दिल्ली विधानसभा में उथल-पुथल, CAG रिपोर्ट पर AAP के 21 MLAs 3 दिनों के लिए निलंबित

दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र के दौरान जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) के 21 विधायकों कोतीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया। अब ये विधायक 28 फरवरी तक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, अमानतुल्लाह खानसदन में मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्हें सस्पेंड नहीं किया गया। सत्र की अवधि बढ़ी, CAG रिपोर्ट पर हंगामाइस हंगामे के बीच विधानसभा सत्र की अवधि को दो दिनों के लिए बढ़ा दिया गया, और अब यह 1 मार्च तक चलेगा। दिल्ली सरकार ने नियंत्रक एवंमहालेखा परीक्षक (CAG) की 14 रिपोर्ट सदन में पेश की, जिनमें आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार द्वारा की गईं कथित वित्तीय अनियमितताओं काजिक्र था। शराब घोटाले से सरकारी खजाने को 2026 करोड़ रुपये का नुकसानसीएजी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की पूर्व सरकार की नीतियों के कारण सरकारी खजाने को 2026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। रिपोर्ट में यह भीकहा गया कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक्सपर्ट पैनल की सिफारिशों को अनदेखा किया था। हंगामे के बाद विपक्षी विधायकों को किया गया बाहरसत्र की शुरुआत उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण से हुई, लेकिन सीएजी रिपोर्ट के विरोध में AAP विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू करदिया। स्पीकर ने विधायकों से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब हंगामा नहीं रुका, तो उन्होंने 21 विधायकों को निलंबित करमार्शलों से सदन से बाहर निकलवा दिया। सदन के बाहर AAP का प्रदर्शननिलंबन के बाद AAP विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सीएम कार्यालय से डॉक्टर भीमरावअंबेडकर की तस्वीर हटाए जाने पर सवाल उठाया और केंद्र सरकार की मंशा पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बाबासाहेब अंबेडकर से बड़े हैं, जो उनकी तस्वीर हटाकर पीएम की तस्वीर लगाई गई है।
पीयूष गोयल के साथ तस्वीर साझा करने पर शशि थरूर चर्चा में, कांग्रेस में बढ़ी नाराजगी

कांग्रेस में चल रही आंतरिक खींचतान के बीच पार्टी सांसद शशि थरूर ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ एक तस्वीर साझा की। यह तस्वीर भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते (FTA) पर हुई चर्चा के बाद ली गई थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया कि ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य राज्य सचिवजोनाथन रेनॉल्ड्स और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में व्यापार वार्ता करना उनके लिए अच्छा अनुभव रहा। साथ ही, उन्होंने इस बात परखुशी जताई कि लंबे समय से अटकी FTA वार्ता दोबारा शुरू हो गई है। कांग्रेस और थरूर के बीच बढ़ी दूरीथरूर की यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब हाल ही में उन्होंने केरल की सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार की नीतियों की तारीफ की थी, जिससे कांग्रेस और उनके संबंधों में दरार बढ़ गई। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) राज्य में मुख्य विपक्षी दल है, और वामसरकार की सराहना करने पर थरूर को पार्टी के भीतर आलोचना का सामना करना पड़ा। थरूर ने दी सफाईराज्य सरकार की नीतियों की तारीफ पर उठे विवाद के बाद शशि थरूर ने सफाई दी कि उन्होंने वाम दलों की प्रशंसा नहीं की, बल्कि केवल केरल केस्टार्टअप क्षेत्र में हो रही प्रगति को उजागर किया था। उनके अनुसार, यह राज्य की आर्थिक उन्नति का एक सकारात्मक संकेत है और इसकाराजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेजथरूर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने एक बयान में कहा था कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नेपीएम मोदी को खुद से बेहतर वार्ताकार (Negotiator) बताया है, तो यह गर्व की बात है। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाईजा रही हैं कि वे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि वे सीपीएम के करीब जा सकते हैं। हालांकि, इस पर थरूर कीओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
