ED Raids in Classroom Scam Case, BJPs Virendra Sachdeva Says , Law Has Finally Caught Up With Sisodia and Jain

New Delhi, June 18-The investigation into the alleged classroom construction scam in Delhi government schools has reached a critical stage. On Tuesday, the Enforcement Directorate (ED) conducted raids at 37 locations linked to contractors and officials associated with the case, intensifying the ongoing probe.BJP Alleges Attempt to Suppress the ScamDelhi BJP President Virendra Sachdeva, in […]
ओडिशा में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में, 1700 से ज्यादा गैंगरेप महिला कांग्रेस का बड़ा हमला

ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस पार्टी की महिला इकाई ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। आजऑल इंडिया महिला कांग्रेस (AIMC) की अध्यक्ष अलका लांबा, ओडिशा की विधायक सोफिया फिरदौस और ओडिशा महिला कांग्रेस अध्यक्षमीनाक्षी बहिनीपति ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षासुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।शुभद्रा का वादा, सुरक्षा का वादा — सब झूठा साबित हुआ सोफिया फिरदौस – ओडिशा में महिलाओं का दिल रो रहा है। राज्य में रज पर्व के दौरानतीन दिनों में गैंगरेप की तीन घटनाएं हुईं। एक मामले में 10 लोगों ने एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया। सवाल है – क्या पुलिस नहींथी? क्या महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है?” उन्होंने बताया किराज्य में 1700 से ज्यादा गैंगरेप हो चुके हैं।, हर दिन औसतन 15 अपराध महिलाओं के खिलाफ हो रहे हैं।, एक साल में नई सरकारबनी लेकिन अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।,रेपिस्ट खुलेआम घूम रहे हैं, लॉ एंड ऑर्डर खत्म हो चुका है।, अभी तक हाउस कमेटी का गठन नहीं हुआ है।, राज्य सरकार केवल फेक नैरेटिव चलाकर पर्व मनाने में व्यस्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगाई कि दिल्ली सेओडिशा की महिलाओं की पीड़ा को सुना जाए। 28000 महिलाएं अपराध का शिकार, 36000 लापता बेटियों का जवाब दो–अलका लांबाओडिशा में पिछले 11 महीनों में 28,000 महिलाएं और बच्चियां अपराध का शिकार हुई हैं। मगर भाजपा सरकार की अदालतें बलात्कारियों कोजमानत दे रही हैं और पीड़िताएं मारी जा रही हैं उन्होंने बताया किओडिशा के शैक्षणिक संस्थान भी असुरक्षित हो चुके हैं।, नाबालिग बच्चियों तक की सुरक्षा खतरे में है।राष्ट्रपति स्वयं ओडिशा के आदिवासी समाज से आती हैं, फिर भी एक आदिवासी बेटी के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई।लांबा ने तीखा सवाल उठाया: डबल इंजन सरकार अपने राज्य पर ध्यान क्यों नहीं दे रही? क्या यही है मोदी की गारंटी? उन्होंने यह भी दावा किया कि,36000 महिलाएं लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं है।, प्रधानमंत्री जी को अपने चुनाव प्रचार से वक्त निकालकर, राजनीति से ऊपर उठकर, इन बेटियों की आवाज सुननी चाहिए।, हमारे नेताओं पर FIR हो रहे हैं और दूसरी ओर सरकारें जश्न मना रही हैं। इन्हें शर्मआनी चाहिए।महिला कांग्रेस की मांगेंओडिशा में हाउस कमेटी का गठन किया जाए जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों की निगरानी करे।बलात्कारियों को तुरंत गिरफ्तारी और सजा दी जाए।लापता महिलाओं और बच्चियों का डेटा सार्वजनिक किया जाए और जांच कराई जाए।राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सीधे हस्तक्षेप करें और पीड़ित परिवारों से संवाद करें।AIMC और ओडिशा महिला कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे चुप बैठने वाली नहीं हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में गर्मासकता है, विशेषकर तब जब केंद्र सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
