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दिल्ली को साफ़ हवा दिलाने के लिए सरकार का बड़ा और लगातार अभियान – पर्यावरण मंत्री,मनजिंदर सिंह सिरसा

सरिता साहनी19 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार अब पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ज़मीनी स्तरपर तेज़ और सख़्त कार्रवाई कर रही है, ताकि आम लोगों को साफ़ और सुरक्षित हवा मिल सके। इसी कड़ी में बीते 24 घंटों के भीतर प्रदूषण फैलानेऔर नियमों का उल्लंघन करने वाले 11,000 से अधिक वाहनों पर चालान किए गए हैं। कुल मिलाकर 11,776 चालान काटे गए, जो यह दिखाताहै कि सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रही है। प्रदूषण के खिलाफ हर स्तर पर सरकार की सक्रियतापर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए एक ही समय में कई स्तरों पर काम कर रही है। वाहनों कीसघन जांच की जा रही है, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत चालान हो रहा है और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर लगातार निगरानी रखी जारही है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभाग और डीपीसीसी 24×7 पूरी तत्परता के साथ काम कर रहे हैं। सरकार के प्रयासों से दिखने लगा सुधारमनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, सरकार के लगातार प्रयासों का असर अब दिखाई देने लगा है। इस साल सर्दियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक में पिछलेवर्षों की तुलना में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार अचानक नहीं आया, बल्कि रोज़ाना की सख़्त निगरानी, कार्रवाई औरसफ़ाई अभियानों का नतीजा है। तात्कालिक कार्रवाई के साथ दीर्घकालिक सोचपर्यावरण मंत्री ने साफ़ किया कि सरकार केवल तात्कालिक उपायों पर निर्भर नहीं है। पूरे साल लागू रहने वाली, वैज्ञानिक आधार पर तैयार नीतियों परलगातार काम किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि दिल्ली की हवा को लंबे समय तक साफ़ रखा जा सके और प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधाननिकाला जा सके। सड़कों की सफ़ाई और धूल नियंत्रण पर विशेष ध्यानदिल्ली में प्रदूषण की एक बड़ी वजह सड़कों की धूल और कचरा भी है। इसी कारण नगर निगम और अन्य एजेंसियों ने बड़े स्तर पर सफ़ाई अभियानचलाया। पिछले 24 घंटों में 12,164 मीट्रिक टन से अधिक कचरा उठाया गया और 2,068 किलोमीटर से ज़्यादा सड़कों की मशीनों से सफ़ाई कीगई। इसके साथ ही कई इलाकों में पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग किया गया, ताकि हवा में उड़ने वाली धूल को कम किया जासके। कचरा प्रबंधन में तेज़ी, शहर को स्वच्छ बनाने की कोशिशकचरा प्रबंधन के क्षेत्र में भी सरकार ने तेज़ी दिखाई है। पिछले 24 घंटों में औसतन 30,000 मीट्रिक टन से अधिक पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके सेनिपटान किया गया। इससे शहर की साफ़-सफ़ाई में सुधार हुआ और प्रदूषण कम करने में मदद मिली। नियम तोड़ने वालों पर सख़्ती और ट्रैफिक सुधारप्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए गैर-निर्धारित मार्गों पर चल रहे ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सैकड़ों ट्रकों को शहर मेंप्रवेश से रोका गया और वापस भेजा गया। इसके साथ ही राजधानी के प्रमुख ट्रैफिक जाम वाले स्थानों पर यातायात को बेहतर बनाया गया, ताकिवाहनों की भीड़ से होने वाला प्रदूषण कम हो। जनता के सहयोग से ही मिलेगी साफ़ हवापर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने नागरिकों, संस्थानों और वाहन चालकों से अपील की कि वे प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पूरी तरह पालन करें।उन्होंने कहा, प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं है। सभी विभाग दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली को साफ़ हवा देने के लिएजनता का सहयोग भी उतना ही ज़रूरी है। स्वच्छ और सुरक्षित दिल्ली की ओर बढ़ते क़दमदिल्ली सरकार का यह अभियान साफ़ संदेश देता है कि प्रदूषण के खिलाफ अब ढिलाई नहीं होगी। लगातार कार्रवाई, सख़्त निगरानी और जनता कीभागीदारी से राजधानी को धीरे-धीरे साफ़, स्वस्थ और रहने लायक बनाने की दिशा में मज़बूत कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

