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महाराष्ट्र: कांग्रेस अकेले लड़ सकती है लोकल बॉडी चुनाव, नसीम खान का बड़ा बयान

मुंबई: महाराष्ट्र में बीएमसी और अन्य लोकल बॉडी चुनावों को लेकर कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है। सीनियर कांग्रेस नेता नसीम खान नेबड़ा बयान देते हुए कहा कि महाविकास आघाड़ी और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र बचाने के लिए बनाए गए थे और आज भी सक्रिय हैं। हालांकि, लोकल बॉडी चुनावों के संदर्भ में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मांग है कि पार्टी इस बार अकेले चुनाव लड़े।कांग्रेस कार्यकर्ताओं की है मांगनसीम खान ने कहा, “हमने पहले भी, जब एनसीपी के साथ 15 साल तक गठबंधन में थे, लोकल बॉडी चुनाव अकेले लड़े थे। इस बार भी हमें लगताहै कि यही सही रहेगा। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा। लेकिन महाराष्ट्र में कार्यकर्ता चाहते हैं कि कांग्रेस अकेले अपने दम परचुनाव लड़े।”दिल्ली चुनाव पर भी बोले नसीम खानदिल्ली विधानसभा चुनाव पर नसीम खान ने कहा, “दिल्ली की स्थिति अलग है। अगर आम आदमी पार्टी अकेले लड़ना चाहती है तो यह उनकी मर्जीहै। हम भी अलग चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि हमें अपनी स्थिति मजबूत करनी है। हम एक राष्ट्रीय दल हैं और हमारी प्राथमिकता हर चुनाव जीतने की है।हालांकि, गठबंधन होता तो यह बेहतर होता।”भाजपा पर साधा निशानानसीम खान ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, “भाजपा अपनी सहयोगी पार्टियों को कमजोर करने की नीति पर काम करती है। पहले वह उनपार्टियों को अपने साथ लेकर उनका लाभ उठाती है, फिर खुद ताकतवर होकर उन्हें खत्म करने का काम करती है। महाराष्ट्र में भी भाजपा यही कर रहीहै। जल्द ही यह साफ हो जाएगा कि उनके मौजूदा सहयोगियों का भविष्य क्या होगा।”

उपचुनाव विधानसभा यूपी- चंद्रभान पासवान को मिला टिकट, BJP ने घोषित किया मिल्कीपुर सीट पर उम्मीदवार

बीजेपी ने यूपी की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार का ऐलान किया है। इस सीट पर चंद्रभान पासवान को टिकट दियागया है। इस बार का चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।मिल्कीपुर में कब होंगे चुनाव?विधानसभा मिल्कीपुर में उपचुनाव 5 फरवरी को होगा, जिसके परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। डीएम चंद्र विजय सिंह ने जानकारी देतेहुए बाताया कि- उपचुनाव नामांकन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी तक चली। इसके बाद 18 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच कीजाएगी और 20 जनवरी को उम्मीदवार नाम वापस ले सकते है।मिल्कीपुर में कितने वोटर्सइस सीट पर कुल 3,70,829 मतदाता हैं, जिनमें 1,92,984 पुरुष, 1,77,838 महिलाएं और 7 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। उपचुनाव में नएयुवा मतदाता 4811 है, जो पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। मतदान के लिए 255 मतदान केंद्र और 414 मतदेय स्थल बनाए गए हैं।चुनाव की व्यवस्था के तहत चार जोनल मजिस्ट्रेट और 41 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।उपचुनाव में कांग्रेस नही लेगी हिस्सामिल्कीपुर में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने हिस्सा न लेने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि- पार्टी2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। फिलहाल कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत कर रही है।

