कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को बनाया गंभीर मुद्गा

Delhi News:महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की संबंध में कहा कि कोई सरकारी पैसा गायबनहीं हुआ है.दरअसल मंत्रालय का बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उसे दावे के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार की बेटीबचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से 445 करोड रुपए गायब हो चुके हैं. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना के संबंध में कहा गया है कि कोई सरकारी पैसा गायब नहीं हुआ है. मंत्रालय का बयान कांग्रेस अध्यक्ष मालकर अर्जुन के उस दावे के बादआया जिसमें उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से कुल 455 करोड रुपए गायब हो गए हैं. आरटीआई से मिलीजानकारी ने केंद्र सरकार के झूठ को उजागर कर दिया.इसको लेकर मंत्रालय ने बताया. कि इस साल 31 जनवरी तक इस योजना के तहत कुल952.04 करोड रुपए खर्च किए गए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित 526.55 करोड रुपए और राष्ट्रीयस्तर पर विभिन्न गतिविधियों पर खर्च किए गए 425.49 करोड रुपए शामिल है. खरगे के इस दावे का खंडन करते हुए मंत्रालय ने एक्स पोस्ट पर कहाकि झूठा नैरिटिन बनाने के लिए तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है. कोई सार्वजनिक धन गायब नहीं हुआ है सरकार बेटी बचाओ बेटीपढ़ाओ के माध्यम से प्रत्येक बालिका को बचाने और शिक्षित करने के लिए मिशन पर अडिग है. इससे पहले भी खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था. कि बहुत हुआ “नारी पर वार” इसको लेकर भाजपाई विज्ञापन की गूंज पिछले 10 वर्षों से उन सभी महिलाओं की चीखों का उपहास उड़ा रही है. जोभाजपा राज्य में और कभी-कभी बीजेपी के गुंडो द्वारा प्रताड़ित हुई है. हाल ही में पुणे में सरकारी बस में एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामनेआया है. मणिपुर और हाथरस की हमारी बेटियां हो या फिर महिला ओलंपिक चैंपियन वह भाजपा राज में महिला सुरक्षा का नामो निशान नहीं बचा है. जब आरटीआई से मिली ताजा जानकारी से मोदी सरकार के झूठ के कलाई पर बार फिर खुल गया है.
म्यूचुअल फंड से LPG को लेकर आज से बदल गए ये 6 बड़े नियम, क्या पड़ेगा जेब पर असर जानिए

1 मार्च 2025 यानी आज से यूपीआई से लेकर एलजी के दाम और म्युचुअल फंड से जुड़े 6 बड़े नियमों में बदलाव हो रहा है. जो भारत के प्रत्येकनागरिकों पर असर डाल सकता है. आखिरकार क्या-क्या बदलाव होंगे आईए जानते हैं. हर महीने की तरह 1 मार्च 2025 से नए नियमों में बदलाव होरहा है. 1 मार्च यानी आज से 6 बड़े नियम बदल रहे हैं. इसमें यूपीआई म्युचुअल फंड से लेकर एलपीजी सिलेंडर के दाम शामिल है. यह बदलाव सीधेआपके बैंक अकाउंट पर भी असर डाल सकते हैं. आखिरकार वह कौन-कौन से नियम है जिनको लेकर बदलाव किया जा रहा है. तेल कंपनियों में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं. इस एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹6 का इजाफा किया गया है. जबकि 1 फरवरी कोइसके दाम में ₹7 की कमी की गई थी. 