Rahul Gandhi Accuses BJP of ‘Vote Theft’ in Bihar, Says People Will Defend Democracy and the Constitution

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi today said that while BJP leaders and workers were voting at multiple places multiple times, the votes of Congress supporters, including Dalits, backwards and minorities, were being deliberately deleted from the electoral rolls. Addressing largely attended public rallies at Banka and Bhagalpur in Bihar today, Gandhi referred […]
भाजपा सरकार ने फिर किया बाबा साहब अंबेडकर का अपमान – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी का भाजपा पर बड़ा हमला कहा, सरकार दलित और अंबेडकर विरोधी हैआम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह डॉ. भीमराव अंबेडकरऔर दलित समाज के विरोध में काम कर रही है। दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली में आते ही सरकारीदफ्तरों से बाबा साहब की तस्वीरें हटाईं और अब स्कूलों से उनका नाम मिटा रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंसका नाम बदलकर सीएम स्कूल रखना दलित समाज का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो आमआदमी पार्टी आंदोलन करेगी। भाजपा को नए स्कूल बनाने हैं तो ‘सावरकर स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ बनाएसौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि भाजपा को नए स्कूल बनाने का इतना ही शौक है तो वे अपने नेता सावरकर के नाम पर स्कूल खोल सकते हैं। उन्होंनेकहा हमें कोई आपत्ति नहीं है अगर भाजपा ‘सावरकर स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ बना ले, लेकिन पहले से बने डॉ. अंबेडकर स्कूलों का नाम बदलनाशर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने बताया कि यह सरकार उन महापुरुषों की विरासत को मिटाने पर तुली है जिन्होंने समाज को समानता, शिक्षा औरअधिकारों की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। केजरीवाल सरकार में हर दफ्तर में बाबा साहब की तस्वीर होती थी, अब भाजपा सरकार ने हटा दी – कुलदीप कुमारआम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार में मुख्यमंत्री, मंत्री, डीएम, एसडीएम, सचिव और स्कूल प्रिंसिपल केकार्यालयों में बाबा साहब अंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीरें लगाई जाती थीं ताकि हर जगह समानता और प्रेरणा का संदेश जाए।उन्होंने कहा आज भाजपा सरकार में न तो भगत सिंह दिखते हैं, न बाबा साहब। अब हर दफ्तर में सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरें दिखाई देती हैं। यहसरकार महापुरुषों से नहीं, उनकी विचारधारा से भी नफरत करती है। सोशल मीडिया पर भी हो रहा बाबा साहब का अपमान, भाजपा सरकार मौनसौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर बाबा साहब अंबेडकर का अपमान किया गया। भाजपा समर्थित बड़े खातों(हैंडल्स) से अपशब्द और जातिसूचक टिप्पणियाँ की गईं, लेकिन केंद्र सरकार ने किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा न कोई खाता बंदकिया गया, न किसी को नोटिस भेजा गया। यह सब भाजपा की मिलीभगत से हुआ। उन्होंने कहा कि अब जब भाजपा ने स्कूलों से भी बाबा साहब कानाम हटाया है, तो यह साफ है कि यह सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि सोच-समझकर किया गया अपमान है। बाबा साहब अंबेडकर ज्ञान और संघर्ष के प्रतीक थेसौरभ भारद्वाज ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर न केवल संविधान निर्माता थे बल्कि शिक्षा के प्रतीक भी थे। उन्होंने कहा बाबा साहब ने उस समय मेंबॉम्बे से बी.ए., इंटरमीडिएट और स्नातक किया, फिर कोलंबिया विश्वविद्यालय से एम.ए., डबल एम.ए. और पी.एच.डी. की। लंदन से बैरिस्टर एटलॉ, एम.एससी और डॉक्टरेट ऑफ साइंस की। इतने बड़े विद्वान के नाम से बने स्कूलों का नाम हटाना अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्तिज्ञान और समानता का प्रतीक हो, उसके नाम को मिटाना समाज के भविष्य को अंधकार में ढकेलने जैसा है। खिचड़ीपुर में लोगों ने खुद लगाया दोबारा बाबा साहब का नाम वाला बोर्डसौरभ भारद्वाज ने बताया कि आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार और स्थानीय नागरिक खिचड़ीपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कूल ऑफस्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस पहुंचे। वहाँ भाजपा सरकार द्वारा लगाए गए सीएम स्कूल के बोर्ड को हटाकर लोगों ने दोबारा डॉ. भीमराव अंबेडकर का बोर्डलगाया। उन्होंने कहा यह सरकार के लिए एक संदेश है कि महापुरुषों की विरासत इस तरह मिटाई नहीं जा सकती। जनता बाबा साहब के सम्मान केलिए खुद खड़ी है। दिल्ली की भाजपा सरकार ने नौ महीनों में सिर्फ नाम बदलने का काम किया – कुलदीप कुमारकुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले नौ महीनों से सत्ता में है, लेकिन उसने कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा इस सरकार ने न कोईनई योजना शुरू की, न जनता को राहत दी। इसका काम सिर्फ नाम बदलना, स्टीकर बदलना और दिखावा करना रह गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुएबताया पहले मोहल्ला बसों का नाम बदलकर देवी बस कर दिया गया, फिर मोहल्ला क्लीनिक का नाम आरोग्य मंदिर रख दिया। अब अंबेडकर स्कूलोंका नाम बदल दिया गया है। यह सरकार जनता की सेवा नहीं, सिर्फ प्रचार करती है। क्या मुख्यमंत्री का नाम बाबा साहब अंबेडकर से बड़ा है?