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बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती और दलित समाज की स्थिति – महिमा सिंह

14 अक्टूबर का दिन भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था। इसे हम ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ के रूप में याद करते हैं। यह दिन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि दलित समाज के लिए उनके अधिकारों और समानता कीलड़ाई का प्रतीक भी है। आज के समय में बाबा साहेब की याद करना इसलिए और भी जरूरी हो गया है, क्योंकि देश में दलितों के खिलाफ भेदभावऔर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दलितों के अधिकारों की रक्षा करें, लेकिन अक्सर यहजिम्मेदारी निष्क्रिय नजर आती है। दलितों के अधिकारों पर बढ़ते खतरेआज देश में मनुस्मृति से प्रेरित विचारधारा सत्ता पर काबिज है। यह विचारधारा लगातार दलितों के अधिकारों पर चोट कर रही है। सरकारी नीतियोंऔर प्रशासनिक उदासीनता के कारण दलित समाज संकट में है। हर दलित नागरिक को अपने सम्मान और अस्तित्व की रक्षा के लिए लगातार संघर्षकरना पड़ता है। यह स्थिति हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक दलित समाज को न्याय और समानता के अधिकारों के लिए लड़नाहोगा। अक्टूबर महीने में हुई दर्दनाक घटनाएंअक्टूबर की शुरुआत से ही देश में कई झकझोर देने वाली घटनाएं सामने आई हैं। 2 अक्टूबर को रायबरेली में हरिओम वाल्मिकी नामक व्यक्ति कोचोरी के झूठे आरोप में पीट-पीटकर मार डाला गया। 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की गई। 9 अक्टूबरको IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार ने खुदकुशी कर ली। ये घटनाएं न केवल समाज को हिला देने वाली हैं, बल्कि यह सवाल भी उठाती हैं कि क्यासरकार दलितों और पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा करने में सक्षम है। देशभर में दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधदेश में दलितों के खिलाफ लगातार अपराध हो रहे हैं। हाल ही में हुई घटनाएं इस गंभीर स्थिति को उजागर करती हैं। यूपी के बंथरा में एक दलितयुवती के साथ गैंगरेप हुआ। बिहार के गोपालगंज में दलित युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई। राजस्थान के सीकर में दलित युवकके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। उत्तर प्रदेश के बरेली में दलित युवती का बेरहमी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मध्य प्रदेश में सवर्ण ससुरालवालों नेदलित युवक की हत्या कर दी। गुजरात में दलित युवक को मंदिर जाने पर पीटा गया। जोधपुर में एक दलित युवक पर हमला हुआ, क्योंकि उसनेBJP नेता का स्वागत नहीं किया। इन घटनाओं को देखकर यह स्पष्ट होता है कि देश में दलित समाज को सुरक्षा और न्याय मिलने में गंभीर बाधाएंहैं। सवाल जो हर नागरिक के मन में उठते हैंइन घटनाओं के बाद कई सवाल उठते हैं। क्या महात्मा गांधी और बाबा साहेब के सपनों वाला भारत अब अपराधियों को संरक्षण दे रहा है? क्यासमानता केवल इतिहास की बात बन गई है? क्या नरेंद्र मोदी का ‘अमृतकाल’ वास्तव में दलितों के लिए ‘शापित काल’ बन गया है? आखिर क्योंप्रधानमंत्री और गृह मंत्री पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गए? क्यों देश के मुख्य न्यायाधीश से बात करने में इतनी देर हुई? बाबा साहेब की याद और हमारी जिम्मेदारी14 अक्टूबर केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दलित समाज के अधिकारों की रक्षा और न्याय के लिए सतत प्रयासकरना कितना जरूरी है। बाबा साहेब अंबेडकर ने अपने जीवन में सामाजिक समानता और न्याय के लिए संघर्ष किया। आज हमें उनके आदर्शों को यादकरते हुए यह देखना चाहिए कि क्या हमारा देश उनके सपनों का भारत बना रहा है।

अरविंद गर्ग ने चाँदनी चौक की बदहाली पर जताई चिंता – भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

