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दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस वर्मा के घर से जले हुए नोट बरामद, जांच कमेटी गठित

दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के अंदर की पहली तस्वीरें सामने आ गई हैं, जिनमें जले हुए नोट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन तस्वीरों और रिपोर्ट को अपनी आधिकारिकवेबसाइट पर भी प्रकाशित किया है। जले हुए नोटों की बरामदगी और प्रारंभिक जांचसुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि आग बुझने के बाद जस्टिस वर्मा के घर के एक कमरे में 4-5 अधजली बोरियां मिलीं, जिनमेंभारतीय मुद्रा के अवशेष पाए गए। इस घटना की जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने दी है। जांच के लिए गठित समितिसुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें पंजाब एवं हरियाणाहाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिसअनु शिवरामन शामिल हैं। समिति को जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की गहन जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का बयानदिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने बताया कि जस्टिस वर्मा से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिस कमरे में आग लगी थी, वहां अनुपयोगी घरेलूसामान रखा हुआ था। जस्टिस वर्मा ने यह भी बताया कि घटना के समय वे भोपाल में थे और आग की सूचना उन्हें उनकी बेटी से मिली।चीफ जस्टिस ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि घटना स्थल पर कोई बाहरी व्यक्ति आया था या नहीं। प्रथम दृष्टयामामला संदिग्ध प्रतीत होता है और गहन जांच की आवश्यकता है। पुलिस आयुक्त का बयानदिल्ली पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि आग लगने की सूचना जस्टिस वर्मा के निजी सचिव ने पीसीआर कॉल के माध्यम से दी थी। हालांकि, अग्निशमन सेवा को अलग से सूचना नहीं दी गई थी। सुरक्षा गार्ड के अनुसार, आग लगने के बाद कुछ मलबा और अधजले सामान को कमरे से हटादिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का निर्देश सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को निर्देश दिया कि वे जस्टिस वर्मा से कमरे में मिले नोटों की सफाईऔर उनके स्रोत के बारे में जानकारी प्राप्त करें। साथ ही, पिछले छह महीनों के कॉल रिकॉर्ड और आवास पर तैनात सुरक्षा गार्डों का विवरण भी मांगागया है। जस्टिस वर्मा का पक्षजस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा स्टोर रूममें नकदी नहीं रखी गई थी। उन्होंने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि इस घटना के पीछे उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गहन जांच की मांगप्रारंभिक जांच और बयानों के आधार पर मामला अभी भी संदिग्ध बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मामले की गहराईसे जांच कराने का निर्देश दिया है ताकि सच का पता लगाया जा सके।

RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का समापन,दत्तात्रेय होसबोले ने औरंगजेब, मुस्लिम आरक्षण और बीजेपी अध्यक्ष जैसे मुद्दों पर रखीराय

बेंगलुरु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का समापन 23 मार्च को हो गया। सभा के निष्कर्षों को साझा करतेहुए संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने तीन दिवसीय बैठक के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की और देश के प्रमुखमुद्दों से जुड़े सवालों के भी जवाब दिए। औरंगजेब को आइकन नहीं बना सकतेदत्तात्रेय होसबोले ने औरंगजेब से जुड़े सवाल पर कहा कि जो लोग भारत विरोधी रहे हैं, उन्हें आइकन नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया किगंगा-जमुनी तहजीब की बात करने वाले लोग औरंगजेब के भाई दारा शिकोह को क्यों नहीं याद करते। दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम बदलकरअब्दुल कलाम रोड किया गया, जो एक सकारात्मक कदम है। बीजेपी अध्यक्ष के चयन पर RSS का रुखदत्तात्रेय होसबोले ने स्पष्ट किया कि बीजेपी अध्यक्ष के चयन में संघ की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी संगठन स्वतंत्र हैं और अपनीप्रक्रिया के अनुसार अध्यक्ष का चयन करने के लिए स्वायत्त हैं। जातिगत जनगणना पर संघ का मतसंघ का मानना है कि जाति और बिरादरी के आधार पर समाज में झगड़े नहीं होने चाहिए। होसबोले ने उदाहरण देते हुए कहा कि खेल में पदक जीतनेवाले या सीमा पर शहीद होने वाले सैनिक का धर्म या जाति नहीं देखी जाती। ऐसे उदाहरण सद्भाव और एकता को बढ़ावा देते हैं। बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ पर कड़ा रुखबांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर होसबोले ने कहा कि किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने स्पष्ट कियाकि संघ हमेशा से अवैध घुसपैठ के खिलाफ रहा है और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। मुस्लिम आरक्षण पर संघ का नजरियासंविधान के अनुसार, धार्मिक आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है। दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर भी धर्म आधारित आरक्षणके पक्ष में नहीं थे। यदि कोई सरकार ऐसा करती है, तो वह अंबेडकर की मंशा के खिलाफ काम कर रही है। बीजेपी के कामकाज पर विचार दत्तात्रेय होसबोले ने बीजेपी के कामकाज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा है। संघ का कामसुझाव देना है, लेकिन बीजेपी के कार्यों में हस्तक्षेप करना उसका उद्देश्य नहीं है। संघ ने अपनी अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के माध्यम से स्पष्ट किया कि वह सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी विचारधारा को लेकर दृढ़ है औरदेशहित में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

