Skip to main content

NEWS अब तक

चंडीगढ़ बंगले को लेकर भाजपा का हमला – वीरेन्द्र सचदेवा

केजरीवाल पर बंगला प्रेम के नए आरोपदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चंडीगढ़ के विशाल बंगले के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि यह बंगला कागज़ों में पंजाब मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस बताया गया है, लेकिन वास्तव में इसका उपयोग अरविंद केजरीवाल कर रहेहैं। सचदेवा ने कहा कि यदि इस पर किसी को संदेह है तो पंजाब और दिल्ली पुलिस के वी.आई.पी. मूवमेंट रिकॉर्ड से यह बात साबित हो जाएगी। आप नेताओं की बौखलाहट, भाजपा पर लगाए बेबुनियाद आरोपवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि जब भी अरविंद केजरीवाल के बंगले से जुड़ा कोई नया खुलासा होता है, तो आम आदमी पार्टी के नेता बौखला जाते हैं औरतर्कहीन बयान देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि आज जैसे ही भाजपा ने सोशल मीडिया पर यह खुलासा किया कि पंजाब सरकार ने अपने एक दो एकड़के बंगले को पंजाब के मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस बताकर अरविंद केजरीवाल को उपयोग के लिए दे दिया है, आम आदमी पार्टी में हड़कंप मच गया।उन्होंने कहा कि इसके बाद गुजरात में प्रचार कर रहे अरविंद केजरीवाल ने तुरंत दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को सामने उतारा, जिन्होंने बिनासोचे-समझे बयान दिया कि चंडीगढ़ में भाजपा की सरकार है, तो फिर बंगला कैसे बन गया। भाजपा का जवाब बंगला निर्माण नहीं, उपयोग का है मामलावीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, भाजपा ने कभी नहीं कहा कि बंगले का निर्माण हुआ है। हमने केवल यह कहा कि चंडीगढ़ का यह विशाल बंगला, जो कागज़ोंमें पंजाब मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस है, वास्तव में अरविंद केजरीवाल के उपयोग में है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दावे की पुष्टि के लिए पंजाब औरदिल्ली पुलिस के वीआईपी मूवमेंट रिकॉर्ड पर्याप्त सबूत हैं। दिल्ली में भी ‘शीशमहल’ और फिरोजशाह रोड का मामला उठाया गयादिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने सौरभ भारद्वाज से सवाल पूछा कि जब दिल्ली का शीशमहल खाली हुआ, तब अरविंद केजरीवाल जिस 5 फिरोजशाह रोडवाले बंगले में रहे, क्या वह उन्हें आवंटित था? उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जिस तरह से सरकारी संपत्तियों का निजी उपयोग किया है, वह जनता केप्रति जवाबदेही की भावना का अपमान है। स्वाति मालीवाल से जवाब मांगें केजरीवालवीरेन्द्र सचदेवा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल वास्तव में चंडीगढ़ के बंगले का उपयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपनी हीपार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल से जवाब मांगना चाहिए, जिन्होंने यह मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया था। जनता के सामने आनी चाहिए सच्चाईवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अब समय आ गया है कि अरविंद केजरीवाल खुद स्पष्ट करें कि क्या वे चंडीगढ़ के उस बंगले का उपयोग कर रहे हैं या नहीं।उन्होंने कहा, देश और दिल्ली की जनता यह जानना चाहती है कि एक ओर आम आदमी की राजनीति की बात करने वाले केजरीवाल खुद किससुविधा में रह रहे हैं। पारदर्शिता की बात करने वालों को पहले खुद पर पारदर्शिता लागू करनी चाहिए।

भाजपा की यमुना सफाई की पोल खुली सभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट फेल पाए गए – सौरभ भारद्वाज

