कौन बनेगा दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री? जानिए 16 फरवरी को I क्या हो सकता है फैसला ?

दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल का जवाब 16 फरवरी को मिल सकता है। खबरों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) 16 फरवरी को अपनी विधायक दल की बैठक आयोजित करेगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जा सकता है।मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चित नामदिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है, जिनमें परवेश वर्मा, वीरेंद्र सचदेवा, और विजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा, बीजेपी महिला मुख्यमंत्री की नियुक्ति करने पर भी विचार कर रही है, अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली को चौथी महिला मुख्यमंत्री मिलेगी। बीजेपी नेताओं की बैठक और विचार–विमर्शभा.ज.पा. अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को इस मुद्दे पर बैठक की थी। इससे पहले, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहितवरिष्ठ नेताओं ने बीजेपी मुख्यालय पर इस मामले पर चर्चा की थी। एमपी–राजस्थान मॉडल को ध्यान में रखते हुएबीजेपी के इतिहास को देखें तो पार्टी ने कम प्रसिद्ध नेताओं को चुना है, जैसे मध्य प्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में भजनलाल शर्मा, और ओडिशा मेंमोहन चरण माझी। इन फैसलों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया था। ऐसे में दिल्ली में भी पार्टी इसी रुझान को आगे बढ़ा सकती है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का बयानदिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नवनिर्वाचितविधायक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामदिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की, जिससे वह 27 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाने जा रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) को इस चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ, उसने केवल 22 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के जोखिम और अवसरों पर जताई चिंता, विश्व नेताओं से किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पेरिस में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े संभावित खतरों, जैसे किडीपफेक और गलत सूचना पर ध्यान आकर्षित किया और विश्व नेताओं से इस तकनीक को लोकतांत्रिक बनाने तथा लोगों को कुशल बनाने की अपीलकी। लोकल पारिस्थितिकी तंत्र में एआई का समावेश जरूरीप्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन में जोर दिया कि तकनीक को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में समाहित करना चाहिए और इसके द्वारा उत्पन्न होने वालीसाइबर सुरक्षा समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनका कहना था कि इसे अधिक जन-केंद्रित बनाना चाहिए और विश्वास और पारदर्शिता कोबढ़ाने के लिए ओपन सोर्स सिस्टम को विकसित किया जाना चाहिए। विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ओपन सोर्स का विकास करेंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें ऐसे ओपन सोर्स सिस्टम विकसित करने चाहिए जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा दें। हमें पक्षपाती से मुक्तक्वालिटी डेटा सेंटर बनाने चाहिए और तकनीक को लोकतांत्रिक बनाना चाहिए। साथ ही, हमें साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीपफेक जैसीसमस्याओं का समाधान करना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में निहित करने से वह ज्यादा प्रभावी औरउपयोगी बनेगी। बेरोजगारी के खतरे से निपटने के लिए कौशल प्रदान करना जरूरीप्रधानमंत्री मोदी ने एआई के कारण उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे बड़ा व्यवधाननौकरियों का नुकसान होगा, हालांकि इतिहास ने यह साबित किया है कि तकनीक की वजह से काम गायब नहीं होता, बल्कि उसकी प्रकृति बदलजाती है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें एआई-संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कौशल प्रदान करने और पुनः कौशल प्रदान करने में निवेश करनेकी आवश्यकता है।” सभी के लिए एआई की पहुंच सुनिश्चित करनाप्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि एआई की पहुंच को सुनिश्चित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह लाखों लोगों के जीवन को बदल सकता है और स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सुधार कर सकता है। भारत की डिजिटल सार्वजनिक ढांचे में सफलताप्रधानमंत्री मोदी ने भारत द्वारा डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के निर्माण में मिली सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने 1.4 बिलियनसे अधिक लोगों के लिए बहुत कम लागत पर एक सफल डिजिटल सार्वजनिक ढांचा स्थापित किया है, जो एक खुले और सुलभ नेटवर्क पर आधारितहै। पीएम मोदी ने कहा, “हमारे पास दुनिया के सबसे बड़े एआई प्रतिभा पूल में से एक है और हम एआई को अपनाने और डेटा गोपनीयता परतकनीकी-कानूनी समाधानों में अग्रणी हैं।” एआई शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहे पीएम मोदीप्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के साथ सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। वे फ्रांस की अपनी यात्रा के दौरान परमाणुफ्यूजन रिसर्च में महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, ITER परियोजना का दौरा भी करेंगे। साथ ही, भारतीय सैनिकों को सम्मानित करने के लिए मजारग्यूज़युद्ध कब्रिस्तान भी जाएंगे। पीएम मोदी 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे, और उसके बाद अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे।
