इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स पीस कमीशन ने भाजपा नेत्री रुबी फोगाट को किया सम्मानित,भारत के लिए गर्व और सम्मान का क्षण

भारत में यह गर्व और सम्मान का क्षण है कि भाजपा नेत्री रूबी फोगाट यादव को इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स पीस कमीशन (IHRPC), फ्लोरिडा, यूएसए के ब्रांड एंबेसडर के रूप में सम्मानित किया गया. यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें माननीय डॉ. मार्क बर्न्स, जो अमेरिकी राष्ट्रपति महामहिम डोनाल्डजे. ट्रंप के सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं उनके द्वारा प्रदान किया गया. इस खास अवसर पर ग्लोबल पीस एंबेसडर डॉ. एल्विन रोलैंड टिमोथी, IHRPC के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जाविद हुसैन, समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहें. IHRPC के अन्य सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों की भी उपस्थिति रही. दरअसल यह भव्य समारोह नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित किया गया. यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक गहरी जिम्मेदारी है किहम एक ऐसे विश्व के निर्माण में योगदान दें जहाँ शांति, न्याय, समानता और मानव गरिमा सर्वोपरि हों. इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए मार्क को धन्यवादमैं इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए माननीय डॉ. मार्क बर्न्स और IHRPC का हृदय से धन्यवाद करती हूँ.इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धिकेवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है बल्कि यह नए भारत की वैश्विक नेतृत्व में बढ़ती भूमिका का प्रमाण है जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी केदूरदर्शी नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है.भारत हमेशा से “वसुधैव कुटुंबकम” – “संपूर्ण विश्व एक परिवार है” और यह हमेशा महान विचारधारा को आत्मसातकरता रहा है. रूबी फोगाट यादव ने मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस महान उद्देश्य के लिएनिरंतर कार्य करने का संकल्प लिया. यह सम्मान उन सभी व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो वैश्विक स्तर पर शांति और न्याय को बढ़ावा देने केलिए समर्पित हैं.
महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को 2500 रुपए देने का दिल्ली सरकार ने किया था वादा, आप नेता आतिशी ने पीएम मोदी पर साधानिशाना

भाजपा को चुनाव के दौरान दिल्लीवालों से किए गए उसके वादे को याद दिलाना पसंद नहीं है शुक्रवार को सदन में आम आदमी पार्टी के विधायकों नेजब महिलाओं को 2500 रुपए देने के वादे की याद दिलाई तो भाजपा भड़क गई और स्पीकर ने ‘‘आप’’ विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया. सदन से बाहर निकाले जाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने ‘2500 रुपए कब आएंगे. प्ले कार्ड के साथ विधानसभापरिसर में जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की. आतिशी ने कहा कि मोदी जी ने महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च तक उनके खाते में 2500 रुपएआ जाएंगे.लेकिन भाजपा सरकार ने यह वादा पूरा नहीं किया. अब साबित हो गया कि भाजपा का 2500 रुपए देने का कोई इरादा नहीं है और मोदीजी ने झूठ बोलकर महिलाओं को धोखा दिया. आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता व देशके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि आठ मार्च तक उनके खातों में 2,500 रुपये जमा कर दिए जाएंगे। मोदी जी नेकहा था कि आठ मार्च को दिल्ली की महिलाओं के फोन पर 2,500 रुपए क्रेडिट होने का मैसेज आएगा. आठ मार्च आई और चली गई लेकिनमहिलाओं के खाते में एक रुपए नहीं आया. दिल्ली की भाजपा सरकार ने मोदी जी का वादा