सभी एसटीपी में उपचार मानक फेल, आरटीआई ने खोला बड़ा सचदिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर भाजपा सरकार के दावे पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। एक आरटीआई के जवाब में खुलासा हुआ है कि राजधानीदिल्ली के सभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) उपचार के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसका अर्थ यह है कि आज भी गंदा नाला और बिना उपचारकिया गया सीवेज सीधे यमुना में बह रहा है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सभी 37 प्लांट असफल पाए गए हैं। जांच में यह पाया गया कि जिन पानी को इन संयंत्रों से उपचारितबताया जा रहा था, उनमें भी मानव मल की मात्रा अनुमत सीमा से सैकड़ों गुना अधिक थी। उन्होंने कहा, जब सभी एसटीपी फेल हैं, तो भाजपा सरकारकिस आधार पर कह रही है कि यमुना साफ हो गई? यमुना सफाई का नाटक और दिखावाआम आदमी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने हाल के दिनों में यह दावा किया थाकि उन्होंने केवल आठ महीनों में यमुना को साफ कर दिया, जबकि अरविंद केजरीवाल सरकार दस साल में ऐसा नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, असलियतयह है कि यह पूरा अभियान एक नाटक और प्रचार का हथकंडा था। आरटीआई के जवाब ने साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार का ‘साफ यमुना’ शो झूठ पर आधारित था। अरविंद केजरीवाल सरकार ने किया था वास्तविक कामसौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान सैकड़ों अनधिकृत कॉलोनियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा गया था। इन कॉलोनियों सेनिकलने वाला गंदा पानी सीवेज संयंत्रों तक पहुँचाया गया ताकि उसका उचित उपचार कर यमुना में छोड़ा जा सके। उन्होंने कहा, यमुना की सफाई कासबसे पहला और जरूरी कदम यह है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से चलें और उनका निकास मानक गुणवत्ता का हो। जब यह ही नहीं हो रहा, तो सफाई के सारे दावे खोखले हैं। सभी क्षेत्रों के संयंत्रों में फेल बेहद चिंताजनक स्थितिसौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह जांच रिपोर्ट अक्षरधाम, छिल्ला, कोरोनेशन पिलर (तीनों चरण), दिल्ली गेट, घिटोरनी, कपासहेड़ा, केशोपुर, कोंडली, महरौली, मोलरबंद, नजफगढ़, नरेला, निलोठी, ओखला, पप्पनकलां, रोहिणी, वसंत कुंज, सोनिया विहार और यमुना विहार सहित सभी स्थानों केएसटीपी पर आधारित है। उन्होंने कहा, हर एक संयंत्र फेल पाया गया है। यह दिल्ली और यमुना दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। केंद्रीय सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के आँकड़ों पर जताया अविश्वाससौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड नियमित रूप से इन एसटीपी से नमूने लेकर जांच करता था, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके आंकड़ों परभरोसा नहीं किया। उन्होंने कहा, दिल्ली जल बोर्ड के अंदर आँकड़ों में हेराफेरी की शिकायतें बढ़ीं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने स्वयं केंद्रीय प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड को स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। जांच में खुलासा 36 प्लांटों में मानव मल की मात्रा सीमा से सैकड़ों गुना अधिकसीपीसीबी की जांच में यह सामने आया कि 37 में से 36 प्लांटों के उपचारित पानी में फीकल कोलीफॉर्म (मानव मल) की मात्रा अनुमत सीमा सेसैकड़ों गुना अधिक थी। यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। सौरभ भारद्वाज बोले भाजपा का साफ यमुना अभियान सिर्फ एक प्रचार स्टंटसौरभ भारद्वाज ने कहा, जब सभी संयंत्र फेल हैं, तो भाजपा किस यमुना की सफाई का दावा कर रही है? उन्होंने जो किया, वह केवल राजनीतिकनाटक और प्रचार का हथकंडा था। सच्चाई अब सबके सामने है। उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करने का असली काम केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पारदर्शिता और ठोस नीति से ही संभव है, न कि झूठे दावों और विज्ञापनबाजी से।

एमटीएस कर्मचारियों ने समिति के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त की – महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह

महापौर ने दी जानकारी, कर्मचारियों की माँगों पर होगी कार्यवाहीदिल्ली नगर निगम के महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि एमटीएस (पीएच) अनुबंधित कर्मचारियों ने निगम की समिति से मिलेआश्वासन के बाद अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। ये कर्मचारी कई दिनों से अपनी विभिन्न माँगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन समिति केसाथ सकारात्मक वार्ता के बाद उन्होंने अपने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। महापौर ने कहा कि निगम कर्मचारियों की सभी वैध माँगों परनियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कार्यवाही करेगा। 10 सदस्यीय समिति ने की विस्तृत चर्चामहापौर राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि एमटीएस (पीएच) कर्मचारियों की माँगों को ध्यान में रखते हुए निगम ने दस सदस्यीय समिति का गठन कियाथा। इस समिति ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से विस्तृत बातचीत की और उनकी सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। समिति ने कर्मचारियों को यहभरोसा दिलाया कि उनकी उचित माँगों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी और उनका हित सर्वोपरि रहेगा। महापौर ने बताया कि समिति ने अपनीरिपोर्ट निगम प्रशासन को सौंप दी है और उसी के आधार पर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा किहड़ताल समाप्त होना संवाद और सहयोग की जीत है, जिससे निगम की सेवाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। निगम कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अपने प्रत्येक कर्मचारी के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। एमटीएस(पीएच) कर्मचारी डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं। इन कर्मचारियों की मेहनत सेही दिल्ली के नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलता है। महापौर ने कहा कि निगम प्रशासन उनके योगदान का सम्मान करता है और यहसुनिश्चित करेगा कि उनकी समस्याओं का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए। समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिकामहापौर ने बताया कि समिति में निगम के कई वरिष्ठ पार्षद और अध्यक्ष शामिल थे जिन्होंने हड़ताल समाप्त करवाने में प्रमुख भूमिका निभाई। इनमेंनेता सदन प्रवेश वाही, पर्यावरण प्रबंधन सेवाएँ समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर, स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष मनीष चड्ढा और मलेरिया समिति कीअध्यक्ष नीता बिष्ट शामिल थे। इन सभी ने कर्मचारियों से वार्ता कर उन्हें भरोसा दिलाया कि निगम उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीरऔर तत्पर है। महापौर ने समिति की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम किया। उनकेप्रयासों से निगम और कर्मचारियों के बीच आपसी विश्वास मजबूत हुआ है। संवाद और सहयोग से हल होंगी समस्याएँमहापौर राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि किसी भी संस्था में संवाद और सहयोग ही समाधान की कुंजी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम अपनेकर्मचारियों को परिवार का हिस्सा मानता है और उनके साथ मिलकर दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए कार्य करता रहेगा। उन्होंनेएमटीएस कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कार्यों में लगे रहें, क्योंकि उनकी मेहनत ही दिल्ली को सुरक्षितरखती है। महापौर ने कहा कि निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी भी मुद्दे को आंदोलन याहड़ताल तक पहुँचने की नौबत न आए। महापौर का आश्वासन और निष्कर्षमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि निगम कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। उन्होंने कहा किसमिति की सिफारिशों के अनुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी, जिससे एमटीएस (पीएच) कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।उन्होंने यह भी कहा कि निगम की सफलता उसके कर्मचारियों के समर्पण और परिश्रम पर निर्भर करती है, और निगम प्रशासन हमेशा उनके साथ खड़ारहेगा। महापौर ने विश्वास जताया कि सभी कर्मचारी निगम के साथ मिलकर दिल्ली को और अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित बनाने में अपनायोगदान जारी रखेंगे।

दिल्ली में व्यापार को सशक्त और सरल बनाना हमारी प्राथमिकता है – रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ARISE मिशन कार्यक्रम में दिया प्रेरणादायक संदेशराजधानी दिल्ली में आयोजित ARISE मिशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी में व्यापार कोसशक्त, सरल और सुगम बनाना है। यह कार्यक्रम चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रवीण खंडेलवाल द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमेंदेशभर से व्यापारिक संगठनों, उद्यमियों और रिटेल सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ARISE को बताया आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ARISE पहल रिटेल सेक्टर में आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्किलिंग को बढ़ावा देने का एक ऐतिहासिक कदम है।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल व्यापार को नई दिशा देगा बल्कि रोज़गार सृजन और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा। मुख्यमंत्री नेकहा ARISE भारत के लाखों छोटे व्यापारियों और रिटेलर्स को ब्रांडिंग, स्किलिंग और एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से नई पहचान देगा। यही आत्मनिर्भरभारत की सच्ची भावना है। वोकल फॉर लोकल के संकल्प को दी नई ऊर्जामुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में ARISE जैसी पहल देश के व्यापारको नई उड़ान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि अब भारत का व्यापारी वर्ग सिर्फ उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ब्रांड को वैश्विक स्तर परपहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे व्यापारी भाइयों की सफलता ही आत्मनिर्भर भारत और विश्वगुरु भारत की सबसेबड़ी पूंजी है। व्यापारियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” में तेजीरेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सरल और तेज़ बना रही है। उन्होंने कहा किदिल्ली के इतिहास में पहली बार केवल छह महीनों में 700 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी रिफंड जारी किया गया है। अब जीएसटी रिफंड कीपूरी प्रक्रिया फेसलेस और पारदर्शी बनाई जा रही है ताकि व्यापारियों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा व्यापारी समाज देश कीअर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए हमारा दायित्व है कि सभी नियम पारदर्शी, सरल और सुगम हों। ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्किल्स पर दिया जोरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज के युग में ब्रांडिंग और मार्केटिंग किसी भी व्यवसाय की सफलता की कुंजी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा किउद्यमियों को अब अपने उत्पादों को केवल वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि एक ब्रांड के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।उन्होंने कहामेड इन इंडिया को अब गुणवत्ता, गर्व और विश्वास का वैश्विक प्रतीक बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए युवाओं में नवाचार और उद्यमिता की नई ऊर्जामुख्यमंत्री ने कहा कि ARISE जैसी पहल न केवल व्यापार को सशक्त बनाएगी, बल्कि देश के युवाओं में उद्यमिता, आत्मविश्वास और नवाचार कीभावना को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि भारत का युवा वर्ग अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। यही आत्मविश्वासीऔर कौशलयुक्त युवा भारत, आत्मनिर्भर भारत के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची पहचान है। मुख्यमंत्री ने आयोजकों और व्यापारिक समाज को दी बधाईकार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सांसद प्रवीण खंडेलवाल और पूरी आयोजन टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें न केवलदिल्ली बल्कि पूरे देश के व्यापार को नई दिशा देने का काम करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर उस कदम में साथ खड़ी है जो व्यापार, रोजगारऔर विकास को आगे बढ़ाता है।

