राजौरी में आतंकियों ने सेना के वाहन पर किया हमला, जवाबी कार्रवाई में सेना ने चलाया सर्च ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी इलाके में आतंकियों ने सेना के वाहन पर हमला किया। यह घटना नियंत्रण रेखा (LoC) के पास फाल गांवमें हुई, जहां संदिग्ध आतंकवादियों ने सेना पर गोलीबारी की। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सेना का जवाबी एक्शन और सर्च ऑपरेशनहमले के तुरंत बाद सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया और आतंकियों की तलाश के लिए सर्च अभियान शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकवादियों ने जंगल में छिपकर सेना के वाहन पर पांच से छह राउंड फायरिंग की। सेना ने जवाबी कार्रवाई की और अतिरिक्त बलों को मौके परभेजा गया। राजौरी का मार्ग आतंकियों के लिए अहमयह क्षेत्र पहले भी आतंकी गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह रास्ता आतंकियों के पारंपरिक घुसपैठ मार्गों में सेएक है, जिसका उपयोग वे भारतीय सीमा में प्रवेश करने के लिए करते हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लगातार अभियानसेना और पुलिस जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों मेंआतंकियों की धर-पकड़ तेज कर दी गई है। आतंकियों की संपत्तियां जब्तइस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवादियों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए कठोर कदम उठाए हैं। कुपवाड़ा जिले में दो पाकिस्तान-आधारितआतंकी आकाओं, ताहिर अहमद पीर और मोहम्मद रमजान गनी की लाखों रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। ये दोनों आतंकी पाकिस्तान में रह रहे हैंऔर 2011 में दर्ज एक मामले में फरार घोषित किए गए थे। पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद उनकी तीन कनाल और 12 मरला जमीन को जब्तकिया। स्थिति नियंत्रण में, सेना अलर्ट परफिलहाल, सेना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और तलाशी अभियान जारी है। सेना और पुलिस मिलकर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कररही हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
महाशिवरात्रि पर रुद्रपुर के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गूंजे बम-बम भोले के जयकारे

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रुद्रपुर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों में घंटे और शंख की ध्वनि के बीच “बम-बम भोले” के जयकारे गूंज रहे हैं। भक्त सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में उमड़ रहे हैं। भक्तों की लंबी कतारें, शिवमय हुआ वातावरणरुद्रपुर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। भक्तजन भांग, धतूरा, बेल पत्र, फल और पूजा सामग्री अर्पित करभगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। पूरे माहौल में भक्तिमय ऊर्जा का संचार हो रहा है। पंजाब के सिद्ध शक्तिपीठ में विशेष पूजापंजाब के प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ, श्री देवी तालाब मंदिर में दिनभर भगवान शिव की महिमा का उच्चारण किया जाएगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरपहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर, सूखा तालाब (चौक किशनपुरा): यहां भी भक्त महाशिवरात्रि के पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।मुक्तसर के मंदिर: महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है।गगन जी का टिल्ला: 766 सीढ़ियों वाला ऐतिहासिक शिव मंदिरपंजाब में स्थित ऐतिहासिक गगन जी का टिल्ला शिव मंदिर अपनी ऊंचाई के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इसे पांडवों ने स्थापित किया था। इसमंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 766 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन इसके बावजूद भक्तजन बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। महाशिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर देशभर के शिवालयों में भक्तों की आस्था देखने को मिल रही है, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया है।
महाशिवरात्रि पर हजारीबाग में हिंसा, कई लोग घायल

महाशिवरात्रि के अवसर पर झारखंड के हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड के डुमरौन गांव में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान जमकरपथराव और आगजनी हुई, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनीहिंसा के दौरान उपद्रवियों ने तीन बाइक और एक कार को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा, कुछ अन्य दोपहिया और तिपहिया वाहनों में भीतोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। गांव में तैनात की गई पुलिसघटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई और पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, एएसपी समेत सुरक्षाबल हालात पर नजर रखे हुए हैं और क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। विवाद की वजह क्या थी?मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत भारत चौक पर महाशिवरात्रि के अवसर पर पताका और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर हुई। देखते हीदेखते दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ गया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। गुस्साए उपद्रवियों ने वाहनों में आगजनी कर दी और माहौल बिगड़नेलगा। स्थिति नियंत्रण में, पुलिस अलर्ट परहालात को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्थिति पर काबू पा लिया है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
लुधियाना वेस्ट उपचुनाव: AAP ने संजीव अरोड़ा को बनाया उम्मीदवार, विपक्षी अटकलों को किया खारिज