जहरीली स्मॉग के बीच प्रदूषण पर सख्ती, BS-6 नियम लागू PUC जांच में सर्वर डाउन से बढ़ी लोगों की परेशानी

जहरीली स्मॉग की मोटी चादर में लिपटी दिल्ली में सांसत में पड़ी सांसों के बीच प्रदूषण पर सख्ती और बढ़ा दी गई है। दिल्ली में आज से केवलबीएस-6 मानक वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के ईंधन देने पर रोकलगाने की खबर के बीच बुधवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर पीयूसी जांच कराने वालों की लंबी कतार लग गईं। हालांकि, तकनीकी खामियों केकारण कई पंपों पर सर्वर डाउन हो गया, जिससे जांच बाधित रही और लोगों की परेशानियां बढ़ गईं। हालात को संभालने के लिए पेट्रोल पंपों परअतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। कई लोगों का कहनाकई पंपों पर पीयूसी मशीनों के सर्वर डाउन होने से जांच रुक गई, घंटों इंतजार के बाद भी कई लोग निराश लौट गए। वाहन चालक नियमों का पालनकरना चाहते हैं, लेकिन व्यवस्थागत कमियां उनके सामने बड़ी चुनौती बन रही हैं। दिल्ली सरकार के इस फैसले का असर कनॉट प्लेस, बाबा खड़कसिंह मार्ग, जनपथ, बाराखंबा, धौला कुआं सहित कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर देखने को मिला। लोग सुबह से ही अपनी गाड़ियों का प्रदूषण जांच करानेपहुंचे, ताकि बृहस्पतिवार से लागू होने वाले नए नियमों का पालन कर सकें। हालांकि, कई पंपों पर पीयूसी मशीनों के सर्वर ठप होने से जांच नहीं होपाई। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई निराश होकर लौट गए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने राजधानी के कई इलाकों मेंजांच अभियान चलाया व बिना वैध पीयूसी वाले वाहनों पर जुर्माना लगाया। बुधवार को सभी वाहनों को ईंधन भरवाने की छूट रही, लेकिनबृहस्पतिवार से सख्ती शुरू हो जाएगी। पेट्रोल पंपों पर पहुंचे वाहन चालकों ने सरकार के कदम की सराहना की, लेकिन व्यवस्थागत कमियों परनाराजगी भी जताई। कई लोगों का कहना था कि नियम तो ठीक है। सुचारू रूप से उपलब्ध होवाहन चालकों में दिखी नाराजगी : बाइक चालक दिव्यांश ने बताया कि पीयूसी करवाना है, लेकिन सर्वर ठप है। मैं सुबह 9 बजे से लाइन में लगा हूं।सर्वर कभी चल रहा है, कभी बंद हो जा रहा है। पिछले 10 दिनों से कई पेट्रोल पंप के चक्कर काट चुका हूं। लेकिन, नए मॉडल के कारण बीएस-6 का पीयूसी नहीं हो पा रहा है। अगर सरकार ने नियम बनाए हैं तो व्यवस्था भी ठीक होनी चाहिए। वहीं, चालक विवेक ने बताया कि घर से निकलते हीपेट्रोल पंप आया हूं, लेकिन भीड़ होने के कारण पीयूसी कराने में काफी समय लग रहा है।लोगों ने कहा िक वे प्रदूषण से राहत चाहते हैं और सरकार के फैसलों का समर्थन करते हैं, लेकिन नियमों के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं कोमजबूत करना भी जरूरी है। अगर पीयूसी जांच की व्यवस्था समय पर और सुचारू रूप से उपलब्ध हो। उनका कहना है कि दिल्ली में सर्दियों का मौसमहमेशा प्रदूषण की मार झेलता है।

भारत–ओमान के बीच बड़ा FTA समझौता, 98% भारतीय निर्यात को मिलेगी ड्यूटी-फ्री एंट्री

