Skip to main content

NEWS अब तक

Congress Seeks Timeline for Caste Census, Demands Constitutional Amendment on Reservation Cap

The Congress party on Wednesday intensified its demand for a clear timeline for conducting the caste-based census, shortly after the union government signaled its intent to undertake the long-pending exercise. The party also called for urgent constitutional amendments to eliminate the 50 percent cap on reservations for Scheduled Castes (SC), Scheduled Tribes (ST), and Other […]

अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियों ने भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से की फोन पर बातचीत, जानें बातचीत के दौरान क्या कुछ कहा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलगफोन पर बात की. उन्होंने दोनों देशों से पहलगाम हमले के बाद जारी तनाव को कम करने की अपील की. हालांकि इस दौरान रुबियो ने आंतकवाद केखिलाफ भारत के साथ सहयोग के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि भी की.अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के अनुसार विदेश मंत्रीरुबियो ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया. इस दौरान रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथसहयोग के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। साथ ही पाकिस्तान से हमले की निंदा करने और जांच में सहयोग करने को कहा. इसकेअलावा, रुबियो ने भारत से अपील की कि वह तनाव कम करने के साथ ही दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पाकिस्तान केसाथ मिलकर काम करे. भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा तनावरुबियो ने यही बात पाकिस्तानी पीएम शरीफ से भी कही.बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों कीजान चली गई थी. हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. इसके बाद से दोनों देशों ने व्यापार सिंधु जल संधि और शिमलासमझौते जैसे कई समझौतों को निलंबित कर दिया है.संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ औरभारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. गुटेरेस ने पहलगाम आतंकी हमले में न्याय और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया. इस दौरानउन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों पर चिंता व्यक्त की गुटेरेस ने चेतावनी दी कि अगर दोनों देशों के बीच कोई भी टकराव हुआ तो उसकेभयावह परिणाम हो सकते हैं. भारत और पाकिस्तान के नेताओं से की बातचीतUN महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने भारत-पाकिस्तान के नेताओं से फोन पर बात की और उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. महासचिव ने इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही तय करने के महत्व परजोर दिया. इस दौरान गुटेरेस ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर भी चिंता व्यक्त की दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने तनाव कम करने के किसी भीप्रयास में अपने अच्छे अधिकारियों को सहयोग देने की पेशकश की.उधर, अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सेक्षेत्रीय हालात पर चर्चा की. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शहबाज शरीफ ने रुबियो को पाकिस्तान की स्थिति से अवगतकराया साथ ही भारत पर क्षेत्रीय तनाव को उकसाने का आरोप लगाया.बातचीत में पाकिस्तान ने अपनी चिंताएं और रुख स्पष्ट रूप से अमेरिकी पक्ष केसामने रखा.

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला ‘फुले’ फिल्म का रिव्यू ले रहे पत्रकार पर PVR कर्मियों ने की मारपीट, साथी को भी बनाया बंधक

Prayagraj Latest News: प्रयागराज में 29 अप्रैल को “फुले” फिल्म का दर्शकों से रिव्यू लेने पहुंचे पत्रकार के साथ PVR के कर्मियों द्वारामारपीट करने का मामला सामने आया है. इसको लेकर दलित पत्रकार ने आरोप लगाया कि फिल्म लगने के बावजूद फिल्म से सम्बंधित पोस्टर वउसके विज्ञापन पीवीआर में नहीं दिख रहे थे. इसके अलावा फिल्म देखने आए दर्शकों से जब बात करने की कोशिश की तो PVR में मौजूदकर्मचारियों और बाउंसरों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी.आगे पत्रकार ने बताया कि मैं उत्सुकता से वह वहां आने वाले दर्शकों से बात कर रहे थेतभी PVR के कर्मचारी उन्हें रोकने लगते हैं.लेकिन लोगों का ओपिनियन लेना नहीं बंद करने पर वह पत्रकार के साथ मारपीट पर उतारू हो गए. उन्होनें कहा कि मैं यहां फुले मूवी का रिव्यू लेने आया था.जो लोग फिल्म देखकर लौट रहे थे उनसे मैं बातचीत कर रहा था. फिल्म का रिव्यू ले ही रहा था कि अचानक मुझे रोक दिया गया.हम दो लोग वहां थे एक मैं और एक मेरा साथी जब PVR कर्मियों ने मेरे साथी को पकड़ लिया तो मैं चिल्लाने लगा कि तुम लोग क्यों उसे पकड़ रहे हो जब मैंने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो […]

दुनिया के सामने आतंक की पोल खोल रहा पाकिस्तान,पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार बोले UNSC के बयान से TRF का नाम हमने हटवाया

