Skip to main content

NEWS अब तक

Congress Slams Efforts to Internationalise Kashmir, Seeks Clarification from Centre

New Delhi: The Indian National Congress has raised strong objections to recent developments suggesting international involvement in the Kashmir issue. The party reiterated its call for a special session of Parliament and demanded an all-party meeting with the Prime Minister in attendance to discuss the matter in detail. Commends Armed Forces for Precision StrikesAt a […]

DSPPL organised 6 days SOFT in Vadodara

DSPPL is running 6 days SOFT (Spiritual Outlook for Future Times) program for students of 9 to 11 years age at 9 centres across India including Vadodara. As part of the curriculum of the program, a special seminar on ‘Agnihotra for students’ was arranged. Agnihotra is an ancient technology from the Vedic period and was […]

सीमा पर संघर्ष विराम के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बांध अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तारीफों के पुल, एक्स पर लिखा मैं हूं ट्र्ंप का बहुत आभारी

सीमा पर संघर्ष विराम के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाद शरीफ ट्रंप की तारीफों के पुल बांधने में जुटे हुए हैं. शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखाकि मैं राष्ट्रपति ट्रंप के अग्रणी नेतृत्व और वैश्विक शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा दक्षिण एशिया में स्थायी शांति लाने में बड़ी भूमिका निभाने केउनके सबसे मूल्यवान प्रस्ताव के लिए उनका बहुत आभारी हूं.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को हुए संघर्षविराम का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं. बड़बोले ट्रंप की ओर से किए जा रहे ट्वीट पर पाकिस्तान तारीफ करते नहीं थक रहा है. पाकिस्तान केप्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय एक्स पर पोस्ट पर अमेरिका का आभार जता रहे हैं. बता दें कि ट्रंप ने रविवार सुबह कहा कि वे भारत और पाकिस्तान केसाथ मिलकर कश्मीर के मुद्दे का हजार साल बाद हल निकालने की कोशिश करेंगे. शहबाज शरीफ ने की ट्रंप की तारीफजिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाद शरीफ ट्रंप की तारीफों के पुल बांधने में जुटे हुए हैं. शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा कि मैं राष्ट्रपतिट्रंप के अग्रणी नेतृत्व और वैश्विक शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा दक्षिण एशिया में स्थायी शांति लाने में बड़ी भूमिका निभाने के उनके सबसेमूल्यवान प्रस्ताव के लिए उनका बहुत आभारी हूं. दशकों से पाकिस्तान और अमेरिका ऐसे साझेदार रहे हैं जिन्होंने हमारे आपसी हितों की रक्षा औरसंवर्धन के साथ-साथ दुनिया के महत्वपूर्ण हिस्सों में शांति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम किया है. मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति ट्रंप के तौर परपाकिस्तान को एक बेहतरीन साझेदार मिला है जो हमारी रणनीतिक साझेदारी को फिर से जीवंत कर सकता है और न केवल व्यापार और निवेश मेंबल्कि सहयोग के अन्य सभी क्षेत्रों में पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को मजबूत कर सकता है.वहीं दूसरी ओर से डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट के बाद पाकिस्तानके विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट लिखकर कहा पाकिस्तान दोनों देशों के संबंधों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वक्तव्य का स्वागतकरता है. हम पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते का समर्थन करने में अन्य मित्र देशों के साथ-साथ संयुक्त राज्यअमेरिका द्वारा निभाई गई रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हैं. क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक कदमयह तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक कदम है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने आगे लिखा कि हम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जम्मू औरकश्मीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त करने की भी सराहना करते हैं. यह एक ऐसादीर्घकालिक मुद्दा है जिसका असर दक्षिण एशिया और उससे आगे की शांति और सुरक्षा पर पड़ता है. पाकिस्तान इस बात की पुष्टि करता है किपाकिस्तान भी चाहता है कि जम्मू-कश्मीर विवाद का कोई भी समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मुताबिक होना चाहिए. इसमें कश्मीरी लोगों केमौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए जिसमें आत्मनिर्णय का उनका अविभाज्य अधिकार भी शामिल है.मंत्रालय की ओर से जारी बयानमें आगे कहा गया है. पाकिस्तान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयासों में संयुक्त राज्य अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथजुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. हम संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपनी बहुमुखी साझेदारी को और अधिक गहरा बनाने की आशा करते हैं.