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1803 रुपए हो गई है. वही मुंबई में कमर्शियलसिलेंडर का प्राइस 1755.50 रुपए हो गया है. कोलकाता में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 1913 हो चुकी है. औरचेन्नई में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर का दाम 1965.50 रुपए हो चुका है. रसोई गैस को लेकर नहीं किया गया कोई बदलावदरअसल इसमें खास बात ये है कि रसोई गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. जेट ईंधन या एविएशन डिवाइन ईंधन की कीमत में मामूली0.23% की कमी आई है. राष्ट्रीय राजधानी में मार्च 2025 के लिए एटीएम प्राइम 222 रुपए प्रति किलो लीटर से घटकर 95,311.72 रुपएप्रतिशत किलोमीटर हो गया है. जबकि यह पहले 95,533.72 रुपए था. इससे पहले 1 फरवरी को कीमतों में 5.6% की बढ़ोतरी हुई थी. अगलाबदलाव इंश्योरेंस प्रीमियम पेमेंट सिस्टम से जुड़ा हुआ है. 1 मार्च 2025 की यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस में चेंज होने जा रहा है. जिसमें बीमा प्रीमियमका भुगतान और अधिक आसान होगा. यूपीआई सिस्टम में बीमा (ASB) नामक एक नई सुविधा जोड़ी जा रही है. इसके जरिए लाइफ और हेल्थइंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर अपने प्रीमियम पेमेंट के लिए पहले से ही पैसे को ब्लॉक रख सकेंगे. पॉलिसी होल्डर के अप्रूवल के बाद खाते से आपकापैसा कट जाएगा. मार्च की पहली तारीख से म्युचुअल फंड और डीमैट खातों में नॉमिनी जुड़ने से जुड़े नियमों में बदलाव हो रहा है. इसके तहत कोईइन्वेस्टर डीमैट या म्यूचुअल फंड फोलियो में अधिकतम 10 नॉमिनी ऐड कर सकता है. मार्केट रेग्यूलेटर की गई गाइडलाइन जारीइस संबंध में मार्केट रेग्युलेटर से भी गाइडलाइन जारी की गई है. जो 1 मार्च 2025 से प्रभावित है. इस चेंज का उद्देश्य क्लेम न की जाने वालीसंपत्तियों की कमी लाना और बेहतर इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट सुनिश्चित करना है. पंजाब नेशनल बैंक में अगर 2 साल से ज्यादा समय तक कोई लेनदेन नहींहोता है. तो बैंक अकाउंट बंद कर दिया जाएगा. बैंक ने इसके बारे में अपने ग्राहकों को अलर्ट कर दिया है. बैंक कैसे अकाउंट को डीएक्टिवेट करसकता है यानी बंद कर सकता है अगर आप चाहते हैं. कि आपका बैंक खाता एक्टिव रहे तो इसके लिए आपको केवाईसी करवा लेना चाहिए. आरबीआई की तरफ से बैंक हॉलिडे की लिस्ट भी जारी कर दी गई है. होली और ईद उल फितर समेत अन्य त्योहारों वाले इस दिन में 14 दिन तकबैंक बंद रहेगा. इनमें दूसरे और चौथे शनिवार समेत रविवार का साप्ताहिक विकास शामिल है. हालांकि बैंक में छुट्टी के बावजूद आप ऑनलाइनबैंकिंग और एटीएम के जरिए पैसे का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. या अन्य बैंकिंग काम निपटा सकते हैं यह सर्विस 24 घंटे चालू रहेगी.
