शशि थरूर का अमेरिका पर तीखा हमला टैरिफ, H-1B वीज़ा, और पाक-सऊदी समझौते पर खुलकर बोले

कांग्रेस सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने अमेरिका की नीतियों पर कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एच-1बी वीजा शुल्कवृद्धि, अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ, पाकिस्तान-अमेरिका रिश्ते और पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौते पर विस्तार से अपनीबात रखी है. एएनआई से बातचीत के दौरान शशि थरूर ने अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ को न्यायहीन करार दिया उन्होंने कहा किट्रंप मानते हैं कि टैरिफ उनकी समस्याओं का समाधान हैं. ‘ट्रंप का मानना है कि कई चीजें जो पहले अमेरिका में बनती थीं, अब बाहर से आयात हो रहीहैं वह चाहते हैं कि आयात महंगा हो, ताकि अमेरिकी कंपनियां अपने देश में उत्पादन करें और अमेरिकी मजदूरों को रोजगार दें दूसरा कारण यह है किट्रंप मानते हैं कि टैरिफ से उनकी सरकार को हर महीने अरबों डॉलर का राजस्व मिलेगा, जिससे अमेरिका का भारी घाटा कम होगा’ थरूर ने कहा कि इसफैसले से भारत में गुस्सा बढ़ा है और ट्रंप व उनके सलाहकारों के बयान बेहद आपत्तिजनक हैं. मेरिकी मदद से हुई थी कई पाकिस्तानी अफसर अमेरिका में ट्रेनिंगशशि थरूर ने आगे यह भी कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका गए हैं और वहां बातचीत चल रही है ‘अगर पहले 25% टैरिफ को 15-19% या अधिकतम 20% तक लाया जा सके, तो कारोबार फिर सामान्य हो सकता है लेकिन दूसरा 25% राजनीतिक मामला है और इसे सुलझानामंत्री के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।’ उन्होंने माना कि यह भारत के लिए फिलहाल झटका है, लेकिन लंबे समय में भारत-अमेरिका संबंध संतुलित होजाएंगे. शशि थरूर ने कहा कि अमेरिका में एच-1बी वीजा का शुल्क 1 लाख डॉलर करने का फैसला घरेलू राजनीति से प्रेरित है उन्होंने कहा, ‘डोनाल्डट्रंप को लगता है कि एच-1बी वीजा के कारण अमेरिकी कंपनियां कम वेतन पर भारतीयों को नौकरी देती हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों को नुकसानहोता है इसी वजह से यह शुल्क इतना बढ़ा दिया गया है कि कंपनियों के लिए लो-एंड नौकरियां देना मुश्किल हो जाए. इससे सिर्फ वे लोग जाएंगे जोबेहद जरूरी और अपरिहार्य हैं’ थरूर ने इसे अव्यावहारिक बताया और कहा कि कई अमेरिकी कंपनियां अब सीधा आउटसोर्सिंग का रास्ता चुनेंगी, जिससे नौकरियां अमेरिका के बजाय भारत या अन्य देशों में जाएंगी. वहीं अमेरिका और पाकिस्तान की नजदीकी पर शशि थरूर ने कहा कि भारत कोयह याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान अमेरिका का पुराना सहयोगी रहा है ‘हम भूल गए थे कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते कितने गहरे हैंआईएसआई की स्थापना भी अमेरिकी मदद से हुई थी कई पाकिस्तानी अफसर अमेरिका में ट्रेनिंग ले चुके हैं. वॉशिंगटन ने इस्लामाबाद को समझायाआतंकवादी जो पाकिस्तान भारत के खिलाफ भेजता है, वे अमेरिका को नहीं बल्कि पाकिस्तान सरकार और सेना को भी निशाना बनाते हैं इसलिएअमेरिका का पाकिस्तान से रिश्ता, भारत से अलग है’ उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह स्थिति खराब दिखती है, लेकिन यह पुराना इतिहास है औरइसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था किअमेरिका ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने में भूमिका निभाई ‘हमने किसी से मध्यस्थता नहीं मांगी। हमारा संदेश साफ था, वे रुकेंगे तो हमभी रुकेंगे लेकिन अगर वॉशिंगटन ने इस्लामाबाद को समझाया कि हमला न करें, तो इसके लिए हमें आभार जताना चाहिए’ उन्होंने यह भी साफ कियाकि भारत किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता. पाकिस्तान और सऊदी अरब के रक्षा समझौते को लेकर शसि थरूर ने कहा कि यहनया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रही व्यवस्था का औपचारिक रूप है उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान लंबे समय से खुद को मुस्लिम दुनिया की सुरक्षाशक्ति के रूप में प्रस्तुत करता आया है। हमें अधिक प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए लेकिन यह बात चिंताजनक है कि समझौते में कहा गया है कि एकदेश पर हमला, दोनों पर हमला माना जाएगा. उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय कूटनीतिज्ञ इस मामले पर सऊदी अरब से बातचीत कर रहे होंगे ‘हमेंयह भी समझना चाहिए कि दुनिया की हर नीति भारत को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जाती न ट्रंप की हर नीति सिर्फ भारत के लिए होती है और न हीसऊदी की हमें व्यापक दृष्टिकोण रखना चाहिए.