चाँदनी चौक क्षेत्र में खराब सड़कें, जर्जर बुनियादी सुविधाएँ और बढ़ता प्रदूषण जनता के लिए भारी परेशानी बन गया है। इसी को लेकर भाजपाकार्यकर्ताओं ने आज क्षेत्रीय आप विधायक के विरुद्ध मोरी गेट के पास धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन स्थानीय जनता और व्यापारियों की लगातारबढ़ती समस्याओं को उजागर करने के लिए किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं को शीशगंज गुरुद्वारा के सामने विधायक कार्यालय की ओर जाने सेदिल्ली पुलिस ने क्लाथ मार्किट और फतेहपुरी के समीप रोक दिया। धरने का नेतृत्व और प्रमुख नेताइस प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष और पूर्व पार्षद अरविंद गर्ग ने किया। उनके साथ प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर, जिला प्रभारी राजेश भाटिया, मंडल अध्यक्ष रोहित शर्मा, जिला महामंत्री सोढ़ी, जिला पदाधिकारी सुनील शर्मा, अशोक शर्मा गुड्डन, अशोक तोमर, गोपाल गर्ग और दीपक महेन्द्रसहित कई अन्य प्रमुख नेता मौजूद थे। अरविंद गर्ग ने कहा कि चाँदनी चौक के हालात बहुत चिंताजनक हैं। वर्तमान आप विधायक और उनके पिता1998 से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके बावजूद चाँदनी चौक के नागरिक और व्यापारी आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंनेकहा कि 27 सालों तक सत्ता में रहने के बाद भी इस क्षेत्र में कोई ठोस विकास नहीं हुआ। चाँदनी चौक के नागरिक और व्यापारी परेशानप्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि चाँदनी चौक में आम जनता पीने के साफ पानी के लिए परेशान है। छोटे व्यवसाय करने वाले और स्वरोजगार पर निर्भरलोग अपने काम के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आप विधायकों ने पटरियों पर मुस्लिम समाज के ठिये लगा दिए हैं, जिससेव्यापारियों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके बावजूद चारों विधायक मदमस्त हैं और क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। राजेश भाटिया ने कहा कि पुरानी दिल्ली की स्थिति पहले कांग्रेस और अब केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में लगातार बिगड़ी है। उन्होंने कहा किचाँदनी चौक देश का सबसे अधिक रेवेन्यू देने वाला क्षेत्र है, लेकिन आज इसकी हालत एक स्लम से भी बदतर हो गई है। भाजपा का संदेश – जनता के हक के लिए संघर्षभाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि चाँदनी चौक की जनता और व्यापारी पिछले कई सालों से सड़क, सफाई, पानी और सुरक्षा जैसी मूलभूतसमस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनका यह प्रदर्शन क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया। भाजपा नेताओं काकहना है कि यदि प्रशासन और विधायक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तो जनता को अपने हक़ के लिए और बड़े आंदोलन की आवश्यकता होगी। सड़क और यातायात की समस्याएं गंभीरचाँदनी चौक की मुख्य सड़कें संकरी और असमान हैं। भारी ट्रैफिक और रोज़ाना गुजरने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे नकेवल लोगों का समय बर्बाद होता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और प्रदूषण के खतरे भी बढ़ते हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने इनसमस्याओं की अनदेखी की है और नागरिकों की आवाज़ को नजरअंदाज किया है। व्यापारियों और गरीब वर्ग की परेशानीचाँदनी चौक में छोटे दुकानदार और स्वरोजगार पर निर्भर लोग लगातार आर्थिक दबाव में हैं। पटरियों पर लगाए गए ठिये उनके काम को प्रभावित कररहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि पुराने और मौजूदा प्रशासन ने केवल वोट बैंक की राजनीति की, लेकिन क्षेत्र का विकास और आर्थिक सुधार नहींकिया। भाजपा की मांग – विकास और सुरक्षाभाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश दिया कि चाँदनी चौक के नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।उनका कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण, जाम से मुक्ति और प्रदूषण कम करना अब प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कियदि प्रशासन ने आवश्यक कदम नहीं उठाए, तो जनता और संगठन अधिक सशक्त आंदोलनों के लिए तैयार हैं।

समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह का बड़ा कदम – उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में यातायात सुधार के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री को लिखा पत्र