पूरा नहीं किया और पूरे देश के सामने यह बात साबित होगई कि मोदी जी ने झूठ बोला था. मोदी जी का झूठ देख रहा पूरा देशआतिशी ने कहा कि मोदी जी का झूठ अब दिल्ली की महिलाओं के साथ-साथ पूरा देश देख रहा है. जब हमने दिल्ली विधानसभा के सदन में सवालपूछा कि महिलाओं के खातों में 2,500 रुपए कब आएंगे. तो भारतीय जनता पार्टी ने कोई जवाब नहीं दिया. भाजपा ने इसकी समय समय सीमाबताने से भी इन्कार कर दिया. जब हमारे विधायकों ने सदन में महिलाओं के खाते में 2,500 रुपए आने की तारीख पूछी तो एक-एक करके सभीविधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया. इसका मतलब साफ है कि आठ मार्च को भाजपा की सरकार ने दिल्ली की महिलाओं को न पैसे दिएऔर ना ही आगे भी पैसे देने का इनका इरादा है. आज दिल्ली व देश के सामने यह साफ हो गया कि मोदी जी ने दिल्ली की महिलाओं को झूठ बोलाऔर मोदी की गारंटी के नाम पर जुमला दिया और दिल्ली के लोगों को धोखा दिया. आतिशी ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपए देने से भागनेऔर इस मुद्दे से दिल्ली की जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा जगहों के नाम बदलने की बात कर रही है। भाजपा महिलाओं को 2500 रुपएनहीं दे पा रही है तो मुस्तफाबाद का नाम बदलने की बात कहती है. काम के वक्त पर सड़को का बदलते है नामजब वह मुफ्त सिलेंडर नहीं दे पाएगी तो फिर अकबर रोड का नाम बदलेगी. जब 50 हजार नौकरियां नहीं दे पाएगी तो कहेगी कि हिमायू रोड का नामबदलेंगे. जिस दिन पुजारियों-ग्रंथियों को पैसा नहीं दे पाएंगे उस दिन नजफगढ़ का नाम बदलने की बात कहेंगे. भाजपा चाहती है कि 2500 रुपए यामुफ्त सिलेंडर पर चर्चा न हो. बल्कि मुस्तफाबाद पर चर्चा हो. आतिशी ने कहा कि लोगों को ध्यान भटकाने के लिए जगहों के नाम बदलने का भाजपाका यह एक तरीका है. अपने वादों से भागने का तरीका है. भाजपा ने झूठे वादे किए उससे ध्यान भटकाने का यह तरीका है. लेकिन हम जिम्मेदार विपक्षहोने के नाते भाजपा की दिल्ली सरकार की जवाबदेही तय करके रहेंगे और जब तक दिल्ली की महिलाओं के पास 2500 रुपए नहीं आते हैं. फ्रीसिलेंडर नहीं मिल जाते, 50 हजार नौकरियां और पुजारियों को 20 हजार रुपए का मानदेय नहीं मिलता है. तब तक हम भाजपा को उसके वादे याददिलाते रहेंगे.
रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्धक्षेत्र में सफलता को लेकर हुए उत्साहित, युक्रेन UN प्रायोजित बाहरी शासन के रहे अधीन

यूक्रेन के खिलाफ युद्धक्षेत्र में सफलता से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन काफी उत्साहित है. वहीं शुक्रवार की सुबह टेलीविजन पर प्रसारित अपनेसंबोधन में उन्होंने रूसी परमाणु पनडुब्बी के चालक दल को संबोधित किया. इस दौरान व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र प्रायोजितबाहरी शासन के अधीन रखा जाए.वहीं इस दौरान व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अवैध बताया, क्योंकि उनका कार्यकालपिछले साल समाप्त हो गया था और उनके अनुसार कोई भी समझौता जो वर्तमान यूक्रेनी सरकार के साथ किया जाएगा. उसे उनके उत्तराधिकारीचुनौती दे सकते हैं. बता दें कि यूक्रेन के संविधान के तहत देश में मार्शल लॉ के दौरान राष्ट्रीय चुनाव कराना अवैध है.पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र केतहत अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ वे यूक्रेन में अस्थायी शासन स्थापित करने पर विचार कर सकते हैं.ताकि वहां लोकतांत्रिक चुनाव हो सकेंऔर एक ऐसा सरकार बनी जो जनता का विश्वास हासिल करे. इसके बाद ही शांति समझौते पर बातचीत की जा सकती है.