अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के USAID फंडिंग को लेकर किए गए दावे ने भारत में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। इस मुद्दे पर भारतीयजनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी हो रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तंज कसते हुएबीजेपी पर सवाल दागा है।
ट्रंप के बयान से गरमाई सियासत
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) द्वारा भारत को दी गई फंडिंगका इस्तेमाल चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया गया। उनके इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में घमासान मच गया।
बीजेपी ने इस दावे के आधार पर कांग्रेस पर विदेशी ताकतों से मदद लेने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुएखारिज कर दिया।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले में बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्टकरते हुए कहा, “जनता यह जानना चाहती है कि बीजेपी जो ट्रिलियन-ट्रिलियन डॉलर की बात करती है, उसमें अमेरिका से आया 21 मिलियन डॉलरभी शामिल है क्या?”
अखिलेश ने अपने पोस्ट के साथ डोनाल्ड ट्रंप के 49 सेकंड के एक वीडियो को भी साझा किया, जिसमें ट्रंप ने इस फंडिंग को लेकर बयान दिया था।उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि “कहीं डबल इंजन में एक इंजन विदेशी तो नहीं है?”
बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
बीजेपी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विदेशी शक्तियां भारतीय चुनावों में हस्तक्षेप कर रही थीं और इसका मकसदप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना था।
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस ने विदेशी ताकतों से समर्थन लिया। राहुल गांधी और विपक्षी दलोंकी साजिश भारत के लोकतंत्र को कमजोर करने की थी।”
बीजेपी ने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव से पहले कई संगठनों और पत्रकारों ने विदेशी हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठाए थे।
कांग्रेस ने किया पलटवार
कांग्रेस ने बीजेपी और ट्रंप के आरोपों को खारिज करते हुए इसे “झूठ और भ्रामक प्रचार” करार दिया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “USAID को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। यह बीजेपी की एक साजिश है, ताकि जनता को गुमराह किया जा सके।”
कांग्रेस ने इस मामले की पूरी सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए सरकार से श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने की मांग की है।
क्या होगी आगे की रणनीति?
USAID फंडिंग विवाद पर सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। बीजेपी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बता रही है, जबकि कांग्रेस इसेचुनावी राजनीति का हिस्सा मान रही है। इस मामले में केंद्र सरकार का आधिकारिक बयान आना बाकी है, जिससे साफ हो सके कि इस विवाद काआगे क्या रुख होगा।