भाजपा की “MCD लूट मॉडल” पर एक और पर्दाफाश-70 लाख में बिक गया जोन चेयरमैन का पद-Saurabh Bhardwaj

दिल्ली नगर निगम (MCD) में भ्रष्टाचार के खिलाफ एकv बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। खुद भाजपा की ही एक वरिष्ठ पार्षद ने पार्टी के अंदरव्याप्त भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ कर दिया है। उन्होंने एक पत्र के माध्यम से सनसनीखेज आरोप लगाया है कि जोन चेयरमैन बनने के लिए एक पार्षद नेभाजपा को 70 लाख रुपये की घूस दी है। यह पत्र केवल पार्टी तक सीमित नहीं रहा — इसकी प्रतिलिपि अब पत्रकारों के पास भी मौजूद है और यहसोशल मीडिया तथा राजनीतिक गलियारों में आग की तरह फैल रहा है। 70 लाख में जोन चेयरमैन पद – जनता का पैसा जाएगा कहां? आप सोचिए-जब कोई व्यक्ति सिर्फ एक कुर्सी पाने के लिए 70 लाख रुपये खर्चकरता है, तो वह यह पैसा कहां से वसूल करेगा? जवाब साफ है-ठेकेदारों से कमीशनबिल पास कराने में दलाली, दुकानों, रेहड़ी वालों और निगम स्टाफ से वसूली, अवैध निर्माण पर नजरें फेरने की कीमत यानी जो जनता की सेवा करनेआए हैं, वे MCD को एक व्यापार बना बैठे हैं।तोड़फोड़ कर चेयरमैन बनाने का असली मकसद अब साफ है. AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा: क्या यही वजह है कि भाजपा ने MCD में जबरन पार्षदों कोतोड़-फोड़ कर जोन चेयरमैन बनवाए? क्या इसीलिए भाजपा को MCD चाहिए – ताकि भ्रष्टाचार का बाजार फिर से खोला जा सके? भाजपा नेलगातार 15 सालों तक MCD को बर्बाद किया। सड़कों की हालत, सफाई व्यवस्था, पार्कों की दुर्दशा, स्कूलों का गिरता स्तर – हर क्षेत्र में पतन दिखा। इसके बावजूद अब जब AAP ने व्यवस्था मेंसुधार शुरू किया, तो भाजपा फिर से MCD में सेंधमारी करने में जुट गई। जनता के नाम सीधा सवालयदि जोन चेयरमैन बनने की कीमत 70 लाख है,तो क्या जनता को मुफ्त सेवाएं मिलेंगी या फिर उससे वसूली होगी?AAP का स्पष्ट संदेश: भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी भाजपा अब MCD को भी व्यापार बना चुकी है।जनता को तय करना है-सेवा चाहिए या सौदेबाज़ी?”
भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने का मार्ग है वेद, विद्या और वैद्य से होकर गुजरता है कांची शंकराचार्य” बोले-शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती

कांची कामकोटि पीठम के 70वें शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती का मत है कि हमारे ‘वेद, विद्या और वैद्य’ ने भारत के विकास को बदलदिया है और आगे भी ऐसा ही होता रहेगा. हमारा एकमात्र उद्देश्य भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाना है और जब यह हासिल हो जाएगा. तो विश्व शांति होगीबेंगलुरू में अपने प्रवास के दौरान कांची पीठाधिपति स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती कांची ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अकनीश्री कार्तिक से कई मुद्दोंपर विस्तार से बात करते हुए यह राय व्यक्त की. कांची के संत ने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने, भाषा के मुद्दे और युवाओं की आध्यात्मिकभागीदारी में अधिक शामिल होने जैसे विषयों पर भी बात की. पूरे भारत में चलाते है अस्पतालहमारे वेद (प्राचीन पवित्र ग्रंथ), विद्या (शिक्षा), और वैद्य (चिकित्सा) सेवा ने कई गरीब परिवारों की मदद की है हम पूरे भारत में अस्पताल चलाते हैंजिनमें से प्रत्येक राज्य में कम से कम एक अस्पताल है. जो मुख्य रूप से गरीबों को मुफ्त इलाज प्रदान करता है. हमारे ‘वेद, विद्या और वैद्य’ ने भारत केविकास को बदल दिया है और ऐसा करना जारी रखेंगे. गरीबी उन्मूलन हाल के दिनों में एक ‘नारा’ हो सकता है. लेकिन यह हमारे ‘श्लोकों’ में है, औरहम लंबे समय से ऐसा करते आ रहे हैं. आदि शंकराचार्य कहते हैं ‘देयं दीना जनया च वित्तम्’ हम भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित कृषि, गौ-पालनऔर सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं.हम सदियों से अपनी पाठशालाओं (पारंपरिक भारतीय विद्यालयों) के माध्यम से भारतीयपरंपरा, वेद शास्त्र (ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद) की रक्षा, संरक्षण और प्रचार करते आ रहे हैं. भारतीय संस्कृति’ को बढ़ावा देने की प्रमुखताहम मुख्य रूप से आर्थिक रूप से वंचित लोगों के लिए स्कूल और कॉलेज चलाते हैं जहां नियमित शिक्षा के साथ-साथ ‘भारतीय संस्कृति’ को बढ़ावादेने को प्रमुखता दी जाती है कांची पीठम धर्म प्रचारम के लिए ‘आध्यात्मिक शिक्षा’ प्रदान करता है पीठम तीन-भाषा सूत्र का उपयोग करके प्राच्यशिक्षा प्रदान करता है. अंग्रेजी एक वैश्विक भाषा है इसका इस्तेमाल सिर्फ़ ‘कनेक्टिंग लैंग्वेज’ के तौर पर किया जाना चाहिए. इसका इस्तेमाल दफ़्तरोंऔर प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है. अपने घरों में हम सभी को अपनी ‘मातृभाषा’ का इस्तेमाल करना चाहिए, चाहे वह कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम आदि हो। हमें अपनी मातृभाषा से प्यार करना चाहिए और उसकी रक्षा करनी चाहिए. वेद, शास्त्र और अन्य भारतीय पारंपरिकसाहित्यिक रचनाएं संस्कृत भाषा में हैं. इसका इस्तेमाल मंदिरों और धर्म प्रचार के लिए किया जाना चाहिए.
क्लासरूम घोटाले के नाम पर झूठी जांच, असल मकसद ध्यान भटकाना: आतिशी

आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर राजनीतिक प्रतिशोध और झूठे केस के जरिए विपक्षी नेताओं को निशानाबनाने का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को जिस कथित क्लासरूमघोटाले के मामले में आज ACB के सामने पेश होना है, वह केवल “झूठे केसों की एक और कड़ी” है। आतिशी ने आरोप लगाया कि बीते 10 वर्षों मेंभाजपा सरकार ने AAP नेताओं पर 200 से अधिक फर्जी केस दर्ज कराए, लेकिन: एक भी मामला अब तक अदालत में टिक नहीं पाया।, CBI औरED की तमाम रेड्स और जांचों के बावजूद एक पैसे की भी भ्रष्टाचार की पुष्टि नहीं हो सकी। यहां तक कि अदालतों ने भी इन जांच एजेंसियों कोफटकार लगाई और कहा कि स्वतंत्र जांच जरूरी है, बदले की नहीं। आतिशी ने कहा कि भाजपा इस समय हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है — औरइसी विफलता से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आम आदमी पार्टी के नेताओं को बार-बार फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।बिजली संकट: दिल्ली में तीन-तीन महीने से लगातार पावर कट, लोग परेशान हैं।बढ़ती बिजली दरें: बिजली गई, लेकिन बिल बढ़ते जा रहे हैं। पानी संकट: एक तरफ सड़कों पर बारिश का पानी भरा है, दूसरी ओर लोगों के घरों में नल सूखे पड़े हैं।वॉटरलॉगिंग: राजधानी में मामूली बारिश से ही घंटों तक पानी जमा रहता है, दिल्ली जल बोर्ड के ऑफिस पर ताले तक लग गए हैं। यह वही मामला है जिसमें भाजपा ने मनीष सिसोदिया पर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में क्लासरूम निर्माण को लेकर धांधली के आरोप लगाए थे।लेकिन AAP का दावा है कि:यह घोटाला नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों के कायाकल्प की योजना थी। स्कूलों की हालत सुधारने के लिए ही पैसा लगाया गया, और आज दिल्ली केसरकारी स्कूलों को विदेशी प्रतिनिधि भी देखने आते हैं। इन स्कूलों ने सरकारी शिक्षा का मान बदल दिया है – और यही बात भाजपा को चुभ रही है।