भारत और ओमान ने गुरुवार को एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान केबाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। इस समझौते से खास तौर पर कपड़ा, कृषि उत्पाद और चमड़ा उद्योग को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इसकेबदले में भारत ओमान से आने वाले कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करेगा। इनमें खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद शामिल हैं। यहसमझौता अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से लागू होने की संभावना है। ऐसे समय में यह करार अहम माना जा रहा है, जब भारत को अपने सबसेबड़े निर्यात बाजार अमेरिका में 50 प्रतिशत तक के ऊंचे शुल्क का सामना करना पड़ रहा है। सहयोग के नए अध्याय में तब्दील होंगेकेंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ से मुलाकात की।इस बैठक में भारत-ओमान के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। गोयल ने इस बातचीत को उत्पादक बताते हुएकहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध पहले से ही मजबूत हैं और उन्हें नई ऊंचाइयों तक ले जाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।सोशल मीडिया पर साझा संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ओमान के बीच बढ़ता आर्थिक जुड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुल्तान हैथमबिन तारिक के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि नेताओं की मौजूदगी में होने वाली आगामी बातचीत से सभ्यतागत रिश्ते गहरेआर्थिक सहयोग के नए अध्याय में तब्दील होंगे। दिसंबर 2023 में भारत की राजकीय यात्रा कीयह बैठक ऐसे समय हुई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने तीन देशों के चार दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में ओमान पहुंचे। इससे पहलेवह जॉर्डन और इथियोपिया की यात्रा पूरी कर चुके हैं। पीएम मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर वहां पहुंचे हैं। दौरे के दौरानदोनों नेता रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और वाणिज्यिक व आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा भारत-ओमान के बीच70 वर्षों के राजनयिक संबंधों के लिहाज से भी खास मानी जा रही है। इससे पहले सुल्तान हैथम बिन तारिक ने दिसंबर 2023 में भारत की राजकीययात्रा की थी।

ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान ‘कर्मश्री’ अब महात्मा गांधी के नाम से जानी जाएगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि उनकी सरकार ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ‘कर्मश्री’ का नाम बदलकर महात्मा गांधीके नाम पर रखेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा कि नरेगा स्कीम से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना शर्मनाकहै; अगर वे राष्ट्रपिता को सम्मान नहीं दे सकते, तो हम देंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिजनेस एंड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में भाजपा का सीधे नाम लिएबिना कहा कि अगर कुछ राजनीतिक दल हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने में विफल रहते हैं, तो हम उनका सम्मान करेंगे। ममता ने कहा कि मुझेशर्म आती है कि उन्होंने नरेगा कार्यक्रम से महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला किया है। हम अब राष्ट्रपिता को भी भूला रहे हैं। अब हम अपने राज्यकी कर्मश्री योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेंगे। ‘कर्मश्री’ योजना के तहत सरकार का दावा है कि वह लाभार्थियों को 75 दिनों तक काकाम देती है, इसके बावजूद कि बनर्जी ने कहा कि केंद्र मनरेगा के तहत फंड रोक रहा है। उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया थामुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य भविष्य में ‘कर्मश्री’ के तहत काम के दिनों की संख्या बढ़ाकर 100 करना है। उन्होंने कहा, हमने पहले ही ‘कर्मश्री’ के तहत बहुत सारे कार्यदिवस बनाए हैं, जिसे हम अपने संसाधनों से चला रहे हैं। अगर केंद्रीय फंड बंद भी हो जाते हैं, तो भी हम यह सुनिश्चित करेंगेकि लोगों को काम मिले। हम भिखारी नहीं हैं।”एक बिजनेस और इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में बोलते हुए ममता बनर्जी ने किसी ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ बंगाल को बदनाम करना चाहते हैं, लेकिन उन्हेंनहीं पता कि बंगाल पूरी तरह से बदल गया है। यह अब एक वर्ल्ड-क्लास डेस्टिनेशन बन गया है… मैं इंडस्ट्री चलाने वाले उद्योगपतियों की कमिटमेंटका सम्मान करती हूं। राज्य में एसआईआर भी किया जा रहा है। इसलिए सब लोग दूसरे कामों में बिजी हैं। इसीलिए हम यह बिजनेस कॉन्क्लेव कररहे हैं। कल भी एमएसएमई सेक्टर के लिए एक बड़ी मीटिंग हुई थी, जिसमें 15,000 से ज़्यादा उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया था। आज, पश्चिमबंगाल में भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब में से एक है। वर्ल्ड बैंक लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट ग्रोथ के लिए राज्य के साथ पार्टनरशिप कर रहाहै… इसीलिए हम अमेजन जैसे ग्लोबल दिग्गजों को आकर्षित कर रहे हैं… बंगाल दक्षिण पूर्व एशिया, उत्तर पूर्व भारत, पूर्वी भारत और खासकरबांग्लादेश, भूटान और नेपाल का गेटवे है। हम गेटवे हैं। बंगाल बिहार, झारखंड, ओडिशा और दूसरे राज्यों का भी गेटवे है।