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान खुद आतंकवादी संगठनों के साथ अपने साठगांठ की पोल दुनिया के सामने खोल रहा है. पाकिस्तानीविदेश मंत्री इशाक डार ने सीनेट में दिए गए बयान में कहा कि यह पाकिस्तान का दबाव ही था कि लश्कर-ए-ताइबा के मुखौटा संगठन संगठन दरेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का नाम पहलगाम आतंकी हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के बयान से हटाया गया. टीआरएफ ने हीपहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी हालांकि बाद में अपने बयान से मुकर भी गया था.पाकिस्तान मौजूदा समय में सुरक्षा परिषद काअस्थायी सदस्य है सुरक्षा परिषद के निंदा प्रस्ताव के लिए सभी सदस्यों की सहमति जरूरी है डार ने बताया कि अमेरिका ने पहलगाम हमले की निंदाकरने के लिए प्रस्ताव रखा था. जब उन्हें प्रस्ताव की प्रति मिली तो उस पर पहलगाम लिखा था और हमले के लिए द रेजिस्टेंस फ्रंट का नाम लियागया था. उन्होंने कहा कि हमने इस पर विरोध जताया और कहा कि पाकिस्तान तब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक पहलगाम के साथ जम्मू-कश्मीर का भी जिक्र नहीं किया जाता और टीआरएफ का नाम हटाया नहीं जाता. डार ने कहा कि उन्होंने 2 दिन तक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए. उन्हें दुनियाभर के नेता यह कहते रहे कि निंदा प्रस्ताव न आने से पाकिस्तान के ऊपर आरोप आएगा.पाकिस्तान के प्रस्ताव में आया बदलावइसके बावजूद वह अपने दावे पर अड़े रहे आखिरकार पाकिस्तान के दबाव में प्रस्ताव में बदलाव किया गया और फिर यूएनएससी ने 25 अप्रैल कोबयान जारी किया लेकिन बयान में टीआरएफ का जिक्र नहीं किया गया था.इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आतंकियों कोसमर्थन और प्रशिक्षण देने की बात कबूल की थी. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा था कि पिछले तीन दशक से पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थनऔर प्रशिक्षण दे रहा है। हालांकि उन्होंने इसका दोष अमेरिका और पश्चिमी देशों पर मढ़ दिया. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हम तीन दशकोंसे अमेरिका और ब्रिटेन सहित पश्चिम के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं. यह एक गलती थी और पाकिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. अगरहम सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं होते और 9/11 के हमले नहीं होते तो पाकिस्तान का रिकॉर्ड बेदाग होता.गौरतलब है कि बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित लश्कर ए तैयबा के संगठन टीआरएफ के आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की गोलीमारकर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया. साथ ही भारत ने इस घटनाके मद्देनजर पाकिस्तान पर एक के बाद राजनयिक और कूटनीतिक कार्रवाई जारी रखी हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जाएंगें दो तीन दौरे पर, 68,000 करोड़ की परियोजनोओं की देंगें सौगात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज से तीन राज्यों के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे इस दौरे के क्रम में वे महाराष्ट्र, केरल और आंध्र प्रदेश जाएंगे. वे 1 मई को मुंबईजाएंगे और सुबह करीब 10:30 बजे विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (WAVES) का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वह केरलजाएंगे और 2 मई को सुबह करीब 10:30 बजे विझिनजाम इंटरनेशनल डीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस अवसर पर वहउपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह आंध्र प्रदेश जाएंगे और दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अमरावती में 58,000 करोड़ रुपयेसे अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह एक सार्वजनिक समारोह को भीसंबोधित करेंगे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को मुंबई में ‘विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ (वेव्स) का उद्घाट्न करने के साथ ही यहांजुटे एक हजार से अधिक क्रिएटर्स का उत्साह बढ़ाएंगे. वेव्स 2025 चार दिवसीय कार्यक्रम मीडिया और मनोरंजन जगत को साथ लाएगा. वेव्स2025 की टैगलाइन है ‘कनेक्टिंग क्रिएटर्स, कनेक्टिंग कंट्रीज’ । इसमें 90 से अधिक देशों की भागीदारी होगी. दुनियाभर के रचनाकारों से करेंगें बातजिसमें 10,000 से अधिक प्रतिनिधि, 1,000 क्रिएटर्स, 300 से अधिक कंपनियां और 350 से अधिक स्टार्टअप शामिल होंगे. प्रधानमंत्री‘क्रिएटोस्फियर’ सत्र में दुनियाभर के युवा रचनाकारों से भी बातचीत करेंगे. जिन्होंने 31 अलग-अलग ‘क्रिएट इन इंडिया’ चुनौतियों में भाग लिया है. मोदी विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान करेंगे.वहीं, प्रधानमंत्री मोदी केरल में 8,900 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विझिनजाम इंटरनेशनलडीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह देश का पहला समर्पित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह है जो विकसित भारत के एकीकृतदृष्टिकोण के तहत भारत के समुद्री क्षेत्र में किए जा रहे परिवर्तनकारी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है. यह वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति कोमजबूत करने रसद दक्षता को बढ़ाने और कार्गो ट्रांसशिपमेंट के लिए विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता को कम करने में योगदान देगा.पीएम मोदी अमरावतीमें 58,000 करोड़ की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश में 7 राष्ट्रीय राजमार्गपरियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे.विभिन्न मार्गों का होगा चौड़ीकरणइन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न खंडों का चौड़ीकरण, सड़क ओवर ब्रिज और सबवे का निर्माण आदि शामिल हैं. साथ ही प्रधानमंत्रीमोदी राष्ट्र को रेलवे परियोजनाएं भी समर्पित करेंगे जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी और क्षमता को बढ़ाना है. इन परियोजनाओं में बुग्गनपल्ले सीमेंट नगरऔर पन्यम स्टेशनों के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण, रायलसीमा और अमरावती के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना और न्यू वेस्ट ब्लॉक हट केबिन औरविजयवाड़ा स्टेशनों के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण शामिल है.वहीं पीएम आंध्र प्रदेश के नागयालंका में करीब 1,460 करोड़ रुपये की लागतवाली मिसाइल परीक्षण रेंज की आधारशिला भी रखेंगे. इसमें एक प्रक्षेपण केंद्र, तकनीकी उपकरण सुविधाएं, स्वदेशी रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम शामिल होंगे जो देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाएंगे.