4 इंजन की सरकार हर सब्जेक्ट में फेल आतिशी ने कहा कि केंद्र में भाजपा, और कई राज्यों में सहयोगी दलों के साथ मिलकर चार इंजन वालीसरकार चल रही है, लेकिन:देश की राजधानी दिल्ली तक में पानी, बिजली और बुनियादी सेवाएं चरमरा गई हैं। सरकार किसी भी मुद्दे पर जनता कोजवाब नहीं दे पा रही। ऐसे में सिर्फ एक रास्ता बचता है — ध्यान भटकाओ, विपक्ष को बदनाम करो। आतिशी का तीखा सवालजब 10 साल में 200 केस में एक चवन्नी का भ्रष्टाचार नहीं मिला, तो फिर हर कुछ महीनों में नया केस क्यों बनाया जाता है? आम आदमी पार्टी कायह सीधा आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए आम आदमी पार्टी के नेताओं को राजनीतिकप्रतिशोध का शिकार बना रही है।फर्जी केस, झूठे आरोप और बदले की कार्रवाई,यही भाजपा का “नया एजेंडा” बन चुका है।
“गांव के मुख्यमंत्री” सुक्खू का नया जनसंपर्क मॉडल, ‘सरकार गांव के द्वार’ से बदल रहे हिमाचल की सियासत

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ‘गांव के मुख्यमंत्री’ की छवि बनाने की जद्दोजहद के तहत हिमाचल में नया प्रयोग कर रहे हैं. वह दुर्गम इलाकों के लोगोंकी समस्याएं सुलझाने के लिए गांव में एक दिन और एक रात का ठहराव करने का अभियान चलाए हैं. डोडरा क्वार से शुरू हुआ उनका यह प्रयासवीते दिनों बागा सराहन तक पहुंच गया. आगे वह माहूंनाग और बड़ा भंगाल जाने की भी योजना बना चुके हैं वह राहुल गांधी की दिखाई राह परचलकर अपने सियासी विरोधियों को भी कड़ा संदेश दे रहे हैं. भाजपा के चंद घंटों में निपट जाने वाले जनमंच से चार कदम आगे चलने की कोशिशकर सीएम ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में विपक्ष की घेराबंदी कर रहे हैं. डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री ने अर्थव्यवस्था पर जब राहुल गांधी से चर्चा कीतो उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस करने की सलाह दी थी. सीएम ने की खुद बात जाहिरक्योंकि हिमाचल की नब्बे फीसदी आबादी गांव में है सीएम ने खुद यह बात जाहिर की थी. हिमाचल के मुख्यमंत्रियों की बात करें तो भाजपा केराष्ट्रीय नेताओं ने शांता कुमार को पानी वाले और प्रेम कुमार धूमल को सड़क वाले मुख्यमंत्री के तमगे दिए. छह बार सीएम रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह कोभी उनके समर्थक विकास पुरुष की संज्ञा देते रहे हैं. अब सुक्खू दुर्गम गांवों में अधिकारियों के साथ दिनरात गुजारकर ग्रामीण हिमाचल के विकास कीनई नींव रख रहे हैं. विकास की सियासत को नई डगर बनाने का निश्चय किया. उन्होंने दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार से ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम शुरू करग्रामीणों के साथ आम आदमी की तरह दिन-रात चौबीस घंटे बिताने का सिलसिला शुरू किया. रात्रिभोज और ठहराव है कर चुकेअब तक वह पांच जगहों पर रात्रिभोज और ठहराव कर चुके हैं. मुख्यमंत्री कांग्रेस की गारंटी पर भी विपक्ष को जवाब देते हुए दूरदराज गांवों कीमहिलाओं को चरणबद्ध 1500-1500 रुपये के चेक दे रहे हैं. यही चेक उन्होंने बागा सराहन में थमाए। वह दूध के दाम में दो साल में ही 23 रुपयेबढ़ाने की बात कर इसे ऐतिहासिक बता रहे हैं. गेहूं, जौ, मक्की, हल्दी आदि को न्यूनतम समर्थन मूल्य देकर गांववासियों का ख्याल रखने की भी बातकर रहे हैं इन बातों को उन्होंने बागा सराहन में भी दोहराया.