कुलदीप कुमार ने भाजपा सरकार से तीखा सवाल किया क्या दिल्ली की मुख्यमंत्री का नाम बाबा साहब अंबेडकर से बड़ा है? क्या वे संविधान निर्मातासे भी बड़ी हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही बाबा साहब की तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य दफ्तरों से हटवा दीं। उन्होंनेकहा दलित समाज यह सब देख रहा है कि भाजपा किस तरह बाबा साहब का अपमान कर रही है। यह मानसिकता संविधान विरोधी है। पूरी भाजपा और आरएसएस मिलकर भी बाबा साहब के बराबर नहीं हो सकतेकुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा और आरएसएस मिलकर भी बाबा साहब अंबेडकर के पैर की धूल के बराबर नहीं हैं। उन्होंने कहा भाजपा कीविचारधारा बाबा साहब के विचारों के ठीक विपरीत है। बाबा साहब ने समानता की बात की, भाजपा ने भेदभाव को बढ़ाया। बाबा साहब ने शिक्षाऔर अधिकारों की बात की, भाजपा ने अवसरों को छीना। उन्होंने कहा कि यह सरकार यदि सत्ता में कुछ और समय रही तो यह संविधान के मूल ढांचेको बदलने की कोशिश करेगी। जहाँ भी बाबा साहब के नाम के बोर्ड हटाए गए, लोग खुद लगाएंगेअंत में कुलदीप कुमार ने कहा कि खिचड़ीपुर सहित सभी जगहों पर जहाँ बाबा साहब के नाम के बोर्ड हटाए गए हैं, उन्हें तुरंत दोबारा लगाया जाए।उन्होंने कहा अगर सरकार नहीं सुधरी, तो हम खुद जाकर बोर्ड लगाएंगे और भाजपा सरकार हमें रोक नहीं पाएगी। बाबा साहब के नाम को मिटाने कीकोशिश करने वाले खुद मिट जाएंगे, लेकिन उनकी विचारधारा अमर रहेगी। भाजपा सरकार को सद्बुद्धि मिले आम आदमी पार्टी की अपीलआम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार से अपील की कि वह इस गलती को तुरंत सुधार ले और बाबा साहब अंबेडकर के नाम वाले स्कूलोंका नाम बहाल करे। पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ नाम का मामला नहीं है, बल्कि सम्मान और इतिहास की रक्षा का विषय है।सौरभ भारद्वाज ने कहाबाबा साहब अंबेडकर करोड़ों भारतीयों की प्रेरणा हैं। उनके नाम को मिटाकर कोई भी सरकार अम्बेडकर के आदर्शों को खत्म नहीं कर सकती। जितनाभाजपा उन्हें मिटाने की कोशिश करेगी, उतनी ही जनता उनके विचारों को याद करेगी।
हरियाणा में लोकतंत्र की हत्या, वोट चोरी के खिलाफ भारतीय युवा कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन-उदय भानु चिब बोले भाजपा और चुनाव आयोग ने जनता की सरकार छीनी

युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ शवयात्रा निकाली गईहरियाणा विधानसभा चुनाव में हुए कथित वोट चोरी के खिलाफ आज भारतीय युवा कांग्रेस ने राजधानी दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यहप्रदर्शन युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा और चुनावआयोग की कथित मिलीभगत के खिलाफ शवयात्रा निकाली और जोरदार नारे लगाए लोकतंत्र के हत्यारों को जवाब देना होगा, जनता का वोट जनताको दो, भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत नहीं चलेगी। युवा कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के ज़रिए यह संदेश दिया कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिएहर स्तर पर संघर्ष करेंगे और हरियाणा में हुई वोट चोरी को बेनकाब करेंगे। उदय भानु चिब ने लगाया बड़ा आरोप भाजपा और चुनाव आयोग ने मिलकर जनता की सरकार चुरा लीभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की जीत को भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चोरीकिया गया है। उन्होंने कहा हरियाणा में लोकतंत्र की हत्या हुई है। वोट चोरी करके जनता की सरकार छीनी गई है। इसका सबूत राहुल गांधी जी ने पूरेदेश के सामने रखा है। यह सिर्फ गलती नहीं, बल्कि संगठित फर्ज़ीवाड़ा है। उदय भानु चिब ने बताया कि हरियाणा की वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ियांमिली हैं। कई जगहों पर मॉडल की फोटो, डुप्लीकेट वोटर कार्ड और भूतिया मकानों के नाम पर वोट दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावआयोग के साथ मिलकर मतदाताओं की सूची में गड़बड़ी कर लोकतंत्र की नींव को हिला दिया है। उन्होंने कहा भाजपा ने हरियाणा में विकास नहींकिया, बल्कि वोट चोरी की है। हम जनता का वोट जनता को वापस दिलाकर रहेंगे। अब चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, भाजपा का चुनाव प्रबंधन विभाग बन चुका हैयुवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा आज चुनाव आयोग का मुख्य काम है लोकतंत्र की हत्याकराना, भाजपा को जिताना और जनता को हराना। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी की पत्रकार वार्ता में यह साफ हो गया कि चुनाव आयोग अबनिष्पक्ष संस्था नहीं रही। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट जोड़े गए, और एक ब्राजीलियन मॉडल के नाम पर 22 भारतीय वोट दर्जकिए गए। यह कोई गलती नहीं बल्कि भाजपा के इशारे पर किया गया सुनियोजित फर्जीवाड़ा है। उदय भानु चिब ने कहा हमारी शवयात्रा लोकतंत्र केहत्यारों को बेनकाब करने का प्रतीक है। जिनके हाथों में संविधान की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वही आज लोकतंत्र के गुनहगार बन चुके हैं। उन्होंने तीनअधिकारियों ज्ञानेश कुमार, सुखबीर संधू और विवेक जोशी को लोकतंत्र के हत्यारे बताते हुए कहा कि इन तीनों ने प्रधानमंत्री मोदी को जीत दिलाने केलिए ब्राजीलियन मॉडल लागू कर चुनावों में धांधली की।उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस इस आंदोलन को देश के हर गली, गांव और चौराहे तक लेकर जाएगी ताकि सच्चाई सबके सामने आए। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, कई गिरफ्तारइस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता युवा कांग्रेस कार्यालय से डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंगकर रोक दिया। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल थे। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडियाचेयरमैन वरुण पांडेय ने बताया कि भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओंको गिरफ्तार कर लोकतंत्र का मज़ाक बनाया है। विरोध में शामिल वरिष्ठ युवा कांग्रेस नेताओं की उपस्थितिइस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। राष्ट्रीय महासचिव और दिल्ली प्रभारी खुशबू शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव विकासचिकारा,राष्ट्रीय सचिव और हरियाणा प्रभारी सत्यवान गहलोत, राष्ट्रीय सचिव और दिल्ली सह प्रभारी हरि कृष्णा, हैंवरन कंसाना, दिल्ली प्रदेश युवाकांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निशित कटारिया और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने कहा कि युवाकांग्रेस राहुल गांधी जी के नेतृत्व में लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर चुकी है और भाजपा तथा चुनाव आयोग की मिलीभगत को उजागरकरती रहेगी। हम लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैंअंत में उदय भानु चिब ने कहा हम यह लड़ाई किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। हम यह नहीं होने देंगे कि जनताका वोट, सत्ता के लोभी नेताओं के कब्जे में चला जाए। भाजपा और चुनाव आयोग की साजिश को हम सफल नहीं होने देंगे। हमारा संघर्ष तब तकजारी रहेगा जब तक जनता की सरकार जनता को वापस नहीं मिल जाती।
दिल्ली नगर निगम ने मनाया वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का पर्व, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने किया स्कूल वेब ऐप का शुभारंभ

दिल्ली में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ भव्य कार्यक्रमदिल्ली नगर निगम ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम देशभक्ति, शिक्षा और तकनीक के संगम का प्रतीक बना। इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, उपमहापौर जय भगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा, और निगम आयुक्त अश्वनी कुमार सहितकई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल वेब ऐप का अनावरण किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्रमें एक नया और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद बोले सरकारी स्कूलों को फिर से गौरवशाली बनाएंगेकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आशीष सूद, शिक्षा मंत्री, दिल्ली सरकार ने कहा कि यह दिन इतिहास में दर्ज होने योग्य है। उन्होंने कहा-आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के साथ-साथ स्कूल वेब ऐप का शुभारंभ एक नए युग की शुरुआत है। यह ऐप भारत की शिक्षा व्यवस्था मेंडिजिटल क्रांति लाने वाला साबित होगा। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में आपके पोते-पोतियां भी गर्व से सरकारी स्कूलों में पढ़ें। सूद ने कहाकि दिल्ली सरकार की मंशा है कि हर सरकारी स्कूल को स्मार्ट क्लास से जोड़ा जाए। आने वाले समय में सभी स्कूलों में आईसीटी लैब, भाषा लैबऔर एआई आधारित शिक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब बच्चों की उपस्थिति चेहरा पहचान प्रणाली से होगी और शिक्षकों काप्रशिक्षण भी एआई के माध्यम से होगा। सूद ने यह भी कहा किदिल्ली नगर निगम और सरकार मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्कूल को आर्थिक कमी का सामना न करना पड़े। हमारे शिक्षक सबसेप्रतिभाशाली हैं और हम उन्हें हर तकनीकी सुविधा देंगे। महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने किया राष्ट्रगीत को नमनदिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति समर्पण, श्रद्धा और गर्व कीप्रतीक है। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत देश की आत्मा में बसता है और हमें अपनी मातृभूमि के प्रति कर्तव्य याद दिलाता है।उन्होंने कहा आज का समय तकनीक और नवाचार का है। शिक्षा ही वह क्षेत्र है जहां हम नई सोच और आधुनिक तकनीक को जोड़ सकते हैं।महापौर ने बताया कि अब अभिभावक भी स्कूल वेब ऐप के माध्यम से अपने बच्चों की प्रगति रिपोर्ट, उपस्थिति और गृहकार्य एक क्लिक में देखसकेंगे। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया सरकारी स्कूल अब निजी स्कूलों से बेहतरशिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि आज का दिन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के गौरव की याद दिलाने वाला अवसर है।उन्होंने कहा,हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बच्चों को तकनीक के साथ आगे बढ़ाना है। इस दिशा में स्कूल वेब ऐप एक बड़ा कदम है जोस्कूलों की गतिविधियों को और प्रभावशाली बनाएगा। उन्होंने गर्व से कहा कि आज दिल्ली नगर निगम के विद्यालय किसी भी मायने में निजीविद्यालयों से पीछे नहीं हैं। हमारे शिक्षक अधिक प्रतिभाशाली और योग्य हैं क्योंकि वे कड़े चयन प्रक्रिया से होकर यहां पहुंचे हैं। योगेश वर्मा ने बतायाकि स्कूलों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 18 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिससे हर विद्यालय को 1 से 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावाशिक्षण सामग्री और बॉयज फंड के लिए भी राशि दी जाएगी। निगम आयुक्त अश्वनी कुमार बोले हर बच्चे तक पहुंचे वंदे मातरम् की भावनादिल्ली नगर निगम के आयुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् के माध्यम से देश को मां का दर्जा दिया। उन्होंने कहाहम सबको इस गीत के अर्थ को समझना और बच्चों तक पहुंचाना चाहिए। आने वाले एक वर्ष में हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चा वंदे मातरम् कोगाए और उसके भाव को समझे। आयुक्त ने बताया कि यह वेब ऐप पूरी तरह दिल्ली नगर निगम द्वारा विकसित किया गया है, जो बहुत ही सरल औरउपयोग में आसान है। छोटे बच्चे भी इसे आसानी से चला सकेंगे। इस ऐप की मदद से शिक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी और माता-पिता को बच्चों कीपढ़ाई की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों के अंदर देशभक्ति और नैतिकता की भावनापैदा करना है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी शामइस अवसर पर छात्रों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उपस्थित स्टार पैरेंट्स को सम्मानित किया गया और उन्हेंपरिचय पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का माहौल गर्व, उमंग और देशभक्ति से भरा हुआ था। मंच पर उपस्थित हर व्यक्ति ने वंदे मातरम् केजयघोष से कार्यक्रम को एकता और गर्व का उत्सव बना दिया। शिक्षा और तकनीक का नया संगमयह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह इस बात का प्रतीक था कि अब दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल औरआधुनिक बनने की ओर बढ़ रही है। स्कूल वेब ऐप के ज़रिए माता-पिता, शिक्षक और छात्र तीनों एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ेंगे। इससे शिक्षा मेंपारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी।
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगी निःशुल्क बस सेवा – मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह

पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड से अब ट्रांसजेंडर्स कर सकेंगे मुफ्त सफरदिल्ली सरकार ने राजधानी में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। समाज कल्याण, एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने घोषणा की है कि ट्रांसजेंडर समुदाय को जल्द ही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसोंमें निःशुल्क बस सेवा का लाभ मिलेगा। यह सेवा पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ट्रांसजेंडर्स बिना किसी शुल्कके बसों में यात्रा कर सकेंगे। मंत्री ने बताया कि यह पहल न केवल उनके आवागमन को आसान बनाएगी बल्कि उन्हें समाज में गरिमा और सम्मान केसाथ जीने की दिशा में भी सशक्त करेगी। परिवहन विभाग को दिए निर्देश ड्राइवरों और कंडक्टरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षणमंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बताया कि इस नई योजना के सुचारू संचालन के लिए परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सेवा शुरू होने सेपहले बसों के ड्राइवरों, कंडक्टरों और मार्शल्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है किट्रांसजेंडर यात्रियों के साथ बसों में किसी भी प्रकार का भेदभाव या असुविधा न हो। सभी कर्मियों को संवेदनशीलता, व्यवहारिक शिष्टाचार औरसम्मानजनक संवाद के बारे में जागरूक किया जाएगा। हम चाहते हैं कि ट्रांसजेंडर समुदाय जब बस में सफर करे, तो उन्हें महसूस हो कि यह शहर उनकाभी है सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान के तहत नई पहलमंत्री ने बताया कि यह योजना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रही दिल्ली सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें हर वंचित वर्ग को सम्मानऔर बराबरी के अवसर देने पर ज़ोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका लिंग, जाति यापहचान कुछ भी हो, समाज की मुख्यधारा से अलग महसूस न करे। हम सबका विकास तभी संभव है जब सबका सम्मान हो। सरकारी योजनाओं में अब ट्रांसजेंडर का विकल्प भी अनिवार्यरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बताया