पीएम मोदी ने उत्तराखण्ड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से की बातचीत, चमोली में मिशन जिंदगी जारी “55 में 47 लोगों की बचाई गई जानें”

Uttrakhand News: उत्तराखंड के चमोली में हिमस्लखलन में आए 24 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं. अभी भी 8 मजदूर फंसे हुए हैं. 47 मजदूरों कारेस्क्यू कर लिया गया है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन प्रोजेक्ट में कुल 57 लोग काम कर रहे थे. जिसमें से दो लोग छुट्टी पर थे. यह सभी एवलांच कीचपेट में आ गए. हालांकि 47 लोग बाहर निकल चुके हैं. लेकिन साथ अभी भी कुछ लोग फंसे हुए हैं.बॅार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन प्रोजेक्ट में कुल 57 लोग काम कर रहे थे.जिस दौरान यह घटना हो गई. फिलहाल टीम रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है.पर मौसम चुनौती बना हुआ है सेना का Mi- 17 हेलीकॉप्टर स्टैंड बाय पर है जैसे ही मौसम ठीक होता है रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हो जाएगा उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी चमोली में ग्राउंड जीरोपर पहुंच चुके हैं. और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं बचाव अभियान की जड़ी अपडेट करते हुए उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोदकुमार ने बताया कि फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. चमोली जिले के ऊंचाई वाले गांव मांडा मेंहिमस्खलन के कारण फंसे हुए 55 बीआरओ श्रमिकों में से 47 को बचा लिया गया है.14 मजदूरों का किया गया रेस्कयूरेस्कयू के दौरान करीब 14 मजदूरों को शनिवार सुबह निकाल लिया गया था. जबकि 8 मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं. एवलांच शुक्रवार सुबह 6:30 केकरीब आया था. पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि मंडा के निकट हुए हिमस्खलन में फंसे हुए श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे राहत एवंबचाव अभियान के क्रम में 14 अन्य श्रमिकों को भी सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. बाहर निकले गए श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदानकी जा रही है. गंभीर रूप से घायल तीन श्रमिकों को आर्मी चिकित्सालय, जोशीमठ में उपचार हेतु भेज दिया गया है. अभी तक कुल 47 श्रमिकों कासफल रेस्क्यू किया जा चुका है. फंसे हुए अन्य श्रमिकों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाल दिया जाएगा. और अभी राहत एवं बचाव कार्यजारी है दरअसल यह मजदूर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सूची के अनुसार बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू औरकश्मीर सहित अन्य राज्यों के रहने वाले है. अन्य फसे हुए कर्मचारियों को निकालने के लिए प्रयास जारी है. घायलों लोगों के परिवार के लोगों कोसूचना दे दी गई.परिवार के लोग मिलने के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे है.
पीएम मोदी, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने “ऐसा क्या कर दिया” जो कर दी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तारीफ,, “यही है सत्य सनातन का मार्ग” जानें क्या है मामला

अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पार्टी और बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री की काफी सरहना की है उन्होनें कहा है कि इस तरह की नर सेवा के माध्यम से नारायण मिलते है. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में गरीबोंकी मदद को उन्होंने सनातन धर्म का राजमार्ग बताते हुए कहा कि ऐसी संस्थाओं पर ध्यान दिया जाए. जिसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक बयान में बागेश्वर धाम पीठ के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री औरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. यह बयान सोशल मीडिया पर काफी देखने को मिल रहा है. और यह अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाका विषय बन गया है. सोशल मीडिया यूजर्स कांग्रेस नेता के बयान को लेकर खूब चटकारे ले रहे हैं. दरअसल एक बातचीत के दौरान कहा किबुंदेलखंड के क्षेत्र में कैंसर अस्पताल का शिलान्यास किया गया. इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बागेश्वर धाम के बाबा जी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्रीको बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं. दिग्गयविजय सिंह ने की पीएम मोदी की तारीफअपने बयानों के चर्चित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि इस तरह के कार्य सो नर सेवा के माध्यम से नारायण सेवा का प्रतीक है. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में गरीबों की मदद को उन्होंने सनातन धर्म का राजमार्ग बताते हुए कहा कि यदि ऐसी संस्थाओं पर ध्यान दिया जाए. तोइसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा. दरअसल दिग्विजय सिंह का यह बयान उस समय आया. जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छतरपुर मेंबागेश्वर धाम मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर की आधार शिला रखी है. इस कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री भी मौजूद थे. उन्होंने पीएम मोदीका स्वागत किया और उनकी सराहना भी की. कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है. क्योंकि वे आमतौर पर हिंदूवादीसंगठनों, बीजेपी सरकार और पीएम मोदी की नीतियों की आलोचना करते रहते हैं. इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स भी खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इसको लेकर एक यूजर ने लिखा कि महाकुंभ स्नान के बाद दिग्विजय सिंह जी का हृदय परिवर्तन सच संगम स्नान के बाद लोगों में परिवर्तन होता है. ऐसा मैने सुना था. लेकिन आज देख भी लिया. दरअसल यह परिवर्तन अच्छा है. देर से सही लेकिन परिवर्तन तो आया महाकुंभ स्नान के बाद दिग्विजयसिंह का हृदय परिवर्तन हो गया है . धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पिता पर साधा गया था निशानाबीते दिनों बागेश्वर धाम के पिता ईश्वर नरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा गया था. प्रयागराज महाकुंभ में लोगों की मृत्यु पर दिए गए. शास्त्री के बयान कोलेकर नायक ने कहा कि वे लोगों की मौत का उपवास कर रहे थे की मृत्यु को मोक्ष मिलेगा लोगों की मदद करने की वजह उन्होंने मजाक उड़ाया थापर्चियां लिखकर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं. और धर्म को राजनीति का औजार बना रहे हैं. बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल की स्थापना कोलेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 23 फरवरी को मध्य प्रदेश के छतरपुर की ग्राम गड़ा में बागेश्वर धामजन सेवा समिति की निर्मित किए जाने वाले मेडिकल साइंस एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट का शिलान्यास किया था. बागेश्वर धाम में शुरू होने वाली यह पहलन केवल कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ा कदम होगा. बल्कि यह समाज के हर वर्ग के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुनिश्चित करेगा. अस्पताल के निर्माण से स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
बिहार चुनाव प्रचार प्रसार में दिखेगा एआई का कमाल, जानें कैसे धमाल मचाएगा राजद क्या है एआई को लाने का मकसद

