बिहार की वोटर लिस्ट की जांच पर हंगामा: डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में रखी बड़ी बातें

बिहार में इस समय वोटर लिस्ट की जांच की प्रक्रिया चल रही है। यानी यह देखा जा रहा है कि वोटर लिस्ट में जो नाम हैं, क्या वे लोग सही में भारतके नागरिक हैं या नहीं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया पर अब बड़ा सवाल उठ गया है। INDIA गठबंधन की तरफ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अभिषेक मनुसिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह जांच तरीका बहुत गलत और खतरनाक है। इससे करोड़ों लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है। उन्होंने इसमुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में 6 ज़रूरी और गंभीर बातें रखीं, जो हम यहां सरल भाषा में समझा रहे हैं। *2003 के बाद जिनका नाम जोड़ा गया, उन्हें संदिग्ध माना जा रहा है*चुनाव आयोग ने कहा है कि साल 2003 से पहले जिनका नाम वोटर लिस्ट में था, उन्हें नहीं हटाया जाएगा। लेकिन 2003 के बाद जो लोग वोटर बनेहैं, उनका नाम अब संदिग्ध मान लिया गया है।उनसे पूछा जा रहा है कि तुम भारत के नागरिक हो या नहीं, यह साबित करो। अगर वह व्यक्ति यह साबित नहीं कर पाया, तो उसका नाम वोटर लिस्टसे हटा दिया जाएगा, चाहे वह पिछले 15 साल से भी वोट दे रहा हो। *नागरिकता साबित करने के लिए मांग रहे हैं मुश्किल और पुराने दस्तावेज*2003 के बाद वोटर बने लोगों को अब तीन अलग-अलग तरीकों से दस्तावेज लाने को कहा जा रहा है.कुछ लोगों को अपना जन्म प्रमाणपत्र लाने को कहा गया है।कुछ लोगों को माता या पिता का जन्म प्रमाणपत्र लाना होगा।कुछ लोगों को खुद का और माता-पिता दोनों का जन्म प्रमाणपत्र देना होगा।अब सवाल यह है कि क्या हर किसी के पास ये कागज हैं? गांवों, गरीब परिवारों, मजदूरों, बुजुर्गों और महिलाओं के पास ये प्रमाणपत्र नहीं होते। *कानून बदले बिना ही यह प्रक्रिया चलाई जा रही है*डॉ. सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग यह जांच बिना संसद में कोई नया कानून बनाए कर रहा है।इस तरह की जांच के लिए पहले कानून में बदलाव किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।एक अधिकारी के आदेश पर यह बड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।यह सही तरीका नहीं है। *सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज किया गया*सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह कह चुका है कि जो लोग कई साल से वोटर लिस्ट में शामिल हैं, उन्हें कोई भी अधिकारी सीधे लिस्ट से नहीं हटा सकता।उन्हें हटाने के लिए पहले मुकदमा होना चाहिए, सुनवाई होनी चाहिए। लेकिन बिहार में ऐसा कुछ नहीं हो रहा। लोगों को बिना किसी सुनवाई के हीबाहर कर दिया जा रहा है। *करोड़ों लोगों का वोटर अधिकार खतरे में*बिहार में लगभग 8 करोड़ मतदाता हैं। चुनाव आयोग ने इनमें से 5 करोड़ लोगों को संदिग्ध श्रेणी में रख दिया है। अगर इनमें से भी 2 करोड़ लोगों कोवोट देने से रोका गया, तो यह लोकतंत्र को बहुत बड़ा नुकसान होगा। वोट देना हर नागरिक का अधिकार है। यह प्रक्रिया गरीब, पिछड़े, मजदूर औरअल्पसंख्यक वर्ग को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। *आधार, राशन कार्ड, वोटर कार्ड – कोई भी दस्तावेज मान्य नहीं!*आज आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड हर जगह मान्य हैंरेलवे स्टेशन, अस्पताल, स्कूल, हवाई जहाज – हर जगह यही कार्ड चलते हैं। यहां तक कि खुद चुनाव आयोग जो वोटर कार्ड देता है – उसे भी अबमानने से मना किया जा रहा है। अब कहा जा रहा है कि सिर्फ जन्म प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। जहां आधार बन रहा है सबका सहारा, वहां चुनावआयोग ने कर लिया है किनारा! *बाढ़ और पलायन के समय यह प्रक्रिया क्यों शुरू की गई?*डॉ. सिंघवी ने यह भी कहा कि बिहार में अभी बाढ़ और मजदूरों के पलायन का समय है। जुलाई और अगस्त में लाखों लोग अपना घर छोड़कर दूसरेराज्यों में काम करने जाते हैं। उत्तर बिहार में जब बाढ़ आती है, तो लोग अपने घर भी नहीं पहचान पाते। *अब सवाल उठता है*गरीब लोग अपनी जान बचाएं या दस्तावेज़ ढूंढने जाएं?