कि समाज कल्याण और एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण विभागों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि सभी सरकारीयोजनाओं के आवेदन प्रपत्रों में ट्रांसजेंडर का विकल्प अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। इससे ट्रांसजेंडर समुदाय को सरकारी योजनाओं का लाभलेने में कोई बाधा नहीं आएगी। मंत्री ने कहा कि यह कदम प्रशासनिक स्तर पर समावेशिता और समान अधिकारों की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाएगा। मुफ्त बस सेवा से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मानमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक यातायात सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा ट्रांसजेंडर समुदाय लंबे समयसे सामाजिक भेदभाव और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करता आया है। निःशुल्क बस सेवा से उन्हें न केवल सफर की सुविधा मिलेगी, बल्किशिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने जोड़ा कि यह योजना ट्रांसजेंडर्स की आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास कोबढ़ाएगी, जिससे वे समाज के हर क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूती से निभा सकेंगे। प्रशिक्षण से बदलेंगे व्यवहार और दृष्टिकोणपरिवहन विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देशों में मंत्री ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया है कि बस स्टाफ को ट्रांसजेंडर यात्रियों के प्रति संवेदनशीलव्यवहार अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में काम करने वाले हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि ट्रांसजेंडरसमुदाय को सम्मान, समानता और सुरक्षा मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। सरकार का लक्ष्य समानता और सम्मान से भरा समाज बनानामंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि यह पहल दिल्ली सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जो एक ऐसे समाज की कल्पना करती है जहाँ किसी के साथभेदभाव या उपेक्षा न हो। उन्होंने कहा “दिल्ली सरकार मानती है कि ट्रांसजेंडर्स भी इस समाज के समान रूप से सम्मानित नागरिक हैं। इसलिए हम उन्हेंहर सुविधा और अवसर देंगे जो समाज के अन्य नागरिकों को मिलते हैं। यह योजना समानता की दिशा में बड़ा कदम हैसमाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने अंत में कहा कि यह पहल केवल बस सेवा नहीं है, बल्कि यह सम्मान की यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहाकि जल्द ही पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के ज़रिए ट्रांसजेंडर समुदाय निःशुल्क सफर कर सकेगा। सरकार चाहती है कि यह योजना पूरे देश के लिए एकमॉडल बने।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह बोले – सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और मेडिकल सुविधाओं की कोई कमी नहीं है

मीडिया रिपोर्ट पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी सफाई, बताया खबरें भ्रामक और निराधार हैंदिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने राजधानी के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी को लेकर चल रही मीडिया रिपोर्टों कास्पष्ट रूप से खंडन किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां, इंजेक्शन, वैक्सीन और मेडिकल उपकरणपर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने बिना सही जानकारी लिए रिपोर्ट प्रकाशित कर दी, जिससे लोगों में भ्रमऔर डर फैल रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपने नागरिकों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री ने सभी अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी, पाया दवाइयों की कोई कमी नहींडॉ. पंकज कुमार सिंह ने मीडिया रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों से दवाइयों के स्टॉक की रिपोर्ट मंगवाई। उन्होंनेखुद समीक्षा बैठक की और अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट्स से जानकारी ली। समीक्षा में पाया गया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल(एलएनजेपी), संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सहित सभी सरकारीअस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त मात्रा मौजूद है। इन रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एमिकैसिन, मेरोपेनम, वैनकोमाइसिन, डेक्सामेथासोन, नॉर्मल सलाइन बोतल, आईवी कैनुला, एंटीबायोटिक्स, और वैक्सीन जैसी सभी ज़रूरी और जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध हैं। अस्पतालों ने कहा मीडिया रिपोर्ट गलत, सभी दवाइयां उपलब्ध हैंलोकनायक अस्पताल की रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया कि मीडिया में प्रकाशित खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं। अस्पतालप्रशासन ने कहा कि सभी दवाइयां दिल्ली सरकार की अनुमोदित सूची के अनुसार उपलब्ध हैं और किसी भी दवा की कमी नहीं है। अस्पताल मेंदवाइयों के स्टॉक की रोजाना निगरानी की जाती है। यदि किसी