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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश से किया सीधा सवाल, रिश्ता रखने से पहले दे जानकारी कैसे रिश्तों को रखेंगें हमारे साथ

भारत सरकार अब बांग्लादेश के खिलाफ सख्त होती नजर आ रही है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कर दिया है. कि पड़ोसी मुल्क को बताना होगाकि वह भारत के साथ किस तरह के संबंध रखना चाहता है. सबसे बड़ी बात यह है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने टिप्पणी ऐसे समय पर की. जबभारतीय विदेश मंत्री ने मस्कट में अपने बांग्लादेशी संपर्क के साथ मुलाकात की थी. साथ उन्होंने बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों पर हम लोग का भी मुद्दोंको उठाया. जयशंकर ने कहा की अंतरिम सरकार में हर रोज कई सवालों को रोज-रोज उठाना और हर बात पर भारत पर आरोप लगा देना ये कोई बातनहीं है एक तरफ तो आप कहते हैं कि मैं आपके साथ अच्छे संबंध रखना चाहता हूं लेकिन मैं रोज सुबह उठकर हर गलत बात का जिम्मेदार आपकोबताऊंगा आप ऐसा कैसे कर सकते हैं. अल्पसंख्यकों के हमलों पर उठाया मुद्दायह एक फैसला उनका लेना है. अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले लोग का भी मुद्दा उठाया गया. उन्होनें कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहेहमले स्वाभाविक रूप से हमारी सोच पर असर डालते हैं यह एक ऐसी चीज है जिसके बारे में हमें बोलना होगा हम बोल भी चुके हैं दूसरा पहलू यह हैकि वह राजनीति कर रहे हैं अंत में दोनों देश एक दूसरे के पड़ोसी हैं उन्हें तय करना होगा कि वह हमारे साथ किस तरह का रिश्ता रखना चाहते हैं. बांग्लादेश के साथ हमारा पुराना इतिहास है. हमारा बांग्लादेश के साथ इतिहास बहुत ही खास और दिलचस्प है. यह 1971 से है अभी से नहीं. विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता रणधीर जायसवाल नियंत्रण सरकार में सलाहकारों द्वारा भारत विरोधी टिप्पणी और भारत के व्यवहार पर इसके क्या प्रभाव होंगे. इस पर उन्होंने कहा की जो निश्चित रूप से मददगार नहीं है. यह संबंधित व्यक्तियों पर निर्भर करता है कि वह अपने विशेष डोमेन के

DUSU अध्यक्ष से सीधा पहली बार विधायक, और अब सीएम” जानें कौन हैं दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता?

