विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शम आसिम मुनीर पर बोला तीखा हमला, पहलगाम आतंकी हमला है कट्टरपंथी सोच का ही नतीजा

भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर तीखा हमला बोला और उन्हें धार्मिक कट्टरपंथीबता दिया. उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला उस कट्टरपंथी सोच का ही नतीजा है. नीदरलैंड के एक समाचार पत्र के साथ बातचीत में डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किए गए आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया. पहलगाम आतंकी हमले पर डॉ. जयशंकर नेकहा कि ‘भारतीय क्षेत्र जम्मू कश्मीर में बर्बर आतंकी हमला किया गया, जहां 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई. यह हमला कश्मीर कीअर्थव्यवस्था पर किया गया था क्योंकि कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही आधारित है. हमले के द्वारा धार्मिक भेदभाव को बढ़ाने की कोशिश कीगई और लोगों को धर्म पूछकर मारा गया. पाकिस्तान की सेना के जो प्रमुख हैं, वो खुद धार्मिक कट्टरपंथी हैं पहलगाम में हुआ आतंकी हमला उसीकट्टरपंथी सोच का नतीजा है. टीआरएफ पर थी प्रतिबंध लगाने की मांगविदेश मंत्री ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे टीआरएफ और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठन हैं और टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी भी लीहै. उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 2023, 2024 में टीआरएफ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. जयशंकर ने कहा कि हमनेपहलगाम आतंकी हमला करने वाले लोगों की पहचान की और ये कोई छिपी हुई बात नहीं है और उसके बाद उन्हें निशाना बनाया. साथ ही किसीसैन्य या नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों के समर्थन में भारत पर हमला किया. भारतीय विदेश मंत्रीने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया. उन्होंने कहा कि भारत औऱपाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम द्विपक्षीय तौर पर हुआ. भारत ने जब 10 मई को पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तो पाकिस्तानी सेना नेस्वीकार किया था कि हमें संघर्षविराम करना चाहिए.
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की सुरक्षा में बड़ी चूक, दो अंजान लोगों ने घर में घुसने की कोशिश

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है. दो दिन के भीतर ही दो अंजान लोगों ने सलमान खान के घर में घुसने कीकोशिश की है. पहले 20 मई को एक पुरुष ने सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में घुसने की कोशिश की थी, जिसे सिक्योरिटी गार्ड्स ने पकड़ करपुलिस के हवाले कर दिया था. वहीं अगले दिन यानी 21 मई की रात एक महिला ने भी सलमान के घर में घुसने का प्रयास किया. गुरुवार सुबह मुंबईपुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. सबसे पहले मंगलवार को सलमान खान की सिक्योरिटी को चकमा देकर एक शख्स ने उनके घर में घुसने कीकोशिश की. यह युवक कार के पीछे छिपकर सलमान की बिल्डिंग परिसर में घुसने में कामयाब भी हो गया. हालांकि, सिक्योरिटी गार्ड्स ने इसेबिल्डिंग के एंट्रेस गेट के पास से पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. युवक का नाम जितेन्द्र कुमार सिंह है, जो छत्तीसगढ़ का बताया जा रहाहै. इसके अलावा बुधवार रात को एक अंजान महिला ने भी सलमान के घर में घुसने की कोशिश की. ईशा छाबड़ा नाम की महिला ने किया घर में घुसने का प्रयासमुंबई पुलिस के मुताबिक, ईशा छाबड़ा नाम की महिला ने रात को लगभग 3:30 बजे सलमान के घर में घुसने का प्रयास किया. पुलिस ने बताया किमहिला बिल्डिंग की लिफ्ट से सीधे सलमान के घर तक पहुंची. जहां गैलेक्सी अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्डों ने उस महिला को पकड़कर बांद्रा पुलिस कोसौंप दिया. इसके बाद सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर बांद्रा पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया. मुंबईपुलिस ने इन दोनों घटनाओं को कंफर्म किया. हालांकि, युवक और महिला के सिक्योरिटी तोड़ने और घर में घुसने की कोशिश करने की घटना कब कीहै इस बारे में कोई साफ जानकारी नहीं है. वहीं मुंबई पुलिस के डीसीपी की मानें तो युवक ने मंगलवार शाम को वहीं महिला ने बुधवार रात कोसलमान के घर में घुसने का प्रयास किया. इससे पहले पिछले साल 14 अप्रैल को सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग हुई थी. इस हमलेकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी. इस मामले में पुलिस ने बाद में सात लोगों को गिरफ्तार भी किया था. इस मामले के बाद ही सलमान कीसिक्योरिटी में मुंबई सरकार ने इजाफा किया था. सलमान खान को बिश्नोई गैंग से