वखड़ी-रकसिया नालों पर अतिक्रमण नोटिस से मचा सियासी घमासान, कांग्रेस ने बताया “तुगलकी फरमान” मेयर ने दिया पुनः सर्वे का आश्वासन

देवखड़ी व रकसिया नालों के आसपास के क्षेत्रों में पांच सौ से अधिक परिवारों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस ने भाजपा को परेशानी में डाल दिया है. मेयर को न सिर्फ अफसरों से बात करना पड़ी बल्कि लोगों के बीच जाकर आश्वासन देना पड़ा कि किसी को बेवजह परेशान नहीं होने दिया जाएगा. दूसरी तरफ कांग्रेस ने सुभाषनगर में महापंचायत कर नोटिसों को तुगलकी फरमान बताते हुए पुरजोर विरोध का एलान किया है. प्रशासन की ओर सेमकान तोड़ने के ये नोटिस पिछले दिनों दिए गए तभी से यह मामला गरमाया हुआ है बीते सोमवार को क्षेत्रवासी पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी सेभी मिले थे. लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के नोटिस दे दिया है वे 40 से 50 वर्षों से यहां बसे हुए हैं. अगर छत छिन जाएगी तोवे कहां जाएंगे वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को पकड़ लिया है. यही कारण है कि बृहस्पतिवार को लालडांठ क्षेत्र में हुई बैठक में मेयर गजराज सिंह बिष्टपहुंचे. उन्होने लोगों को आश्वस्त किया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा और किसी के साथनाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी. उपजिलाधिकारी ने की इस मामले पर बातउन्होंने कहा कि नालों का दोबारा सर्वे कराया जाएगा मेयर ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से इस मामले में फोन पर बात की. दोनोंअधिकारियों से उन्होंने कहा कि प्रशासन देवखड़ी और रकसिया नाले का दोबारा सर्वे कराएं, ताकि वस्तुस्थिति साफ हो सके. इस दौरान पार्टीजिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट के अलावा पार्षद चंदन सिंह मेहता व नवीन जोशी समेत कई लोग मौजूद रहे.सुभाषनगर में मकानों को तोड़ने की कार्रवाई केखिलाफ बृहस्पतिवार को दुर्गा मंदिर प्रांगण में महापंचायत हुई. कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने इसमें कहा कि प्रशासन की कार्रवाई अमानवीय वतानाशाही पूर्ण है. उन्होंने कहा कि वर्षों से बसे परिवारों को उनके मकान तोड़ने का तुगलकी फरमान देना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यहकेवल घरों को बचाने की नहीं, बल्कि इंसाफ और मानवीय अधिकारों की लड़ाई है. यह कार्रवाई किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है इसका हर स्तर परविरोध होगा इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएंगे जरूरत पड़ी तो न्यायालय जाएंगे. बमौरी क्षेत्र का भी किया दौरामहापंचायत के बाद विधायक ने बमौरी क्षेत्र का भी दौरा किया. जहां उन्होंने नाले के नाम पर उजाड़े जा रहे परिवारों से भेंट कर उनकी समस्या सुनी. उन्हेंभी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया कहा बमौरी क्षेत्र के लोगों के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राहुलछिमवाल, दीप पाठक, पूरन चंद्र बवाड़ी, सतनाम सिंह चटवाल, मुकुल बल्यूटिया, हेम चंद्र जोशी, गोपाल दत्त जोशी, शशि वर्मा, हेमा कर्नाटक सहितक्षेत्रवासी मौजूद रहे.