अमानतुल्लाह खान पर केस दर्ज, पुलिस जांच में सहयोग न करने का आरोप

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और ओखला विधानसभा सीट से विधायक अमानतुल्लाह खान की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं। उनके समर्थकों परएक आरोपी को पुलिस की कस्टडी से छुड़वाने का आरोप लगा है। इस मामले में डीसीपी साउथ ईस्ट, रवि कुमार सिंह ने बताया कि, “सूचना मिलनेके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम एक अपराधी को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान अमानतुल्लाह खान अपने समर्थकोंके साथ पहुंचे और अपराधी शावेज खान को भागने में मदद की। इसके बाद अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों के खिलाफ संगठित अपराध कीधाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। हम अमानतुल्लाह खान से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और वह जांच में भी सहयोग नहीं कर रहे हैं।” एफआईआर दर्ज, पुलिस कार्रवाई जारीडीसीपी ने बताया कि अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इसमामले में करीब 20 लोग शामिल थे और पुलिस टीम की जांच जारी है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि, “हम कोशिश कर रहे हैं कि हम उनसे संपर्ककर सकें और जांच को आगे बढ़ा सकें।” बताया गया है कि क्राइम ब्रांच की टीम पर हमला किया गया था और हत्या के प्रयास में शामिल आरोपी कोछुड़ा लिया गया था। क्या है पूरा मामला?यह घटना दिल्ली के जामिया नगर इलाके की है, जहां क्राइम ब्रांच की टीम शावेज खान को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी। शावेज खान पर हत्याके प्रयास का आरोप था। आरोप है कि अमानतुल्लाह खान के समर्थकों ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुनील कालखंडे की टीम पर हमला किया औरआरोपी को छुड़ा लिया। इसके अलावा, यह भी कहा जा रहा है कि अमानतुल्लाह खान भी मौके पर मौजूद थे, और उनकी मौजूदगी में पुलिसकार्यवाही में रुकावट डाली गई, जिससे आरोपी फरार हो गया।
स्वाती मालीवाल का अरविंद केजरीवाल पर बड़ा आरोप, पंजाब को निजी एटीएम समझने का आरोप

दिल्ली चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। अबउन पर राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्वाती मालीवाल ने कहा कि पंजाब को अब कुछ लोग निजी एटीएम की तरहसमझने लगे हैं। पंजाब में भगवंत मान की सरकार होने के बावजूद, मालीवाल ने पंजाब के लोगों और विधायकों के बीच बढ़ती नाराजगी को लेकरचिंता जताई। स्वाती मालीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनेकरीबी सहयोगी विभव कुमार को भगवंत मान का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है, जिसे मालीवाल ने “गुंडा” करार दिया। मालीवाल ने यह भीसवाल उठाया, “क्या पंजाब से लूटी गई रकम अब दिल्ली में जा रही है?” इसके साथ ही मालीवाल ने पूछा, “पंजाब ने जब अरविंद केजरीवाल कोअपना जनादेश दिया था, तो उन्होंने पंजाब के लिए क्या किया?” पंजाब में भ्रष्टाचार का आरोपस्वाती मालीवाल ने कहा, “आज पंजाब में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। यहां अवैध बालू खनन हो रहा है, ट्रांसफर और पोस्टिंग में भ्रष्टाचार हो रहा है।पंजाब के लोग और कई विधायक इस स्थिति से गुस्से में हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल, दिल्ली में अपनी हार के बाद, पंजाब में अपनी राजनीति को जिंदा रखने के लिए वहां जाने की योजना बना रहे हैं। पंजाब में असंतोष की अटकलें तेजदिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘आप’ की हार के बाद पंजाब में पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। कई राजनीतिक नेताओं का मानना हैकि पंजाब में ‘आप’ की सरकार गिर सकती है। बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि पंजाब में ‘आप’ की सरकार कभी भी गिरसकती है और अरविंद केजरीवाल कभी भी चुनाव नहीं जीत पाएंगे। इससे पहले कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी बयान दिया था कि पंजाब में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं।उनका कहना था कि दिल्ली में हार के बाद ‘आप’ के विधायक बड़ी संख्या में पार्टी छोड़ सकते हैं। रंधावा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मानलंबे समय से दिल्ली के संपर्क में हैं, जो भविष्य में पंजाब के लिए हानिकारक हो सकता है।
पं. दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की

नई दिल्ली, 11 फरवरी: भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश, दिल्ली भाजपा के सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्क में स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पितकी। इस मौके पर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, महामंत्री और सांसद योगेंद्र चंदोलिया, महामंत्री विष्णु मित्तल, सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व प्रदेशअध्यक्ष और मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय, रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टरहर्षवर्धन, नव निर्वाचित विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष मती सुनीता कांगड़ा ने की।