क्या एक मजदूर, किसान या दिहाड़ी मज़दूर के लिए यह सब करना आसान है?अगर यह प्रक्रिया ऐसे ही चली, तो बिहार में लाखों-करोड़ों लोगों कानाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। उन्हें वोट डालने से रोका जाएगा। और ये वही लोग होंगे जो समाज के सबसे कमजोर वर्ग से आते हैं – गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, महिलाएं, बुजुर्ग। डॉ. सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस प्रक्रिया को रोका जाएऔर सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
भाजपा की बुलडोज़र राजनीति चुनाव से पहले झुग्गियों में रोटी, चुनाव के बाद उजाड़ी ज़िंदगी – आतिशी

दिल्ली की ज़मीन पर एक बार फिर गरीबों के आशियानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। चुनाव से पहले झुग्गीवासियों के बीच जाकर उनके साथखाना खाने और रात्रि प्रवास करने वाली भाजपा, अब उन्हीं झुग्गियों को जमींदोज़ करने पर आमादा है।मटियाला विधानसभा के नंगली डेयरी इलाके में बसे हज़ारों गरीब परिवारों को अब अपना घर छिनने का डर सता रहा है, क्योंकि भाजपा सरकार वहांझुग्गियों को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है। झुग्गियों पर तोड़फोड़ के नोटिस लगाए जा चुके हैं, और प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो चुकी है। *चुनाव से पहले दिखावटी हमदर्दी, चुनाव के बाद बुलडोज़र की साज़िश*चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने नंगली कैंप, मद्रासी कैंप और वज़ीरपुर जैसी बस्तियों में झुग्गीवासियों के घरों में जाकर खाना खाया, बच्चों के साथखेल खेला, ज़मीन पर सोने की तस्वीरें खिंचवाईं और गरीबों की झोपड़ियों को मंदिर बताकर प्रचार किया। लेकिन अब वही भाजपा सत्ता में लौटते हीइन बस्तियों पर बुलडोज़र चलवाने की तैयारी कर रही है। यह दोहरापन केवल धोखा नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन पर सीधा हमला है। *भाजपा की नीति साफ़ जहाँ झुग्गी है, वहाँ मैदान बनेगा*भाजपा ने यह तय कर लिया है कि दिल्ली से हर झुग्गी को हटाना है। चाहे वहां लोग 20-30 सालों से रह रहे हों, चाहे वहां बच्चे पढ़ते हों, चाहे वहांDUSIB (दिल्ली शहरी आश्रय सुधार मंडल) ने काम कर रखे हों – भाजपा को गरीबों का वजूद ही मंज़ूर नहीं। मद्रासी कैंप और वज़ीरपुर की झुग्गियोंको उजाड़ने के बाद अब नंगली कैंप भाजपा की रडार पर है। यह केवल जमीन से झुग्गी हटाने की बात नहीं है, यह उन परिवारों के सपनों को रौंदने कीकोशिश है जिन्होंने सालों की मेहनत से अपने घर बनाए थे। *DUSIB के विकास कार्यों के बावजूद झुग्गीवासी असुरक्षित*दिल्ली सरकार के तहत आने वाले डीयूएसआईबी (DUSIB) द्वारा नंगली कैंप की बस्तियों में शौचालय, पानी, सड़क, बिजली जैसी मूलभूतसुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। यह साबित करता है कि ये झुग्गियाँ अस्थायी नहीं, बल्कि वर्षों से बसी हुई और अधिकृत हैं। इसके बावजूद भाजपासरकार उन्हें उखाड़ फेंकने पर तुली है। सवाल यह उठता है कि जब सरकार का ही एक विभाग इन बस्तियों में विकास कर रहा है, तो दूसरी तरफ़सरकार ही उन्हें क्यों उजाड़ रही है? *भाजपा गरीबों से करती है नफ़रत – आतिशी*दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता श्रीमती आतिशी ने इस पूरे मामले पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा भाजपा को सिर्फ़ अमीरोंसे लगाव है। वह गरीबों को केवल वोट के वक़्त याद करती है। चुनाव से पहले कैमरे के सामने खाना खाती है और चुनाव के बाद उनके आशियानों परबुलडोज़र चलवाती है। लेकिन आम आदमी पार्टी इस ज़ुल्म को चुपचाप देखने वाली नहीं है। हम हर झुग्गीवासी के साथ खड़े हैं और भाजपा कीनफ़रत की राजनीति का डटकर विरोध करेंगे। *झुग्गी तोड़ने नहीं देंगे, गरीबों को बेघर नहीं होने देंगे – आतिशी का संकल्प*आतिशी ने साफ़ किया कि आम आदमी पार्टी गरीबों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ ज़मीन की लड़ाई नहीं है, यह सम्मान, सुरक्षा और इंसानियत की लड़ाई है।