बिहार सरकार ने बजट किया पेश, महिलाओं के लिए विशेष तौर पर गिफ्ट ” जानें क्या क्या है खास

Bihar Budget: इस साल बिहार सरकार ने 17000 करोड़ का बजट पेश किया है. बजट में ऐलान किया गया है. कि सब्जी उत्पादक समिति कागठन होगा.और इसके साथ ही कामकाजी महिलाओं के छात्रावास की स्थापना होगी.इसको लेकर सरकार ने क्या-क्या और भी बादे किए हैं. आईएजानते हैं. वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को सदन में बिहार का बजट पेश किया. एनडीए सरकार का ये कार्यकाल का यह आखिरी बजट है. चुनावी साल भी है तो ऐसे में नीतीश सरकार ने तोहफा देकर बिहार के लोगों को चौंकी दिया. इस साल बिहार का बजट 3,17000 करोड़ का है. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए 1000 करोड़ समेत पंचायती राज निकाय के लिए 40 लाख 12 करोड़ रुपए समेत नेहर के किनारे सोलर पावर प्लांट कोलगाने का बिहार सरकार ने ऐलान किया है. राज्य के सभी निबंधन कार्यालय पूर्णता पेपर लेस होंगे. देश या देश के बाहर रहने वाले व्यक्तियों की ओरसे ऑनलाइन निबन्धन किया जा सकेगा. जो ग्रीन को बढ़ावा देगा महिला सिपाहियों को पदस्थापन थाने के आसपास आवासान सुनिश्चित करने केलिए राज्य सरकार द्वारा किराए पर आवास लेकर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. राज्य के प्रमुख शहरों में महिला वाहन परिचालनप्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी.इसमें प्रशिक्षक महिलाएं भी शामिल होंगी. महिला स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावामहिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए महिला चालकों को ई-रिक्शा एवं दो पहिया वाहन के व्यावसायिक परिचालन हेतु क्रय करने पर नकदअनुदान का प्रावधान किया जाएगा. प्रत्येक प्रखंड में एक आउटडोर स्टेडियम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. छत्रपति योजना के तहत छत्रपति दरको दोगुना किया जाएगा. इस पर राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त लगभग 260 करोड़ रुपए का वार्षिक ब्याज अनुमानित है. मुख्यमंत्री अनुसूचित जातिएवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना अंतर्गत छात्रावास अनुदान की वर्तमान दर ₹1,000 प्रतिमाह को दोगुना करके ₹2000 प्रतिमाहदिया जाएगा. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम एवं इलाज के लिए बिहार कैंसर केयर सोसाइटी की स्थापना की जाएगी.बेगूसराय में की जाएगी कैंसर अस्पताल की स्थापनाबेगूसराय में कैंसर अस्पताल की स्थापना की जाएगी निजी क्षेत्र भागीदार के लिए आधार पर नई सरकारी मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे. बजट मेंकहा गया है कि सबसे ज्यादा महिला पुलिस भर्ती देश के किसी राज्य में हुए तो बिहार के सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार सीएम नीतीश कुमारके नेतृत्व में तय किया गया था.जिससे पास के लोगों में 6 घंटे में पटना पहुंचेंगे. अब आगे नीतीश कुमार सरकार ने तय किया है. कि बिहार के किसीभी कोने से प्रदेश के मुख्यालय यानी पटना 2027 तक 4 घंटे में पहुंचेंगे. इसको लेकर उन्होंने नए हवाई अड्डे को लेकर भी ऐलान किया है.बिहार मेंहवाई अड्डा विकसित किया जाएगा इसी प्रकार छोटे हवाई अड्डा यथा भागलपुर से लेकर अन्य जगहों तक विकसित किया जाएगा.इन हवाई अड्डों को19 सीटों तक की क्षमता वाले विमान के लिए संचालन के लिए तैयार किया जाएगा. यह सभी बिहार में हवाई संपर्कता को मजबूत प्रदान करेंगे औरक्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा भी देंगे.