अहमदाबाद में अमित शाह ने उड़ाई पतंग,  सीएम के साथ उठाया लुत्फ

मकर संक्रांति के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में पतंगबाजी की। इस उत्सव के दौरान गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भीमौजूद रहे। मकर संक्रांति के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के मेमनगर इलाके में शांति निकेतन सोसायटी के लोगो के साथ त्योहारमनाया। इस समारोह में गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल भी शामिल हुए। जिससे स्थानीय लोग में काफी उत्साहित नजर आए। मकर संक्रांति के त्योहारपर सोसाइटी को रंगोलियों से सजाया गया…. महिलाओं और बच्चों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जोरदार स्वागत किया…. इस दौरान पारंपरिकढोल-नगाड़ों के साथ सांस्कृतिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। छत पर जाकर उड़ाई पतंगमकर संक्रांति के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी पत्नी सोनलबेन शाह के साथ छत पर पतंगबाजी में हिस्सा लिया। केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मकर संक्रांति के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं। इस उत्सव में अहमदाबाद की मेयर प्रतिभा जैन, पार्टीके स्थानीय नेता, पार्षदों और एएमसी अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति देखी गई।मकर संक्रांति पतंगबाजी का त्योहार गुजरात में इसे उत्तरायण के रूप में जाना जाता है। गुजरात में इस दिन को पतंगबाजी के साथ मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय पतंगबाजी महोत्सव केहिस्से के रूप में, लोग राज्य भर में छतों पर इकट्ठा होते हैं और साफ आसमान का आनंद लेते हुए पतंगबाजी करते हैं। पतंग उड़ाने के अलावा, लोगचिक्की, तिल और मूंगफली से बने लड्डू और उंधियू (सर्दियों की सब्जियों से बना एक व्यंजन) जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू और कश्मीर के विकास को लेकर अहम बयान दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर में चल रहे विकास कार्यों पर जोर देते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब सुरंगों, पुलों और रोपवे का केंद्रबनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग, रेल पुल और रेल लाइनों का निर्माण किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र के लिए एकऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने ये बातें सोनमर्ग में नवनिर्मित जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करने के बाद कहीं। ‘चिनाब पुल की इंजीनियरिंग ने दुनिया को किया है हैरान’प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब पुल की अद्भुत इंजीनियरिंग की सराहना करते हुए कहा कि इसकी डिजाइन और निर्माण ने पूरी दुनिया को हैरान कर दियाहै। सोनमर्ग सुरंग के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा, “जम्मू और कश्मीर अब सुरंगों, पुलों और रोपवे का हब बन रहा है। यहां दुनिया कीसबसे ऊंची सुरंग, दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल और दुनिया की सबसे ऊंची रेल लाइनें बन रही हैं। चिनाब ब्रिज की इंजीनियरिंग को देखकर दुनियाअचंभित है।” मोदी ने साझा की अपनी पुरानी यादेंप्रधानमंत्री मोदी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वे भाजपा कार्यकर्ता के रूप में कश्मीर घाटी आते थे, तो उन्हें कई किलोमीटरपैदल चलकर घंटों का सफर तय करना पड़ता था। उन्होंने कहा, “मैं यहां बहुत समय बिताया है, चाहे वह सोनमर्ग हो, गुलमर्ग हो, बारामुल्ला हो यागंदेरबल। हम बहुत बर्फबारी के बीच भी पैदल यात्रा करते थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों की गर्मजोशी ने हमें ठंड का एहसास नहीं होने दिया।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज का दिन खास है क्योंकि राज्य में हर कोना उत्सव के मूड में है और साथ ही, महाकुंभ के आयोजन के साथ देश भरमें विभिन्न त्योहारों की धूम मची है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए नए रास्तेप्रधानमंत्री ने सोनमर्ग सुरंग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “यह सुरंग जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के जीवन को आसान बनाएगी। यहएक लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी और क्षेत्रीय विकास को गति देगी।” उन्होंने यह भी कहा कि जब वे प्रधानमंत्री बनने से पहलेभाजपा कार्यकर्ता थे, तो उनके लिए कश्मीर की यात्रा बेहद कठिन होती थी, लेकिन अब इस सुरंग के बनने से यात्रा सरल और सुगम हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि उन्होंने जम्मू में अपने रेलवे डिवीजन की आधारशिला रखी, जो एक और महत्वपूर्ण विकास कार्यथा। “यह आपकी बहुत पुरानी मांग थी, और मैं इसे पूरा करने में सफल रहा हूं। यह मोदी है, जो वादा करता है और उसे निभाता है।” राज्य के विकास की दिशाप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। नए पुलों, सुरंगोंऔर रेल लाइनों के निर्माण से न केवल इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि यहां के लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