रोहिणी जल बोर्ड कार्यालय दोबारा बहाल करने की मांग — विजेंद्र गुप्ता जनसुविधा को प्राथमिकता देने की अपील

जल बोर्ड कार्यालय स्थानांतरण से बढ़ी जनता की परेशानीरोहिणी के विधायक और दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के रेवेन्यू ज़ोन कार्यालय को रोहिणी सेक्टर-6 से नरेलास्थानांतरित किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्थानीय नागरिकों के लिए बेहद असुविधाजनक है। पहले यह कार्यालय सभीके लिए पास में था, लेकिन अब इसे लगभग 20 किलोमीटर दूर भेज देने से बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को दिक्कत हो रही है। नागरिकों की शिकायत पर विजेंद्र गुप्ता ने लिया संज्ञानरोहिणी क्षेत्र के कई नागरिकों ने विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात कर जल बोर्ड कार्यालय के स्थानांतरण से जुड़ी अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने कहा किबिल जमा करने, पानी की सप्लाई या सीवर संबंधी शिकायतों के लिए अब उन्हें नरेला तक जाना पड़ रहा है। जनता की यह तकलीफ सुनने के बादविजेंद्र गुप्ता ने तुरंत इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और इसे जनसुविधा से जुड़ा बड़ा फैसला बताया। विजेंद्र गुप्ता ने जल बोर्ड को लिखा पत्र24 अक्तूबर 2025 को विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर रोहिणी स्थित पुराने कार्यालय कोवापस बहाल करने की मांग की। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह कार्यालय पिछले 40 सालों से क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहा था और इसका अचानकनरेला स्थानांतरण अनुचित है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए, न कि उन्हें परेशानकरने के लिए। जल बोर्ड ने शुरू की कार्रवाईविजेंद्र गुप्ता की पहल पर दिल्ली जल बोर्ड ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। 28 अक्तूबर 2025 को जल बोर्ड के सदस्य (वित्त) ने निदेशक (राजस्व) को निर्देश दिया कि इस मामले की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट – ATR) तैयार की जाए। यह रिपोर्ट विजेंद्र गुप्ता और मुख्यकार्यकारी अधिकारी दोनों को भेजी जाएगी। जल बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की परेशानी को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। विजेंद्र गुप्ता बोले — जनता की सुविधा सर्वोच्चगुप्ता ने कहा शासन का असली उद्देश्य जनता की सुविधा सुनिश्चित करना है। अगर किसी प्रशासनिक निर्णय से लोगों को दिक्कत हो रही है, तो उसेतुरंत बदलना चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता की पहुँच, सुविधा और संतुष्टि को ही सरकार की सफलता का पैमाना माना जाना चाहिए। जनता के हित में दृढ़ हैं विजेंद्र गुप्तारोहिणी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वे तब तक प्रयास करते रहेंगे जब तक यह कार्यालय दोबारा रोहिणी में स्थापित नहीं हो जाता। उन्होंनेकहा लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सबसे ऊपर होती है। मैं जनता के हित में हर मंच पर आवाज उठाता रहूंगा। गुप्ता ने बताया कि यह सिर्फ एककार्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि जनसुविधा और सुशासन से जुड़ा मामला है। जनसेवा और सुशासन का उदाहरणविजेंद्र गुप्ता का यह कदम एक बार फिर दिखाता है कि वे जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नेता हैं। उनकी तत्परता से न केवल जल बोर्डहरकत में आया, बल्कि रोहिणी के लोगों में भी यह उम्मीद जगी कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि दिल्लीजल बोर्ड कितनी जल्दी यह कार्यालय फिर से रोहिणी में बहाल करता है।