राजधानी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हरियाणा के जींद जिले के जुलाना कस्बे की बेटी है. जो आज दिल्ली की मुख्यमंत्री बन चुकीं है. रेखागुप्ता की स्कूली पढ़ाई त्रिनगर दिल्ली में हुई. इसके बाद दिल्ली के दौलतराम कॅालेज से इन्होनें बीकॅाम व एलएलबी की डिग्री पूरी की. दरअसल येकॅालेज टाइम से ही अखिल विघार्थी परिषद् (ABVP)से जुड़ी हुई है. इन्होनें दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ में अध्यक्ष और सचिव पद का चुनाव कोजीता था. इसके बाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU)में अध्यक्ष और महासचिव की जीत भी इन्होनें अपने नाम की थी. ये दिल्ली नगर निगम में पार्षदभी रह चुकीं है. और साउथ दिल्ली (SDMC)की मेयर रह चुकी है.फिलहाल हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव में शालीमार बाग सीट से आम आदमीपार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को लगभग 30 हजार वोटों से हराकर जीत अपने नाम की है.2013 में लड़ा था पहली बार चुनावइससे पहले इन्होनें दिल्ली के शालीमार बाग से 2013 में पहली बार चुनाव लड़ा था. हालांकि वंदना कुमारी ने तब लगभग 11 हजार वोटों से इनकोहरा दिया था. पर रेखा गुप्ता ने हार नहीं मानी और नतीजा हम सबके सामने है.वंदना कुमारी से हार के बाद बीजेपी पार्टी की तरफ से इन्हें दिल्ली केशालीमार बाग से पार्षद का टिकट दिया गया . इस दौरान इन्होनें जीत को अपने नाम किया और ये फिर MCD पहुंच गई. विधायक बनने से पहलेरेखा गुप्ता बीजेपी संगठन के स्तर पर भी अहम जिम्मेदारी को संभाल चुकीं है. ये बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है. और दिल्ली बीजेपी मेंमहासचिव के पद को भी संभाल चुकी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलतराम कॅालेज से पढ़ाई करने के बाद ये लंबे समय तक आरएसएस (RSS) कीसक्रिय सदस्य रहीं है. इन्होनें संघ के कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है. दिल्ली यूनिवर्सिटी से रहीं छात्र संघ की नेताकॅालेज की पढ़ाई के दौरान ये 1994 से लेकर 1995 तक ये दौलत राम कॅालेज की सिक्रटरी रहीं. इसके बाद ये 1995 से लेकर 1997 तक दिल्लीयूनिवर्सिटी छात्र संघ की नेता रहीं. फिर इन्होनें दिल्ली महिला मोर्चा की सेक्रेटरी पद को संभाला जिसका कार्यकाल 2003 से लेकर 2004 तकचला. 2007 में इन्होनें में प्रीतमपुरा नॅार्थ से पार्षद के चुनाव को लड़ा जिसमें इन्होनें जीत हासिल की. इसके बाद ये बीजेपी पार्टी की तरफ से इन्हेंराष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य चुना गया. रेखा गुप्ता दिल्ली की तीसरी ऐसी मुख्यमंत्री है. जिनका संबंध हरियाणा से है. इससे पहले सुषमा स्वराजजो दिल्ली की मुख्यमंत्री थी. वो भी हरियाणा के अंबाला जिले की रहने वाली थी. जिन्होनें 1998 में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद को संभाला था.

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने लगाया आरोप,आम आदमी पार्टी ने खाली किया सरकार का खजाना

Delhi News: दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया है. जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी पर सीधा निशाना साधा है. उन्होंने कहा किआम आदमी पार्टी ने सरकार खाली सरकारी खजाना छोड़ गई है. दरअसल रेखा गुप्ता ने हर महीने महिलाओं को ₹2500 देने की योजना लागू करने केबादा किया था. दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पार्टी ने जो महिलाओं से वादा किया था. कि हर महीने महिलाओं को ₹25 दिए जाएंगे. अब उसको निभाने की बात आ चुकी है. दरअसल सरकार बनने के बाद महिलाओं को दिए जाने वाले ₹2500 को लेकर आम आदमीपार्टी आए दिन बीजेपी पर निशाना साध रही है.आप का कहना है कि दिल्ली की महिलाओं को पैसे मिलने कब शुरू होंगे. इस पर बीजेपी का कहना हैकि 8 मार्च तक महिलाओं के खाते में ₹2500 आने शुरू हो जाएंगे.दिल्ली की मुख्यमंत्री ने लगाया आरोपदिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया है.कि दिल्ली की पिछली आम आदमी पार्टी सरकार सरकारी खजाने को खाली छोड़ गई है. दरअसल रेखा गुप्ता ने हर महीने महिलाओं को ₹2500 देने की योजना लागू करने की बात कही थी अूब इसे जल्दी ही लागू कर दिया जाएगा. रेखागुप्ता ने अतिशि पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी आर्थिक रूप से मजबूत सरकार सौंपी गई है. इस पर अतिशी ने पलटवार करते हुए कहा किबीजेपी को बहाने बनाने की जगह मुद्दों को पूरे करने पर ध्यान देना चाहिए. दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत हो रही है.रेखा गुप्ता ने पार्टीकार्यालय में भाजपा विधायकों के साथ बैठक की. महिला समृद्धि योजना के कार्य एवं पर अधिकारियों के साथ कई चरणों की बैठक भी हो चुकी हैंयोजना के क्रियान्वयन की तैयारी के बारे में पूछा गया. आम आदमी पार्टी ने किया सरकार का खजाना खालीपिछली सरकार ने हमारे लिए जो हालात छोड़ी है हमने मौजूदा सरकार की आर्थिक स्थिति के समीक्षा करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की. तो हमने देखा कि सरकारी खजाना तो पूरी तरीके से खाली हो चुका है अब दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की सरकार आई है. और आम आदमीसरकार की एक लंबे दशक शासन का अंत पूरी तरह से आप हो चुका है. इस महीने की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 से 48 सीट जीतकर आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर किया है. और अब दिल्ली की कमान हमारे हाथों में दिल्ली का विकास जल्द ही हम करेंगे.

