संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् ने बंद कमरे में की अहम बैठक, भारत की गैर-मौजूदगी के बीच यूएनएससी में भी किरकिरी

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बंद कमरे में अहम बैठक की. इस दौरान राजदूतों ने दोनों देश से संयमबरतने और बातचीत करने की अपील की. पाकिस्तान वर्तमान में शक्तिशाली परिषद का एक अस्थायी सदस्य है उसने ही परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों केबीच स्थिति पर बंद कमरे में विचार-विमर्श का अनुरोध किया था. हालांकि उसका यह मंसूबा भी कामयाब नहीं हुआ. पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने के बादबैठक तो बुलाई गई लेकिन बैठक के बाद अब तक न ही परिषद और न ही किसी देश ने इस मंथन को लेकर कोई बयान जारी किया. बैठक में आदतसे मजबूर पाकिस्तान ने शराफत का ढोंग किया लेकिन परिषद ने अब तक इसे कोई तवज्जो नहीं दी. 15 देशों की सुरक्षा परिषद की ओर से आयोजितयह विचार-विमर्श सोमवार दोपहर करीब डेढ़ घंटे तक चला. लेकिन बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया संयुक्त राष्ट्र मेंपाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि बंद कमरे में विचार-विमर्श के मकसदोंमें परिषद के सदस्यों को भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने के तैयार कराना और हालात से निपटनेके तरीकों पर मंथन करना शामिल है. कवायदों पर विचार विमर्श भी शामिलबैठक में टकराव से बचने की कवायदों पर विचार विमर्श भी शामिल है जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.दुनिया के कई देशों के सामने पाकिस्तान केनाक रगड़ने के बाद मई महीने के लिए परिषद के अध्यक्ष ग्रीस ने सोमवार दोपहर को बैठक निर्धारित की थी. बंद कमरे में हुई यह बैठक यूएनएससीचैंबर में नहीं हुई. जहां परिषद के सदस्य घोड़े की नाल जैसी मेज पर बैठते हैं बैठक चैंबर के बगल में एक परामर्श कक्ष में हुई.राजनीतिक और शांतिनिर्माण मामलों और शांति संचालन विभागों में मध्य पूर्व, एशिया और प्रशांत के सहायक महासचिव ट्यूनीशिया के खालिद मोहम्मद खैरी ने दोनोंविभागों (डीपीपीए और डीपीओ) की ओर से परिषद को मामले से अवगत कराया. बैठक से बाहर आकर उन्होंने कहा कि संघर्ष को संवाद के जरिएशांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए. फिलहाल स्थिति है अस्थिरदरअसल स्थिति फिलहाल अस्थिर है इसलिए बातचीत के रास्तों को अपनाने का आह्वान किया गया.संयुक्त राष्ट्र में ग्रीस के स्थायी प्रतिनिधि और मईमहीने के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष राजदूत इवेंजेलोस सेकेरिस ने बैठक को सार्थक करार दिया. उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा न करते हुए बैठकको हालत सुधारन में मददगार बताया. तनाव कम करने में परिषद की भूमिका पर सवालों के जवाब में सेकेरिस ने कहा कि सुरक्षा परिषद हमेशा ऐसेप्रयासों में मददगार होती है.यूएनएससी की बैठक से पहले यूएन में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने पीटीआई से कहा थाकि ऐसी चर्चा से कोई सार्थक परिणाम की उम्मीद नहीं की जा सकती है. अगर संघर्ष या तनाव में शामिल कोई पक्ष परिषद की अपनी सदस्यता काउपयोग करके धारणाओं को आकार देने का प्रयास करता है तो इसका कोई भी मतलब नहीं निकलता भारत ऐसे पाकिस्तानी प्रयासों को विफलकरेगा.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जल विवाद को लेकर, मैं नहीं झुकूंगा सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूगा

हरियाणा के साथ जल विवाद के मुद्दे पर सोमवार को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पानी पर एक बार फिर अपनास्टैंड क्लीयर कर दिया. कहा कि मैं किसी के सामने नहीं झुकूंगा. पंजाब के पानी की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूंगा. एक बूंद भी अतिरिक्त पानीकिसी को नहीं दूंगा. इधर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा यदि पंजाब सरकार ने ओछी राजनीति नहीं छोड़ी तो जनता बेदखल कर देगी. विशेष सत्र में छह अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति के साथ मंजूर किया गया. सरकार ने हरियाणा को 