पाकिस्तान के नेटवर्क का हमेशा होता रहा खुलासा,इस सरजमीं पर अभी भी है आतंक के स्कूल

पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद को प्रायोजित करने, आतंकियों को पनाह देने और उन्हें दुनियाभर में भेजने में पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्डफिर से दुनिया के सामने आ गया है. दशकों से पाकिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल सीमापार आतंकवाद, चरमपंथी विचारधारा के लिए लॉन्चपैड केलिए किया जाता रहा है. कश्मीर से काबुल, मॉस्को से लंदन तक आतंकी हमलों में पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क का खुलासा होता रहा है. भारत कीओर तैयार किए डोजियर में दुनियाभर की आतंकी हमलों का जिक्र किया गया है. इसमें पाकिस्तानी नेताओं के बयानों को भी शामिल किया गयाहै.2018 में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संकेतों में कहा था कि 2008 के मुंबई हमलों में पाकिस्तान सरकार की भी भूमिका होसकती है. लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों की ओर से अंजाम दिए गए इस हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया था. अजमल कसाब जिंदा नपकड़ा जाता तो शायद पाकिस्तान इसे भी झुठला देता पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने भी स्वीकार किया था कि सेना ने जम्मू-कश्मीर मेंभारत से लड़ने के लिए आतंकवादी समूहों को प्रशिक्षण दिया. उन्होंने माना था कि सरकार ने जानबूझकर इसकी अनदेखी की ताकि भारत को वार्ता केलिए मजबूर किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर मुद्दा उठाया जा सके.पाकिस्तान करता है आतंकवाद का समर्थनअभी हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने माना कि देश ने तीन दशकों से अधिक समय तक आतंकवादी समूहों का समर्थनकिया. जिसे उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व वाले विदेश नीति निर्णयों से जुड़ी एक गलती बताया.अफगानिस्तान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसीआईएसआई अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को वित्तीय सहायता प्रशिक्षण और सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करती रही है. इन समूहों ने अफगाननागरिकों, सरकारी संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय बलों पर कई घातक हमले किए हैं. इनमें 2008 में काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर हमला और 2011 में अमेरिकी दूतावास पर हमला शामिल हैं. वरिष्ठ पत्रकार कार्लोटा गॉल ने अपनी किताब में लिखा कि दूतावास पर बमबारी आईएसआई एजेंट कीकार्रवाई नहीं थी. बल्कि यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अनुमोदित और नियंत्रित की गई कार्रवाई थी. पाकिस्तान का संबंध आया सामनेरूस की राजधानी मॉस्को में 2024 में हुए कॉन्सर्ट हॅाल हमले की जांच में भी पाकिस्तान का संबंध सामने आया है. रूसी अधिकारियों ने मास्टरमाइंडकी पहचान ताजिक नागरिक के रूप में की और उसके पाकिस्तानी नेटवर्क से संभावित जुड़ाव की जांच कर रहे हैं. शुरुआती जांच के अनुसार हमलावरोंको रसद या वैचारिक समर्थन पाकिस्तान से मिलने की बात कही जा रही है.पाकिस्तान स्थित सुन्नी आतंकी संगठन जैश-उल-अदल ने कई बार ईरानीसुरक्षाबलों पर हमला किया है. 16 जनवरी 2024 को ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में ड्रोन और मिसाइल हमले किए. उसका निशानाजैश-उल-अदल के ठिकाने थे। ईरान अकसर पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह इन सुन्नी आतंकियों को शरण देता है और उनके खिलाफकार्रवाई नहीं करता.