भारत-रूस व्यापार संतुलन पर पुतिन का फोकस, मोदी को बताया मित्र और राष्ट्र हितैषी नेता

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वे भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करें. दरअसल भारत बड़े पैमाने पररूस से कच्चा तेल खरीदता है जिसके चलते दोनों देशों के बीच व्यापार में भारी असंतुलन है। अब चूंकि अमेरिका, भारत पर रूस से तेल न खरीदने कादबाव बना रहा है ऐसे में पुतिन चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को कम किया जाए ताकि भारत पर अमेरिकी दबाव का खास असरन होने पाए। पुतिन ने दिसंबर की शुरुआत में अपनी भारत यात्रा को लेकर भी उत्सुकता जाहिर की. गुरुवार शाम दक्षिण रूस के सोची स्थित कालासागर रिसॉर्ट में भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच में बोलते हुए, पुतिन ने इस बात परजोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान मेंरखते हुए कदम उठाए हैं पुतिन ने कहा, ‘भारत के साथ हमारी कभी कोई समस्या या अंतर-राज्यीय तनाव नहीं रहा कभी नहीं. भारत पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है तोपुतिन ने कहा कि सोवियत संघ के दिनों से, जब भारत अपनी आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, तब भी रूस-भारत संबंध बेहद मजबूत रहे थे उन्होंनेकहा, ‘भारत में, वे इसे याद करते हैं, वे इसे जानते हैं, और इसे महत्व देते हैं। हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत इसे नहीं भूला है।’ उन्होंनेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वह उनके साथ सहज महसूस करते हैं। पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादीसरकार की सराहना की और पीएम मोदी को एक ‘संतुलित, बुद्धिमान’ और ‘राष्ट्र हितैषी’ नेता बताया।पुतिन ने कहा कि ‘क्या भारत अपने ऊर्जा संसाधनों को यूं ही छोड़ देगा? अगर ऐसा है तो इससे काफी नुकसान होगा। कुछ लोगों का मानना है कि यह9-10 अरब डॉलर हो सकता है। अगर भारत पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है तो भी नुकसान इतना ही होगा। भारत और भारतीय लोग कभी भी किसीके सामने अपना अपमान नहीं होने देंगे। मैं पीएम मोदी को जानता हूं, वे भी ऐसा कोई फैसला नहीं करेंगे।’ भारत की राष्ट्रवादी सरकार की तारीफपुतिन ने कहा, ‘अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी, साथ ही इससे भारतको एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद औरदवाइयां खरीद सकता है। उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, लेकिन कहा कि इन अवसरों को पूरीतरह से भुनाने के लिए खास मुद्दों को सुलझाने की जरूरत है। उन्होंने वित्तपोषण, रसद और भुगतान संबंधी बाधाओं को चिंताजनक बताया। इसकेअलावा, राष्ट्रपति पुतिन ने सोची फोरम में भाग ले रहे नई दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ) के महानिदेशक डॉ. अरविंदगुप्ता द्वारा प्रस्तावित एआई और अन्य अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने के लिए एक संयुक्त कोष के विचार का भी स्वागत किया।रूसी राष्ट्रपति नेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वह उनके साथ सहज महसूस करते हैं। पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादीसरकार की तारीफ की और पीएम मोदी को एक ‘संतुलित, बुद्धिमान’ और ‘राष्ट्र हितैषी’ नेता बताया।
दिल्ली भाजपा ने प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

वीरेन्द्र सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजली सभादिल्ली भाजपा ने अपने पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा की पुण्य स्मृति में आज सिविक सेंटर, केदारनाथऑडिटोरियम में श्रद्धांजली सभा आयोजित की। सभा की अध्यक्षता दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या मेंभाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रो. मल्होत्रा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राष्ट्रीय स्वयंसेवकसंघ के प्रांत प्रचारक डा. अनिल अग्रवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, डा. राधा मोहनदास अग्रवाल, हर्षमल्होत्रा सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। मल्होत्रा जी की प्रेरक जीवन यात्राकेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रो. मल्होत्रा जी