जान का खतरा है. इसके मद्देनजर सलमान की सिक्योरिटी काफीकड़ी है निजी बॉडी गार्ड के अलावा मुंबई पुलिस ने भी अभिनेता को Y+ दी हुई है. सलमान के घर के बाहर भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने किया राजस्थान के बीकानेर जिले का दौरा, बोले राजस्थान की वीर भूमि हमें सिखाती है देश और देशवासियों से बढ़कर कुछ नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान के बीकानेर जिले के दौरे पर रहे. पाकिस्तान पर भारतीय सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह उनकापहला राजस्थान दौरा रहा. इस दौरान उन्होंने 26 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी. साथ ही देश के 103 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटनकिया. इन सभी रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत पुनर्विकसित किया गया था. अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी ने सभा को भीसंबोधित किया, इस दौरान उन्होंने आतंकवादी देश पाकिस्तान पर भी तगड़ा प्रहार किया. पीएम मोदी ने कहा- मेरी नसों में अब गरम लहू नहीं, सिंदूरबह रहा है. हर आतंकी हमले की पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. पाकिस्तान को भारत के पानी का हक नहीं मिलेगा, यह हमारा संकल्प है. कोई भी ताकत इस संकल्प को रोक नहीं सकती. पीएम मोदी ने कहा- एक ओर हम सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कर रहे हैं, वहीं नदियों को जोड़नेका कार्य भी कर रहे हैं. इससे यहां की धरती और किसानों को लाभ मिलेगा. राजस्थान की भूमि सिखाती है देशवासियों से बढ़कर कुछ नहीं- मोदीराजस्थान की वीर भूमि हमें सिखाती है कि देश और देशवासियों से बढ़कर कुछ नहीं है. 22 तारीख को आतंकवादियों ने धर्म पूछकर मांग का सिंदूरउजाड़ दिया था गोलियां पहलगाम में चली थीं, लेकिन वे गोलियां 140 करोड़ देशवासियों के सीने को छलनी कर गई थीं. इसके बाद देश ने संकल्पलिया कि आतंकवादियों को मिट्टी में मिला देंगे. आज हमारी सेना के शौर्य से हम उस प्रण पर खरे उतरे हैं हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूटदी थी. तीनों सेनाओं ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटनों पर आना पड़ा. पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर प्रहार करते हुए कहा- हमने22 मिनट में आतंकियों के नौ सबसे बड़े ठिकाने नष्ट कर दिए. जब सिंदूर बारूद बन जाता है, तो उसका नतीजा क्या होता है, यह पाकिस्तान को बतादिया गया है. साथियों, यह संयोग ही है कि पांच साल पहले जब बालाकोट में एयर स्ट्राइक हुई थी, तब मेरी पहली जनसभा राजस्थान में हुई थी. यहवीर भूमि का प्रभाव ही है कि ऐसा संयोग फिर बना है ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब मेरी पहली जनसभा बीकानेर में हो रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस, हीटवेव को लेकर दिशा- निर्देश जारी करने की गई मांग

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिका में केंद्र सरकार से हीटवेव को लेकर राष्ट्रीय स्तर परदिशा-निर्देश जारी करने और उन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की मांग की गई है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई और जस्टिसऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण विभाग औरअन्य को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है. पर्यावरण कार्यकर्ता विक्रांत तोंगड़ ने यह याचिका दायर की, जिस पर सर्वोच्च अदालत नेसुनवाई की. याचिका में कहा गया है कि पिछले साल हीटवेव और हीट स्ट्रेस के चलते 700 से अधिक मौतें हुईं. याचिका में हीटवेव पूर्वानुमान, हीटअलर्ट और चौबीसों घंटे निवारण हेल्पलाइन आदि के लिए सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश देने की भी मांग की. इस साल रहेगी ज्यादा हीटवेवयाचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि इस बार पूर्वानुमान है कि इस साल हीटवेव ज्यादा रहेगी. पहले उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में ही हीटवेव चलतींथी, लेकिन अब पूर्वी तट, उत्तर पूर्व प्रायद्वीप और दक्षिण मध्य क्षेत्रों तक भी हीटवेव का असर दिखाई देता है. याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीयदिशानिर्देश और हीटवेव रोकथाम प्रबंधन 2019 के बावजूद कई राज्यों ने अभी तक एक्शन प्लान लागू नहीं किया है. साथ ही याचिका में आपदाप्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 35 के तहत केंद्र की वैधानिक जिम्मेदारियों का हवाला दिया गया, जिसके तहत सरकार को आपदा प्रबंधन केलिए उचित उपाय करने की आवश्यकता होती है. याचिका में एक अध्ययन का हवाला देते हुए चेतावनी दी गई है कि जलवायु परिवर्तन के चलते गर्मीसे होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की आशंका है.
