राजधानी का नाम Delhi से बदलकर Dilli करने की मांग जैसा बोलते हैं वैसा लिखा जाए, Dilli ही हमारी असली पहचान है– विजय गोयल

पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने राजधानी दिल्ली का अंग्रेज़ी नाम Delhi बदलकर “Dilli” करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जब 1 नवम्बर कोदिल्ली सरकार नया आधिकारिक लोगो जारी करने जा रही है, तो यह बहुत उपयुक्त समय है कि हमारी राजधानी का नाम उसके असली औरसांस्कृतिक रूप Dilli में लिखा जाए। विजय गोयल ने कहा कि सदियों से आम लोग, कवि, लेखक और कलाकार इस शहर को प्यार से दिल्ली याDilli कहते आए हैं। Delhi नाम अंग्रेज़ों के शासनकाल में थोपा गया शब्द है, जो न तो हमारे उच्चारण से मेल खाता है और न ही हमारी संस्कृति से।उन्होंने कहा कि यह शहर केवल राजधानी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, परंपराओं और संस्कृतियों का संगम है। इसलिए इसका नाम भीउसी आत्मा को दर्शाना चाहिए। Dilli मेरी जान, Delhi नहींगोयल ने कहा कि दिल्लीवासियों के दिल में इस शहर के लिए जो प्यार है, वह Dilli मेरी जान जैसे शब्दों में झलकता है। उन्होंने कहा, जब हम बोलतेहैं Dilli, तो यह शब्द हमारे दिल की गहराइयों से निकलता है, जबकि Delhi हमें औपनिवेशिक अतीत की याद दिलाता है। अब वक्त आ गया है किजैसा बोलते हैं, वैसा ही लिखा जाए। राज्यसभा में भी रख चुके हैं प्रस्तावविजय गोयल ने याद दिलाया कि उन्होंने 2019 में राज्यसभा में भी यह प्रस्ताव रखा था कि दिल्ली का अंग्रेज़ी नाम बदला जाए। उन्होंने कहा कि उससमय भी उन्होंने यह बात रखी थी कि Delhi ब्रिटिश काल की देन है, और अब आज़ाद भारत में हमें अपनी राजधानी को उसके सही, भारतीय स्वरूपमें पहचान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सरकार अब नया लोगो लॉन्च करने जा रही है, तो इसे Dilli के नाम से जारी किया जाना चाहिए ताकियह भारत की सांस्कृतिक आत्मा से मेल खाए। अन्य शहरों की तरह दिल्ली भी पाए अपनी असली पहचानविजय गोयल ने कहा कि जैसे भारत के अन्य शहरों ने अपने औपनिवेशिक नामों को बदलकर अपने भारतीय नाम वापस लिए हैं, वैसे ही अब दिल्ली केलिए भी यह जरूरी है। उन्होंने कहा, Bombay आज Mumbai बन चुका है, Calcutta अब Kolkata है और Madras आज Chennai कहलाता है। इन सबने अपनी पहचान वापस पा ली है, तो दिल्ली क्यों पीछे रहे? उन्होंने यह भी कहा कि जब इन शहरों के नाम बदले गए थे, तबकुछ लोगों ने खर्च और उलझनों का हवाला दिया था, लेकिन समय के साथ यह साबित हो गया कि यह परिवर्तन गर्व और स्वाभिमान का प्रतीक है। दिल्ली नाम की ऐतिहासिक जड़ेंविजय गोयल ने कहा कि दिल्ली नाम की उत्पत्ति संस्कृत शब्द धिल्लिका से हुई थी। 11वीं शताब्दी में तोमर राजाओं ने इस नगर की स्थापना की थीऔर उसी समय से यह नाम प्रचलन में आया। फिर सल्तनत और मुगल काल में फारसी भाषा में इसे देहली या दिहली कहा गया, और अंग्रेज़ों ने इसेअपनी सुविधा के लिए Delhi कर दिया। उन्होंने कहा कि यह नाम परिवर्तन हमारी परंपराओं को मिटाने की कोशिश थी। लेकिन आज भी आम जनताइस शहर को दिल्ली ही कहती है, यही इसका असली नाम और पहचान है। Delhi औपनिवेशिक, Dilli भारतीयगोयल ने बताया कि अगर नामों की श्रृंखला देखी जाए तो यह स्पष्ट है कि पहले धिल्लिका था, फिर धिल्लि, फिर दिल्ली और अंत में अंग्रेज़ों ने इसेDelhi बना दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राजधानी को फिर से उसका भारतीय नाम Dilli दिया जाए। यह केवल नाम का नहीं, बल्कि अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रश्न है। Dilli से दुनिया में बढ़ेगी भारत की पहचानविजय गोयल ने कहा कि Dilli नाम अपनाने से भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान दुनिया भर में और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि Dilli शब्द में अपनापन, इतिहास और भावना जुड़ी हुई है, जबकि Delhi शब्द केवल एक अंग्रेज़ी रूपांतरण है। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने बोलचालके नाम को ही आधिकारिक बना लें, तो दुनिया भी भारत को उसकी असली पहचान से जानेगी। मुख्यमंत्री से की पहल की अपीलविजय गोयल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे इस दिशा में पहल करें और राजधानी के नाम को Dilli करने की प्रक्रिया शुरू करें।उन्होंने कहा कि नया लोगो, सभी सरकारी संचार, साइनबोर्ड और सार्वजनिक स्थानों पर Dilli लिखा जाए, ताकि यह नाम हर नागरिक के गर्व काप्रतीक बने। भाषा, संस्कृति और इतिहास का सम्मानगोयल ने कहा कि Delhi को Dilli करना कोई छोटा बदलाव नहीं है, बल्कि यह भाषा, संस्कृति और इतिहास के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा। उन्होंनेकहा, यह कदम हमारे बच्चों को यह सिखाएगा कि हम अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं, और अपनी मातृभाषा को गर्व से अपनाते हैं। विजय गोयल का संदेश Dilli मेरी जानविजय गोयल ने अपने वक्तव्य के अंत में कहा कि यह केवल नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि दिल से जुड़ी पहचान की बात है। उन्होंने कहा Dilli सिर्फ एक शहर नहीं, यह हर भारतीय के दिल में बसने वाली भावना है। अब समय आ गया है कि हम अपनी राजधानी को उसके असली नाम से पुकारेंDilli मेरी जान
छठ के बाद वासुदेव घाट पर झाड़ू लगाकर शुरू किया स्वच्छता अभियान – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

छठ महापर्व की भव्यता के बाद अब दिल्ली सरकार ने राजधानी को फिर से स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया है। सुबह दिल्ली कीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं कश्मीरी गेट स्थित यमुना के वासुदेव घाट पहुँचीं और वहां चल रहे स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया। उन्होंने खुद झाड़ूलगाकर सफाई कार्य की शुरुआत की और अधिकारियों के साथ मिलकर घाट परिसर की सफाई में भाग लिया। आस्था के बाद स्वच्छता का संकल्पमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार ने हर बड़े पर्व के बाद सफाई और स्वच्छता अभियान चलाने की परंपरा बनाई है। उन्होंने कहा कि छठजैसे बड़े धार्मिक आयोजन के बाद घाटों की सफाई करना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री नेकहा हर पर्व तभी पूर्ण होता है जब उसके बाद का परिवेश भी स्वच्छ और सुंदर बना रहे। हमारी सरकार राजधानी की स्वच्छता को लेकर पूरी तरहसंकल्पबद्ध है। वासुदेव घाट पर मुख्यमंत्री ने किया श्रमदानमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सुबह स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई अभियान की शुरुआत की।उन्होंने घाट पर मौजूद सफाईकर्मियों और स्थानीय टीम को धन्यवाददिया और कहा कि उनका प्रयास ही राजधानी को स्वच्छ बनाए रखने की असली ताकत है। इस अवसर पर विकास मंत्री कपिल मिश्रा और संबंधितविभागों के कई अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर घाट परिसर से कचरा हटाया और जल क्षेत्र की सफाई की। स्वच्छता एक दिन नहीं, निरंतर अभियान हैमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का काम नहीं, बल्कि यह 24 घंटे और 365 दिन चलने वाला अभियान है।उन्होंने कहा कि दिल्लीसरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे नागरिकों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़े।रेखा गुप्ता ने कहा जब समाज और प्रशासन एक साथकाम करते हैं, तभी शहर में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। दिल्ली सरकार ने शुरू किया विशेष सफाई अभियानमुख्यमंत्री ने बताया कि छठ पर्व के बाद ही नहीं, बल्कि दीपावली और वाल्मीकि जयंती जैसे अवसरों पर भी दिल्ली सरकार ने विशेष सफाई अभियानचलाए हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष छठ महापर्व दिल्ली की कॉलोनियों, नहरों और यमुना घाटों पर बड़े पैमाने पर मनाया गया, इसलिए सरकार ने यहसुनिश्चित किया है कि हर स्थान पर तुरंत सफाई और कचरा निस्तारण किया जाए। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से की अपीलमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई बनाए रखने पर ध्यान दें।उन्होंने कहा कि यमुना नदी के तटों और घाटों की सफाई के साथ-साथ पूरे शहर में भी अभियान चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा स्वच्छता केवल सरकारकी नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हमें मिलकर राजधानी को साफ-सुथरा और सुंदर बनाए रखना है। स्वच्छता ही सच्ची सेवा हैमुख्यमंत्री ने कहा कि छठ महापर्व ने जिस तरह दिल्ली को आस्था और एकता का संदेश दिया, उसी तरह स्वच्छता अभियान दिल्ली को जिम्मेदारी औरसजगता का उदाहरण बना रहा है। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक अपने आस-पास की सफाई का ध्यान रखेगा, तभी दिल्ली को स्वच्छ, हरित औरस्वस्थ शहर बनाया जा सकेगा। आस्था से लेकर कर्म तक का संगममुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली आज एक नए संदेश की ओर बढ़ रही है जहाँ आस्था के उत्सव के बाद स्वच्छता का संकल्प जुड़ा हुआ है।वासुदेव घाट पर उनका श्रमदान यह दर्शाता है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जनभागीदारी के साथ धरातल पर काम कर रहीहै। रेखा गुप्ता ने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक हर घाट, हर गली और हर मोहल्ला पूरी तरह स्वच्छ न हो जाए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य, दिल्ली में छठ महापर्व का भव्य आयोजन

सूर्योपासना और प्रकृति पूजा के महापर्व छठ की सुबह आज राजधानी दिल्ली में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का सुंदर संगम देखने को मिला। दिल्लीकी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज प्रातःकाल आईटीओ स्थित यमुना नदी के हाथी घाट पहुँचीं, जहाँ उन्होंने हजारों श्रद्धालु व्रतियों के साथ उगते सूर्यदेव कोअर्घ्य अर्पित किया और पूजा-अर्चना की। आस्था और भक्ति से सजी दिल्लीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का दृश्य पूरे दिल्लीवासियों के लिए गर्व का क्षण है। यमुना के घाटों पर जब महिलाएं और माताएं अर्घ्य दे रहीथीं, तो ऐसा लग रहा था मानो पूरी दिल्ली आस्था और भक्ति के प्रकाश से नहा उठी हो। सूर्यदेव की सुनहरी किरणें यमुना के जल पर झिलमिलानेलगीं और वातावरण में श्रद्धा की अनोखी ऊर्जा फैल गई। रेखा गुप्ता ने कहा कि छठ पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि यह संस्कृति, स्वच्छता औरअनुशासन का प्रतीक है। श्रद्धालुओं ने की दिल्ली सरकार की तैयारियों की सराहनामुख्यमंत्री ने घाटों पर बने अस्थायी मंचों और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। व्रतियों और श्रद्धालुओं ने दिल्ली सरकार द्वारा किए गए उत्तमप्रबंधों की जमकर तारीफ की। कई श्रद्धालु महिलाओं ने कहा कि कई वर्षों बाद यमुना का जल इतना साफ और निर्मल दिखाई दे रहा है।घाटों परसुरक्षा, जल व्यवस्था, रोशनी और सफाई के पुख्ता इंतजाम देखकर लोग बेहद प्रसन्न दिखे। भव्य आयोजन में मौजूद रहे मंत्री और गणमान्य व्यक्तिइस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, रविंदर इन्द्रराज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सबनेमुख्यमंत्री के साथ छठ व्रतियों का अभिनंदन किया और उनके सुख-समृद्धि की कामना की। दिल्ली की पहचान बन रहा है छठ महापर्वमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में छठ पर्व की भव्यता अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कियह