भाजपा चाहे जितने नोटिस चिपका ले, हम एक भी झुग्गी टूटने नहीं देंगे। दिल्ली को सिर्फ़ अमीरों का शहर नहीं बनने देंगे। यह गरीबों का भी उतना हीहक़ है जितना किसी और का। यह लड़ाई सिर्फ झुग्गियों की नहीं है, यह दिल्ली के चरित्र की लड़ाई है,क्या दिल्ली सिर्फ अमीरों की होगी या गरीबोंका भी हक़ यहाँ बना रहेगा? आम आदमी पार्टी इस सवाल के साथ, हर ज़रूरतमंद के साथ, हर झुग्गीवासी के साथ खड़ी है, और आख़िरी सांस तकउनका साथ नहीं छोड़ेगी।
बिना पर्ची, बिना खर्चा’ रोजगार मेले में युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, पीएम मोदी ने बांटे नियुक्ति पत्र”

देशभर के 47 शहरों में शनिवार को रोजगार मेले का आयोजन हुआ. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं को एक बड़ी सौगात देते हुए51,000 से ज्यादा नियुक्ति पत्र बांटे. साथ ही पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि सरकार काउद्देश्य पारदर्शी और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है. पीएम मोदी ने कहा कि देश के लाखों युवाओं को ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम सेनौकरी मिली है और वे आज राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारा मंत्र है.. ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’. युवाओं के संबोधन के दौरानपीएम मोदी ने कहा कि अलग-अलग विभागों में नियुक्त हो रहे ये युवा आने वाले समय में देश के विकास की रफ्तार को तेज करेंगे. विकास में योगदान देंगेंउन्होंने कहा कि कुछ देश की रक्षा करेंगे. कुछ ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सच्चे सिपाही बनेंगे. कुछ वित्तीय समावेशन मिशन को मजबूत करेंगे. तो कुछ उद्योगों के विकास में योगदान देंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भले ही नियुक्ति पाने वाले युवाओं के विभाग अलग-अलग हैंलेकिन उनका उद्देश्य एक ही है राष्ट्र सेवा. उन्होंने कहा कि आपके विभाग अलग हो सकते हैं लेकिन आप सब एक ही शरीर के अंग हैं और वह है देशकी सेवा। बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि रोजगार मेले के अभियान ने यह विश्वास जगाया है कि सरकारीनौकरी अब सिफारिश या रिश्वत के बिना भी मिल सकती है केवल काबिलियत के आधार पर।गौरतलब है कि केंद्र सरकार की तरफ से आयोजितरोजगार मेला एक विशेष अभियान है. जिसका उद्देश्य युवाओं को तेज और पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियों में नियुक्त करना है. इसके तहत अबतक लाखों युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में रोजगार मिल चुका है. अभियान ने जगाया आत्मविश्वासप्रधानमंत्री मोदी के अनुसार इस अभियान ने यह विश्वास जगाया है कि सरकारी नौकरी अब सिफारिश या रिश्वत के बिना भी मिल सकती है केवलकाबिलियत के आधार पर। युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को अहम करने के लिए आज देशभर के 47 शहरों मेंरोजगार मेले का आयोजन हुआ. इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए 51 हजार से ज्यादा नियुक्ति पत्र बांटे. साथ ही उन्होंनेवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्हें संबोधित भी किया. केंद्र सरकार के इस रोजगार अभियान के अंतर्गत अब तक लाखों युवाओं को सरकारी विभागोंमें तेजी और पारदर्शिता के साथ नियुक्त किया जा चुका है। पीएम मोदी ने बताया कि यह अभियान न सिर्फ युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है. बल्किदेश के विकास में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित कर रहा है। यह रोजगार मेला केवल नौकरी देने का माध्यम नहीं है. बल्कि यह युवाओं में भरोसा जगानेऔर राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच है. केंद्र सरकार का यह अभियान युवाओं को सक्षम बनाने की दिशा में एकमहत्वपूर्ण कदम है.