सैनिटरी पैड की भारी किल्लत पर महिला कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी के जन्मदिन पर 25 हजार पैड बांटेगी महिला कांग्रेस

अलका लांबा ने कहा – मोदी सरकार प्रचार में व्यस्त, महिलाएं बीमारियों का शिकार महिला कांग्रेस ने देश में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन की अध्यक्ष अलका लांबा ने मंगलवार को कहा कि देश कीकरीब 60% महिलाएं आज भी सैनिटरी पैड जैसी बुनियादी जरूरत से वंचित हैं, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्रकी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार सिर्फ खोखले प्रचार में लगी है, जमीनी हकीकत से उसका कोई लेना-देना नहीं है। अलकालांबा ने बताया कि बिहार के स्कूलों में पटना हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें नहीं लगाई गईं। 40 हजार स्कूलों में मशीनेंलगनी थीं, लेकिन अब तक सिर्फ 350 में ही लग पाई हैं। लड़कियों को सालाना 300 रुपये दिए जाने थे, लेकिन वह राशि भी उन्हें नहीं मिल रही। राहुल गांधी के जन्मदिन पर बड़ा कदम- महिला कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 19 जून को राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर बिहार की 25 हजारमहिलाओं को सैनिटरी पैड वितरित किए जाएंगे। यह काम “प्रियदर्शिनी उड़ान प्रोजेक्ट” के तहत किया जाएगा, जिसकी शुरुआत कांग्रेस ने की है।अलका लांबा ने बताया कि इस योजना के तहत बिहार के बेगूसराय, वैशाली और दिल्ली में सैनिटरी वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इससे 50 महिलाओंको रोजगार भी मिला है।राजस्थान और बिहार में घोटाले का आरोप- अलका लांबा ने कहा कि राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार ने “उड़ान योजना” के तहत 11 से 45 सालकी 1 करोड़ 23 लाख महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए थे, लेकिन अब भाजपा सरकार के राज में इस योजना में घोटाले हो रहे हैं। उन्होंने दावाकिया कि पैड सरकार को ही वापस बेच दिए गए। भरतपुर की आंगनवाड़ियों में पूरे 2024 में केवल 810 पैड ही भेजे गए। गंभीर आंकड़े और जमीनी सच्चाईमहिला कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए: ओडिशा के मलकानगिरी और कालाहांडी में 97% महिलाएं आज भीमासिक धर्म में कपड़े का इस्तेमाल करती हैं।दिल्ली की झुग्गियों में 59% महिलाएं आर्थिक रूप से पैड नहीं खरीद सकतीं।गुजरात और मध्यप्रदेश में 14 से 17 साल की उम्र की हजारों लड़कियों ने पीरियड्स की वजह से स्कूल छोड़ दिए।देश की 98% महिलाओं में मासिक धर्म को लेकर जागरूकता की भारी कमी हैGST और महंगाई पर भी हमला- अलका लांबा ने कहा कि मोदी सरकार ने एक समय सैनिटरी पैड पर 12% जीएसटी लगाया था, जिसे देशभर केविरोध के बाद हटाना पड़ा। लेकिन आज भी इनके कच्चे माल पर भारी टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं और गरीब महिलाओं कीपहुंच से बाहर हो जाती हैं। महिला कांग्रेस ने मासिक धर्म स्वच्छता जैसे गंभीर मुद्दे को उठाकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। 19 जूनको राहुल गांधी के जन्मदिन पर किए जाने वाले सैनिटरी पैड वितरण को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया जा रहा है।