दवा की कमी होती है, तो तुरंत सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी के माध्यम से उसकी आपूर्तिकर दी जाती है। संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल, मंगोलपुरी ने भी रिपोर्ट में लिखा है कि वहां लाइफ सेविंग दवाइयां और मेडिकल सामान पूरी तरहसे उपलब्ध हैं और मरीजों को लगातार दवाएं मिल रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा बिना पुष्टि के खबरें न फैलाएंडॉ. पंकज कुमार सिंह ने मीडिया को जिम्मेदारी से काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, सरकारी अस्पतालों से मिलने वाली मुफ्त दवाइयां जनता कीज़रूरत हैं। इसलिए मीडिया को बिना जांच किए ऐसी खबरें नहीं फैलानी चाहिए जिनसे लोगों में डर या भ्रम पैदा हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकारकी प्राथमिकता है कि हर नागरिक को इलाज के लिए दवाइयां और मेडिकल सुविधाएं मुफ्त और समय पर मिलें। कुछ दवाइयां सूची में नहीं, पर उनके विकल्प मौजूद हैंअस्पतालों की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ दवाइयां जैसे लाइनजोलिड इंजेक्शन और आइप्रावेंट सिरप कुछ जगहों पर उपलब्ध नहीं हैंक्योंकि ये आवश्यक दवा सूची (EDL) में शामिल नहीं हैं। हालांकि, इन दवाइयों के उपयुक्त विकल्प अस्पतालों में मौजूद हैं और मरीजों कोवैकल्पिक दवाइयां दी जा रही हैं ताकि किसी को असुविधा न हो। सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी से दवाओं की नियमित आपूर्तिदिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के माध्यम से की जाती है। यह एजेंसी हर दिन अस्पतालों कोआवश्यक दवाएं, इंजेक्शन, और मेडिकल सामग्री भेजती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह व्यवस्था बहुत मजबूत और पारदर्शी है। किसी भीकमी की स्थिति में तुरंत आदेश जारी होता है और कुछ ही घंटों में दवा उपलब्ध करा दी जाती है। दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता हर नागरिक तक मुफ्त इलाज और दवाइयांस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार सभी नागरिकों को मुफ्त दवाइयां, सस्ता इलाज और आधुनिक चिकित्सासुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मरीज आर्थिक तंगी की वजह सेइलाज से वंचित न रह जाए। अस्पतालों में सुविधाएं और दवाइयों की आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जनता से अपील अफवाहों पर नहीं, सरकारी सूचना पर भरोसा करेंस्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली की जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या झूठी खबर पर ध्यान न दें। सही जानकारी के लिए केवल सरकार केआधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा, दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देनाहमारा कर्तव्य है। जनता को डराने वाली गलत खबरों से नुकसान केवल जनता का होता है, इसलिए ऐसी अफवाहों से बचें। दिल्ली की सेहत सरकार की जिम्मेदारी हैस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने दोहराया कि सरकारी अस्पतालों में किसीभी तरह की दवाओं या मेडिकल सामग्री की कमी नहीं है। उन्होंने कहा दिल्ली की जनता निश्चिंत रहे। सरकार हर ज़रूरी दवा, वैक्सीन और इलाज कीसुविधा हर अस्पताल तक पहुँचा रही है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मरीज दवा की कमी से परेशान न हो।
वंदे मातरम् के 150 साल पूरे-शिक्षा मंत्री आशीष सूद बोले आज दिल्ली की समस्याओं से दिल्ली को मुक्त कराना ही युवाओं का सच्चा वंदेमातरम् है

केजी मार्ग पर एनसीसी का भव्य आयोजन, गूंजा वंदे मातरम् का स्वरदिल्ली के दिल में, केजी मार्ग स्थित वॉर मेमोरियल के पास आज का दिन देशभक्ति से भरा हुआ था। एनसीसी निदेशालय, दिल्ली ने वंदे मातरम् के150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम देश की एकता, वीरता और युवाओं की शक्ति का प्रतीक बनगया। समारोह में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मंच पर पहुँचते ही एनसीसी के कैडेट्स, अधिकारियों और युवाओं का अभिवादन किया और उनके बीच जोश से भरा भाषण दिया। उनके शब्दों में राष्ट्रप्रेम, संकल्प और युवा शक्ति का संदेशसाफ़ झलक रहा था। समारोह में उपस्थित सैकड़ों युवाओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाकर वातावरण को उत्साह और गर्व से भरदिया। शिक्षा मंत्री आशीष सूद का प्रेरक संदेश आप ही भारत का भविष्य हैंअपने संबोधन में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आज जो युवा एनसीसी की वर्दी पहनकर यहाँ खड़े हैं, वही भारत की ताकत और भविष्य हैं।उन्होंने कहा कि जब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में वंदे मातरम् लिखा था, तब वह उस भारत को पुकार रहे थे जो गुलामी की अंधेरी रात सेनिकलकर आज़ादी की सुबह ढूंढ़ रहा था। इस गीत ने उस समय हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की आग जलाई थी और आज भी यह गीत उसीभावना को जीवित रखे हुए है। सूद ने कहा कि 1905 में जब कोलकाता के टाउन हॉल में हजारों लोग वंदे मातरम् के नारे लगा रहे थे, तब पूरी दुनियाने भारत के अदम्य साहस को देखा था। उन्होंने कहा कि आज 150 साल बाद जब भारत अमृतकाल में है, तब वंदे मातरम् केवल इतिहास नहीं बल्किहमारे भविष्य का मंत्र बन चुका है। प्रदर्शनी में दिखाई गई वंदे मातरम् की गौरवशाली यात्राइस अवसर पर एनसीसी निदेशालय द्वारा एक सुंदर प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें वंदे मातरम् गीत की 150 वर्षों की यात्रा को बड़े ही मनमोहक ढंगसे दिखाया गया था। प्रदर्शनी में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन, उनके लेखन और उस समय की परिस्थितियों को विस्तार से बताया गया था।शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि यह देखकर गर्व होता है कि हमारे युवा अपने इतिहास और संस्कृति को समझ रहेहैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह हमारी आत्मा की आवाज़ है। इसमें देश के प्रति समर्पण, बलिदान और एकता कीभावना बसती है। प्रधानमंत्री मोदी के विचारों का उल्लेख वंदे मातरम् माँ भारती का आशीर्वाद हैसूद ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बिल्कुल सही कहा था कि वंदे मातरम् एकऐसा शब्द है जिसमें अनगिनत भावनाएँ और ऊर्जा छिपी हैं। यह गीत हमें माँ भारती का आशीर्वाद देता है और हमें हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।सूद ने कहा कि आज इस गीत का अर्थ यह है कि हम भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाएँगे। उन्होंने कहा कि अगर हर युवा अपने जीवन मेंअनुशासन, सेवा और समर्पण को अपनाए, तो भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा और यह गीत फिर से हमारी प्रेरणा बनेगा। दिल्ली की चुनौतियाँ और युवाओं की जिम्मेदारीअपने संबोधन में सूद ने कहा कि दिल्ली सिर्फ़ एक शहर नहीं, बल्कि भारत का दिल है। यह वह राजधानी है जहाँ हर भाषा, हर संस्कृति और हर सपनाएक साथ धड़कता है। लेकिन आज दिल्ली कई बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, यमुना की सफाई, बिजली और ट्रैफिक कीसमस्या, और जगह-जगह फैला कूड़ा-कचरा ये सब वो मुद्दे हैं जिनसे दिल्ली को मुक्त कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी हमेशा कहते हैं कि अगर 140 करोड़ भारतीय हर दिन एक समस्या पर एक कदम बढ़ाएँ, तो देश एक ही दिन में 140 करोड़ कदम आगे बढ़जाएगा। उसी तरह अगर दिल्ली के तीन करोड़ नागरिक हर दिन सिर्फ़ एक कदम दिल्ली की समस्याएँ हल करने की दिशा में बढ़ाएँ, तो दिल्ली हर दिनतीन करोड़ कदम आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इन तीन करोड़ कदमों का नेतृत्व दिल्ली के युवा करेंगे और यही युवाओं का सच्चा वंदे मातरम्होगा। एनसीसी कैडेट्स देश की अनुशासन और सेवा भावना के प्रतीक हैंसूद ने एनसीसी कैडेट्स की तारीफ़ करते हुए कहा कि आप केवल यूनिफॉर्म नहीं पहनते, बल्कि देश की सेवा, एकता और अनुशासन को अपने जीवनमें जीते हैं। उन्होंने कहा कि हर एनसीसी परेड, हर ड्रिल और हर सेवा कार्य यह साबित करता है कि भारत का भविष्य अब सुरक्षित हाथों में है। उन्होंनेकहा कि एनसीसी केवल एक संस्था नहीं, बल्कि यह युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में तैयार करने वाला सबसे मजबूत मंच है।एनसीसी हमें सिखाती है कि कैसे कठिन समय में भी धैर्य, साहस और अनुशासन बनाए रखा जाए। दिल्ली में बनेगी आधुनिक एनसीसी अकादमीइस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने एनसीसी के विस्तार को स्वीकृति दे दी है और अब दिल्लीमें एक आधुनिक एनसीसी अकादमी बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह अकादमी सिर्फ़ एक इमारतनहीं होगी, बल्कि यह नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की प्रयोगशाला होगी। यहाँ आने वाले छात्र और कैडेट्स न केवल शारीरिक रूप से मजबूतबनेंगे, बल्कि उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी और अधिक गहरी होगी। वंदे मातरम् को भविष्य का मिशन बनाने का संकल्पअपने संबोधन के अंत में आशीष सूद ने युवाओं से आह्वान किया कि वे वंदे मातरम् को केवल इतिहास का एक गीत न समझें, बल्कि इसे अपने जीवनका मिशन बना लें। उन्होंने कहा कि आज वंदे मातरम् का मतलब है देश की सेवा को अपने स्वार्थ से ऊपर रखना, कठिन परिस्थितियों में भी अनुशासनबनाए रखना, समाज और प्रकृति के लिए काम करना और विकसित भारत का सपना साकार करना। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सबमिलकर इस मंत्र को जीवन में उतारें और अपने हर कार्य में देश के प्रति प्रेम और निष्ठा दिखाएँ। युवाओं की ऊर्जा से बदलेगी दिल्ली और देश की तस्वीरकार्यक्रम का समापन बहुत ही उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। एनसीसी के कैडेट्स ने देशभक्ति गीतों और परेड के माध्यम से अपनी प्रतिभा औरअनुशासन का प्रदर्शन किया। पूरे परिसर में तिरंगे की रोशनी जगमगा रही थी और वंदे मातरम् की गूंज हर दिल में देशप्रेम की लहर पैदा कर रही थी।शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अपने अंतिम शब्दों में कहा कि आज का वंदे मातरम् यही है दिल्ली को उसकी समस्याओं से मुक्त कराना, भारत कोविकसित बनाना और माँ भारती की सेवा में समर्पित रहना। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने भीतर के देशप्रेम को कभी मंद न होने दें, क्योंकि वहीअसली शक्ति है जो भारत को नए युग में ले जाएगी।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर दिल्ली विधानसभा में गूंजा देशभक्ति का स्वर-भारत की एकता और गौरव का उत्सव