दिल्ली नगर निगम की आप सरकार ने होली से पहले लिया बड़ा फैसला, हाउस टैक्सों को किया जाएगा माफ

Delhi News: दिल्ली नगर निगम की ‘‘आप’’ सरकार ने होली से पहले हाउस टैक्स को लेकर दिल्ली वालों को बहुत बडा तोहफा देने का एलानकिया है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने फैसला लिया है. कि जो लोग तय समय सीमा के अंदर वित्तीय वर्ष 2024-25 का पूरा हाउस टैक्स जमाकर देंगे. उनका पिछला बकाया सारा हाउस टैक्स माफ कर दिया जाएगा. साथ ही, अगले वित्तीय वर्ष (2025-26) में 100 गज के मकानों औररिहायशी क्षेत्र में चल रही दुकानों का 100 फीसद और 100 से 500 गज के मकानों का 50 फीसद हाउस टैक्स माफ किया जाएगा. इसके अलावाअभी तक दिल्ली के 1300 हाउसिंग अपार्टमेंट को हाउस टैक्स में कोई रियायत नहीं मिलती थी. लेकिन अब इनका भी अगले वित्तीय वर्ष में 25 फीसद हाउस टैक्स माफ कर दिया जाएगा.25 फरवरी को होने वाले एमसीडी सदन में आम आदमी पार्टी की सरकार इस प्रस्ताव को पास करदेगी.आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद संजय सिंह, नेता दुर्गेश पाठक, मेयर महेश खींची और नेता सदन मुकेश गोयल सोमवार को पार्टीमुख्यालय में संयुक्त प्रेसवार्ता कर इस बड़े फैसले की जानकारी दी. संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा से आम लोगों के फायदे औरउनकी जिंदगी में सहूलियत देने के लिए काम किया है. 100 गज से कम बने भवनों का पूरी तरह टेक्स माफसमय से हाउस टैक्स का भुगतान करने पर अगले वित्तीय वर्ष में 100 गज से 500 गज तक के भवन का हाउस टैक्स आधा किया जाएगा. 100 गजसे कम बने भवनों का हाउस टैक्स पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा. रिहायशी मकानों में जिनमें दुकानें चल रही हैं और उनके व्यावसायिक हाउस हैं. उनका हाउस टैक्स माफ किया जाएगा. दिल्ली के अंदर 1300 से ज्यादा मकान ऐसे हैं. जिनको हाउस टैक्स का फायदा नहीं मिलता है. उन्हें इसमेंकिसी तरह की भी छूट का फायदा नहीं मिलता है. इसलिए उनके बारे में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा रहा है कि दिल्ली के अंदर जो 1300 हाउसिंगअपार्टमेंट हैं. उनका 25 फीसद तक हाउस टैक्स माफ किया जाएगा.‘‘आप’’ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि डेढ़ साल पहले दिल्ली की एमसीडी में जबसे आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है.उससे बहुत अच्छे-अच्छे काम हो रहे हैं. और कई सारी चीजें जमीन पर उतर रही हैं. एक सबसे बड़ी समस्या थीकि पहले एमसीडी कर्मचारियों को कभी समय पर वेतन नहीं मिलता था. आखिरी बार उन्हें 2008-2009 में समय पर वेतन मिला था. आम आदमी पार्टी ने लिया फैसलाजिनको किसी भी हाउसिंग स्कीम का फायदा नहीं मिलता. इसलिए आम आदमी पार्टी की सरकार ने फैसला लिया है कि 1300 अपार्टमेंट में समय सेहाउस टैक्स जमा करने वाले लोगों को हाउस टैक्स में 25 प्रतिशत का रिबेट मिलेगा. यह एक बहुत बड़ा निर्णय है. यह एमसीडी के अंदर एक बहुतबड़ा टैक्स सुधार है. जो भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का काम करेगा. इसके जरिए हम लोगों को टैक्स देने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. क्योंकि इसकीआड़ में बड़ा भ्रष्टाचार चल रहा था. हम लोगों को प्रोत्साहित करेंगे कि वे इस स्कीम का फायदा लें.5 फरवरी को एमसीडी सदन में हम इस प्रस्ताव कोपास करके इसे जल्द दिल्ली में लागू करेंगे. दिल्ली के लोग 2025-26 वित्तीय वर्ष में इन सभी चीजों का फायदा उठा सकेंगे.