Bihar Election 2025: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में कोरोना काल केदौरान वर्चुअल प्रचार रैली में बाजी मारी थी. विधानसभा चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने की तैयारी में है. दरअसल बिहार का पिछला विधानसभा चुनाव कोरोना कल की पहली दस्तक की समय में हुआ था. इस दौरान कोरोना के कारण लोग सहमे हुए थे. और चुनावी सभाओं पर रोक या नियंत्रण की स्थिति थी. उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने वर्चुअल प्रचार रैलियों केमामले में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी को भी पीछे छोड़ दिया था. जेडीयू ने बाकायदा एक नियंत्रण कक्ष बनाकर इस पर काम किया था. इस परविपक्षी राष्ट्रीय जनता दल एक कदम आगे चल रही थी. रजत ने सीएम नीतीश कुमार पर हमले के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेनी शुरूकर दी है. आधुनिक तकनीकी का उपयोग बिहार के राजनीतिक दल कर सकते हैं. यह पिछले विधानसभा चुनाव में सामने आया था.कि जेडीयू नेपिछले चुनाव में (जेडीयू ऑनलाइन) का प्रोजेक्ट लाया था. जेडीयू के मौजूदा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने उस समय उनकी कमान संभालीथी. हर जिले के कार्यकर्ताओं का मोबाइल नंबर उन्हें इसके जरिए जोड़ा गया था. काफी हद तक रहा प्रयोग सफलबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वर्चुअल संदेश चुनाव से पहले पार्टी में हर स्तर तक पहुंच जाए. यह प्रयोग काफी हद तक सफल रहा था. वर्चुअल रैली में भाजपा ने लिखी थी. लेकिन इसका प्रयोग बिहार के स्तर से नहीं हुआ था. इस बार विधानसभा चुनाव आने से पहले आर्टिफिशियलइंटेलिजेंस का जमाना आ चुका है. सोशल मीडिया माध्यमों से अपनी बात पहुंचाने का वर्चुअल प्रयोग अब कांग्रेस के रूप में स्थापित है. इस पर आईका प्रयोग किया जाना है मेंस कार्टून और प्रचार के अन्य माध्यम में एआई का प्रयोग शुरू हो रहा है. राजद विपक्ष में है विपक्ष का तो सबसे मजबूत दलहै. एक पार्टी के तौर पर मजबूत स्थिति में है. लालू प्रसाद यादव की है पार्टी अब तेजस्वी यादव के जमाने में नए तरीके से चलने के लिए तैयार होचुकी है. रजत ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जुबानी हमले तो जारी कर रखे हैं. ऐसे हमने लोग के लिए एआई का प्रयोग शुरू कर दिया है. तेजस्वीयादव ने शनिवार की सुबह सीएम नीतीश कुमार को लेकर अपनी बात रखते हुए आई पर आधारित एक तस्वीर जारी की है. चुटीले व्यंग के साथ ऐसीतस्वीरों का प्रयोग अब बहुत जल्द रजत बड़े स्तर पर करेगें. राजद या जेडीयू के साथ भाजपा की वेबसाइट भले ही लगातार अपडेट नहीं होती हो याउसके जरिए कार्यकर्ताओं तक पहुंचना मुश्किल बना रहा हो.तेजस्वी ने जारी किया एआई कार्टूनदरअसल नए प्रयोग की ओर ध्यान सभी का है. रजत का यह नया प्रयोग इसलिए भी चर्चा में क्योंकि इसमें कार्टून का पुट है. बिहार विधानसभा मेंविपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को जो एआई कार्टून जारी किया है.उसमें उन्होनें कहा है कि बिहार में 15 साल पुरानी गाड़ी चलाने कीअनुमति नहीं है. क्योंकि जो ज्याद धुँआ फैकती है. प्रदूषण बढ़ाती है जनता के लिए वह हानिकारक है. तो फिर एनडीए की 20 साल पुरानी जोड़-तोड़पलटा पलटी और खटारा सरकार क्यों चलेगी. 20 वर्षों की नीतीश सरकार ने विगत 20 वर्षों में बिहार के हर गली हर मोहल्ला हर गांव में गरीबीबेरोजगारी भ्रष्टाचार अपराध और पलायन रूपी भयंकर प्रदूषण फैला रखा है. नीतीश बीजेपी सरकार ने 20 वर्षों में दो पीढ़ियों का जीवन बर्बाद करदिया. अब यह सरकार बिहार बासियों पर बोझ बन चुकी है. अब इसे बदलना अति आवश्यक हो चुका है. बिहार के युवाओं ने ठान लिया है. कि अब20 साल पुरानी खटारा जर्जर बीमार और थकी हुई अश्वासनिया नीति सरकार को हटाकर एक नई सोच नई विजन नए जोश और नई दिशा वाले युवाएवं नौकर रोजगार व विकास कार्यों को समर्पित विश्वसनीय जुनून सरकार को लाना है.
मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, गृह मंत्री अमित शाह ने दिए कड़े निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली में मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने, अवैध और लूटे गए हथियारों को आत्मसमर्पण कराने और सामान्य स्थिति वापस लाने पर विशेष ध्यान दिया गया। यह समीक्षा मणिपुर में राष्ट्रपतिशासन लागू होने के बाद पहली बड़ी बैठक थी। अवैध हथियारों की वापसी पर जोरसूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री ने राज्य में जारी सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मई 2023 से पहले जैसीशांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मणिपुर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सेना औरअर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। आम जनता की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देशगृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 8 मार्च 2025 से मणिपुर के सभी रास्तों पर जनता की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जो भीसड़क अवरोध उत्पन्न करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जबरन उगाही के मामलों पर भी कठोर कार्रवाई जारी रखने का निर्देशदिया। सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के आदेशमणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आवाजाही के लिए चिन्हित किए गए प्रवेश स्थलों पर बाड़ लगाने का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया। साथ ही, मणिपुर को नशामुक्त बनाने के लिए नशे के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के आदेश भी दिए गए। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन और हथियार आत्मसमर्पण अभियानराष्ट्रपति शासन की पृष्ठभूमि13 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। इसके साथ ही, राज्यविधानसभा का कार्यकाल निलंबित कर दिया गया, जो 2027 तक था। हथियार आत्मसमर्पण की प्रक्रियाराज्यपाल द्वारा 20 फरवरी को सभी अवैध और लूटे गए हथियारों को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। इस चेतावनी के बाद सात दिनों में, खासतौर पर घाटी जिलों से, 300 से अधिक हथियार आत्मसमर्पण किए गए। इनमें मैतेई कट्टरपंथी समूह अरम्बाई टेंगोल द्वारा सौंपे गए 246 आग्नेयास्त्र शामिल हैं। हथियार लौटाने की समयसीमा बढ़ाई गईजनता की मांग को देखते हुए राज्यपाल ने अवैध हथियार आत्मसमर्पण करने की समयसीमा बढ़ाकर 6 मार्च शाम 4 बजे तक कर दी है। मई 2023 मेंजातीय हिंसा के शुरुआती दौर में पुलिस स्टेशनों से हजारों हथियार लूट लिए गए थे। मणिपुर में जातीय हिंसा का संदर्भमई 2023 में मैतेई समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ काआयोजन किया गया। इसके बाद राज्य में जातीय हिंसा भड़क उठी, जिसमें अब तक 250 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। केंद्र सरकार दोनोंपक्षों को बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास कर रही है, लेकिन स्थायी शांति अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
उर्दू पर योगी आदित्यनाथ के बयान से गरमाई सियासत, ओवैसी ने दिया शायराना जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में उर्दू भाषा को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं लेरहा है। इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए सीएमयोगी की टिप्पणी पर सवाल उठाए। ओवैसी का योगी पर तंज: “वैज्ञानिक क्यों नहीं बने?”असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “सीएम योगी के अनुसार, उर्दू पढ़ना कठमुल्लाओं की तरह मौलाना बनने जैसा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यूपी केसीएम को उर्दू नहीं आती, लेकिन वे वैज्ञानिक क्यों नहीं बने, इसका जवाब तो वही दे सकते हैं।” रघुपति सहाय फिराक का दिया उदाहरणओवैसी ने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ जिस विचारधारा से आते हैं, वह विचारधारा स्वतंत्रता संग्राम से दूर रही। उन्होंने गोरखपुर के प्रसिद्ध उर्दूकवि रघुपति सहाय ‘फिराक’ का उदाहरण देते हुए कहा, “फिराक गोरखपुरी भी गोरखपुर से थे, लेकिन वह मुस्लिम नहीं थे। इससे साफ है कि उर्दूकेवल मुस्लिमों की भाषा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।” हर मुसलमान उर्दू नहीं बोलताओवैसी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के उस फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें संसद में दिए गए भाषणों का उर्दू में अनुवाद करने की घोषणा कीगई थी। उन्होंने कहा, “अब यूपी के सीएम इस पर क्या कहेंगे? उन्हें यह तक नहीं पता कि उर्दू उत्तर प्रदेश की संस्कृति का अहम हिस्सा है। हरमुसलमान उर्दू नहीं बोलता। कर्नाटक और केरल के मुसलमान अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, लेकिन उर्दू पूरे देश की भाषा रही है और आजादी केआंदोलन में इसकी अहम भूमिका थी।” सीएम योगी का बयान जिसने बढ़ाया विवाद18 फरवरी 2025 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा था, “ये लोग उर्दूपढ़ाकर बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं और देश को कठमुल्लावाद की ओर ले जाना चाहते हैं। यह कतई स्वीकार नहीं होगा।” सीएम योगी ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी भोजपुरी, बुंदेलखंडी और अवधी भाषाओं का विरोध कर रही है, जबकि उर्दू की वकालत कर रही है।उन्होंने इसे सपा का दोहरा चरित्र बताते हुए इसे राजनीतिक ढोंग करार दिया।
पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल, अभिषेक बनर्जी पर केंद्रीय मंत्री का विवादित बयान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचाने वाली खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदअभिषेक बनर्जी पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने अभिषेक बनर्जी को “सड़ा हुआ आलू” बताते हुए कहा कि TMC में भ्रष्टाचार का नेतृत्व उन्हीं के हाथोंमें है। भाजपा में जाने की अटकलों का खंडनअभिषेक बनर्जी ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए साफ कहा कि वह “मरते दम तक” तृणमूल कांग्रेस में ही रहेंगे। उन्होंनेएक पार्टी कार्यक्रम में कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं, लेकिन वह कभी भाजपा में नहीं जाएंगे। TMC में अंदरूनी विवाद की वजहअभिषेक बनर्जी सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से नाराज नहीं हैं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से उनका टकराव जारी है। हाल ही में नगर निगमचुनावों के लिए जारी उम्मीदवारों की सूची में पुराने नेताओं के बजाय नए चेहरों को शामिल किए जाने से विवाद बढ़ गया। ममता बनर्जी का रुखमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों की केवल एक आधिकारिक सूची थी, जिस पर पार्टी महासचिवों के हस्ताक्षर थे। उन्होंने पार्टी केडिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग का आरोप लगाया और I-PAC को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। राजनीतिक टकराव जारीइस पूरे घटनाक्रम ने TMC के अंदर चल रहे अंतर्विरोधों को उजागर कर दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल कीराजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन, 4 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड के चमोली जिले में माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन में फंसे 57 मजदूरों में से 4 की मौत हो गई है। अब तक 48 लोगों को सुरक्षित बाहरनिकाला जा चुका है, जबकि बाकी 9 को बचाने के लिए सेना, वायुसेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। हिमस्खलन के बाद से ही राहत और बचाव कार्य जारी है। सेना, भारतीय वायुसेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें पूरी ताकत से अभियान मेंजुटी हैं। खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाइयां आईं, लेकिन लगातार प्रयासों से अब तक 47 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुकाहै। सीएम धामी ने किया प्रभावित इलाके का दौराउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलिकॉप्टर के जरिए प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और पीड़ितों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने भी मुख्यमंत्री से बात कर राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। बचाए गए मजदूरों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर रूप से घायल श्रमिकों का इलाज जारीरेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान निकाले गए मजदूरों में से 3 गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें ज्योतिर्मठ स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासनद्वारा राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सभी फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 15 साल पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब 15 साल पुराने वाहनों को राजधानी के पेट्रोल पंपों से ईंधन नहींमिलेगा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की कि 31 मार्च के बाद इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। इससे पहलेही 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। एंटी-स्मॉग गन होगी अनिवार्यप्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने एंटी-स्मॉग गन को अनिवार्य करने का फैसला किया है। मंत्री सिरसा के अनुसार, राजधानी के बड़ेहोटल, ऑफिस कॉम्प्लेक्स, दिल्ली एयरपोर्ट और बड़ी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर एंटी-स्मॉग गन लगाना अब अनिवार्य होगा। इसके अलावा, ऊंचीइमारतों और सभी होटलों में भी इसे लगाना अनिवार्य किया जाएगा। क्लाउड सीडिंग से होगी कृत्रिम बारिशप्रदूषण के गंभीर स्तर को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने क्लाउड सीडिंग तकनीक अपनाने की योजना बनाई है। मंत्री सिरसा ने बताया कि इसप्रक्रिया के लिए जरूरी अनुमतियां जल्द ही ली जाएंगी, जिससे जरूरत पड़ने पर कृत्रिम बारिश कराई जा सके और प्रदूषण के प्रभाव को कम किया जासके।