4500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिए जाने केबीबीएमबी बोर्ड के 23 और 30 अप्रैल को हुई बैठक में लिए फैसलों को रद्द कर दिया. साथ ही केंद्र के डैम सेफ्टी एक्ट-2021 के खिलाफविधानसभा में प्रस्ताव लाकर सर्वसम्मति से रद्द कर केंद्र को भेज दिया गया. मान ने कहा कि पंजाब के पुनर्गठन के दौरान 1966-67 में बीबीएमबी कागठन किया गया था. लेकिन आज ये एक सफेद हाथी बन चुका है इसे बंद करना देना चाहिए. तय किए गए मानकदरअसल 1981 में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल और चंडीगढ़ के बीच पानी के बंटवारे को लेकर जो मानक तय किए गए थे. आजस्थिति उसके बिलकुल विपरित है. मान ने कहा कि नये सिरे से पानी के बंटवारे को लेकर संधि तैयार की जानी चाहिए सीएम ने तर्क दिया किबीबीएमबी के गठन के समय पानी की स्थिति कुछ और थी. आज राज्य के भाखड़ा, रणजीत सिंह और पौंग डैम तीनों में कुल मिलाकर 50 से 55 फीटपानी कम है. मान ने कहा कि रिपेरियन स्टेट के दर्जे में रावी, ब्यास और सतलुज से हरियाणा और राजस्थान का हिस्सा नहीं लगता, फिर भी इन राज्योंको पानी दिया जा रहा है.सीएम मान ने कहा कि पुरानी सरकारों के समय राज्य में केवल 21 प्रतिशत पानी का उपयोग किया जाता था. अब खेतों तकनहरी पानी पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहा है. 2022 के बाद से पंजाब ने अपने पानी का 60 से 66 प्रतिशत तक इस्तेमाल करना शुरू करदिया है. 69 प्रतिशत किया गया पानी का उपयोगमान ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पंजाब में पहले पानी के अपने तय कोटे में से वर्ष 2014-15 में 70 प्रतिशत, 2015-16 में 76 प्रतिशत, 2016-17 में 87 प्रतिशत इसी तरह 2021 में 69 प्रतिशत पानी का उपयोग किया. जबकि 2022 के बाद 2024 में 85 और 2025 में अब तकपहली बार पंजाब ने अपने पानी के कोटे में से 91 प्रतिशत पानी का इस्तेमाल किया है.सीएम मान ने कहा कि हरियाणा में उपजे जल संकट काकारण वह खुद हैं बीते 6 महीने में 6 बार पत्र लिखकर हरियाणा सरकार को पानी के इस्तेमाल को लेकर चेताया गया. लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दियापंजाब अब भी इंसानियत के नाते हरियाणा को पीने के लिए 4500 क्यूसेक पानी दे रहा है जबकि हरियाणा की आबादी के अनुसार 1700 क्यूसेकपानी बनता है. मान ने कहा कि पीने के लिए पानी की मांग में जो पंजाब को 4500 क्यूसेक डिमांड लेटर मिला था, उसमें 680 क्यूसेक पानी लॉसयानी घाटे के लिए दिखाया गया था. तब भी पंजाब ने पीने की अतिरिक्त मांग को पूरा किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का दावा, PM मोदी को मिली आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे झारखंड की राजधानी रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा उन्होंने मंगलवार कोदावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट मिली थी. जिसके बाद ही उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश काअपना दौरा रद्द कर दिया था. उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी गई थी. इसलिए उन्होंने कश्मीर जाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। मैंने यह बात एक अखबार में भी पढ़ी.22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में26 लोग मारे गए थे. जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे झारखंड की राजधानी रांची में ‘संविधान बचाओ’ रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रमुख नेदावा किया कि सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि खुफिया जानकारी में खामी थी. उन्होंने पूछा ‘क्या केंद्र को पहलगाम हमलेमें हुई मौतों के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए. जब उसने खुफिया जानकारी में खामी स्वीकार कर ली है. देश है सर्वोच्च बोली कांग्रेसउन्होंने एलान किया कि कांग्रेस पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए केंद्र के साथ खड़ी है. क्योंकि देश सर्वोच्चहै और पार्टी, धर्म और जाति से परे है.