केंद्रीय बजट 2025-26: कृषि, उद्योग और निर्यात के विकास पर जोर, उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक योजनाओं का प्रस्ताव

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय बजट 2025-26 के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की। यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के लक्ष्य को समर्पित है और इसमें कृषि, एमएसएमई, निवेश तथा निर्यात कोप्राथमिकता दी गई है। कृषि क्षेत्र में सुधारदेश के अन्नदाता किसानों की समृद्धि के बिना भारत का विकास अधूरा है। इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत की गई है, जिससे 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गईहै। किसान और उद्योगों के लिए नई योजनाएंउच्च उपज बीज मिशन, कपास उत्पादकता मिशन और मखाना बोर्ड जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा। सूक्ष्म उद्यमक्रेडिट कार्ड योजना के तहत 10 लाख एमएसएमई को 5 लाख रुपये तक की ऋण सुविधा मिलेगी। चमड़ा और फुटवियर उद्योग में 22 लाख नएरोजगार उत्पन्न होंगे और 1.1 लाख करोड़ रुपये का निर्यात होगा। निर्यात और वैश्विक पहचान‘मेड इन इंडिया’ के ब्रांड को वैश्विक पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें खिलौना उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। देश को एक निर्यात हबबनाने के लिए निर्यात संवर्धन मिशन की शुरुआत की गई है और एयर कार्गो भंडारण सुविधा से कृषि और खाद्य उत्पादों का तेज निर्यात संभव होगा। करदाताओं के लिए राहतबजट में देश के करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण राहत दी गई है। 12 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई आयकर नहीं लगेगा, वहीं टीडीएस कीसीमा को 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधारबजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 200 डे-केयर कैंसर सेंटर और 10,000 नई रिसर्च फेलोशिप का प्रस्ताव किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में 500 करोड़रुपये की लागत से एआई केंद्रों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स और 10,000 नई मेडिकल सीटों का प्रावधानकिया गया है। उत्तर प्रदेश का विकास रोडमैपमाननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी 25 वर्षों के विकास रोडमैप में 28,478 करोड़ रुपये की नई योजनाओं का प्रावधान किया गया है। महत्वपूर्ण योजनाएं और विकास कार्यमुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये औरगन्ना किसानों के लिए 475 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, प्रदेश भर में 200 करोड़ रुपये की लागत से नॉर्थ साउथ कॉरिडोर काविकास, 2900 करोड़ रुपये से राजमार्गों का चौड़ीकरण और 3150 करोड़ रुपये से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का विस्तार किया जाएगा। नए रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाएंराज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगार सृजित करने के लिए बड़ी योजनाओं का प्रस्ताव है। विशेष रूप से, महिलाओं, छात्रों और युवाओं के लिए कईकल्याणकारी योजनाएं लाई गई हैं।