आम आदमी पार्टी (AAP) ने लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव के लिए राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार घोषित किया है। इसफैसले के बाद विपक्षी दलों ने कयास लगाना शुरू कर दिया कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल या वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को राज्यसभा भेजनेकी योजना के तहत यह कदम उठाया गया है। हालांकि, AAP ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता नील गर्ग ने स्पष्ट किया कि संजीव अरोड़ा की उम्मीदवारी केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “यह फैसला अरोड़ा कीलोकप्रियता और लुधियाना वेस्ट में पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। विपक्षी दल बेवजह अफवाहें फैला रहे हैं।” उपचुनाव की स्थिति और पृष्ठभूमिलुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट AAP विधायक गुरप्रीत बासी गोगी के निधन के बाद खाली हुई है। चुनाव आयोग ने अभी तक उपचुनाव की तारीखघोषित नहीं की है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में गुरप्रीत बासी गोगी ने कांग्रेस के दो बार के विधायक भारत भूषण आशु को हराया था। उनकीअसमयिक मृत्यु के बाद यह सीट खाली हो गई, जिससे उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी। संजीव अरोड़ा पर लगे आरोप और उनकी प्रतिक्रियाअक्टूबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संजीव अरोड़ा के लुधियाना स्थित आवास पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक भूमि धोखाधड़ी मामले में छापामारा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरोड़ा ने कहा था कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोगकरेंगे। संजीव अरोड़ा की प्रतिक्रियालुधियाना के उद्योगपति और AAP के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा ने अपनी उम्मीदवारी पर खुशी जताते हुए ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “AAP नेतृत्व द्वारा मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं आभारी हूं। मैं अपने गृहनगर से गहराई से जुड़ा हुआ हूं और पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनताकी सेवा करूंगा।” AAP के राज्यसभा सांसदों की स्थितिAAP के राज्यसभा सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, बलबीर सिंह सीचेवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और संजीवअरोड़ा शामिल हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल की हार के बाद, पंजाब से सभी छह AAP राज्यसभा सांसदों ने अपनी सीटेंकेजरीवाल को प्रस्तावित की थीं। हालांकि, उन्होंने यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था। AAP ने अटकलों को किया खारिजपार्टी ने स्पष्ट किया है कि संजीव अरोड़ा की उम्मीदवारी केवल लुधियाना वेस्ट उपचुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए है। इसे लेकर विपक्षद्वारा फैलाई जा रही अन्य अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा का स्वागत किया, राहुल गांधी से सवाल

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष, वीरेन्द्र सचदेवा ने राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार कोउम्र कैद की सजा सुनाए जाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दो मामलों में सजा मिलने के बावजूद कांग्रेस पार्टी सज्जन कुमारको निष्कासित नहीं कर रही है, जो पार्टी के सिख विरोधी रुख को उजागर करता है। सचदेवा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि ऐसी कौन सी मजबूरी है कि कांग्रेस पार्टी सज्जन कुमार जैसे हत्यारे को अपनी पार्टी से बाहर नहीं कर पारही है। उन्होंने कहा, “सिखों के हत्यारे को संरक्षण देने की ऐसी क्या मजबूरी है, राहुल गांधी को इस पर स्पष्टता देनी चाहिए।” दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि 1984 के सिख नरसंहार के समय तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने चुप्पी साधे रखी थी। उन्होंनेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया, जिनकी पहल पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन हुआ और अब इस मामले का परिणाम सामनेआया है।
कांग्रेस ने यूपी शिक्षक भर्ती में आरक्षण उल्लंघन का किया विरोध, न्यायिक जांच की मांग

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी नेआरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए निर्धारितआरक्षित सीटों पर गड़बड़ी की है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष और बाराबंकी सेसांसद तनुज पुनिया ने कहा कि 69,000 शिक्षकों की भर्ती में 18,500 आरक्षित सीटों में से केवल 2,637 सीटों पर ही आरक्षण लागू किया गया।जबकि शेष 15,863 सीटों पर अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नौकरी दी गई। यह संविधान में दिए गए आरक्षण के अधिकार का उल्लंघन है, औरइस फैसले को लेकर कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। पुनिया ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दलित, आदिवासी और ओबीसी वर्ग को नौकरियों से वंचित रखना चाहती है। उनका कहना थाकि इस घोटाले का प्रभाव उन लाखों युवाओं पर पड़ा है, जो वर्षों से अपनी मेहनत के साथ न्याय की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरप्रदेश का यह घोटाला मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले से भी बड़ा हो सकता है। कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर संविधान को बदलने का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा की यह नीति संविधान के प्रावधानों केखिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी इस घोटाले की कड़ी आलोचना करती है और उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाबदेही तयकरने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आरक्षित वर्गों के लिए 18,500 से अधिक पदों को बहाल करने और योग्य उम्मीदवारों को उनका हक देने के लिए संघर्षकरेगी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ आंदोलन करेगी। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है और छात्रों व शिक्षकों पर हो रहे दमन को तुरंतरोके जाने की अपील की है।
कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा पर बढ़ा तनाव, कंडक्टर पर हमला, बस सेवाएं निलंबित