बिहार की बेटियों को मिली नई उड़ान, 75 लाख महिलाओं के खातों में पहुंची आत्मनिर्भरता की पहली किस्त

26 सितंबर 2025 का दिन बिहार की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन साबित होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कर कमलों से ऑनलाइऩ रहकरमुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को पहली किस्त 10-10 हजार रु की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजेंगे. इसऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बतौर मुख्य अतिथि के रुप में सम्मिलित होंगे बता दें कि ₹7,500 करोड़ यह राशि केवलआर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई शुरुआत है सिलाई-बुनाई, खेती या पशुपालन जैसे छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने केलिए शुरू की गई यह पहल बिहार की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने वाली साबित हो सकती है. महिला रोजगार योजना का मूल उद्देश्यमहिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है.योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए महिलाओं का जीविका स्वयं सहायता समूहइस पहल से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी, बल्कि वे अपने परिवार और समाज में भी सम्मानजनक स्थान हासिल कर सकेंगी खास बातयह है कि रोजगार शुरू करने के बाद महिलाओं को उनके व्यवसाय की प्रगति के आधार पर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दीजाएगी यह कदम महिलाओं को लंबे समय तक मज़बूत आर्थिक आधार देने में सहायक साबित होगा. महिला रोजगार योजना का लाभ केवल वहीमहिलाएं उठा सकती हैं, जो बिहार की स्थायी निवासी हों. इसमें राज्य की ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल हैं योजना के तहतआर्थिक सहायता पाने के लिए महिलाओं का जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ा होना अनिवार्य है हालांकि, जिन महिलाएं अभी तकजीविका से नहीं जुड़ी हैं, उनके लिए भी यह अवसर खुला है. अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन सकेंउन्हें पहले स्वयं सहायता समूह की सदस्यता लेनी होगी। सदस्य बनने की प्रक्रिया सरल रखी गई है. इसके लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरना होगा औरआधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रियाको बेहद सरल और सुगम बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सीधे अपने ग्राम संगठनया जीविका समूह के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। वहां समूह की प्रतिनिधि उन्हें फॉर्म भरने और दस्तावेज जमा करने में सहयोग करेगी शहरी क्षेत्रकी महिलाएं जीविका की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में फॉर्म भरने के बादआवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी. इस योजना से बिहार के करोड़ों परिवारों की महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा, जिससे राज्यकी अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा स्वरोजगार और वित्तीय सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने परिवार कीआर्थिक मजबूती का आधार बन सकेंगी.