आईआईटी बाबा अभय सिंह हिरासत में, गांजा रखने के आरोप में हुई कार्रवाई

प्रयागराज महाकुंभ से चर्चाओं में आए आईआईटी बाबा अभय सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जयपुर पुलिस ने उन्हें गांजा रखने के आरोप मेंहिरासत में लिया है। अभय सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कौन हैं आईआईटी बाबा?अभय सिंह को ‘आईआईटी बाबा’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने मुंबई आईआईटी से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कनाडा में नौकरीभी की। इसके बाद उन्होंने आध्यात्मिक जीवन को अपनाते हुए संन्यास ले लिया। प्रयागराज महाकुंभ में आने के बाद वह पूरे देश में चर्चा में आ गएथे। सोशल मीडिया पर सुसाइड की धमकी से हरकत में आई पुलिसमिली जानकारी के अनुसार, अभय सिंह ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या की धमकी दी थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने जयपुरके रिद्धि सिद्धि पार्क क्लासिक होटल में दबिश दी, जहां वह ठहरे हुए थे। यहीं से उन्हें हिरासत में लिया गया। गांजा कम मात्रा में मिला, पुलिस ने दी जमानतपुलिस जांच में पाया गया कि अभय सिंह के पास से बहुत कम मात्रा में गांजा बरामद हुआ है। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुद को अघोरी बाबा बतायाऔर कहा कि वह अपनी परंपरा के अनुसार इसका सेवन करते हैं। फिलहाल, पुलिस ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया है।
महाराष्ट्र विधान परिषद उपचुनाव, 27 मार्च को मतदान, 29 मार्च तक पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच रिक्त सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा की है। इन सीटों के लिए 27 मार्च को मतदान होगा, और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। ये सीटें विधानसभा चुनाव जीतने वाले पांच एमएलसी के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं। चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारीचुनाव आयोग के अनुसार, उपचुनाव की अधिसूचना 10 मार्च को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 मार्च निर्धारित कीगई है, जबकि 18 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 20 मार्च तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। मतदान 27 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। 29 मार्च तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरीकर ली जाएगी। किन सीटों पर होगा उपचुनाव?विधान परिषद की जिन पांच सीटों पर उपचुनाव होना है, वे अमाशा पडवी, प्रवीण दटके, राजेश विटेकर, रमेश कराड और गोपीचंद पडलकर केविधानसभा चुनाव जीतने के बाद रिक्त हुई हैं।महाराष्ट्र विधान परिषद का गठनमहाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य होते हैं, जिनमें से 66 सदस्य विभिन्न चुनाव प्रक्रियाओं के माध्यम से चुने जाते हैं। शेष 12 सदस्यों कोराज्यपाल द्वारा मनोनीत किया जाता है। विधान परिषद राज्य की द्विसदनीय विधायिका का ऊपरी सदन होता है।
दिल्ली बजट सत्र 24 से 26 मार्च तक, सीएम रेखा गुप्ता ने जनता से मांगे सुझाव

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बजट सत्र को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र24 मार्च से 26 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। सीएम गुप्ता ने इसे “विकसित दिल्ली का बजट” बताया और कहा कि बजट तैयार करने में जनताकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सरकार ने सुझाव देने के लिए एक व्हाट्सऐप नंबर और एक वेबसाइट जारी की है, जहां दिल्ली केनागरिक अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। जनता से सीधे सुझाव लेगी सरकारसीएम गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार जनता से सीधे सुझाव लेकर बजट तैयार करेगी। इसके तहत 5 मार्च को विधानसभा में महिलाओं से सुझावलिए जाएंगे, जबकि 6 मार्च को व्यापारियों से उनकी राय मांगी जाएगी। इसके अलावा, सरकार के मंत्री भी विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों से बजट कोलेकर सुझाव लेंगे, ताकि दिल्ली को तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके। हर वादा होगा पूराप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा करेगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार सातों दिनकाम कर रही है, जबकि पिछली सरकारों के समय केवल बहाने बनाए जाते थे और विकास कार्य ठप पड़े रहते थे। उन्होंने कहा, “अब दिल्ली का नयाइतिहास लिखा जाना है और हम इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ करेंगे।” भ्रष्टाचार के मामलों पर चर्चामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की पिछली कार्यकाल की केवल दो