सीवान रैली में गरजे पीएम मोदी, राजद-कांग्रेस ने किया बाबा साहब का अपमान बिहारवासी नहीं करेंगे माफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीवान के जसौली में जनसभा को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कई बार जंगलराज शब्द का प्रयोगऔर कांग्रेस-राजद पर जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने नौजवानों को जंगलराज की याद दिलाई. इसके बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जन्मदिनपर बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर के अपमान के मुद्दे को भी उठाया. पीएम मोदी ने कहा कि राजद वालों ने बाबा साहेब का अपमान किया हैऔर माफी भी नहीं मांग रहे हैं. राजद और कांग्रेस वाले खुद को बाबा साहब से बड़ा दिखाना चाहते हैं इसलिए उनकी तस्वीर को पैरे के सामने रखने हैं. बिहारवासी नहीं भूलेगा अपमानलेकिन मोदी बाबा साहब को दिल में रखता है. बिहारवासी बाबा साहब के इस अपमान को नहीं भूलेगा.पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष पर हमलाबोलते हुए कहा कि हमलोग कहते हैं सबका साथ और सबका विकास लेकिन लालटेन और पंजे वाले कहते हैं परिवार का साथ और परिवार काविकास. इनकी राजनीति कुल जमापूंजी यही है कि अपने-अपने परिवारों के हित के लिए यह करोड़ों परिवारों का अहित करने से नहीं चूंकते हैं. बाबासाहब आंबेडकर भी इस प्रकार की राजनीतिक के खिलाफ थे. इसलिए यह लोग कदम-कदम पर बाबा साहब का अपमान करते हैं. बाबा साहब का किया अपमानअभी देश ने देखा कि किस तरह से राजद वालों ने बाबा साहब का अपमान किया. राजद वालों ने बाबा साहेब की तस्वीर के साथ क्या किया? यहसबने देखा है.पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में पोस्टर लगे हैं कि बाबा साहब के अपमान पर माफी मांगों. लेकिन, यह लोग माफी नहीं मांगेंगे. क्योंकिइनके मन में दलित, महादलित, पिछड़ों और अतिपिछड़े के लिए कोई सम्मान नहीं है. राजद और कांग्रेस वाले बाबा साहब की तस्वीर को अपने पैरों मेंरखते है. लेकिन मोदी बाबा साहब को अपने दिल में रखता है। बाबा साहेब का अपमान कर वह लोग खुद को बाबा साहब से भी बड़ा दिखना चाहतेहैं. बिहार के लोग बाबा साहब का अपमान कभी नहीं भूलेंगे. बिहारवासी इस अपमान को हमेशा याद रखेंगे.
एअर इंडिया की दिल्ली-पुणे फ्लाइट से टकराया पक्षी, वापसी की उड़ान रद्द अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी कटौती का ऐलान

दिल्ली से पुणे जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट में शुक्रवार को पक्षी टकरा गया. इस वजह से एयरलाइन को अपनी वापसी की यात्रा रद्द करनीपड़ी. एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और पक्षी टकराने का पता पुणे में उतरने के बाद चला. आगे एयरलाइन नेकहा कि विमान को आगे की यात्रा के लिए रोक दिया गया. इंजीनियरिंग टीम की ओर से विमान की व्यापक जांच की जा रही है. एयरलाइन ने कहा, ’20 जून को पुणे से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली AI-2470 को पक्षी टकराने के कारण रद्द कर दिया गया है. जिसका पता आने वाली फ्लाइटके पुणे में सुरक्षित उतरने के बाद चला. एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह फंसे हुए यात्रियों के लिए रुकने की व्यवस्था और भोजन उपलब्ध करानेसहित सभी व्यवस्थाएं कर रही है. निर्धारित विकल्प की जा रही पेशकशयात्रियों को टिकट रद्द करने पर पैसों की वापसी या यात्रा को फिर से र्निर्धारित करने वाले विकल्प की पेशकश की जा रही है साथ ही यात्रियों के लिएदिल्ली जाने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. इस बीच एअर इंडिया ने आज अपनी कई उड़ान सेवाएं रद्द कर दी हैं एयरलाइन की ओर से अबतक चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों समेत आठ फ्लाइट्स को रद्द करने की सूचना दी गई है. एयरलाइन ने बताया कि शुक्रवार को रखरखाव और परिचालनसंबंधी कारणों से एअर इंडिया ने चार अंतरराष्ट्रीय सेवाओं सहित आठ उड़ानें रद्द कर दी हैं. यात्रियों के लिए जल्द से जल्द अपने गंतव्यों तक उड़ान भरनेके लिए ग्राउंड पर उसकी टीमें वैकल्पिक व्यवस्था कर रही हैं. इस बीच एअर इंडिया ने 21 जून से 15 जुलाई 2025 तक हर हफ्ते 38 अंतरराष्ट्रीयउड़ानें घटाने और तीन विदेशी मार्ग पर सेवाएं बंद करने का ऐलान किया है. हालिया विमान दुर्घटना के बाद सुरक्षा जांच बढ़ाई गई है. जिससे उड़ानोंपर असर पड़ा है.
भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज शुरू साई सुदर्शन का डेब्यू, तीन तेज गेंदबाजों और दो ऑलराउंडरों के साथ उतरी टीम इंडिया

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत हो चुकी है. दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच लीड्स के हेडिंग्ले में खेला जा रहा है. भारत की प्लेइंग-11 को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा चल रही थी और टीम इंडिया ने इस मैच में तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरने काफैसला किया है. इतना ही नहीं ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को भी प्लेइंग-11 में जगह दी गई है. इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहलेगेंदबाजी का फैसला किया है. इंग्लैंड ने प्लेइंग-11 की घोषणा पहले ही कर दी थी. वहीं भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी कहा कि वह टॉसजीतकर पहले गेंदबाजी करना चाहते थे. गिल ने कहा कि साई सुदर्शन डेब्यू कर रहे हैं जबकि अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर की वापसी हुई है औरतीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाज खेल रहे हैं. शार्दुल ऑलराउंडर की भूमिका निभाते दिखेंगे सुदर्शन तीसरे नंबर पर और करुण छठे नंबर पर बल्लेबाजी करतेदिख सकते हैं. राहुल और यशस्वी जायसवाल भी है उतरेइस मैच में ओपनिंग के लिए केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल उतरे हैं. इन दोनों ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी कुछमैच में ओपनिंग की थी. रोहित शर्मा के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद यशस्वी की जगह केएल ने ली है। भारत इस मैच में यशस्वी, केएल, सुदर्शन, गिल, ऋषभ पंत और करुण नायर के रूप में छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ उतरा है. भारत इस मैच में दो ऑलराउंडरों के साथ उतरा है रवींद्र जडेजाऔर शार्दुल ऑलराउंडर के तौर पर प्लेइंग-11 में शामिल हैं. जडेजा एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर भी हैं जबकि कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को इसमैच में मौका नहीं मिला है तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा हैं. भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साईसुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), करुण नायर, रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा. इंग्लैंड: जैक क्राउली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), क्रिस वोक्स, ब्राइडन कार्स, जोशटंग, शोएब बशीर.
इंडिगो की मदुरै जाने वाली फ्लाइट में तकनीकी खराबी, चेन्नई लौटकर सुरक्षित लैंडिंग हाल के दिनों में कई उड़ानों में आईं दिक्कतें

मदुरै जाने वाली एक निजी एयरलाइन के विमान में शुक्रवार को बीच हवा में तकनीकी खराबी आ गई. इस वजह से उसे वापस चेन्नई लौटना पड़ा. हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि करीब आधे घंटे की उड़ान के बाद इंडिगो एयरलाइंस के विमान के पायलट ने खराबी का पता लगाया औरचेन्नई वापस आने और उतरने की अनुमति मांगी. इसके बाद करीब 68 यात्रियों को लेकर जा रहा विमान बाद में सुरक्षित रूप से यहां उतरा. सभीयात्रियों को विमान से उतार लिया गया मामले पर इंडिगो की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इससे पहले बीच बुधवार को एक अन्यघटना में दिल्ली से रायपुर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-6313 के यात्री तकनीकी खराबी के कारण विमान के अंदर लगभग 40 मिनट तक फंसेरहे थे. लैंडिग के समय नहीं खुल पाया था दरवाजादरअसल लैंडिंग के बाद विमान का दरवाजा नहीं खुल पाया था दोपहर 2:20 बजे रायपुर में लैंड करने वाली इस फ्लाइट में छत्तीसगढ़ के पूर्वमुख्यमंत्री भूपेश बघेल और रायपुर की मेयर मीनल चौबे सवार थीं. इससे पहले 17 जून को केरल के कोच्चि से दिल्ली आ रही इंडिगो के विमान 6E-2706 की नागपुर में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी थी विमान को बम की धमकी मिलने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया गया था. कोच्चिइंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल) ने बताया था कि मंगलवार को मस्कट से यहां पहुंचे (6E-1272) और दिल्ली के लिए रवाना हुएइंडिगो के विमान (6E-2706) को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इंडिगो के विमान के बारे में उसके आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी मिलीथी, जो 157 यात्रियों और छह चालक दल के सदस्यों के साथ सुबह 9.31 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुआ था. इसका दिल्ली में लैंड करने का समयदोपहर 12.35 बजे था इस बीच दो घंटे 43 मिनट हवा में रहने के बाद विमान को सुबह 11.54 बजे नागपुर में उतारा गया था. विमान को सुरक्षित रुप से कराया गया लैंडइससे पहले एयरलाइन ने मंगलवार को एक बयान में कहा था कि गोवा से लखनऊ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में प्रतिकूल मौसम की वजह सेसोमवार को बीच हवा में टर्बुलेंस का अनुभव किया गया. लेकिन चालक दल ने विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराया. एयरलाइन ने आगे कोईविवरण दिए बिना कहा कि फ्लाइट 6E 6811 लखनऊ में सुरक्षित रूप से उतरी. एयरलाइन ने कहा, ’16 जून को उत्तरी गोवा से लखनऊ जाने वालीइंडिगो की फ्लाइट 6E 6811 में पश्चिमी भारत में सक्रिय मानसून मौसम की स्थिति के कारण कुछ समय के लिए टर्बुलेंस हुआ. ऐसी स्थितियों सेनिपटने के लिए प्रशिक्षित इसके पायलट और केबिन क्रू ने ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थापित प्रोटोकॉल का पालन किया.इससे पहलेपिछले महीने दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट में तृणमूल कांग्रेस सांसदों के प्रतिनिधिमंडल सहित 227 यात्री सवार थे। भारी बारिश औरओलावृष्टि की वजह से फ्लाइट भारी टर्बुलेंस का शिकार हो गई थी. इसके बाद पायलट ने श्रीनगर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आपातकाल की सूचनादी. सभी यात्री सुरक्षित रूप से विमान से उतर गए थे लेकिन विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था.