रुस की सीधी शांति वार्ता को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने किया स्वागत,बोले खून खराबा ज्यादा ठीक नहीं

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को रूस की ओर से सीधी शांति वार्ता की पेशकश का स्वागत किया. हालांकि जेलेंस्की ने जोर देकरकहा कि बातचीत शुरू होने से पहले एक पूर्ण स्थायी युद्धविराम जरूरी है. जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, रूस के राष्ट्रपतिव्लादिमीर पुतिन का बिना युद्ध विराम के वार्ता करने की पेशकश एक सकारात्मक संदेश है. पूरी दुनिया लंबे समय से इसका इंतजार कर रही थी. हालांकि उसने यह भी कहा कि किसी भी युद्ध को वास्तव में खत्म करने का पहला कदम युद्धविराम ही होता है. इस बीच रूस ने रविवार सुबह यूक्रेन परबड़े पैमान पर ड्रोन हमले फिर शुरू कर दिए. क्योंकि उसकी ओर से घोषित 3-4 दिन का विराम समाप्त हो गया.वहीं यूक्रेन की वायु सेना ने बताया किरूस ने छह अलग-अलग दिशाओं से 108 हमलावर ड्रोन और कुछ नकली (सिम्युलेटर) ड्रोन लॉन्च किए. इनमें से 60 ड्रोन मार गिराए गए और 41 नकली ड्रोन यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई के कारण अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके.यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपना प्रस्ताव दोहराया कि सोमवार सेबिना शर्त 30 दिनों का युद्धविराम शुरू किया जाए. खून-खराबा ठीक नहीं- जेलेंस्कीउन्होंने कहा एक भी दिन के लिए और खून-खराबा जारी रखना ठीक नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि रूस 12 मई से एक पूर्ण स्थायी और विश्वसनीययुद्धविराम की पुष्टि करेगा और यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है.वहीं दूसरी ओर पुतिन ने मीडिया से बातचीत में युद्धविराम के इस प्रस्ताव को खारिजकर दिया और इसके बजाय गुरुवार को इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ बिना किसी शर्त के सीधी वार्ता शुरू करने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि वार्ताके दौरान युद्धविराम पर सहमति बन सकती है पुतिन की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है जब यूरोप के चार प्रमुख देशों के नेताओं नेचेतावनी दी है कि अगर रूस 30 दिन में युद्धविराम को स्वीकार नहीं करता है तो उस पर दबाव बढ़ा जाएगा.क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव नेरविवार को रूसी सरकारी टीवी पर कहा कि पुतिन का प्रस्ताव बहुत गंभीर है और यह दर्शाता है कि वह एक शांतिपूर्ण समाधान की वास्तव में इच्छारखते हैं. उन्होंने कहा वार्ता का मकसद इस संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करना और साथ ही रूसी संघ के हितों की रक्षा करना है.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं के लिए लिया बड़ा फैसला, करीब आठ लाख महिलाएं बनेंगी संपत्ति की मालकिन जानें क्या है महिलाओं के लिए खास

सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने में एक फीसदी अतिरिक्त स्टांप शुल्क में छूट देने को कहा है. इसका लाभ कम से कम 8 लाख महिलाओं को मिलेगा. एक करोड़ रुपये तक की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में एक फीसदी छूट का फैसला प्रभावी होनेके बाद महिलाओं के नाम संपत्ति का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. अनुमान है कि एक वर्ष में करीब 4 लाख करोड़ की संपत्ति महिलाओं के नामदर्ज होंगी। प्रदेश में पारिवारिक संपत्ति में महिलाओं को समान अधिकार देने वाले नियमों से पिछले तीन वर्षों में करीब 3.50 लाख संपत्तियां बहन-बेटियों के नाम की गई हैं. राज्य सरकार की इस पहल से महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और स्वायत्तता बढ़ी है स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने रक्त संबंध मेंसंपत्ति दान करने के लिए सिर्फ 5000 की फीस तय की थी. इससे पारिवारिक संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी व उनके अधिकार के लिए राज्य मेंबनाए गए नियमों ने उन्हें सही मायने में मालकिन बना दिया. इस फैसले का ही असर है कि महज तीन वर्ष में लगभग 3.50 लाख संपत्तियों पर बेटियोंऔर बहनों का हक पिता व भाइयों ने उनके नाम कर दिया. करीब डेढ़ लाख मामलों का किया गया निस्तारणवहीं 2022 से पहले करीब 60 हजार की संपत्तियों पर महिलाओं को विधिक अधिकार मिल पाता था.पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर करीब 28 लाख राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया है. राजस्व विभाग में लंबित मामलों को गंभीरता सेलिया गया और उन्हें समयबद्ध तरीके से निपटाया गया. इसका परिणाम यह है कि जनता को जमीन से जुड़े विवादों में त्वरित न्याय मिल रहा है. पिछलेएक वर्ष में 24 लाख से अधिक नामांतरण के मामलों का निस्तारण किया गया. इसके साथ ही जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मामलों का तेजी सेसमाधान किया गया जिससे जनता को बड़ी राहत मिली है कुल 30 लाख मामले उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर निस्तारित कराए गएहैं.इस दौरान डेढ़ लाख से ज्यादा पैमाइश के मामले निपटाए गए हैं. इसके अंतर्गत जमीन की माप-जोख से जुड़े विवाद सुलझाए गए जिससे ग्रामीणइलाकों में लोगों को बड़ी राहत मिली. वहीं 80 हजार बेदखली और 95 हजार अकृषक उपयोग के मामलों का भी समाधान किया गया है इसकेअलावा बंटवारे से संबंधित करीब डेढ़ लाख मामलों का निस्तारण किया गया है.