कैग (CAG) रिपोर्ट अब तक सामने आई हैं, जिनमें कई भ्रष्टाचारके मामले उजागर हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सीएजी हेल्थ रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक दो रिपोर्टसार्वजनिक हुई हैं, लेकिन आने वाले समय में 12 और रिपोर्ट पेश की जाएंगी, जिनमें कई और अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। विपक्ष से सार्थक चर्चा की अपीलमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे बजट सत्र में सार्थक चर्चा में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार की भ्रष्टाचार सेजुड़ी सच्चाई अब जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने विपक्ष से अनुरोध किया कि वे राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर दिल्ली के विकास कोप्राथमिकता दें।
हिमानी नरवाल हत्याकांड, घर में हुई हत्या या बाहर? पुलिस दो संभावित थ्योरी पर कर रही जांच

कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। हिमानी की मां सविता और भाई जतिन ने दावा किया है कि जिससूटकेस में हिमानी का शव मिला था, वह उन्हीं का था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सूटकेस देखा, तो पाया कि वह उनके घर से गायब था। सूटकेसको ध्यान से जांचने पर उसमें एक दरार दिखी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह हिमानी का ही था। आमतौर पर वह ज्यादा कपड़े लेकर जाने के लिएइसी सूटकेस का इस्तेमाल करती थी। अब पुलिस इस हत्याकांड की जांच दो संभावित थ्योरी पर कर रही है। पहली थ्योरी यह है कि हिमानी की हत्या उसके घर पर ही की गई, क्योंकि शव को बाहर ले जाने के लिए सूटकेस एक सुविधाजनक माध्यम हो सकताथा। कुछ सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों को देखा गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सूटकेस हिमानी खुद ले जा रही थी या कोई और व्यक्तिथा। दूसरी संभावना यह है कि हिमानी शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकली थी और रास्ते में या वापसी के दौरान किसी विवाद में उसकीगला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद हत्यारों ने शव को उसी के सूटकेस में डालकर सांपला में फेंक दिया। इस हत्याकांड को लेकर एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि हिमानी की हत्या 28 फरवरी की रात को हो चुकी थी, लेकिन उसके मोबाइलका स्टेटस 29 फरवरी की सुबह 9:30 बजे तक देखा गया। इससे पहले तक यह अफवाह फैली थी कि हिमानी की हत्या की खबर गलत हो सकतीहै। बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि हत्यारों ने हिमानी का फोन अपने कब्जे में ले रखा था। हालांकि, अब पुलिस ने उसका मोबाइल बरामदकर लिया है। हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या कोई अकेला व्यक्ति शव को सूटकेस में डाल सकता है? अगर पहचान छिपानी थी, तो बस स्टैंड केपास शव क्यों फेंका गया? अगर हत्या घर में हुई थी, तो शव को इतनी दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की जरूरत क्यों पड़ी? यदि हत्या बाहर की गई, तोहत्यारे कहां से आ या जा रहे थे? हिमानी ने अपनी मां को यह क्यों नहीं बताया कि वह किस शादी में जा रही थी और किसके साथ थी? हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआईटी, सीआईए और अन्य जांच एजेंसियों ने विजयनगर से सांपला तक 128 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजखंगाली है। इनमें से एक फुटेज में एक युवक सूटकेस ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन कैमरा दूर होने के कारण वह धुंधला है और उसकीपहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है। पुलिस को शक है कि हत्या हिमानी के घर पर ही की गई और फिर शव को ठिकाने लगाया गया। इसके अलावा, पुलिस ने जांच में पाया कि हिमानी के घर का ताला और कमरों की लॉकिंग प्रणाली पहले की तुलना में अलग तरीके से पाई गई।हिमानी को पता था कि घर को कैसे बंद करना है और चाबी कहां रखनी है, लेकिन हत्या के बाद यह सब बदला हुआ मिला। इससे पुलिस को शक हैकि हत्यारे हिमानी के परिचित थे और वारदात को घर में ही अंजाम दिया गया। हर दिन सामने आ रहे नए तथ्यों से इस हत्याकांड की गुत्थी और उलझती जा रही है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगानेकी कोशिश कर रही है कि हत्या की असली वजह क्या थी और अपराधी कौन हैं।
CM एम.के. स्टालिन की अपील, तमिलनाडु में जन्म दर बढ़ाएं, परिसीमन से हो सकता है नुकसान