बिहार में किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी, पीएम मोदी ने लालू यादव पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर में किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसादयादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग पशुओं का चारा खाने के आरोपी हैं, वे किसानों का भला नहीं कर सकते। इससे पहले, लालूयादव ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की सभा को लेकर टिप्पणी करते हुए लिखा था कि “बिहार में फिर झूठ और जुमलों की बरसात होगी।” इसपर पीएम मोदी ने अपने भाषण में करारा जवाब दिया। विकसित भारत के चार स्तंभभागलपुर हवाई अड्डा मैदान में आयोजित किसान महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लाल किले से स्पष्ट किया था किविकसित भारत के चार मजबूत स्तंभ हैं—गरीब, अन्नदाता किसान, नौजवान और नारी शक्ति। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार, चाहे केंद्र में हो याराज्य में, हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देती है। किसानों के लिए केंद्र सरकार की पहलपीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने किसानों की हर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि किसान को बेहतर बीज, सस्ती खाद, सिंचाई की सुविधा, पशुओं की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदा से राहत की जरूरत होती है। लेकिन, जिन लोगों ने चारा घोटाले में संलिप्तहोकर पशुओं का चारा तक खा लिया, वे किसानों की इन परेशानियों को कभी नहीं समझ सकते। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार ने इनसमस्याओं को गंभीरता से लिया और समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। खाद की सुलभता पर जोरप्रधानमंत्री ने कहा कि पहले खाद की चोरी होती थी और किसानों को लाठियां खानी पड़ती थीं, लेकिन अब उनकी सरकार ने यह स्थिति बदल दी है।उन्होंने दावा किया कि अगर एनडीए सरकार न होती, तो आज भी बिहार का बरौनी खाद कारखाना बंद पड़ा रहता। उन्होंने कहा कि कई देशों में खादकी एक बोरी की कीमत 3,000 रुपये तक पहुंच गई है, लेकिन भारत में किसानों को 300 रुपये से भी कम में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार की आर्थिक सहायतापीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार किसानों के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी की कीमतों का बोझकिसानों पर न पड़े, इसलिए केंद्र सरकार ने खुद इन पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने खाद पर लगभग 12 लाखकरोड़ रुपये की राशि खर्च की है, जिससे किसानों की जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च होने से बचाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार आगे भी कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों के कल्याण के लिएसमर्पित रहेगी।

दिल्ली विधानसभा सत्र की शुरुआत, विपक्ष और सरकार आमने-सामने

दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार को विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई। पहले ही दिन सदन में विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच तीखीनोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष की नेता आतिशी को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने चेतावनी दी, जिससे सत्र की शुरुआत ही गरमागरम बहसके साथ हुई। अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर हटाने का आरोपनेता प्रतिपक्ष आतिशी ने विधानसभा में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बधाई देने के साथ ही यह सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से डॉ. भीमरावअंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हटा दी गई हैं। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की “दलित और सिख विरोधी मानसिकता” करारदिया। उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया।विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर की सख्त प्रतिक्रियासदन में हंगामे के बीच स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को बोलने का मौका दिया, लेकिन आप विधायकों ने लगातार विरोध जारीरखा। विधानसभा के बाहर भी आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। बीजेपी पर अहंकार का आरोपमीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने केलिए अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटा दीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी को लगता है कि पीएम मोदी, अंबेडकर और भगत सिंह से बड़ेहैं? उन्होंने इसे बीजेपी का “दलित और सिख विरोधी रवैया” बताया। बीजेपी का पलटवारइस आरोप पर बीजेपी के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पिछले दस वर्षों में दिल्ली केविकास के लिए कुछ नहीं किया और अब सदन की पवित्रता भंग कर रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे दिल्ली के विकास में सहयोग करें औररचनात्मक सुझाव दें। बीजेपी विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी तस्वीर नहीं हटाई गई है। उन्होंने AAP नेताओं को “झूठाप्रचार करने” का दोषी ठहराया। विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। उनके नाम के लिए दो प्रस्ताव पेश किए गए—एक मुख्यमंत्री रेखागुप्ता और दूसरा कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्राज की ओर से। इन प्रस्तावों का समर्थन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और प्रवेश वर्मा ने किया और ध्वनिमत सेपारित कर दिया गया। चुनाव ‘प्रोटेम स्पीकर’ अरविंदर सिंह लवली ने संपन्न कराया। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी विजेंद्र गुप्ता को उनके आसन तक लेकर गए, जिससे यह संदेश देने की कोशिश कीगई कि भले ही मतभेद हों, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाएगा।