गृह मंत्री अमित शाह संसद में हिंदी विरोध करने वालों के खिलाफ जमकर बोले, भ्रष्टाचार छिपाने के लिए भाषा के नाम पर जहर

Delhi Politics: गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हिंदी विरोध को मुद्दा बना रहे द्रमुक पर जमकर बरसे गृह मंत्रालय के कामकाज पर राज्यसभा मेंचल रही बहस का जवाब देते हुए शाह ने द्रमुक पर भ्रष्टाचार छिपाने के लिए भाषा का जहर फैलाने का आरोप लगाया. सभी भारतीय भाषाओं केविकास के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि इसी साल दिसंबर के बाद वह नागरिकों, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और सांसदों के साथपत्र व्यवहार उनकी मातृभाषा में करेंगे.तमिलनाडु में ही द्रमुक के तमिल प्रेम की पोल खोलने का दावा करते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकारके दो वर्षों के प्रयास के बाद भी मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तमिल भाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पअमित शाह ने एलान किया कि तमिलनाडुमें राजग की सरकार बनने के बाद तमिल भाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की जाएगी। पुराने भाषा विवाद की ओर इशारा करते हुएशाह ने कहा कि भाषा के नाम पर देश के बंटवारे के लिए बहुत हो चुका और अब और नहीं होना चाहिए. शुरू नहीं की है. आरोप लगाया कि अंग्रेजी मेंमेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई से द्रमुक नेताओं के आर्थिक हित जुड़े हैं. अमित शाह ने किया ऐलानअमित शाह ने एलान किया कि तमिलनाडु में राजग की सरकार बनने के बाद तमिल भाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की जाएगी।पुराने भाषा विवाद की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि भाषा के नाम पर देश के बंटवारे के लिए बहुत हो चुका और अब और नहीं होनाचाहिए.उनके अनुसार, देश भाषा विवाद से काफी आगे निकल चुका है और अब बात विकास पर होनी चाहिए. उन्होंने भाषा की आड़ में घपले, घोटालेऔर भ्रष्टाचार छिपाने की द्रमुक की कथित साजिश का गांव-गांव जाकर पर्दाफाश करने का एलान किया.अमित शाह ने भाषा विवाद पर हैरानी जतातेहुए कहा कि कोई सरकार किसी भाषा का विरोधी कैसे हो सकती है. वह खुद गुजरात से और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तमिलनाडु से आती हैं. हमकिसी भी भाषा का विरोध कैसे कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत की एक-एक भाषा हमारी संस्कृति का गहना है.हिंदी किसी भी भारतीय भाषा कीविरोधी नहीं, बल्कि सबकी सखी है और वे एक-दूसरे को समृद्ध करती हैं. अमित शाह ने सदन को बताया कि गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग केअंतर्गत भारतीय भाषाओं का एक नया विभाग स्थापित किया गया है. दो घंटे से अधिक दिया भाषणदो घंटे से अधिक के अपने भाषण में अमित शाह ने विस्तार से आंतरिक सुरक्षा, ड्रग्स तस्करी, आतंक व अलगाववाद पर लगाम, नक्सल समस्या सेनिपटने के साथ-साथ देश के संघीय ढांचे को मजबूत करने के लिए पिछले 11 वर्षों में किए गए प्रयासों का ब्योरा दिया.अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर भारत की समस्याएं मोदी सरकार को विरासत मिली थीं, जो चार दशक से आंतरिक सुरक्षा के लिएनासूर बन गए थे. मोदी सरकार ने इन तीनों समस्या से निजात दिलाने के लिए सुनियोजित प्रयास किया और आंकड़े सफलता की कहानी कहते हैं.आगेशाह ने दोहराया कि अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल समस्या से मुक्त हो जाएगा। मोदी सरकार के पहले आतंकी हमलों का जिक्र करते हुएउन्होंने कहा कि आज किसी की भी हिम्मत बम धमाका करने की नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में देश सुरक्षित है हम आतंकवाद को जड़ से उखाड़नेके लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों के अगले एक साल में पूरी तरह से लागू होने का दावा करते हुए कहा कि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले की तुलना में काफी अच्छी हुई है.