नेतन्याहू की ‘बेटे की शादी टलने’ वाली टिप्पणी से भड़के इस्राइली, युद्ध पीड़ितों ने बताया आत्ममुग्ध और असंवेदनशील

International News: इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेटे की शादी में देरी को युद्ध की ‘व्यक्तिगत कीमत’ बताया, जिससे इस्राइलीलोग नाराज हो गए हैं और उन्होंने नेतन्याहू की कड़ी आलोचना की. लोगों ने कहा कि कई लोग ऐसे हैं, जिनके घर में युद्ध की वजह से कभी शादी हीनहीं हो पाएगी. कई लोगों ने तो प्रधानमंत्री नेतन्याहू की टिप्पणी को बेतुका और आत्मकेंद्रित बता दिया. नेतन्याहू ने बीरशेवा इलाके में सोरोकाअस्पताल का दौरा किया था यह अस्पताल ईरान के मिसाइल हमले में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है. अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुएनेतन्याहू ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय जिस तरह से जर्मनी ने ब्रिटेन पर कई महीनों तक बमबारी की थी. ब्रिटेन के लोगों का हौसला हो रहा था मजबूतलेकिन उसके बावजूद ब्रिटेन के लोगों का हौसला मजबूत रहा था. वैसे ही हम भी उस दौर से गुजर रहे हैं और हमें भी अपना हौसला मजबूत रखनाहोगा. प्रधानमंत्री ने अपने बेटे की शादी को फिर से टालने का जिक्र करते हुए कहा कि ‘युद्ध में लोग मारे जा रहे हैं और हर कोई युद्ध की व्यक्तिगतकीमत चुका रहा है और हमारा परिवार भी इससे अछूता नहीं है. शादी टलने से बेटे की मंगेतर और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू बेहद दुखी हैं. पीएम नेअपनी पत्नी की तारीफ करते हुए उन्हें नायक बताया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू की ये टिप्पणी लोगों को नाराज कर गई सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या मेंलोगों ने नेतन्याहू की आलोचना की. लोगों ने नेतन्याहू पर जनता की परेशानी पर अपनी छवि को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया. ऐसी खबरें आईंथी कि नेतन्याहू बेटे की शादी के लिए छुट्टी लेने की योजना बना रहे हैं। शादी सोमवार को होनी थी. इससे लोगों में गुस्सा बढ़ गया था विरोध कोदेखते हुए शादी को दूसरी बार टाल दिया गया. बेटे की शादी होनी थी नवंबरपहले नेतन्याहू के बेटे की शादी बीते साल नवंबर में होनी थी लेकिन उस वक्त भी युद्ध के चलते यह टल गई थी. राजनीतिक गलियारों में भी नेतन्याहूकी इस टिप्पणी के लिए आलोचना हो रही है और राजनेता, नेतन्याहू को आत्ममुग्ध बता रहे हैं. इस्राइल के एक नेता गिलाद करिव ने कहा कि मैं ऐसेकई परिवारों को जानता हूं जिन्हें शादी स्थगित करने के लिए मजबूर नहीं किया गया था. लेकिन अब वे लोग कभी भी शादी का जश्न नहीं मना पाएंगेजो कभी होने वाली थीं. उन्होंने कहा कि रात में ड्यूटी के लिए निकलने वाले डॉक्टर नायक हैं इस मुश्किल समय में हमारे बच्चों को जूम कॉल परपढ़ाने वाले शिक्षक नायक हैं.