खामोश हो गई वो आवाज़ जिसने असम को गाया, जुबीन गर्ग को नम आंखों से अंतिम विदाई

गायक जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में एक हादसे में निधन हो गया था उनके शव को हाल ही में भारत लाया गया. यहां उनका दोबारापोस्टमार्टम हुआ है इसके बाद उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक स्थान कमरकुची में लाया गया यहां उनके परिवार के सदस्यों, उनकेकरीबियों और कई बड़ी हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया. जुबीन गर्ग का अंतिमसंस्कार हो गया है। इस मौके पर उनके करीबी और कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं सब ने उनको श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स परलिखा ‘आप हमेशा याद किए जाएंगे. असमिया गायक जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग, कमरकुची एनसी गांव के श्मशान घाट पर अपने पतिजुबीन गर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान रो पड़ीं. गायक जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कारअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कमरकुची एनसी गांव के एक श्मशान घाट में असमिया गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की. बॉलीवुड और असमिया गायक जुबीन गर्ग का हाल ही में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है आज मंगलवार को उनकाअंतिम संस्कार हुआ। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोग श्मशान घाट पहुंचें. गायक जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कैरोलिना में कियाजाएगा यहां उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं अंतिम संस्कार से पहले लोगों की भीड़ जमा हो गई है लोग उनकी एक झलक पाने केइंतजार में हैं. सोशल मीडिया पर आई एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कमरकुची, उत्तरी कैरोलिना गांव में जुबीन के अंतिम संस्कार की तैयारीचल रही है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कियायहां श्मशान घाट पर लकड़ियां रखी हैं और आस-पास की जगह को फूलों से सजाया गया है. गायक जुबीन गर्ग के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार केलिए कमरकुची एनसी गांव के श्मशान घाट में ले जाया जा रहा है उनकी शव यात्रा के साथ हजारों की भीड़ उमड़ी है. गायक ज़ुबीन गर्ग के पार्थिवशरीर का मंगलवार सुबह गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दूसरा पोस्टमार्टम हुआ इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स परपोस्ट किया ‘जुबीन की अंतिम यात्रा शुरू होने में कुछ ही घंटे बचे हैं कुछ देर पहले, मैं सरुसजाई स्टेडियम में उनके शुभचिंतकों के साथ अपनीश्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शामिल हुआ.
दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने की मुहिम में उतरी सीएम रेखा गुप्ता, बोली मेरी फोटो वाले भी पोस्टर मत लगाओ “देश को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाओ”

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेवा पखवाड़ा के तहत शालीमार बाग के रिंग रोड पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंनेदिल्लीवासियों से अपील की कि वे शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें और दीवारों पर पोस्टर न चिपकाएं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छताअभियान एक सतत प्रक्रिया है यह हमारा शहर और हमारा देश है मैं देख रही हूं कि तंबाकू के पैकेट, पानी की बोतलें, भंडारे के बाद बची प्लेटें और हरजगह चिपके पोस्टर हमारे शहर को गंदा कर रहे हैं हम रिंग रोड पर स्वच्छता अभियान चला रहे हैं मैं सभी दिल्लीवासियों से अनुरोध करती हूं कि दीवारोंपर न लिखें और न ही पोस्टर चिपकाएं। मैं सभी राजनेताओं से भी कहना चाहती हूं कि कम से कम मेरी तस्वीर वाले पोस्टर न लगाएं शहर को खराबकरने की इजाजत नहीं दी जाएगी. पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए सेवा पखवाड़ादिल्ली के मंत्री अशीष सूद ने राजा गार्डन के पास स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया उन्होंने कहा कि यह हमारी प्रतिबद्धता है आज हमारे सैकड़ोंसहयोगी स्वेच्छा से स्वच्छता अभियान में जुटे हैं मंत्री पंकज सिंह ने धौला कुआं के रिंग रोड पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और कहा कि सेवापखवाड़ा शुरू हुआ है पार्टी ने फैसला किया है कि हम दिल्ली के बाहरी इलाकों को साफ करेंगे। पीएम मोदी ने हमें सेवा का भाव सिखाया है स्वच्छजीवन, पवित्र जीवन और दिल्ली को साफ रखने के लिए हमारे सभी पार्षद और कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं. वहीं एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीतसिंह चहल ने सफदरजंग अस्पताल के पास स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेते हुए कहा कि 17 सितंबर को पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए सेवापखवाड़ा के तहत स्वच्छता अभियान में हमने दिल्ली के लिए संकल्प लिया है. दिल्ली को सुंदर बनाया जा सकेआज हम सफदरजंग अस्पताल के सामने हैं। हम पीएम मोदी के स्वच्छता के संकल्प को पूरा करेंगे. आज दिल्ली विकास के लिए जानी जा रही है मांयमुना और दिल्ली को साफ किया जा रहा है. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत आज हम दिल्ली के सभीनागरिकों और हमारे सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर 33 स्थानों पर छोटा सा प्रयास कर रहे हैं ताकि दिल्ली को सुंदर बनाया जा सके स्वच्छता कोहम सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए यह हमारी दिल्ली है, तो आइए इसे मिलकर स्वच्छ रखें. दिल्ली के मंत्री रविंदर इंद्रजीत सिंह ने कहाकि दिल्ली के लोगों से अपील की गई है कि वे दिल्ली की दीवारों को स्वच्छ और व्यवस्थित रखें ताकि हमारा शहर साफ दिखे इस संबंध में मुख्यमंत्रीने कहा कि कोई भी अपने पोस्टर न लगाए अगर कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है यह एक अच्छी पहल है औरबहुत जरूरी है.