बेहतर और सुरक्षित यातायात के लिए पहलदिल्ली सरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के प्रभारी रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने क्षेत्रमें यातायात की स्थिति को सुधारने और प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह को पत्र लिखकरबवाना से लेकर औचंदी बॉर्डर तक की सड़कों के चौड़ीकरण, सीमांकन और फ्लाईओवर निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। जीटी करनाल रोड का चौड़ीकरण और सीमांकन होगासिंह ने अपने पत्र में कहा कि जीटी करनाल रोड उत्तर-पश्चिमी दिल्ली का एक प्रमुख मार्ग है, जो औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय इलाकों को जोड़ताहै। इस सड़क से रोज़ाना सैकड़ों भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे अक्सर ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि यह सड़ककई स्थानों पर संकरी और असमान है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंत्री ने सुझाव दिया कि इससड़क का सीमांकन, चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। डीएसआईआईडीसी कट से राजीव गाँधी स्टेडियम तक बनेगा नया फ्लाईओवरअपने पत्र में समाज कल्याण मंत्री ने ग्रामीण गौशाला के पास डीएसआईआईडीसी कट से राजीव गाँधी स्टेडियम तक फ्लाईओवर बनाने की भीसिफारिश की है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या बन गया है। लोगों को घंटों तक जाम में फँसना पड़ता है, जिससेप्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है। फ्लाईओवर बनने से न केवल यातायात सुचारू होगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण औरयात्रा समय दोनों में कमी आएगी। मंगोलपुरी चौक से कंझावला तक बने फ्लाईओवर की मांगरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने अपने पत्र में मंगोलपुरी चौक (आउटर रिंग रोड) से लेकर कंझावला तक फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर रोज़ाना भारी ट्रैफिक जाम लगता है, जिससे लोगों को दफ्तर और काम पर जाने में काफी परेशानी होती है। उन्होंनेपीडब्ल्यूडी मंत्री से इस दिशा में त्वरित कार्यवाही करने की अपील की ताकि इस क्षेत्र के लोगों को जाम और प्रदूषण से राहत मिल सके। लोगों की मांगों को प्राथमिकता दे रही है दिल्ली सरकारसमाज कल्याण मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार नागरिकों की समस्याओं को सुन रही है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। जनसुनवाई मेंबार-बार लोगों द्वारा उठाई जा रही यातायात संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि पीडब्ल्यूडीविभाग जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगा ताकि उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के लोगों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था मिल सके। जाम मुक्त, प्रदूषण रहित और सुगम यातायातरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि इन सभी प्रस्तावित निर्माण कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र को जाम-मुक्त, प्रदूषण रहित और तकनीकी रूप से उन्नत यातायातप्रणाली प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार जनता के सहयोग से उत्तर-पश्चिमी दिल्ली को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए निरंतरप्रयासरत है।