संसद में हंगामे के बीच शिवराज का पलटवार, विपक्ष का रवैया बापू के आदर्शों की हत्या हंगामा करना महात्मा गांधी का अपमान

संसद में आज विपक्षी दलों के हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहाकि विपक्ष सरकार का जवाब सुनना ही नहीं चाहता। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरकार की तरफ से जारी आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों नेफंड का दुरुपयोग किया, लेकिन हमारी सरकार ने विकास कार्यों पर खर्च करने पर जोर दिया। शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि सरकार किसानोंके साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक लाई है, जिसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा, सबसे पहले इस पवित्र सदन में मैं आपकोधन्यवाद देना चाहता हूं। सभापति महोदय को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस विषय पर हमने माननीय सदस्यों के विचार सुने हैं। अब जवाब देना मेराअधिकार है। मैं आपसे संरक्षण चाहता हूं। मैंने रात के डेढ़ बजे तक माननीय सदस्यों की बात सुनी है। अपनी बात सुना देना और फिर जवाब न सुननाये लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार करना है। संविधान की धज्जियां उड़ाना है। ये बापू के आदर्शों की हत्या भी कर रहे हैं। अपनी बात सुना दो औरहमारी न सुनो। ये भी हिंसा है। यह बापू के आदर्शों की हत्या करने का काम कांग्रेस और बाकी विपक्ष कर रहे हैं। देश हमारे लिए जमीन का टुकड़ा नहींउन्होंने कहा, सबसे पहले मैं पूज्य बापू (राष्ट्रपति महात्मा गांधी) के चरणों में प्रणाम करना चाहता हूं। बापू हमारी श्रद्धा हैं। बापू जी हमारे आदर्श हैं।बापू हमारी प्रेरणा हैं। बापू हमारे विश्वास हैं। इसलिए माननीय अध्यक्ष महोदय भारतीय जनता पार्टी ने अपने पंच निष्ठाओं में गांधी के सामाजिक-आर्थिक दर्शन को स्थान दिया है। हम गांधी जी के आदर्शों पर चलने वाले हैं। गांधी जी ने ही कहा था कि गांव भारत की आत्मा है। अगर गांव मरजाएंगे, भारत मर जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा, यह गांवों के विकास का विधायक है। माननीय प्रतिपक्षी सदस्यों ने कई तरह के आरोप लगाए। एकबात यह कही कि हम भेदभाव करते हैं। सारा देश हमारे लिए एक है। चेन्नई हो या गुवाहाटी, अपना देश-अपनी माटी। अलग भाषा-अलग वेष, फिरभी अपना एक देश। उन्होंने आगे कहा, मैं इनको बताना चाहता हूं कि अटल जी ने क्या कहा था। माननीय अध्यक्ष महोदय, हम देश के किसी भी राज्यके साथ भेदभाव नहीं करते। हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था – यह देश हमारे लिए जमीन का टुकड़ा नहीं है, जीता-जाता राष्ट्र पुरुष है। हंगामा महात्मा गांधी का अपमानकांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सनक मोदी सरकार पर सवार नहीं है। उन्होंनेकहा कि अपने खानदान का महिमामंडन करने के लिए इन्होंने महात्मा गांधी की बजाय केवल नेहरू परिवार के नाम पर सरकारी योजनाओं कानामकरण किया। कांग्रेस पर खानदान के महिमामंडन में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए शिवराज ने कहा कि नेहरू परिवार के नाम पर योजनाओं केनाम रखे गए। उन्होंने दावा किया कि 25 नाम स्वर्गीय राजीव गांधी और 27 नाम इंदिरा गांधी के नाम पर रखे गए। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों, सड़कों, इमारतों, अवार्ड्स के नाम भी इसी खानदान के लोगों के नाम पर रखे गए। संसद में आज कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों केहंगामे पर नाराजगी का इजहार किया। लोकसभा में विकसित भारत जी राम जी विधेयक पर हुई विस्तृत चर्चा का जवाब देते समय शिवराज ने कहाकि विपक्षी दलों का हंगामा महात्मा गांधी का अपमान है। उन्होंने कहा कि बापू का अपमान कर रही विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तो गांधी को भी गांधी सेचुराने का पाप किया है।