भारत ने कॉमनवेल्थ में संरचनात्मक सुधार की उठाई मांग, कहा संगठन आज की सच्चाई को दर्शाए

भारत ने राष्ट्रमंडल समूह (कॉमनवेल्थ) में सुधारों पर जोर दिया है, ताकि यह मौजूदा समय की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित कर सके संयुक्त राष्ट्रमहासभा (यूएनजीए) के इतर आयोजित मंत्री स्तर की बैठक में भारत ने समूह के मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई कॉमनवेल्थ केविदेश मामलों के मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रालय (एमईए) के सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज ने किया. विदेश मंत्रालयने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि बैठक में जॉर्ज ने कॉमनवेल्थ चार्टर में निहित मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति भारत की प्रतिबद्धताव कॉमनवेल्थ में सुधार की जरूरत पर बात की, ताकि मौजूदा समय की वास्तविकताओं को ठीक से प्रतिबिंबित किया जा सके. कॉमनवेल्थ को मजबूत बनाया जा सकेइस बैठक की अध्यक्षता समोआ के उप प्रधानमंत्री टोएलुपे माओइआउतेले पोमुलिनुकु ओनेसेमो ने की. कॉमनवेल्थ के विदेश मामलों के विदेशमंत्रियों की बैठक (सीएफएएमएम) एक उच्च स्तरीय मंच है, जो कॉमनवेल्थ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों को एक साथ लाता है, ताकि आपसीसहयोग को मजबूत करने और 56 देशों के इस संगठन की साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान निकालने के तरीकों पर चर्चा कर सकें. बैठक मेंमंत्रियों ने कहा कि कॉमनवेल्थ बहुपक्षवाद और सामूहिक कार्रवाई का एक मजबूत समर्थक है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया गहरे संकट में है अपनेसंबोधन की शुरुआत में टोएलुपे ने कहा कि इस बैठक में उनकी भूमिका अहम है और आज जिन मुद्दों पर चर्चा हो रही है, वे समोआ में आयोजितकॉमनवेल्थ के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने के लिए जरूरी हैं, ताकि कॉमनवेल्थ को मजबूत बनाया जा सके. भारत ने कॉमनवेल्थ में सुधार की मांगउन्होंने कहा कि बहुपक्षीय प्रणाली पर गंभीर दबाव है, लेकिन यह अभी भी सबसे बड़ा उपकरण है इसके बिना विश्व में दरारे गहराती जाएंगी, लेकिनइसके साथ हम समाधान ढूंढ सकते हैं एक दबाव से भरी दुनिया में कॉमनवेल्थ के स्पष्ट उद्दश्य परिभाषित होने चाहिए. भारत ने कॉमनवेल्थ में सुधार कीमांग करते हुए कहा कि संगठन को आज की सच्चाई को प्रतिबिंबित करना होगा यूएन महासभा के इतर आयोजित बैठक में भारत ने संगठन के मूल्योंऔर साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई इस उच्च स्तरीय बैठक में 56 देशों के विदेश मंत्रियों ने बहुपक्षवाद को मजबूती देने और साझा चुनौतियों परसहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.