का लंबा अनुभव और उनका ज्ञान दिल्ली और पूरे देश में भाजपा को नई दिशा देने मेंमददगार रहा। उन्होंने कहा कि मल्होत्रा जी ने संघ, जनसंघ, भाजपा और विद्यार्थी परिषद में कई खिलाड़ियों और कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। उनकाजीवन और कार्य हमेशा सभी के लिए उदाहरण रहेगा। डा. अनिल अग्रवाल ने कहा कि मल्होत्रा जी सादगी, ईमानदारी और सेवा भाव के प्रतीक थे। उन्होंने हमेशा दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बने औरअपने सरल व्यवहार और विनम्रता से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के समय उन्होंने विस्थापित हिंदुओं की सहायता कीऔर संगठन के कई महत्वपूर्ण कामों में योगदान दिया। अनुशासन और नेतृत्व के आदर्शदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि मल्होत्रा जी से अनुशासन, संयम और धैर्य सीखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि मल्होत्रा जीहमेशा अपने शब्दों पर अडिग रहते थे और उनका सम्मान विपक्षी दलों द्वारा भी किया जाता था। सचदेवा ने याद किया कि उन्होंने 1980 के चुनाव मेंमल्होत्रा जी के साथ काम किया और यह उनके जीवन का अनमोल अनुभव था। यह शोकसभा नहीं, प्रेरणा सभा हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कोई शोकसभा नहीं बल्कि प्रेरणा सभा है। उन्होंने बताया कि मल्होत्रा जी ने कई हजार कार्यकर्ताओं को सिर्फप्रेरित ही नहीं किया बल्कि उन्हें आगे बढ़ने में भी मदद की। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के विकास कार्यों की नींव में मल्होत्रा जी का योगदान हमेशायाद रखा जाएगा। आदर्श और सरल व्यक्तित्वभाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि मल्होत्रा जी की सरलता, विनम्रता और आदर्श हमेशा सभी के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उन्होंने यादकिया कि अटल स्मृति न्यास के कार्यक्रमों में मल्होत्रा जी हमेशा मार्गदर्शन और सुझाव देते थे।
दिल्ली के स्कूलों में आरएसएस का इतिहास पढ़ाने का कदम खतरनाक और प्रतिगामी – देवेंद्र यादव

भाजपा सरकार के एजेंडे पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने जताई चिंतादिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आज कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि रेखा गुप्ता सरकार द्वारा दिल्ली के स्कूलों में आरएसएसका इतिहास पढ़ाने का कदम स्कूली बच्चों के प्रभावशाली दिमागों को प्रभावित करने वाला और खतरनाक कदम है। यादव ने कहा कि भाजपा अपनेएजेंडे के तहत राष्ट्रनीति शिक्षा योजना के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों पर ऐसी सामग्री थोपने की तैयारी कर रही है, जिसमें स्वतंत्रता संग्रामकी आड़ में आरएसएस के समर्थकों की जीवनी और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पढ़ाया जाएगा। उनका कहना था कि आरएसएस का इतिहासस्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाला नहीं रहा, जबकि शिक्षा विशेषज्ञ इस कदम से नाराज हैं और इसे बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारकमानते हैं।आरएसएस की भूमिका को प्रमुखता देना छात्रों के लिए सीमित सोच को जन्म देगादेवेंद्र यादव ने पूछा कि क्या आरएसएस को शामिल करके छात्रों को देश और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ बढ़ेगी, या यह छात्रों को संकीर्ण औरसीमित सोच में बांधने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा आरएसएस के 22 वर्ष के इतिहास को भारत के पुराने इतिहास और स्वतंत्रतासंग्राम पर हावी करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यदि राष्ट्रनीति शिक्षा नीति को 18 सितंबर, 2025 को शुरू कियागया तो इसका उद्देश्य लोकतंत्र, शासन और बेहतर नागरिकता की जानकारी देना था। लेकिन अब इसमें आरएसएस की विचारधारा जोड़ने से संविधानद्वारा दी गई विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की संतुलित शक्तियों पर भी प्रश्न उठते हैं। शिक्षा और इतिहास विशेषज्ञ नाराजदेवेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा विशेषज्ञ और इतिहासकारों ने स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस की भूमिका को कभी महत्व नहीं दिया। उनका कहना थाकि स्वतंत्रता मिलने से पहले 22 वर्ष तक आरएसएस अंग्रेजों और सामंतों के हित में काम करता रहा। इसके कारण, भाजपा द्वारा छात्रों को यहइतिहास पढ़ाना देश में समानता और सामाजिकता को खत्म करने का प्रयास है।उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों के भविष्य और दिल्ली के स्कूलों की प्रतिष्ठा को बर्बाद कर देगा, जिससे बच्चे संकीर्ण मानसिकता और सीमितदृष्टिकोण के तहत जीवन को देखेंगे।युवा मस्तिष्क पर प्रभाव और देश के विकास पर खतरायादव ने जोर देकर कहा कि बच्चों के प्रारंभिक वर्षों में इस प्रकार का सामग्री देना भविष्य की विनाशकारी रणनीति है। उन्होंने कहा कि अगर देशआरएसएस की विचारधारा पर चलता तो आईआईटी, आईआईएम, एम्स और इसरो जैसे संस्थान स्थापित नहीं हो पाते। उन्होंने याद दिलाया किपंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश को विकास और प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया और पाठ्यक्रम में संतुलित इतिहास और संविधान का ज्ञान डाला, जिससे आज भारत के युवा विश्व में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गांधी जी की हत्या और आरएसएस का विवादित इतिहासदेवेंद्र यादव ने कहा कि गांधी जी की हत्या की साजिश में आरएसएस का नाम शामिल था। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस गांधी जयंती परराष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करके अपनी खोई विश्वसनीयता वापस पाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा करना संगठन के सांप्रदायिक इतिहासऔर विवादों को नहीं मिटा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस ने कभी भारतीय संविधान को मान्यता नहीं दी और 51 वर्षों तक अपने नागपुरमुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया। 1948 में गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल द्वारा इसे प्रतिबंधित किया गया। यह इतिहास देश केविभाजन और विनाश से जुड़ा है।
भाजपा सरकार सरकारी अस्पतालों को बर्बाद कर रही है, लोगों को प्राइवेट अस्पतालों की तरफ धकेला जा रहा है – सौरभ भारद्वाज का आरोप

भाजपा के आठ महीने में ही बिगड़ी हालतआम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह भाजपा ने शिक्षा के क्षेत्रको निजी स्कूलों की फीस बढ़ाकर बर्बाद किया, उसी तरह अब वह स्वास्थ्य सेवाओं को भी नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नेजानबूझकर सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल उपकरण, दस्ताने और दवाइयों की भारी कमी पैदा कर दी है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि स्वास्थ्यमंत्रालय ने अस्पतालों को अपनी ओर से दवाइयाँ खरीदने पर रोक लगा दी है। अस्पताल अधीक्षकों को स्थानीय स्तर पर दवाओं की खरीद की अनुमतिनहीं दी जा रही है। इससे हालात इतने खराब हो गए हैं कि मरीजों को साधारण दवाइयाँ भी अपनी जेब से बाहर जाकर खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंनेकहा कि भाजपा की सरकार को दिल्ली में आए हुए अभी केवल आठ महीने ही हुए हैं, लेकिन इस छोटे से समय में ही सरकारी अस्पतालों की हालतऐसी हो गई है कि मरीजों को स्ट्रेचर तक के लिए तरसना पड़ रहा है। केजरीवाल सरकार में मुफ्त इलाज की सुविधासौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि अरविंद केजरीवाल की सरकार के समय में किसी भी मरीज को दवाइयाँ बाहर से खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी।सभी जांचें और ऑपरेशन मुफ्त होते थे। अगर किसी सरकारी अस्पताल में एमआरआई, सीटी स्कैन या कोई बड़ी जांच संभव नहीं होती थी तो मरीजोंको निजी जांच केंद्रों में भेजकर भी मुफ्त जांच कराई जाती थी उन्होंने कहा कि पहले केजरीवाल सरकार ने व्यवस्था बनाई थी कि अगर किसी सरकारीअस्पताल में डॉक्टर या सर्जन उपलब्ध नहीं हैं और समय पर ऑपरेशन संभव नहीं है, तो मरीज का इलाज निजी अस्पताल में भी मुफ्त कराया जाए।