रूस के राष्ट्रपति का यहबयान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तरफ से आयोजित शांति सम्मेलन के बाद आया. जिसमें यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए सैनिकों कोतैनात करने पर चर्चा हुई थी. हालांकि रूस ने चेतावनी दी है कि वह नाटो देशों के सैनिकों को शांति सेना के रूप में स्वीकार नहीं करेगा. पुतिन ने इसदौरान मांग की है कि कीव उन चार क्षेत्रों से अपनी सेना वापस ले ले. जिन पर मॉस्को ने आंशिक रूप से कब्जा कर लिया है. युक्रेन नाटो में शामिल होने से इनकारदरअसल वह यह भी चाहते हैं कि यूक्रेन नाटो में शामिल होने से इनकार करे अपनी सेना में भारी कटौती करे और देश को मॉस्को की कक्षा में रखने केलिए कानूनी रूप से रूसी भाषा और संस्कृति की रक्षा करे.इस बीच रूस और यूक्रेन के बीच हाल में ऊर्जा ढांचों पर हमले और झड़पें जारी रहीहैं.जिससे शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने में कठिनाइयां आ रही हैं. पुतिन ने यह भी कहा कि रूस की सेना सभी मोर्चों पर आक्रामक बढ़त बनारही है और युद्ध के परिणामों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए संघर्ष कर रही है. हमारे सैनिक संपर्क की रेखा के साथ-साथ रणनीतिक पहल कर रहे हैं. यूक्रेन के संविधान के अनुसार जब देश में मार्शल लॉ लागू हो तो आम चुनाव कराना अवैध है. पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन की मौजूदा सरकार केसाथ हस्ताक्षरित किसी भी समझौते को उसके उत्तराधिकारियों द्वारा चुनौती दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि बाह्य शासन के तहत नए चुनाव कराए जासकते हैं रूसी राष्ट्रपति ने कहा‘‘संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में, अमेरिका के साथ, यहां तक कि यूरोपीय देशों के साथ और निश्चित रूप से हमारे साझेदारोंऔर मित्रों के साथ, हम यूक्रेन में अस्थायी शासन की शुरुआत की संभावना पर चर्चा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इससे देश में ‘‘लोकतांत्रिक चुनावहो सकेंगे, एक व्यवहार्य सरकार सत्ता में आ सकेगी जिस पर लोगों का भरोसा हो. और फिर शांति संधि पर उनके साथ बातचीत शुरू हो सकेगी.
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में विरोध, वैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बोला हमला

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दिए जा रहे भाषण के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा किया और पोस्टर दिखाकरविरोध जताया. ये लोग राज्य में हुई चुनावी हिंसा और आरजी कर कॉलेज में हुई दुष्कर्म और हत्या केस को लेकर सवाल उठा रहे थे. ममता बनर्जीऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में ‘सामाजिक विकास – बालिका और महिला सशक्तिकरण’ विषय पर भाषण दे रही थीं. करीब 30 मिनटबाद कुछ लोगों ने उनके भाषण को बीच में रोककर नारेबाजी शुरू कर दी.इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘2023 टीएमसी की तरफ से कराई गई चुनावीहिंसा’ जैसे नारों वाले पोस्टर दिखाए. उन्होंने टाटा ग्रुप के बंगाल छोड़ने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए. इसके जवाब में ममता बनर्जी ने कहा कि टाटा अबखड़गपुर और राजारहाट में उद्योग लगा रहे हैं. जब विरोध करने वालों ने आरजी कर कॉलेज के केस पर सवाल उठाया तो ममता बनर्जी ने कहा, ‘यहमामला कोर्ट में है और इसकी जांच केंद्र सरकार की एजेंसी कर रही है. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कृपया राजनीति यहां मतकरें. आप मुझसे मेरे राज्य में राजनीति कर सकते हैं.इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीति गरमा गई. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इसे ‘देश कीछवि खराब करने की कोशिश’ बताया, जबकि सीपीआई (एम) की छात्र इकाई एसएफआई ने कहा कि ‘सीएम छात्रों के गुस्से से बच नहीं सकतीं. वामपंथी भूसे अतीत- कुणाल घोषइस मामले में टीएमसी नेता कुणाल घोष ने प्रदर्शनकारियों को ‘वामपंथी समर्थक जो बंगाल के अतीत को भूल गए हैं. बताया और कहा कि उन्होंनेसवाल-जवाब सत्र में भाग लेने के बजाय हंगामा किया. वहीं एसएफआई नेता देबंजन दास ने कहा कि ममता बनर्जी को हर जगह सवालों का सामनाकरना पड़ेगा. क्योंकि बंगाल में शिक्षा और छात्रों के अधिकार लगातार कम हो रहे हैं.