NSA डोभाल का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बड़ा खुलासा, पाकिस्तान में मची कूटनीतिक “खलबली 23 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने तबाह”

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर दिए गए बयान से पाकिस्तान तिलमिलाउठा है. डोभाल ने शुक्रवार को पहली बार पाकिस्तान की बखिया उधेड़ते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान के भीतर मौजूद नौ आतंकी ठिकानों कोबेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया और इस दौरान एक भी चूक नहीं हुई. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन मात्र 23 मिनट में पूरा हुआ और इसका आधारपूरी तरह खुफिया जानकारी थी. अब पाकिस्तान के हुक्मरान भारतीय एनएसए के इस खुलासे पर बौखला गए हैं दरअसल डोभाल ने विदेशी मीडियाको चुनौती देते हुए कहा था कि अगर भारत को नुकसान पहुंचा है तो एक भी फोटो एक भी सैटेलाइट इमेज दिखा दें. पाकिस्तान में मच गई खलबलीयहां तक कि एक शीशा भी टूटा हो तो बताएं हम जानते थे कौन कहां है और हमने उसी जगह को निशाना बनाया. हमसे कोई चूक नहीं हुई. डोभाल केइस बयान के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डोभाल के बयान को ‘तोड़फोड़ औरझूठ से भरा हुआ’ करार दिया। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत पर संप्रभुता के उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाने का आरोपलगाया. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा, डोभाल का बयान एक जानबूझकर किया गया झूठा प्रचार है यहजिम्मेदार कूटनीति के सभी मानकों का उल्लंघन है. भारत का इस तरह सैन्य हमले पर घमंड करना संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है साथ ही यहभी आरोप लगाया गया कि भारत ने जिन लक्ष्यों को आतंकी ठिकाने बताया, वो असल में आम नागरिकों के इलाके थे और वहां नागरिकों की मौतें हुईं. शफकत अली खान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब इसे गंभीरता से लेना होगा अगर लगाम नहीं लगाई गई. निशाना बनाने के दौरान भी हुई चूकतो हम इसके परिणाम देख चुके हैं एनएसए अजित डोभाल ने शुक्रवार को पाकिस्तान की बखिया उधेड़ते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान के भीतरमौजूद नौ आतंकी ठिकानों को बेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया और इस दौरान एक भी चूक नहीं हुई. NSA डोभाल के इस तीखे और तथ्यों परआधारित बयान से पाकिस्तान में कूटनीतिक खलबली मच गई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डोभाल के बयान को”झूठा और भड़काऊ” करार दिया. प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा: पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि भारतके इस “आक्रामक रुख” को गंभीरता से लिया जाए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई. तो इसके गंभीर परिणाम होसकते हैं. हालांकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पूरी रणनीतिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, यह ऑपरेशन प्रीसिजन स्ट्राइकपर आधारित था और इसमें खुफिया जानकारी की बड़ी भूमिका थी. यह ऑपरेशन आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के उद्देश्य से अंजाम दिया गयाथा.भारत की ओर से इस तरह का खुला और सटीक दावा पहली बार सामने आया है जिससे यह संदेश स्पष्ट है कि भारत अब आतंकवाद को उसकीजड़ में खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है. दूसरी ओर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया उसकी रक्षात्मक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव की ओरभी इशारा करती है.
केरल निकाय चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा कदम, अमित शाह ने किया ‘मरार जी भवन’ का उद्घाटन

केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों में हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयार भी तेज करदी है. इसी सिलसिले में शनिवार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा के नए राज्य समिति कार्यालय ‘मरारजीभवन’ का भव्य उद्घाटन किया. इस दौरान अमित शाह ने पार्टी का झंडा फहराया, भवन के सामने पौधा लगाया, फीता काटकर कार्यालय के अंदरप्रवेश किया और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर नए कार्यालय का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया. उन्होंने भवन के केंद्रीय हॉल में स्थापित पूर्वभाजपा राज्य अध्यक्ष केजी मरार की कांस्य प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर सम्मानित किया.राजराजेश्वर मंदिर के करेगें दर्शनबता दें कि कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान भाजपा केरल इकाई के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे. अमितशाह ने नए कार्यालय का दौरा किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली.भाजपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उद्घाटन केबाद अमित शाह पुथरिकंडम मैदान में एक बड़े वार्ड स्तरीय नेतृत्व बैठक में हिस्सा लेंगे. इसके बाद दोपहर में भाजपा केरल नेतृत्व के साथ एक बंदबैठक होगी. जिसमें स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी. शाम को अमित शाह कन्नूर के लिए रवाना होंगे. जहां वे तलीपारंब मेंप्रसिद्ध राजराजेश्वर मंदिर का दर्शन करेंगे. इसके बाद वे दिल्ली वापस लौट जाएंगे. भाजपा ने कर दी अपनी तैयारी तेजजिला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कलेक्टर अरुण के विजयन के लगाया गया प्रतिबंध हवाईअड्डे के आसपास के पांचकिलोमीटर के दायरे में लागू होगा. ऐसी कोई भी गतिविधि, जिससे विमान के उतरने या उड़ान भरने में बाधा उत्पन्न हो. उसकी सूचना तुरंत नजदीकीपुलिस स्टेशन को देनी होगी. केरल में आगामी निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. इसी सिलसिले में शनिवार को केंद्रीयगृह मंत्री अमित शाह ने तिरुवनंतपुरम में भाजपा के नए कार्यालय ‘मरारजी भवन’ का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने भाजपा का झंडा फहराया, पौधारोपण किया और केजी मरार को श्रद्धांजलि भी दी. शाम को अमित शाह कन्नूर रवाना हुए जहां वे तलीपारंब स्थित प्रसिद्ध राजराजेश्वर मंदिर केदर्शन करेंगे इसके बाद वे दिल्ली लौटेंगे.इसी बीच, जिला कलेक्टर अरुण के विजयन ने हवाई अड्डे के पास के 5 किलोमीटर दायरे में सुरक्षा संबंधीप्रतिबंध जारी किए हैं. ताकि विमानों की उड़ान या लैंडिंग में कोई बाधा न आए. केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने मैदान मेंपूरी ताकत झोंक दी है. अमित शाह की यह यात्रा न केवल चुनावी रणनीति को मजबूती देती है, बल्कि भाजपा के स्थानीय विस्तार और संगठनात्मकसशक्तिकरण का संकेत भी देती है.