दीपंकर भट्टाचार्य का दावा बिहार में महागठबंधन की जीत तय, तेजस्वी यादव ही होंगे मुख्यमंत्री चेहरा

भाकपा लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि अगर बिहार में अगला विधानसभा चुनाव महागठबंधन जीतता है. तो तेजस्वी यादव हीमुख्यमंत्री बनेंगे उन्होंने यह बात एक इंटरव्यू में कही. दीपंकर भट्टाचार्य ने बताया कि तेजस्वी यादव महागठबंधन का चेहरा हैं और जनता उन्हें हीमुख्यमंत्री के रूप में देखती है उन्होंने यह भी कहा कि भाकपा (माले) इस बार 40 से 45 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है पिछले विधानसभाचुनाव में पार्टी को 19 सीटें मिली थीं. जिनमें से उसने 12 पर जीत दर्ज की थी. जब उनसे पूछा गया कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो उन्होंनेकहा कि पिछले चुनाव में अगर भाकपा (माले) को ज्यादा सीटें मिलतीं तो महागठबंधन सरकार बना सकता था. कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं. लेकिनवह सिर्फ 19 पर जीती. हमें 19 सीटें मिलीं और हमने 12 पर जीत हासिल की दीपंकर ने कहा कि जहां भाकपा (माले) मजबूत है. वहां आरजेडी औरकांग्रेस को भी फायदा मिलता है. 25 जिलों में रखती है मजबूत उपस्थितिउन्होंने दावा किया कि पार्टी अब 24 से 25 जिलों में मजबूत उपस्थिति रखती है और अगर इन जगहों से चुनाव लड़ती है तो परिणाम में बदलाव लासकती है. क्या भाकपा (माले) को कांग्रेस के बराबर सीटें मिलनी चाहिए? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कांग्रेस की जमीन परपकड़ बिहार में कमजोर है लेकिन वह राष्ट्रीय पार्टी है और विपक्ष की मुख्य ताकत भी वहीं भाकपा (माले) बिहार में जमीनी संगठन के लिए जानी जातीहै. हम चाहते हैं कि महागठबंधन के सभी घटक दलों की ताकत का सही इस्तेमाल है.तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करनेको लेकर उन्होंने कहा कि तेजस्वी का चेहरा जनता के लिए पहले ही घोषित है. अब घोषित और अघोषित में फर्क नहीं रह गया है महागठबंधन कीजीत हुई तो मुख्यमंत्री तेजस्वी ही होंगे. दीपंकर भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा फिर से नीतीश कुमार ही होंगे औरकहा कि बीजेपी के लिए नीतीश एक मजबूरी हैं। अगर वो मजबूरी में नहीं होते तो बीजेपी के हाथों लोकसभा चुनाव से पहले ‘हाईजैक’ नहीं होते।प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह अब बीजेपी की ‘बी टीम’ की तरह काम कर रहे हैं और लोगों में अबउनके लिए पहले जैसा उत्साह नहीं बचा है. बीजेपी पहले थी जातिजनगणना के खिलाफजनगणना को लेकर केंद्र सरकार की घोषणा पर उन्होंने कहा कि बीजेपी पहले तो जातिगत जनगणना के खिलाफ थी. लेकिन अब बिहार चुनाव कोदेखते हुए यह ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि बीजेपी कहती कुछ है करती कुछ और है. उन्होंने यह भी कहा कि जातिगत जनगणनाके साथ-साथ आरक्षण की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए और निजी क्षेत्र में भी आरक्षण मिलना चाहिए. वाम दलों की एकता पर उन्होंने कहा कि इसकालक्ष्य अंतिम हो सकता है. लेकिन अभी जरूरत है कि सभी वाम दलों में बेहतर तालमेल हो.