1984 सिख विरोधी दंगे: पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने 1984 सिख विरोधी दंगों के एक मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेषन्यायाधीश कावेरी बावेजा ने 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या के मामलेमें यह फैसला दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मानसिक जांच की रिपोर्ट मांगीअदालत ने 12 फरवरी को सज्जन कुमार को दोषी ठहराया था और इसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन से उनकी मानसिक और मनोवैज्ञानिक जांच कीरिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट द्वारा मृत्युदंड से संबंधित मामलों में मानसिक स्थिति की जांच के आदेश के आधार पर दियागया था। एसआईटी ने की थी जांचमूल रूप से यह मामला पंजाबी बाग पुलिस थाने में दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में विशेष जांच दल (SIT) ने इसकी जांच अपने हाथ में ले ली।अदालत ने 16 दिसंबर 2021 को कुमार के खिलाफ आरोप तय किए थे, जब अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत पेशकिए। सिख समुदाय पर हमलों का आरोपअभियोजन पक्ष का कहना है कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख समुदाय को निशाना बनाते हुए हिंसा फैलाई गई थी। हथियारों से लैस भीड़ नेलूटपाट, आगजनी और सिखों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था। इसी हिंसा के दौरान जसवंत सिंह और उनके बेटे की हत्या कर दी गई थी, जिसमें सज्जन कुमार को अब दोषी ठहराया गया है।
नीति आयोग ने दिल्ली एम्स को लेकर लिया बड़ा फैसला, एम्स के आधुनिकीकरण को दिया जाए बढ़ावा

Delhi News:नीति आयोग ने एम्स नई दिल्ली को वैश्विक स्तर पर अग्रणी चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा संस्थान में बदलने के लिए एकसमिति का गठन किया है. इस समिति का नेतृत्व नीति आयोग के सदस्य वी.के पॅाल कर रहे हैं. दरअसल यह समिति में वर्तमान प्रणाली का मूल्यांकनकरेगी. और सुधारों के लिए एक स्पष्ट कार्य योजना को भी तैयार करेगी. यह पहल भारत में स्वास्थ सेवाओं की एक बुनियादी और प्रशासन औरआत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की ब्यापक योजना का हिस्सा बनेगी. इसके अलावा नीति आयोग सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और दुर्लभ बीमारियों केउपचार की लागत को कम करने के लिए भी कार्य कर रहा है. इस दिशा में रिसर्च फाउंडेशन के साथ मिलकर वैश्विक मॉडलों का अध्ययन कियाहै.इसमें दुर्लभ बीमारियों की दावाओं के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देकर उपचार की लागत में भारी कमी की है. AAIMS बनेगा विकसित एवं स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्ट केंद्रदरअसल इसका मुख्य उद्देश्य है. कि नई दिल्ली एम्स को वैश्विक चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. मौजूदा प्रणाली का मूल्यांकन और स्पष्ट समय सीमा के साथ सुधार प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा. इसमें रोगियों के प्रभाव प्रबंधन और अस्पतालप्रशासन में सुधार किया जाएगा. शैक्षणिक और अनुसंधान उत्क्रष्टता के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित होंगे. वित्तीय अनुसंधान एवं संचालन कीस्थिरता को सुनिश्चित किया जाएगा. शासन प्रणाली और पारदर्शिता में सुधार होगा. जिससे चिकित्सा अनुसंधान में उत्सुकता को बढ़ावा मिलेगा. क्लीनिकल और शैक्षणिक सुधार को भी ध्यान में रखकर इस पर भी कार्य किया जाएगा. जिससे आत्मनिर्भरता और वित्तीय स्थिरता बढ़ेगी ही स्वदेशीउपचार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रयास है. नीति आयोग के यह पहल भारत सरकार में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने औरएम्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वालों को वापस करने होगें पैसे,सरकार ने दिया सख्त आदेश” जानें क्या है खास बजह