कर्नाटक विधानसभा से पास हुआ हेट स्पीच बिल, नफरत फैलाने पर 7 साल तक की सजा

कर्नाटक विधानसभा ने गुरुवार को समाज में नफरत, दुश्मनी और वैमनस्य फैलाने वाली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए हेट स्पीच और हेटक्राइम्स रोकथाम विधेयक, 2025 पारित कर दिया। विधेयक पर बेलगावी में चर्चा हुई, जिसमें गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इसके प्रावधानों और जरूरतको विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि हेट स्पीच का मतलब किसी व्यक्ति, समुदाय या संगठन (जीवित या मृत) के खिलाफ नफरत फैलाने वालीबातों का कहना, लिखना, छापना, फैलाना या उकसाना है, जिससे समाज में दुश्मनी, घृणा या वैमनस्य पैदा हो। परमेश्वर ने कहा कि कुछ बयान सीधेतौर पर हिंसा भड़काते हैं या एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़ा और साफ कानून जरूरी है। उन्होंनेउदाहरण देते हुए कहा कि अखबारों में ऐसे बयान छपते रहे हैं, जिनमें किसी समुदाय के खिलाफ हिंसा की बात कही जाती है या उन्हें नुकसान पहुंचानेके लिए उकसाया जाता है। विधानसभा ने इस संशोधन को मंजूरी दे दीनए कानून के तहत हेट क्राइम करने वाले को कम से कम एक साल और अधिकतम सात साल की जेल, साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना होगा। अगरकोई व्यक्ति बार-बार ऐसा अपराध करता है, तो सजा और कड़ी होगी। दोहराए गए अपराध में कम से कम दो साल की जेल और एक लाख रुपयेजुर्माने का प्रावधान रखा गया है। चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि अधिकतम सजा को पहलेप्रस्तावित 10 साल से घटाकर 7 साल किया जाए। उनका कहना था कि कानूनी ढांचे के भीतर रहते हुए सात साल की सजा पर्याप्त है। विधानसभा नेइस संशोधन को मंजूरी दे दी। मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेराज्य मंत्री बैराठी सुरेश ने कहा, ‘हेट स्पीच बिल का विरोध करने का क्या मतलब है? हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि समाज में नफरत भरा भाषणनहीं होना चाहिए।’ वहीं, कांग्रेस विधायक एनए हारिस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘भाजपा सरकार के हर अच्छे कदम का विरोध करती है।उनके लिए राजनीति समाज से ऊपर है। हम ऐसा समाज चाहते हैं जहां नफरत की कोई जगह न हो और सभी मिल-जुलकर शांति से रह सकें।’ कर्नाटक में राज्य सरकार की तरफ से पेश किया गया हेट स्पीच और हेट क्राइम्स रोकथाम विधेयक, 2025 विधानसभा से पारित कर दिया गया है। गृहमंत्री ने बताया कि इस कानून का मकसद नफरत भरे भाषण और नफरत से जुड़े अपराधों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना है, ताकि ऐसे मामलों परप्रभावी कार्रवाई की जा सके।

भाजपा राहुल गांधी जी की आवाज को लगातार दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी आवाज को बुलंद करने केलिए हर बलिदान देने को तैयार है-देवेंद्र यादव 