भाजपा ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा भाजपा प्रवक्ता सजलघोष ने कहा’एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री को देश की छवि को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए थी. कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से यहबताने को कहा कि इन विदेश दौरों से कितना निवेश राज्य में आया.दरअसल सीएम ममता बनर्जी लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉगकॉलेज में स्पीच देने पहुंची थीं. मुख्यमंत्री महिलाओं बच्चों और वंचित वर्गों के विकास पर भाषण दे रही थीं. लेकिन भाषण के बीच में ही कुछ छात्राोंने हंगामा कर दिया और ममता बनर्जी के खिलाफ गो बैक के नारे लगाने लगे। इस घटना की जिम्मेदारी छात्र संगठन SFI ने ली है.छात्रों ने पोस्टरलेकर ममता बनर्जी का विरोध किया और “पश्चिम बंगाल में हिंसा बंद करो” जैसे नारे लगाए. उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज घोटाले और जादवपुरयूनिवर्सिटी हिंसा का भी जिक्र किया.
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर की गई एफआईआर दर्ज, दिल्ली पुलिस ने की कार्यवाही

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है पुलिस नेसार्वजनिक संपत्ति अधिनियम (पीपीए) के कथित उल्लंघन की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अनुपालनरिपोर्ट दाखिल की और बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी.इससे पहले मामले की सुनवाई मेंराउज एवेन्यू कोर्ट ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल और मटियाला सीट से विधायक गुलाबसिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे. अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पुलिस ने शिकायत पर जांच नहीं की ऐसे में होर्डिंगकिसने लगाए और क्यों लगाए इसकी जांच जरूरी है. अदालत ने पुलिस को 18 मार्च तक मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे. इससे पहले 2022 में द्वारका स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था. जिसके बाद सत्र न्यायालय ने इसे दोबारा सुनवाई के लिएमजिस्ट्रेट अदालत में भेज दिया था. दंडाधिकारी नेहा मित्तल ने दिया था आदेशअतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नेहा मित्तल ने अपने आदेश में कहा था कि पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट में लिखा है कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनेकी तारीख में बताए गए स्थान पर कोई होर्डिंग या बैनर नहीं दिखाई दिया है. जबकि शिकायत की तारीख पर बैनर होर्डिंग की स्थिति पर पुलिस नेचुप्पी साध ली है. ऐसे में यह जरूरी है कि इस मामले की जांच की जाए कि होर्डिंग बैनर किसने औऱ क्यों लगाए हैं. राज्य की तरफ से पेश अधिवक्ताने तर्क दिया था कि समय बहुत अधिक हो चुका है और साक्ष्य के तौर पर दाखिल की गई तस्वीरों में होर्डिंग और बैनर बनाने वाली कंपनी या संस्था कानाम नहीं लिखा है. जिसे अदालत ने खारिज करते हुए कहा कि यह जरूरी है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान सामने आए. इसके लिए जांचआवश्यक है.साल 2019 में द्वारका में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर कथित तौर पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था. इसमामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी और अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस मामले को लेकर राजनीतिकगलियारों में हलचल तेज हो गई है. हालांकि ‘आप’ की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. वहीं, विपक्षी दलों ने इसमामले को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है.