RLD बनी किसानों और युवाओं की आवाज, पंजाब इकाई में शामिल हुए कई प्रमुख नेता

राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) की पंजाब में एंट्री हो गई है. बुधवार को मोहाली में पार्टी की बैठक के दौरान पंजाब इकाई में मंजीत सिंह मोहाली, वरिष्ठ किसान नेता जगतार सिंह भुल्लर, सरदार बछितर सिंह और सरदार मनवीर सिंह मलवा शामिल हुए. ये सभी पंजाब में राष्ट्रीय लोक दल के उत्थानके लिए काम करेंगे. उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अपनी पूरी टीम के साथ राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हुए हैं. त्रिलोकत्यागी (राष्ट्रीय महासचिव संगठन), सरदार दिलप्रीत सिंह कोहली (महासचिव) और विनय प्रधान (प्रभारी, जम्मू और कश्मीर) प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थितथे. राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के वरिष्ठ नेता और संगठन के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने बताया कि पंजाब के ज्वलंत मुद्दों को लेकर पार्टी नेएक विशेष संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है. इस नए ढांचे में पंजाब के प्रमुख किसान नेताओं को भी शामिल किया गया है. जो राज्य की जमीनीसमस्याओं से भली-भांति अवगत हैं. त्रिलोक त्यागी ने किया स्पष्टत्रिलोक त्यागी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोक दल अब पंजाब में सक्रिय राजनीति करेगा और आगामी विधानसभा चुनाव में भी अपनी भूमिकानिभाएगा. पंजाब में नशाखोरी और बेरोजगारी दो सबसे गंभीर समस्याएं हैं जिन पर पार्टी खुलकर आवाज उठाएगी. पार्टी इन मुद्दों को केवल जनसभाऔर मंचों तक सीमित नहीं रखेगी. बल्कि इन्हें पंजाब की मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का कार्य भी करेगी. राष्ट्रीय लोक दल पंजाब के युवाओं और किसानोंकी आवाज बनेगा और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेगा.सरदार मंजीत सिंह मोहाली, अनिल कुमार गर्ग, अशोक कुमार शर्मा (जिला अध्यक्ष पटियाला तृणमूल कांग्रेस), महंत भंगू स्वामी (समन्वयक सचिव), सरदार भोला सिंह झुनेर (सचिव मालवा जोन तृणमूल कांग्रेस), सरदार इकबाल सिंह टंग, सरदार बलदेव सिंह बठोई, रीमा अग्रवाल (समाजिककार्यकर्ता), जसवंत कौर (समाजिक कार्यकर्ता), जसविंदर सिंह (समाजिक कार्यकर्ता), गुरप्रीत सिंह चौहान (महासचिव), सरदार सुरिंदर सिंह (किसाननेता), सरदार दविंदर सिंह (किसान), अश्विनी कुमार शर्मा, सरदार जगतार सिंह भुल्लर (किसान नेता) और सरदार बछित्तर सिंह (किसान नेता) पार्टी मेंशामिल हुए हैं.
राष्ट्रीय लोक दल की पंजाब में सियासी दस्तक, तृणमूल कांग्रेस की पूरी टीम RLD में शामिल

राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) की पंजाब में एंट्री हो गई है. बुधवार को मोहाली में पार्टी की बैठक के दौरान पंजाब इकाई में मंजीत सिंह मोहाली, वरिष्ठ किसान नेता जगतार सिंह भुल्लर, सरदार बछितर सिंह और सरदार मनवीर सिंह मलवा शामिल हुए. ये सभी पंजाब में राष्ट्रीय लोक दल के उत्थानके लिए काम करेंगे. उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अपनी पूरी टीम के साथ राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हुए हैं. त्रिलोकत्यागी (राष्ट्रीय महासचिव संगठन), सरदार दिलप्रीत सिंह कोहली (महासचिव) और विनय प्रधान (प्रभारी, जम्मू और कश्मीर) प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थितथे. संगठनात्मक ढांचा किया गया है तैयारराष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के