महापौर का बड़ा ऐलान: अब नहीं लगेगा AAP सरकार का यूजर्स सरचार्ज

नई दिल्ली, 20 मई:दिल्ली नगर निगम द्वारा 2025-26 के बजट में लगाए गए “यूजर्स सरचार्ज” को लेकर हुए विरोध के बीच दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा केआग्रह पर महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने इस सरचार्ज की वसूली को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। साथ ही, बकाया संपत्ति करदाताओं को राहत देते हुए एक सेटलमेंट योजना की भी घोषणा की गई है। दिल्ली भाजपा द्वारा आयोजित बैठक में विभिन्न आरडब्लूए और नागरिक संगठनों ने यूजर्स सरचार्ज के खिलाफ आपत्ति जताई। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहाकि आम आदमी पार्टी ने बिना चर्चा के यह सरचार्ज लागू किया, जो नियम प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि इस परनागरिकों और व्यापारिक संगठनों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। महापौर ने बैठक में बताया कि अब कोई अतिरिक्त यूजर्स चार्ज नहीं लिया जाएगा और जल्द ही एक प्राइवेट मेंबर प्रस्ताव नगर निगम में लायाजाएगा। इसके अलावा हाउस टैक्स एमनेस्टी स्कीम के तहत पिछले 5 सालों के कर जमा कर एनओसी दी जाएगी, बिना किसी ब्याज और जुर्माने के। महापौर ने यह भी कहा कि आरडब्लूए द्वारा दिए गए सुझावों पर क्षेत्रीय स्तर पर नगर निगम की बैठकें आयोजित की जाएंगी।
भारत में वक्फ अधिनियम के खिलाफ विराध प्रदर्शन के दौरान भड़की मुर्शिदाबाद हिंसा, बीजेपी ने साधा पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना

भाजपा में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की मुर्शिदाबाद हिंसा से निपटने के तरीके को लेकर ममता बनर्जी केनेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला किया. पार्टी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को उन्होंने कहा कि तथ्य-खोजी एसआईटी की रिपोर्टसे हिंदुओं के प्रति सरकार की क्रूरता का पता चला है. हिंसा के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने उन पर टीएमसीनेताओं की कार्रवाई की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुर्शिदाबाद हिंसा पर एसआईटी की रिपोर्ट नेस्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि हिंदुओं को निशाना बनाकर हिंसा की गई थी और इसमें टीएमसी नेता शामिल थे और पुलिस का रवैया हिंसा को रोकनेके बजाय टीएमसी नेताओं की कार्रवाई की अनदेखी करने वाला प्रतीत होता है. ममता का कट्टरपंथियों के लिए असीम लगावउन्होंने कहा ‘मुर्शिदाबाद से पहलगाम तक हिंदुओं को निशाना बनाकर उनके खिलाफ हिंसा का सिलसिला साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. मुर्शिदाबादहिंसा में जिस तरह से तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे ममता बनर्जी सरकार की हिंदुओं के प्रति क्रूरता और कट्टरपंथियों के प्रति असीम लगाव का पताचलता है. यह तब हुआ जब कलकत्ता उच्च न्यायालय की तरफ से गठित तथ्य-खोजी समिति ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा पर अपनीरिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया गया कि हिंसा के दौरान बेतबोना गांव में 113 घर बुरी तरह प्रभावित हुए. इसमें कहा गया कि अधिकांश लोगों नेमालदा में शरण ली थी. लेकिन बेतबोना गांव में पुलिस प्रशासन ने सभी को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया. रिपोर्ट में कहा गया, ‘हमले स्थानीयपार्षद की तरफ से निर्देशित किए गए थे और कहा कि स्थानीय पुलिस पूरी तरह से “निष्क्रिय और अनुपस्थित” थी. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि लोगअपनी सुरक्षा के लिए स्थायी बीएसएफ कैंप और केंद्रीय सशस्त्र बल चाहते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है, ‘पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया।बेतबोना के ग्रामीण ने शुक्रवार को शाम चार बजे और शनिवार को शाम चार बजे फोन किया, लेकिन पुलिस ने फोन नहीं उठाया . रिपोर्ट में आगे कहागया है, ‘एक आदमी गांव में वापस आया और उसने देखा कि किन घरों पर हमला नहीं हुआ है और फिर बदमाशों ने आकर उन घरों में आग लगा दी. बदमाशों ने काटे पानी कनेक्शनबदमाशों ने पानी का कनेक्शन काट दिया ताकि आग को पानी से न बुझाया जा सके इसमें कहा गया है, ‘बदमाशों ने घर के सभी कपड़ों को मिट्टी केतेल से जला दिया और घर की महिला के पास तन ढकने के लिए कपड़े नहीं थे. रिपोर्ट में हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास की हत्या का जिक्रकरते हुए कहा गया है, ‘उन्होंने घर का मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और उसके बेटे और उसके पति को ले गए और उनकी पीठ पर कुल्हाड़ी से वार किया. एक आदमी तब तक वहां इंतजार कर रहा था जब तक वे मर नहीं गए.