सरिता साहनी17 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में दिल्ली कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने नेशनल हेराल्ड के झूठे मामले पर सोनिया गांधी जीऔर राहुल गांधी जी सहित अन्य 5 लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ईडी की चार्जशीट पर कोर्ट द्वारा सुनवाई करने से मना करने के बाद मोदी-शाह की बदले की राजनीति के खिलाफ भाजपा मुख्यालय पर एक जोरदार प्रदर्शन किया। नई दिल्ली, 17 दिसम्बर, 2025 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में आज दिल्ली कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं नेनेशनल हेराल्ड के झूठे मामले पर सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी सहित अन्य 5 लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ईडी की चार्जशीट परकोर्ट द्वारा सुनवाई करने से मना करने के बाद मोदी-शाह की बदले की राजनीति के खिलाफ भाजपा मुख्यालय पर एक जोरदार प्रदर्शन किया। श्रीयादव ने कहा कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि हम सत्यमेव जयते में विश्वास रखते है। सत्य की जीत हुई है और मोदी सरकार कीदुर्भावना और गैर कानूनी गतिविधियों का पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है। भारी संख्या में प्रदर्शनकारी हाथों में ‘‘मोदी झूठ की आंधी, सत्य सदा है गांधी’’, जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है’’ नारे लिखी तख्तियांलिए जब भाजपा मुख्यालय की तरफ बढ़ रहे थे, तब पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर आईपीस्टेट पुलिस स्टेशन ले गए, जिन्हें बाद में छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों में प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के साथ दिल्ली के प्रभारी काजी निजामुद्दीन, अ0भा0 महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अल्का लांबा, अ0भा0क0कमेटी के एससी विभाग के चेयरमैन राजेन्द्र पाल गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार, पूर्व सांसद श्री रमेश कुमार, दिल्ली सरकारके पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ, डा0 नरेन्द्र नाथ, प्रो0 किरण वालिया और डा0 योगानन्द शास्त्री, पूर्व विधायक श्री हरी शंकर गुप्ता, भीष्म शर्मा, विजयलोचव, आसिफ मौहम्मद खान, देवेन्द्र सेहरावत, जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ राव, धर्मपाल चंदेला, राजकुमार जैन, महेन्द्र भास्कर, महेन्द्र मंगला, आदेशभारद्वाज, विरेन्द्र शर्मा, हर्ष चौधरी, लोकसभा और जिला आर्ब्जवर कमलकांत शर्मा, लक्ष्मण रावत,एडवोकेट सुनील कुमार,भूपेश यादव, तस्वीरसौलंकी, जगजीवन शर्मा, लक्ष्मण रावत, डा0 पी0के0 मिश्रा, सोशल मीडिय चेयरमैन राहुल शर्मा मुख्य रुप से मौजूद थे। श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष की आवाज को हमेशा दबाने का काम किया है, नेशनल हेराल्ड के झूठे में ईडी दर्ज मामले में कोईअभियोजन नही बनता था इसलिए इसे कोर्ट ने खारिज करके भाजपा को करारा जबाव मिला है। हम लगातार भाजपा पर जो आरोप लगा रहे थे वोकोर्ट ने अपने आदेश में साबित कर दिया है कि भाजपा बदले की भावना से सरकारी संस्थानों को इस्तेमाल करके द्वेष की राजनीति करती है। उन्होंनेकहा कि भाजपा राहुल गांधी जी की आवाज को लगातार दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी आवाज को बुलंद करने केलिए हर बलिदान देने को तैयार है। यह वही राहुल गांधी हैं, जिनके पिता राजीव गांधी जी और दादी इंदिरा गांधी जी ने देश की अखंडता और एकताके लिए बलिदान दिया है। श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि कोर्ट द्वारा सुनवाई से इसलिए मना किया गया क्योंकि यह चार्जशीट एक व्यक्ति निजी शिकायत से जुड़ी हुई थी न कि किसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉनि्ंड्रग एक्ट के तहत अनुचित आधार पर। स्पेशल न्यायधीश ने स्पष्ट किया कि ऐसे में सुनवाई […]

