पूनम पांडे अब नहीं करेंगी मंदोदरी का अभिनय – लव कुश रामलीला समिति का बड़ा फैसला

समाज की भावनाओं का सम्मानदिल्ली के लालकिला मैदान में हर साल होने वाली लव कुश रामलीला पूरे देश और दुनिया में प्रसिद्ध है। इस रामलीला को देखने के लिए लाखोंलोग आते हैं और यह आयोजन धार्मिक आस्था का बड़ा प्रतीक माना जाता है। इस बार जब अभिनेत्री पूनम पांडे को मंदोदरी की भूमिका के लिए चुनागया, तो शुरुआत में सबकुछ सामान्य लगा। लेकिन जैसे ही इस खबर की घोषणा हुई, समाज के अलग-अलग हिस्सों से आपत्तियाँ आने लगीं। समिति का बयानरामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि पूनम पांडे को समिति ने आमंत्रित किया था और उन्होंने मंदोदरीकी भूमिका निभाने के लिए सहमति भी दी थी। लेकिन, उनके नाम की घोषणा के बाद अलग-अलग संस्थानों और वर्गों से विरोध के स्वर उठने लगे।लोगों का कहना था कि इससे रामलीला की गरिमा और इसके मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो सकते हैं। रामलीला का असली उद्देश्यरामलीला केवल एक नाटक या मनोरंजन का साधन नहीं है। इसका असली उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े आदर्शों, मर्यादा और संदेश कोसमाज तक पहुँचाना है। इस मंचन से लोग प्रेरणा लेते हैं और यह पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कारों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनता है। समिति का मानना हैकि यदि किसी कलाकार के चयन से समाज में असंतोष और विवाद की स्थिति पैदा होती है, तो यह रामलीला के उद्देश्य के विपरीत होगा। गहन विचार के बाद लिया गया निर्णयकाफी सोच-विचार और चर्चा के बाद समिति ने तय किया कि इस बार मंदोदरी की भूमिका किसी अन्य कलाकार से करवाई जाएगी। समिति काकहना है कि यह फैसला किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज की भावनाओं और आस्था का सम्मान करते हुए लिया गया है। समिति ने यह भीकहा कि उनका मकसद है कि रामलीला की पवित्रता और परंपरा पर कोई आंच न आए। पूनम पांडे के लिए शुभकामनाएंसमिति ने अभिनेत्री पूनम पांडे के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे इस फैसले को समझेंगी। समिति ने उनके उज्ज्वल भविष्य और सफलता कीकामना की। मंदोदरी का महत्वमंदोदरी, रावण की पत्नी और लंका की रानी थीं। उन्हें बहुत बुद्धिमान और धर्मपरायण स्त्री माना जाता है। रामायण में मंदोदरी का चरित्र आदर्श नारीके रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़तीं। इसी वजह से समाज का मानना था कि इस भूमिकाको निभाने वाले कलाकार की छवि भी उतनी ही मर्यादित होनी चाहिए।
संजय सिंह का बड़ा आरोप – मोदी सरकार का बचत उत्सव असल में चपत उत्सव है

आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी नेहाल ही में देश में बचत उत्सव का ऐलान किया है, लेकिन यह उत्सव असल में चपत उत्सव है। जब भी मोदी जी कोई उत्सव या जश्न की घोषणाकरते हैं, जनता उनकी बातों में फंस जाती है और असली हालात को भूल जाती है। नोटबंदी का जिक्रसंजय सिंह ने कहा कि जब नोटबंदी हुई थी, तब प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि 50 दिन में जनता की किस्मत बदल जाएगी। लेकिन क्या हुआ? हकीकत यह रही कि सौ से ज्यादा लोगों की जान बैंकों की लाइन में लगते-लगते चली गई। 99 प्रतिशत पैसा वापस बैंकों में जमा हो गया। न तोकाला धन खत्म हुआ और न ही भ्रष्टाचार। उन्होंने कहा कि उस समय भी जनता ने जश्न मनाया, लेकिन नतीजा जनता के नुकसान के रूप में सामनेआया। जीएसटी से जनता पर बोझसंजय सिंह ने जीएसटी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में जीएसटी के नाम पर आम जनता से करीब 80 लाख करोड़ रुपये की लूट हुई है। गरीब और मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा टैक्स का बोझ डाला गया, जबकि सबसे अमीर वर्ग से बहुत ही कम करवसूला गया। इस वजह से आम आदमी की जेब खाली हो गई और महंगाई लगातार बढ़ती चली गई। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार आठ साल सेचिल्ला रहे हैं कि यह टैक्स सिस्टम गलत है, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। भाजपा को बताया भारतीय जेबकतरा पार्टीसंजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा का नाम बदलकर भारतीय जेबकतरा पार्टी कर देना चाहिए, क्योंकि सरकार लगातार जनता की जेबकाट रही है। मोदी जी कहते हैं कि बचत उत्सव से दो लाख करोड़ रुपये की बचत होगी, लेकिन असलियत यह है कि इसमें सरकार को ही 47 हजारकरोड़ का घाटा होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यह गणित कहां से आया और किस आधार पर यह दावा किया जा रहा है। स्वदेशी नारे की असलियतसंजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी अपनाने की बात करते हैं, लेकिन सच यह है कि उनका कैमरा, चश्मा, कपड़े, जूते, गाड़ी और हवाईजहाज सब विदेशी हैं। भारत ने चीन से ही 39 लाख करोड़ रुपये का सामान मंगाया है, जबकि चीन हमारी सीमा पर हमला करता है और पाकिस्तानको हथियार देता है। उन्होंने कहा कि 2023–24 में भारत का आयात 56 लाख करोड़ रुपये का था, जो 2024–25 में बढ़कर 60 लाख करोड़ तकपहुंच गया। इससे साफ है कि विदेशी सामान पर निर्भरता कम नहीं हुई बल्कि और बढ़ गई है। छोटे उद्योगों की हालत खराबसंजय सिंह ने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि करीब तीन करोड़ छोटे और मझोले उद्योग बंद हो चुके हैं। यह बहुत ही गंभीर बातहै। अगर उद्योग ही बंद हो जाएंगे तो देश में रोजगार कहां से आएगा और स्वदेशी की बात कैसे पूरी होगी? उन्होंने कहा कि सरकार केवल नारे देती है, लेकिन असल में उद्योग और व्यापार चौपट हो रहे हैं। जनता को चेतावनीअंत में संजय सिंह ने देशवासियों से अपील की कि अपनी जेब संभाल कर रखिए। सरकार हर बार नए जश्न और नए उत्सव के नाम पर जनता की जेबपर ही हाथ डालती है। अगर लोग सचेत नहीं हुए, तो यह बचत उत्सव सच में चपत उत्सव बन जाएगा और जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
राजा इकबाल सिंह के नेतृत्व में दिल्ली मेट्रो यूनिवर्सिटी में स्वच्छता अभियान

प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिवस पर सेवा पखवाड़ामाननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर चल रहे सेवा पखवाड़ा के दौरान आज दिल्ली मेट्रो यूनिवर्सिटी के बाहर एक विशेष स्वच्छताअभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करने और आसपास के इलाके को साफ रखने केलिए किया गया। महापौर राजा इकबाल सिंह का नेतृत्वइस अभियान का नेतृत्व दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह जी ने किया। उन्होंने छात्रों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सफाई की। राजा जी नेकहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है। छात्रों और नागरिकों की भागीदारीइस अभियान में दिल्ली मेट्रो यूनिवर्सिटी के छात्र और आसपास के लोग भी शामिल हुए। उन्होंने सड़क, फुटपाथ और आसपास के क्षेत्रों की सफाईकी। सभी ने मिलकर कचरा उठाया और इलाके को साफ-सुथरा बनाया। इस तरह के प्रयास लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। स्वच्छ भारत मिशन का संदेशराजा इकबाल सिंह जी ने कहा कि अगर हर व्यक्ति अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ रखे, तो हमारा देश और शहर स्वच्छ और सुंदर बनेंगे। यहअभियान यह दिखाता है कि स्वच्छता सिर्फ एक दिन का काम नहीं है, बल्कि हमें इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाना चाहिए।
प्रवीण शंकर कपूर ने सरोजिनी नगर फ्लाईओवर पर शुरू किया सफाई अभियान

