अबू आजमी के औरंगजेब पर बयान से मचा सियासी घमासान, दी सफाई – कहा, ‘अगर किसी को ठेस पहुंची तो माफी मांगता हूं’

समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी के औरंगजेब को लेकर दिए गए बयान के बाद से राजनीतिक माहौल गरम है। उनके इस बयान कीआलोचना हो रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है। बढ़ते विवाद के बीच आजमी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने छत्रपतिशिवाजी महाराज या संभाजी महाराज के खिलाफ कुछ भी अपमानजनक नहीं कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने वही बातें कही हैं, जो इतिहासकारों और लेखकों ने औरंगजेब केबारे में लिखी हैं। अगर उनके बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वह बिना शर्त माफी मांगते हैं और अपने बयान को वापस लेते हैं। शिवाजी और संभाजी महाराज पर टिप्पणी से इनकारअबू आजमी ने कहा कि वह शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ कुछ भी कहने की कल्पना भी नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा किप्रशांत कोराटकर और राहुल सोलापुरकर ने शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज को लेकर जो बातें कहीं हैं, उस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।कानूनी कार्रवाई और अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएँमहाराष्ट्र के ठाणे में अबू आजमी के खिलाफ औरंगजेब पर दिए बयान को लेकर केस दर्ज किया गया है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और उदित राज नेभी इस मुद्दे पर अपने विचार रखे हैं। राशिद अल्वी ने कहा कि औरंगजेब ने जहां मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, वहीं उसने मंदिरों को दान भी दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि 500 सालबाद इस मुद्दे को उठाने की प्रासंगिकता क्या है और क्या यह सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेता उदित राज ने अबू आजमी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में बड़े शासकों द्वारा छोटे शासकों पर अत्याचार किएजाते थे, और केवल औरंगजेब को निशाना बनाना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू शासकों में भी कई क्रूर राजा हुए हैं, लेकिन सिर्फऔरंगजेब पर ध्यान केंद्रित करना गलत है।औरंगजेब पर अबू आजमी का बयानअबू आजमी ने कहा था कि वह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या असहिष्णु शासक नहीं मानते। उन्होंने दावा किया कि फिल्मों और अन्य माध्यमों सेमुगल शासकों की छवि को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है और विभिन्नदलों के नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
यूपी विधानसभा में सीएम योगी का सपा पर हमला, महाकुंभ की सफलता, संभल के धार्मिक स्थलों और सुरक्षा व्यवस्था पर दिया जोर

यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महाकुंभके सफल आयोजन को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक चमत्कारिक आयोजन था, जिसमें 66 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए और बिना किसीअपराध की घटना के सुरक्षित घर लौटे। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ की गूंज न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है और इससे देशकी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। संभल के धार्मिक स्थलों को पुनः खोजने का दावाअपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने संभल जिले का जिक्र करते हुए कहा कि एक साजिश के तहत वहां के 68 तीर्थ स्थलों और 19 कूपों (प्राचीनजलस्रोतों) की पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन 68 तीर्थों में से 54 को फिर से खोज निकाला और19 कूपों की भी पहचान की। सांप्रदायिकता के आरोपों का दिया जवाबसीएम योगी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि सरकार को सांप्रदायिक कहने वालों को महाकुंभ की ओर देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमाराआदर्श ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया’ है, जो महाकुंभ में पूरी तरह परिलक्षित हुआ। इस आयोजन में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, क्षेत्र, मत या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं हुआ।” महाकुंभ से जुड़ी एक नाविक परिवार की सफलता की कहानीसीएम योगी ने महाकुंभ के दौरान एक नाविक परिवार की सफलता का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परिवार के पास 130 नौकाएं थीं, जिससे उन्होंने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की कमाई की। प्रतिदिन उनकी आय 50 से 52 हजार रुपये तक पहुंच गई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री नेसमाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे महाकुंभ जाना चाहते थे, लेकिन चूक गए। सनातन धर्म और अर्थव्यवस्था को बताया महाकुंभ से लाभान्वितयोगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को भारत की विरासत और विकास का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन सनातन धर्म के लिए गौरव की बात है।