वरिष्ठ नेता और संगठन के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने बताया कि पंजाब के ज्वलंत मुद्दों को लेकर पार्टी नेएक विशेष संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है. इस नए ढांचे में पंजाब के प्रमुख किसान नेताओं को भी शामिल किया गया है. जो राज्य की जमीनीसमस्याओं से भली-भांति अवगत हैं. त्रिलोक त्यागी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोक दल अब पंजाब में सक्रिय राजनीति करेगा और आगामी विधानसभाचुनाव में भी अपनी भूमिका निभाएगा. पंजाब में नशाखोरी और बेरोजगारी दो सबसे गंभीर समस्याएं हैं जिन पर पार्टी खुलकर आवाज उठाएगी. पार्टीइन मुद्दों को केवल जनसभा और मंचों तक सीमित नहीं रखेगी. बल्कि इन्हें पंजाब की मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का कार्य भी करेगी राष्ट्रीय लोक दलपंजाब के युवाओं और किसानों की आवाज बनेगा और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेगा. पंजाब की इकाई में प्रमुख नेताओं का स्वागतसरदार मंजीत सिंह मोहाली, अनिल कुमार गर्ग, अशोक कुमार शर्मा (जिला अध्यक्ष पटियाला तृणमूल कांग्रेस), महंत भंगू स्वामी (समन्वयक सचिव), सरदार भोला सिंह झुनेर (सचिव मालवा जोन तृणमूल कांग्रेस), सरदार इकबाल सिंह टंग, सरदार बलदेव सिंह बठोई, रीमा अग्रवाल (समाजिककार्यकर्ता), जसवंत कौर (समाजिक कार्यकर्ता), जसविंदर सिंह (समाजिक कार्यकर्ता), गुरप्रीत सिंह चौहान (महा सचिव), सरदार सुरिंदर सिंह (किसाननेता), सरदार दविंदर सिंह (किसान), अश्विनी कुमार शर्मा, सरदार जगतार सिंह भुल्लर (किसान नेता) और सरदार बछित्तर सिंह (किसान नेता) पार्टी मेंशामिल हुए हैं.
सुप्रीम कोर्ट की तमिलनाडु सरकार से सख़्त पूछताछ, क्या एडीजीपी जयराम की अपहरण मामले में जांच सीआईडी को सौंपी जाएगी?

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु सरकार से पूछा कि क्या वे राज्य के एडीजीपी एचएम जयराम के खिलाफ कथित अपहरण मामले की जांचविशेष शाखा या सीआईडी को सौंपने पर विचार कर रहे हैं या नहीं। जस्टिस उज्जल भुइंया और जस्टिस मनमोहन की पीठ को तमिलनाडु सरकार कीतरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक पुलिस (ADGP) जयराम का निलंबन 16 जून को दिए गए उच्चन्यायालय के आदेश के चलते नहीं हुआ है, बल्कि पूर्व में उन पर लगे आरोपों के चलते हुआ है. विशेष जांच नहीं सोंप रही शाखा कोइस पर पीठ ने दवे से पूछा कि क्या राज्य सरकार एडीजीपी के खिलाफ जांच को सीआईडी या विशेष जांच शाखा को तो नहीं सौंप रही है. सुप्रीमकोर्ट ने इसकी जानकारी देने को कहा है एडीजीपी पर एक युवक के अपहरण का आरोप है जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था. कर्नाटकसरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि अगर कमल हासन की फिल्म ठग लाइफ राज्य में रिलीज होती है तो सरकार थिएटर्स को सुरक्षा मुहैया कराएगी. दरअसल कमल हासन ने कन्नड़ भाषा को लेकर बीते दिनों एक बयान दिया था जिससे कर्नाटक के लोग नाराज हो गए थे. इसके बाद सरकार ने कमलहासन की नई फिल्म ठग लाइफ के राज्य में रिलीज होने पर रोक लगा दी थी इसके खिलाफ कमल हासन सुप्रीम कोर्ट गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवारको तमिलनाडु सरकार से सवाल किया कि क्या राज्य सरकार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) एच.एम. जयराम के खिलाफ कथित अपहरणके मामले की जांच को सीआईडी (CID) या विशेष जांच शाखा को सौंपने पर विचार कर रही है.