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला – पानी के बिलों में लेट पेमेंट सरचार्ज की 100% माफी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दी राहत, कहा यह दिल्लीवासियों के लिए दीपावली का उपहारदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के लोगों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि दिल्ली जल बोर्ड अब पानी के बिलों में लगने वालालेट पेमेंट सरचार्ज पूरी तरह माफ करेगा। इसके साथ ही, जिन्होंने अब तक अपने अनाधिकृत पेयजल या सीवर कनेक्शन को नियमित नहीं कराया है, उन्हें भी भारी छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली में कोई भी परिवार पानी की मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे। इसयोजना के तहत सरकार लगभग 11 हजार करोड़ रुपये का लेट पेमेंट सरचार्ज माफ करने जा रही है। वहीं, जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने इसेदिल्लीवासियों के लिए दीपावली का तोहफ़ा बताया और कहा कि सरकार का लक्ष्य जल बोर्ड की व्यवस्था को जनहित में अधिक पारदर्शी औरप्रभावी बनाना है। 31 जनवरी 2026 तक बिल जमा करने वालों को पूरी छूटमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड की नई योजना के अंतर्गत जो उपभोक्ता अपने पुराने बकाया बिल 31 जनवरी 2026 तक जमाकरेंगे, उन्हें लेट पेमेंट सरचार्ज पर 100 प्रतिशत माफी दी जाएगी। इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जो वर्षों से अपने पुराने बिलों के कारणपरेशान थे। उन्होंने कहा कि बिलों का भुगतान एकमुश्त या किस्तों में किया जा सकेगा। अगर उपभोक्ता 31 जनवरी 2026 तक भुगतान नहीं करपाते, तो 1 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक जमा करने पर उन्हें 70 प्रतिशत सरचार्ज माफी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सीमित समय केलिए दी जा रही अंतिम योजना है, ताकि लोग समय पर बिल भरने के प्रति जागरूक हों।रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार चाहती है कि हर उपभोक्ता इसअवसर का लाभ उठाए और जल बोर्ड की वित्तीय स्थिति को भी मजबूत बनाए। अनाधिकृत जल और सीवर कनेक्शनों पर बड़ी राहतमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली में जो लोग बिना अनुमति जल या सीवर कनेक्शन का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें अब नियमित करने का एकऔर मौका दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोग जागरूकता की कमी या आर्थिक कारणों से अब तक अपने कनेक्शन वैध नहीं करवा पाए थे।नई अनाधिकृत जल एवं सीवर कनेक्शन नियमितीकरण योजना 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत लोगों को भारी राहत दी गईहै। अब घरेलू जल कनेक्शन के लिए लगभग 25 हजार रुपये की जगह सिर्फ एक हजार रुपये की टोकन पेनल्टी देनी होगी, जबकि गैर-घरेलू कनेक्शनके लिए 61 हजार रुपये की जगह पाँच हजार रुपये का भुगतान करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना उन सभी परिवारों के लिए राहत लेकरआई है जो वर्षों से जल बोर्ड की नियम प्रक्रिया से बाहर थे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह इस तरह की अंतिम योजना होगी और इसके बाद जोभी उपभोक्ता अपने कनेक्शन नियमित नहीं कराएंगे, उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे। तकनीकी सुधारों से जल बोर्ड को मिली नई दिशामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना लागू करने से पहले दिल्ली जल बोर्ड ने अपनी तकनीकी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया है। पिछलीसरकार के कार्यकाल में जल बोर्ड का रेवेन्यू मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर खराब हो गया था, जिससे बिलिंग प्रणाली रुक गई थी और नए उपभोक्ता जोड़ने मेंदिक्कतें आई थीं। अब जल बोर्ड ने नई सॉफ्टवेयर प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और सभी तकनीकी खामियों को दूर कर लिया गया है। साथ ही, जल बोर्ड के राजस्व कार्यालयों का पुनर्गठन किया गया है। अब हर दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक राजस्व कार्यालय बनाया गया है ताकिउपभोक्ताओं को समय पर बिल और सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, डिप्टी डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दीगई है ताकि प्रत्येक क्षेत्र की निगरानी सख्ती से की जा सके। जनहित में लिया गया निर्णयइस अवसर पर जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सरकार ने यह कदम जनहित में उठाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना से जल बोर्ड कोआर्थिक नुकसान जरूर होगा, लेकिन इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को यह योजना दीपावली काउपहार है। जल मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार जल बोर्ड को आधुनिक और जवाबदेह संस्था के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि हमसीवर सिस्टम को मज़बूत बना रहे हैं और यमुना नदी को स्वच्छ व निर्मल करने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ जलमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी के हर घर तक स्वच्छ, सुरक्षित और निर्बाध पानी पहुंचाना है। उन्होंने कहा किसरकार जल बोर्ड की व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनकेन्द्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई बिलिंग प्रणाली, जवाबदेह राजस्वप्रबंधन और 34 नए डिविज़न के गठन के माध्यम से राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक तकनीक-सक्षम रूप दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री नेकहा कि यह योजना सिर्फ राहत देने के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली को जल संकट से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