वाशिंगटन में इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मारकर कर दी गई हत्या, ट्रंप बोले नफरत व कट्टरपंथियों के लिए नहीं है कोई जगह

वाशिंगटन में इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मार कर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड को एफबीआई के फील्ड ऑफिस से कुछ कदमकी दूरी पर स्थित कैपिटल यहूदी संग्रहालय के पास अंजाम दिया गया. होमलैंड सुरक्षा सचिव ने इस बारे में जानकारी दी है. होमलैंड सिक्योरिटीसेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने बताया कि वॉशिंगटन में इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की बुधवार शाम को यहूदी संग्रहालय के पास गोली मारकरहत्या कर दी गई. फिलहाल संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है. वहीं, इस्राइली विदेश मंत्री ने वाशिंगटन डीसी में मारे गए इस्राइली कर्मियों कीपहचान यारोन लिस्चिंस्की और सारा मिलग्रिम के रूप में की है. मेट्रोपॉलिटन पुलिस प्रमुख पामेला स्मिथ ने प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बुधवार शामको जब दो इस्राइली कर्मी एक पुरुष और एक महिला, कैपिटल यहूदी संग्रहालय में एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे. सुरक्षाकर्मियों ने लिया हिरासत मेंतभी संदिग्ध हमलावर वहां पहुंचा और उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. स्मिथ ने बताया कि संदिग्ध की पहचान शिकागो निवासी 30 वर्षीयएलियास रोड्रिगेज के रूप में हुई है. उसे गोलीबारी से पहले संग्रहालय के बाहर घूमते हुए देखा गया था. गोलीबारी के बाद वह संग्रहालय में चला गयाऔर कार्यक्रम सुरक्षाकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया. इस दौरान संदिग्ध ने गोली मारने के बाद फ्री फलस्तीन के नारे भी लगाए. वहीं, अमेरिका मेंइस्राइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि मारा गया जोड़ा सगाई करने वाला था. उसका अगले सप्ताह येरुशलम में शादी की योजना थी वहीं, अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने हत्या के बारे में बताया कि जब गोलीबारी हुई उस वक्त वह पूर्व न्यायाधीश जीनिन पिरो के साथ घटनास्थल पर ही थीं. वे वाशिंगटन में अमेरिकी अटॉर्नी के रूप में कार्य करती हैं और जिनका कार्यालय इस मामले पर मुकदमा चलाएगा. ट्रम्प ने दी हत्याओं पर प्रतिक्रियावहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने भी इन हत्याओं पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि येहत्याएं साफ तौर पर यहूदी-विरोधी भावना पर आधारित हैं. नफरत और कट्टरपंथ के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है. बहुत दुख की बात है कि ऐसीचीजें हो सकती हैं. इस बीच, एफ.बी.आई. निदेशक काश पटेल ने बताया कि मुझे और मेरी टीम को आज रात कैपिटल यहूदी संग्रहालय के बाहरऔर हमारे वाशिंगटन फील्ड ऑफिस के पास डाउनटाउन डी.सी. में हुई गोलीबारी के बारे में जानकारी दी गई है. हम इसे लेकर एम.पी.डी. के साथमिलकर काम कर रहे हैं और अधिक जानकारी जुटा रहे हैं. उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदनाएं जताते हुए कहा कि हम इस बारे में जरूरी अपडेट देते रहेंगे.