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य के नागरिकों से जल्दी बच्चे पैदा करने की अपील की है। उनका मानना है कि परिसीमन प्रक्रिया सेराज्य का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। स्टालिन का कहना है कि तमिलनाडु में सफल परिवार नियोजन नीति अब नुकसानदेह साबितहो रही है, क्योंकि इससे राज्य की जनसंख्या कम हो रही है, जो भविष्य में लोकसभा सीटों की संख्या घटने का कारण बन सकती है। पहले सोच-समझकर, अब तुरंत बच्चा पैदा करेंजनसंख्या से जुड़े आंकड़ों का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा,“पहले हम कहते थे कि सोच-समझकर, सही समय पर बच्चे पैदा करें। लेकिन अब परिस्थिति बदल गई है। हमें अब तुरंत इस पर विचार करना होगाऔर जनसंख्या बढ़ाने की जरूरत है।”स्टालिन ने चेताया कि अगर 2026 में परिसीमन लागू हुआ, तो तमिलनाडु की लोकसभा सीटें 39 से घटकर 31 हो सकती हैं। 5 मार्च को सर्वदलीय बैठक का आह्वानइस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्टालिन ने 5 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस गंभीर विषय परएकजुट हों और तमिलनाडु के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस पर चर्चा करें। उन्होंने चुनाव आयोग में पंजीकृत40 दलों को इस बैठक में आमंत्रित किया है। स्टालिन ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कृपया व्यक्तिगत मतभेद और अहंकार छोड़कर इस बैठक में शामिल हों। यह सिर्फ मेरी बात नहीं, बल्कितमिलनाडु के अधिकारों की लड़ाई है। तमिलनाडु पर लटक रही है परिसीमन की तलवार25 फरवरी को कैबिनेट बैठक के बाद स्टालिन ने कहा कि परिसीमन नीति तमिलनाडु के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि जनसंख्याआधारित परिसीमन लागू होने से तमिलनाडु के सांसदों की संख्या घटेगी, जिससे संसद में राज्य की राजनीतिक ताकत कम हो जाएगी। स्टालिन ने इसे “तमिलनाडु पर लटकती तलवार” करार देते हुए कहा कि परिवार नियोजन नीतियों के सफल क्रियान्वयन के कारण अब राज्य कोनुकसान झेलना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने किया स्टालिन के दावे को खारिजहालांकि, केंद्र सरकार और बीजेपी ने स्टालिन के दावे को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी दक्षिण भारतीयराज्य की लोकसभा सीटें कम नहीं होंगी और स्टालिन गलत जानकारी फैला रहे हैं।
मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद को बसपा से बाहर, अनुशासनहीनता बनी वजह

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पिछले 15 दिनों में यह उनकादूसरा बड़ा कदम है। इससे पहले, उन्होंने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से हटाया था। सोशल मीडिया पोस्ट बनी विवाद की वजहरविवार को लखनऊ में हुई बैठक में मायावती ने आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया था। इसके बाद सोमवार सुबह आकाशआनंद ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने खुद को मायावती और बहुजन समाज का निष्ठावान कार्यकर्ता बताया।मायावती की नाराजगी और फैसलामायावती ने आकाश आनंद की इस पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बसपा की जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने के बाद आकाश कोसंयम और परिपक्वता दिखानी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत उन्होंने लंबा सोशल मीडिया पोस्ट लिख दिया। उन्होंने इस रवैये को राजनीतिकअपरिपक्वता करार दिया और इसे अशोक सिद्धार्थ के स्वार्थी और अहंकारी स्वभाव से जोड़ा। अनुशासनहीनता को लेकर बसपा का सख्त रुखमायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा में अनुशासन का पालन सर्वोपरि है और पहले भी इस तरह की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की गई है। बाबासाहेबभीमराव अंबेडकर और कांशीराम की विचारधारा के अनुरूप, उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया। पहले भी मिल चुका झटकायह पहला मौका नहीं है जब आकाश आनंद को पार्टी में झटका लगा हो। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके प्रचार पर रोक लगा दी गई थी, जबकिकुछ समय पहले तक उन्हें मायावती का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। आकाश आनंद का रुखपार्टी से निष्कासन से पहले, आकाश आनंद ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि वह मायावती के प्रति समर्पित हैं और बहुजन समाज के आंदोलन से जुड़ेरहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह वंचितों, पीड़ितों और शोषितों के हक में काम करते रहेंगे। मायावती के इस कड़े निर्णय से स्पष्ट है कि बसपा में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी नीति के खिलाफ जाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
रोहित शर्मा पर कांग्रेस नेता के बयान से बवाल, BJP ने दी तीखी प्रतिक्रिया