सीईओ एलन मस्क ने टेस्ला की प्रतिष्ठा को कर दिया नष्ट,निवेशकों ने की नए सीईओ की मांग

टेस्ला में लंबे समय से निवेश कर रहे रॉस गेरबर ने सार्वजनिक रूप से एलन मस्क से सीईओ के पद से इस्तीफा देने की मांग की है गेरबल का तर्क है किविशेष रूप से व्हाइट हाउस में ट्रंप की भूमिका के कारण उनका ध्यान बंट रहा है जो कंपनी को संकट की ओर ले जा रहा है. गेरबर कावासाकी वेल्थमैनेजमेंट के सीईओ गेरबर ने स्काई न्यूज से कहा “इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे (मस्क) सरकार में अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध हैं. यहीं वह अपनासमय बिता रहे हैं वह टेस्ला नहीं चला रहे हैं मुझे लगता है कि टेस्ला को एक नए सीईओ की जरूरत है व्यवसाय को बहुत लंबे समय तक नजरअंदाजकिया गया है.एक दशक से ज्यादा समय से गेरबर कावासाकी ने मस्क के नेतृत्व में टेस्ला में निवेश किया है. टेस्ला के सबसे बड़े शेयरधारकों में से नहोने के बावजूद- फरवरी 2025 तक उनके पास कंपनी के 262,352 शेयर हैं. उनका फर्म 2023 से लगातार टेस्ला में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहीहै. कंपनी के बोर्ड में बदलाव के मुखर समर्थक रॉस गेरबर ने मस्क की आलोचना करना शुरू कर दिया है. मस्क के व्हाइट हाउस की गतिविधियों मेंशामिल होने के बाद उनका विरोध और बढ़ गया है. उन्होंने आउटलेट से कहा टेस्ला बहुत सारे महत्वपूर्ण काम कर रहा है इसलिए या तो एलन कोटेस्ला में वापस आ जाना चाहिए और टेस्ला का सीईओ बन जाना चाहिए और अपनी अन्य व्यस्तताएं छोड़ देनी चाहिए या फिर उन्हें सरकार पर ध्यानकेंद्रित करना चाहिए और वह काम करते रहना चाहिए जो वह कर रहे हैं.लेकिन टेस्ला के लिए एक उपयुक्त सीईओ ढूंढना चाहिए. टेस्ला के शेयरों में जारी है गिरावटटेस्ला के शेयरों में गिरावट जारी है पिछले पांच दिनों में शेयरों पांच प्रतिशत की गिरावट आई है. दिसंबर के शिखर से कंपनी के शेयर 50 प्रतिशत सेज्यादा टूट चुके हैं. ऐसे में गेरबर का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन आवश्यक है.उन्होंने आगे तर्क दिया कि ट्विटर (अब एक्स) के साथ मस्क की भागीदारीके समय से उनका ध्यान भटक गया है और टेस्ला को इससे एक नकारात्मक प्रचार मिला है। उन्होंने कहा “कंपनी की प्रतिष्ठा एलन मस्क ने नष्ट कर दीहै. बिक्री घट रही है इसलिए हां यह एक संकट का समय है. आप सचमुच बाजार में सबसे अच्छा उत्पाद नहीं बेच सकते क्योंकि सीईओ का ध्यानभटका हुआ है.एक दशक से ज्यादा समय से गेरबर कावासाकी ने मस्क के नेतृत्व में टेस्ला में निवेश किया है. टेस्ला के सबसे बड़े शेयरधारकों में से नहोने के बावजूद- फरवरी 2025 तक उनके पास कंपनी के 262,352 शेयर हैं. उनका फर्म 2023 से लगातार टेस्ला में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहीहै. कंपनी के बोर्ड में बदलाव के मुखर समर्थक रॉस गेरबर ने मस्क की आलोचना करना शुरू कर दिया है. मस्क के व्हाइट हाउस की गतिविधियों मेंशामिल होने के बाद उनका विरोध और बढ़ गया है. उन्होंने आउटलेट से कहा “टेस्ला बहुत सारे महत्वपूर्ण काम कर रहा है इसलिए या तो एलन कोटेस्ला में वापस आ जाना चाहिए और टेस्ला का सीईओ बन जाना चाहिए और अपनी अन्य व्यस्तताएं छोड़ देनी चाहिए या फिर उन्हें सरकार पर ध्यानकेंद्रित करना चाहिए और वह काम करते रहना चाहिए जो वह कर रहे हैं लेकिन टेस्ला के लिए एक उपयुक्त सीईओ ढूंढना चाहिए.