अशोका विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर को हिला सैन्य अफसरों कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर विवादित टिप्पणी के मामले में अंतरिम जमानत, जानें क्या है पूरा मामला

हरियाणा के अशोका विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर और राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख अली खान महमूदाबाद को महिला सैन्य अफसरोंकर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट नेमहमूदाबाद को सीजेएम, सोनीपत की संतुष्टि के लिए जमानत बांड भरने को भी कहा है. साथ ही अली खान महमूदाबाद को निर्देश दिया है कि वे हदोनों पोस्ट से संबंधित कोई भी ऑनलाइन लेख नहीं लिखेंगे या कोई भी ऑनलाइन भाषण नहीं देंगे जो जांच का विषय है. सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेशइसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भारतीय धरती पर आतंकवादी हमलों या हमारे राष्ट्र द्वारा दी गई जवाबी प्रतिक्रिया के बारे में कोई भी टिप्पणी करनेसे रोक दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने तीन आईपीएस अधिकारियोंवाली एक एसआईटी के गठन का भी आदेश दिया है. इस समिति में एक महिला अधिकारी भी शामिल होगी जो राज्य से बाहर की होगी. सुप्रीम कोर्टने निर्देश दिया है कि 24 घंटे के भीतर एसआईटी का गठन किया जाए, एसोसिएट प्रोफेसर जांच में शामिल होंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे. बतादें कि इससे पहले, महिला सैन्य अफसरों पर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में अशोका विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रो. अली खान महमूदाबादको 27 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. एमआईसी आजाद सिंह की कोर्ट में किया गया पेशरिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने प्रो. अली को जेएमआईसी आजाद सिंह की कोर्ट में पेश किया lE। पुलिस ने प्रोफेसर का सात दिन कीरिमांड और मांगी, लेकिन कोर्ट ने मांग खारिज कर दी. अदालत ने पुलिस को 60 दिनों में केस का चालान पेश करने की हिदायत दी थी इस दौरानपुलिस ने दलील दी थी कि प्रो. अली से बरामद लैपटॉप व मोबाइल डाटा को रिकवर करने के बाद उसकी जांच करनी है पासपोर्ट व खातों से लेनदेनकी जांच भी करनी है दलीलें सुनने के बाद भी कोर्ट ने पुलिस रिमांड की मांग खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा, अगर पुलिस को लगता है कि रिमांड कीजरूरत है तो वह नए सिरे से प्रार्थना पत्र दायर करे. हरियाणा राज्य महिला आयोग ने की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने हाल ही में एसोसिएट प्रोफेसर कोनोटिस भेजकर उनकी टिप्पणियों पर सवाल उठाया था. हालांकि महमूदाबाद ने कहा था कि उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया है. उन्होंनेअभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का इस्तेमाल किया है. राज्य के डीजीपी को 16 मई को लिखे पत्र में एचएससीडब्ल्यू ने प्रथमदृष्टया साक्ष्य और मिसाल के आधार पर महमूदाबाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत भी की थी.