उन्होंने बताया कि महाकुंभ केवल आध्यात्मिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये का लाभ होनेकी उम्मीद है। महाकुंभ में महिलाओं की सुरक्षा पर जोर सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 33 करोड़ महिलाएं शामिल हुईं, लेकिन छेड़खानी या अपराध की एक भी घटना नहीं घटी। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ उनके लिए अग्निपरीक्षा के समान था, जिसमें उनकीसरकार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। संभल के धार्मिक स्थलों को पुन स्थापित करने की प्रतिबद्धतासंभल के धार्मिक स्थलों को पुनः स्थापित करने के सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बस वही मांगा जो हमारा था। 56 वर्षोंमें संभल के शिव मंदिर में जलाभिषेक नहीं हुआ था, लेकिन अब वहां यह संभव हो रहा है। हम अपनी विरासत को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहेहैं।”
बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक

बिहार विधानसभा में उस समय माहौल गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के बीच तीखी बहस छिड़ गई।तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी से उनके पिता शकुनी चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे पर की गई टिप्पणी को लेकर सवाल पूछा। इस परसम्राट चौधरी ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि पहले यह बताएं कि आपके पिता (लालू प्रसाद यादव) ने मुख्यमंत्री के बारे में क्या कहा था। इसबयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और दोनों नेताओं के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया। तेजस्वी और सम्राट के बीच जुबानी जंगसम्राट चौधरी ने अपनी सीट पर खड़े होकर तेजस्वी यादव को जवाब दिया, जिसके बाद तेजस्वी ने पलटवार करते हुए कहा, “पहले तो आप बीजेपीको कोसते थे, अब उनके साथ खड़े हैं।” इस बयान पर बीजेपी विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन में हंगामा किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीशकुमार के करीबी मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वे पहले भी तेजस्वी के साथ काम कर चुके हैं और जहां भी रहते हैं, वहां काम ही करते हैं। इस परतेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा, “विजय चौधरी मलाई खाते हैं।” विवाद बढ़ने पर स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेपतेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी के बीच बहस और तीखी होती चली गई। सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर आरोप लगाया कि उनके पिता लालू प्रसादयादव ने बिहार को लूटा और उन्हें (सम्राट चौधरी को) जेल भिजवाया था। इस आरोप के बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई, जिससे सदन में माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान स्पीकर नंदकिशोर यादव ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों नेताओं को शांत करने की कोशिश की। तेजप्रताप की चेतावनी और सदन में हंगामाजब सदन में बीजेपी विधायकों ने हंगामा बढ़ाया, तो तेजस्वी के बड़े भाई तेजप्रताप यादव खड़े हुए और बीजेपी विधायकों को चेतावनी दी कि वे शोर-शराबा बंद करें। हालांकि, राजद विधायकों ने हस्तक्षेप कर तेजप्रताप को शांत कराया। मुख्यमंत्री की सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिशतेजस्वी यादव अपने भाषण के दौरान लगातार ऐसे मुद्दे उठा रहे थे, जिनसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर सवाल खड़े हों। उन्होंने सम्राट चौधरीपर निशाना साधते हुए तंज कसा, जिससे सम्राट चौधरी भड़क उठे और तेजस्वी पर तीखे हमले किए। सम्राट चौधरी ने लालू यादव पर बिहार को लूटनेऔर गरीबों का शोषण करने का आरोप लगाया, जिससे बहस और ज्यादा बढ़ गई।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला, मियां-तियां’ या ‘पाकिस्तानी’ कहना अनुचित, लेकिन IPC धारा 298 के तहत अपराध नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय से जुड़ी एक टिप्पणी पर अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी को ‘मियां-तियां’ या ‘पाकिस्तानी’ कहना अनुचित होसकता है, लेकिन यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 298 के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा अपराध नहीं माना जाएगा। शीर्षअदालत ने यह टिप्पणी एक आरोपी को दोषमुक्त करते हुए की और कहा कि हालांकि इस तरह की भाषा गलत हो सकती है, लेकिन आपराधिकमुकदमा चलाने के लिए आवश्यक कानूनी शर्तें पूरी नहीं होतीं। यह मामला झारखंड के बोकारो जिले के चास स्थित उप-विभागीय कार्यालय से जुड़ा था, जहां एक उर्दू अनुवादक और कार्यवाहक क्लर्क (जो सूचनाका अधिकार कानून के तहत कार्य कर रहे थे) ने आरोप लगाया कि जब वे RTI आवेदन से