इस मामले को लेकर अदालत ने कहा कि देश में अवैध होर्डिंग्स गिरने सेलोगों की मौत होना कोई नई बात नहीं है, इसलिए इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. केजरीवाल के अलावा, पूर्व विधायक गुलाब सिंह और पूर्वपार्षद नितिका शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी करेगें थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा, बैंकॅाक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा करेंगे. इसे लेकर आधिकारिक एलान कर दिया गया है पीएम मोदी पहले थाईलैंडऔर फिर श्रीलंका जाएंगे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 4 अप्रैल 2025 को आयोजित होने वाले छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इसके लिए पीएम मोदी 3 से 4 अप्रैल तक बैंकॉक का दौरा करेंगे. इस शिखरसम्मेलन की मेजबानी वर्तमान बिम्सटेक अध्यक्ष थाईलैंड करेगा. यह प्रधानमंत्री की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी इसके बाद पीएम मोदी कोलंबोरवाना होंगे. प्रधानमंत्री श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका के निमंत्रण पर 4 से 6 अप्रैल 2025 तक वे श्रीलंका की राजकीय यात्रा पररहेंगे.2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा होगी. इससे पहले पीएम मोदी ने 2015, 2017 और 2019 में श्रीलंका कादौरा किया था. यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब भारत और श्रींलका के बीच मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा गरम है. इस कारण से दोनों देशों केबीच तनातनी चल रही है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कई बार विदेश मत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मुद्दे के स्थायी हल निकालने केलिए काम करने को कह चुके हैं. श्रीलंकाई नौसेना ने किया था दावाइससे पहले श्रीलंकाई नौसेना ने दावा किया था कि उन्होंने 2024 में श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए घुसे 550 से अधिक भारतीयमछुआरों को गिरफ्तार किया है. इस साल अब तक करीब 150 से अधिक भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया जा चुका है.द्विपक्षीय मोर्चे परप्रधानमंत्री मोदी 3 अप्रैल को प्रधानमंत्री शिनावात्रा के साथ बैठक करेंगे. मीटिंग में मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और दोनों देशों के बीचभविष्य की साझेदारी के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी. भारत और थाईलैंड के बीच मजबूत सभ्यतागत संबंध हैं जो दोनों देशों की समुद्री निकटता सेऔर मजबूत होते हैं.थाईलैंड की अपनी यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के निमंत्रण पर 04-06 अप्रैलतक राजकीय यात्रा पर श्रीलंका जाएंगे. यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति दिसानायके के साथ चर्चा करेंगे. उच्च स्तरीय चर्चाओं के अलावा पीएम मोदी वरिष्ठगणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक नेताओं से मिलेंगे. विकास परियोजनाओं का करेंगें उद्घाटनवह भारतीय वित्तीय सहायता वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए अनुराधापुरा का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार2019 में श्रीलंका का दौरा किया था. इससे पहले, श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली आधिकारिक विदेशयात्रा के लिए भारत को चुना था. जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है.भारत क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करनेके लिए बिम्सटेक में कई पहल कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाना, व्यापार, निवेश को सुविधाजनक बनाना, भौतिक, समुद्री, डिजिटल संपर्क स्थापितकरना, खाद्य, ऊर्जा, जलवायु और मानव सुरक्षा में सहयोग करना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना शामिलहै.