मनरेगा पर कांग्रेस का तीखा वार, कहा – मोदी सरकार की नीतियों ने तोड़ी गरीबों की रीढ़

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बार फिर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा किजब 2015 में पीएम मोदी ने संसद में मनरेगा का मज़ाक उड़ाया था, तभी उनकी संवेदनहीनता और दूरदर्शिता की कमी दिख गई थी। लेकिन महामारीके वक्त इसी मनरेगा ने करोड़ों लोगों की ज़िंदगी बचाई। रमेश ने बताया कि 2019-20 में जहां 6.16 करोड़ परिवारों ने इस योजना के तहत काम मांगा, वहीं कोविड के दौरान 2020-21 में यह आंकड़ा8.55 करोड़ पहुंच गया। उन्होंने कहा, “लॉकडाउन में जब सरकार के पास कोई योजना नहीं थी, तब मनरेगा ही था जिसने देश के सबसे ज़रूरतमंदलोगों को सहारा दिया।” रिपोर्ट के ज़रिए खोली सरकार की पोलLibTech India की ताज़ा रिपोर्ट का हवाला देते हुए रमेश ने बताया कि आज हालात बेहद खराब हैं। सिर्फ 7% परिवारों को ही साल में 100 दिनका काम मिल रहा है। ऊपर से प्रति परिवार औसत कार्यदिवस भी घट गया है। सरकार ने मनरेगा के लिए ₹86,000 करोड़ का बजट तय किया है, जोज़मीन पर ज़रूरत के मुकाबले बहुत कम है। जबकि स्वतंत्र विशेषज्ञों और PAEG जैसे संगठनों ने 2022-23 के लिए ₹2.64 लाख करोड़ कीसिफारिश की थी। उन्होंने कहा, “विश्व बैंक भी कह चुका है कि योजना के लिए GDP का कम से कम 1.7% देना चाहिए, जबकि सरकार महज 0.26% दे रही है।” जनता की सुनवाई नहीं, समस्याएं जस की तसरमेश ने बताया कि कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान झारखंड के गढ़वा में 14 फरवरी 2024 को मनरेगा से जुड़े मज़दूरों ने अपनीपरेशानियां खुलकर रखी थीं। लेकिन 15 महीने बाद भी कुछ नहीं बदला। “ये सरकार की तरफ से बनाई गई एक बड़ी मानवीय और आर्थिक त्रासदीहै,” उन्होंने कहा। कांग्रेस की 6 बड़ी मांगेंयोजना को फिर से मांग आधारित बनाया जाए और काम मांगने वालों को पर्याप्त दिन मिले। मनरेगा मज़दूरी बढ़ाकर ₹400 प्रतिदिन की जाए।मज़दूरी दर तय करने के लिए स्वतंत्र समिति बनाई जाए। आधार आधारित भुगतान प्रणाली को अनिवार्य न बनाया जाए।,मज़दूरी समय पर मिले औरदेरी पर मुआवज़ा भी दिया जाए।, सालाना कार्यदिवस की सीमा 100 से बढ़ाकर 150 दिन की जाए। जयराम रमेश का कहना है कि कांग्रेस का ये रुख सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि ज़मीनी समस्याओं के समाधान की दिशा में गंभीर पहल है।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का बयान, छुट्टियों में वकीलों की काम करने की अनिच्छा से बढ़ रहा बैकलॉग

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने बुधवार को नाराजगी जताई कि अदालतों में लंबित मामलों के लिए न्यायपालिका को दोषी ठहराया जाता है, जबकिवकील खुद गर्मियों की छुट्टियों में काम करने को तैयार नहीं होते। यह टिप्पणी उस समय आई जब एक वकील ने याचिका को गर्मी की छुट्टियों केबाद सूचीबद्ध करने की अपील की। उन्होंने कहा, “शीर्ष पांच न्यायाधीश छुट्टियों में भी काम कर रहे हैं, लेकिन वकील सहयोग नहीं करते। फिर भीबैकलॉग के लिए हमें जिम्मेदार ठहराया जाता है।” गर्मी की छुट्टियों के लिए सुप्रीम कोर्ट की अधिसूचना जारीहाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक अधिसूचना जारी कर बताया कि अब गर्मी की छुट्टियों को ‘आंशिक कोर्ट कार्य दिवस’ के रूप में देखा जाएगा। यहअवधि 26 मई से 13 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान दो से लेकर पांच वैकेशन बेंच काम करेंगी, जिसमें शीर्ष पांच जजों की भागीदारी भी सुनिश्चितकी गई है। पहले की परंपरा में बदलावपूर्व परंपरा के अनुसार, गर्मियों में केवल दो वैकेशन बेंच ही बैठती थीं और वरिष्ठ न्यायाधीशों को कोर्ट में उपस्थित रहने की आवश्यकता नहीं होती थी।