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ पहली नजर, ईडी ने किया दावा

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथाअन्य के खिलाफ पहली नजर में धन शोधन का ‘प्रथम मामला बनता है, ईडी ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के समक्ष मामले का संज्ञान लेने केसंबंध में प्रारंभिक दलीलें पेश कीं. इस बीच, न्यायाधीश ने ईडी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में अपने आरोपपत्र की एक प्रति भाजपा नेतासुब्रमण्यम स्वामी को उपलब्ध कराए, जिनकी निजी शिकायत के आधार पर ईडी ने वर्तमान मामला दर्ज किया था। इस मामले में बहस अभी चल रहीहै। धन संसोधन का प्रथम मामलाप्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथाअन्य के खिलाफ पहली नजर में धन शोधन का ‘प्रथम मामला बनता है. ईडी ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के समक्ष मामले का संज्ञान लेने केसंबंध में प्रारंभिक दलीलें पेश कीं. इस बीच, न्यायाधीश ने ईडी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में अपने आरोपपत्र की एक प्रति भाजपा नेतासुब्रमण्यम स्वामी को उपलब्ध कराए, जिनकी निजी शिकायत के आधार पर ईडी ने वर्तमान मामला दर्ज किया था इस मामले में बहस अभी चल रहीहै. हाल ही में आरोपपत्र दाखिल करने वाली ईडी ने 2021 में अपनी जांच शुरू की थी. जब एक मजिस्ट्रेट अदालत ने 26 जून 2014 को स्वामी कीओर से दायर एक निजी शिकायत पर संज्ञान लिया था. नेशनल हेराल्ड धन शोधन मामले में संघीय एजेंसी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्तसॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि आरोपी तब तक “अपराध की आय का आनंद ले रहे थे. जब तक कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नवंबर2023 में नेशनल हेराल्ड से जुड़ी 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त नहीं कर ली. ईडी ने किया दावाईडी ने आगे दावा किया कि गांधी परिवार ने न केवल अपराध से प्राप्त धन को अर्जित करके धन शोधन किया, बल्कि उस पेसे को अपने पास भीरखा. ईडी ने बताया कि नेशनल हेराल्ड के संबंध में सोनिया गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और अन्य के खिलाफ प्रथम दृष्टया धन शोधन का मामलासामने आया है. इस बीच, न्यायाधीश ने संघीय एजेंसी को शिकायतकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी को एक प्रति उपलब्ध कराने का आदेश दिया. ईडी ने2021 में अपनी जांच शुरू करने के बाद हाल ही में अपना आरोपपत्र दाखिल किया. शनल हेराल्ड मामले में पहली शिकायत 2012 में दर्ज की गईथी. हालांकि, ईडी ने 2014 में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले की जांच शुरू की. यह तब हुआ जब एक ट्रायल कोर्ट ने2012 में स्वामी की ओर से दायर एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर अनियमितताओं की आयकर जांच का संज्ञान लिया था. आरोपों केअनुसार 2010 में, नेशनल हेराल्ड प्रकाशित करने वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) में 1,057 शेयरधारक थे. नेशनल हेराल्ड का किया प्रकाशन बंदशिकायत के अनुसार, गांधी परिवार ने धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और विश्वासघात के जरिए यंग इंडियन लिमिटेड (वाईआईएल) का इस्तेमाल करएजेएल का अधिग्रहण किया. 2008 में भारी कर्ज के बोझ तले दबी एजेएल ने वित्तीय तंगी का हवाला देते हुए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन बंद करदिया. दो साल बाद वाईआईएल बना सोनिया और राहुल गांधी के पास इसके 38-38 फीसदी शेयर थे, जो संयुक्त रूप से 78 फीसदी था. चूंकिएजेएल पर कांग्रेस का 90.25 करोड़ रुपए बकाया था इसलिए पार्टी ने 50 लाख रुपए में इस लोन को वाईआईएल को हस्तांतरित कर दिया. इसहस्तांतरण के साथ ही एजेएल का नियंत्रण वाईआईएल को हस्तांतरित हो गया. अब इस पर अब एजेएल का 99 प्रतिशत स्वामित्व है. ये सारेबदलाव राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) या किसी अन्य नियामक संस्था की निगरानी के बगैर किया गया। जिससे इस लेनदेन परसवाल उठने लगे.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन हुए प्रोटेस्ट कैंसर से पीड़ित, जाखिम को कम करने के लिए कई प्रयास