जाकिर नाइक की मेजबानी के लिए पाकिस्तान को भारत ने लगाई फटकार.कहा वांछित शख्स का समर्थन करता है सब बयां

भारत ने भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को लेकर पाकिस्तान के नरम रुख पर और उसके आतिथ्य पर चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय(एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वांछित शख्स का समर्थन सब कुछ बयां करता है. उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि एकवांछित व्यक्ति की मेजबानी करना उसे शरण देना पाकिस्तान के दृष्टिकोण को कैसे स्पष्ट करता है.खासकर तब जब ऐसा शख्स पूर्व प्रधानमंत्री नवाजशरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज से मुलाकात कर रहा हो.दरअसल शुक्रवार को अपने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल सेन्याय का सामना करने के लिए जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग के बावजूद उसे दिए गए आतिथ्य पर भारत के रुख के बारे में पूछा गया. इस परउन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान में उसके साथ ऐसा किया गया है. यह दर्शाता है कि उसके मेजबानों का दृष्टिकोण कैसा है.18 मार्च को ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जाकिर नाइक ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्रीमरियम नवाज से रायविंड स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी. शरीफ परिवार से बैठक के दौरान पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेताओं ने कथित तौर पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.इस बीच पिछले सप्ताह नाइक से मुलाकात के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद हफीज कीआलोचना हुई थी. हफीज ने की सोशल मीडिया पर साझा की मुलाकात की तस्वीरेंहफीज ने सोशल मीडिया पर अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा की थीं.’जाकिर नाइक के साथ सुखद मुलाकात उन्होंने साथ ही एक रेस्तरां में ली गईउनकी एक तस्वीर भी पोस्ट की थी इसे लेकर सोशल मीडिया पर खासी नाराजगी देखने को मिली थी. एक यूजर ने लिखा’यही एक कारण है किभारतीय क्रिकेट टीम और भारतीय सरकार पाकिस्तान नहीं आना चाहती.जाकिर नाइक वर्तमान में भारत में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और चरमपंथ कोभड़काने के आरोपों में वांछित है. इससे पहले 24 अक्तूबर, 2024 को पाकिस्तान के चर्च के धर्मसभा के अध्यक्ष बिशप रेवरेंड आजाद मार्शल नेपाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को एक पत्र लिखा था. उन्होंने पाकिस्तान में राजकीय अतिथि के रूप में अपनी हालिया यात्रा के दौरानईसाई समुदाय और उनकी मान्यताओं के बारे में जाकिर नाइक की ओर से की गई टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की थी.शुक्रवार को अपने साप्ताहिकप्रेस ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल से न्याय का सामना करने के लिए जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग के बावजूद उसे दिए गए आतिथ्य पर भारत केरुख के बारे में पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान में उसके साथ ऐसा किया गया है. यह दर्शाता है कि उसकेमेजबानों का दृष्टिकोण कैसा है.