महाकुंभ 2025 के पहले दिन ‘अमृत स्नान’ पर लगभग 1 करोड़ भक्तों ने लगाई डुबकी, ड्रोन से हो रही निगरानी

महाकुंभ 2025, जो दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, आधिकारिक रूप से प्रयागराज में शुरू हो गया है। इस विशाल आयोजन मेंलाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम में पवित्र स्नान करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं। महाकुंभ का आयोजन 45 दिनों तक चलेगा, जिसमें श्रद्धालु अपने पापों से मुक्ति के लिए आस्था और विश्वास के साथ संगम में डुबकी लगाएंगे। यह मेला 13 जनवरी से शुरू हुआ और 26 फरवरीतक जारी रहेगा। पहले दिन 10 मिलियन श्रद्धालुओं ने लिया पवित्र स्नानउत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख, प्रशांत कुमार के अनुसार, महाकुंभ के पहले दिन करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई। इस दिन कोविशेष रूप से ‘अमृत स्नान’ के रूप में मनाया जाता है, जो महाकुंभ की शुरुआत का प्रतीक है। श्रद्धालु इसे एक अत्यंत पवित्र अवसर मानते हैं। सुरक्षा व्यवस्था: चाक-चौबंद निगरानीमहाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कई कदमउठाए हैं। डीजीपी कुमार ने बताया कि संगम क्षेत्र में पुलिसकर्मी तैनात हैं और ड्रोन की मदद से क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, पानीके भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंडरवाटर ड्रोन भी इस्तेमाल हो रहे हैं। अब तक किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है, जो सुरक्षा कीउच्च मानकों को दर्शाता है। यातायात व्यवस्था: निर्बाध संचालनमहाकुंभ के आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग ने आवश्यक इंतजाम किए हैं। डीजीपी कुमार नेबताया कि प्रयागराज जाने वाली सड़कों पर यातायात बिना किसी रुकावट के जारी है। यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो उसे प्रमुख स्नान तिथियोंतक सुधारने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधाजनक यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। महाकुंभ 2025 के लिए विशेष व्यवस्थाएंमहाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए सरकार ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मेला क्षेत्र में 0.15 मिलियनशौचालय, 15,000 सफाई कर्मचारी, 2,500 गंगा सेवा दूत और 0.15 मिलियन तंबू लगाए गए हैं। इसके अलावा, 69,000 एलईडी लाइट्स, सोलर हाइब्रिड स्ट्रीट लाइट्स और 2,750 भीड़-निगरानी कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की 24/7 निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए खोया-पायाकेंद्र भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही, पार्किंग सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध हैं। जल सुरक्षा: फ्लोटिंग पुलिस चौकी और जल एम्बुलेंसमहाकुंभ की सुरक्षा में एक नया कदम उठाते हुए, उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगम क्षेत्र में एक फ्लोटिंग पुलिस चौकी स्थापित की है। इसके अलावा, राष्ट्रीयआपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने एक जल एम्बुलेंस तैनात की है, जो हर समय किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहतीहै। यह जल एम्बुलेंस चिकित्सा सुविधाओं से लैस है और इसमें डॉक्टर व एनडीआरएफ के अधिकारी तैनात रहते हैं। प्रमुख स्नान तिथियां और विशेष धार्मिक आयोजनमहाकुंभ 2025 में कई प्रमुख स्नान तिथियां हैं, जिन पर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होती है। इनमें 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी(मौनी अमावस्या), 3 फरवरी (बसंत पंचमी), 12 फरवरी (माघी पूर्णिमा) और 26 फरवरी (महा शिवरात्रि) शामिल हैं। इन तिथियों पर विशेष धार्मिकअनुष्ठान और पूजा आयोजित की जाती है। अनुमानित 450 मिलियन श्रद्धालुओं की उपस्थितिमहाकुंभ 2025 में अनुमानित 450 मिलियन से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यह संख्या इस आयोजन के ऐतिहासिक महत्व कोदर्शाती है, जहां हर साल लाखों लोग इस पवित्र अवसर पर शामिल होते हैं। महाकुंभ न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर के हिंदू धर्मावलंबियों के लिएएक महत्वपूर्ण धार्मिक मेला है।