PM Kisan Yojana: पीएम किसान सम्मन निधि की सोमवार को 19वीं किस्त जारी कर दी गई. इस जारी लिस्ट में जिन किसानों को शुरू से लेकरअब तक इसका लाभ मिल रहा है. अब बारी है उन्हें चुकाने की. दरअसल जिन किसानों को 3800 रुपए महिने मिल चुके हैं.अब उनको चुकाना होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर से डीबीटी के माध्यम से बटन दबाकर इसकी शुरुआत की. जिसका सभी जिलों में लाइव प्रसारण कियागया. पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिला लेकिन इस योजना का लाभ लेने वाले पति-पत्नी के लिए अब बुरी खबर है. जो भी किसानखासकर पती पत्नी उनमें से केवल अब एक को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा. दूसरे को सरकार की तरफ से ली गयी सम्मान निधि राशि कोवापस करना होगा. विभाग के सत्यापन में करीब 5733 ऐसी दंपति हैं. सरकार की तरफ से दिए गए सख्त आदेशसरकार के द्धारा चलाए जा रहे किसान सम्मान निधि योजना का लाभ किसान पति व पत्नी भी ले रहे हैं. लेकिन अभ इसको लेकर सरकार ने आदेशदिए हैं. कि ऐसे लोगों पर कार्यवाही की जाए. फिलहाल अभी 1600 किसानों ने तो खुद सम्मान निधि की राशि कृषि विभाग को लौटा दी है. जिसकोसरकारी विभार के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया है. दरअसल पीएम किसान सम्मन निधि के लिए 8लाख30,000 ऐसे लाभार्थी हैं. जो इसयोजना का लाभ ले रहे हैं. योजना का लाभ लेने के लिए खेत के अभिलेख के साथ जन सेवा केंद्र से आवेदन करना होता है. और विभाग सिस्टम मेंसम्मान निधि स्वीकृत होकर ₹6000 प्रतिवर्ष इससे किसानों के खातों में आना शुरू हो जाता है. पति या पत्नी में से एक को मिलेगा लाभकिसान विभागीय नियमों के अनुसार पति-पत्नी में केवल एक को ही योजना का लाभ मिलना चाहिए. लेकिन इस योजना का लाभ पति और पत्नीदोनो उठा रहे है. जिसको लेकर अब सरकार कार्यवाही करेगी. इस योजना के दौरान पता चला कि इस योजना में ऐसे भी लाभार्थी हैं. जो दोनों इससम्मान निधि का लाभ उठा रहे हैं. विभाग ने अभिलेखों का सत्यापन कराया तो करीब 5733 पति पत्नी ऐसे निकले जो दोनों सम्मान निधि योजना कालाभ ले रहे हैं. लाभ लेने वाले दंपत्ति को विभाग की तरफ से नोटिस सारी किया गया. उनसे धनराशि को बसूलने ने की बात कही गई है. लगभग1600 भारतीय किसानों में से किसी में पति तो किसी में पत्नी ने धनराशि वापस लौटा दी है. और इस प्रक्रिया को अभी जारी रखा गया है जिसकोलेकर सरकार कार्यवाही कर रही है.
अमेरिका को भी झटके की तैयारी, रुस की कीमत पर यूरोप के साथ क्यो बढ़ा रहा चीन से दोस्ती

अमेरिका और रूस अब एक साथ आ गए हैं. और दोनों देश यूक्रेन से जंग खत्म करने के लिए अब पूरी तरह से सहमत . इसको लेकर अमेरिका और रूसकी बात चल रही है. इसी बीच चीन ने एक अलग ही दाव चल दिया. उसका कहना कि यूक्रेन शांति वार्ता में यूरोप के देशों को भी शामिल करनाचाहिए.दरअसल वैश्नविक कूटनीति इन दिनों बदलावों के दौर से गुजर रही है और इनके बीच उथल-पुथल बीच जारी है. एक तरफ संयुक्त राष्ट्रअमेरिका और रूस साथ आ चुके हैं. तो दूसरी तरफ यूक्रेन के मामले में यूरोपियन यूनियन अलग अलग पड़ चुके हैं. इसको लेकर उलट फेर के बीच एकबड़ा बदलाव आ चुका है. कि अमेरिका से यूरोपीय देशों की करार का फायदा उठाने में चीन जुट गया है. अमेरिका और रूस साथ आ गए हैं. और दोनोंदेश यूक्रेन से जंग खत्म करने पर सहमत है. इसको लेकर अमेरिका और रूस की बात भी चल रही है इसी बीच तीन से अलग ही तव चल दिया औरयूक्रेन शांति वार्ता में यूरोप के देशों को भी शामिल करना चाहिए इस जंग का उन पर असर हुआ है. शांति के लिए किए जा रहे प्रयास करते है हम स्वागत- फु कॅान्गइस बीच उन्होनें कहा कि हमारे लिए कोई भी फैसला मायने रखेगी. इसके लिए यूरोपियन यूनियन को इसमें शामिल करने की जरूरत है. संयुक्त राष्ट्रसंघ में चीन की राजदूत फु कॅान्ग ने कहा शांति के लिए किए जा रहे प्रत्येक प्रयास का चीन स्वागत करता है. अमेरिका और रूस के बीच जो समझौताहुआ है. उसका भी चीन समर्थन करता है. इसके बाद चीन ने एक और बात जोड़ दी. जो रुस और अमेरिका को चुभने लगी है. लेकिन यूरोप के लोगोंको अच्छी लगी है. उन्होंने कहा कि चीन को उम्मीद है कि यूक्रेन संकट से जुड़े हर पक्ष को शांति वार्ता में शामिल किया जाएगा. यह विवाद यूरोप कीजमीन पर ही शुरू हुआ था. इसलिए किसी भी हाल पर पहुंचने में यूरोपियन यूनियन को भी साथ लेना चाहिए. यह बात रुस की स्टैंड से अलग है रूसलगातार कहता है कि वह यूक्रेन के मसले का हल निकालेगा. इसके लिए अमेरिका से भी बात की जाएगी.