भारत और पाकिस्तान के युद्ध विराम के बाद भी पाकिस्तान में नहीं कोई सुधार, दोबारा सीजफायर का उल्लंघन करने को लेकर बोले क्रिक्रेटर सहवाग व शिखर धवन “कुत्ते की दुम टेढ़ी… घटिया देश”

भारत और पाकिस्तान ने चार दिन के संघर्ष के बाद शनिवार को संघर्ष विराम का एलान किया हालांकि शनिवार शाम पांच बजे से संघर्ष विराम शुरूहुआ और इसके कुछ घंटों बाद पाकिस्तान की ओर से सीमा पर फिर से गोलीबारी की गई. अब पाकिस्तान को भारत के पूर्व क्रिकेटर्स ने लताड़ा है. वीरेंद्र सहवाग और शिखर धवन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाकिस्तान पर निशाना साधा है.दरअसल संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूदपाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आया. उसने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर दिया विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शनिवार रात 11 बजेप्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जिसमें बताया कि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. जिसका भारत ने माकूल जवाब दिया मिस्री ने कहा किभारतीय सेना पाकिस्तान की तरफ से इस तरह की हरकत करने पर मुंहतोड़ जवाब देगी. सीजफायर के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआहै. युद्ध विराम के बाद भी सुनाई दिए धमाकेभारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के चार घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर में ड्रोन देखे गए और धमाके सुनाई दी. इसके बाद सेना ने जवाबीकार्रवाई की ड्रोन और धमाकों की आवाज सुनाई दिए जाने के बाद एहतियात के तौर पर राजस्थान और पंजाब के कई शहरों में फिर से बिजली काटीगई.इसके बाद सहवाग ने अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट करते हुए एक तस्वीर साझा की उन्होंने लिखा कुत्ते की दुम टेढ़ी की टेढ़ी ही रहती है. वहीं शिखरधवन ने भी एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा घटिया देश ने फिर अपना घटियापन पूरी दुनिया के आगे दिखा दिया. वहीं पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसादने भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा पाकिस्तान में तीन शक्ति केंद्र हैं सेना आईएसआई और प्रधानमंत्री भले ही उनमें से कोई एक सहमत हो. लेकिन तीनोंके लिए किसी एक बात पर सहमत होना लगभग असंभव है. 15 शहरों में करना पड़ा ब्लैकआउटपाकिस्तान के लिए पिछले तीन दिन काफी नहीं थे इस उकसावे के बाद भारत पाकिस्तान को जीवन भर का सबक सिखा देगा.सीमापार से फायरिंग मेंआरएसपुरा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज बलिदान हो गए. हमले में सात अन्य जवान घायल हुए हैं सभीसैन्य अस्पताल में भर्ती हैं पंजाब राजस्थान और गुजरात में भी कई धमाके हुए. रात तक 15 शहरों में ब्लैकआउट करना पड़ा केंद्र सरकार ने इसे सहमतिका घोर उल्लंघन करार देते हुए सेना को जवाबी कार्रवाई करने की छूट दे दी. रात 11 बजे विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसके लिए पाकिस्तान कोजिम्मेदार ठहराते हुए निंदनीय करार दिया. उन्होंने कहा पाकिस्तान स्थिति को ठीक से समझे और इसे रोकने के लिए तुरंत उचित कार्रवाई करे. सेनाहालात पर कड़ी नजर रखे हुए है। उसे संघर्ष विराम उल्लंघन के खिलाफ ठोस और सख्त कदम उठाने के लिए आदेश दिए गए हैं. हालांकि इसचेतावनी के बाद कुछ शहरों में गोलीबारी थम गई.

