा, जिसमें देशभर के विद्यार्थी, नवोन्मेषक और युवा उद्यमी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल उत्सव नहींबल्कि युवाशक्ति को राष्ट्रनिर्माण की शक्ति में बदलने का आंदोलन है। DSEU की उपलब्धियां और उद्योग साझेदारीDSEU के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार नागावत ने कहा कि विश्वविद्यालय का मूलमंत्र है Crafting Excellence, और दिल्ली सरकार काविजन है कौशल के माध्यम से उद्यमिता को सशक्त बनाना। उन्होंने बताया कि DSEU राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के सिद्धांतों को अपनाने वालादेश का पहला संस्थान है जिसने मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम लागू किया है। डॉ. अशोक कुमार नागावत ने Daikin, Blue Star, और Atkins Realis जैसी प्रमुख उद्योग इकाइयों के साथ साझेदारी का उल्लेख किया और Women Works Programme, SIDBI Super 30, औरLighthouse Project जैसे कार्यक्रमों का विवरण दिया, जो युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यरत हैं। DSEU के नए शैक्षिक साझेदार और कौशल कार्यक्रमप्रो. (डॉ.) अशोक कुमार नागावत ने यह भी घोषणा की कि Learning Links Foundation जैसे नए शैक्षिक साझेदारों के साथ मिलकर सड़कविक्रेताओं और अन्य पेशेवरों के लिए लघु अवधि के कौशल आधारित कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम युवाओं को रोजगारऔर उद्यमिता की दिशा में सशक्त बनाने में मदद करेंगे। दिल्ली युवाओं का कौशल और उद्यमिता केंद्र बनेगीशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने यह स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और रोजगार के अवसर मिलें। DSEU का 6वां स्थापना दिवस इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसने शिक्षा, कौशल औरउद्यमिता को जोड़कर दिल्ली को स्किल कैपिटल ऑफ इंडिया बनाने की दिशा में प्रेरित किया है।
कोविड के नायकों को सम्मान — मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, यह केवल चेक नहीं, कृतज्ञता का प्रतीक है

ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले 11 कर्मवीरों के परिवारों को एक–एक करोड़ की सहायता राशिदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोविड महामारी के दौरान अपने कर्तव्य का पालन करते हुए प्राण गंवाने वाले 11 सरकारी कर्मियों के परिवारों कोएक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उन कर्मवीरों की सेवा, त्याग औरसमर्पण के प्रति दिल्ली सरकार की गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक है। श्रद्धांजलि और सम्मान का संदेशदिल्ली सचिवालय में आयोजित सादे समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी व्यक्ति की जान का मूल्य कोई सरकार नहीं चुका सकती, लेकिन सरकार का कर्तव्य है कि वह ऐसे परिवारों के साथ खड़ी रहे। उन्होंने कहा कि यह राशि हमारी संवेदना और उनके बलिदान के प्रति श्रद्धांजलिका प्रतीक है। पीपल फर्स्ट नीति और सरकार की प्रतिबद्धतामुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार हमेशा पीपल फर्स्ट यानी जनता सर्वोपरि के सिद्धांत पर काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवलआर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि इन परिवारों की हर ज़रूरत में उनके साथ खड़ी रहेगी। कोविड काल में दिल्ली के सरकारी कर्मचारियों ने मानवता कीसेवा का जो उदाहरण दिया, वह इतिहास में सदा याद रहेगा। कोविड काल के वीरों के परिवारों को मिला सम्मानमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिन कर्मवीरों के परिवारों को सहायता राशि प्रदान की, उनमें शामिल हैं वी. नंगथनलियान (वाणिज्य एवं कर विभाग), राजबाला गर्ग (जीटीबी अस्पताल), बबिता (सीबीपीएसीएस), रोहन जोशी (एमसीडी), डॉ. रविंदर कुमार गोयल (डीजीएचएस), अनियम्मा रेजी(एमएएमसी), बिस्वजीत दास (डीटीसी), राजेश कुमार (शिक्षा विभाग), डॉ. नवीन राम (बीएसएफ), डॉ. विजय सिंह राजन (बीएसएफ) और अरुणसूद (डीएचएस)। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कर्मवीरों की निष्ठा और समर्पण दिल्ली के गौरवशाली इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे। पिछली सरकारों की उदासीनता पर जताया खेदमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह खेदजनक है कि पिछली सरकारों ने इन परिवारों की मदद के प्रति उदासीनता दिखाई। उन्होंने कहा कि यह राशिइन परिवारों का अधिकार था, जिसे अब सम्मानपूर्वक उन्हें सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के कठिन समय में डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी, शिक्षक और पैरामेडिकल स्टाफ दिन-रात ड्यूटी पर डटे रहे। ऐसे में वर्षों तक उनके परिवारों को उनका हक न मिलना अन्याय था, जिसे वर्तमान दिल्लीसरकार ने सुधार दिया। कोविड केवल महामारी नहीं, मानवता की परीक्षा थीमुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड केवल स्वास्थ्य संकट नहीं था, बल्कि लाखों परिवारों के लिए व्यक्तिगत त्रासदी भी था। इस कठिन समय में सरकारीकर्मचारियों ने निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की और मानवता व समर्पण की मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि कोई मुआवजानहीं, बल्कि दिल्ली सरकार की संवेदना और समर्थन का प्रतीक है। सेवा, समर्पण और सम्मान की मिसालमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज हम उन सभी दिवंगत आत्माओं को नमन करते हैं जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए प्राणों का बलिदानदिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उनके परिवारों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी रहेगी। यह कदम केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि भावनात्मक वचनहै सेवा करने वालों के प्रति सम्मान और उनके परिवारों के प्रति समर्थन का।
भारत-बारबाडोस के बीच लोकतंत्र की नई डोर — विजेंद्र गुप्ता ने की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली से सौहार्द भेंट

68वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस के अवसर पर हुआ ऐतिहासिक संवाददिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 68वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस (सीपीसी) के दौरान बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोरमोटली से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात भारत और बारबाडोस के बीच गहराते सहयोग और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को नई दिशा देने वालीसाबित हुई। कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस बना लोकतांत्रिक संवाद का सेतुबारबाडोस में आयोजित यह सम्मेलन लोकतांत्रिक विचारों, जनभागीदारी और वैश्विक सहयोग के आदान-प्रदान का एक प्रभावशाली मंच रहा। विजेंद्रगुप्ता की भागीदारी ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकतांत्रिक आदर्शों को सशक्तकरने के लिए प्रतिबद्ध है। Modi@20 पुस्तक बनी भारत की विकास यात्रा का प्रतीकइस विशेष भेंट के दौरान श्री गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोटली को Modi@20 पुस्तक भेंट की। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतकी दो दशकों की परिवर्तनकारी यात्रा को समर्पित है।गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने सुशासन, नवाचार और वैश्विक सहयोग केक्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने इस पुस्तक को भारत की नई सोच और विकास के नए युग का परिचय बताया। बारबाडोस की प्रधानमंत्री ने भारत की मित्रता को किया नमनप्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली ने भारत के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत द्वारा दी गई मदद कोयाद करते हुए कहा, भारत ने उस कठिन समय में जो सहयोग और संवेदना दिखाई, वह हमारे लिए अविस्मरणीय है। बारबाडोस भारत की उसएकजुटता को सदा स्मरण रखेगा।उनके इस भाव ने दोनों देशों के बीच मानवता और मित्रता की मजबूत डोर को और प्रगाढ़ बना दिया। साझा लोकतांत्रिक दृष्टिकोण और भविष्य की संभावनाएँगुप्ता और प्रधानमंत्री मोटली के बीच बातचीत में लोकतंत्र की सुदृढ़ता, सुशासन, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भीविचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और बारबाडोस जैसे लोकतांत्रिक राष्ट्रों को मिलकर विश्व में शांति, समानताऔर विकास के लिए योगदान देना चाहिए। शिष्टाचार भेंट बनी सहयोग की नई पहलयह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि दो मित्र देशों के बीच सहयोग, विश्वास और साझेदारी की नई पहल थी। 68वें कॉमनवेल्थपार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई यह भेंट दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहराई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। विजेंद्र गुप्ता का संदेश भारत विश्व का विश्वसनीय साथीविजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत सदैव सहयोग और सम्मान के सिद्धांत पर विश्वास करता है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत नकेवल अपनी प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है, बल्कि दुनिया के हर कोने में मानवता, लोकतंत्र और विकास का संदेश भी दे रहा है।