कर्नाटक के बेलगावी जिले के सन्ना बालेकुंदरी में केएसआरटीसी बस कंडक्टर पर कन्नड़ बोलने को लेकर हुए हमले से कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा परतनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच बस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामनाकरना पड़ रहा है। बसों पर हमला और विरोध प्रदर्शनहमले के बाद शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक की बसों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स केअनुसार, उपद्रवियों ने बसों पर भगवा झंडे बांधकर और काली स्याही से ‘जय महाराष्ट्र’ लिख दिया। कर्नाटक ने महाराष्ट्र के लिए सभी बस सेवाओं कोनिलंबित कर दिया है, जबकि महाराष्ट्र ने भी कर्नाटक के लिए अपनी बस सेवाएं रोक दी हैं। घटना का विवरण और कर्नाटक में हुई कार्रवाईकर्नाटक सरकार ने पुष्टि की कि निप्पनी, चिक्कोडी और बेलगावी के रास्ते कोल्हापुर जाने वाली सभी केएसआरटीसी बसों को रोक दिया गया है। दोनोंराज्यों के बीच आम तौर पर रोजाना 120 बसें चलती हैं। घटनाओं के बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र सरकारों ने आपसी समझौतों के लिए एक दूसरे सेस्पष्टीकरण मांगा है। कंडक्टर पर हमले की शुरुआतबस कंडक्टर महादेव ने बताया कि हमला टिकट विवाद के कारण हुआ। एक नाबालिग लड़के और एक लड़की ने कंडक्टर से टिकट मांगा, जिसमें एकमुफ्त टिकट भी था, क्योंकि कर्नाटक में महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त है। जब कंडक्टर ने लड़के के लिए टिकट की मांग की, तो लड़की ने कंडक्टर सेमराठी में बात करने का आग्रह किया, जिसके बाद कथित तौर पर लड़की से जुड़े 20 लोगों ने कंडक्टर पर हमला कर दिया। महाराष्ट्र में भी प्रतिक्रियाइसके बाद, कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन की एक बस पर हमला किया, जो बेंगलुरु से मुंबई जा रही थी। उन्होंने बस केड्राइवर के साथ मारपीट की और उसके चेहरे पर कालिख पोत दी। दोनों राज्यों की स्थितिकर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और अधिकारी इस घटनाक्रम पर ध्यान दे रहे हैं। दोनों राज्यों के लोग सरकारों से इसमुद्दे को शीघ्र हल करने की मांग कर रहे हैं। कर्नाटक राज्य परिवहन निगम के कंडक्टर पर हमले के बाद, कर्नाटक और महाराष्ट्र दोनों सरकारों ने अपने-अपने बस संचालन को निलंबित कर दिया है।
बुलढाणा में अचानक बाल झड़ने की घटनाओं का खुलासा, सेलेनियम से हुआ गंजापन