लेकिन भाजपा सरकार ने आते ही यह पूरी व्यवस्था चौपट कर दी। मनीष सिसोदिया की तीखी प्रतिक्रियाआप नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सिर्फ छह महीनों मेंदिल्ली के अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद कर दी। सिसोदिया ने कहा कि आज हालत यह है कि दिल्ली के लोग दवाई, दस्ताने और स्ट्रेचरजैसी साधारण सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यह वही दिल्ली है जहाँ केजरीवाल सरकार ने बड़ी मेहनत से अस्पतालों को ठीक किया था और यहसुनिश्चित किया था कि मरीज को कभी भी दवाई बाहर से न खरीदनी पड़े। बजट घटाया, योजनाएँ बंद की गईंसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली आरोग्य कोष का 80 करोड़ रुपये का सालाना बजट भी शून्य कर दिया है। इस वजह से ‘फरिश्तेयोजना’ जैसी ज़रूरी योजनाएँ बंद हो गईं। इससे न केवल सरकारी अस्पताल प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि मोहल्ला क्लीनिक, डिस्पेंसरी और आरोग्यमंदिर भी बदहाल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज स्थिति ऐसी है कि मरीजों को इलाज के लिए मजबूर होकर निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।यही भाजपा सरकार का असली इरादा है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर कर निजी अस्पतालों को फायदा पहुँचाया जाए। मीडिया की चुप्पी पर सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब-जब अस्पतालों में दवाइयों और सुविधाओं की कमी होती थी, तब मीडिया इस मुद्दे को उठाता था। पहले टाइम्स ऑफइंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे बड़े अख़बार इन मामलों पर सक्रिय रिपोर्टिंग करते थे, लेकिन अब मीडिया चुप है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपासरकार दबाव डालकर इन मुद्दों को दबा रही है।
दिल्ली के यमुनापार में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद

यमुनापार के बच्चों को मिलेगी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षादिल्ली के यमुनापार क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। खजूरी खास क्षेत्र में एक नया केंद्रीय विद्यालय(केवी) खोला जाने जा रहा है। इस विद्यालय की स्थापना से यमुनापार के हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त करने काअवसर मिलेगा। दिल्ली सरकार ने इसके लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को जमीन उपलब्ध करा दी है। खजूरी खास में शुरू होगा नया विद्यालयमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि केंद्रीय विद्यालय संगठन ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास क्षेत्र (थाना खजूरी खास के पास, सोनिया विहारक्षेत्र) में विद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। यह विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होगा। शुरुआत में यहाँ कक्षा एक से पाँच तक कीकक्षाएं चलाई जाएंगी और हर कक्षा में एक ही अनुभाग होगा। आगे आने वाले वर्षों में जरूरत के हिसाब से विद्यालय का विस्तार भी किया जाएगा।विद्यालय का संचालन सिविल सेक्टर के अंतर्गत किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया आभारमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देशभर में नएकेंद्रीय विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यालययमुनापार क्षेत्र के उन परिवारों के लिए बहुत सहायक होगा, जिन्हें अब तक अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। दिल्ली में 46 केंद्रीय विद्यालय, अब मिलेगा और विस्तारमुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार दिल्ली में इस समय 46 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। नया विद्यालय खुलने से राजधानी के शैक्षणिक ढांचे कोऔर मजबूती मिलेगी। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और बच्चों को नज़दीक ही उच्च स्तरीय शिक्षा का अवसर मिलेगा। शिक्षा पर प्रधानमंत्री मोदी की सोच हो रही साकारमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा मानते रहे हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही आत्मनिर्भर भारत का सबसे मजबूत स्तंभ है। यहीकारण है कि वे शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे बच्चों के सर्वांगीण विकास का साधन बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच हर बच्चे को समान अवसर, समान शिक्षा और समान संसाधन अब इन विद्यालयों के माध्यम से साकार होरही है। नया केंद्रीय विद्यालय खुलना शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास, सामाजिक समानता और अवसरों की समानता सुनिश्चित करने की दिशा मेंऐतिहासिक कदम है।
दिल्ली सचिवालय में हुई ‘कुरुक्षेत्र’ एनिमेटेड श्रृंखला की विशेष स्क्रीनिंग, कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा बोले – भारतीय गाथाएँ पूरी दुनिया तक पहुँचनी चाहिए