मेरठ मर्डर केसः मुस्कान और साहिल को मिला सरकारी वकील, दोनों की पैरवी करेंगी रेखा जैन

यूपी के मेरठ में सौरभ हत्याकांड मामले में आरोपी मुस्कान और साहिल को सरकारी वकील मिल गया है। सीनियर वकील रेखा जैन मुस्कान औरसाहिल का पक्ष कोर्ट में रखेंगी। दोनों ने सरकारी वकील मुहैया कराने की मांग की थी। जिला विधिक प्राधिकरण सेवा की तरफ से रेखा जैन कोमुस्कान- साहिल का वकील नियुक्त किया गया है। मुस्कान– साहिल के परिवार ने केस लड़ने से किया था इनकारजेल जाने के बाद दोनों के परिजनों ने उनसे नाता तोड़ लिया है और उनके केस लड़ने से भी इनकार कर दिया था। जेल में खुद को असहाय पाते हुए अपनी कानूनी लड़ाई के लिए उन्होंने जेल सुपरीटेंडेंट से सरकारी वकील की मांग की थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने जिला विधिक प्राधिकरण सेवा मेरठ को प्रार्थना पत्र भेजा, जिस पर विचार करते हुए दोनों को कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए सरकारी वकील रेखा जैन मिल गई है। मेरठ जिला विधिक प्राधिकरण ने कही ये बातजिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उदयवीर सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संविधान के मुताबिक हर व्यक्ति को न्याय पाने काअधिकार है, जिला विधिक प्राधिकरण सेवा का मुख्य उद्देश्य है कि समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी सहायता प्रदान की जाये। हम गरीब औरजरूरतमंद व्यक्तियों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। मुस्कान और साहिल ने अपनी कानूनी मदद के लिए वकील की मांग की थीऔर इस पर विचार करते हुए सीनियर एडवोकेट रेखा जैन को सरकारी वकील नियुक्त किया गया है। रेखा जैन इस मामले में दोनों का केस मजबूततरीके से लड़ेंगी। […]
यूपी पुलिस में आ रही है बड़े पैमाने पर भर्ती, विभिन्न पदों के लिए कब शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, यहां जानें

उत्तर प्रदेश पुलिस में योगी सरकार जल्द ही 28,138 पदों पर पुलिस कर्मियों की भर्ती करने जा रही है। यूपी पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ने इसकीघोषणा की है कि अप्रैल और मई महीने में भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इन पदों में उप निरीक्षक, सिपाही, महिला पुलिस कर्मी, और अन्य तकनीकी पदशामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह या मई 2025 के पहले सप्ताह से शुरू हो सकती है। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने उम्मीदवारोंसे आवेदन पत्र आमंत्रित करने की प्रक्रिया की योजना बनाई है। इस भर्ती में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) के 4,242 पद, प्लाटून कमांडर (पीएसी) के 135 पद, और प्लाटून कमांडर (विशिष्ट बल) के 60 पद शामिल हैं। इसके अलावा महिला पीसी के 106 पदों पर भर्ती की जाएगी, जो बंदायू, लखनऊ और गोरखपुर जिलों में होगी। इसके अलावा, आरक्षी स्तर पर भी विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी, जिनमें आरक्षी पीएसी, आरक्षी विशिष्टबल, महिला आरक्षी पीएसी, आरक्षी (नागरिक पुलिस), आरक्षी घुड़सवार पुलिस और जेल वार्डन के पद शामिल हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल22,053 पदों पर भर्ती की जाएगी। साथ ही, तकनीकी पदों पर भी भर्ती की जाएगी, जैसे कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए के 1,153 पद और रेडियो सहायक परिचालक के 44 पद। इन पदों परभर्ती की प्रक्रिया भी अप्रैल और मई 2025 में शुरू होगी। इसके अलावा, खिलाड़ी वर्ग के तहत उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 91, आरक्षी नागरिकपुलिस के 372 और आरक्षी पीएसी के 174 पदों पर भी भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए विशेष खेल कौशल परीक्षण आयोजित किए जाएंगे।सभी उम्मीदवारों को भर्ती के लिए अपनी तैयारी शुरू करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण और बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया होगी।उम्मीदवारों को आवेदन की पूरी जानकारी और दिशा-निर्देश यूपी पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट पर मिलेंगे।