पर्व हमारी संस्कृति, सादगी और एकता का प्रतीक है। रेखा गुप्ता ने कहा जब मैं यमुना किनारे हज़ारों व्रतियों को एक साथ सूर्यदेव की उपासनाकरते देखती हूँ, तो यह मेरे लिए एक आशीर्वाद जैसा अनुभव होता है। यह दृश्य दिखाता है कि दिल्ली केवल आधुनिक शहर नहीं, बल्कि भारत कीआध्यात्मिक राजधानी भी है। मुख्यमंत्री ने जताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और जनता के सहयोग से हीआज दिल्ली में स्वच्छता और संस्कृति का इतना सुंदर संगम संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्किएक नई उम्मीद और एकता का प्रतीक बन चुकी है। पूर्वांचल समाज के चेहरों पर दिखी खुशीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचल के भाई-बहनों की मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है। उन्होंने कहा किउनकी सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दिल्ली में छठ पूजा जैसे पर्व और भी सुंदर, सुरक्षित और स्वच्छ माहौल में मनाए जाएं। आस्था और स्वच्छता का संगम है नई दिल्लीरेखा गुप्ता ने कहा कि आज दिल्ली की धरती पर जो दृश्य दिखाई दे रहा है, वह नई दिल्ली के नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। यह वही दिल्ली हैजहाँ भक्ति के साथ-साथ स्वच्छता और व्यवस्था की मिसाल भी स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने जनता से आग्रह किया कि वे इस पवित्र पर्व कीभावना को सालभर बनाए रखें और स्वच्छ, हरित और धार्मिक दिल्ली के निर्माण में सहयोग करें। दिल्ली के छठ घाटों पर आज आस्था का अनोखादृश्य था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा और भी बढ़ा दी।उन्होंने कहा कि छठी मइया के आशीर्वाद से हर घर में सुख, शांति और समृद्धि आए यही उनकी प्रार्थना है।
दिल्ली कांग्रेस 12 वार्डों के उपचुनाव जीतने को पूरी तरह तैयार – देवेन्द्र यादव

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा है कि दिल्ली में होने वाले 12 वार्डों के नगर निगम उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी पूरी तैयारी केसाथ मैदान में उतर रही है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की जनता अब आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों से निराश हो चुकी है और कांग्रेस कोएकमात्र विकल्प के रूप में देख रही है। चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत, कांग्रेस तैयारदेवेन्द्र यादव ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा 30 नवम्बर को दिल्ली में 12 वार्डों के उपचुनाव कराने की घोषणा का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है।उन्होंने बताया कि पार्टी ने पहले से ही संगठनात्मक स्तर पर तैयारियाँ शुरू कर दी थीं और अब सभी वार्डों पर कांग्रेस को जीत का भरोसा है।उन्होंने कहादिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी को पहले ही नकार दिया है। भाजपा की दिल्ली सरकार भी पिछले आठ महीनों में जनता की उम्मीदों पर खरीनहीं उतरी है। अब जनता बदलाव चाहती है, और वह बदलाव कांग्रेस लेकर आएगी। वार्डवार पर्यवेक्षक नियुक्त, बूथ स्तर पर मजबूत संगठनदेवेन्द्र यादव ने बताया कि कांग्रेस ने 12 वार्डों में पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उम्मीदवार चयन कीप्रक्रिया में जुटे हैं। ये पर्यवेक्षक लोकसभा, जिला और विधानसभा स्तर के नेताओं से समन्वय बनाकर स्थानीय समस्याओं और जनता की जरूरतों परचर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पिछले कुछ महीनों में बूथ स्तर पर संगठन को मज़बूत किया है। हर ब्लॉक में मंडलम और सेक्टरों का गठनकिया गया है, और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता लगातार लोगों से संपर्क कर रहे हैं। दिल्ली की हालत खराब, भाजपा और आप दोनों नाकामकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को बर्बादी की ओर धकेला, और अब भाजपा सरकार भी कुछ नहीं कर पारही है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली गंदगी, प्रदूषण, जहरीली यमुना, खराब परिवहन, बदहाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं सेजूझ रही है। देवेन्द्र यादव ने कहा भाजपा सरकार ने दिल्ली की हालत संभालने के बजाय और बिगाड़ दी है। लोग परेशान हैं और अब कांग्रेस परभरोसा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि चांदनी चौक में सीलिंग का मुद्दा भाजपा के खिलाफ बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा। निष्पक्ष चुनाव हुए तो कांग्रेस की जीत तयदेवेन्द्र यादव ने कहा कि अगर उपचुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए गए, तो कांग्रेस सभी 12 वार्डों में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा किकांग्रेस के पास जनता का भरोसा है और पार्टी के कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंच रहे हैं।कांग्रेस अध्यक्ष ने जिन वार्डों में जीत का भरोसा जताया है, वे हैंमुंडका, शालीमार बाग, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका-बी, डिचाउ कलां, नारायणा, संगम विहार-ए, दक्षिण पुरी, ग्रेटर कैलाशऔर विनोद नगर। जनता चाहती है बदलाव, कांग्रेस ही देगी नई दिशाअंत में देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता अब भाजपा और आम आदमी पार्टी के झगड़ों से तंग आ चुकी है। लोगों को अब एक स्थिर, जिम्मेदार और विकास के लिए समर्पित सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कांग्रेस हर घर तक पहुंचेगी, हर समस्या को सुनेगी और दिल्ली को फिर से साफ, सुंदर और विकसित शहर बनाएगी। हमें जनता पर भरोसा है, और जनता को कांग्रेस पर।
भाजपा का ‘नकली यमुना शो’ फेल, मोदी जी को रद्द करना पड़ा छठ का फोटोशूट – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘नकली यमुना’ कीपोल खुलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना छठ पूजा का फोटोशूट रद्द करना पड़ा। बिहार चुनाव से पहले मोदी जी यमुना को साफ दिखाने कादिखावा करना चाहते थे, लेकिन सच्चाई सामने आने पर पूरा प्लान फेल हो गया। नकली यमुना की सच्चाई सामने आते ही मोदी जी पीछे हटेसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली के वासुदेव घाट पर एक नकली यमुना तैयार की थी, ताकि प्रधानमंत्री मोदी वहां छठ पूजा करकेदेश को संदेश दे सकें कि यमुना अब साफ हो चुकी है। लेकिन जैसे ही आम आदमी पार्टी ने इस नकली यमुना की सच्चाई उजागर की, प्रधानमंत्री नेफोटोशूट का कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्होंने कहा झूठ बोले कौआ काटे, काले कौवे से डरियो। भाजपा का झूठ आखिरकार जनता के सामने आ हीगया। भाजपा का पूरा ‘फोटोशूट प्लान’ चौपटआम आदमी पार्टी के नेता ने बताया कि भाजपा ने महीनों तक इस आयोजन की तैयारी की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने वासुदेव घाट कानिरीक्षण किया था, मंच तैयार था, मीडिया को चुनकर बुलाया गया था, लेकिन सच्चाई उजागर होने के बाद सब चौपट हो गया। सौरभ भारद्वाज नेकहा कि भाजपा की टॉप लीडरशिप खुद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार के कामों से शर्मिंदा है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जनता कीताकत सरकारों से कहीं बड़ी है। सच की जीत हुई, झूठ हार गयासौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह मामला भाजपा सरकार और पूरे देश के लिए एक बड़ी सीख है। अगर जनता सच्चाई के साथ खड़ी हो जाए तो झूठटिक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों ने सच फैलाया और प्रधानमंत्री का फोटोशूट रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा सत्यमेव