आज कोलकाता में शुरु होगा क्रिकेट का उत्सव, पहला मैंच केकेआर-आरबीसी के बीच जाएगा खेला

दुनिया की सबसे बड़ी टी-20 लीग आईपीएल का धूमधड़ाका शनिवार से शुरू हो रहा है अब 65 दिनों तक चलने वाले क्रिकेट के इस उत्सव में चौके-छक्कों की बरसात होगी और दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट होगी. लीग के 18वें सत्र का पहला मैच शनिवार को कोलकाता के ईडन गॉर्डन में गतविजेता केकेआर और आरसीबी के बीच होगा. इस संस्करण में पुराने सितारे दमखम दिखाने की कोशिश करेंगे तो कुछ युवा भी अपनी चमक से राष्ट्रीयटीम की दावेदारी दिखाएंगे. तो तैयार हो जाइये 10 टीमों के महामुकाबले के लिए 13 स्टेडियमों में 74 मैचों के बाद 25 मई को नए विजेता काफैसला होगा.आईपीएल में इस बार कई टीमों के साथ नए कप्तान होंगे तो नए नियम भी लागू होंगे, टीमें भी बदली होंगी और भावनाएं भी अपने चरमपर होंगी. बस आईपीएल की चमक नहीं बदली होगी। इस दौरान 12 डबल हेडर के मुकाबले भी खेले जाएंगे. दिन के मैच दोपहर साढ़े तीन बजे से तोशाम के मुकाबले साढ़े सात बजे से खेले जाएंगे. हालांकि शनिवार को होने वाले उद्घाटन मुकाबले पर बारिश के साये की आशंका है. बावजूद इसकेक्रिकेट के रंग पर मनोरंजन का तड़का लगाने की पूरी तैयारी है.आईपीएल-18 में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव लार पर से प्रतिबंध को हटाकर किया गयाहै. कप्तानों की बैठक में सहमति के बाद गेंदबाज अब आईपीएल में गेंद को चमकाने के लिए लार का प्रयोग कर सकेंगे. रिवर्स स्विंग के लिए करेंगें लार का प्रयोगकोरोना काल के बाद यह पहला अवसर होगा जब गेंदबाज रिवर्स स्विंग के लिए लार का प्रयोग कर सकेंगे अब यह देखना होगा कि इस बार रिवर्सस्विंग के दम पर भारी-भरकम स्कोर पर रोक लगेगी या पहली बार 300 का स्कोर देखने को मिलेगा.लार के अलावा अन्य बदले गए नियमों में अंपायरको दूसरी गेंद देने का भी अधिकार होगा. शाम को खेले जाने वाले मैचों में अगर अंपायरों को लगता है कि ओस खेल पर अपना प्रभाव डाल रही है तोवह दूसरी पारी के 11वें ओवर से नई गेंद के इस्तेमाल की अनुमति दे सकते हैं. साढ़े तीन बजे से होने वाले मैचों पर यह नियम लागू नहीं होगा. इसकेअलावा टीमें ऊंचाई और ऑफसाइड की वाइड के लिए भी निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) का उपयोग कर सकती हैं. हालांकि इंपैक्ट प्लेयर कानियम पहले की तरह बरकरार रहेगा.धोनी से ठीक 30 साल छोटे 13 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी भी इस बार आईपीएल का हिस्सा होंगे. वह राजस्थानरॉयल्स से जुड़े हैं। उन्हें कितने मैच में खेलने का मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी मुंबई को मुश्ताक अली ट्रॉफी में जिताने में अहम भूमिकानिभाने वाले सूर्यांश शेडगे पंजाब के लिए चमक बिखेरेंगे. दिल्ली प्रीमियर लीग में एक ओर में छह छक्के लगाने वाले प्रियांश आर्या भी पंजाब सेखेलेंगे. कई टीम के कप्तान ठोकेंगें तालइस बार कई टीमें नए कप्तान के साथ खिताबी ताल ठोकेंगी इनमें चौंकाने वाला नाम आरसीबी के रजत पाटीदार का है. अक्षर पटेल दिल्ली कैपिटल्सकी कप्तानी करेंगे जबकि 2024 में केकेआर को चैंपियन बनाने वाले श्रेयस अय्यर इस बार पंजाब किंग्स की कमान संभालेंगे. कोलकाता की टीम कीकप्तानी अजिंक्य रहाणे को सौंपी गई है ऋषभ पंत इस सत्र में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान हैं.इस बार पुराने धुरंधरों का जलवा भी देखने कोमिलेगा 264 आईपीएल मैच खेलने वाले धोनी चेन्नई की 252 मैच खेलने वाले विराट आरसीबी और 257 मैच खेलने वाले रोहित शर्मा मुंबई कीशोभा बढ़ाएंगे. 185 मैच खेलने वाले रहाणे, 212 मैच खेलने वाले अश्विन, मनीष पांडे (171 मैच) रविंद्र जडेजा (240 मैच) की चमक भी देखने कोमिलेगी.कई टीमों ने कोचिंग और सहयोगी स्टाफ में भी बदलाव किया है. रिकी पोंटिंग दिल्ली को छोड़कर पंजाब में मुख्य कोच बने हैं. हेमांग बदानीको दिल्ली का मुख्य कोच बनाया गया है पीटरसन दिल्ली के मेंटर बनाए गए हैं. वहीं राहुल द्रविड़ मुख्य कोच के रूप में राजस्थान लौट आए हैं. ड्वेनब्रावो केकेआर के मेंटर होंगे। दिनेश कार्तिक आरसीबी के मेंटर बने हैं.