कानून की अदालत में शोर की हार, सच और संविधान की जीत

सरिता साहनी17 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस का स्पष्ट संदेश राजनीतिक बदले की राजनीति हुई बेनकाबनई दिल्ली स्थित 10, राजाजी मार्ग पर कांग्रेस पार्टी की एक विशेष और अहम प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस अध्यक्ष एवंराज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश और कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता का मुख्य विषयनेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में आए ताज़ा अदालती फैसले और उसमें उजागर हुई सच्चाई रही। प्रेस वार्ता की शुरुआत – पवन खेड़ाप्रेस वार्ता की शुरुआत करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि सभी नेताओं को संसद जाना है, इसलिए बात को लंबा खींचे बिना पूरे तथ्यों के साथ देश केसामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में बहुत समय से शोर मचाया जा रहा था, लेकिन अब अदालत के फैसले के बाद सच्चाई सामने आचुकी है। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से पूरे मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया। यह केस कानून का नहीं, राजनीतिक द्वेष का था – अभिषेक मनु सिंघवीअभिषेक मनु सिंघवी ने बेहद सरल और साफ भाषा में कहा कि यह पूरा मामला द्वेष से प्रेरित कार्रवाई और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग की कहानी है।उन्होंने कहा कि इस केस में आरोप बहुत लगाए गए, शोर बहुत मचाया गया, लेकिन कानूनी आधार कभी मौजूद ही नहीं था। अदालत के फैसले नेयही साबित किया है कि कानून शोर से नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रक्रिया से चलता है। उन्होंने बताया कि ईडी ने राहुल गांधी से लगभग पचास सेपचपन घंटे, मल्लिकार्जुन खरगे से पांच से छह घंटे और सोनिया गांधी से सात से आठ घंटे अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ की। कुल मिलाकरकरीब अस्सी से नब्बे घंटे की पूछताछ ऐसे मामले में की गई, जिसमें कानूनी रूप से कोई ठोस एफआईआर तक नहीं थी। यह अपने आप में एजेंसियोंकी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। 2014 से 2021 तक की सच्चाई जब एजेंसियों ने खुद माना कि अपराध नहीं हैअभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि यह मामला वर्ष 2014 में एक निजी शिकायत से शुरू हुआ था। इसके बाद पूरे सात वर्षों तक, यानी 2014 से2021 तक, जांच एजेंसियों ने अपनी फाइलों में साफ तौर पर लिखा कि इस मामले में कोई प्रेडिकेट ऑफेंस नहीं बनता। उन्होंने कहा कि यह कोईराजनीतिक दावा नहीं है, बल्कि अदालत के फैसले में दर्ज तथ्य हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वास्तव में कोई अपराध था, तो सात साल तकएफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। अगर अपराध नहीं था, तो फिर अचानक कार्रवाई क्यों शुरू की गई। यही सवाल इस पूरे मामले की नीयत औरउद्देश्य को उजागर करता है। 30 जून 2021 अचानक एफआईआर और ईसीआईआर का रहस्यडॉ. सिंघवी ने कहा कि जब सात वर्षों तक एजेंसियों की संयुक्त राय यही थी कि कोई अपराध नहीं है, तो 30 जून 2021 को अचानक एफआईआरऔर ईसीआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया और कहा कि यह फैसला कानून के आधार पर नहीं, बल्कि सत्ताके इशारे पर लिया गया। उनका कहना था कि जब कानून की नींव ही मौजूद नहीं थी, तब मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा मामला खड़ा कर दिया गया, जोअंततः अदालत के सामने टिक नहीं सका और अपने ही बोझ से गिर गया। अदालत का स्पष्ट संदेश बिना नींव कोई मुकदमा नहींअभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि अदालत ने इस मामले में साफ कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कार्रवाई के लिए पहले एक वैध प्रेडिकेटऑफेंस होना जरूरी है। जब ऐसा कोई अपराध ही नहीं है, तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस कैसे बन सकता है। अदालत ने इसी आधार पर इस मामले मेंसंज्ञान लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला इस बात की याद दिलाता है कि आपराधिक कानून कोई राजनीतिक प्रेसविज्ञप्ति नहीं है और न ही अदालतें किसी राजनीतिक पटकथा का मंच हैं। अदालतें संविधान और न्याय की मंदिर होती हैं।यंग इंडियन और एजेएल ना पैसा हिला, ना संपत्तिडॉ. सिंघवी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में न तो एक पैसा इधर से उधर गया और न ही एक इंच जमीन का हस्तांतरण हुआ। एजेएल कीसंपत्तियां पहले भी उसी के नाम थीं और आज भी उसी के नाम हैं। कर्ज को शेयर में बदलना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह भारत में आमव्यावसायिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यंग इंडियन एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी है, जिसमें न कोई डिविडेंड लिया जा सकता है और न ही कोईनिजी लाभ उठाया जा सकता है। ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप अपने आप में हास्यास्पद है। यह फैसला राजनीतिक बदले की राजनीति पर तमाचा है – मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस मामले में सारी कानूनी बातें अभिषेक मनु सिंघवी पहले ही साफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा किनेशनल हेराल्ड एक ऐसा अखबार है, जिसे 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए शुरू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधीपरिवार और कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया। यह पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से कियागया मामला था। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला इस बात का प्रमाण है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। न्याय की जीत, सत्य का सम्मानअंत में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला न सिर्फ कांग्रेस के लिए, बल्कि देशके लोकतंत्र और संविधान के लिए भी एक बड़ी जीत है। सत्य और न्याय की राह पर चलने वालों को अंततः अदालत से न्याय मिलता है और यही इसफैसले का सबसे बड़ा संदेश है।