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में हाल ही में अचानक बाल झड़ने और गंजे होने की घटनाओं ने सभी को चौंका दिया था। कई लोगों के बाल झड़ने केबाद सरकार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया। अब इस मामले में पद्मश्री सम्मानित विशेषज्ञ डॉ. हिम्मतराव बावस्कर की रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि गेहूं में अत्यधिक सेलेनियम की मात्रा के कारण यह समस्यापैदा हुई, जो लोगों की रोटियां बनाने में उपयोग हो रही थी। बाल झड़ने के लक्षण और प्रभावडॉ. हिम्मतराव बावस्कर ने इस समस्या को ‘एक्यूट एलोपेशिया टोटलिस’ (Acute Alopecia Totalis) के नाम से पहचाना है। उन्होंने बताया किसरकारी राशन दुकानों से मिलने वाले गेहूं में अत्यधिक सेलेनियम था, जिसकी वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई। दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 केबीच बुलढाणा जिले के 18 गांवों के 279 लोग इस समस्या से प्रभावित हुए। इस समस्या से पीड़ित लोगों में सिरदर्द, बुखार, खुजली, झुनझुनी, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखे गए थे। खासतौर पर कॉलेज छात्राओं औरयुवतियों पर इसका गहरा असर पड़ा था। बाल झड़ने से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ा था और कुछ शादियां भी टूट गई थीं। गेहूं में सेलेनियम की अधिकता से बढ़ी समस्याजांच में यह पता चला कि पंजाब और हरियाणा से लाए गए गेहूं में स्थानीय गेहूं की तुलना में 600 गुना अधिक सेलेनियम था। यही कारण था किइस गेहूं से बनी रोटियां खाने के बाद लोगों के बाल झड़ने लगे थे। शुरुआत में यह समस्या कुछ लोगों में ही थी, लेकिन धीरे-धीरे यह बढ़कर एक बड़ीसमस्या बन गई। लोग सिर से हाथ फेरते ही बालों के टूटने की समस्या से जूझने लगे थे। इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच शुरू की और दोषी तत्वों को चिन्हित किया।
अब्दुल्ला आजम खान की जेल से रिहाई, पार्टी समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अब्दुल्ला आजम खान मंगलवार को 17 महीने बाद उत्तर प्रदेश के हरदोई जेल से रिहा हो गए। उनके जेल से बाहरआते ही पार्टी के नेताओं और समर्थकों का भारी हुजूम जेल के बाहर जुट गया। अब्दुल्ला आजम ने सफेद कुर्ता-पायजामा और गहरे रंग का स्लीवलेसवेस्टकोट पहना था और उनके सिर पर पोनीटेल थी। उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने दोपहर करीब 12 बजे जेल परिसर से बाहर निकाला। अब्दुल्ला आजम खान के जेल में रहने की पृष्ठभूमिअब्दुल्ला आजम खान रामपुर के स्वार विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं और वे सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे हैं। उनके खिलाफ पिछलेकुछ सालों में कई मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से एक शत्रु संपत्ति से संबंधित मामला 2020 में दर्ज हुआ था। इसी मामले में हाल ही में एमपी/एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, उनके खिलाफ 45 मामलों में से सभी में उन्हें जमानत मिल चुकी थी। जमानत में देरी का कारणअब्दुल्ला आजम की रिहाई में जमानत सत्यापन से संबंधित प्रक्रियागत मुद्दों के कारण देरी हुई थी। सोमवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्टसे रिहाई का आदेश भेजे जाने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। रुचि वीरा ने न्यायपालिका पर विश्वास जतायाहरदोई जेल के बाहर सपा सांसद रुचि वीरा ने अपनी आस्था न्यायपालिका में दोहराते हुए कहा कि उन्हें हमेशा से न्यायपालिका पर भरोसा था औरआज भी है। उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि अंत में न्याय हुआ है। हालांकि, अदालत का आदेश छह दिन पहले आया था, लेकिन दस्तावेजों कोसंसाधित करने में समय लगा। अब हम खुश हैं कि न्याय हुआ है।” आजम खान का अभी भी सीतापुर जेल में बंद होनाबता दें कि अब्दुल्ला आजम के पिता और सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान वर्तमान में विभिन्न मामलों के सिलसिले में सीतापुर जेल में बंद हैं।
बांग्लादेश: नाहिद इस्लाम ने यूनुस सरकार से दिया इस्तीफा, नई राजनीतिक पार्टी बनाने की तैयारी

बांग्लादेश में छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाले स्टूडेंट लीडर नाहिद इस्लाम ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार से इस्तीफा दे दिया है। वे यूनुसकैबिनेट में सूचना सलाहकार के पद पर कार्यरत थे। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मंगलवार को अपना इस्तीफा सौंपा। माना जा रहा हैकि वे जल्द ही एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। यूनुस सरकार से नाराजगीनाहिद इस्लाम के इस्तीफे की अटकलें कई दिनों से चल रही थीं। उन्होंने पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ छात्र आंदोलन मेंप्रमुख भूमिका निभाई थी। इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कैबिनेट और सभी सरकारी समितियों से खुद को अलग करलिया है। नई पार्टी के गठन की तैयारीसूत्रों के मुताबिक, नाहिद इस्लाम आगामी शुक्रवार को एक नई राजनीतिक पार्टी के संयोजक की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। यह पार्टी भेदभावविरोधी छात्र आंदोलन और राष्ट्रीय नागरिक समिति की पहल पर बनाई जा रही है। यूनुस सरकार से अलग होने से पहले नाहिद इस्लाम ने रविवार कोमोहम्मद यूनुस से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद उनके इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई थीं। बांग्लादेश में चुनाव और लोकतंत्र की बहाली की संभावनानाहिद इस्लाम के इस्तीफे और नई पार्टी के गठन से संकेत मिल रहे हैं कि बांग्लादेश में जल्द ही आम चुनाव हो सकते हैं। छात्र नेताओं का यह नयाकदम यूनुस सरकार पर दबाव बना सकता है। हालांकि, मोहम्मद यूनुस पहले ही कह चुके हैं कि 2025 के अंत तक चुनाव कराए जा सकते हैं। यूनुस सरकार पर आलोचना और अल्पसंख्यकों पर हमलेमोहम्मद यूनुस एक अनिर्वाचित नेता हैं और उनकी सरकार को जनता का व्यापक समर्थन नहीं मिला है। उनके कार्यकाल में अल्पसंख्यकों, खासकरहिंदुओं पर हमलों में वृद्धि हुई है। आरोप है कि उन्होंने कट्टरपंथी इस्लामी गुटों को खुली छूट दे रखी है, जिससे उनकी आलोचना लगातार बढ़ रही है।