आनंदु अजी के लिए न्याय की मांग में RSS के खिलाफ विरोध प्रदर्शन – उदय भानु चिब

RSS शाखाओं में बच्चों के साथ शोषणभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने आज केरल के 26 वर्षीय इंजीनियर आनंदु अजी के लिए न्याय दिलाने को लेकर RSS केखिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उदय भानु चिब ने कहा कि RSS की शाखाएँ अब शोषण का अड्डा बन चुकी हैं और उनका असली चेहराअब पूरे देश के सामने आना चाहिए। आनंदु अजी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने दर्द को साझा किया था, जो समाज के लिए चेतावनी है। बेटों की सुरक्षा की भी जरूरतउदय भानु चिब ने सवाल उठाया कि पहले भाजपा नेताओं से बेटी बचाओ की बात होती थी, अब RSS के लोगों से बेटे बचाओ की जरूरत है। उन्होंनेबताया कि RSS के ट्रेनिंग कैंप्स में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएँ हो रही हैं। आनंदु अजी ने अपनी पोस्ट में बार-बार RSS का नाम लिया, लेकिन FIR में इसका नाम तक दर्ज नहीं हुआ। न्याय की मांग और जांच की जरूरतउदय भानु चिब ने कहा कि आनंदु अजी ने अपने बचपन से लेकर युवावस्था तक इस लड़ाई से जूझते रहे, लेकिन अंत में उन्होंने आत्महत्या कर ली।उन्होंने सरकार से मांग की कि RSS की तुरंत जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले। यही तरीका है कि ऐसे संगठनों का असली सच सामने आएऔर आनंदु अजी जैसे बच्चों को न्याय मिल सके। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने किया अवरोधप्रदर्शन में कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इसमें राष्ट्रीय महासचिव और दिल्ली प्रभारी खुशबू शर्मा, राष्ट्रीय सचिव और हरियाणा प्रभारीसत्यवान गहलोत, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निशित कटारिया और कई अन्य कार्यकर्ताशामिल थे। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई और उदय भानु चिब समेत कई कार्यकर्ताओं को अस्थायी रूप से डिटेन कर लिया। युवा कांग्रेस का संदेशउदय भानु चिब ने कहा कि आनंदु अजी जैसी त्रासदियों को रोकना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस बच्चों केखिलाफ होने वाले दुष्कर्म और अन्य अपराधों को उजागर करती रहेगी और न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करेगी। समाज के लिए चेतावनीउदय भानु चिब ने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक समाज में इस तरह की घटनाओं का डर बना रहेगा। उन्होंने कहाकि आनंदु अजी और ऐसे लाखों बच्चों को न्याय दिलाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

एमटीएस कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में आम आदमी पार्टी का जोरदार विरोध प्रदर्शन – अंकुश नारंग

काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शनआम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने हड़ताल पर बैठे एमटीएस और सीएफडब्ल्यू कर्मचारियों के समर्थन में एमसीडी सदन में काली पट्टी बांधकरविरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कर्मचारियों की समान वेतन और अन्य मांगों को पूरा करने के लिए किया गया। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्वमें आप पार्षदों ने कर्मचारियों के हक के लिए अपनी आवाज़ उठाई।दिल्ली में बढ़ रहे डेंगू-मलेरिया के मामलों पर सवालअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में डेंगू और मलेरिया के मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार को दिल्लीवासियों की कोई चिंता नहीं है।उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई ठप है और जनता की सुरक्षा खतरे में है। चार इंजन की भाजपा सरकार पर आरोपअंकुश नारंग ने कहा कि चार इंजन की भाजपा सरकार दिल्ली को लूटने और मेहनतकश कर्मचारियों का हक़ चुराने में लगी हुई है। भाजपा सरकार औरमहापौर ने निगम को अपनी लूट का अड्डा बना दिया है। कर्मचारियों का प्रदर्शन और भूख हड़ताल इसका साफ़ उदाहरण है। निजी बिल पेश किया गया, लेकिन भाजपा ने रोकाअंकुश नारंग ने एमटीएस कर्मचारियों की मांगों को तुरंत पूरा करने के लिए प्राइवेट बिल सदन में पेश किया, लेकिन भाजपा ने इसे स्वीकार नहीं किया।उन्होंने कहा कि एमसीडी कमिश्नर के जरिए बिल लाना मुश्किल था, इसलिए प्राइवेट बिल लाना पड़ा। यह दिखाता है कि भाजपा की नियत न तोकर्मचारियों के हक में है, न ही दिल्लीवासियों की सुरक्षा में। कर्मचारियों की भूख हड़ताल और जनता की परेशानीपिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने दशहरा, करवा चौथ और नवरात्रि की अष्टमी सड़क पर बिताई। अंकुश नारंग ने चेतावनी दी कियदि भाजपा इसी तरह काम करती रही, तो दिल्ली की दिवाली भी काली रहेगी। कर्मचारियों की मांगें हैं बेसिक वेतन में डीए और न्यूनतम ग्रेड पे27,900 रुपये समान वेतन। जनता के टैक्स का दुरुपयोग और गवर्नेंस की कमीअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली का निगम जनता के टैक्स से चलता है, लेकिन भाजपा सरकार और महापौर ने निगम को अपनी लूट का अड्डा बनादिया है। कर्मचारी सड़क पर हैं, सफाई ठप है, और भाजपा नेताओं ने उनकी बात सुनने तक की जहमत नहीं उठाई।