Delhi Sets a National Example in Green Mobility – Dr. Pankaj Kumar Singh

Sarita Sahni16 December 2025 ,New Delhi Historic Achievement at Green Mobility AwardsDelhi has achieved a major national milestone by winning four Gold Awards and one Silver Award at the Motoring World Green Mobility Awards 2025. This proud moment highlights Delhi’s strong commitment towards clean, electric, and sustainable transport. The awards ceremony was held at Travancore Palace, New […]

सुनहरी नाले की सफाई से लेकर बारापुला कॉरिडोर तक, दिल्ली को मिल रही नई रफ्तार – रेखा गुप्ता

सरिता साहनी16 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली सालों पुरानी समस्या पर आखिरकार शुरू हुआ ठोस कामदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली स्थित सुनहरी नाले की सफाई कार्य का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार अबपिछली सरकारों की छोड़ी गई लापरवाहियों को एक-एक कर ठीक कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित इस नाले की सफाई अब गंभीरता सेकी जा रही है, ताकि मानसून के दौरान लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके। हजारों मीट्रिक टन गाद हटाकर नाले को किया जा रहा साफमुख्यमंत्री ने बताया कि करीब एक किलोमीटर लंबे सुनहरी नाले से लगभग 50 हजार मीट्रिक टन गाद निकाली जानी है। अब तक लगभग 14 हजारमीट्रिक टन गाद हटाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले न तो नाले के लिए सही आउटलेट बनाए गए और न ही वैज्ञानिक तरीके से स्लैब सिस्टमतैयार किया गया, जिसकी वजह से हर साल आसपास की कॉलोनियों में भारी जलभराव होता रहा। मॉनसून से पहले पूरी सफाई का लक्ष्यरेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले मानसून से पहले सुनहरी नाले की सफाई का कार्य पूरी तरह पूरा किया जाए। उन्होंने बताया किदिल्ली मेट्रो रेल निगम द्वारा यह कार्य किया जा रहा है और इसकी गुणवत्ता व पारदर्शिता पर विशेष नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा किइस पूरे मामले का ऑडिट कराया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि बिना भविष्य की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित किए इतने बड़े नाले का निर्माणकैसे किया गया। बारापुला ब्रिज फेज़-3 का भी किया निरीक्षणसुनहरी नाले के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन बारापुला ब्रिज फेज़-3 की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजनादक्षिण और पूर्वी दिल्ली को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी और राजधानी की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगी। 13.3 किलोमीटर लंबा आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोरमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि लगभग 13.3 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर में 4.3 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक भी बनाया जा रहाहै। इसके साथ ही 500 मीटर लंबा 6-लेन का एक्स्ट्रा डोज़ ब्रिज भी इस परियोजना का हिस्सा है, जो देश का पहला ऐसा पुल होगा, जहां दोनों ओरवॉकवे और साइकिल ट्रैक की सुविधा दी जाएगी। दिल्ली के बड़े मार्गों पर जाम से मिलेगी राहतरेखा गुप्ता ने बताया कि यह कॉरिडोर एनएच-24, डीएनडी फ्लाईवे और रिंग रोड पर ट्रैफिक के दबाव को कम करेगा। इससे प्रतिदिन करीब 1.5 लाख वाहनों को सुगम और सिग्नल-फ्री यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह परियोजना ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार को साउथ दिल्ली के एम्स क्षेत्र सेजोड़ेगी। मजबूत, सुरक्षित और दीर्घकालिक निर्माण पर जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना में आधुनिक निर्माण तकनीक और उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, ताकि यह संरचना लंबेसमय तक सुरक्षित और मजबूत बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। जलभराव, प्रदूषण और ट्रैफिक—तीनों पर सरकार का फोकसरेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि दशकों से चली आ रही लापरवाहियों को ठीक करने केलिए जमीन पर काम कर रही है। जलभराव, प्रदूषण और ट्रैफिक—इन तीनों मोर्चों पर दिल्ली को राहत दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार की निगरानी से तेज हुआ कामइस मौके पर पीडब्ल्यूडी व जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पिछली सरकार की लापरवाही के कारण इस परियोजना में वर्षों की देरी हुई।मौजूदा सरकार ने लगातार निगरानी रखी, सभी जरूरी अनुमतियाँ हासिल कीं और अब काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली को मिल रही है नई दिशामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में दिल्ली के नागरिकों को जलभराव, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से बड़ी राहत मिलेगी।सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम राजधानी बनाया जाए, जहां विकास जमीन पर दिखाई दे।