संजय राउत की चेतावनी और ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता पर विचार

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के संबंध में शिवसेना (UBT) की ओर से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पार्टी ने इन चुनावों में अकेले उतरनेका ऐलान किया, जिससे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (Indian National Developmental Inclusive Alliance) में फूट की अटकलें तेज होगईं। इसी बीच, शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक सशक्त बयान दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस और अन्यगठबंधन सहयोगियों से संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। राउत ने यह चेतावनी दी कि अगर गठबंधन के सदस्य आपस में संवाद नहींकरेंगे, तो उनकी एकता और भविष्य में कोई भी गठबंधन सफल नहीं हो सकता। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस को एक अहम सलाह दी और कहा कि इसस्थिति में पार्टी को जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए। इस लेख में हम संजय राउत के बयान, ‘इंडिया’ गठबंधन की स्थिति, और राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में इसे लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तार से चर्चाकरेंगे। शिवसेना (UBT) का अकेले चुनाव लड़ने का निर्णयशिवसेना (UBT) ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में अकेले लड़ने का निर्णय लिया। पार्टी के लिए यह कदम महत्वपूर्ण था क्योंकि राज्य मेंसत्ताधारी गठबंधन में कई तरह की राजनीतिक हलचलें चल रही हैं। पार्टी ने यह स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूतकरने के लिए वह अकेले चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। इस निर्णय के बाद, शिवसेना (UBT) के नेताओं ने कहा कि पार्टी अपने आधार को मजबूत करना चाहती है और उसका यह कदम गठबंधन तोड़ने केलिए नहीं है। हालांकि, इस फैसले ने ‘इंडिया’ गठबंधन और महा विकास आघाड़ी (MVA) के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। राउत का बयान: संवाद की कमी से गठबंधन पर खतरासंजय राउत ने इस निर्णय के बाद एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने गठबंधन के भीतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।राउत ने कहा कि यदि सहयोगियों के बीच संवाद बंद हो जाए, तो कोई भी गठबंधन सफल नहीं हो सकता। उनका मानना था कि यदि दलों के बीचबातचीत और समन्वय नहीं रहेगा, तो गठबंधन के उद्देश्य को हासिल करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति में जिम्मेदार नेताओंकी भूमिका को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि सभी दलों के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जा सके। राउत ने एक उदाहरण के रूप में 2019 में हुए शिवसेना-भा.ज.पा गठबंधन को सामने रखा। उन्होंने बताया कि उस समय दोनों दलों के बीच संवाद कीकमी के कारण ही गठबंधन टूट गया था। राउत ने यह स्वीकार किया कि गठबंधन की सफलता केवल अच्छे और सशक्त संवाद पर निर्भर करती है, नकि केवल राजनीतिक रणनीतियों पर। कांग्रेस पर जिम्मेदारी: ‘इंडिया’ गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल करीब 30 राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच संवाद और समन्वय बनाए रखने के लिए कांग्रेस की भूमिका को राउत नेप्रमुख बताया। उन्होंने कहा, ‘‘गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस की जिम्मेदारी सबसे अधिक है।’’ उनके अनुसार, कांग्रेस को चाहिए किवह गठबंधन के भीतर संवाद बनाए रखने के लिए जिम्मेदार नेताओं की नियुक्ति करें, ताकि सभी दलों के विचारों और हितों को ध्यान में रखते हुएएकजुटता बनी रहे। राउत ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे ने हमेशा इस मुद्दे पर जोर दिया है और गठबंधन की बैठकों में इस बात को उठाया है कि सभी दलों के बीच एकस्वस्थ और प्रभावी संवाद होना चाहिए। कांग्रेस की भूमिका को लेकर राउत का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आगामी लोकसभा चुनावऔर राज्यसभा चुनावों में गठबंधन की एकता को बनाए रखने के लिए कांग्रेस का नेतृत्व अहम होगा। गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने पर राउत की रायजब संजय राउत से पूछा गया कि क्या गठबंधन के सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने में कोई समस्या है, तो उन्होंने इसे लेकर अपना पक्ष स्पष्टकिया। राउत ने कहा, ‘‘एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने में कुछ भी गलत नहीं है।’’ उनका कहना था कि यह सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है, जिसमेंविभिन्न पार्टियां अलग-अलग चुनावों में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। राउत ने उदाहरण के तौर पर दिल्ली का जिक्र किया, जहां आम आदमीपार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच प्रतिस्पर्धा हो सकती है। वहीं, राउत ने यह भी कहा कि सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें धोखेबाज कहा जाए। यह बात वह खास तौर परउद्धव ठाकरे और शिवसेना (UBT) के दृष्टिकोण से कह रहे थे। उनका मानना था कि चुनावी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, दलों को आपस में एक-दूसरे कोधोखेबाज करार नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे गठबंधन की एकता पर खतरा पैदा हो सकता है। गठबंधन के भीतर एकता और भविष्य की दिशाराउत के बयान के बाद, यह सवाल उठने लगा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता को बनाए रखने के लिए किस तरह की रणनीतियाँ अपनाई जासकती हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन में अब तक कई प्रमुख दल शामिल हैं, जिनमें शिवसेना (UBT), कांग्रेस, और शरद पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी(NCP) शामिल हैं। इस गठबंधन का उद्देश्य आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चुनौती देना है। हालांकि, हालिया घटनाक्रमों से यह साफ़ हो गया है कि गठबंधन में सहयोगियों के बीच विचारधाराओं और राजनीतिक दृष्टिकोण में भिन्नताएँ हैं, जोगठबंधन के भीतर तनाव का कारण बन सकती हैं। ऐसे में राउत के बयान को एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि अगर इन मतभेदों कोसुलझाने के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाता है, तो गठबंधन की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। संजय राउत का दृष्टिकोण: राजनीति में संवाद और संघर्ष का महत्वसंजय राउत का राजनीतिक दृष्टिकोण हमेशा से ही स्पष्ट और सशक्त रहा है। वह न केवल शिवसेना (UBT) के नेता हैं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति मेंभी उनकी अहम भूमिका रही है। उनके बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि वे राजनीतिक संघर्ष के बावजूद संवाद को प्राथमिकता देते हैं। राउत का यहमानना है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा और संगठनात्मक विकास के लिए संवाद और समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने 2019 में शिवसेना-भा.ज.पा गठबंधन के टूटने के कारणों की ओर इशारा किया, जिसमें संवाद की कमी एक बड़ा कारणथा। राउत का यह दृष्टिकोण पार्टी के भीतर और गठबंधन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की दिशा में काम करता है।