अब, शीर्ष जज भी इस दौरान न्यायिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे, जिससे लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में प्रयास किया जासके। जजों की जिम्मेदारी और कोर्ट का समयअधिसूचना के अनुसार, 26 मई से 1 जून तक पांच बेंचों की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिसजेके महेश्वरी और जस्टिस बीवी नागरत्ना करेंगे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी, जबकि हर रविवार, सार्वजनिक अवकाश और 12 जुलाई को इसे बंद रखा जाएगा।
પરંપરાગત રીતે બનેલ ‘પ્રાચીન ટાંકાવાળું જહાજ’ ભારતીય નૌકાદળમાં (INSV) કૌંડિન્ય તરીકે સામેલ થયું

ભારતીય નૌકાદળે આજે કારવારના નૌકાદળ મથક ખાતે આયોજિત એક ઔપચારિક કાર્યક્રમમાં પ્રાચીન ટાંકાવાળું જહાજ INSV કૌંડિન્યતરીકે ઔપચારિક રીતે સામેલ કર્યું અને તેનું નામકરણ કર્યું. માનનીય સંસ્કૃતિ મંત્રી શ્રી ગજેન્દ્ર સિંહ શેખાવતે મુખ્ય અતિથિ તરીકે આકાર્યક્રમની અધ્યક્ષતા કરી, જે ભારતના સમૃદ્ધ જહાજ નિર્માણ વારસાની ઉજવણી કરતા એક અસાધારણ પ્રોજેક્ટની પરાકાષ્ઠા દર્શાવેછે. INSV કૌંડિન્ય એક ટાંકાવાળું સઢવાળું જહાજ છે, જે અજંતા ગુફાઓના ચિત્રોમાં દર્શાવવામાં આવેલા 5મી સદીના જહાજ પર આધારિતછે. આ પ્રોજેક્ટ જુલાઈ 2023 માં સંસ્કૃતિ મંત્રાલય, ભારતીય નૌકાદળ અને મેસર્સ હોદી ઇનોવેશન્સ વચ્ચે સંસ્કૃતિ મંત્રાલયના ભંડોળસાથે થયેલા ત્રિપક્ષીય કરાર દ્વારા શરૂ કરવામાં આવ્યો હતો. સપ્ટેમ્બર 2023 માં કીલ બિછાવ્યા પછી, જહાજનું બાંધકામ માસ્ટર શિપરાઇટ શ્રી બાબુ શંકરનના નેતૃત્વમાં કેરળના કુશળ કારીગરોની એક ટીમ દ્વારા પરંપરાગત પદ્ધતિથી સીવણ પદ્ધતિનો ઉપયોગ કરીનેહાથ ધરવામાં આવ્યું હતું. ઘણા મહિનાઓ સુધી, ટીમે કાયર દોરડા, નારિયેળના રેસા અને કુદરતી રેઝિનનો ઉપયોગ કરીને જહાજના હલપર લાકડાના પાટિયા ખૂબ જ મહેનતથી સીવ્યા. ફેબ્રુઆરી 2025 માં ગોવામાં જહાજ લોન્ચ કરવામાં આવ્યું હતું. ભારતીય નૌકાદળે ડિઝાઇન, તકનીકી માન્યતા અને બાંધકામ પ્રક્રિયાનું નિરીક્ષણ કરીને પ્રોજેક્ટમાં મુખ્ય ભૂમિકા ભજવી હતી. આવાજહાજોના કોઈ બ્લુપ્રિન્ટ બચ્યા ન હોવાથી, ડિઝાઇનનું અનુમાન આઇકોનોગ્રાફિક સ્ત્રોતોમાંથી કરવું પડ્યું. નૌકાદળે હલ ફોર્મ અનેપરંપરાગત રિગિંગ ફરીથી બનાવવા માટે જહાજ નિર્માતા સાથે સહયોગ કર્યો, અને ખાતરી કરી કે ડિઝાઇનને મહાસાગર એન્જિનિયરિંગવિભાગ, IIT મદ્રાસ ખાતે હાઇડ્રોડાયનેમિક મોડેલ પરીક્ષણ અને આંતરિક તકનીકી મૂલ્યાંકન દ્વારા માન્ય કરવામાં આવે. નવા સમાવિષ્ટ જહાજમાં અનેક સાંસ્કૃતિક રીતે મહત્વપૂર્ણ સુવિધાઓ શામેલ છે. તેના સઢ ગંડાભેરુન્ડા અને સૂર્યના રૂપરેખા દર્શાવે છે, તેના ધનુષ્યમાં શિલ્પિત સિંહ યાલી છે, અને પ્રતીકાત્મક હડપ્પા શૈલીનો પથ્થરનો લંગર તેના તૂતકને શણગારે છે, દરેક તત્વ પ્રાચીનભારતની સમૃદ્ધ દરિયાઈ પરંપરાઓને ઉજાગર કરે છે. હિંદ મહાસાગર પાર કરીને દક્ષિણપૂર્વ એશિયામાં સફર કરનાર સુપ્રસિદ્ધ ભારતીયનાવિક કૌંડિન્યના નામ પરથી નામ આપવામાં આવ્યું છે, આ જહાજ દરિયાઈ સંશોધન, વેપાર અને સાંસ્કૃતિક વિનિમયની ભારતની લાંબાસમયથી ચાલતી પરંપરાઓનું મૂર્ત પ્રતીક તરીકે સેવા આપે છે. ભારતીય નૌકાદળના નૌકાદળના જહાજ (INSV) તરીકે સમાવિષ્ટ, કૌંડિન્ય કારવાર ખાતે સ્થિત હશે. આ જહાજ હવે તેના આગામીઐતિહાસિક તબક્કામાં પ્રવેશ કરશે, જેમાં આ વર્ષના અંતમાં ગુજરાતથી ઓમાન સુધીના પ્રાચીન વેપાર માર્ગ પર ટ્રાન્સસોસેનિક સફરનીતૈયારીઓ સામેલ છે.