रवि शंकर प्रसाद की टिप्पणी – बिहार में कानून और व्यवस्था पर गंभीर सवाल

आज कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए हैं। यह फैसला बिहार की राजनीति और प्रशासनिकव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। रवि शंकर प्रसाद ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह घटनाक्रम बिहार में कानून और न्याय की स्थितिपर गंभीर सवाल उठाता है। आरोपों की गंभीरतारवि शंकर प्रसाद ने बताया कि आरोप बहुत गंभीर हैं। इनमें शामिल हैं सरकारी संपत्ति के आवंटन में भ्रष्टाचार, सरकारी निर्णय प्रक्रिया में गड़बड़ी औरआपसी साजिश। इसके अलावा, अदालत ने 420 का आरोप भी तय किया है। 420 का मतलब है धोखाधड़ी, जिसकी सजा भारतीय कानून के तहतसात साल तक की हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि बिहार में जनता और सरकारी संपत्ति के बीच भरोसा कमजोर हुआ है। भ्रष्टाचारऔर धोखाधड़ी से जनता का विश्वास खतरे में है और इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है। बिहार की राजनीति और प्रशासन की चुनौतीरवि शंकर प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि बिहार की राजनीति और प्रशासन के लिए यह समय सोचने और सुधार करने का है। जनता के बीच यहसंदेश जाना चाहिए कि कोई भी सरकारी पद का दुरुपयोग नहीं कर सकता। प्रशासन को निष्पक्ष रहकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भ्रष्टाचार औरधोखाधड़ी के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मामले बिहार के विकास और जनता की भलाई के लिए बहुत हीनकारात्मक हैं। जब नेता और जिम्मेदार लोग ही कानून का पालन नहीं करते, तो आमजन के लिए विश्वास बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। जनता के लिए संदेशरवि शंकर प्रसाद ने जनता से अपील की कि वे इस मामले पर सतर्क रहें और अपनी जागरूकता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझनाहोगा कि सरकारी पदों का दुरुपयोग सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास में बाधा डालता है। उन्होंने स्पष्ट किया किअगर बिहार को आगे बढ़ाना है, तो सभी को मिलकर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठानी होगी। इस मामले में अदालत का फैसलाएक उदाहरण है कि कानून सबके लिए समान है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा संकट – बसुरी स्वराज

पश्चिम बंगाल के एक निजी मेडिकल कॉलेज में दलित छात्रा के साथ हाल ही में हुई घिनौनी वारदात ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया है। छात्रा केसाथ गैंगरेप की यह घटना राज्य में कानून और व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है। राज्य की मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ममता बनर्जी कीजिम्मेदारी है कि वे अपने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। लेकिन इस गंभीर घटना के बाद उनका बयान बेहद विवादित रहा। उन्होंने कहाकि महिलाओं को देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए। इस बयान ने न केवल पीड़िता को अपमानित किया, बल्कि यह दर्शाता है कि राज्य सरकार कीसंवेदनहीनता और महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान न देने की प्रवृत्ति कितनी गंभीर है। दुर्गापुर की घटना और प्रशासन की नाकामीहाल ही में दुर्गापुर में हुई निर्मम घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। राज्य की नीतियाँ और प्रशासनिकसंवेदनहीनता आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, को भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर कर रही हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि ममता बनर्जीने हमेशा माँ, माटी और मानुष का नारा लगाया है। लेकिन उनके कुशासन के कारण आज माँ शर्मिंदा, माटी लहूलुहान और मानुष बेहाल है। राज्य मेंकानून और सुरक्षा की प्रणाली महिलाओं को आश्वस्त नहीं कर पा रही है। तृणमूल कांग्रेस और महिलाओं के प्रति रवैयातृणमूल कांग्रेस का रवैया लगातार पिछड़ी सोच का प्रतीक बनता जा रहा है। ममता बनर्जी ने पहले भी कई गंभीर मामलों में महिलाओं के साथ हुएअत्याचार को सामान्य या झूठा साबित करने की कोशिश की है। पार्क स्ट्रीट गैंगरेप मामले में उन्होंने पीड़िता पर शक जताया और इसे झूठा बताने की कोशिश की। 2022 में एक 14 वर्षीय बच्ची के साथ हुए अत्याचार को उन्होंने गलत प्रेम संबंध कहकर मामूली कर दिया। संडेखली की घटना में जबउनके नेताओं ने कई महिलाओं पर हमला किया, तब भी उन्होंने इसे नकारते हुए कहा कि कुछ नहीं हुआ। यह सभी उदाहरण यह स्पष्ट करते हैं कि राज्यसरकार और तृणमूल कांग्रेस की नीतियाँ महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनहीन हैं। समाज और सरकार की जिम्मेदारीअब समय है कि समाज और सरकार मिलकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। महिलाओं को डर और असुरक्षा के माहौल में जीने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार को अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा और ऐसे मामलों में त्वरित और कड़ा कदम उठाना होगा।सुरक्षा, सम्मान औरन्याय केवल कानून का सवाल नहीं है, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना और उनके अधिकारों कीरक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

