फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट जानें क्या खास बजह

यूएस फेडरल रिजर्व ने गुरुवार सुबह अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 4.25-4.50 प्रतिशत पर बरकरार रखा और कोई बदलाव नहीं किया. इससे साफहै कि अमेरिका ने बदलते आर्थिक परिदृश्य में सतर्कता बरती है. फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि ब्याज दरों को स्थिर रखने काफैसला अधिक रोजगार और स्थिर मुद्रास्फीति के दोहरे लक्ष्य का समर्थन करना है.फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने अपने बयान में कहा किवह ब्याज दरों में कोई और बदलाव करने से पहले आने वाले डेटा, आर्थिक दृष्टिकोण और जोखिमों के संतुलन का आकलन करेगी. फेड के आर्थिकअनुमानों के अनुसार इस वर्ष जीडीपी वृद्धि का औसत पूर्वानुमान 1.4 प्रतिशत और अगले वर्ष के लिए 1.6 प्रतिशत है. अनुमानों से है थोड़ा कमये मार्च में किए गए अनुमानों से थोड़ा कम है. पिछले वर्ष अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. लेकिन टैरिफ से पहले व्यवसायोंद्वारा आयात बढ़ाने के कारण पहली तिमाही में जीडीपी में थोड़ी गिरावट आई.हालांकि, निजी घरेलू अंतिम खरीद (पीडीएफपी), जिसमें शुद्ध निर्यात, इन्वेंट्री और सरकारी खर्च शामिल नहीं हैं, पहली तिमाही में 2.5 प्रतिशत की स्वस्थ दर से बढ़ी. मुद्रास्फीति पर, पॉवेल ने कहा कि मुद्रास्फीति अभी भीफेड के 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है. औसत अनुमान में मुद्रास्फीति 2026 में 2.4 प्रतिशत और 2027 तक 2.1 प्रतिशत तक घटने कीउम्मीद है. फेड ने व्यापार, आव्रजन, राजकोषीय और नियामक परिवर्तनों की अनिश्चितता को भी स्वीकार किया.मध्य पूर्व में संघर्ष को लेकर चिंता बनी रहने के कारण गुरुवार को एशियाई शेयरों में गिरावट आई. संघर्ष में शामिल होने की दी संभावनातनाव को बढ़ाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल के साथ संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होने की संभावना की चेतावनी दी, जबकि ईरान केसर्वोच्च नेता ने आत्मसमर्पण के अमेरिकी आह्वान को खारिज कर दिया। इससे संघर्ष लंबा खिंचने की आशंका बढ़ गई है. एशियाई कारोबार में, जापान का बेंचमार्क निक्केई 225 0.7 प्रतिशत गिरकर 38,619.17 पर आ गया. जापान की निप्पॉन स्टील कॉर्प के शेयरों में 0.8 प्रतिशत की वृद्धिहुई। हांगकांग का हैंग सेंग तकनीक से संबंधित शेयरों की भारी बिक्री के कारण 2 प्रतिशत गिरकर 23,231.48 पर आ गया, जबकि शंघाई कंपोजिट0.9 प्रतिशत गिरकर 3,359.78 पर आ गया. ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 8,528.30 पर थोड़ा बदला और दक्षिण कोरिया में कोस्पी0.4 प्रतिशत गिरकर 2,960.81 पर आ गया.
दिल्ली में कोरोना से फिर बढ़ी मौतें, 24 घंटे में दो बुजुर्गों की जान गई

राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामलों में हर दिन बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है आए दिन कोरोना की वजह से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है गुरुवारको दिल्ली में कोरोना से दो महिलाओं की मौत हो गई. जिसके बाद दिल्ली में अब तक कोरोना से 15 लोगों की मौत हो चुकी है. एक 67 वर्षीयमहिला को एचटीएन, किडनी रोग, कोविड निमोनिया, सेप्सिस, रिफ्रैक्टरी सेप्टिक शॉक जैसी बीमारियां थी। वहीं दूसरी 74 वर्षीय महिला को सीएडी, रुमेटीइड आर्थराइटिस, एलआरटीआई, सेप्टिक शॉक के साथ एमओडीएसएस बीमारी ने घेर रखा था। दोनों महिलाओं की मौत हो गई है. बीतेबुधवार को कोरोना से एक और मौत का मामला सामने आया था 65 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया. 13 लोगों की अब तक हो चुकी है मौतकोरोना से बुधवार तक 13 लोगों की मौत हो चुकी थी जबकि 60 से अधिक नए मरीज मिले थे. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कोविडडैशबोर्ड के अनुसार सक्रिय मरीजों की संख्या 620 हो गई है. कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी 65 रही। कोरोना से संक्रमित बुजुर्ग कईदूसरी बीमारियों से जूझ रहा था. इसमें कार्सिनोमा ओरल कैविटी (मुंह का कैंसर), एक्यूट किडनी इंजरी सहित एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (फेफड़ोंका खराब होना) था.दिल्ली में एक जनवरी 2025 से लेकर अब तक कोरोना के 2480 मामले सामने आ चुके हैं। देशभर में कोरोना के कुल मामलों मेंदिल्ली दूसरे नंबर पर है। डॉक्टरों की मानें तो कोरोना के मरीजों में हल्के लक्षण देखने को मिल रहे हैं. इसमें खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणशामिल हैं राजधानी दिल्ली में कोरोना से गुरुवार को दो लोगों की मौत हो गई. वहीं बीते बुधवार को कोरोना से एक और मौत का मामला सामने आयाथा राजधानी में हर दिन कोरोना से मौतें हो रही हैं.
दिल्ली को मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा, यूईआर-2 कॉरिडोर 95% तैयार जानें क्या होने वाले है बदलाव

Dellhi News: बाहरी दिल्ली के अलीपुर से आईजीआई एयरपोर्ट तक डेढ़ माह बाद यानी अगस्त से वाहन फर्राटा भरेंगे. अर्बन एक्सटेंशन रोड(यूईआर)-2 का निर्माण कार्य 95 फीसदी पूरा कर लिया गया है. 8,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कॉरिडोर को दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए) की ओर से दिल्ली खंड के लिए वित्तपोषित किया जा रहा है. इसका निर्माण कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) कररहा है. अलीपुर के पास दिल्ली-पानीपत हाईवे से शुरू हो रहा यूईआर-2 रोहिणी, मुंडका, नजफगढ़, द्वारका से होते हुए महिपालपुर के पास राष्ट्रीयराजमार्ग-48 पर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर समाप्त हो रहा है. सड़को का भी होगा निर्माणइसके तीन पैकेज हैं पहला पैकेज एनएच-1 दिल्ली पानीपत हाईवे इंटरसेक्शन से कराला-कंझावला रोड तक (15.70 किलोमीटर), दूसरा कराला-कंझावला रोड से नांगलोई-नजफगढ़ रोड (13.45 किलोमीटर) व तीसरा पैकेज नांगलोई-नजफगढ़ रोड़ से द्वारका सेक्टर-24 (9.66 किलोमीटर) काहै। वहीं, 37.29 किलोमीटर लंबाई की दो सड़कों का भी निर्माण कार्य जा रहा है. इसमें बवाना इंडस्ट्रियल एरिया से बरवासनी बाइपास सोनीपत(29.60 किलोमीटर) और ढिचाऊ कलां से बहादुरगढ़ बाईपास (7.2 किलोमीटर) हैं. इन दोनों सड़कों के जरिये सोनीपत और बहादुरगढ़ से वाहनबिना किसी बाधा के एयरपोर्ट और गुरुग्राम की तरफ जा सकेंगे. अधिकारियों का कहना है कि कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली में रोजाना ढाई लाखके करीब वाहनों का दबाव कम होगा.इसके शुरू होने से दिल्ली के अंदर सड़कों पर वाहनों का पड़ने वाला दबाव काफी कम होगा. मालवाहक वाहनोंको दिल्ली की भीतरी सड़कों पर नहीं आना पड़ेगा. प्रदूषण पर किया जाएगा नियंत्रणप्रदूषण नियंत्रित होगा साथ ही समय और ईंधन की भी बचत होगी. हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ की ओर से आने वाले वाहन जिन्हें एयरपोर्ट, गुरुग्रामव जयपुर की तरफ जाना है उन्हें सिग्नल फ्री सफर मिलेगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाल ही में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी औरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व कैबिनेट सहयोगियों के बीच हुई बैठक के दौरान परियोजना प्रगति की स्थिति प्रस्तुत की. यूईआर-2 में 27 फ्लाईओवर, दोआरओबी, 11 अंडरपास, 27 छोटे और बड़े ब्रिज, 17 सबवे और 111 किलोमीटर की सर्विस रोड शामिल है इस परियोजना को दिल्ली की तीसरी रिंगरोड के नाम से भी जाना जाता है.