सेवा पखवाड़े के तहत दिल्ली में सफाईप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस को सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दिल्ली में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।आज सुबह राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत लगभग 71 जगहों पर फ्लाईओवरऔर बस स्टॉप के आसपास सफाई की गई।सरोजिनी नगर फ्लाईओवर पर अभियान की शुरुआतइन स्थानों में से एक सफदरजंग-सरोजिनी नगर फ्लाईओवर भी शामिल था। यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीणशंकर कपूर पहुंचे। उनके साथ दक्षिणी दिल्ली की जिलाध्यक्ष माया बिष्ट और निगम पार्षद अरुण भाटी भी मौजूद रहे। इन नेताओं ने अपने हाथ मेंझाड़ू उठाकर अभियान की शुरुआत की और सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सफाई की। कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारीइस मौके पर भाजपा कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। उन्होंने लोकनिर्माण विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई की।बस स्टॉप और फ्लाईओवर के नीचे जमा गंदगी को हटाया गया। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि सफाई तभी संभव है जब जनता और प्रशासनदोनों मिलकर काम करें। नेताओं के विचारसफाई अभियान की शुरुआत करते हुए प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि साफ-सफाई रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबको इसमेंहिस्सा लेना चाहिए। अगर हर व्यक्ति अपने आसपास सफाई पर ध्यान देगा, तो पूरी दिल्ली और ज्यादा सुंदर बन सकती है माया बिष्ट ने कहा किस्वच्छ वातावरण से ही लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसलिए यह जरूरी है कि सफाई को हम अपनी आदत बनाएं। अरुण भाटी ने स्थानीय लोगोंसे अपील की कि वे कचरा इधर-उधर न फैलाएं और सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। सेवा पखवाड़े का महत्वमोदी जी के जन्मदिवस सेवा पखवाड़े के दौरान भाजपा कार्यकर्ता पूरे देश में अलग-अलग सेवा कार्य कर रहे हैं। कहीं स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जारहे हैं, तो कहीं जरूरतमंदों को मदद दी जा रही है। दिल्ली में चलाए गए इस सफाई अभियान का उद्देश्य सिर्फ एक दिन की सफाई करना नहीं, बल्किलोगों को हमेशा के लिए सफाई के प्रति जागरूक करना है। जनता से अपीलभाजपा नेताओं ने लोगों से यह भी कहा कि सफाई सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हर नागरिक को अपने घर, गली और बाजार कीजिम्मेदारी लेनी चाहिए। जब सभी लोग मिलकर काम करेंगे तभी प्रधानमंत्री मोदी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा होगा।
वीरेन्द्र सचदेवा ने आईटीओ रोज़ गार्डन फ्लाईओवर पर शुरू किया स्वच्छता अभियान

मोदी जी सेवा पखवाड़े में दिल्लीभर में सफाई कार्यक्रमप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस सेवा पखवाड़े के तहत दिल्ली सरकार और नगर निगम द्वारा राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सफाई अभियानचलाए जा रहे हैं। आज सुबह दिल्ली के 71 स्थानों पर फ्लाईओवर और उनके आसपास सफाई कार्यक्रम आयोजित किए गए। आईटीओ रोज़ गार्डन पर विशेष अभियानइन्हीं जगहों में से एक था रोज़ गार्डन, आईटीओ फ्लाईओवर। यहां दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा स्वयं पहुंचे और सफाई अभियान कीशुरुआत की। उन्होंने कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के साथ मिलकर झाड़ू उठाई और बस स्टॉप तथा फ्लाईओवर के नीचे जमा गंदगी को साफकिया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगीइस अभियान में भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता भी शामिल रहे। निगम पार्षद रामकिशोर शर्मा, उत्तर-पूर्वी जिला भाजपा अध्यक्ष डा. यू.