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा इन दिनों सुर्खियों में हैं। रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी के अंतिम लीग मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को करारीशिकस्त दी। इस शानदार जीत के बाद टीम का सेमीफाइनल में मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा। हालांकि, इस जीत के अगले ही दिन कांग्रेस प्रवक्ताशमा मोहम्मद के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया।शमा मोहम्मद के बयान पर विवादकांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को मोटा कह दिया, जिससे हंगामा मच गया। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरलहोने के बाद उन्हें चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी। बीसीसीआई ने भी इस बयान की निंदा की, और खुद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें फटकार लगाई। BJP का पलटवारकांग्रेस नेता की इस टिप्पणी पर BJP विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,“जिस पार्टी की प्रवक्ता शमा मोहम्मद हैं, उस पार्टी के नेता राहुल गांधी खुद अनफिट हैं। उन्होंने कई चुनाव हारे हैं, उन्हें खुद को फिट रखने की जरूरतहै। लेकिन हमें अपने कप्तान रोहित शर्मा पर गर्व है।” ट्वीट डिलीट करने पड़ेशमा मोहम्मद के ट्वीट को लेकर न केवल विपक्ष बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी भी उनके बचाव में नहीं आई। जब विवाद बढ़ा, तो उन्हें अपने आपत्तिजनकट्वीट डिलीट करने पड़े। शमा मोहम्मद ने दी सफाईविवाद बढ़ने पर शमा मोहम्मद ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा,“यह सिर्फ एक खिलाड़ी की फिटनेस पर सामान्य टिप्पणी थी। इसे बॉडी शेमिंग नहीं कहा जा सकता। मैंने सिर्फ यह कहा था कि उनका वजन थोड़ाज्यादा है। जब मैंने उनकी तुलना पिछले कप्तानों से की, तो यह मेरी निजी राय थी। मुझे अपनी बात कहने का अधिकार है, यह लोकतंत्र है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुंभ 2025 की ऐतिहासिक सफलता: एक गौरवमयी यात्रा

महाकुंभ का आयोजन एक ऐतिहासिक और धार्मिक महापर्व है जो भारतीय संस्कृति की महानता का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजितमहाकुंभ 2025 का आयोजन न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना। इस महाकुंभ का आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केनेतृत्व में हुआ, जो इस महान आयोजन को ऐतिहासिक सफलता की ओर लेकर गए। महाकुंभ में न केवल करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, बल्कि इसकी भव्यताऔर सुरक्षा व्यवस्था ने भी इसे एक मील का पत्थर बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व और महाकुंभ की सफलताउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का योगदान महाकुंभ के आयोजन में अतुलनीय है। उन्होंने इस आयोजन को न केवल एक धार्मिक सभाबल्कि एक समृद्ध और सुरक्षित वातावरण में बदल दिया। उनके नेतृत्व में, प्रशासन ने महाकुंभ के आयोजन के लिए सभी तैयारियों को पूरी तरह सेसुसंगत और कार्यक्षम बनाया, ताकि इस धार्मिक पर्व में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण और उनकी तत्परता ने महाकुंभ को व्यवस्थित और सफल बनाया। इस आयोजन के दौरान, उनकेनेतृत्व में सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन, स्वच्छता, और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे न केवल आयोजन का स्तरऊंचा हुआ बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी सम्मान मिला। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या: एक ऐतिहासिक रिकॉर्डमहाकुंभ 2025 में कुल 66.30 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए, जो कि एक अभूतपूर्व संख्या है। यह आंकड़ा अमेरिका की पूरी आबादी से भी दोगुना था, और 193 देशों की कुल आबादी से अधिक था। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक उत्सव था, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक शक्तिका प्रतीक बन गया। महाकुंभ के आयोजन में 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें 37,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 14,000 से ज्यादाहोमगार्ड्स और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे। इस सुरक्षा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित महसूस कराया और इस आयोजन को एक सफलऔर व्यवस्थित रूप दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक कुशलतामहाकुंभ के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक क्षमता को सराहा गया। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन के लिए उत्तर प्रदेशसरकार के सभी विभागों को एकजुट किया और उनका उद्देश्य था कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी। यह आयोजनप्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी चुनौती थी, और मुख्यमंत्री ने इस चुनौती का पूरी तरह से सामना किया। महाकुंभ के आयोजन के दौरान उन्होंने खुद कई बार स्थल का दौरा किया और सुनिश्चित किया कि सारी व्यवस्थाएँ सही ढंग से काम कर रही हों। उनकेप्रयासों से महाकुंभ एक बड़े पैमाने पर सफल रहा, और उनकी यह कुशलता भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक आदर्श बन गई। महाकुंभ और विदेशी प्रतिनिधिमंडलमहाकुंभ के आयोजन में 73 देशों के 116 राजनयिकों ने भाग लिया, जो इस आयोजन की वैश्विक महत्ता को प्रमाणित करता है। इनमें से कुछ देशों केराजनयिकों ने संगम में डुबकी लगाई और भारत की संस्कृति, परंपरा और धर्म का सम्मान किया। यह आयोजन न केवल भारत के लिए गर्व का कारणथा, बल्कि दुनिया भर के देशों को भी भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। महाकुंभ के दौरान, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने महाकुंभ की भव्यता, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की संख्याओं पर आश्चर्य व्यक्त किया। इससे यहसाबित हुआ कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक और प्रबंधित आयोजन को आयोजित किया है। सुरक्षा व्यवस्था: महाकुंभ की सफलता की कुंजीमहाकुंभ के दौरान सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय था, लेकिन DGP प्रशांत कुमार ने इसे बहुत ही सख्ती से लागू किया गया। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ की पहल पर, महाकुंभ क्षेत्र में 70,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इसमें 37,000 से अधिक पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड्स और अन्य सुरक्षा बल शामिल थे। प्रत्येक श्रद्धालु के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और अन्यआधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया था, जिससे हर एक घटना पर नजर रखी जा सके। यह सुनिश्चित किया गया कि श्रद्धालुओं कीसुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए और कोई अप्रिय घटना न हो। महाकुंभ में स्वच्छता का नया रिकॉर्डमहाकुंभ 2025 ने न केवल श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया।महाकुंभ के विभिन्न क्षेत्रों में 19,000 सफाईकर्मियों ने मिलकर एक साथ सफाई की और झाड़ू लगाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। इसपहल ने यह साबित कर दिया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार न केवल धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देती है, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण को भीप्राथमिकता देती है। स्वच्छता के मामले में यह रिकॉर्ड यह दिखाता है कि प्रशासन ने इस धार्मिक आयोजन को आयोजित करने के दौरान सभी बुनियादी सुविधाओं काध्यान रखा। इस पहल ने महाकुंभ को एक संपूर्ण और सकारात्मक रूप दिया, जिससे हर कोई इस आयोजन को एक प्रेरणा के रूप में देखता है। विपक्षी नेताओं द्वारा की गई आलोचनाएँमहाकुंभ के आयोजन के दौरान कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा आलोचना की गई, जिसमें प्रमुख नाम समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, ममताबनर्जी और कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का है। इन नेताओं ने महाकुंभ में मची भगदड़, मृतकों की संख्या और प्रशासन की विफलताओं परसवाल उठाए। अखिलेश यादव ने महाकुंभ के दौरान लोगों के रिश्तेदारों को खोजने के लिए सरकार की आलोचना की, जबकि ममता बनर्जी ने इसे “मृत्युकुंभ” करारदिया और मृतकों की संख्या को लेकर सवाल उठाए। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ में भाजपा नेताओं के डुबकी लगाने पर टिप्पणी की कि गंगामें डुबकी लगाने से गरीबी दूर नहीं होगी। इन आलोचनाओं के बावजूद, महाकुंभ का आयोजन एक बड़ी सफलता रहा, और इसमें जो रिकॉर्ड बने, उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ के नेतृत्व में इस आयोजन को पूरी तरह से प्रबंधित किया गया था। महाकुंभ और भारतीय धर्म व संस्कृतिमहाकुंभ का आयोजन भारतीय धर्म और संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि भारत की पुरानी संस्कृति, परंपरा और आस्था का भी प्रतिबिंब था। महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई और अपने पापों से मुक्ति प्राप्त करने की आकांक्षा की। इस आयोजन ने न केवल भारत के अंदर, बल्कि दुनिया भर में भारतीय संस्कृति की शक्ति और महानता को प्रदर्शित किया। योगी आदित्यनाथ ने इसेएक वैश्विक घटना बनाने के लिए अपनी पूरी प्रशासनिक क्षमता और समझ का उपयोग किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सभी पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों और भी विभागो के कर्मचारियों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया और महाकुंभ के आयोजन कोसफलता पूर्वक पूर्ण किया.