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं बाइडन के दफ्तर की तरफ से जारी हालिया बयान के मुताबिक, बाइडन को पिछलेहफ्ते ‘आक्रामक तरह’ के प्रोस्टेट कैंसर का पता चला. जो कि उनकी हड्डियों तक फैल चुका है वहीं अब एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आईहै पूर्व राष्ट्रपति के कार्यालय ने बताया है कि बीते सप्ताह से पहले आखिरी बार प्रोस्टेट कैंसर की जांच 2014 में हुई थी. इतना ही नहीं, बीते सप्ताह सेपहले कभी उन्हें इस बीमारी के बारे में पता नहीं चला था. बाइडन के कार्यालय द्वारा जारी बयान में उनके 2014 के पीएसए ब्लड टेस्ट के नतीजे नहींबताए गए हैं. बाइडन के सहयोगियों ने उनके उपचार के बारे में जानकारी दी है वहीं, दावा यह भी किया जा रहा है कि बाइडन के राष्ट्रपति पद पर रहनेके दौरान भी उनके स्वास्थ्य की गहन जांच की गई थी और उस समय प्रोस्टेट कैंसर का संदेह भी जताया गया था. वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भीयह दावा किया है. व्हाइट हाउस में रहने के दौरान छुपाई बीमारीउन्होंने भी कहा कि पूर्व राष्ट्रपति और उनके सहयोगियों ने व्हाइट हाउस में रहने के दौरान इस बीमारी को छुपाया. अप्रैल में व्हाइट हाउस के चिकित्सकद्वारा जब ट्रंप का सालाना शारीरिक परीक्षण किया गया था तब पीएसए सामान्य बताया गया था हालांकि अंतिम पीएसए परिणाम तब भी जारी नहींकिए गए थे. प्रोस्टेट नोड्यूल की खोज के बाद बाइडन के कई मेडिकल परीक्षण किए गए. परीक्षणों के दौरान ग्लीसन स्कोर 9 (ग्रेड ग्रुप 5) पायागया. इससे बाइडन को उच्च श्रेणी का कैंसर होने की पुष्टि हुई यह हड्डी में मेटास्टेसिस का संकेत देता है. उनका परिवार इलाज के तरीकों पर डॉक्टरों सेपरामर्श कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन की सेहत से जुड़ी सूचना मिलने पर ट्रुथ सोशल पर लिखा, मेलानिया और मैं जो बाइडनकी मेडिकल जांच के बारे में सुनकर दुखी हैं. हमारी संवेदनाएं जिल और पूरे परिवार के साथ हैं ट्रंप ने बाइडन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन के डॉक्टर केविन ओ’कॉनर पहले ही आगाह कर चुके हैं कि गिरने से उनकी रिकवरी मुश्किल हो सकती है. व्हीलचेयर का करना पड़ सकता है इस्तेमालहालात अधिक बिगड़ने पर उन्हें व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना पड़ सकता है. जोखिम को कम करने के लिए, कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को कमकरने के कई प्रयास किए. मसलन उनके पैदल चलने के रास्ते को छोटा किया गया. सहारे के लिए रेलिंग बनाई गई. हवाई यात्रा के लिए एयरफोर्सवन विमान में छोटी सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया. खबरों के मुताबिक शारीरिक सेहत के कारण ही बाइडन ने बीते साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपतिचुनाव की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में करीब 37,948 भारतीयपुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की पहचान की गई. यह इस वर्ष देश में दर्ज किए गए कैंसर के 14 लाख नए मामलों का लगभग तीन प्रतिशत है. अमेरिका मेंप्रोस्टेट कैंसर के 80 प्रतिशत रोगियों में बीमारी का पता शीघ्र चल जाता है जबकि यहां देर से निदान के मामले 20 प्रतिशत ही हैं.