आज़म खां की रिहाई पर बोले अखिलेश यादव हर झूठ की एक मियाद होती है, इंसाफ़ ज़िंदाबाद “जानें इशारों ही इशारों में क्या कुछ कह गए अखिलेश यादव”

सपा नेता आजम खां के जेल से रिहा होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा हैउन्होंने कहा कि हर झूठ की एक मियाद होती है. भाजपा को सामाजिक सौहार्द के प्रतीक लोग कभी अच्छे नहीं लगते हैं. उन्होंने एक्स पर बयान जारीकर कहा कि माननीय आजम खां जी की रिहाई उनके और उनके परिवार और हम सब के साथ-साथ, उन सब लोगों के लिए राहत और खुशी की बातहै जो ‘इंसाफ़’ में ऐतबार करते हैं न्याय में विश्वास को बनाए रखने के लिए अदालत का दिल से शुक्रिया. लोग सामाजिक सौहार्द के प्रतीक होतेआज फर्जी मुकदमे करनेवालों को भी ये सबक मिल गया है कि हर ‘झूठ’ की एक मियाद होती है और हर ‘साज़िश’ की भी जो लोग सामाजिक सौहार्दके प्रतीक होते हैं, भाजपा को वो कभी अच्छे नहीं लगते हैं. माननीय आजम खां जी एक बार फिर से हर उपेक्षित, पीड़ित, दुखी, अपमानित के साथखड़े होकर, भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के द्वारा किये जा रहे जनता के दमन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएंगे और हमेशा की तरह देश-प्रदेश कीभावनात्मक एकता के प्रतीक बनकर, समाजवादी मूल्यों और सिद्धांतों के साथ, सामाजिक न्याय के संघर्ष की राह पर आगे बढ़ते जाएंगे! इंसाफजिंदाबाद! सपा नेता आजम खां मंगलवार को करीब दो साल बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए यहां से वो रामपुर चले गए. सपा अध्यक्ष अखिलेशयादव ने आजम खां के जेल से रिहा होने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला.
H-1B वीजा शुल्क बढ़ने से भारतीय रुपया टूटा रिकॉर्ड, डॉलर के मुकाबले गिरा 88.76 तक

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एच-1बी वीजा शुल्क में भारी वृद्धि से बाजार में उथल-पुथल मचने के बीच मंगलवार को रुपये में गिरावट जारी रहीदोपहर के कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 48 पैसे की गिरावट आई और यह अब तक के सबसे निचले स्तर 88.76 पर आ गया. विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार एच-1बी वीजा शुल्क में वृद्धि से भारत के आईटी क्षेत्र से धन प्रेषण और संभावित इक्विटी बिकवाली से जुड़ीचिंताएं पैदा हो गई हैं यह भारतीय मुद्रा के लिए दोहरी मार है, ऐसे समय में जब इस वर्ष विदेशी निवेश पहले से ही कमजोर है. अंतरबैंक विदेशी मुद्राविनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया 88.41 पर खुला. अनिश्चितता ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ावा दियाअंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया 88.41 पर खुला इसके बाद यह कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 88.76 केसर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया इस तरह इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 48 पैसे की गिरावट दर्ज की गई सोमवार को अमेरिकी डॉलर केमुकाबले रुपया 12 पैसे गिरकर 88.28 पर बंद हुआ था.विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि रुपया रिकॉर्ड निम्न स्तर की ओर जा रहा है बाजार से जुड़े प्रतिभागी अमेरिका के नए 1,00,000 अमेरिकीडॉलर के एच-1बी वीजा शुल्क के संभावित नतीजों का विश्लेषण कर रहे हैं अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले से अमेरिका से भारत को होने वाले धनप्रेषण में मंदी आ सकती है इससे अमेरिका को भारत के सेवा निर्यात में भी कमी आ सकती है जानकारों के मुताबिक वैश्विक जोखिम से बचने कीप्रवृत्ति और व्यापारिक नीति की अनिश्चितता ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ावा दिया है. 2,910.09 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेचीसीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबारी ने कहा, “शेयर बाजारों में घबराहट का माहौल दिखा और निवेशकों ने सोमवार को2,910 करोड़ रुपये निकाल लिए। यह निकासी यह बताताी है कि वैश्विक नीतिगत झटके किस तरह भारत के वित्तीय बाजारों पर दबाव में बदलसकते हैं, इससे रुपये में गिरावट जारी रहेगी. इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशतबढ़कर 97.38 पर कारोबार कर रहा था वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.23 डॉलर प्रति बैरलपर कारोबार कर रहा था. घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर, सेंसेक्स 271.99 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 81,887.98 पर आ गया, जबकि निफ्टी80.65 अंक या 0.32 प्रतिशत गिरकर 25,121.70 पर आ गया इस बीच, एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवारको 2,910.09 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची.