विंबलडन 2025 में जान्हवी कपूर की ग्लैमरस एंट्री, रूमर्ड बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया के साथ देखी गईं

बॉलीवुड के कई सितारे इन दिनों विंबलडन जा रहे हैं विराट कोहली, अनुष्का शर्मा और अवनीत कौर पहले ही यहां जा चुके हैं. जान्हवी कपूर 11 जुलाई को विंबलडन में सेमी फाइनल मैच देखने पहुंचीं। अभिनेत्री को उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया के साथ मैच का आनंद लेते हुए देखागया. ये दोनों कार्लोस अल्काराज और टेलर फ्रिट्स का मैच देखते नजर आए. यहां पहुंच कर उन्होंने एक चैनल को बताया है कि वह यहां पहली बारआई हैं.जान्हवी कपूर ने स्टार स्पोर्ट्स से बताया ‘मैं यहां पहली बार आई हूं। यह बहुत अच्छी जगह है. जहां तक मैं जानती हूं यह पूरी दुनिया में सबसेपुराना टेनिस टूर्नामेंट है. मैं यहां आकर रोमांचित हूं. सोशल मीडिया पर शुरु की यूजर्स ने तस्वीरमैंने इसके बारे में बहुत सुना है मैंने न सिर्फ यहां के खिलाड़ियों के बारे में सुना है बल्कि स्ट्रॉबेरी और क्रीम के बारे में सुना है. मैं इन्हें खाना चाहूंगी. यहांपहुंचकर जान्हवी ने कई पोज दिए.कई सोशल मीडिया यूजर्स ने जान्हवी और उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड को देखते ही उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयरकरनी शुरू कर दीं. इस दौरान जान्हवी ने फ्रॉक जैसी ड्रेस पहनी हुई थी जिस पर कढ़ाई थी वहीं शिखर ने नीले रंग का सूट पहना हुआ था यह पहलीबार नहीं है जब शिखर और जान्हवी एक साथ नजर आए हैं. इससे पहले भी वह कई बार एक साथ देखे गए हैं. हालांकि यूजर्स एक बार फिर उनकेरिश्ते को लेकर अटकलें लगाने लगे हैं हालांकि ना तो जान्हवी ने और ना ही शिखर ने अपने रिश्ते की बात कबूली है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सपर एक यूजर ने उनकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है ‘विंबलडन में जान्हवी और शिखर’ जान्हवी कपूर इन दिनों कई फिल्मों में काम कर रही हैं वहराम चरण के साथ फिल्म ‘पेद्दी’ की शूटिंग कर रही हैं. यह फिल्म 27 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली है. 12 सितंबर को होगी फिल्म रिलीजमैं यहां पहली बार आई हूं यह बहुत खूबसूरत जगह है मैंने विंबलडन के बारे में बहुत सुना है यहां के खिलाड़ियों और यहां मिलने वाली मशहूर स्ट्रॉबेरीऔर क्रीम के बारे में भी। मैं उन्हें जरूर ट्राय करना चाहूंगी.जान्हवी कपूर बॉलीवुड की फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ की शूटिंग कर रही हैं. उनके साथ वरुण धवन हैं यह फिल्म 12 सितंबर 2025 को रिलीज होगी. जान्हवी कपूर का फिल्मी करियर भी इन दिनों तेजी से आगे बढ़ रहा है. वहसाउथ सुपरस्टार राम चरण के साथ फिल्म ‘पेद्दी’ में नजर आएंगी जो 27 मार्च 2026 को रिलीज़ होगी. इसके अलावा जान्हवी बॉलीवुड फिल्म ‘सनीसंस्कारी की तुलसी कुमारी’ में वरुण धवन के साथ काम कर रही हैं. जिसकी रिलीज़ डेट 12 सितंबर 2025 तय की गई है.जान्हवी कपूर का विंबलडनविज़िट न सिर्फ उनके ग्लैमर और पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहा, बल्कि उनके स्टाइल और फिल्मों को लेकर भी फैंस में उत्साह बढ़ा गया है. विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर उनकी मौजूदगी ने उन्हें एक ग्लोबल स्टार अपील भी दिलाई है.
