भारत सरकार ने सुकृति सूद को इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड IMF पर भारत का नया डायरेक्टर् बनाया है इस फैसले पर अब विवाद खड़ा हो गया हैकांग्रेस पार्टी ने कहा है कि सरकार ने यह नियुक्ति बिना पारदर्शिता के की है और कई नियमों को नजरअंदाज किया गया है
कांग्रेस की नेता सुप्रिया श्रीनेत् ने कहा कि सुकृति सूद का कार्यकाल अभी खत्म नहीं हुआ था फिर भी सरकार ने उन्हें समय से पहले हटाकर IMF भेजदिया उन्होंने यह भी कहा कि IMF से इसकी इजाजत नहीं ली गई
सुकृति सूद पहले मोदी सरकार की सलाहकार रह चुकी है और इस से जुड़े मामलों में सरकार को सलाह देती थी अब उन्हें इस संस्था में भेज अब उन्हेंइस संस्था में भेजना कांग्रेस को गलत लग रहा है पार्टी ने इसे हितों के टकराव पार्टी ने इसे हितों के टकराव conflict of interst बताया है
कांग्रेस ने एक और बड़ा आप रोप लगाया है कि यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया ने सुकृति सूट के परिवार से करीब 7 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे पार्टी नेसवाल किया कि क्या सरकार को इसकी जानकारी थी
इसके अलावा कांग्रेस को डर है कि आईएमएफ में भारत कई पाकिस्तान को कर्ज देने का समर्थन ना कर दे पाकिस्तान ने हाल ही में IMF ने 1.3 अरबकी मदद मांगी है
कांग्रेस से सब का है कि सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए यह देश के पैसों उन लोगों के भरोसे का सवाल है
कांग्रेस के सवाल :-
. IMF ने इजाजत क्यों नहीं ली गई
. सुकृति सूद् का कार्यकाल पूरा करने से पहले उन्हें क्यों हटाया गया
. यूनियन बैंक के शेयर सोदै की जानकारी सरकार के पास थी या नहीं
. क्या भारत IMF मे पाकिस्तान को कर्ज देने के पक्ष में है