छत्तीसगढ़ के नारायणुर जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, 27 नक्सलियों को मारे जाने की खबर

Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. सूत्रों से मिलीजानकारी के मुताबिक, अबूझमाड़ इलाके में हो रही इस मुठभड़े में अब तक 27 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि मारे गएनक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है कई नक्सलियों के शव और भारी संख्या में हथियार बरामद होने की खबर है. मुठभेड़ में एक जवान केबलिदान होने और एक जवान घायल होने की भी खबर है. नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़जारी है. माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है बताया जा रहा है कि डीआरजी के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है. डीआरजी केजावानों ने नक्सलियों के बड़े कमांडरों को घेर रखा है दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है. 27 नक्सलियों के मारे जाने की खबरकरीब 27 नक्सलियों के मारे जाने खबर सामने आ रही है, मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है. खबर मिल रही है कि इस मुठभेड़ में एककरोड़ का इनामी शीर्ष नक्सली बसव राजू भी मारा गया है कई अन्य बड़े नक्सली नेताओं के भी मारे जाने की खबर है. मारे गए नक्सलियों की संख्याबढ़ने की संभावना है. माड़ के दुर्गम इलाके में बुधवार सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण गोलीबारी जारी थी . इस अभियान कोएक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर अबूझमाड़ जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जहां उनका मजबूत गढ़ माना जाता है। इस सफलतासे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है . नारायणपुर में चल रहे ऑपरेशन में मारे गए 26 नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ विधानसभाअध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं इस बड़े ऑपरेशन के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं. इस ऑपरेशन में एकपुलिसकर्मी के घायल होने के अलावा किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. मैं केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और विजय शर्मा जी को भी बधाई देता हूं.
ऑपरेशन सिंदूर’ के सिलसिले में संसदीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव करेगें पार्टी का प्रतिनिधित्व, वैश्विक मंच परभारत की सामूहिक आवाज को करेंगें मजबूत

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सिलसिले में संसदीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पार्टी काप्रतिनिधित्व करेंगे. टीएमसी ने ‘X’ पर लिखा, ‘हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत कीवैश्विक पहुंच के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नामित कियाहै. तृणमूल ने आगे कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया को आतंकवाद के बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए, अभिषेक बनर्जी काप्रतिनिधिमंडल से जुड़ना दृढ़ विश्वास और स्पष्टता दोनों लाता है. उनकी उपस्थिति न केवल आतंकवाद के खिलाफ बंगाल के दृढ़ रुख को दर्शाएगी. बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सामूहिक आवाज को भी मजबूत करेगी. आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक संकल्प को है दर्शाताबैजयंत पांडा (भाजपा), रविशंकर प्रसाद (भाजपा), संजय कुमार झा (जदयू), श्रीकांत शिंदे (शिवसेना), शशि थरूर (कांग्रेस), कनिमोझी (डीएमके) और सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कुल 32 देशों और बेल्जियम के ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के मुख्यालय का दौरा करेंगे. प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में छह से आठ राजनेता शामिल हैं. उनकी मदद के लिए एक पूर्व राजनयिक भी साथ होंगे. 51 राजनेताओं में से 31 सत्तारूढ़एनडीए का हिस्सा हैं, जबकि शेष 20 गैर-एनडीए दलों से हैं. सभी सात प्रतिनिधिमंडलों में कम से कम एक मुस्लिम प्रतिनिधि है जो या तो राजनेता याराजनयिक हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘एक मिशन एक संदेश. एक भारत सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलजल्द ही ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रमुख देशों से मिलेंगे, जो आतंकवाद के खिलाफ हमारे सामूहिक संकल्प को दर्शाता है. प्रतिनिधिमंडल में पूर्वकेंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, एम जे अकबर, आनंद शर्मा, वी मुरलीधरन, सलमान खुर्शीद और एसएस अहलूवालिया शामिल भी हैं, जो वर्तमान मेंसंसद के सदस्य नहीं हैं.
भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश को लेकर लिया एक बड़ा फैसला, बंदरगाहों के जरिए आयात को नियंत्रित करने का किया एलान

भारत ने अपने पड़ोसी बांग्लादेश से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के जरिए आयात को नियंत्रित करने काएलान किया है सरकार के इस फैसले पर पूरे बाजार की नजर है कारोबार जगत के जानकार यह मानते हैं कि भारत का यह फैसला पड़ोसी देश कोभड़काने के लिए नहीं है. बांग्लादेश की ओर से भारतीय उत्पादों पर लग रही पाबंदियों के बीच सरकार ने यह कदम सोच समझ कर उठाया गयाहै.ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अजय श्रीवास्तव के अनुसार बांग्लादेश की प्रतिबंधात्मक व्यापार नीतियां न केवल दोनों देशों केबीच व्यापार को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि उसके खुद के आर्थिक हितों को भी नुकसान पहुंचा रही है. श्रीवास्तव के अनुसार भारत ने इस मामले मेंकार्रवाई कर केवल अपने शुरुआती संकेत जाहिर किए हैं, और कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है. आयात पर पड़ेगा असरबांग्लादेश की ओर से सूत और चावल जैसे भारतीय उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने और अपनी सीमाओं पर निरीक्षण बढ़ाने का जिक्र करते हुएश्रीवास्तव ने कहा, “बांग्लादेश खुद को नुकसान पहुंचा रहा है वे भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकते. बांग्लादेश से कारोबार पर भारत के फैसले से 77 करोड़ डॉलर से अधिक के आयात पर असर पड़ेगा. यह बांग्लादेश से भेजे जाने वाले सभी सामानों का लगभग 42% है. पिछले साल अकेले रेडीमेडगारमेंट्स का आयात 66 करोड़ डॉलर का था. अब उन्हें सिर्फ कोलकाता और न्हावा शेवा बंदरगाहों के जरिए ही भारत में उत्पाद भेजने की अनुमतिहोगी, जिससे पूर्वोत्तर के जमीनी रास्ते बंद हो जाएंगे. श्रीवास्तव ने कहा, “ये बड़े ब्रांड हैं- एचएंडएम, जारा वे बांग्लादेश में उत्पाद बनाते हैं और दुनियाभर में निर्यात करते हैं. अब वे भारतीय भूमि बंदरगाहों का उपयोग नहीं कर सकते हर चीज समुद्र के रास्ते लानी पड़ेगी. व्यापारिक स्थिति के पीछे है राजनीतिक उद्देश्यहालांकि, श्रीवास्तव ने कहा कि बांग्लादेश की बढ़ती शत्रुतापूर्ण व्यापारिक स्थिति के पीछे आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्य हैं. उन्होंने कहा, “बांग्लादेश कपड़ों से आगे बढ़कर चमड़े जैसे क्षेत्रों में भी विविधता ला रहा था. लेकिन पिछले साल देश में सत्ता परिवर्तन के बाद से कट्टरपंथियों ने इसपर कब्जा कर लिया है. उन्होंने भारत के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है बिना किसी उकसावे के उन्होंने भारतीय वस्तुओं- चावल, धागा, यहां तक किएफएमसीजी को भी रोकना शुरू कर दिया. भारत ने पड़ोसी के प्रतिबंधों पर जवाबी कार्रवाई करने के बजाय, एक नरम संकेत देने का विकल्प चुना. किसी भी चीज का आयात बंद नहीं किया गया है, लेकिन प्रमुख श्रेणियों के उत्पादों को अब अधिक महंगे और धीमे समुद्री मार्गों का उपयोग करनाहोगा. श्रीवास्तव ने कहा, “यह टीजर है. हमने उनके सामान को अवरुद्ध नहीं किया है। हमने केवल प्रवेश बिंदु बदल दिया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज में 724 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात, बोले डबल इंजन की सरकार कर रही है विकास