बेलगावी में बस कंडक्टर से मारपीट के विरोध में कर्नाटक बंद, कन्नड़ संगठनों का प्रदर्शन

कर्नाटक के बेलगावी में कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट के एक बस कंडक्टर से मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में कन्नड़ संगठनोंने आज 12 घंटे का राज्यव्यापी बंद बुलाया है। बंद का असर राज्य के कई हिस्सों में देखा जा रहा है, हालांकि बेंगलुरु में जनजीवन सामान्य बना हुआहै और कई दुकानें व बाजार खुले हैं। कड़े सुरक्षा इंतजामबंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बेंगलुरु में कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस की 60 प्लाटून, 1200 होम गार्ड्स और सिविल व ट्रैफिक पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था भंग करनेवालों पर सख्त कार्रवाई होगी।विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाईबेंगलुरु में कन्नड़ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मैसूर बैंक सर्कल पर प्रदर्शन किया और बीएमटीसी व केएसआरटीसी बस स्टैंड पर भी विरोध जताया।प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित बस ड्राइवर और कंडक्टर के समर्थन में रैलियां निकालीं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बसों को रोकने का प्रयास किया, जिसकेचलते पुलिस ने एहतियातन कई लोगों को हिरासत में ले लिया।बंद को लेकर सरकार पर आरोपकन्नड़ कार्यकर्ता और लेबर काउंसिल के अध्यक्ष रवि शेट्टी ने सरकार पर प्रदर्शन को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारियोंको रोक रही है और नोटिस भेजकर दबाव बना रही है। शेट्टी ने सवाल उठाया कि क्या वे गुंडे हैं जो उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है?बेलगावी विवाद का इतिहासबेलगावी का विवाद महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच लंबे समय से चला आ रहा है। आजादी के बाद बेलगावी बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा था, लेकिन1956 में भाषाई आधार पर राज्य पुनर्गठन के बाद इसे मैसूर (अब कर्नाटक) का हिस्सा बना दिया गया। महाराष्ट्र का दावा है कि बेलगावी में बड़ीसंख्या में मराठी भाषी लोग रहते हैं, इसलिए यह क्षेत्र महाराष्ट्र का हिस्सा होना चाहिए। दूसरी ओर, कर्नाटक सरकार का कहना है कि राज्य पुनर्गठनअधिनियम के अनुसार बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न हिस्सा है। बेलगावी विवाद का ताजा घटनाक्रमहाल ही में बेलगावी में एक कर्नाटक परिवहन निगम के कंडक्टर और ड्राइवर को मराठी भाषा न बोलने के कारण कथित रूप से पीटा गया। इस घटनाके बाद से दोनों राज्यों के बीच का पुराना विवाद फिर से उभर आया है। कर्नाटक बंद के दौरान महाराष्ट्र की बस सेवाओं पर भी असर पड़ा है। डिप्टी सीएम की अपीलकर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने राज्यवासियों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बंद केदौरान जरूरी और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित रहेंगी।