युवराज सिंह के लंदन इवेंट में शुभमन गिल-सारा तेंदुलकर की केमिस्ट्री बनी चर्चा का विषय, वायरल हुआ मजेदार वीडियो

पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने हाल ही में लंदन में अपनी संस्था ‘यूवीकैन फाउंडेशन’ के तहत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसमौके पर भारतीय टेस्ट टीम और पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी अपने परिवार के साथ पहुंचे थे. इस इवेंट से जुड़ा एक वीडियो अब सोशलमीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत को सारा तेंदुलकर के नाम पर शुभमन गिल से मजे लेते देखा जा रहा है.सोशलमीडिया पर वायरल वीडियो में सचिन तेंदुलकर और उनका परिवार एक साथ बैठे दिख रहे हैं उनके साथ भारतीय टेस्ट टीम के खिलाड़ी भी बैठे नजर आरहे हैं. बेटी सारा भी आई है नजरवीडियो में जडेजा और पंत को शुभमन गिल की चुटकी लेते देखा जा सकता है. वहां सचिन की पत्नी अंजलि और बेटी सारा भी बैठी नजर आती हैं. इस मजाक में केएल राहुल भी शामिल हो जाते हैं और हंसते नजर आते हैं.युवराज सिंह के चैरिटी कार्यक्रम में गिल और सारा को एक साथ देखा गयाथा. सोशल मीडिया इसकी तस्वीरें भी वायरल हुई थीं. दोनों के एक साथ होने से चर्चा का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया. क्योंकि लंबे समय से इनदोनों के डेट करने की चर्चा रही है. हालांकि दोनों की तरफ से अब तक उनके रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. सोशल मीडियापर वायरल वीडियो में सचिन तेंदुलकर और उनका परिवार एक साथ बैठे दिख रहे हैं. उनके साथ भारतीय टेस्ट टीम के खिलाड़ी भी बैठे नजर आ रहे हैं. वीडियो में जडेजा और पंत को शुभमन गिल की चुटकी लेते देखा जा सकता है इस चैरिटी इवेंट में न केवल क्रिकेट जगत के दिग्गज शामिल हुए बल्कियह आयोजन एक पारिवारिक और फ्रेंडली माहौल में बदल गया. समाजसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को है दर्शाताजहां खिलाड़ियों के बीच मस्ती और हंसी-ठिठोली का नज़ारा भी देखने को मिला. जहां एक ओर यह इवेंट युवराज सिंह की समाजसेवा के प्रतिप्रतिबद्धता को दर्शाता है. वहीं दूसरी ओर शुभमन गिल और सारा तेंदुलकर को लेकर चल रही चर्चाओं को भी एक बार फिर हवा मिल गई है. वायरलवीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है और फैन्स इस ‘खेल और रिश्ते’ की हल्की-फुल्की नोकझोंक का भरपूर आनंद ले रहे हैं. जैसे हीशुभमन गिल की एंट्री होती है पंत और जडेजा उन्हें ‘सारा-सारा’ कहकर चिढ़ाते हैं जिस पर सभी हंस पड़ते हैं केएल राहुल भी इस मजाक में शामिल होतेदिखते हैं. यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और अब इसका क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है किएक टेबल पर सचिन तेंदुलकर, उनकी पत्नी अंजलि, और बेटी सारा तेंदुलकर बैठे हैं. वहीं, उसी स्थान पर भारतीय टेस्ट टीम के स्टार खिलाड़ी जैसेरवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत और केएल राहुल भी मौजूद हैं.
दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर को मिलेगा ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’, डीटीसी क्लस्टर बसों में मिलेगा मुफ्त सफर

Dellhi Latest News: राजधानी में 12 साल और उससे अधिक आयु की महिलाओं और ट्रांसजेंडर को बसों में मुफ्त सफर की सुविधा के लिएसहेली स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा. इस कार्ड पर धारक का नाम और फोटो होगा. यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) के तहत जारीकिया जाएगा. इससे डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की जा सकेगी. परिवहन के अन्य साधनों का उपयोग करने के लिए रिचार्ज करने कीजरूरत पड़ेगी. फिलहाल परिवहन विभाग इसको लेकर योजना तैयार कर रहा है इसे जल्द लागू किया जाएगा परिवहन विभाग के अधिकारी ने बतायाकि डीटीसी की ओर से कोई भी कार्ड सीधे जारी नहीं किया जाएगा. पंजीकरण डीटीसी पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह से ऑनलाइन होगा और कार्डचयनित बैंक द्वारा पूर्ण केवाईसी सत्यापन के बाद ही जारी किए जाएंगे. दिल्ली का होना चाहिए वास्तविक निवासीकार्ड प्राप्त करने के लिए आवेदक को दिल्ली का वास्तविक निवासी होना चाहिए. उसकी आयु 12 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. उसके पासपते का वैध प्रमाण होना चाहिए. उन्हें डीटीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और बैंक का भी चयन करना होगा. इसके बादबैंक शाखा में के-वाईसी करना होगा.अधिकारी ने बताया कि सरकार यात्रा के लिए कोई शुल्क नहीं लेगी. लेकिन जारीकर्ता बैंक अपनी नीतियों केअनुसार मामूली कार्ड जारी करने या रखरखाव शुल्क लगा सकते हैं. उन्होंने बताया कि कार्ड खो जाने की स्थिति में उपयोगकर्ताओं को इसकी सूचनाजारीकर्ता बैंक को देनी होगी. जो अपनी शर्तों के अनुसार इसके बदले दूसरा कार्ड उपलब्ध कराएंगे.अधिकारियों ने बताया के-वाईसी के साथ ही बिनाके-वाईसी का कार्ड भी जारी किया जाएगा. बिना के-वाईसी कार्ड के लिए ऑफलाइन आवेदन करना होगा. कार्ड मेट्रो के पुराने स्मार्ट कार्ड की तरहहोगा. इसे डीटीसी के बस पास काउंटरों के अलावा बस कंडक्टरों के माध्यम से भी लिए जा सकेंगे.हालांकि इन पर न तो महिलाओं का नाम लिखाहोगा और ना उनके फोटो छपे होंगे. आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड जैसे किसी दस्तावेज के जरिए सत्यापन करके कार्ड जारी किए जाएंगे. सत्यापन सिस्टम भी गया है बनायाहालांकि इन कार्डों का दुरुपयोग ना हो इसके लिए एक सत्यापन सिस्टम भी बनाया जाएगा. इसमें स्मार्ट कार्ड के नंबर और दस्तावेज के नंबर को मैचकरने के अलावा महिलाओं के डिजिटल फोटो वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी शामिल किया जा सकता है. इस कार्ड का इस्तेमाल फिलहाल डीटीसीऔर क्लस्टर बसों में किया जा सकेगा. अगर उपयोगकर्ता मेट्रो या अन्य परिवहन साधनों में इसका प्रयोग करना चाहे तो उसे कार्ड में रिचार्ज करानाहोगा. यात्रा के लिए कोई सरकारी शुल्क नहीं लिया जाएगा. लेकिन जारीकर्ता बैंक अपने नियमानुसार मामूली जारी या रखरखाव शुल्क ले सकते हैं. कार्ड खोने की स्थिति में उपयोगकर्ता को बैंक को सूचित करना होगा. जो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नया कार्ड प्रदान करेगा.दिल्ली सरकार का यहकदम महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है. ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ न केवलयात्रा को सुविधाजनक बनाएगा बल्कि सुरक्षा और समानता की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकता है.
केरल में LDF-UDF ने किए घोटाले, BJP का लक्ष्य ‘विकसित केरलम’अमित शाह का सीएम पिनाराई पर सीधा हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को केरल सरकार और सीएम पिनाराई विजयन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केरल की एलडीएफ सरकारभ्रष्ट है। राज्य में खूब घोटाले हो रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तिरुवनंतपुरम में केरल में स्थानीय निकाय चुनावों और अगले साल होने वालेविधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के अभियान की शुरुआत करने से पहले यहां भाजपा की नई राज्य समिति कार्यालय मराजी भवन का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि केरल में LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) और UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) का ट्रैक रिकॉर्ड भ्रष्ट सरकार का रहा है. कैडर से ज्यादा है केरल विकसितLDF ने विस्फोटक घोटाला, सहकारी बैंक घोटाला, AI कैमरा घोटाला, लाइफ मिशन घोटाला, PPE किट घोटाला और भारत का सबसे बड़ा सोनातस्करी घोटाला किया.उन्होंने कहा कि भाजपा और माकपा दोनों ही कैडर-आधारित पार्टियां हैं लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है केरल में कैडर कल्याणराज्य के विकास से बड़ा है जबकि भाजपा के लिए कैडर से ऊपर विकसित केरल है. उन्होंने कहा कि केरल के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के तीनमुख्य दृष्टिकोण हैं कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन, सरकारी योजनाओं में कोई भेदभाव नहीं और राजनीतिक लाभ से परे केरल का विकास. उन्होंने कहा किभाजपा ने कार्यकर्ता सम्मेलन को अन्य राजनीतिक दलों के सार्वजनिक समारोहों जितना ही बड़ा बना दिया है और यह केरल में भाजपा के भविष्य काप्रतीक है.केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा के लिए सरकार में मुख्यमंत्री रखने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि यहां उसका राज्यकार्यालय विकसित केरलम का केंद्र बने. विकसित भारत’ का रास्ता ‘विकसित केरलम’ से होकर ही जाता है. 2026 में हो जाएगा नक्सलवाद से मुक्तअब से भाजपा का मूल उद्देश्य विकसित केरलम होगा.अमित शाह ने कहा कि भारत 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा. आतंकवादका जवाब पीएम मोदी और भाजपा के अलावा कोई नहीं दे सकता. हमने उरी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक से, पुलवामा हमलों का जवाब एयरस्ट्राइक से, ऑपरेशन सिंदूर से घर में घुस के मारा से दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने केरल के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा जारीधनराशि से कई गुना ज़्यादा धनराशि जारी की है. मैं भाजपा मुख्यालय के माध्यम से इसके बारे में हर विवरण सार्वजनिक रूप से जारी करूंगा. केरल मेंभाजपा के नए राज्य कार्यालय मरारजी भवन के उद्घाटन के साथ अमित शाह ने कहा कि यह कार्यालय सिर्फ एक भवन नहीं बल्कि “भाजपा केविकसित केरलम मिशन” का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केरल के लिए दृष्टिकोण तीन बातों पर आधारित है.”भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा और आतंकवाद का जवाब सिर्फ मोदी सरकार और भाजपा ही दे सकती है। हमने उरी हमले काजवाब सर्जिकल स्ट्राइक से, पुलवामा का जवाब एयर स्ट्राइक से और अब ऑपरेशन सिंदूर से घर में घुसकर दिया है.
संजय राउत का दावा मुख्यमंत्री पद के लिए बेताब हैं एकनाथ शिंदे, BJP में विलय को भी तैयार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने के लिए इतनेबेताब हैं कि उन्होंने शिवसेना को बीजेपी में मिलाने तक की पेशकश कर दी है. राउत ने दावा किया कि शिंदे ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्रीअमित शाह से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की शिकायत की. हालांकि शिवसेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने राउत पर पलटवार करतेहुए कहा कि उन्हें इस तरह की बयानबाजी करने की आदत है और उनकी पार्टी के लोग भी अब उन्हें गंभीरता से नहीं लेते. राऊत ने लगाए आरोपपत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा, एकनाथ शिंदे ने अमित शाह से मुलाकात में कहा कि फडणवीस उन्हें काम नहीं करने दे रहे हैं और उनकेविधायकों के खिलाफ जांच करवा रहे हैं.राज्यसभा सांसद राऊत ने आगे आरोप लगाया कि शिंदे ने शाह से यह भी कहा कि मराठी एकता को मजबूतकरने की कोशिशें उनकी पार्टी के लिए नुकसानदायक हैं और इस आंदोलन को कमजोर करना जरूरी है. राऊत उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राजठाकरे की संयुक्त विजय रैली का जिक्र कर रहे थे. यह रैली सरकार द्वारा हिंदी को ‘अनिवार्य’ बनाने और कक्षा एक से पांच तक तीन भाषा के फॉर्मूलेसे जुड़े दो विवादास्पद आदेशों को वापस लेने के बाद आयोजित की गई थी.राउत ने दावा किया शिंदे ने शाह को कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बना दियाजाए तो इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है और महाराष्ट्र की राजनीति में स्थिरता आ सकती है उन्होंने आगे कहा कि जब अमितशाह ने कहा कि मुख्यमंत्री पद भाजपा का होगा. तो शिंदे ने शिवसेना को भाजपा में मिलाने की बात कही. शिंदे के बीच है मतभेदराउत ने कहा मुख्यमंत्री बनने की इतनी जबरदस्त इच्छा है कि वह अपनी पार्टी को बीजेपी में मिलाने तक को तैयार हैं. यह पहली बार नहीं है जबसंजय राऊत ने शिंदे गुट या भाजपा को लेकर इस तरह के दावे किए हों. जनवरी में राउत ने दावा किया था कि शिवसेना मंत्री उदय सामंत महाराष्ट्र केतीसरे उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं और उनके और शिंदे के बीच मतभेद हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि शिंदे के गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर दौरे केदौरान जिस भैंसे की बलि दी गई थी. उनके सींग मुख्यमंत्री निवास ‘वर्षा’ में गाड़ दिए गए थे. ताकि यह पद किसी और को न मिल सके. जब 2022 मेंशिंदे मुख्यमंत्री बने थे. तब राउत ने कहा था कि यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी. लेकिन शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार भारी बहुमत के साथफिर से सत्ता में लौट आई. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनने के लिए बेताब हैं औरअपनी पार्टी का भाजपा के साथ विलय करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने दावा किया कि शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर फडणवीस कीशिकायत की और मराठी एकता को कमजोर करने की बात कही. वहीं, शिवसेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने राउत के दावों को बेबुनियाद बताया.