दिल्ली विधानसभा में ऐतिहासिक क्षण वंदे मातरम् की स्मृति पट्टिका का अनावरणदिल्ली विधानसभा आज एक अद्भुत ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी, जब ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस अमर गीत की पूर्णरचना अंकित स्मृति पट्टिका का अनावरण किया गया। पूरा विधानसभा भवन तिरंगे की रोशनी से आलोकित था, जो भारत की एकता, गौरव औरदेशभक्ति का प्रतीक बन गया। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, विधायक संजय गोयल, कर्नैलसिंह, डॉ. अनिल गोयल और चन्दन कुमार चौधरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। वंदे मातरम् भारत की आत्मा है विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ताअपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, वंदे मातरम् भारत की आत्मा है, जो 140 करोड़ भारतीयों को गर्व और श्रद्धा के एक स्वर मेंजोड़ता है उन्होंने कहा कि यह स्मृति पट्टिका आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाएगी और उन्हें मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणादेती रहेगी। गुप्ता ने बताया कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवम्बर 1875 को वंदे मातरम् की रचना की थी। बाद में यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यासआनंदमठ (1882) में शामिल हुआ। इस रचना में भारत माता को तीन रूपों देवी स्वरूप, पीड़ित स्वरूप और पुनरुत्थान की प्रतीक के रूप में चित्रितकिया गया है, जो भारत की दासता से पुनर्जागरण तक की यात्रा को दर्शाता है। वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का घोष बनागुप्ता ने कहा कि वंदे मातरम् वह गीत है जिसने पूरे देश को स्वतंत्रता की भावना से एकजुट किया। उन्होंने बताया कि इसे 1896 के कांग्रेस अधिवेशनमें पहली बार रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने गाया था और 1905 के बंग-भंग आंदोलन के दौरान यह गीत पूरे भारत में गूंज उठा। उन्होंने कहा भगत सिंह की भारतमाता की जय की पुकार से लेकर भीकाजी कामा द्वारा बर्लिन में लहराए गए तिरंगे पर अंकित वंदे मातरम् तक यह गीत हर देशभक्त के हृदय की प्रेरणारहा है। वंदे मातरम् किसी राजनीति का नहीं, भारत की एकता का प्रतीक हैविधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वंदे मातरम् किसी धर्म, क्षेत्र या राजनीति से जुड़ा नहीं, बल्कि यह भारत की एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंनेनागरिकों से आह्वान किया कि वे वंदे मातरम् के 150 वर्ष के इस वर्षभर चलने वाले उत्सव में सहभागी बनें और इसे राष्ट्रभक्ति के संकल्प के रूप मेंअपनाएं। गुप्ता ने कहा वंदे मातरम् भारत की शक्ति, साहस और दिव्यता का काव्य रूप है। यह वह अमर गान है जो हमारी आत्मा और राष्ट्र को एकसूत्र में बांधता है। उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट का संदेश बलिदान और आदर्शों की याददिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मोहन सिंह बिष्ट ने इस अवसर पर कहा कि ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।उन्होंने कहा यह गीत हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और आदर्शों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया। यहभारत की सांस्कृतिक एकता और कालातीत भावना का प्रतीक है जो हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। साहित्य कला परिषद के कलाकारों ने सजाई देशभक्ति की शामइस अवसर पर साहित्य कला परिषद के कलाकारों ने गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ की भावना को सजीव किया। देशभक्ति सेओतप्रोत प्रस्तुतियों ने भारत की संस्कृतिक विविधता, स्वतंत्रता संग्राम की यादें और मातृभूमि के प्रति प्रेम को मंच पर साकार कर दिया। पूरी दिल्लीविधानसभा तिरंगे के रंगों में नहाई हुई थी केसरिया साहस का, सफेद शांति का, और हरा समृद्धि का प्रतीक बनकर। यह दृश्य हर भारतीय के हृदय मेंगर्व और एकता की भावना जगा गया। वंदे मातरम् भारत की पहचान की जीवित धड़कनदिल्ली विधानसभा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्मृति नहीं, बल्कि एक संदेश था कि वंदे मातरम् कोई साधारण गीत नहीं, बल्कि भारत कीपहचान की जीवित धड़कन है। यह गीत हमें बार-बार यह याद दिलाता है कि हमारी असली शक्ति हमारी एकता, संस्कृति और मातृभूमि के प्रति श्रद्धामें निहित है। इस आयोजन ने राष्ट्रप्रेम की उस भावना को फिर से जीवित किया, जिसने आज़ादी की लड़ाई में करोड़ों भारतीयों को एकजुट किया था। समापन संदेश वंदे मातरम् का अमर संदेश, सदियों तक गूंजता रहेगावंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का यह पर्व केवल इतिहास की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रेरणा है। दिल्ली विधानसभा ने इस आयोजनके माध्यम से पूरे देश को यह संदेश दिया कि जब तक भारत माता के प्रति प्रेम हमारे दिलों में है, तब तक वंदे मातरम् की गूंज इस धरती पर अमररहेगी।