आनंदु अजी की त्रासदी समाज को सच सुनाना जरूरी – पवन खेड़ा

केरल में 26 साल के इंजीनियर आनंदु अजी ने हाल ही में आत्महत्या कर ली। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत दुख है, बल्कि पूरे समाज के लिएचेतावनी भी है। AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि आनंदु की कहानी एक त्रासदी है और उनकी आखिरी पोस्टसमाज को सुनाना बहुत जरूरी है। आनंदु ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने दर्द को स्पष्ट रूप से बयां किया था। पवन खेड़ा ने कहा कि यह आखिरीपोस्ट आनंदु की आखिरी चीख है, और इसे अनसुना करना समाज के लिए पाप के समान होगा। मासूम बच्चों के साथ हो रहे अत्याचार का सचपवन खेड़ा ने बताया कि आनंदु की कहानी केवल उनकी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि RSS की शाखाओं में कई मासूम बच्चों के साथ यौनउत्पीड़न हो रहा है। एक उदाहरण उन्होंने साझा किया कि एक चार साल के बच्चे के पिता ने भरोसा कर उसे RSS की शाखा में भेजा ताकि वह कुछअच्छा सीखे, लेकिन वहां उसके साथ गलत काम हुआ। यह बहुत ही दर्दनाक है और समाज को इस पर ध्यान देना चाहिए। आनंदु ने बताया किRSS के प्रशिक्षण कैंप्स में अनेक बच्चों के साथ अत्याचार और यौन उत्पीड़न हो रहा है। RSS का पर्दे के पीछे का सचपवन खेड़ा ने कहा कि RSS खुद को समाज सुधारने वाला संगठन दिखाता है, लेकिन असलियत कुछ और ही है। यह संगठन न तो पंजीकृत है और नही इसके पास सदस्यता रजिस्टर का कोई रिकॉर्ड है। ऐसे में जब आनंदु जैसे उदाहरण सामने आते हैं, तो पता चलता है कि पर्दे के पीछे RSS काअसली चेहरा सड़ा हुआ और खतरनाक है। पवन खेड़ा ने कहा कि समाज को जागरूक करना अब हमारी जिम्मेदारी है, ताकि बच्चों के साथ होने वालेअत्याचार को रोका जा सके। आनंदु की आखिरी पोस्ट और दर्दनाक सचपवन खेड़ा ने बताया कि आनंदु ने अपनी सुसाइड पोस्ट में कई बार RSS का नाम लिखा, लेकिन FIR में इसका नाम तक नहीं लिया गया। आनंदु नेअपने बचपन से 22 साल तक उस दर्द और अत्याचार से लड़ाई लड़ी, लेकिन अंत में हार मान ली और जान दे दी। उन्होंने अपनी मां और बहन से माफीमांगी और लिखा कि उनका सबसे प्यारा रिश्ता मां और बहन के साथ था। पवन खेड़ा ने कहा कि इस संगठन में भेड़ की खाल में भेड़िए छिपे हुए हैं।100 साल मनाए जा रहे हैं, सिक्का जारी किया जा रहा है, डाक टिकट जारी हो रहा है, लेकिन अंदर कुछ और ही चल रहा है। समाज को जागरूक करने की आवश्यकतापवन खेड़ा ने साझा किया कि जब वे छोटे थे, तो उनकी दादी कहती थी कि मोहल्ले के पार्क में मत जाना, वहां RSS की शाखा लगती है। अब उन्हेंसमझ में आया कि वहां बच्चों के साथ क्या होता था। पवन खेड़ा ने कहा कि अगर हम आनंदु अजी और ऐसे लाखों बच्चों को न्याय दिलाना चाहते हैं, तो हमें इस संगठन को सार्वजनिक रूप से उजागर करना होगा। समाज और सरकार दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करें कि बच्चों के साथ होने वालेअत्याचार को कोई नजरअंदाज न करे। RSS की जांच और कड़ी सजा की मांगपवन खेड़ा ने जोर देकर कहा कि RSS की पूरी जांच होनी चाहिए और आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। इससे समाज में यह संदेश जाएगाकि ऐसे संगठन और उनके नेता बच्चों के साथ होने वाले अत्याचार के लिए बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई में हर नागरिक औरसंस्था का सहयोग जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी बच्चा ऐसे अपराधों का शिकार न बने।