उन्होंने सरकार से तीखे सवाल करते हुए कहा कि आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट होने के बाद भी केंद्र नेपहलगाम में अधिक सुरक्षा बल क्यों नहीं तैनात किए. क्या केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए. जबउसने खुद खुफिया चूक स्वीकार कर ली है. पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी हैपार्टी से परे देश सर्वोच्च है. हालांकि खरगे ने यह आरोप भी लगाया कि संभावित आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट के बाद पीएम मोदी ने कश्मीर कादौरा रद्द कर दिया.उन्होंने कहा कि हम भारत, गरीब लोगों, आदिवासियों के लिए लड़ते हैं। भाजपा केवल ‘जुमला’ (बयानबाजी) में विश्वास करती है. कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी की नीति सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों को बंद करना, एससी, एसटी, ओबीसी समुदायों से नौकरियांछीनना है.मामले में भाजपा ने पलटवार किया झारखंड भाजपा प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आईहै.जब आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है.
हिमाचल प्रदेश में हुई मंत्रिमंडल की बैठक, लिए गए बड़े फैसले “जानें क्या है 20 फैसले”

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में कई बड़े फैसले लिएगए. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में कार्यरत व 31 मार्च, 2025 तक सात वर्ष की निरंतर सेवाएं पूरी कर चुके अंशकालिक चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी के रूप में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया. करीब आठ हजार अंशकालिकों को इसका लाभ मिलेगा।बैठक में वन विभाग के वन्यजीव विंग को शिमला से जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित सीपीडी केएफडब्ल्यू परियोजना कार्यालय भवन में स्थानातंरितकरने को स्वीकृति प्रदान की गई. इसके साथ सीपीडी केएफडब्ल्यू परियोजना कार्यालय को वन अरण्यपाल (वन्यजीव) धर्मशाला के खाली भवन मेंस्थानातंरित करने का निर्णय लिया गया.मंत्रिमंडल की बैठक में जिला कारागार को मंडी से नेरचौक के नवनिर्मित भवन में स्थानातंरित करने की स्वीकृतिदी गई. मंडी के वर्तमान जेल परिसर को महिलाओं की ओपन जेल में परिवर्तित किया जाएगा.स्वीकृति भी की गई प्रदानइस जेल के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति भी प्रदान की गई. बैठक में राजस्व विभाग केतहत हिमाचल प्रदेश ऑनलाइन फाइलिंग एंड प्रोसेसिंग ऑफ कोर्ट केस नियम-2025 को मंजूरी प्रदान की गई. इन नियमों के अंतर्गत राजस्वन्यायालय आवेदन, अपील, पुनरीक्षण, समीक्षा आदि अन्य याचिकाएं ऑनलाइन प्राप्त एवं प्रसंस्कृत कर सकेंगे.मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्यचयन आयोग को परीक्षाओं की फीस तय करने का अधिकार प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की. मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के चिंतपूर्णी, जिला शिमलाके सराहन विशेष क्षेत्र और जिला हमीरपुर के भोटा योजना क्षेत्र के लिए विकास योजनाएं तैयार करने का निर्णय लिया गया ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों केसाथ लगते क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और अव्यवस्थित व्यावसायिक विकास पर अंकुश लगाया जा सके. राज्य सरकार ने सरकारी भर्तियों की बदली प्रक्रियाराज्य सरकार ने सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब नई भर्तियों में दो साल का अनुबंध नहीं होगा बल्कि चयनित उम्मीदवारों कोपहले दो साल ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया जाएगा. यह फैसला मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कियागया. यह निर्णय उन पदों पर लागू होगा जिनकी भर्ती प्रक्रिया चल रही है इस नई प्रणाली के तहत ट्रेनी के रूप में कार्य करने के बाद ही कर्मचारी औरअधिकारी नियमित नियुक्ति के पात्र होंगे. सरकार ने कानूनी रूप से अनुबंध प्रणाली को समाप्त कर दिया है. अब किसी भी सरकारी पद पर दो सालकी अनुबंध नियुक्ति नहीं होगी इसके स्थान पर दो वर्ष तक प्रशिक्षण के आधार पर ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया जाएगा. इसके बाद ही स्थायीनियुक्ति दी जाएगी भविष्य में होने वाली नियुक्तियों के पहलुओं पर विचार के लिए एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया.
भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिध सैयद अकबरुद्दीन की आई कड़ी प्रतिक्रिया,बोले देश की बातों को नहीं लेता गंभीरता से

कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) की बंद कमरे में बैठक पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन नेमंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आज पाकिस्तान की वास्तविक स्थिति यह है कि कोई भी देश उसकी बातों कोगंभीरता से नहीं लेता और न ही उसके परमाणु हथियार और सिंधु जल समझौते के निलंबन पर हमले की धमकी का भारत पर कोई असर होता है. अकबरुद्दीन ने कहा, बहुपक्षीय संगठनों का इस्तेमाल करके दुनिया का ध्यान आकर्षित करने का पाकिस्तान का प्रयास नया नहीं है. हमने इसे काई बारदेखा है इस बार उसने 60 वर्षों में पहली बार एक ऐसे एजेंडा पेश करने की कोशिश की जिस पर पहले कभी चर्चा नहीं हुई थी. वह है भारत-पाकिस्तान सवाल। भारत-पाकिस्तान सवाल पर आखिरी बार औपचारिक चर्चा 1965 में हुई थी. पाकिस्तान ने सोचा कि इसके जरिए वह भारत-पाकिस्तान के मुद्दे को फिर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाकर चर्चा का विषय बना सकता है लेकिन यह केवल एक दिखावा था.पूर्व राजनयिक ने कहापाकिस्तान सार्वजनिक कूटनीति पर ज्यादा फोकस करता है असल में वह इन मंचों का उपयोग अपने देश की छवि को सुधारने के लिए के लिए करताहै न कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर वार्ता के लिए इसलिए उसका प्रयास विफल हो गया। दिखावा काम नहीं आया. सुरक्षा परिषद ने स्वीकार नहीं किया मामलासुरक्षा परिषद ने उसके मामले को स्वीकार ही नहीं किया उन्होंने कहा यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है. जो महीनों से 15 देशों के साथमिलकर इस मुद्दे पर काम कर रहा था फिर पता चला कि जो वह चाहता है उसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है.अकबरुद्दीन ने बताया कि सुरक्षा परिषदइस तरह से काम करता है. सबसे पहले प्रस्ताव आता है फिर अध्यक्षीय बयान आता है फिर प्रेस बयान और अंत में सुरक्षा परिषद के प्रमुख प्रेस सेमौखिक रूप से कुछ कहते हैं. इन चारों में से कोई भी बात इस बैठक के बाद नहीं हुई इसका मतलब है कि पाकिस्तान ने जो भी कोशिश की वो पूरीतरह विफल रही आप देख सकते हैं कि पाकिस्तान की कोशिशों का कोई असर नहीं पड़ा. इतनी कोशिशों के बावजूद उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला. पाकिस्तान को नहीं मिलेगा कोई समर्थनउन्होंने कहा जो होना था वही हुआ इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि पाकिस्तान को कोई समर्थन नहींमिलेगा क्योंकि आज की दुनिया में पाकिस्तान को एक गंभीर और भरोसेमंद देश नहीं माना जाता. हर कोई जानता है कि पाकिस्तान की कोशिशें सिर्फदिखावे और प्रचार के लिए होती हैं ना कि किसी गंभीर संवाद या समाधान के लिए वह सिर्फ मंच पर बोलना चाहता है लेकिन असली बातचीत मेंरुचि नहीं रखता. उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच की पाकिस्तान की मांग का चीन द्वारा समर्थन किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी. अकबरुद्दीन ने कहा यह एक ऐसा खेल है जिसे पाकिस्तान नियमित रूप से खेलता है. यह एक ऐसा खेल है जिसमें वह लड़खड़ा जाता है यह एक ऐसाखेल है जिसमें उसका एकमात्र सदाबहार मित्र चीन है लेकिन बाकी दुनिया आगे बढ़ चुकी है वह पाकिस्तान को उसकी वास्तविकता के रूप मेंपहचानती है.