आज से रमजान का महीना शुरू, PM मोदी बोले- आत्म-चिंतन, आभार और भक्ति का प्रतीक का महीना

आज से पवित्र रमजान का महीना शुरू हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रमजान की शुभकामनाएं दी हैं और इस माहके महत्व पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने कहा, “जैसे ही रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है, यह हमारे समाज में शांति, सौहार्द और एकता काप्रतीक बने। यह महीना आत्म-चिंतन, आभार और भक्ति का प्रतीक है, जो हमें करुणा, दया और सेवा के महत्वपूर्ण मूल्यों की याद दिलाता है।” रमजान का महत्वरमजान का महीना इस्लाम धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। इसेइस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है और यह साल का 9वां महीना होता है। रमजान के दौरान मुस्लिम समाज आत्मिक शांति की प्राप्ति केलिए संयम, प्रार्थना और भक्ति में लीन रहता है। क्यों है रमजान खास?रमजान के महीने का खास महत्व इस्लामी मान्यता के अनुसार, पवित्र कुरान के उतरने की शुरुआत से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि इसी महीने कीएक रात ‘लयलतुल कद्र’ (शब-ए-कद्र) को कुरान का अवतरण शुरू हुआ था। इस रात से ही सिलसिलेवार तरीके से पैगंबर मोहम्मद (सल्ल.अ.) परकुरान की आयतें नाजिल होती रहीं। इसे इस्लामी कैलेंडर में एक अत्यधिक पवित्र और महत्वपूर्ण रात माना जाता है। मगफिरत का महीनारमजान का महीना केवल उपवास और इबादत का महीना नहीं है, बल्कि इसे मगफिरत यानी माफी का महीना भी कहा जाता है। इस महीने में मुस्लिमसमुदाय अपने पापों की माफी मांगते हैं और खुदा से अपने कर्मों के लिए क्षमा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। रमजान की शुरुआत चांद देखने के साथहोती है, और चांद के साथ ही यह महीना समाप्त भी होता है। रमजान खत्म होने के बाद मुस्लिम समुदाय ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाता है, जोखुशी, एकता और समृद्धि का प्रतीक है। रमजान की तैयारियांरमजान के महीना शुरू होने से पहले मुस्लिम समुदाय इस महीने की तैयारियों में जुट जाता है। यह महीना केवल धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व काही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक सामूहिकता का भी महीना होता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखते हुए उपवास करते हैं, सूर्योदय से पहलेसहरी खाते हैं और सूर्यास्त के बाद इफ्तार करते हैं।प्रधानमंत्री मोदी का संदेशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रमजान के इस पाक महीने की शुरुआत पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा, “रमजान का महीना आत्म-चिंतन, आत्म-निर्भरता और समाज सेवा का संदेश देता है। यह समय है जब हम अपने आप को बेहतर बनाने के साथ-साथ दूसरों की मदद और सेवा में भीजुटे।” इस दौरान, पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह महीना देशवासियों के लिए शांति और सद्भावना का संदेश लाएगा और हम सभी को अपने आसपासके लोगों की मदद करने और समाज में एकता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा।