राजधानी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हरियाणा के जींद जिले के जुलाना कस्बे की बेटी है. जो आज दिल्ली की मुख्यमंत्री बन चुकीं है. रेखागुप्ता की स्कूली पढ़ाई त्रिनगर दिल्ली में हुई. इसके बाद दिल्ली के दौलतराम कॅालेज से इन्होनें बीकॅाम व एलएलबी की डिग्री पूरी की. दरअसल येकॅालेज टाइम से ही अखिल विघार्थी परिषद् (ABVP)से जुड़ी हुई है. इन्होनें दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ में अध्यक्ष और सचिव पद का चुनाव कोजीता था. इसके बाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU)में अध्यक्ष और महासचिव की जीत भी इन्होनें अपने नाम की थी. ये दिल्ली नगर निगम में पार्षदभी रह चुकीं है. और साउथ दिल्ली (SDMC)की मेयर रह चुकी है.फिलहाल हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव में शालीमार बाग सीट से आम आदमीपार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को लगभग 30 हजार वोटों से हराकर जीत अपने नाम की है.
2013 में लड़ा था पहली बार चुनाव
इससे पहले इन्होनें दिल्ली के शालीमार बाग से 2013 में पहली बार चुनाव लड़ा था. हालांकि वंदना कुमारी ने तब लगभग 11 हजार वोटों से इनकोहरा दिया था. पर रेखा गुप्ता ने हार नहीं मानी और नतीजा हम सबके सामने है.वंदना कुमारी से हार के बाद बीजेपी पार्टी की तरफ से इन्हें दिल्ली केशालीमार बाग से पार्षद का टिकट दिया गया . इस दौरान इन्होनें जीत को अपने नाम किया और ये फिर MCD पहुंच गई. विधायक बनने से पहलेरेखा गुप्ता बीजेपी संगठन के स्तर पर भी अहम जिम्मेदारी को संभाल चुकीं है. ये बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है. और दिल्ली बीजेपी मेंमहासचिव के पद को भी संभाल चुकी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलतराम कॅालेज से पढ़ाई करने के बाद ये लंबे समय तक आरएसएस (RSS) कीसक्रिय सदस्य रहीं है. इन्होनें संघ के कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी से रहीं छात्र संघ की नेता
कॅालेज की पढ़ाई के दौरान ये 1994 से लेकर 1995 तक ये दौलत राम कॅालेज की सिक्रटरी रहीं. इसके बाद ये 1995 से लेकर 1997 तक दिल्लीयूनिवर्सिटी छात्र संघ की नेता रहीं. फिर इन्होनें दिल्ली महिला मोर्चा की सेक्रेटरी पद को संभाला जिसका कार्यकाल 2003 से लेकर 2004 तकचला. 2007 में इन्होनें में प्रीतमपुरा नॅार्थ से पार्षद के चुनाव को लड़ा जिसमें इन्होनें जीत हासिल की. इसके बाद ये बीजेपी पार्टी की तरफ से इन्हेंराष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य चुना गया. रेखा गुप्ता दिल्ली की तीसरी ऐसी मुख्यमंत्री है. जिनका संबंध हरियाणा से है. इससे पहले सुषमा स्वराजजो दिल्ली की मुख्यमंत्री थी. वो भी हरियाणा के अंबाला जिले की रहने वाली थी. जिन्होनें 1998 में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद को संभाला था.