Uttar Pradesh Latest News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कासगंज पहुंच चुके हैं. वे करीब 11.27 बजे पुलिस लाइन पहुंचेयहां पर उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम योगी को रुद्राक्ष कापौधा भेंट किया गया. इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन सहित अन्य विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया करीब पौने तीन घंटे तकसीएम जिले में रहेंगे. इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश नया उत्तर प्रदेश बन रहा है. एक बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदेश मेंविकसित हो रहा है. कासगंज के लिए आज का दिन इतिहास का दिन है. विकास की योजनाओं को मिला मूर्त रुप724 करोड़ की विकास योजनाओं को मूर्त रूप मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि सोरों का विकास अयोध्या की तर्ज पर होगा उन्होंने जिले मेंम्यूजियम बनाने, दरियागंज झील और नदरई पुल के के सौंदर्यीकरण की परियोजना को भी मंजूरी दी है. सीएम योगी ने 724 करोड़ की विकासपरियोजना का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह सौभाग्य है कि भगवान बाराह की जन्म स्थली पर आने का मौका मिला है. उन्होंने कहा कि यहां कीधरा को नमन करता हूं. आगे कहा कि डबल इंजन की सरकार विकास कर रही है. ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की सेना ने ऐसा सबक दुश्मन कोसिखाया है, जो वो याद रखेगा. भारत ने बता दिया है कि हमारे एक भी नागरिक की जान जाएगी, तो दुश्मन को उसके घर में घुस कर मारेंगे.
खराब फॅार्म से जूझ रहे पंत को मिला आकाश चोपड़ा का समर्थन,बोले असफलता बदल देती है मानसिकता

भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि ऋषभ पंत को टी20 क्रिकेट में अपने दृष्टिकोण का पुन आकलन करने की जरूरत होगी क्योंकिआईपीएल में बुरे सपने जैसे सत्र के साथ उन्होंने भारत की टी20 टीम में जगह पक्की करने का महत्वपूर्ण अवसर गंवा दिया है. पंत भारत की टी20 टीमके नियमित सदस्य नहीं हैं और मौजूदा आईपीएल सत्र में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी. हालांकि लखनऊ सुपरजाइंट्स के कप्तान ने 27 करोड़रुपये की भारी भरकम रकम में टीम से जुड़ने के बाद 12 मैच में केवल 135 रन बनाए. सोमवार रात सनराइजर्स हैदराबाद से हार के बाद सुपरजाइंट्सकी टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने कहा, ‘सफलता आपको कुछ चीजें सिखा सकती है. हालांकि असफलताएं वास्तव में आपकी मानसिकता बदल देती हैं और अक्सर अच्छे के लिए ऐसा होता है. सत्र था महत्वपूर्णवह भारतीय टी20 टीम के नियमित सदस्य नहीं हैं इसलिए यह सत्र महत्वपूर्ण था. अपनी छाप छोड़ने और एक मजबूत टीम बनाने का मौका. उन्होंनेकहा, ‘ऐसा नहीं हुआ. उनके खुद के फॉर्म में निरंतरता की कमी रही यह अपने आप में एक और सबक है। क्या वह टी20 में भी इसी रवैय पर टिके रहेंगेया सामंजस्य बैठाएंगे?’ आकाश ने कहा, ‘जब आप खराब दौर से गुजर रहे होते हैं तो ऐसा लगता है कि कुछ भी काम नहीं कर रहा है. रातें लंबी लगतीहैं, दिन और भी लंबे। तब आप सीखते हैं -और वापसी करते है. यह एक बुरा सपना रहा है बुरे सपनों की अच्छी बात यह है कि आप अंततः जाग जातेहैं. पंत ने इस सीजन में अब तक 11 पारियों में 12.27 की औसत और 100 के स्ट्राइक रेट से 135 रन बनाए हैं. इसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिलहै बाकी की 10 पारियों में उनका उच्चतम स्कोर 21 रन रहा है। पंत इस सीजन अपने शॉट्स में 59.3 प्रतिशत कंट्रोल में दिखे हैं. उन्होंने इस सीजन- 0, 15, 2, 2, 21, 63, 3, 0, 4, 18 और 7 रन की पारियां खेली हैं.