इंडिगो और एयर इंडिया की फ्लाइट में टूटी सीटों पर विवाद, पंजाब के नेता ने भी उठाए सवाल

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट में टूटी हुई सीटों की तस्वीरें साझा करते हुए एयरलाइन की व्यवस्थाओं परसवाल खड़े किए हैं। इसके जवाब में इंडिगो ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी सीटें हटाने योग्य कुशनों के साथ डिजाइन की गई हैं, जिससे सफाई औररखरखाव में आसानी होती है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। फ्लाइट क्रू ने शिकायत पर दी असमर्थतासुनील जाखड़ ने 27 जनवरी की उड़ान में टूटी हुई सीटों की ओर केबिन क्रू का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन उन्हें वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करानेकी सलाह दी गई। उन्होंने एयरलाइंस के “चलता है” रवैये की आलोचना करते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अपील की कि सुरक्षामानकों से कोई समझौता न हो। इंडिगो का जवाबइंडिगो ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सीटें वेल्क्रो की मदद से सुरक्षित की जाती हैं, जिससे वे सफाई और रखरखाव के लिएहटाई जा सकती हैं। हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में ये कुशन ढीले हो सकते हैं और इन्हें पुनः व्यवस्थित करने की आवश्यकता होती है। एयरलाइन नेयह भी कहा कि उनकी सीटों का डिजाइन सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही है। शिवराज सिंह चौहान ने भी जताई थी नाराजगीइससे पहले, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयर इंडिया की फ्लाइट में टूटी हुई सीट को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने बताया किउन्होंने 8C सीट बुक की थी, लेकिन जब फ्लाइट में पहुंचे तो वह टूटी हुई थी। इस मामले पर एयर इंडिया ने तुरंत माफी मांगते हुए जांच का आश्वासनदिया था। विमानन क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा पर बहसलगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के चलते विमानन क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा अनुभव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। यात्रियों कीसुविधाओं और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए DGCA की ओर से सख्त कदम उठाने की मांग बढ़ रही है।

कोलकाता में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध मौत, हत्या या आत्महत्या?