गुजरात समाचार पर कार्रवाई: जिग्नेश मेवाणी और लालजी देसाई ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

20 मई 2025 को कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी और सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार और गुजरात सरकारपर गंभीर आरोप लगाए। जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि गुजरात में ओबीसी, मुस्लिम, आदिवासी और दलितों के घर तोड़े जा रहे हैं, जबकि कर्नाटक कांग्रेस 1.11 लाख परिवारोंको घर देने जा रही है। उन्होंने “गुजरात समाचार” के संपादक बाहुबली शाह की गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई बताया। मेवाणी बोले, पहलगाम हमले के दोषियों को पकड़ने की बजाय सरकार सवाल उठाने वालों को टारगेट कर रही है। उन्होंने कहा कि “गुजरात समाचार” ने हमेशा सत्ता से सवाल किए हैं, इसलिए सरकार उनसे बदला ले रही है। लालजी देसाई ने कहा कि आतंकवाद खत्म करने की बात करने वाली सरकार अब पत्रकारिता खत्म कर रही है। उन्होंने गुजरात मॉडल को “मोदानी मॉडल” बताया – यानी मोदी, अडानी और अंबानी का गठजोड़। प्रेस की आज़ादी पर हो रहे हमलों की उन्होंने निंदा की और संसद में खुली बहस की मांग की।
आम आदमी पार्टी ने लॉन्च किया नया छात्र संगठन ‘ASAP’, वैकल्पिक राजनीति को मिलेगा नया मंच

नई दिल्ली, 20 मई 2025आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को अपने नए छात्र संगठन एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) की औपचारिकशुरुआत की। इस संगठन के ज़रिए पार्टी देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वैकल्पिक राजनीति को बढ़ावा देने का प्रयास करेगी। दिल्ली के संविधान क्लब में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ASAP एक “आंदोलन है, जोकैंपस से शुरू होकर देश की राजनीति में बदलाव लाने का माध्यम बनेगा।” उन्होंने कहा कि ASAP का मकसद ऐसी राजनीति को बढ़ावा देना है, जोभ्रष्टाचार और जातिवाद से मुक्त हो, और युवाओं को शिक्षा, विकास और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर एकजुट करे। ASAP की योजना अगले कुछ महीनों में देश के 50,000 कॉलेजों से करीब 5 लाख छात्र स्वयंसेवकों को जोड़ने की है। यह संगठन दिल्लीविश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों में भी हिस्सा लेगा और आगे चलकर अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में भी विस्तार करेगा। इससे पहले AAP की छात्र शाखा के रूप में छात्र युवा संघर्ष समिति (CYSS) सक्रिय थी, लेकिन बीते कुछ वर्षों में उसका प्रभाव सीमित रहा।ASAP को CYSS के एक परिष्कृत और व्यापक संस्करण के रूप में देखा जा रहा है। ASAP के प्रमुख एजेंडे में छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए नीति निर्माण, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार के अवसर और युवाओं कीसामाजिक-राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है।