मेयर राजा इकबाल सिंह का स्ट्रीट लाइट वादा निकला झूठा दिवाली बीत गई, पार्षदों को नहीं मिली एक भी स्ट्रीट लाइट- अंकुश नारंग

दिवाली से पहले किया वादा, अब तक अधूरादिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर राजा इकबाल सिंह ने दिवाली से पहले सभी पार्षदों को 50-50 स्ट्रीट लाइटें देने का वादा किया था। लेकिनदिवाली और छठ दोनों बीत गए, अब तक किसी पार्षद को एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं दी गई। इस पर एमसीडी में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्षअंकुश नारंग ने मेयर को चिट्ठी लिखकर वादा पूरा करने की मांग की और कहा कि भाजपा के मेयर का यह दावा सिर्फ जुमला साबित हुआ है। सदन में झूठी घोषणा करने का आरोपअंकुश नारंग ने कहा कि 14 अक्टूबर को एमसीडी सदन की बैठक में मेयर ने कहा था कि दिवाली के शुभ अवसर पर सभी पार्षदों को 50-50 स्ट्रीटलाइटें दी जाएंगी ताकि दिल्ली की गलियां रोशन हो सकें। लेकिन आज तक किसी को लाइट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जब मेयर जानते थे कि वेयह वादा निभा नहीं सकते, तो सदन में ऐसी गैर-जिम्मेदार घोषणा क्यों की गई? गैर–जिम्मेदारी का उदाहरणअंकुश नारंग ने कहा कि सदन एक गरिमापूर्ण जगह है जहां हर बात सोच-समझकर कही जाती है। मेयर ने वहां बैठकर झूठ बोला और जनता के साथमज़ाक किया। उन्होंने कहा कि मेयर ने अपनी जिम्मेदारी से भागने और जनता को गुमराह करने का काम किया है। इस रवैये से मेयर के पद की गरिमाको ठेस पहुंची है। मेयर को लिखी गई चिट्ठीअंकुश नारंग ने बताया कि उन्होंने मेयर राजा इकबाल सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि वे पार्षदों को जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें दें। उन्होंने कहा किदिवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन भाजपा की नाकामी के कारण दिल्ली की सड़कें आज भी अंधेरे में डूबी हैं। आम आदमी पार्टी चाहती है किदिल्ली की हर गली रोशन हो और जनता सुरक्षित महसूस करे। दिवाली और छठ दोनों गुजर गए, फिर भी अंधेराअंकुश नारंग ने कहा कि मेयर ने वादा किया था कि दिवाली से पहले लाइटें लग जाएंगी, लेकिन अब दिवाली के साथ छठ पूजा भी निकल गई औरकिसी पार्षद को एक भी लाइट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं के लिए वादा निभाना अब मायने नहीं रखता, उनके लिए केवल भाषणऔर प्रचार ही सब कुछ है। महापौर पद की गरिमा पर सवालअंकुश नारंग ने कहा कि महापौर का पद बहुत सम्मानजनक होता है, लेकिन राजा इकबाल सिंह ने उस पद की मर्यादा को धूमिल कर दिया है। उन्होंनेकहा कि सदन में झूठी घोषणा करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा के नेता केवल राजनीति के लिए काम करते हैं, जनता के हित के लिए नहीं।उन्होंने कहा कि मेयर को इस गलती के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा पर हमलाअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा खुद को सनातन धर्म और हिंदुत्व की रक्षक बताती है, लेकिन जब रोशनी फैलाने की बात आती है, तो वही अंधेराफैलाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने दिवाली के मौके पर दिल्ली की जनता से झूठ बोलकर उनके उत्सव का मज़ा खराब कर दिया। आम आदमी पार्टी करेगी विरोधअंकुश नारंग ने कहा कि अगर मेयर ने जल्द ही अपना वादा पूरा नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। उन्होंने कहाकि भाजपा के झूठ के खिलाफ आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर खड़ी होगी। आम आदमी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली की हरगली में रोशनी पहुंचे।