Political Tension Rises Over Death of Imtiyaz Ahmed Magre in Kulgam

The body of 22-year-old Imtiyaz Ahmed Magre was discovered in the Vishaw Nala river in Kulgam district on May 4, 2025, sparking political tensions and heated debate. While security forces have labeled his death a suicide, Magre’s family insists it was a case of custodial murder, demanding justice. Background of the IncidentImtiyaz Magre, a daily […]
Union Minister Bhupender Yadav and Delhi BJP President Virendra Sachdeva Address Minority Intellectuals’ Conference

New Delhi: A large-scale Minority Intellectuals’ Conference was held at the Dr. Ambedkar International Center, where participants from various communities, including Muslim intellectuals, gathered to gain insights into the benefits of the amended Waqf Board Act. The event saw prominent leaders such as Union Minister Shri Bhupender Yadav, Delhi BJP President Shri Virendra Sachdeva, and […]
પાકિસ્તાન સાથે યુદ્ધ ની આશંકા વચ્ચે સિવિલ ડિફેન્સ મોક ડ્રિલ પર મિટિંગ શરૂ

આવતીકાલે 244 જિલ્લામાં યુદ્ધમાં બચવાની ટ્રેનિંગ આપવામાં આવશે : નાગરિકોને હુમલા દરમિયાન પોતાને બચાવવા માટે તાલીમઆપવામાં આવશે હુમલાની ચેતવણી આપતા સાયરન વગાડવામાં આવશે.
दिल्ली शराब घोटाले को लेकर केजरीवाल और सिसोदिया की याचिकाओं पर होगी सुनवाई, ट्रायल कोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती

दिल्ली हाई कोर्ट सोमवार को आप के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा ये याचिकाएं प्रवर्तननिदेशालय (ईडी) द्वारा कथित शराब नीति घोटाले में दायर चार्जशीट पर ट्रायल कोर्ट के संज्ञान लेने के फैसले को चुनौती देती हैं. केजरीवाल औरसिसोदिया ने 2024 में दायर अपनी याचिकाओं में दावा किया है कि विशेष अदालत ने उनकी अभियोजन के लिए आवश्यक स्वीकृति के अभाव मेंचार्जशीट पर संज्ञान लिया. जो कि उनके सार्वजनिक सेवक होने के कारण जरूरी थी.केजरीवाल ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने के साथ-साथमामले में सभी कार्यवाहियों को समाप्त करने की मांग की है. न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा के समक्ष यह मामला सूचीबद्ध है हाई कोर्ट ने केजरीवाल कीयाचिका पर 21 नवंबर 2024 को और सिसोदिया की याचिका पर 2 दिसंबर 2024 को ईडी को नोटिस जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवालको मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 12 जुलाई 2024 को अंतरिम जमानत और सीबीआई मामले में 13 सितंबर 2024 को जमानत दी थी. वहीं सिसोदियाको 9 अगस्त 2024 को ईडी और सीबीआई दोनों मामलों में जमानत मिली थी. शराब नीति में दी गई संशोधन की अनियमितताएंसीबीआई और ईडी के अनुसार शराब नीति में संशोधन के दौरान अनियमितताएं की गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. दिल्लीसरकार ने इस नीति को 17 नवंबर 2021 को लागू किया था और सितंबर 2022 तक इसे रद्द कर दिया था.यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला दिल्ली केउपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा नीति में कथित अनियमितताओं की जांच की सिफारिश के बाद दर्ज सीबीआई मामले से उत्पन्न हुआ है.एवेन्यू कोर्ट मेंपूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत तीन आरोपियों के खिलाफ 2019 में सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के मामले में शनिवार को सुनवाई टल गई. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने मामले की अगली सुनवाई 8 मई को करने का आदेश दिया. मामले के जांच अधिकारी (आईओ) किशन चंद ने कहा कि शिकायतकर्ता से फोटो चाहिए. इस पर शिकायतकर्ता शिव कुमार सक्सेना ने कहा कि उन्होंने कोर्ट में जो याचिका दायर की हैउसमें फोटो मौजूद हैं इस पर आईओ ने कहा कि वे फोटो के लिए उचित अर्जी दाखिल करेंगे. इस मामले में पुलिस ने केजरीवाल समेत तीन आरोपियोंके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
रोमानिया राष्ट्रपति चुनाव में मिली राष्ट्रवादी नेता जॉर्ज सिमियन को निर्णायक जीत,99 फीसदी हुई गिनती पूरी

रोमानिया में राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में कट्टरपंथी राष्ट्रवादी नेता जॉर्ज सिमियन को रविवार को निर्णायक जीत मिली. एलायंस फॉर द यूनिटीऑफ रोमानिया के प्रमुख 38 वर्षीय सिमियन को 40.5% वोट मिले हैं. वहीं सिमियन से काफी पीछे दूसरे स्थान पर बुखारेस्ट के मेयर निकुसोर डैनको 20.89% वोट मिले. जबकि तीसरे नंबर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार क्रिन एंटोनेस्कु रहे. जिन्हें 20.34% वोट मिले। वहीं एंटोनेस्कुने हार स्वीकार कर ली है और कहा कि यह नतीजा अब बदलना मुश्किल है. बता दें कि चुनाव इसलिए दोबारा कराए गए क्योंकि पहले के नतीजों कोरद्द कर दिया गया था. जिससे यूरोपीय संघ और नाटो सदस्य देश रोमानिया में दशकों की सबसे बड़ी राजनीतिक संकट खड़ी हो गई थी. चुनाव आयोगकी माने तो अभी 99% वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है.रोमानिया में हुए इस चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए कुल 11 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था. जहां अब 18 मई को शीर्ष दो प्रत्याशियों सिमियन और डैन के बीच फाइनल मुकाबला होगा. यूरोपीय यूनियन के समर्थन में चलाया कैंपेनदरअसल चुनाव में कुल 53.2% वोटिंग हुई, यानी करीब 95.7 लाख मतदाताओं ने वोट डाले. इनमें से 9.73 लाख वोट विदेशों में बने मतदान केंद्रोंपर पड़े.देखा जाए तो रोमानिया में हुए इस चुनाव कई बात साफ हो गई और चुनाव में जनता का मूड साफ दिखा. मीडिया रिपोर्ट के माने तो लोग अबपारंपरिक राजनीतिक पार्टियों से ऊब चुके हैं और बदलाव की मांग कर रहे हैं. देश में तेजी से राजनीतिक माहौल बदल रहा है और इसका सबसे बड़ासंकेत है नए चेहरों की बढ़ती लोकप्रियता.55 साल के गणितज्ञ और पूर्व भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता डैन ने 2016 में सेव रोमानिया यूनियन(यूएसआर) नाम की पार्टी बनाई थी. उन्होंने ऑनेस्ट रोमानिया नाम से चुनाव लड़ा और यूरोपीय यूनियन के समर्थन में कैंपेन चलाया. हालांकि वोटिंगके बाद डैन ने कहा कि यह रोमानियाई जनता और हमारे लोकतंत्र में विश्वास की बात है यह एक नई शुरुआत है जिसे हमें सही तरीके से आगे बढ़ानाहै.इसके साथ ही वहीं 65 वर्षीय सेंट्रिस्ट नेता एंटोनेस्कु ने देश को एकजुट और मजबूत बनाने की बात की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र एक विचारों कीलड़ाई है लेकिन हम सब एक ही देश के नागरिक हैं और हमें मिलकर आगे बढ़ना है. वहीं पुराने प्रधानमंत्री विक्टर पोंटा जो 2012 से 2015 तक इसपद पर रहे ने रोमानिया फर्स्ट के नारे के साथ ट्रंप प्रशासन से करीबी रिश्तों की बात कही. उन्हें केवल 14.3% वोट मिले और वो चौथे स्थान पर रहे.