वी. सतीश ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की शख्सियत को किया यादवी. सतीश ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विशाल व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा, “पं. दीनदयाल उपाध्यायका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि उनके पास जाने से ही लोगों में चारित्रिक परिवर्तन आना स्वाभाविक था।” उन्होंने बताया कि 1925 में जबसंघ की स्थापना हुई, तब शायद ज्यादा लोग इसे नहीं जानते थे, लेकिन आज अगर हम कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों को देखें, तो हमें उसे माइक्रोस्कोपसे देखना पड़ेगा। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने हमेशा सही रास्ते पर चलने की बात की थी, और यही रास्ता आज भी भाजपा का मार्गदर्शन कर रहा है।दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकता‘ और ‘अंत्योदय‘ का विचारवी. सतीश ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का विचार टुकड़ों में नहीं था। वह एकता की बात करते थे, और इसी विचार को उन्होंने आगे बढ़ाया।उन्होंने नॉन-कांग्रेस के विचार की शुरुआत की, जो आगे चलकर श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के रूप में सफल साबितहुआ। साथ ही, उन्होंने ‘हर हाथ को काम, हर खेत को पानी’ का नारा दिया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी योजनाओं के माध्यम से पूरे देश में लागूकिया। सतीश ने कहा, “आज भारत जिस प्रकार से आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्यरखा है, यह भी पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का ही परिणाम है।” दिल्ली में भाजपा के लिए चुनौतीवी. सतीश ने दिल्ली में भाजपा की बढ़ती चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “दिल्ली में जहां एक तरफ झुग्गियों में लोग रहते हैं, वहीं दूसरीतरफ गंदा पानी पीना पड़ता है। हमें इन चुनौतियों का सामना करते हुए अंत्योदय के विचार को दिल्ली में लागू करना होगा, ताकि हम पं. दीनदयालउपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।” कार्यक्रम का समापन प्रदेश मंत्री किशन शर्मा ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के अंत में वी. सतीश का धन्यवाद किया और उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
अखिलेश यादव का तंज: यूपी की ‘डबल इंजन’ सरकार कर रही है ‘डबल ब्लंडर’, बजट समेत कई मुद्दों पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा करते हुएकई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार ‘डबल ब्लंडर’ कर रही है। इस दौरानउन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं में खामियां उजागर कीं, जिससे सनातन धर्म मानने वालों को गहरा दुख हुआ। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार यातायात व्यवस्था को ठीक से संभालने में नाकाम रही, जिसके कारण प्रयागराज में लोग 300 किलोमीटर लंबी जाम में फंस गए थे। उन्होंने कहा, “प्रयागराज में लोग परेशान हो रहे थे, यात्रा में कोई सुविधा नहीं दी जा रही थी, और यह स्थितिदुखद है। इससे सनातन धर्म मानने वालों को ठेस पहुंची है।” उन्होंने महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ की भी आलोचना की और कहा कि सरकार ने इससंबंध में सही जानकारी नहीं दी। केंद्रीय बजट पर अखिलेश का कटाक्षसपा अध्यक्ष ने केंद्रीय बजट की भी आलोचना करते हुए कहा कि इस बजट में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखाईदेता। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में पेश किए गए बजटों का कोई ठोस परिणाम नहीं आया और भारतीय प्रवासियों की समस्याओं काहवाला देते हुए कटाक्ष किया, “क्या ये बजट इसलिए बनाए गए थे ताकि दुनिया देखे कि भारतीय लोग हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां बांधकरवापस भेजे गए?” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछली बार मोदी जी हीरा लेकर गए थे, इस बार सोने की जंजीर ले जाइएऔर कुछ और लोगों को वापस ले आइए।” ‘डबल इंजन’ सरकार पर तंजअखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार ‘डबल ब्लंडर’ कर रही है। उन्होंने किसानों की आयदोगुना करने के वादे का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के पास इस वादे को पूरा करने का कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) की कानूनी गारंटी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और स्वामीनाथन की सलाह को नजरअंदाज किया गया। यादव ने यह भी कहा किकिसानों के कर्ज माफ किए जाने चाहिए और खेती के उत्पादों पर जीएसटी को हटाया जाना चाहिए। नोटबंदी और अर्थव्यवस्था पर टिप्पणीअखिलेश यादव ने भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में भी चिंता जताई, विशेष रूप से रोजगार के अवसरों के अभाव पर। उन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंकोंके बाहर लगी लंबी लाइनों का जिक्र करते हुए कहा, “नोटबंदी के समय बैंकों के सामने जो लाइनें लगी थीं, उनमें एक बच्चा पैदा हुआ था जिसकानाम ‘खजांची’ रखा गया था। अब वह बड़ा हो चुका है और मैं सरकार से कहूंगा कि वह इस खजांची को गोद ले लें।” उन्होंने बजट में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जबदेश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देना पड़ रहा है, तो क्या यही भारत के विकास की सच्ची तस्वीर है?” उत्तर प्रदेश में निवेश के दावों पर सवालअखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में किए गए निवेश के दावों की आलोचना की और कहा कि राज्य सरकार की ओर से किए गए निवेश के दावे विज्ञापनोंतक ही सीमित हैं। जमीनी स्तर पर इन दावों का कोई ठोस असर नहीं दिखाई दे रहा