विधानसभा में पेश की गई दिल्ली शराब को लेकर CAG रिपोर्ट, करीब 2 हजार करोड़ के नुकसान का किया दावा

Delhi CAG Report: कैग रिपोर्ट को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. इसमें दावा यह किया गया है. कि आबकारी नीति से तत्कालीनआप सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ था. नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG)की ताजा रिपोर्ट में दिल्ली की आबकारी नीति और शराबआपूर्ति से जुड़े नियमों के कार्यान्वन में गंभीर खामियों को उजागर किया गया है. इस रिपोर्ट में जारी किया गया है. कि आबकारी विभाग की नीतियोंऔर उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी रही है. जिसको लेकर सरकार को लगभग 2,026.91 करोड़ का नुकसान हुआ है. दिल्ली सरकार कीलगभग कुल राजस्व का लगभग 14 प्रतिशत योगदान आबकारी विभाग का आता है. यह विभाग शराब और नशीली पदार्थों के व्यापार को नियंत्रणऔर विनियमित करता है. इसके साथ ही शराब की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी को बखूबी से निभाता है.1 जुलाई 2017 से जीएसटीलागू होने के बाद मानव उपभोग के लिए शराब ही एकमात्र ऐसा उत्पाद था. जिस पर उत्पाद शुल्क लागू रहा. इसलिए आबकारी विभाग का मुख्यराजस्व शराब की बिक्री से आता है. कैग रिपोर्ट में बताया गया है. कि शराब नीति में कई अनियमिताएं और लापरवाह भी फैसले लिए गए हैं. जिससेदिल्ली सरकार को बड़ा नुकसान हुआ था.आप सरकार में 941.53 करोड़ का नुकसान है. 890 करोड़ का घाटा सरेंडर किए गए लाइसेंस को दोबारानीलाम करने में सरकार नाकाम रही थी.144 करोड़ की छूट कोविड-19 का बहाना बनाकर शराब कारोबारी को दे दिया गया था. शराब की आपूर्तिप्रणाली में कई पक्ष शामिल होते हैं. आबकारी विभाग ने जारी किए लाइसेंसदिल्ली में स्थित गोदामों सरकारी व निजी शराब की दुकानों होटलों, क्लब और रेस्तरां से होते हुए आखिरकार उपभोक्ताओं तक शराब को पहुंचायाजाता है. आबकारी विभाग विभिन्न पदों से राजस्व एकत्र करता है. उत्पाद शुल्क, लाइसेंस शुल्क, परमिट शुल्क, आयात निर्यात शुल्क, कैग रिपोर्ट मेंपाया गया की आबकारी विभाग ने लाइसेंस जारी करने के दौरान नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया. जिसको लेकर दिल्ली आबकारी नियम2010 के नियम 35 के अनुसार एक ही व्यक्ति या कंपनी को अलग-अलग प्रकार के लाइसेंस को खुदरा, होटल रेस्टोरेंट नहीं दिया जा सकते. लेकिनजांच में पाया गया कि कुछ कंपनियों को एक साथ कई प्रकार के लाइसेंस दिए गए हैं. इसको लेकर आबकारी विभाग ने बिना जरूरी चार्ट किएलाइसेंस को जारी करवा दिया. इसमें वित्तीय स्थिरता बिक्री और कीमतों से जुड़े दस्तावेजों तथा राज्यों में घोषित कीमतें और आबकारी विभाग केआपराधिक रिकार्ड की जांच महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल थी. प्रोक्सी मालिकाना हक का लिया सहाराकुछ कंपनियों ने शराब व्यापार में कार्टेल बनाने और ब्रांड प्रमोशन के लिए अपनी हिस्सेदारी को छुपाने के लिए प्रोक्सी मालिकाना हक का सहारा भीलिया था. विक्रेताओं को शराब से फैक्ट्री से निकलने वाली कीमत तय करने की स्वतंत्रता दी गई थी. जिससे कीमतों में हेयर फेल किया गया था. जांच में पाया गया कि एक ही कंपनी द्वारा विभिन्न राज्यों में भेजे जाने वाली शराब की कीमत अलग-अलग थी. इसी मनचाही ढंग से तय की गईकीमतों के कारण कुछ ब्रांडों की विकृति घटी. और सरकार को उत्पाद शुल्क के रूप में नुकसान हुआ. सरकार ने कंपनियों से लागत मूल की जांच नहींकरवाई. जिस मुनाफाखोरी और कर चोरी की संभावना बनी रही. इसको लेकर बीजेपी पार्टी ने अब पूरी तरीके से खुलासा कर दिया है. बीजेपी पार्टी नेरिपोर्ट विधानसभा में पेश की जिसमें लगभग 2 करोड़ रुपए के नुकसान होने का मुद्दा बाकी है.