बिहार के राज्यपाल की पहल:  प्रशांत किशोर का अनशन खत्म कराने की कोशिश

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने प्रशांत किशोर के अनशन को समाप्त कराने के लिए पहल की है। राज्यपाल ने प्रशांत किशोर से कहा हैकि वे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजें, और सभी मिलकर समाधान का प्रयास करें। यह जानकारी प्रशांत किशोर की टीम ने दी है। प्रशांत किशोर की बैठक: छात्रों के प्रतिनिधियों से संवादप्रशांत किशोर ने 10:30 बजे शेखपुरा स्थित अपने आवास पर छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है। यह बैठक उनकी ओरसे उठाए गए मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जाएगी। BPSC द्वारा प्रशांत किशोर को कानूनी नोटिसइससे पहले, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने प्रशांत किशोर समेत कुछ अन्य लोगों को कानूनी नोटिस जारी किया था। यह नोटिस 13 दिसंबरको राज्यभर में आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) पर उठे विवाद को लेकर था। बीपीएससी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने आयोगके खिलाफ निराधार आरोप लगाए। बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक, राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि आयोग ने कुछ राजनेताओं और कोचिंग सेंटर सेजुड़े व्यक्तियों को नोटिस भेजा है, और जल्द ही और नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रशांत किशोर पर आरोप और नोटिस का विवादप्रशांत किशोर को यह नोटिस 70वीं CCE में गड़बड़ी के आरोपों के लिए भेजा गया था। नोटिस में कहा गया था कि किशोर को अपने आरोपों केसमर्थन में सात दिनों के भीतर “अकाट्य और सत्यापन योग्य सबूत” प्रस्तुत करने होंगे। किशोर पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कहा था कि”बच्चों की नौकरियां 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये में बेची गईं” और यह घोटाला ₹1,000 करोड़ से अधिक का है। नोटिस पाने वाले अन्य प्रमुखव्यक्ति पटना के ट्यूटर और यूट्यूबर खान सर भी थे, जिन्होंने बीपीएससी की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।

केजरीवाल का राहुल गांधी पर पलटवार: उन्होंने मुझे गालियां दीं,पर मैं उनका जवाब ….