दिल्ली सचिवालय में दिखाया गया महाभारत पर आधारित नया प्रस्तुतिकरणदिल्ली सचिवालय में आज एक आयोजन हुआ, जिसमें महाभारत और गीता पर आधारित ‘कुरुक्षेत्र’ एनिमेटेड श्रृंखला की खास स्क्रीनिंग आयोजित कीगई। यह श्रृंखला शीघ्र ही विश्व प्रसिद्ध ओटीटी मंच नेटफ्लिक्स पर प्रसारित की जाएगी। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषातथा पर्यटन मंत्री श्री कपिल मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ दिल्ली पर्यटन सचिव एवं डीटीटीडीसी की प्रबंध निदेशक श्रीमतीनिहारिका राय तथा नेटफ्लिक्स की पब्लिक पॉलिसी निदेशक सुश्री महिमा कौल भी मौजूद रहीं। इस विशेष कार्यक्रम में दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्सके अनेक छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों ने भी भाग लिया। सभी ने उत्साहपूर्वक इस नईश्रृंखला के प्रदर्शन को देखा और भारतीय संस्कृति से जुड़े इस अनूठे प्रयास की सराहना की। गीता और महाभारत की आत्मा को जीवंत करती है यह श्रृंखलाकार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ‘कुरुक्षेत्र’ एनिमेटेड श्रृंखला केवल एक साधारण मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कियह भारतीय संस्कृति, परंपरा और अध्यात्म को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि महाभारत का संदेश और गीता के उपदेशकेवल भारतीय समाज ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को जीवन जीने की दिशा देते हैं। इस श्रृंखला ने उन महान शिक्षाओं को आधुनिक तकनीक औरएनिमेशन के माध्यम से जीवंत कर दिया है। कपिल मिश्रा ने नेटफ्लिक्स और दिल्ली पर्यटन विभाग की टीम को बधाई दी और कहा कि इस प्रकार कीपरियोजनाएँ भारत की गौरवशाली कथाओं और विरासत को पूरी दुनिया तक पहुँचाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगी। दिल्ली को बनाया जाएगा एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट का वैश्विक केंद्रमंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी को केवल प्रशासनिक या राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि कला, संस्कृति औरतकनीक के क्षेत्र में भी अग्रणी बनाया जाए। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में दिल्ली को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, कॉमिक्स और गेमिंग(AVCG) के क्षेत्र में विश्व स्तर का केंद्र बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह कदम न केवल युवाओं को नए अवसर प्रदान करेगा, बल्किभारत की कहानियों को आधुनिक तकनीक की मदद से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का मार्ग भी खोलेगा। मंत्री ने कहा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केमार्गदर्शन में हम ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर काम कर रहे हैं। यही सोच हमें प्रेरित करती है कि हम भारतीय सभ्यता और संस्कृति कोआधुनिकता के साथ जोड़कर दुनिया तक ले जाएँ। नेटफ्लिक्स की पहल – नई पीढ़ी को जोड़ेगी महाभारत की कथाइस अवसर पर नेटफ्लिक्स इंडिया की पब्लिक पॉलिसी निदेशक सुश्री महिमा कौल ने कहा कि ‘कुरुक्षेत्र’ नेटफ्लिक्स की पहली पौराणिक एनिमेटेडश्रृंखला है।उन्होंने बताया कि इस श्रृंखला का उद्देश्य है कि नई पीढ़ी के युवा और बच्चे भी महाभारत जैसी महान गाथा को समझ सकें। दूरदर्शन के दौर मेंमहाभारत हर घर तक पहुँची थी, लेकिन अब उसी कथा को आधुनिक एनीमेशन और तकनीक के जरिए अधिक रोचक और आकर्षक ढंग प्रस्तुत कियाजा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस श्रृंखला को केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के दर्शकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि भारतीयमहाकाव्य और गीता का संदेश हर कोने तक पहुँचे। भारतीय संस्कृति का संदेश अब वैश्विक मंच परकार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का मानना था कि इस तरह की परियोजनाएँ भारत की संस्कृति, साहित्य और धर्मग्रंथों को नई ऊँचाइयों तकपहुँचाएँगी। ‘कुरुक्षेत्र’ एनिमेटेड श्रृंखला न केवल एक कलात्मक प्रस्तुति है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को भारतीय मूल्य और आदर्शों से जोड़ने कासशक्त माध्यम भी बनेगी।