यूपी सरकार ने लिया सख्त फैसला, कर्मचारियों की बढ़ सकती है मुश्किलें “मार्च महिने में रोका जाएगा वेतन

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार अब ऐसे राज्य कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है. जिन्हेंनों अब तक अपनी चल अचल संपत्ति काव्योरा राज्य मानव संपदा पोर्टल पर नहीं दिया है. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ये निर्देश कई कर्मचारियों पर भारी पड़ते जा रहे है. दरअसल ये वोकर्मचारी हैं. जिन्हें कई बार सख्त निर्देश दिए जाने के बाद भी तक अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर नहीं दिया है. प्रदेश मेंलगभग ऐसे डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारी अभी बाकी है. अब तक इन कर्मचारियों के वेतन को रोकने के लिए सरकार पूरी तरीके से तैयार है. 28 फरवरीतक यूपी सरकार के सभी राज्य कर्मचारियों को अपनी चला चल संपत्ति का ब्योरा देने की अंतिम तारीख है. अगर अभी भी इन कर्मचारियों दिसंबर2025 तक अपनी संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर नहीं दी. मार्च के महिने में रोक दिया जाएगा कर्मचारियों का वेतनसरकार की तरफ से कहा गया है कि जो सरकारी कर्मचारियों ने अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया उन कर्मचारियों के वेतन को मार्च महीनेसे सरकार की तरफ से रोक दिया जाएगा. दरअसल उत्तर प्रदेश राज्य में कुल 8,33510 कर्मचारी हैं. यूपी सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली केतहत प्रदेश में सभी श्रेणियां के राज्य कर्मचारियों को 15 फरवरी तक अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा देना था. लेकिन अब तक लगभग6,89,826 कर्मचारियों ने ही अपनी संपत्ति का ब्योरा सरकार को सौपा है. जो कुल कर्मचारियों का 83% है. लेकिन 1,43,684 कर्मचारियों ने अबतक मानव संपदा पोर्टल पर इसकी जानकारी नहीं दी है. यूपी में इतनी बड़ी संख्या में राज्य कर्मचारियों द्वारा अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिए जाने परमुख्य सचिव मनोज सिन्हा ने नाराजगी जाहिर की. इसके बाद सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि जितने भी ऐसे कर्मचारी हैं. राज्य सरकार ने दिए सख्त आदेशराज्य के कर्मचारियों को सरकार की तरफ से सख्त आदेश दिए है सरकार की तरफ से ऐलान कर दिया गया है.28 फरवरी तक अपनी संपत्ति का ब्योराहर हाल में दे दें. नहीं तो ऐसे कर्मचारियों को मार्च महीने से वेतन नहीं दिया जाएगा. उनके वेतन को पूरी तरीके से रोक दिया जाएगा. मुख्य सचिव सभीविभाग के लोगों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है. इन कर्मचारियों को 28 फरवरी तक अंतिम तारीख दे दी गई है. अभी भी राज्य कर्मचारियोंने अपनी संपत्ति की जानकारी नहीं दी. इसको लेकर सरकार सख्त कार्रवाई की तैयारी को लेकर पूरी तरीके से तैयार है. इन लोगों के मार्च महीने केदौरान वेतन को पूरे तरीके से रोक दिया जाएगा.