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी के ताजा बयान पर प्रतिक्रिया दी है।सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, “राहुल गांधी जी दिल्ली आए और उन्होंने मुझे बहुत गालियां दीं, लेकिन मैं उनका जवाब नहीं दूंगा। उनकी लड़ाईकांग्रेस बचाने की है, मेरी लड़ाई देश बचाने की है।” बीजेपी पर आरोप: दिल्ली विधानसभा में धांधली का आरोपइससे पहले, केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाते हुए कहा था कि नई दिल्ली विधानसभा में बीजेपी की धांधली साफ दिखरही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी वोट बनाने और पैसे, चादरें और चश्मे बांटने का यह खेल चुनाव अधिकारी (डीएम) की मिलीभगत से चल रहाहै। केजरीवाल ने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इसमें शामिल डीएम को तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने क्या कहा था?कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में अपनी रैली के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) पर हमला किया और अरविंद केजरीवाल कीतुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करते हुए दोनों पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अरविंदकेजरीवाल से कभी भी देशव्यापी जाति जनगणना के बारे में कुछ नहीं सुना। इस पर केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उन्हेंगाली दी, और यह साफ कर दिया कि वह कांग्रेस को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। संदीप दीक्षित का आरोप: अफवाहों का सिलसिलानई दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने भी आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए और कहा, “आम आदमी पार्टी अफवाह फैला रही थीकि हम बीजेपी के साथ हैं, जबकि बीजेपी ने यह अफवाह फैलाई थी कि हम आप पर हमला नहीं कर रहे हैं। अब राहुल गांधी ने यह साफ कर दिया हैकि यदि कोई साथ खड़ा है तो वह कांग्रेस पार्टी है, जनता के साथ।”

दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ FIR दर्ज की, बीजेपी ने वीडियो पर जताई आपत्ति

दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह मामला दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में दर्ज किया गयाहै, जहां पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तस्वीरों का इस्तेमाल कर कुछ विवादित वीडियोशेयर किए थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन वीडियो पर आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। वीडियो में क्या था?आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इन वीडियो में दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर पीएम मोदी और अमित शाह पर आरोप लगाए थे।वीडियो में बीजेपी नेतृत्व पर बांग्लादेशी नागरिकों को देश में प्रवेश कराने का आरोप था। इसके बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ सख्तकार्रवाई की मांग की। आचार संहिता लागू, चुनावी माहौल गर्मदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों का ऐलान होते ही आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता के तहत नेताओं को चुनाव प्रचारऔर भाषणों में बहुत सतर्क रहना होता है। किसी भी तरह के भड़काऊ भाषण या दूसरे नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश पर चुनाव आयोगकार्रवाई कर सकता है। बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दाआम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि केंद्र में पिछले दस सालों से बीजेपी की सरकार है, और ऐसे में बांग्लादेशी नागरिकों का देश में प्रवेश कैसेहो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल, असम, और त्रिपुरा जैसे राज्यों से ये नागरिक कैसे दिल्ली तक पहुंच रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने आमआदमी पार्टी के नेता मोहिंदर गोयल पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करवा रहे थे। दिल्ली चुनाव के लिए तैयारियांदिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा। चुनाव आयोग ने सभी 77 विधानसभा सीटों पर मतदान की तारीख तय करदी है और उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तिथि 17 जनवरी है, जबकि 18 जनवरी को उम्मीदवारों की छंटनीकी जाएगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 20 जनवरी है। चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे और 10 फरवरी तक चुनाव प्रक्रियापूरी हो जाएगी।