राहुल गांधी का बड़ा हमला ‘जब तक वोट चोरी रुकेगी नहीं, युवाओं को नौकरी मिलेगी नहीं बीजेपी सरकार पर जमकर साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब तक देश मेंचुनाव ईमानदारी से नहीं होंगे और वोट चोरी होती रहेगी, तब तक युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ेगा लोकसभा में विपक्ष केनेता राहुल गांधी ने एकस पर हिंदी में पोस्ट करते हुए लिखा कि आज के समय में भारत के युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है और यहसीधे-सीधे वोट चोरी से जुड़ी हुई है. राहुल गांधी ने कहा, ‘जब कोई सरकार जनता का भरोसा जीतकर सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्ययुवाओं को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराना होता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा निशानालेकिन भाजप ईमानदारी से चुनाव नहीं जीतती वे सत्ता में बने रहने के लिए वोट चुराते हैं और संस्थाओं को अपने नियंत्रण में रखते हैं उन्होंने आरोपलगाया कि इसी वजह से बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है सरकारी नौकरियों में भर्ती की प्रक्रिया ठप हो गई है, परीक्षाओं के पेपरलीक हो रहे हैं और हर भर्ती घोटाले की कहानियां भ्रष्टाचार से जुड़ी होती हैं. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘देश केयुवा मेहनत करते हैं, सपने देखते हैं और अपने भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं. पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा कियालेकिन मोदी जी का ध्यान सिर्फ अपने पीआर पर है, कभी मशहूर हस्तियों से अपनी तारीफ करवाने में, तो कभी बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचानेमें सरकार की पहचान अब युवाओं की उम्मीदें तोड़ने और उन्हें हताश करने वाली बन चुकी है. उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा कियाजिसमें एक तरफ नौकरी की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज के दृश्य हैं, जबकि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी को पौधारोपण करते, मोर कोदाना खिलाते और योग करते दिखाया गया है राहुल गांधी ने कहा, ‘सच्ची देशभक्ति अब भारत को बेरोजगारी और वोट चोरी से मुक्त कराने में है.
मोबाइल भारत में बने, मगर पुर्ज़े चीन के क्या यही आत्मनिर्भरता है? पीएम मोदी ने स्वदेशी अपनाने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मंच से लोगों को स्वदेशी अपनाने पर जोर दे रहे हैं उनकी अपील है कि हर दुकानदार अपनी दुकानों के सामने यह बोर्ड लगाएकि वे स्वदेशी बेचते हैं और इसमें गर्व महसूस करते हैं. पीएम की यह अपील अमेरिका के टैरिफ वॉर और एच वन बी वीजा पर भारी शुल्क लगाने केबाद और ज्यादा प्रासंगिक हो गई है इसके पहले चीन ने भी रेयर अर्थ मेटल को एक रणनीतिक वस्तु की तरह उपयोग किया था और भारत जैसे अनेकदेशों के सामने संकट पैदा कर दिया था इसके बाद से ही यह अपील की जाने लगी कि भारत जैसे देश को महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर होना चाहिएलेकिन बड़ा प्रश्न यही है कि आज के ग्लोबलाइजेशन के दौर में पूरी तरह स्वदेशी होने की बात करना कितना प्रासंगिक है? स्वदेशी अपनाना किस हदतक संभव है और इसके क्या परिणाम सामने आ सकते हैं?भारत के नोएडा-गुरुग्राम या बंगलौर जैसे शहरों में इनकी असेंबलिंगभारत का व्यापार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत तेजी के साथ बढ़ रहा है युवा नए-नए स्टार्टअप लगाकर अपना रोजगार खड़ा कर रहे हैं और इनमें से कुछसफल भी हो रहे हैं लेकिन ध्यान से देखने पर समझ आता है कि हमारे युवाओं के ज्यादातर व्यवसाय सर्विस प्रोवाइडर कैटेगरी में हैं जैसे कोई ऐप यासॉफ्टवेयर विकसित कर खाना, कपड़ा या अन्य सामान पहुंचाने का काम कर रहा है तो कोई घूमने या कोई अन्य सेवा को प्रदान कर रहा है ये व्यवसायबुरे नहीं हैं, लेकिन समझने की आवश्यकता है कि ये केवल सर्विस सेक्टर है। यह कोर मैन्युफैक्चरिंग नहीं है. इसी तरह भारत ने मोबाइल, लैपटॉप औरटीवी जैसी चीजों को बनाने में अच्छी प्रगति दिखाई है। लेकिन इनमें से अधिकतम चीजों की केवल असेंबलिंग हो रही है इनमें लगने वाली सभीमशीनों, कल-पुर्जों का चीन जैसे देशों से आयात किया जा रहा है और भारत के नोएडा-गुरुग्राम या बंगलौर जैसे शहरों में इनकी असेंबलिंग कर इन परभारत में बने होने का ठप्पा लगाया जा रहा है.रसायन और मशीनों का चीन से आयात किया जा रहालेकिन यह भी कोर मैन्युफैक्चरिंग नहीं है जब भी ये देश चाहें, हमें कोर मशीनों, कलपुर्जों का निर्यात बंद कर इन वस्तुओं के उत्पादन में हमें शून्य स्तरपर ला सकते हैं. भारत स्वास्थ्य सेक्टर में दवाइयों, मेडिसिनल कपड़ों, मशीनों के उत्पादन में एक वैश्विक शक्ति बना है लेकिन मोबाइल-लैपटॉप सेक्टरकी तरह इस सेक्टर में उपयोग होने वाली अधिकतम वस्तुएं, रसायन और मशीनों का चीन से आयात किया जा रहा है यदि कल चीन इन रसायनों कानिर्यात रोक दे तो भारत में अनेक दवाइयों के निर्माण में भारी परेशानी पैदा हो जाएगी भारत सौर ऊर्जा का बड़ा खिलाड़ी बनने की राह पर है लेकिन इससेक्टर में भी लगभग वही स्थिति है यानी यदि चीन आज सौर ऊर्जा के पैनल और बैटरियां निर्यात करना बंद कर दे तो हमारे सामने वही स्थिति पैदा होजाएगी जैसे कि अमेरिकी टैरिफ लगाने के बाद हमारे एमएसएमई सेक्टर के उद्योगों के सामने हुई है.
जस्टिस यशवंत वर्मा पर संकट गहराया, जली हुई नकदी से महाभियोग तक पहुंचा मामला

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच तेज हो गई है नकदी मामले की जांच कर रही समितिकी मदद के लिए दो वकीलों को नामित किया गया है समिति की सहायता के लिए रोहन सिंह और समीक्षा दुआ को सलाहकार नियुक्त किया गया है. पिछले महीने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए राजनीतिक दलों का नोटिस स्वीकार किया था14 मार्च को वर्मा के सरकारी आवास पर नोटों की जली हुई गड्डियां पाई गई थीं. स्टिस वर्मा के आवासीय परिसर में आग लगने के बाद जले हुए नोट मिलेलोकसभा अध्यक्ष ने न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय केमुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बीवी आचार्य की एक समिति गठित की थी. अबसमिति की मदद के लिए दो वकीलों की नियुक्ति की गई है दोनों नियुक्तियां समिति के कार्यकाल के साथ या अगले आदेश तक जारी रहेंगी. इससेपहले सर्वोच्च न्यायालय ने 7 अगस्त, 2025 को कहा था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने की सिफारिश करनेवाली आंतरिक जांच प्रक्रिया को कानूनी मान्यता प्राप्त है. जस्टिस वर्मा के आवासीय परिसर में आग लगने के बाद जले हुए नोट मिले थे उस समय वेदिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे.न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिशपंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाले तीन न्यायाधीशों के पैनल ने मामले की 10 दिनों तक जांच की इसदौरान 55 गवाहों से पूछताछ की गई और 14 मार्च की रात लगभग 11.35 बजे न्यायमूर्ति वर्मा के आधिकारिक आवास पर लगी आकस्मिक आगवाले घटनास्थल का दौरा किया जस्टिस वर्मा उस समय दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे और अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कार्यरत हैं. इस रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकरन्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की थी.