राज्यस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पेश किया वित्त वर्ष का पहला बजट, जानें क्यों है खास आम जनता के लिए

Rajasthan News: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वित्त वर्ष 2025 और 26 के लिए राज्य का पहला हरित बजट पेशकर दिया है.इस बजट में आम जनता की जरुरतों को खास तौर पर ध्यान में रखकर इसे पारित किया गया है.इस बजट का कुल प्रावधान 5.37 लाखकरोड़ का है.जिसमें राजस्थान की जनता की जरुरतों का ख्याल में रखा गया है. इसमें बिजली से लेकर सड़क पानी के साथ स्वस्थ एवं कृषि कोप्राथमिकता दी गई है. दरअसल यह बजट संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्षण के अनुरूप है. सरकार ने 2.75 लाख नौकरियां 1 दिसंबर 2 5 लाखसरकारी पर 1.50 लाख निजी के सृजन की योजना बनाई है. और उससे पहले बजट की 73.5 घोषणाओं को भी पूरा किया है. राजस्थान केवातावरण को ध्यान में रखते हुए इस योजना के तहत लगभग 10 करोड़ पेड़ लगाने की भी योजना बनाई गई है. 2.5 लाख किसानों को प्राकृतिकखेती के लिए सब्सिडी दी जाएगी. और लगभग 4700+ लोगों में जल संरक्षण संरचनाएं को भी पारित किया जाएगा. राज्य के प्रत्येक जिले में बेस्ट वेल्थ पार्क बनाने का निर्णयइसमें राजस्थान सरकार सर्कुलर इकोनामी इंसेंटिव योजना एवं वाहन स्क्रैप नीति का भी संचालन करेगी. राज्य के प्रत्येक जिले में बेस्ट वेल्थ पार्क बनानेका भी निर्णय लिया गया है. इसमें स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी विकास केंद्र के लिए लगभग 250 करोड़ की लागत को सरकार के द्वारा पारित कियागया है. लगभग 250 करोड़ ग्रीन अरावली विकास परियोजनाओं के लिए भी सरकार की तरफ से दिए गए राज्यों में 20 लाख करोड़ में नई जलकनेक्शन लगवाए जायेंगे. राजस्थान की राज्यधानी जयपुर में अंबेडकर संविधान अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान को भी बनाया जाएगा. 8 नए जिलों मेंजिला स्तरीय कार्यालय के लिए 1000 करोड रुपए का बजट तैयार किया है.राजस्थान सरकार ने इन योजनाओं पर कार्य करना शुरु भी कर दिया है. दरअसल यह बजट राजस्थान को हरित समावेशी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने USAID के हजारों कर्मचारियों को लिया छुट्टी पर भेजने का निर्णय, 2000 पदों को कर दिया समाप्त

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पद संभालने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप कई बड़े फैसले ले चुके हैं. इसी बीच उन्होंने एक और बड़ा फैसला लिया है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिका अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी के (USAID) कुछ कर्मचारियों को छोड़कर बाकी सभी को छुट्टी पर भेजनेका निर्णय कर लिया है. अमेरिका में करीब 2000 पदों को समाप्त करने की घोषणा कर दी है. इससे पहले भी वह इसी तरह का एक फैसला ले चुकेहैं. प्रशासक कार्यालय द्वारा उसी शहर के कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में कहा गया है. कि कार्यकाल में कमी के तहत लगभग 2000 कर्मचारियों के बीच छटनी की जा रही है. ट्रंप ने किया हजारों लोगों को नौकरियों से बेदखलयह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की कोशिश के बाद उठाया गया है. तब उन्हें कानूनीचुनौतियों का सामना करना पड़ा. एक संघीय न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन को USAID को समाप्त करने से रोक दिया था. लेकिन शुक्रवार को फैसलासुनाया की रोक स्थाई नहीं होगी. दरअसल 23 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रात में नोटिस को भेजे गए इस विशेष महत्वपूर्ण मिशन पर गए कर्मियोंऔर विशेष रूप से नामित कर्मियों को छोड़कर सभी USAID कर्मियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेजा गया है. दरअसल नोटिस में स्पष्ट किया गयाहै. सरकार बनने के बाद कई अहम फैसलेUSAID कर्मचारी जो मिशन महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जिम्मेदार है वह निर्णय से प्रभावित नहीं होंगे. लेकिन अभी यह साफ नहीं हुआ .है कि कितनीकर्मचारियों को महत्वपूर्ण माना गया है. अरबपति एलन मस्क के द्वारा सरकार दक्षता विभाग (DOGE)को खत्म करने की कोशिश में लगा हुआ है. USAID के उप प्रशासक पट मार्को ने बताया. कि USAID के कर्मचारी और उनके परिवारों की विदेश यात्रा की व्यवस्था करने के लिए 600 अमेरिकी कर्मचारी वहां मौजूद रहेंगे. अमेरिकी रोष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बनने के बाद ऐसे कई अहम फैसलों को लिया गया है.