एनआईटी सिलचर के प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

असम के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), सिलचर में कार्यरत सहायक प्रोफेसर डी. कोटेश्वर राजू को एक छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न कीशिकायत के बाद शुक्रवार को कछार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कछार के पुलिस अधीक्षक नुमाल महत्ता ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की। छात्रा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोपछात्रा ने गुरुवार को संस्थान में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें प्रोफेसर राजू पर मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। शिकायत केअनुसार, प्रोफेसर ने अंकों पर चर्चा के बहाने छात्रा को कक्षा के बाद अपने कक्ष में बुलाया और दरवाजा बंद करने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंनेअनुचित तरीके से छात्रा को छुआ। छात्रा का आरोप – अंक सुधारने के नाम पर उत्पीड़नहिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा ने एक हाथ से लिखे नोट में बताया कि प्रोफेसर ने अंकों का कारण पूछते हुए अचानक उसे छूना शुरूकर दिया। उन्होंने कहा कि अगर छात्रा उनकी बात मानेगी तो अंक “मैनेज” किए जा सकते हैं। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने उसकी जांघों, पेट, गर्दन और होठों को छुआ। इसी दौरान एक दोस्त के बुलावे पर छात्रा कमरे से बाहर निकलने में कामयाब रही। छात्रों का विरोध प्रदर्शनआरोप सामने आने के बाद एनआईटी के छात्रों ने प्रोफेसर को निलंबित करने और हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने राजू पर बार-बार अपराध करने का आरोप लगाया और कहा कि यह उनके खिलाफ दूसरी आधिकारिक शिकायत है। छात्रों का कहना था कि वे ऐसे व्यक्ति सेशिक्षा नहीं लेना चाहते। निलंबन और जांच की प्रक्रियाविरोध के बाद एनआईटी के रजिस्ट्रार आशिम रॉय ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रोफेसर राजू को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दियागया है। साथ ही मामले की जांच के लिए इसे संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति को सौंप दिया गया है। घटना वाले कक्ष को भी सील कर दियागया है। पहले भी लगे थे यौन उत्पीड़न के आरोपहिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, 2021 में भी प्रोफेसर राजू पर एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि, सबूतों की कमी औरशिकायतकर्ता की अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था। उस समय शिकायतकर्ता काम के सिलसिले में बेंगलुरु चली गई थी, जिससे मामले की सुनवाई में रुकावट आ गई। आंतरिक शिकायत समिति की कार्रवाईमहिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के तहत एनआईटी की आंतरिक शिकायत समिति ने नईशिकायत की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।

मणिपुर हिंसा का जायजा लेने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के जज, जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