कोलकाता में एक ही परिवार की तीन महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों में 14 वर्षीय किशोरी और दो महिलाएं शामिल हैं।पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला हत्या की साजिश से जुड़ा लग रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं की नसें कटी हुई थींऔर उनकी गर्दन पर गहरे घाव थे, जबकि किशोरी की मौत जहर से हुई थी। हत्या या आत्महत्या? पुलिस के सामने बड़ा सवालयह मामला पुलिस के लिए एक रहस्य बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में हत्या की संभावना पर जोर दिया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिसदिन इन तीनों की लाशें मिलीं, उसी दिन मृत महिलाओं के पतियों—प्रणय डे और प्रसून डे—का कार एक्सीडेंट हुआ। हादसे में तीन लोग घायल हुए, जिनमें दोनों भाई भी शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि इन्हीं भाइयों ने अपनी पत्नियों की हत्या की हो सकती है। संदिग्ध बयान और पुलिस की जांचपुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों ने बयान दिया है कि परिवार ने आत्महत्या की योजना बनाई थी और सभी ने नींद की गोलियां खाकर दलिया खायाथा। हालांकि, पुलिस को इस दावे पर संदेह है, क्योंकि अब तक की जांच में आत्महत्या से ज्यादा हत्या की आशंका नजर आ रही है। आर्थिक तंगी के बावजूद ऐशो-आराम की जिंदगीपुलिस की जांच में सामने आया है कि डे परिवार चमड़े के व्यवसाय में भारी कर्ज से जूझ रहा था, लेकिन इसके बावजूद उनका रहन-सहन काफीविलासितापूर्ण था। इससे यह सवाल उठता है कि यदि आर्थिक तनाव था, तो महिलाओं की हत्या का कारण क्या हो सकता है? क्या परिवार केकिसी सदस्य ने ही अपराध किया या इसमें कोई बाहरी व्यक्ति शामिल है?दोनों भाइयों से होगी गहन पूछताछफिलहाल, एक्सीडेंट में घायल दोनों भाइयों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि उनकी स्थिति में सुधार होने के बाद उनसेगहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस सभी संभावनाओं की जांच कर रही है ताकि इस रहस्यमय मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025, मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई उड़ान

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025 की शुरुआत आज हो गई, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक विकास की गतिकी सराहना की और राज्य सरकार को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, उद्योगपतियों और निवेशकों का आभारव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति से भोपाल वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश को बढ़ावामुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की विकास गाथा को देश ही नहीं, बल्कि यूके, जर्मनी और जापान जैसे देशों में भी प्रस्तुत किया गया है। सरकार नेउद्योगपतियों से संवाद कर निवेश प्रोत्साहन के लिए एक सुव्यवस्थित रोडमैप तैयार किया है। निवेश के लिए नई नीतियांराज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए 18 नई नीतियां बनाई हैं, जिनका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। सिंगल विंडो सिस्टम कोअधिक प्रभावी बनाने और प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ‘जनविश्वास अधिनियम’ पारित किया गया है। साथ ही, सरकार ने 2025 को “उद्योगएवं रोजगार वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। औद्योगिक विकास के लिए मजबूत इकोसिस्टममुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक चार मूलभूत आवश्यकताओं – भूमि, जल, बिजली और कुशल श्रमबल – पर जोर दिया। उन्होंनेबताया कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त भूमि बैंक, जल संसाधन, सरप्लस बिजली और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश औद्योगिक निवेश केलिए अनुकूल बन रहा है। प्रमुख औद्योगिक परियोजनाएंराज्य में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं को गति दी जा रही है, जिनमें मेगा फुटवियर क्लस्टर (मुरैना), नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण (मोहासाबाबई), पीएम मित्र पार्क (धार) जैसी पहल शामिल हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क की सफलता के कारण इसके विस्तार की योजना भी बनाईजा रही है। औद्योगिक पार्क और पर्यटन क्षेत्र में विकासमध्य प्रदेश में 13 नए औद्योगिक पार्क बनकर तैयार हो रहे हैं और 20 नए औद्योगिक पार्कों की आधारशिला रखी जाएगी। इसके अलावा, 6 औद्योगिक विकास क्षेत्रों को विकसित करने की भी योजना है। पर्यटन क्षेत्र में भी राज्य सरकार संभावनाओं का विस्तार कर रही है, जिसमें महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, ओरछा, दतिया, भोजपुर, भीमबेटका और वन्य जीव अभयारण्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।समग्र विकास के लिए चार प्रमुख मिशनमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चार प्रमुख मिशन शुरू किए हैं। विभिन्न विभागोंके बीच समन्वय स्थापित कर नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे प्रदेश सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।