यूपी की राजधानी लखनऊ में रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनी मिसाइल ब्रह्मोस, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले देश के लिए ऐतिहासिक दिन

यूपी की राजधानी लखनऊ रविवार को रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनी. यहां उप्र डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड परदुनिया की सबसे विध्वंसक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के उत्पादन इकाई का शुभारंभ हुआ.समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह डिजिटल माध्यमसे दिल्ली से जुड़े. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस परियोजना का उद्घाटन किया. यह कदम रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को मजबूतऔर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात में सामरिक शक्ति को नई धार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.इस मौके पररक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी. बल्कि आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत की राजनीतिक सामाजिक औररणनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक थी. ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने उन आतंकवादियों को सजा दी. जिन्होंने कई परिवारों के सिंदूर कोमिटा दिया पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को नष्ट करने के लिए सात मई कीसुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था.पूरे देश के लिए ऐतिहासिक दिनपाकिस्तानी हमलों के बाद की सभी जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई.इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिनहमारे शहर लखनऊ हमारे राज्य उत्तर प्रदेश और हमारे पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. आज का दिन उस शक्ति की आराधना का दिन है जोहमारी सेनाओं को संबल प्रदान करती है जो हमारी सेनाओं में निहित होकर दुश्मन पर कहर बरपाती है। आज का दिन मेरे लिए व्यक्तिगत रूप सेमहत्वपूर्ण है. क्योंकि मैंने अपने शहर लखनऊ के लिए एक सपना देखा था. कि मेरा शहर भारत के रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में एक बड़ा योगदान देवह सपना अब पूरा हो रहा है.रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि ब्रह्मोस एकीकरण और परीक्षण सुविधा का उद्घाटन इसलिए भी महत्व रखता है क्योंकि आजका दिन बड़ा खास है आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस है. आज ही के दिन 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिकों ने पोखरण मेंपरमाणु परीक्षण करके दुनिया को भारत की ताकत दिखाई थी. वह परीक्षण हमारे वैज्ञानिक, इंजीनियर्स, रक्षा कार्मिक और कई अन्य हितधारकों केअथक प्रयासों का परिणाम था. आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से किया था लॉन्चरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से लॉन्च किया था. हमनेउनके आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया लेकिन पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया. बल्कि मंदिर, गुरुद्वाराऔर गिरिजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया.भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेकसैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है. हमने केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर ही नहीं कार्रवाई की बल्कि भारत की सेनाओं की धमकउस रावलपिंडी तक सुनी गई. जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमारेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत है जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार दोनों तरफ प्रभावी कारवाईकरेगा.