मणिपुर में जातीय हिंसा की गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार (22 मार्च, 2025) को राज्य के दौरे पर पहुंचा। इस टीम का नेतृत्व न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति विक्रमनाथ, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश, न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह शामिल थे। इंफाल से चुराचांदपुर तक का दौराप्रतिनिधिमंडल ने इंफाल पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर से चुराचांदपुर का रुख किया। मणिपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. कृष्णकुमारऔर न्यायमूर्ति गोलमेई गैफुलशिलू ने इंफाल में न्यायाधीशों का स्वागत किया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने 27 असम राइफल्स कैंप में नाश्ता कियाऔर फिर चुराचांदपुर के राहत शिविर का दौरा किया। जातीय विवाद के चलते एन. कोटिश्वर सिंह का इंफाल में रुकनान्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह, जो मैतेई समुदाय से हैं, ने चुराचांदपुर का दौरा नहीं किया। चुराचांदपुर बार एसोसिएशन ने पहले ही अपील की थी किमैतेई समुदाय के न्यायाधीश जिले में न आएं, जिससे शांति और व्यवस्था बनी रहे। यही कारण था कि मणिपुर हाई कोर्ट के दोनों न्यायाधीशों ने भीदौरे से दूरी बनाए रखी।लीगल सर्विस कैंप का वर्चुअल उद्घाटनराष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने मणिपुर के सभी जिलों में लीगल सर्विस और मेडिकलकैंप का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और उखरूल जिलों में नए लीगल एड क्लीनिक का भी शुभारंभ किया। जयराम रमेश का पीएम मोदी पर कटाक्षसुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के मणिपुर दौरे पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब सुप्रीमकोर्ट के जज मणिपुर का दौरा कर सकते हैं तो प्रधानमंत्री अब तक क्यों नहीं गए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, राष्ट्रपति शासन लागू करने में देरी पर सवालजयराम रमेश ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने में हुई देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त, 2023 को कहा थाकि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। इसके बावजूद राष्ट्रपति शासन लगाने में 18 महीने क्यों लग गए? गृह मंत्री अमित शाह पर निशानाकांग्रेस नेता ने गृह मंत्री अमित शाह की भी आलोचना करते हुए कहा कि संसद में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान मणिपुर की स्थिति परकोई ठोस बयान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री मिजोरम तो गए, लेकिन मणिपुर जाने से क्यों परहेज किया?

राणा सांगा पर विवादित बयान,सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान से सियासत गर्म

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन ने राज्यसभा में राणा सांगा को लेकर विवादित बयान देकर सियासी हलचल मचा दी है।उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग अक्सर यह दावा करते हैं कि कुछ लोगों में बाबर का डीएनए है। इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बाबर कोहिंदुस्तान लाने वाला आखिर कौन था? उन्होंने दावा किया कि इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा ने बुलाया था। रामजी लाल सुमन ने आगे कहा, “अगर मुसलमान बाबर की औलाद हैं, तो तुम लोग उस गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह तय होना चाहिए किबाबर की आलोचना करते हो, लेकिन राणा सांगा की क्यों नहीं?” बीजेपी का पलटवार: औरंगजेब को हीरो बनाने वालों को चिन्हित करेंसपा सांसद के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि कुछ लोग औरंगजेबको हीरो बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाए जो औरंगजेब को महिमामंडित कर रहे हैं। तिवारी ने कहा, “औरंगजेब देश का शत्रु था, और हमने कभी नहीं कहा कि मुसलमान बाबर के वंशज हैं। देश के मुसलमान हमारे हैं।” बीजेपी सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि सपा सांसद की टिप्पणी न सिर्फ राणा सांगा का अपमान है, बल्कि मेवाड़ के शूरवीर योद्धा के प्रति घोरअसम्मान है। उन्होंने कहा कि संसद जैसे लोकतांत्रिक मंदिर में ऐसे अपमानजनक शब्द अस्वीकार्य हैं। तुष्टिकरण की हदें पार – संजीव बालियानबीजेपी नेता संजीव बालियान ने सपा सांसद पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “धिक्कार है! तुष्टिकरण की सभी सीमाएं पार करके सपा नेता ने संसदमें ‘महान वीर राणा सांगा’ को गद्दार कहा है। यह न केवल राजपूत समाज बल्कि समस्त हिंदू समाज का घोर अपमान है। सपा को इस शर्मनाक कृत्यपर पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।” तुष्टिकरण की राजनीति – राजकुमार चाहरबीजेपी सांसद राजकुमार चाहर ने भी सपा सांसद रामजी लाल सुमन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बेशर्मी और तुष्टिकरण की सभी सीमाएंपार कर दी हैं। उन्होंने कहा कि संसद में बाबर और औरंगजेब का महिमामंडन करके राणा सांगा का अपमान किया गया है, जो न केवल राजपूत समाजबल्कि समस्त वीर योद्धाओं का अपमान है। यूपी बीजेपी का बयानयूपी बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सपा के नेता तुष्टिकरण की राजनीति में इस कदर डूब चुके हैं कि विदेशी आक्रांताओं कामहिमामंडन करने के लिए भारतीय महापुरुषों का अपमान करने से भी नहीं हिचकिचाते। सपा सांसद रामजी लाल सुमन की टिप्पणी बेहद शर्मनाक हैऔर उन्हें अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।”