संबंधित जानकारी देने गए, तो आरोपी ने उनके धर्म कोलेकर अपमानजनक टिप्पणी की और उनके आधिकारिक कार्यों में बाधा पहुंचाने की कोशिश की। इस शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफIPC की धारा 298, 353 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 504 (जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्जकिया गया। झारखंड हाईकोर्ट ने आरोपी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट नेहाईकोर्ट के इस फैसले को पलटते हुए आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि IPC की धारा 353 (लोक सेवक पर हमला) के तहत कोई सबूत नहीं मिला है और केवल ‘मियां-तियां’ या ‘पाकिस्तानी’ कहने से धार्मिक भावनाएं ठेस पहुंचाने का अपराध नहीं बनता। सुप्रीम कोर्टने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि IPC की धारा 298 के तहत किसी को सजा देने के लिए यह आवश्यक है कि आरोपी ने जानबूझकर धार्मिकभावनाओं को आहत करने के इरादे से अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया हो। अदालत ने कहा कि हालांकि यह टिप्पणी अनुचित थी, लेकिन इसेआपराधिक मुकदमे का आधार नहीं बनाया जा सकता। इसी के साथ आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।
महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल, धनंजय मुंडे ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे का इस्तीफा ले लिया है। परली से एनसीपी विधायकधनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड पर बीड जिले के एक सरपंच की हत्या का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। सीआईडी जांच में इसमामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया। सरपंच की बर्बर हत्या: सीआईडी चार्जशीट के खुलासेसीआईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, 9 दिसंबर को बीड जिले के संतोष देशमुख नामक सरपंच का अपहरण किया गया। उन्हें घंटों तकअत्याचार और मारपीट का शिकार बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटने के अलावा, उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप सेप्रताड़ित किया गया। जब अपहरणकर्ताओं को लगा कि सरपंच की मौत हो चुकी है, तो उन्होंने उन्हें मृत समझकर फेंक दिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इसअपराध के 15 वीडियो और 8 तस्वीरें खींचीं और वीडियो कॉल के जरिए घटना को लाइव भी किया। बाद में, जब यह फुटेज सोशल मीडिया परवायरल हुए, तो यह उनके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गया। जबरन वसूली रोकने के प्रयास बने मौत की वजहजांच में खुलासा हुआ कि संतोष देशमुख अपने क्षेत्र में जबरन वसूली के खिलाफ थे। वह एक पवनचक्की ऊर्जा कंपनी अवाडा से जबरन वसूली केप्रयासों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें डर था कि अगर धमकियां और रंगदारी जारी रही तो अवाडा और अन्य कंपनियां अपना काम बंद करदेंगी, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। अवाडा दफ्तर में हमलाचार्जशीट के अनुसार, हत्या से तीन दिन पहले, 6 दिसंबर को, कराड और उसके गुर्गों ने अवाडा के स्थानीय कार्यालय में कर्मचारियों पर हमला कियाथा। जब सरपंच देशमुख और अन्य लोग वहां पहुंचे तो उन्होंने इस हमले को रोकने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को लगा किदेशमुख उनकी जबरन वसूली योजनाओं के लिए बाधा बन रहे हैं, इसलिए उनकी हत्या की साजिश रची गई। लगातार दी जा रही थी धमकियांसरपंच संतोष देशमुख को कई बार धमकियां दी गई थीं, लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया। आखिरकार, 9 दिसंबर को उनका अपहरण करलिया गया और उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। 27 फरवरी को सीआईडी ने बीड जिलान्यायालय में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में सरपंच की हत्या, अवाडा कंपनी से जबरन वसूली और कंपनी के सुरक्षा गार्ड परहमले के तीन अलग-अलग मामले शामिल हैं। आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी केस दर्ज किया गया है। इस घटना के कारण राज्य में राजनीतिकभूचाल आ गया, जिससे धनंजय मुंडे को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
पीएम मोदी का वनतारा वन्यजीव बचाव केंद्र दौरा, शेर के शावकों संग बिताया समय, वन्यजीव संरक्षण की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जामनगर स्थित वनतारा वन्यजीव बचाव केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ अनंत अंबानी भी मौजूद थे, जिन्होंने पीएम मोदी को केंद्र का भ्रमण कराया। शेर के शावकों के साथ समय बितायाअपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शेर के शावकों के साथ वक्त बिताया। वीडियो में उन्हें शावकों को दुलारते और बोतल से दूध पिलाते हुए देखागया। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का अवलोकनपीएम मोदी ने केंद्र की विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। यहां वन्यजीवों के उपचार के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन, आईसीयू जैसीअत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है। इसके अलावा, केंद्र में एनेस्थेसिया, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एंडोस्कोपी, डेंटिस्ट्री, और आंतरिक चिकित्सा जैसीसेवाएं भी दी जाती हैं। दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण की पहलप्रधानमंत्री ने यहां एशियाई शेर, सफेद शेर, बादलदार तेंदुआ, और काराकल जैसे संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण कार्यों को भी देखा। उन्होंने इनवन्यजीवों के पुनर्वास प्रयासों की सराहना की। वन्यजीवों के साथ संवादकेंद्र में पीएम मोदी ने स्वर्णिम बाघ, हिम तेंदुआ, सफेद शेर और अन्य दुर्लभ जानवरों के साथ बातचीत की। उन्होंने ओकापी, चिंपांजी और ओरंगुटानके साथ भी समय बिताया। इसके अलावा, पीएम ने दरियाई घोड़े, मगरमच्छ, जिराफ, और गैंडा शावक को भी करीब से देखा। विशेष प्रजातियों का अवलोकनप्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र में मौजूद बड़ा अजगर, दो सिर वाला सांप, दो सिर वाला कछुआ, टैपिर, तेंदुए के शावक, विशाल ओटर, बंगो (एंटीलोप), सील और हाथियों को भी देखा। हाथी अस्पताल का निरीक्षणउन्होंने यहां स्थित दुनिया के सबसे बड़े हाथी अस्पताल का दौरा किया, जहां हाथियों के इलाज और पुनर्वास की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।इसके अलावा, उन्होंने जल चिकित्सा तालाब का भी निरीक्षण किया, जो गठिया से पीड़ित हाथियों के इलाज में सहायक है। बचाए गए पक्षियों को आज़ादी दी प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान उन पक्षियों को भी मुक्त किया, जिन्हें पहले केंद्र में बचाया गया था। उन्होंने केंद्र के डॉक्टरों, सहायक कर्मचारियोंऔर कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना की। वनतारा वन्यजीव बचाव केंद्र न केवल वन्यजीवों के उपचार और पुनर्वास के लिए समर्पित है, बल्कि यह संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण में भीमहत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ऐसी क्या कर दी डिमांड, कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भी रह गए हैरान

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कुछ दिनों पहले ओवल ऑफिस में तीखी नोक झोक हो गई थी. हालांकि इस बैठक के कुछ दिनों बाद अमेरिका को लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के तेवर अब नरम पड़ चुके हैं. जेलेंस्की की ने कहा कि हम अमेरिकाके महत्व को समझते हैं. और हम अमेरिका से प्राप्त सभी समर्थन के लिए आभारी है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का अमेरिका दौरा काफीविवादित रहा. ओवल ऑफिस में (अमेरिकी राष्ट्रपति का कर्यालय)में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की केबीच जुबानी जंग की दुनिया भर में चर्चा हो रही है.दरअसल इस घटना के बाद कलेक्टिव वेस्ट यानी समूहिक पश्चिम में बिखराव की स्थिति पैदा हो गईहै. एक तरह जहां अमेरिकी की कोशिश है कि यूक्रेन किसी भी तरह की रुस युद्ध का विराम कर लें. वहीं यूरोपीय देश जेलेंस्की के साथ खड़े हो गएहैं.इसको लेकर ट्रंप ने आरोप लगाया कि जेलेंस्की ने अमेरिका का अपमान किया है और युद्ध समाप्त न करके वह विश्व युद्ध 3 को आमंत्रित कर रहा है. ट्रंप से मुलाकात के कुछ दिनों बाद अमेरिका को लेकर जेलेंस्की के तेवर काफी नरम पड़ चुके हैं. जेलेंस्की ने लिया शिखर सम्मेलन में भागलंदन में रूस और यूक्रेन युद्ध पर एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद जेलेंस्की ने कहा ऐसा कोई दिन नहीं रहा जब हमने अमेरिका केलिए कृतज्ञता महसूस न कि उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा रूस यूक्रेन युद्ध में हमारे साथ खड़ा रहा है. हर कोई युद्ध के मुद्दे परएकजुट है. शांति के वास्तविक सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता है बेसिक हम अमेरिका के महत्व को समझते हैं. और हम अमेरिका से प्राप्त सभी समर्थनके लिए आभारी है. ऐसा कोई दिन नहीं रहा जब हमने कृतज्ञता महसूस न की हो. हमें युद्ध की नहीं शांति की आवश्यकता है.अगर सुरक्षा की गारंटीमिलती है.और यूक्रेन को नाटो सदस्यता मिलती है तो वह पद छोड़ने को भी तैयार है उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यूक्रेन रूस के साथ शांतिसमझौते में अपना इलाका बिल्कुल भी नहीं छोड़ा जाएगा.अमेरिका के साथ मिनरल डील करने को लेकर यूक्रेन तैयार हो चुका है. जेसेंस्की ने कहा हमखनिज समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है.और अगर यह सुरक्षा गारंटी की दिशा में पहला कदम हो तो मैं इसके लिए भी तैयार हूं. यह पर्याप्तनहीं है और हम इससे कई अधिक की आवश्यकता है.अमेरिका की यूक्रेन से मदद को लेकर ट्रंप ने कहा कि मिनरल डील की मांग की थी. क्योंकियूक्रेन में लिथियम और दुर्लभ खनिजों का भंडार है. जो एक अमेरिका के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है.
योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए लिया किया बड़ा ऐलान, 9 से 12 तक की शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष प्रदान की जाएगी धनराशि

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के बच्चों के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया हैजिसमें योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के बच्चों के लिए सरकार द्धारा कक्षा 9 से 12 तक की शिक्षा के लिए अनुदान राशिप्रदान की जाएगी. प्रतिवर्ष ₹3000 शैक्षणिक परियोजना कार्यक्रम के तहत मिलेंगे. इसका विवरण विभाग द्वारा एकत्र किया जा रहा है. डीपीओरविश्वरार राम ने बताया कि शासन की मंशानुसार सूची एकत्रित की जा रही है. इसको भेजने के बाद अग्रिम प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. दरअसलआंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों को बच्चों के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने कहा है कि कक्षा 9 से लेकर 12 तक कीशिक्षा के लिए सरकार ₹3000 प्रतिमा प्रदान करेगी ब्लॉक में संचालित आंगनबाड़ी केदो में 175 कार्यकर्ता बस सहायिका तैनात है. इनका मानदेयकाम है.इसलिए उनके बच्चों को शिक्षा में आगे बढ़ाने के लिए विभाग सीएसआर से सहयोग करेगा. प्रतिवर्ष मिलेंगें 3000 रुपएइसके लिए कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रति वर्ष 3000 रुपए अनुदानित राशि मिलेगी. यह सीधे लाभार्थी के खाते मेंजाएंगे विधवा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों को बच्चों को 50% छात्राओं को 25% आर्थिक कठिनाई का सामना कर रहे छात्रों के लिए25% आरक्षण का भी लाभ दिया गया है. इनके खाते में पहली धनराशि जाएगी. यह लाभ देने के लिए विभाग जिले में आंकड़ा खंगाल लिया गया है. इसका लाभ निदेशालय से सीधे कार्यकर्ताओं के खाते में पैसा भेजा जाएगा.इसके लिए कार्यकर्ताओं से बच्चों की डिटेल भी मांगी जा रही है. शासन केअनुसार सूची एकत्रित की जा रही है. इसको भेजने के बाद अग्रिम प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक सेवा के संसाधन उपलब्धकराने के लिए योगी सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की भी सुविधा देने जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरीइसके साथ ही योगी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. दरअसल उन्होंने कहा है कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के लिए संसाधन उपलब्धकराए जाएंगे योगी सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा देने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक मेंअधिकारियों की योजना के तहत पहले चरण में 222700 ग्राम पंचायत में लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. बैठक में मुख्यमंत्री नेकहा कि समय के साथ इससे शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं. ग्रामीण बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उच्च गुणवत्ता वालीअध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी है. उन तक ई- बुक्स डिजिटल कंटेंट और अन्य शैक्षिक संसाधनों की पहुंच आसानी होगी. इसमें डिजिटललाइब्रेरी अहम भूमिका निभाएगी.दरअसल सीएम के निर्देश पर हर ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी की देखरेख ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा कीजाएगी. कोई पंचायत स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने किया गुजरात के जंगल सफारी का दौरा, सासण गिर में वन्य जीव बोर्ड के साथ की बैठक

PM Visit Lion Safari: गिर वन्य जीव अभयारण्य के मुख्यालय सासण गिर में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड की साथ भी बैठक कीअध्यक्षता की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस की अवसर पर सोमवार 3 मार्च सुबह गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिर वन्यजीव अभ्यारणमें जंगल सफारी का आनंद लिया और एशियाई शेरों को देखा सोमनाथ से आने के बाद मोदी ने सासण में वन अतिथि गृह सिंह सदन में रात्रि विश्रामकिया. रविवार शाम को उन्होंने सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की है. 