श्रीनगर में सीएम उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक, पर्यटन व अमरनाथ यात्रा तैयारियों पर भी की गई चर्चा

अब्दुल्ला की अध्यक्षता में बुधवार को श्रीनगर में कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इसमें आरक्षण से जुड़ी कैविनेट उप समिति की रिपोर्ट पर विस्तार सेचर्चा की गई. कैबिनेट ने कानूनी पहलुओं की जांच के लिए रिपोर्ट विधि विभाग को भेज दी. हालांकि बैठक में लिए गए फैसले को सार्वजनिक नहींकिया गया. कैबिनेट उप समिति के तीन सदस्यों मंत्री सकीना इट्टू, जावेद राणा और सतीश शर्मा ने आरक्षण पर अपनी सिफारिशों के बारे में कैबिनेटको जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, उप समिति ने छह माह तक हितधारकों से लंबे विचार-विमर्श के बाद 10 जून को अपनी रिपोर्ट सौंपी. उमरसरकार आरक्षण विवाद को लेकर दबाव में है और रिपोर्ट पर लिए जाने वाले निर्णय पर सभी वर्गों की नजर लगी हुई है.बीते 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन रूल्स 2005 में संशोधन किया गया था. इसमें सरकारी पदों की भर्ती के साथ ही मेडिकल की प्रतियोगीपरीक्षाओं में रक्षा कर्मियों और पुलिसकर्मियों के बच्चों को भी आरक्षण की व्यवस्था की गई थी. ओपन मेरिट यानी जनरल कैटेगरी के युवाओं ने इसफैसले का विरोध किया था. कैबिनेट उपसमिति का किया गया गठनआरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार ने 10 दिसंबर 2024 को कैबिनेट उपसमिति का गठन किया था. उपसमिति को छह माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुतकरनी थी 10 जून को समय सीमा खत्म होने के आखिरी दिन शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार हो जाने की जानकारी देते हुए इसेकैबिनेट में रखे जाने की बात कही थी. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कहा था कि आगामी कैबिनेट बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी. राजस्वविभाग में नायब तहसीलदार के 75 पदों के लिए जेकेएसएसवी ने भर्ती निकाली थी. ओपन कैटेगरी के लिए केवल 30 पद रखे गए थे। सबसे ज्यादाएसटी को आरक्षण दिया गया था। इसके अलावा उर्दू को कामकाज के लिए जरूरी बनाया गया. नाराज युवाओं ने विरोध किया और इसे जम्मू केयुवाओं के साथ धोखा बताया था. उप समिति की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा हुई हालांकि इस पर अंतिम निर्णय लेने के बजाय इसे आगे की समीक्षा केलिए विधि विभाग को भेज दिया गया. विधि विभाग से रिपोर्ट वापस करने के लिए कैबिनेट ने कोई समय सीमा तय नहीं की है. इससे पता चलता हैकि इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है. कैबिनेट के समक्ष फिर आएगी वापसीकानूनी जांच के बाद ही रिपोर्ट अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष फिर वापस आएगी. पर्यटन को पुनर्जीवित करने के उपायों पर भी चर्चा बैठकमें पहलगाम आतंकी हमले के बाद बेपटरी हुए पर्यटन उद्योग को पटरी पर लाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा की गई. तीन जुलाई सेशुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए रसद व स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श हुआ. मंत्री ने बताया कि बैठक करीब एक घंटे चली.
नीतीश सरकार की उपलब्धियों का बखान, विपक्ष पर तीखा हमला एनडीए फिर बनाएगी सरकार “बिहार मंत्रियों ने की प्रेस वार्ता”

मुख्यमत्री नीतीश कुमार पार्टी के वरिष्ठ नेता-नेत्री और बिहार सरकार के तीन मंत्रियों ने प्रेस वार्ता की. तीनों से नीतीश सरकार की उपलब्धियों का जिक्रकिया। साथी ही विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला. बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी, जमा खान और लेसी सिंह ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की एनडीए सरकारों की जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण है. विपक्ष के पासकोई मुद्दा ही नहीं है इसलिए वह लगातार एनडीए सरकार पर सवाल उठा रहा है. मंत्री विजय कुमार चैधरी ने कहा कि विश्व बैंक द्वारा जारी हालियारिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. महत्वपूर्ण को दिया गया योगदानयह हमारे लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है कि बिहार उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जिन्होंने इस राष्ट्रीय उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते गरीबों की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है. बिहार के विकास की चर्चा आज देश हीनहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी हो रही है, लेकिन विपक्ष को यह प्रगति दिखाई नहीं देती. यह उनकी संकीर्ण सोच का परिचायक है राजद पर तंजकसते हुए उन्होंने कहा कि अगर राजद परिवारवाद जैसे विषयों पर बात करता है तो इससे अधिक हास्यास्पद कुछ नहीं हो सकता है. जनता करेंगी हर चाल को नाकाममंत्री लेसी सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह अनर्गल आरोपों का सहारा ले रहा है. लेकिन बिहार की जागरूक जनताउसकी हर चाल को नाकाम करेगी. उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए दो-तिहाई से अधिक बहुमतके साथ पुनः सरकार बनाएगी, समाज के सभी वर्गों का भरोसा नीतीश कुमार पर अटूट है.मंत्री जनाब जमा खां ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज केकल्याण और उत्थान के लिए हमारे नेता नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों का सकारात्मक असर आज धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. वहींविपक्ष की भूमिका अब केवल झूठ और भ्रम फैलाने तक सीमित रह गई है. जिसे जनता भली-भांति समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि शाहाबाद क्षेत्र मेंएनडीए की स्थिति लगातार मजबूत हुई है और आगामी चुनाव में हम निश्चित रूप से ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगे.
तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर तीखा हमला, 20 साल का शासन अंधकार युग “अब बदलाव जरूरी”

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से नीतीश सरकार पर हमला बोला है उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल पर सवालउठाया. सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि बिहार को अब 20 साल पर पुरानी सरकार नहीं है. सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का विकासरूक सा गया है विकास संकेतकों में सबसे नीचे है. नीति आयोग की सूची का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमें दुख होता है जब बिहारनीति आयोग के सभी सूचकांकों में सबसे फिसड्डी निकलता है.उन्होंने कहा कि बिहार देश में सबसे गरीब राज्य है. सबसे अधिक पलायन बिहार से है।बेरोजगारी सबसे ज्यादा बिहार में ही है 20 साल से नीतीश कुमार जी मुख्यमंत्री है 11 साल से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं लेकिन बिहार का क्या मिला, क्या विकास हुआ? बिहार में आम लोग अफसरशाही, अशिक्षा और रिश्वतखोरी से परेशान हैं। विधि व्यवस्था बदहाल है. गरीब लड़कियों से बलात्कार हो रहा है पटना समेत सभी जिलों में लोग हत्या और लूट से परेशान हैं आमजन दहशत में जीने के विवश है इसलिएजनता अब 20 साल पुरानी सरकार को नहीं चाहती है अब गाड़ी बदलने की बारी है.तेजस्वी यादव ने दावा कि आगामी चुनाव के बाद एनडीए के दोदशक यानी 20 सालों का अंधकार युग इस साल खत्म हो जाएगा. सीएम नीतीश कुमार के 20 साल के शासनकाल को उन्होंने अंधकार युग बताया. कहा कि पिछले 20 साल में नीतीश सरकार में बिहार को भ्रष्टाचार, अपराध, पलायन, बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य संकट, शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त, गिरते पुल, शराबबंदी, पेपरलीक, युवाओं पर लाठीचार्ज, किसानों की अनदेशी, आरक्षण चोरी, रोजगार घोटाला मिला। इसलिए बिहार अब कुशासनका अंत तुरंत मांग रहा है.