दिल्ली को ड्रग फ्री बनाने का संकल्प – समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज

दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने नशामुक्ति अभियान की समीक्षा औररणनीति के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और मंत्री ने सभी को निर्देश दिए कि नशे सेप्रभावित क्षेत्रों को जल्द से जल्द नशामुक्त बनाया जाए। रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि नशामुक्त किए गए पॉकेट्स और क्लस्टर्स पूरे दिल्ली के लिएउदाहरण बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद समय-समय पर इन क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे ताकि अभियान सही दिशा में आगे बढ़े। नशा मुक्त पॉकेट्स और क्लस्टर्स के लिए विशेष अभियानमंत्री रविन्द्र इन्द्राज ने दिल्ली पुलिस और ड्रग्स कंट्रोल विभाग को निर्देश दिए कि वे अन्य विभागों के सहयोग से नशे से प्रभावित क्षेत्रों में विशेषअभियान चलाएँ। उन्होंने कहा कि पुलिस नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बीट अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें और चयनित डार्क स्पॉट्स की सूची साझाकरके सघन निगरानी करें। मंत्री ने यह भी कहा कि समाज कल्याण विभाग को जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे। इसके लिए पुलिस-प्रशासन, वॉलंटियर्स और एनजीओ के सहयोग से युवाओं और किशोरों को नशे से दूर रखने के प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को नशामुक्त रखने में यूथ आइकनऔर अभिभावकों का सहयोग बेहद जरूरी है। स्कूल और कॉलेज परिसरों में नशा रोकथामरविन्द्र इन्द्राज ने शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूल और कॉलेज परिसरों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू और नशीले उत्पादोंकी बिक्री पर रोक लगाई जाए और सख्त निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान अपने परिसरों में नशा मुक्ति क्लब बनाएं और ड्रग फ्रीकैंपस घोषित करें। मंत्री ने जोर देकर कहा कि छात्रों को नशे से बचाना और जागरूक करना परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। ड्रग फ्री दिल्ली और भारत के लक्ष्य को साकार करने के निर्देशसमाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे नशामुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली को नशामुक्त बनाने औरपुनर्वास सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में विकसित दिल्ली संकल्प को पूरा करने के लिए नशा मुक्त अभियान सरकार कीप्राथमिकता है। मंत्री ने मेडिकल स्टोर्स और अन्य दुकानों पर नशीले उत्पादों की बिक्री की सख्त निगरानी करने और पार्क और सार्वजनिक स्थलों में नशेके दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिए। सभी विभागों ने दी अभियान की जानकारीबैठक में डीएम, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर और समाज कल्याण विभाग केअधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में अभियान की प्रगति और गतिविधियों के बारे में मंत्री को जानकारी दी। रविन्द्र इन्द्राज ने सभीविभागों को निर्देश दिए कि वे मिलकर काम करें और दिल्ली को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि नशामुक्त अभियान केवलकानून या कार्रवाई से नहीं, बल्कि जागरूकता और समाज के सहयोग से सफल होगा।