जयतेसिर्फ नारा नहीं, बल्कि आज की सच्चाई है। दिवाली पर भी झूठ का खेल प्रदूषण छिपाने की साजिशसौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर दिवाली की रात प्रदूषण के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पॉल्यूशनमॉनिटरिंग स्टेशन बंद कर दिए, ताकि यह दिखाया जा सके कि पटाखे तो जले, लेकिन प्रदूषण नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि रातभर सड़कों पर पानीछिड़का गया, ट्रक और मशीनें चलाई गईं ताकि AQI के आंकड़े झूठे तरीके से कम दिखें। भाजपा के आंकड़ों पर भरोसा नहीं रहासौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस घटना के बाद जनता को भाजपा सरकार के हर आंकड़े पर शक होने लगा है चाहे वह GDP हो, बेरोजगारी हो याप्रदूषण के आंकड़े। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि रोजगार बढ़ रहा है, लेकिन हर घर में बेरोजगारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ झूठेप्रचार से काम चला रही है। पीएम के पुराने फोटोशूट भी नकली थेआम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले भी ऐसे झूठे प्रचार करते रहे हैं। गुजरात चुनाव से पहले जिस स्कूल में मोदी जी गए थे, वहनकली था। क्लासरूम और खिड़कियाँ तक पेंट से बनाई गई थीं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जिस दर्जी के घर फोटोशूट के लिए गए थे, वह भीझोपड़ी नहीं थी बल्कि पूरा सेटअप बनाया गया था। महिला के गले में आईडी कार्ड था। यह सब सिर्फ प्रचार का हिस्सा था। 11 साल की भाजपा सरकार, एक भी साफ नदी नहींसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की सरकार को 11 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक एक भी नदी ऐसी नहीं है जिसे उन्होंने वास्तव में साफ कियाहो। नमामि गंगे पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी कोई घाट ऐसा नहीं है जहां प्रधानमंत्री जाकर साफ पानी दिखा सकें।उन्होंने कहा यहभाजपा के नकारेपन का सबसे बड़ा सबूत है। सच्चाई की जीत हुईसौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह घटना देश के युवाओं और जनता के लिए बड़ी सीख है। अगर लोग सच्चाई फैलाने का संकल्प लें तो कोई भी झूठ नहींटिक सकता। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की ताकत ने यह साबित कर दिया है कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने देशवासियों सेअपील की सच बोलिए, सच फैलाइए, क्योंकि अंत में जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर दिल्ली विधानसभा में होगा भव्य आयोजन भारत के लौह पुरुष को दी जाएगी श्रद्धांजलि, प्रदर्शनी में दिखेगी उनके नेतृत्व की झलक – विजेंद्र गुप्ता

दिल्ली विधानसभा में सरदार पटेल को समर्पित विशेष संगोष्ठीदिल्ली विधानसभा 30 अक्टूबर 2025 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी (सेमिनार) आयोजित करनेजा रही है। इस संगोष्ठी का विषय है सरदार वल्लभभाई पटेल और भारत के एकीकरण में उनका अमूल्य योगदान। यह कार्यक्रम सरदार पटेल केजीवन, विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण में किए गए महान कार्यों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विजेंद्र गुप्ता ने दी जानकारी बिहार के राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथिदिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम में बिहार के माननीय राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि और प्रमुखवक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस प्रकार भारत को एकजुट किया, वह इतिहास का सबसे बड़ा उदाहरण है औरउनकी 150वीं जयंती का यह आयोजन उसी भावना को पुनः जीवित करेगा। कार्यक्रम में शामिल होंगे कपिल मिश्रा और निरंजनाबेन कालारथीविजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस संगोष्ठी में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके साथ ही स्वराज आश्रम, बारडोली (गुजरात) की प्रशासक निरंजनाबेन कालारथी विशेष अतिथि के रूप में भाग लेंगी। बारडोली वही ऐतिहासिक स्थान है, जहाँ सरदार पटेल नेकिसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी थी और वहीं से उन्हें सरदार की उपाधि मिली थी। विधानसभा परिसर में लगेगी सरदार पटेल पर विशेष प्रदर्शनीविजेंद्र गुप्ता ने बताया कि संगोष्ठी के साथ-साथ विधानसभा परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।इस प्रदर्शनी में सरदार पटेल केजीवन और योगदान से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें, स्मारक सिक्के, डाक टिकट, ऐतिहासिक दस्तावेज और पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी यह प्रदर्शनी आगंतुकोंको सरदार पटेल की दूरदर्शी सोच और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को समझने का अवसर देगी। विजेंद्र गुप्ता ने कहा, इस प्रदर्शनी में सरदार पटेलके नेतृत्व की दुर्लभ झलकियाँ दिखाई जाएँगी, जो लोगों को उनके समर्पण और देशभक्ति की भावना से जोड़ेंगी। रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिकाभारत की आज़ादी के समय देश में 560 से अधिक रियासतें थीं। इन रियासतों को एकजुट कर एक भारत बनाने का कठिन कार्य सरदार वल्लभभाईपटेल ने किया।उन्होंने समझदारी, दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति निष्ठा के साथ यह असंभव लगने वाला कार्य पूरा किया। उनकी इसी अद्भुत उपलब्धि केकारण उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा गया। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल की यह उपलब्धि भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंनेन केवल देश को एक किया बल्कि भारत की लोकतांत्रिक नींव को भी मजबूत बनाया। सरदार पटेल के विचार आज भी मार्गदर्शन करते हैंविजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल के विचार और आदर्श आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी सोच में एकता, अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रनिष्ठा जैसी मूलभूत बातें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है, तब सरदार पटेल केसिद्धांत और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। दिल्ली विधानसभा का उद्देश्य एकता और प्रेरणा का संदेशविजेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा हमेशा से देश की गौरवशाली विरासत और महान नेताओं के योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के लिएप्रतिबद्ध रही है। ऐसे आयोजन न केवल राष्ट्रीय एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि यह भी याद दिलाते हैं कि सरदार पटेल केविचार आज भी हमें एक सशक्त और प्रगतिशील भारत के निर्माण की राह दिखाते हैं। सरदार पटेल सच्चे राष्ट्र निर्मातासरदार पटेल न केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी थे, बल्कि वे भारत के सच्चे राष्ट्र निर्माता भी थे। उन्होंने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़किया और संस्थाओं की नींव रखी। उनकी नीतियाँ और दूरदर्शिता आज भी हमारे लोकतंत्र की आधारशिला हैं। उनका यह संदेश देश की एकता हीउसकी सबसे बड़ी ताकत है हर भारतीय के दिल में बसता है। श्रद्धांजलि और प्रेरणा का संगमदिल्ली विधानसभा में होने वाला यह आयोजन सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक प्रेरक अवसर है। यह हमें सरदार पटेल के जीवन और उनकेआदर्शों को समझने, अपनाने और आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह संगोष्ठी और प्रदर्शनी आने वाली पीढ़ियों को यहसिखाएगी कि राष्ट्र के लिए समर्पण, ईमानदारी और एकता ही सच्चा देशप्रेम है। सरदार वल्लभभाई पटेल अमर रहें,