પાકિસ્તાને  36 જગ્યા પર 400 ડ્રોનથી કરી હુમલાની કોશિશ. કર્નલ સોફિયાએ આપી માહિતી 

ભારતના ‘ઓપરેશન સિંદૂર’થી હતાશ થઈને પાકિસ્તાની સેનાએ ગુરુવારે રાત્રે ભારતના ઉત્તર અને પશ્ચિમ વિસ્તારોમાં અનેક લશ્કરીઠેકાણાઓ પર ડ્રોન અને મિસાઈલ હુમલાનો પ્રયાસ કર્યો.નવી દિલ્હી: ભારતના ‘ઓપરેશન સિંદૂર’થી હતાશ થઈને પાકિસ્તાની સેનાએ ગુરુવારે રાત્રે ભારતના ઉત્તર અને પશ્ચિમ વિસ્તારોમાં અનેકલશ્કરી ઠેકાણાઓ પર ડ્રોન અને મિસાઈલ હુમલાનો પ્રયાસ કર્યો. પરંતુ ભારતે S-400 વાયુ સંરક્ષણ પ્રણાલી દ્વારા આ હુમલાઓને નિષ્ફળબનાવ્યા હતા. કર્નલ સોફિયાએ આ અંગે વિગતવાર માહિતી આપી હતી. આ હુમલાઓ વિશે માહિતી આપતા કર્નલ સોફિયા કુરેશી અનેવિંગ કમાન્ડર વ્યોમિકા સિંહ સાથે વિદેશ સચિવ વિક્રમ મિસરી ઉપસ્થિત રહ્યા હતા. ભારતે પાકિસ્તાન અધિકૃત કાશ્મીરમાં નવ આતંકવાદી છાવણીઓ પર મિસાઇલો છોડીને આતંકવાદી છાવણીઓનો નાશ કર્યા બાદપાકિસ્તાન દ્વારા આ હુમલા કરવામાં આવ્યા હતા. દરમિયાન, આ સમગ્ર ઘટના પર સંરક્ષણ પ્રધાન રાજનાથ સિંહે આજે સાઉથ બ્લોકમાંસીડીએસ અને ત્રણેય સેનાના વડાઓ સાથે પરિસ્થિતિની સમીક્ષા કરી હતી.

अमेरिका की मध्यस्थता में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम का समझौता, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

दुनिया की निगाहें एक बार फिर भारत और पाकिस्तान पर टिक गई हैं। इस बार वजह है अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप का एक चौंकानेवाला बयान, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण और तत्काल युद्धविराम(Ceasefire) पर सहमति बन गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:“संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में हुई एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तानने पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। दोनों देशों को सामान्य समझ और शानदार बुद्धिमत्ता के लिए बधाई।”

महिला सैन्य अधिकारियों की जीत: विंग कमांडर (रि.) अनुमा आचार्य की प्रेस वार्ता की मुख्य बातें 

नई दिल्ली, 10 मई 2025:कांग्रेस मुख्यालय, 24 अकबर रोड पर आज प्रेस को संबोधित करते हुए विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुमा आचार्य ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले कास्वागत किया, जिसमें शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) की महिला अधिकारियों को अगली सुनवाई तक सेवा में बहाल रखने का निर्देश दिया गया है।अनुमा आचार्य न केवल कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता हैं, बल्कि भारतीय वायुसेना में 24 वर्षों की कमीशन सेवा दे चुकी हैं। उन्होंने कहा, “आज देश की सबसे भरोसेमंद संस्था, भारतीय सेना के साहस और शौर्य को हम श्रद्धापूर्वक सलाम करते हैं।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयकी सराहना करते हुए कहा कि यह महिला अधिकारियों के लिए उम्मीद की किरण है और उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुभवी महिला अधिकारी भी युवा सैनिकों को मार्गदर्शन और मानसिक संबल देने के लिए जरूरी हैं। अनुमा ने याददिलाया कि यह न्यायिक यात्रा 1992 में शुरू हुई थी, जब कांग्रेस सरकार ने पहली बार महिला अधिकारियों की भर्ती को हरी झंडी दी थी। उस समययह एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ था। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे विंग कमांडर अनुपमा जोशी और स्क्वाड्रन लीडर रुखसाना हक ने 2007 में कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो आगेचलकर ‘बबीता पुनिया बनाम भारत सरकार’ केस में परिणत हुई। इसी केस के जरिए महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन और पेंशन योग्य सेवामिलने का रास्ता खुला। अनुमा आचार्य ने इस संघर्ष के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका का भी ज़िक्र किया, जिन्होंने 2010 में महिला अधिकारियों केप्रतिनिधिमंडल से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि वायुसेना की महिला अधिकारियों को पहले ही परमानेंट कमीशनमिल चुका था, जबकि थल सेना और नौसेना की महिला अधिकारियों को कोर्ट के फैसलों के बाद ही यह लाभ मिला। प्रेस वार्ता के अंत में अनुमा ने कहा, “आज के फैसले से यह उम्मीद जागी है कि आने वाले 30 वर्षों में हम एक महिला सेना अध्यक्ष भी देख सकते हैं।” उन्होंने महिला अधिकारियों की एनडीए के ज़रिए हो रही भर्ती और नीति बदलावों की भी प्रशंसा की। उन्होंने देश की सेनाओं के प्रति गहरी आस्था और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, “जो भी तिरंगे को अपने से ऊपर रखता है, हम उसके प्रति श्रद्धा रखतेहैँ।