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे पहला ज्योतिर्लिंग है. सिंह सदन मेंप्रधानमंत्री जंगल सफारी पर गए उनके साथ कुछ मंत्री और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. गिर वन्यजीव अभ्यारण के मुख्यालय सासणगिर में प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे. एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेना प्रमुख विभिन्न राज्यों केसदस्य इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्य जीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं. बैठक के बादमोदी शासन में कुछ महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगे. प्रोजेक्ट लाइन के तहत 2900 करोड़ की मंजूरीप्रधानमंत्री मोदी के वन्यजीव जंगल सफारी के बाद एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एशियाई शेरों की संरक्षण के लिए प्रोजेक्टलाइन के तहत 2900 करोड रुपए से अधिक की राशि को मंजूरी दे दी है. इन शेरों का एकमात्र निवास स्थान गुजरात में है. विज्ञप्ति में कहा गया है किवर्तमान में एशियाई शेर गुजरात के 9 जिलों के 53 तालुकाओं में लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर में निवास करते हैं. इसके अलावा एक राष्ट्रीयपरियोजना के तहत जूनागढ़ जिले के न्यू पिपल्या में 20.24 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर वन्यजीवों के चिकित्सीय निदान एवं रोग से बचाव के लिएएक ‘राष्ट्रीय’ रेफरल केंद्र स्थापित आईटी किया जा रहा है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के बाद से शासन में वन्यजीवनिगरानी के लिए उच्च तकनीकी से युक्त निगरानी केंद्र और अत्याधुनिक अस्पताल भी स्थापित किए जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को रिलायंसजामनगर रिफायनरी परिसर में स्थित पशु बचाव, संरक्षण और पुनर्वास केंद्र ‘वनतारा’ का भी दौरा किया. यहां बचाव केंद्र बंदी हाथियों और वन्य जीवोंके कल्याण के लिए समर्पित है. जो दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए जानवरों को शरण, पुनर्वास और चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है.
बिहार सरकार के बजट पर तेजस्वी यादव का हमला, बताया झूठ और जुमलों से भरा

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के बजट को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठ और जुमलों से भरा बताया। उन्होंने सरकार पर आरोपलगाया कि यह बजट जनता को गुमराह करने वाला है। उनका कहना है कि सरकार राजस्व की उगाही करने में असफल रही है, लेकिन बजट काआकार लगातार बढ़ाया जा रहा है। पिछली घोषणाओं का क्या हुआ?विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछली बजट घोषणाओं को अब तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने तंजकसते हुए कहा, “जब बोलना ही था तो तीन लाख करोड़ की बजाय पांच लाख करोड़ बोल देते।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने किसीभी नए उद्योग की स्थापना या रोजगार के अवसरों पर कोई ठोस योजना क्यों नहीं बनाई। खेल और बुनियादी ढांचे पर भी उठाए सवालतेजस्वी यादव ने कहा कि 2015 में महागठबंधन की सरकार बनने के दौरान हर प्रखंड में स्टेडियम बनाने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक कोईस्टेडियम नहीं बना। उन्होंने पुल और सड़कों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “एक ही पुल तीन-तीन बार टूट जाता है, लेकिन किसी परकार्रवाई नहीं होती।” बेरोजगारी और महंगाई को लेकर सरकार पर निशानाउन्होंने बिहार में बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन बजट में इसे लेकर कोईठोस योजना नहीं बनाई गई। गैस सिलेंडर की कीमत कम करने, किसानों का कर्ज माफ करने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने की मांगें भी अनसुनीकर दी गईं। बजट को बताया कागजी योजनातेजस्वी यादव ने बजट को “इनफ्लेटेड बजट” बताते हुए कहा कि सरकार केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है, जिनका जमीन पर कोई असर नहींहोगा। उन्होंने सवाल किया कि सात निश्चय और सात निश्चय-2 की कौन सी योजनाएं सफल हुई हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार केसाथ सौतेला व्यवहार कर रही है और राज्य सरकार इसे रोकने में असमर्थ साबित हो रही है। साक्षरता और लॉ एंड ऑर्डर पर सरकार फेलतेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार देश में सबसे कम साक्षरता दर वाला राज्य है, लेकिन बजट में इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कानूनव्यवस्था और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह असफल रही है।