के. चौधरीऔर अन्य कार्यकर्ता मिलकर साफ-सफाई करते दिखाई दिए। लोकनिर्माण विभाग और नगर निगम के कर्मचारी भी पूरे उत्साह के साथ इस अभियान मेंजुड़े। स्वच्छता का संदेशवीरेन्द्र सचदेवा ने इस मौके पर कहा कि स्वच्छता सिर्फ सरकार या नगर निगम का काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर हम सबमिलकर अपने आसपास की जगहों को साफ रखें, तो दिल्ली को और सुंदर बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे न केवल घर केअंदर बल्कि बाहर सड़कों, बस स्टॉप और बाजारों को भी साफ-सुथरा रखने में योगदान दें। जनता की भागीदारी ज़रूरीइस मौके पर कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि अगर जनता सक्रिय रूप से सफाई अभियान में साथ देगी, तभी इसका सही असर दिखाई देगा। अभियान काउद्देश्य सिर्फ एक दिन की सफाई नहीं, बल्कि लोगों को स्थायी तौर पर सफाई की आदत डालने के लिए प्रेरित करना है। सेवा पखवाड़े की प्रेरणाप्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस सेवा पखवाड़े में हर दिन अलग-अलग सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं। कहीं स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं, तोकहीं जरूरतमंदों को मदद दी जा रही है। इसी कड़ी में यह स्वच्छता अभियान भी शामिल किया गया है, ताकि लोग साफ-सफाई को लेकर अधिकजागरूक हों।
GST में कटौती पर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से मिले फीडबैक, वित्त मंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली की प्रमुख बाजारों में ली जनता की राय

केन्द्रीय वित्त मंत्री एवं दिल्ली की मुख्य मंत्री सहित वरिष्ठ नेताओं ने बाजारों में जा कर जी.एस.टी. रिफॉर्म पर व्यापारियों से फीडबैक प्रधान मंत्री नरेन्द्रमोदी के मार्गदर्शन में देश को जी.एस.टी. रिफॉर्म की सौगात देने वाली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन स्वंय आज केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा के साथपूर्वी दिल्ली की लोकप्रिय लक्ष्मी नगर मार्किट में जा कर व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं से मिलीं और जी.एस.टी. कम होने पर उनका पहला फीडबैकलिया। उनके साथ विधायक अभय वर्मा एवं पार्षद अल्का राघव भी थे। उपभोक्ताओं ने दाम घटने के लिए प्रधान मंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार प्रकट कियालक्ष्मी नगर के व्यापारियों ने जहां टैक्स बोझ घटने से व्यपार के लिए पूंजी बढ़ने के लिए तो उपभोक्ताओं ने दाम घटने के लिए प्रधान मंत्री एवं वित्तमंत्री का आभार प्रकट किया।दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने त्रिनगर मार्किट में जा कर व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं से जी.एस.टी. रिफॉर्म पर चर्चाकी। उनके साथ सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल, विधायक श्री तिलक राम गुप्ता एवं केशवपुरम जिलाध्यक्ष श्री अजय खटाना आदि भी थे। आम रिटेल दुकानदारों एवं जनता से बात करके फीडबैक लियाकेन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने स्थानीय विधायक अनिल शर्मा के साथ आर.के. पुरम मार्किट में लोगों केबीच जा कर टैक्स कटौती पर उनकी पहली प्रतिक्रिया ली. भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय सहित कोषाध्यक्ष नरेश बंसल एवं दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेशसाहिब सिंह ने नई दिल्ली की बंगाली मार्किट में व्यापारियों की प्रतिक्रिया समझीं।दिल्ली सरकार में मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने विधायक अजय महावरएवं जिलाध्यक्ष श्री यू.के. चौधरी के साथ उत्तर पूर्वी दिल्ली की भजनपुरा मार्किट में आम रिटेल दुकानदारों एवं जनता से बात करके फीडबैक लिया।
स्टालिन का सियासी वार DMK ने मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प, BJP-AIADMK पर किया करारा हमला

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने भाजपा और एआईएडीएमके पर जोरदार हमला बोला उन्होंने साफ कहा कि डीएमकेहमेशा मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा करेगी और उनके लिए नए अधिकार सुनिश्चित करने में सबसे आगे खड़ी रहेगी. स्टालिन ने भाजपा परवक्फ कानून संशोधन को लेकर निशाना साधा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे केवल डीएमके और अन्य दलों की कानूनी लड़ाई के कारण मिला.मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन मुस्लिमों के खिलाफ साजिश थी उन्होंने कहा कि डीएमके की पहल से ही सुप्रीमकोर्ट ने इसके विवादित प्रावधानों पर रोक लगाई स्टालिन ने एआईएडीएमके पर आरोप लगाया कि उसने भाजपा के साथ मिलकर मुस्लिमों के हितोंके साथ धोखा किया. ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे को लेकर भाजपा-एआईएडीएमके पर भी जुबानी हमलास्टालिन ने एआईएडीएमके पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और ट्रिपल तलाक मुद्दे पर मुस्लिमों से विश्वासघात करने का आरोप लगाया उन्होंनेकहा कि सीएए विरोध के दौरान मुस्लिमों पर लाठीचार्ज एआईएडीएमके शासन में हुआ. यही कारण था कि अनवर राजा जैसे नेता एआईएडीएमकेछोड़कर डीएमके में शामिल हुए. स्टालिन ने कहा कि डीएमके शासन में मुस्लिमों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं इनमें पिछड़ा वर्ग श्रेणीमें 3.5% आंतरिक आरक्षण, उर्दू बोलने वाले मुस्लिमों को बीसी सूची में शामिल करना, अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड की स्थापना, उर्दू अकादमी औरचेन्नई एयरपोर्ट के पास बन रहा हज हाउस शामिल है उन्होंने यह भी कहा कि पैगंबर मोहम्मद पर पाठ्यक्रम की सामग्री पहले ही स्कूल पाठ्यक्रम मेंशामिल की जा चुकी है.भाजपा-एआईएडीएमके पर भी जुबानी हमला बोलास्टालिन ने आगे कहा कि डीएमके संस्थापक सीएन अन्नादुरई और करुणानिधि पहली बार मिलाद-उन-नबी समारोह में मिले थे और इसी से पार्टी कीबुनियाद मजबूत हुई उन्होंने पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं की प्रशंसा की और कहा कि पेरियार, अन्ना और करुणानिधि ने भी समानता और प्रेम के उन्हींमूल्यों को बढ़ावा दिया. मुख्यमंत्री ने गाजा में फलस्तीनियों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस्राइल द्वाराकी जा रही हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं स्टालिन ने कहा कि डीएमके हमेशा मुस्लिमों के साथ खड़ी रहेगी और उनके अधिकारों कीरक्षा के लिए लड़ती रहेगी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भाजपा और एआईएडीएमके पर हमला करते हुए कहा कि डीएमके हमेशामुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करेगी उन्होंने वक्फ कानून संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत का श्रेय डीएमके की कानूनी लड़ाई को दिया साथही सीएए और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे को लेकर भाजपा-एआईएडीएमके पर भी जुबानी हमला बोला.
कर्नाटक में आज से जाति जनगणना शुरू 2 करोड़ घर, 7 करोड़ लोग, विपक्ष ने बताया ‘हिंदुओं को बांटने की साज़िश

कर्नाटक में आज से सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है इसे आमतौर पर ‘जाति जनगणना’ कहा जाता है हालांकि, प्रशिक्षण औरतैयारी के चलते ग्रेटर बंगलूरू क्षेत्र में एक-दो दिन की देरी हो सकती है राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग यह सर्वेक्षण करेगा इसमें करीब 1.75 लाख लोगकाम करेंगे, जिनमें ज्यादातर सरकारी स्कूल के शिक्षक होंगे ये लोग करीब सात करोड़ लोगों की जानकारी एकत्र करेंगे यह काम पूरे राज्य के करीब दोकरोड़ घरों में किया जाएगा और प्रक्रिया सात अक्तूबर तक चलेगी. सरकार ने बताया कि करीब 420 करोड़ रुपये की लागत से वैज्ञानिक तरीके से यहजाति जनगणना की जाएगी इसके लिए 60 सवालों वाली एक प्रश्नावली तैयार की गई है हालांकि, जातियों की सूची को लेकर कुछ आलोचनाएंऔर आपत्तियां आई हैं, खासकर कांग्रेस पार्टी के अंदर से सूची में कुछ जातियां ऐसी हैं, जिनकी दोहरी पहचान है, जैसे कुरुबा क्रिश्चियन, ब्राह्मणक्रिश्चियन, वोक्कालिगा क्रिश्चियन आदि आयोग ने बताया कि इन जातियों के नाम छिपाए जाएंगे, लेकिन उन्हें सूची से हटाया नहीं जाएगा. एक हेल्पलाइन नंबर (8050770004) जारी किया गयाराज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष मधुसूदन आर. नाइक ने बताया कि जातियों की सूची केवल गणना करने वालों की मदद के लिए बनाई गई हैऔर इसका कोई कानूनी महत्व नहीं है उन्होंने कहा कि ऐप में इन 33 दोहरी पहचान वाली जातियों को नहीं दिखाया जाएगा, लेकिन लोग अपनीइच्छा से अपनी जाति बता सकते हैं. उन्होंने कहा, हमारी जाति जनगणना 22 सितंबर से शुरू होगी हमने पूरी तैयारी कर ली है लोगों में कुछगलतफहमियां थीं, इसलिए हमने उन पर चर्चा की और जरूरी कदम उठाए नाइक ने यह भी बताया कि जाति जनगणना के दौरान घरों को उनकेबिजली मीटर नंबर से जोड़ा जाएगा और उन्हें एक विशिष्ट गृह पहचान संख्या दी जाएगी राशन कार्ड और आधार कार्ड की जानकारी मोबाइल नंबर सेलिंक की जाएगी जो लोग जाति जनगणना के समय घर पर नहीं होंगे या समस्या होगी, उनके लिए एक हेल्पलाइन नंबर (8050770004) जारीकिया गया है लोग ऑनलाइन भी इसमें शामिल हो सकते हैं.इसे जल्दबाजी कर हिंदुओं को बांटने की कोशिश बतायावोक्कालिगा समुदाय के नेताओं ने अपने लोगों से कहा है कि वे अपने धर्म को हिंदू और जाति को केवल वोक्कालिगा ही लिखें, जबकि उपजाति तभीलिखें जब जरूरी हो वहीं, वीरशैव-लिंगायत समुदाय में थोड़ी अस्पष्टता है इसके नेताओं ने अपने लोगों से कहा कि वे धर्म को अपनी मर्जी से लिखें, लेकिन जाति के कॉलम में वीरशैव-लिंगायत जरूर लिखें कुछ लोगों का कहना है कि धर्म के रूप में भी इसे लिखा जाना चाहिए कुरुबा, मुस्लिम, अनुसूचित जाति, ब्राह्मण आदि जैसे कई अन्य समुदायों ने भी इस जाति जनगणना में अपनी पहचान कैसे लिखनी है, इस पर चर्चा की हैभाजपा ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि यह जाति जनगणना जल्दबाजी में की जा रही है, ताकि हिंदुओं को बांटा जा सके भाजपा ने सवालकिया कि जब केंद्र सरकार पहले ही राष्ट्रीय जनगणना में जाति की गिनती करने की घोषणा कर चुकी है, तो इस जनणना की क्या जरूरत है. सरकार ने2015 में भी एक सामाजिक और शैक्षिक सर्वे किया था, जिसमें करीब 165.51 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन बाद में उसे खारिज कर दिया गया.कर्नाटक में आज से जाति जनगणना शुरू हो रही है, जिसमें करीब 1.75 लाख कर्मचारी लगभग सात करोड़ लोगों और 2 करोड़ घरों का सर्वेक्षणकरेंगे। इस सर्वेक्षण में कुछ जातियों की दोहरी पहचान के कारण नाम छिपाए जाएंगे, लेकिन सूची से हटाए नहीं जाएंगे भाजपा ने इस जनगणना परसवाल उठाए हैं और इसे जल्दबाजी कर हिंदुओं को बांटने की कोशिश बताया है.
केंद्र ने एनएससीएन-के पर प्रतिबंध 5 साल के लिए बढ़ाया, भारत की संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों का आरोप

केंद्र ने सोमवार को नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-खापलांग (एनएससीएन-के) और उसके सभी गुटों, शाखाओं और प्रमुख संगठनों परलगाए गए प्रतिबंध को 5 साल के लिए और बढ़ाने का फैसला किया। गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है कि यह प्रतिबंध 28 सितंबरसे 5 साल की अवधि के लिए प्रभावी होगा। गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया कि एनएससीएन-के भारत की संप्रभुता और अखंडता केखिलाफ गतिविधियों में शामिल रहा है। संगठन का उद्देश्य एक अलग संप्रभु नागालैंड बनाना है। जिसमें भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र के सभी नागा-बहुलइलाके शामिल हों अधिसूचना के अनुसार, यह संगठन उल्फा (आई) और पीएलए जैसे अन्य गैरकानूनी संगठनों से जुड़ा रहा है। यह फिरौती के लिए अपहरण, वसूली, गैरकानूनी हथियार रखने और विदेशी ताकतों से मदद लेने जैसी गतिविधियों में भी शामिल पाया गया है। सरकार ने कहा कि अवैध गतिविधियां(निवारण) अधिनियम, 1967″ की धारा 3(1) के तहत एनएससीएन-के और इसके सभी गुटों व सहयोगी संगठनों को गैरकानूनी संगठन घोषित कियाजाता है। गौरतलब है कि एनएससीएन-के कई दशकों से प्रतिबंधित है और हर पांच साल में यह बैन बढ़ाया जाता है। इसके प्रमुख एसएस खापलांगका 2017 में निधन हो गया था। अब संगठन का नेतृत्व उनके दो डिप्टी कर रहे हैं।वहीं, प्रतिद्वंद्वी गुट एनएससीएन-आईएम वर्तमान में केंद्र सरकार केसाथ शांति वार्ता में है ताकि नागालैंड की सात दशकों पुरानी उग्रवाद समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
पीएम मोदी का देशवासियों को पत्र, ‘जीएसटी बचत उत्सव’ से हर परिवार को होगा फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जीएसटी बचत उत्सव’ पर देशवासियों को खुला पत्र लिखा है। पीएम मोदी ने लोगों को लिखे पत्र में कहा, इस वर्ष त्योहारोंमें हमें एक और उपहार मिल रहा है। 22 सितंबर से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू होने के साथ ही पूरे देश में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ कीशुरुआत हो गई है। इन रिफॉर्म्स से किसान, महिला, युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारी, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, सभी को फायदा होगा। पीएम मोदीने कहा, नए जीएसटी रिफॉर्म्स की विशेषता यह है कि अब मुख्य रूप से सिर्फ दो ही दरें रहेंगी। रोज़मर्रा की जरूरी चीजें जैसे खाना, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट और कई अन्य सामान अब जीरो टैक्स- यानी 5% की दर से ही मिलेंगे। बाकी सामानों पर टैक्स दरें भी कम हुई हैं। घर और परिवार से जुड़ीज़्यादातर चीजें और सेवाएं अब 5% टैक्स दर से ही उपलब्ध होंगी। यानी इंश्योरेंस से लेकर घर के सामान तक सब सस्ता हुआ है। आने वाले समय मेंऔर आसान होता जाएगा। नए इंश्योरेंस प्लान भी अब जीएसटी को छोड़कर ही दिए जाएंगे। दुकानदार और व्यापारियों ने अपने यहां ‘पहले और अब’ के बोर्ड लगाएउन्होंने लिखा, मुझे ये देखकर अच्छा लगा कि कई दुकानदार और व्यापारियों ने अपने यहां ‘पहले और अब’ के बोर्ड लगाए हैं, जिसमें लोगों कोदिखाया जा रहा है कि कोई सामान कितना सस्ता हो गया है। हमारी जीएसटी यात्रा 2017 में शुरू हुई थी। तब सरकार ने अनेक वस्तुओं के टैक्सों कोखत्म कर कारोबारियों को बहुत राहत मिली थी। अब ये नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स हमें और आगे ले जा रहे हैं। इसमें सिस्टम को और सरलबनाया गया है। इससे हमारे दुकानदार साथियों, लघु उद्योगों की सहूलियत और बढ़ेगी। पीएम मोदी ने कहा, नागरिक देवो भव हमारा मंत्र है। पिछले11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। देश में एक बड़ा मिडिल क्लास तैयार हुआ है। अब इसे और सशक्त बनानाहमारा संकल्प है। हमारे मध्यम वर्ग की मेहनत को मजबूती देने के लिए 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक की आयकर में छूट दी जा चुकी है। अबजीएसटी रिफॉर्म्स से भी मध्यम वर्ग को सीधे लाभ मिल रहा है। नए जीएसटी रिफॉर्म्स को लागू करने से देशवासियों को सालाना लगभग 2.5 लाखकरोड़ रुपए बचेंगे। देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के हमारे संकल्प को सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ताउन्होंने लिखा, देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के हमारे संकल्प को सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है। अभी जोनए जीएसटी रिफॉर्म्स आए हैं, उनसे आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी तेज गति मिलेगी। आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है कि हम स्वदेशी को अपनेजीवन का हिस्सा बनाएं। जब भी आप अपने देश के कारीगरों, श्रमिकों और इंडस्ट्री के बनाए सामान को खरीदते हैं, तो आप कई परिवारों की रोजी-रोटी में मदद करते हैं और देश के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करते हैं। पीएम मोदी लोगों से अपील करते हुए लिखा कि मैं अपने दुकानदारों औरव्यापारियों से भी अपील करता हूं कि वे स्वदेशी सामान ही बेचें। आइए गर्व से कहें, ये स्वदेशी है।आपके घर की बचत बढ़े, आपके सपने पूरे हों, आपअपने पसंद की चीजों को और त्योहारों की खुशी को बढ़ाएं…इसी यही कामना है। एक बार फिर, मैं आपको नवरात्रि के साथ ही ‘जीएसटी बचतउत्सव’ की शुभकामनाएं देता हूं।