प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज प्रयागराज महाकुंभ मेला क्षेत्र पहुंचे और पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। भगवा रंग के वस्त्र में सजेप्रधानमंत्री मोदी ने स्नान करने के बाद गंगा नदी को प्रणाम किया और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया। इसके बाद, उन्होंने संगम तट पर गंगा की पूजाकर देशवासियों की समृद्धि और कुशलता की कामना की। पीएम मोदी ने प्रयागराज एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हेलिकॉप्टर से डीपीएस स्कूल के ग्राउंडपर पहुंचने और फिर अरैल घाट से नाव द्वारा संगम नोज पर अपनी यात्रा पूरी की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस दौरान उनके साथमौजूद रहे।
38 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लिया संगम में स्नान
प्रधानमंत्री मोदी का संगम दौरा करीब दो घंटे का था, जो सुबह 11 बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक चला। महाकुंभ में प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर विशेषसुरक्षा व्यवस्था पहले से ही लागू की गई थी। संगम घाट से लेकर प्रयागराज की सड़कों तक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। महाकुंभ मेंश्रद्धालुओं की भीड़ अभी भी जारी है, और अब तक 38 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं।
पीएम मोदी ने क्यों चुनी यह तिथि?
प्रधानमंत्री मोदी ने आज माघ महीने की अष्टमी तिथि पर पुण्य काल में त्रिवेणी संगम में स्नान किया। हिंदू पंचांग के अनुसार, 5 फरवरी माघ मास कीगुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि है, जिसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन तप, ध्यान और स्नान को अत्यंत फलदायी माना गया है। धार्मिकमान्यता के अनुसार, इस दिन जो लोग तप करते हैं, उनका जीवन सुखमय और सफल होता है। इसे भीष्माष्टमी भी कहा जाता है, क्योंकि महाभारत मेंइस दिन भीष्म पितामह ने श्री कृष्ण की उपस्थिति में अपने प्राण त्यागे थे और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई।
महाकुंभ 2025 के आयोजन की जानकारी
महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू हुआ था और यह 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय(PMO) ने बताया कि महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो दुनियाभर के भक्तों को आकर्षित करता है।पीएमओ ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीर्थ स्थलों पर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं, जिससे भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और बढ़ावा मिल सके।
गंगा आरती और विकास कार्यों की शुरुआत
महाकुंभ के आयोजन से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 13 दिसंबर 2024 को संगम तट पर गंगा की आरती और पूजा की थी, ताकि इस महाकुंभ केसकुशल संपन्न होने की मंगलकामना की जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने 5,500 करोड़ रुपये की 167 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी कियाथा, जिससे आम जनता के लिए संपर्क, सुविधाओं और सेवाओं में सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने पहले भी वर्ष 2019 के कुंभ के दौरान प्रयागराज कादौरा किया था।